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80 नहीं, पूरे 136 विधायक मेरे साथ: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर डीके शिवकुमार का करारा जवाब


बेंगलुरु/नई दिल्ली। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर मची हलचल के बीच उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने एक बड़ा बयान देकर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को नया मोड़ दे दिया है। दिल्ली में पार्टी आलाकमान के साथ बैठकों के दौर के बीच शिवकुमार ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके खेमे में विधायकों की संख्या कम है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि विधानसभा में कांग्रेस के सभी 136 विधायक उनके साथ हैं।

पिछले कुछ समय से राज्य में ‘पावर-शेयरिंग’ फॉर्मूलेढाई-ढाई साल के कार्यकाल को लेकर कयासों का बाजार गर्म है, खासकर तब जब नवंबर 2025 में सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के उस बयान के बाद कि ‘उनके पिता पूरे 5 साल मुख्यमंत्री रहेंगे’, राजनीति और गरमा गई थी। इसी पृष्ठभूमि में शिवकुमार का यह कहना कि136 विधायक मेरे साथ हैं, न केवल उनकी संगठन पर पकड़ को दर्शाता है, बल्कि आलाकमान को भी अपनी ताकत का सीधा संकेत है।

शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके बीच कोई गोपनीय समझौता नहीं है जो सार्वजनिक न हो। उन्होंने पार्टी नेताओं को चेतावनी भी दी कि नेतृत्व को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचता है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि वह दिल्ली में आगामी चुनावोंजैसे असम विधानसभा चुनाव की रणनीति और पार्टी मामलों पर चर्चा करने आए हैं, न कि मुख्यमंत्री की कुर्सी की मांग करने।

राज्य में विपक्ष भाजपा लगातार कांग्रेस के भीतर चल रहे इस शीतयुद्ध को ‘अस्थिरता’ का नाम दे रहा है। ऐसे में शिवकुमार का ‘136 विधायकों’ वाला बयान पार्टी के भीतर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति भी माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें मार्च 2026 में पेश होने वाले राज्य बजट पर टिकी हैं, जहाँ सिद्धारमैया अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश करेंगे।

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