ईशान किशन की इस स्थिति को देख टीम मैनेजमेंट और साथी खिलाड़ियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभर आईं। टीम के फिजियो ने बिना देरी किए मैदान पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि कुछ देर के तनावपूर्ण माहौल के बाद राहत तब मिली जब ईशान अपने पैरों पर खड़े हुए और हल्की बल्लेबाजी करने के बाद मैदान से बाहर गए। यद्यपि उनकी चोट की गंभीरता पर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है लेकिन विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में सलामी बल्लेबाज का चोटिल होना टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी है विशेषकर तब जब टीम का ओपनिंग कॉम्बिनेशन पहले से ही अस्थिर नजर आ रहा है।
दूसरी ओर टीम के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का फॉर्म में लौटना भारत के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर है। अमेरिका के खिलाफ बीमारी के कारण पहला मैच न खेल पाने वाले बुमराह ने नेट्स में लगातार दूसरे दिन अपनी धारदार गेंदबाजी का नमूना पेश किया। नामीबिया के खिलाफ उनकी वापसी लगभग तय है जो 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महा-मुकाबले से पहले टीम इंडिया के लिए एक बूस्टर डोज की तरह है। बुमराह न केवल गेंदबाजी बल्कि कैचिंग ड्रिल में भी पूरी तरह फिट और मुस्तैद दिखाई दिए।
टीम के भीतर इस समय प्लेइंग इलेवन को लेकर भी काफी जद्दोजहद चल रही है। युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पेट में संक्रमण के कारण अस्पताल से डिस्चार्ज होकर लौटे हैं, लेकिन उनकी कमजोरी को देखते हुए नामीबिया के खिलाफ उनका खेलना संदिग्ध है। इसी संकट के बीच संजू सैमसन की किस्मत चमकती दिखाई दे रही है। संजू ने लगातार दूसरे दिन सबसे पहले नेट्स पर पहुंचकर लंबा अभ्यास सत्र बिताया और स्पिन व तेज गेंदबाजों के खिलाफ बड़े शॉट्स खेलकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। खराब फॉर्म के कारण हाशिए पर चल रहे संजू के लिए यह वापसी का सुनहरा अवसर साबित हो सकता है।
अभ्यास सत्र के अंत में कप्तान सूर्यकुमार यादव, कुलदीप यादव और रिंकू सिंह ने डीडीसीए अधिकारियों के साथ समय बिताकर माहौल को थोड़ा हल्का किया। अब सबकी निगाहें शाम सात बजे शुरू होने वाले भारत बनाम नामीबिया मुकाबले पर हैं। नीदरलैंड से हारकर आ रही नामीबिया के खिलाफ भारत जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा, ताकि सुपर-8 की राह आसान हो सके। हालांकि, मैच की शुरुआत से पहले टीम इंडिया की प्राथमिकता ईशान किशन की फिटनेस रिपोर्ट और संजू सैमसन की संभावित वापसी पर टिकी होगी।