नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता आमिर खान एक बार फिर अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को लेकर बड़े राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता नितेश राणे ने आमिर खान की कथित तीसरी शादी को लेकर बेहद तीखा और आक्रामक रुख अपनाया है। राणे ने अभिनेता पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें ‘लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर’ तक कह डाला है। इस बयान के सामने आने के बाद फिल्म उद्योग से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में एक नई बहस छिड़ गई है और सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा नेता नितेश राणे अपने बेबाक और कड़े बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान आमिर खान के पिछले विवाहों और हालिया चर्चाओं का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ऐसी शादियां समाज में एक खास तरह का संदेश देती हैं, जिसे वे स्वीकार्य नहीं मानते। राणे ने अभिनेता के निजी फैसलों को सामाजिक और धार्मिक चश्मे से देखते हुए उन पर यह गंभीर टिप्पणी की है। महाराष्ट्र की राजनीति में इस बयान को लेकर अचानक से तापमान बढ़ गया है।
आमिर खान की बात करें तो वे अपनी बेहतरीन फिल्मों और अभिनय के लिए जाने जाते हैं, लेकिन अपनी शादियों और बयानों के कारण वे अक्सर ट्रोल्स और कुछ राजनीतिक संगठनों के निशाने पर भी रहे हैं। उनकी पहली शादी रीना दत्ता और दूसरी शादी किरण राव से हुई थी, और दोनों ही शादियां आपसी सहमति से तलाक के मोड़ पर खत्म हुईं। हाल के दिनों में उनकी तीसरी शादी से जुड़ी कुछ खबरें और अफवाहें मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तैर रही थीं, जिसने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है।
इस पूरे मामले पर अभी तक आमिर खान या उनके आधिकारिक प्रवक्ताओं की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आमतौर पर आमिर खान ऐसे व्यक्तिगत विवादों पर चुप्पी साधे रखना ही पसंद करते हैं, लेकिन फिल्म जगत के कई समर्थकों और प्रशंसकों ने नितेश राणे के इस बयान को पूरी तरह से गैर-जरूरी और किसी के निजी जीवन में अत्यधिक हस्तक्षेप बताया है। विपक्ष के कुछ नेताओं ने भी भाजपा पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयानों का सहारा लेने का आरोप लगाया है।
चुनावों और राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस तरह के संवेदनशील मुद्दों का उछलना कोई नई बात नहीं है। नितेश राणे के इस बयान ने मनोरंजन जगत और राजनीति के बीच की कड़वाहट को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या यह विवाद महज एक राजनीतिक बयानबाजी बनकर शांत हो जाता है या फिर इस पर बॉलीवुड और अन्य राजनीतिक दलों की तरफ से कोई बड़ी और संगठित प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।