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भारी बारिश से महाराष्ट्र-गुजरात में बढ़ी चुनौती, अमित शाह ने दोनों मुख्यमंत्रियों से की बात, केंद्र ने हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

नई दिल्ली । महाराष्ट्र और गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पर पड़े व्यापक असर के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर मौजूदा हालात की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इस पहल को दोनों राज्यों में मौसम से उत्पन्न चुनौतियों के बीच केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से सड़क यातायात धीमा पड़ गया, जबकि उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित रहीं। कार्यालय जाने वाले लोगों को लंबी देरी और असुविधा का सामना करना पड़ा। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई निचले क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या बनी हुई है।

मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाले प्रमुख जलाशयों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। भारी वर्षा के चलते तुलसी झील अपने अधिकतम स्तर तक पहुंचकर ओवरफ्लो होने लगी है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में भी मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है।

दूसरी ओर गुजरात के दक्षिणी हिस्सों में भी भारी बारिश ने व्यापक प्रभाव डाला है। विशेष रूप से सूरत जिला सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा, जहां कई स्थानों पर अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाया गया। प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित आश्रयों में पहुंचाकर राहत कार्य तेज किए हैं।

भारी वर्षा के कारण दक्षिण गुजरात के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ। एहतियात के तौर पर कई स्थानों पर स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया। लगातार बारिश के चलते स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में आवश्यक सेवाएं बनाए रखने और लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयास भी जारी हैं।

मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का असर रेल और सड़क परिवहन पर भी दिखाई दिया। जलभराव और अन्य बाधाओं के कारण गुजरात जाने वाली कई लंबी दूरी की रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। वहीं मुंबई-पुणे मार्ग पर पहले हुए भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका। प्रशासन लगातार मार्गों की निगरानी कर रहा है ताकि परिवहन व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारु बनाया जा सके।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोनों राज्यों में राहत और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दोनों मुख्यमंत्रियों से की गई बातचीत में प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत अभियानों की प्रगति और भविष्य की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।Aksharam Media and

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