सरकार इस बजट को खास बनाने जा रही है क्योंकि यह मध्य प्रदेश विधानसभा का पहला पेपरलेस बजट होगा। वित्त मंत्री पारंपरिक ब्रीफकेस की जगह टैबलेट के माध्यम से बजट प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले वर्ष 2025-26 में राज्य का बजट 4.21 लाख करोड़ रुपए था जबकि सरकार ने 2028 तक इसे 7.28 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
बजट के साथ सरकार अगले तीन वर्षों का रोडमैप भी पेश करेगी। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनजर किसानों के लिए विशेष प्रावधानों की उम्मीद है। सिंचाई परियोजनाओं ग्रामीण बुनियादी ढांचे और कृषि नवाचारों पर जोर दिया जा सकता है। युवाओं के लिए नई सरकारी नौकरियों की घोषणा और महिलाओं-गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को भी प्राथमिकता मिल सकती है। साथ ही सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष वित्तीय प्रावधान की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिन भी व्यस्त रहेगा। वे सुबह विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के बाद ग्वालियर रवाना होंगे। ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुलैथा में आयोजित प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यहां लगभग 88 से 90 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री प्रदेशभर के किसानों को सिंगल क्लिक के माध्यम से किसान सम्मान राशि भी वितरित करेंगे। सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष Narendra Singh Tomar और सांसद Bharat Singh Kushwah सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री मुंबई दौरे पर जाएंगे जहां 17 से 19 फरवरी तक आयोजित मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में मध्य प्रदेश की ओर से नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण से जुड़े नवाचारों पर प्रस्तुति दी जाएगी। मुख्यमंत्री विशेष सत्र की अध्यक्षता भी करेंगे।
उधर विधानसभा में विपक्ष भी आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। कांग्रेस राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग करेगी। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश पर करीब 4.94 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है जबकि सरकार लगभग 4.75 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करने जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार को कर्ज की वास्तविक स्थिति और वित्तीय प्रबंधन पर पारदर्शिता दिखानी चाहिए। इस तरह आज का दिन मध्य प्रदेश की राजनीति और नीतिगत दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।