शुरुआती कारोबार में टाइटन कंपनी के शेयर सबसे अधिक चर्चा में रहे। कंपनी के हालिया कारोबारी अपडेट के बाद निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे शेयर में करीब तीन प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी क्षेत्र में भी सकारात्मक रुझान दिखाई दिया और इंफोसिस सहित कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज हुई। इससे संकेत मिला कि निवेशक गुणवत्ता वाले बड़े शेयरों में दोबारा रुचि दिखा रहे हैं।
बाजार में श्रीराम फाइनेंस, एसबीआई लाइफ, जियो फाइनेंशियल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और आयशर मोटर्स जैसे शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। विभिन्न क्षेत्रों में खरीदारी का यह रुझान दर्शाता है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा कंपनियों पर भरोसा जता रहे हैं। हालांकि व्यापक बाजार में कारोबार अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है और निवेशक अगले संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कई सत्रों की बढ़त के बाद अब ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिल सकता है। इसी वजह से निफ्टी कुछ समय तक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन डेरिवेटिव बाजार की गतिविधियां भी सूचकांकों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे समय में उतार-चढ़ाव सामान्य से अधिक रहने की संभावना मानी जा रही है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 24,500 अंक का स्तर निकट अवधि में महत्वपूर्ण प्रतिरोध माना जा रहा है। यदि बाजार इस स्तर को मजबूती के साथ पार करता है तो आगे नई तेजी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर 24,400 अंक के आसपास का स्तर तत्काल समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। यदि बाजार इस स्तर से नीचे फिसलता है तो अल्पकालिक दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि बाजार में अभी तक व्यापक कमजोरी के संकेत नहीं हैं, लेकिन ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा लाभ बुक करने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में सूचकांक कुछ समय तक सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद अगली दिशा तय कर सकते हैं। निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने के बजाय कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन और बाजार के समग्र रुझान पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार फिलहाल संतुलित स्थिति में दिखाई दे रहा है। कॉर्पोरेट नतीजों, आर्थिक आंकड़ों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। आने वाले कारोबारी सत्रों में यही कारक बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल शुरुआती कारोबार में आई मजबूती ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है, लेकिन ऊपरी स्तरों पर सतर्कता बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक माना जा रहा है।