MP PARLIAMEN: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र का चौथा दिन हंगामेदार रहा। गुरुवार को अदाणी मुद्दे पर तीखी बहस, भागीरथपुरा मौत कांड पर टकराव और लाड़ली बहना योजना को लेकर उठे सवालों के बीच सदन
का माहौल दिनभर गरमाता रहा। अंत में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।
मप्र विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर प्रदर्शन किया और बजट को “ख्याली पुलाव” बताया। सदन के भीतर अदाणी को लेकर चर्चा छिड़ी तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में एक से सवा लाख करोड़ रुपये देने की तैयारी में है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। बहस तेज हुई और इसी दौरान “औकात में रहो” टिप्पणी ने आग भड़का दी। करीब 40 मिनट तक जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि गुस्सा दिखना चाहिए, आना नहीं चाहिए। विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं और दुख व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे पर्याप्त बताया, लेकिन कांग्रेस ने स्पष्ट माफी की मांग रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं माफी मांगता हूं। इसके बाद उमंग सिंघार ने भी खेद जताया और सदन की स्थिति सामान्य हुई।
सड़क पर गूंजा विरोध, मंत्री का फूंका पुतला
मंत्री की टिप्पणी से भड़के यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवाजी नगर में पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि 35 सरकारी हत्याओं के जिम्मेदार, आपराधिक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहो” कहा है। इसे उन्होंने सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा बताया। पटवारी ने कहा कि मंत्री ने प्रदेश की 8 करोड़ जनता को औकात की गाली दी है। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेशभर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कैलाश विजयवर्गीय के पुतले जलाकर कांग्रेस विरोध दर्ज कराएगी।
इसके साथ ही इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों का मामला भी विधानसभा में उठा। कांग्रेस नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़ी रही। लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का इस्तीफा भी मांगा गया। इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी बहस हुई।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि ये मृत्यु नहीं हत्या है। सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से कैलाश विजयवर्गीय का बचाव किया गया। राजेंद्र शुक्ल ने आरोपों को नकारते हुए इस्तीफे की मांग पर कहा कि इस तरह के सवालों के जवाब देना मैं उचित नहीं समझता हूं। जिम्मेदार पद पर बैठे हुए लोगों की यह जिम्मेदारी है कि ऐसी घटना होने पर तत्काल राहत, बचाव और सुरक्षा के काम करें न कि इस प्रकार की मांगों को पूरा करें।
इसके बाद हंगामा प्रारंभ हो गया। विपक्ष और फिर सत्ता पक्ष के सदस्य आसंदी के समक्ष आमने-सामने आ गए। चार बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। अंत में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि शुक्रवार को इस विषय पर वे चर्चा कराएंगे।
दूषित जल का प्रश्न आने से पहले मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व अध्यक्ष डा.सीतासरन शर्मा ने इस पर चर्चा न कराने के पक्ष में तर्क रखे। उन्होंने कहा कि इसकी न्यायिक जांच चल रही है, ऐसे में चर्चा नहीं करवाई जा सकती। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जब सदन में 45 मिनट कुत्तों पर चर्चा कराई जा सकती है तो फिर जिस मामले में इतने व्यक्तियों की जान गई है तो उस पर क्यों नहीं? सरकार की असंवेदनशीलता का यह आलम है कि सांप, बिच्छू के काटने से मौत होने पर चार लाख रुपये दिए जाते हैं लेकिन यहां दो-दो लाख रुपये दिए गए। छिंदवाड़ा में कफ सीरप का मामला हो या भागीरथपुरा का नैतिकता के आधार पर मंत्रीद्वय कैलाश विजयवर्गीय और राजेंद्र शुक्ल को इस्तीफा देना चाहिए।
इस पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, प्रहलाद सिंह पटेल, रामेश्वर शर्मा सहित अन्य भाजपा सदस्यों ने यूनियन कार्बाइड, सिख दंगे के आधार पर पलटवार करते हुए कहा कि तब कांग्रेस की नैतिकता कहां गई थी। मरीजों में मिला ई-कोलाई व कालरा बैक्टीरिया विधानसभा में राजेंद्र शुक्ल ने भागीरथपुरा के 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से होने की बात स्वीकारी। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज इंदौर और इंदौर की जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की लैब में बीमार मरीजों के मल की जांच में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया भी मिले हैं।
लाड़ली बहना, आरक्षण और ब्रांडिंग पर सवाल
अभिभाषण पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दो साल से नई लाड़ली बहनों के पंजीयन बंद होने का मुद्दा उठाया। आउटसोर्स भर्ती में आरक्षण न होने, ब्रांडिंग पर 200 करोड़ खर्च और जीआईएस पर 81 करोड़ रुपये के उपयोग पर भी सवाल खड़े किए। साइबर फ्रॉड और किसानों के 1.69 लाख करोड़ कर्ज का मुद्दा भी उठाया।
