कार्यक्रम के दौरान अभिजीत सावंत ने अपना लोकप्रिय गीत ‘मोहब्बतें लुटाऊंगा’ प्रस्तुत किया, जिसने कभी उन्हें देशभर में अलग पहचान दिलाई थी। जैसे ही यह गीत शुरू हुआ, स्टूडियो में मौजूद दर्शकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी पुरानी यादों का सिलसिला शुरू हो गया। कई प्रशंसकों ने इसे शो का सबसे भावुक और यादगार क्षण बताया।
अभिजीत सावंत ने इस अवसर को अपने जीवन का बेहद खास पल बताते हुए कहा कि ‘इंडियन आइडल’ ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। उन्होंने कहा कि इसी मंच से उन्हें देशभर के लोगों का प्यार और पहचान मिली। वर्षों बाद उसी मंच पर लौटना उनके लिए भावनात्मक अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली गायकों को इसी मंच पर आगे बढ़ते देखना यह साबित करता है कि यह शो आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।
अमित सना ने भी पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह पहली बार इस प्रतियोगिता में शामिल हुए थे, तब उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वर्षों बाद फिर उसी मंच पर लौटने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि छोटे शहर से आने वाले एक साधारण युवा के लिए यह सफर किसी सपने के सच होने जैसा था। उनके अनुसार, उस समय किसी प्रतिभागी ने नहीं सोचा था कि शो भारतीय टेलीविजन के इतिहास का इतना बड़ा अध्याय बन जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद संगीतकार और जज विशाल ददलानी ने भी दोनों कलाकारों की यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले सीजन के प्रतियोगियों ने भारतीय संगीत उद्योग और टेलीविजन पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उनके मुताबिक, उस दौर ने यह विश्वास मजबूत किया कि प्रतिभा के दम पर कोई भी कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। उन्होंने दोनों गायकों की उपलब्धियों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।
गौरतलब है कि ‘इंडियन आइडल’ का पहला सीजन वर्ष 2004-05 में प्रसारित हुआ था और उसने भारतीय टेलीविजन पर संगीत आधारित रियलिटी शो की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी थी। इसी मंच से अभिजीत सावंत, अमित सना, राहुल वैद्य और प्राजक्ता शुक्रे जैसे कई कलाकारों ने अपने करियर की शुरुआत की। पहले सीजन के विजेता बनने के बाद अभिजीत सावंत का पहला एल्बम रिलीज हुआ, जिसमें शामिल ‘मोहब्बतें लुटाऊंगा’ आज भी उनके सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है।
डायमंड जुबली स्पेशल एपिसोड ने यह दिखाया कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन अच्छी संगीत प्रतिभा और उससे जुड़ी यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। अभिजीत सावंत और अमित सना की मंच पर वापसी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि दर्शकों के दिलों में उनके लिए आज भी वही अपनापन और सम्मान कायम है।