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एशिया कप 2027 की मेजबानी की रेस में बांग्लादेश सबसे आगे, वनडे फॉर्मेट में जून-जुलाई के दौरान खेला जा सकता है टूर्नामेंट

नई दिल्ली । एशियन क्रिकेट काउंसिल आगामी एशिया कप 2027 के आयोजन को लेकर अपनी तैयारियों और रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। इस प्रतिष्ठित क्रिकेट टूर्नामेंट की मेजबानी की दौड़ में बांग्लादेश सबसे आगे नजर आ रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने महाद्वीपीय टूर्नामेंट की सफल मेजबानी के लिए अपने देश के तीन प्रमुख शहरों मीरपुर, सिलहट और चटगांव को संभावित आयोजन स्थलों के रूप में प्रस्तावित किया है। एशियन क्रिकेट काउंसिल ने इस प्रस्ताव पर आगे कदम बढ़ाते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से इन तीनों मैदानों की मौजूदा सुविधाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और अन्य प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद जल्द ही मेजबानी पर आधिकारिक मुहर लगाई जा सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी एशिया कप 2027 का आयोजन एक दिवसीय यानी वनडे फॉर्मेट में किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट की संभावित तारीखें भी सामने आ गई हैं, जिसके तहत प्रतियोगिता की शुरुआत 18 जून 2027 से हो सकती है, जबकि इसका खिताबी मुकाबला 4 जुलाई 2027 को खेला जाएगा। हालांकि, काउंसिल की ओर से अभी तक इस कार्यक्रम की कोई आधिकारिक या अंतिम घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि प्रारूप को लेकर सभी सदस्य देश पूरी तरह सहमत हैं। मध्य प्रदेश सहित पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह खबर बेहद रोमांचक है क्योंकि वनडे फॉर्मेट में होने वाले इस टूर्नामेंट में एक बार फिर पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी।

इस पूरे घटनाक्रम पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सईद इब्राहिम अहमद ने मीडिया से औपचारिक बातचीत में पुष्टि की है कि बोर्ड ने देश के तीन नियमित और उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदानों को ही इस बड़े टूर्नामेंट के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीरपुर, चट्टोग्राम और सिलहट में पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा मौजूद है, इसलिए इन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि यदि आगामी वर्ष में एशिया कप का सफल आयोजन बांग्लादेश की धरती पर होता है, तो इससे वहां के दर्शकों को अपनी घरेलू परिस्थितियों में शीर्ष एशियाई टीमों के बीच होने वाले कड़े मुकाबले को करीब से देखने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।

काउंसिल द्वारा मांगी गई विस्तृत जानकारी के संबंध में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ दिनों में दोनों संस्थाओं के बीच होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस मामले पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। मेजबानी मिलने की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए बांग्लादेश का क्रिकेट बोर्ड इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए अभी से हरसंभव प्रयास और आंतरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने में व्यस्त है। क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, यदि बांग्लादेश को इस बार काउंसिल से हरी झंडी मिल जाती है, तो पूरे 11 साल के लंबे अंतराल के बाद देश को एक बार फिर से एशिया कप की प्रतिष्ठित मेजबानी का गौरव हासिल होगा।

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