सिंघार ने लाड़ली बहन में पंजीयन नहीं करने का मामला उठाते हुए कहा कि 18 साल से अधिक उम्र की बहनों को पंजीयन में क्यों शामिल नहीं किया जा रहा है, 2 साल से पंजीयन क्यों नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सीएम जगदीश देवड़ा बार-बार एक ही बात को घुमा फिरा कर बता रहे हैं सरकार को जमीनी हकीकत में फर्क समझने की जरूरत है। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सामाजिक न्याय की बात करते हुए कहा कि कुछ विभाग में 27% आरक्षण दिया जा रहा है जबकि कुछ भी विभागों में नहीं दिया जा रहा है आखिर यह स्थिति क्यों है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स में कोई आरक्षण नहीं है आखिर ऐसा क्यों है?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अपने दल को सुनने की नसीहत देनी चाहिए थी। लोकतंत्र की खूबसूरती यही है, इसलिए जनता उन्हें लंबे समय से विपक्ष में बैठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जो कहती है, करके दिखाती है, प्रधानमंत्री ने उनके क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क की सौगात दी। कपास अब निर्यात होगा। मुहासा-बाबई प्लांट के लिए जमीन की मांग बढ़ रही है, जिसे पूरा किया जा रहा है। बीजेपी सरकार ने सिंचाई रकबा तेजी से बढ़ाया। सकारात्मक सुझावों का स्वागत है। नक्सलवाद के खात्मे का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए लोन दिलाने में मदद कर रही है और प्रदेश में अब 40 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। आयुर्वेद का एम्स भी मिलने वाला है। भावांतर योजना के तहत किसानों को MSP का लाभ देने के लिए 2300 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि बजट 4.21 लाख करोड़ से बढ़कर 4.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ है। उन्होंने कर्ज के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश गठन से अब तक का पूरा कर्ज उनके माथे न जोड़ा जाए, पुराने कर्ज का ब्याज भी सरकार चुका रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर सबसे कम, करीब 1 से 1.25 प्रतिशत है और दूसरे राज्यों के लोग यहां खेती के लिए आ रहे हैं। उन्होंने माना कि अंडा उत्पादन में कमी आई है, लेकिन दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा तथा 26 हजार गांवों को डेयरी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। सरकार खेतों में सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा उत्पादन और खेती साथ-साथ करने की नीति पर काम कर रही है। पंप स्टोरेज के जरिए दिन में बिजली और बेहतर सिंचाई सुविधा देने की तैयारी है।
का माहौल दिनभर गरमाता रहा। अंत में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।
मप्र विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर प्रदर्शन किया और बजट को “ख्याली पुलाव” बताया। सदन के भीतर अदाणी को लेकर चर्चा छिड़ी तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में एक से सवा लाख करोड़ रुपये देने की तैयारी में है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सबूत मांगे। बहस तेज हुई और इसी दौरान “औकात में रहो” टिप्पणी ने आग भड़का दी। करीब 40 मिनट तक जोरदार हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि गुस्सा दिखना चाहिए, आना नहीं चाहिए। विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं और दुख व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे पर्याप्त बताया, लेकिन कांग्रेस ने स्पष्ट माफी की मांग रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं माफी मांगता हूं। इसके बाद उमंग सिंघार ने भी खेद जताया और सदन की स्थिति सामान्य हुई।
सड़क पर गूंजा विरोध, मंत्री का फूंका पुतला
मंत्री की टिप्पणी से भड़के यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवाजी नगर में पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि 35 सरकारी हत्याओं के जिम्मेदार, आपराधिक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहो” कहा है। इसे उन्होंने सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा बताया। पटवारी ने कहा कि मंत्री ने प्रदेश की 8 करोड़ जनता को औकात की गाली दी है। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेशभर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कैलाश विजयवर्गीय के पुतले जलाकर कांग्रेस विरोध दर्ज कराएगी।
इसके साथ ही इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों का मामला भी विधानसभा में उठा। कांग्रेस नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़ी रही। लोक स्वास्थ्य विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का इस्तीफा भी मांगा गया। इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी बहस हुई।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि ये मृत्यु नहीं हत्या है। सिस्टम ने 35 लोगों की जान ली है। सरकार की ओर से कैलाश विजयवर्गीय का बचाव किया गया। राजेंद्र शुक्ल ने आरोपों को नकारते हुए इस्तीफे की मांग पर कहा कि इस तरह के सवालों के जवाब देना मैं उचित नहीं समझता हूं। जिम्मेदार पद पर बैठे हुए लोगों की यह जिम्मेदारी है कि ऐसी घटना होने पर तत्काल राहत, बचाव और सुरक्षा के काम करें न कि इस प्रकार की मांगों को पूरा करें।
इसके बाद हंगामा प्रारंभ हो गया। विपक्ष और फिर सत्ता पक्ष के सदस्य आसंदी के समक्ष आमने-सामने आ गए। चार बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। अंत में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि शुक्रवार को इस विषय पर वे चर्चा कराएंगे।
दूषित जल का प्रश्न आने से पहले मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व अध्यक्ष डा.सीतासरन शर्मा ने इस पर चर्चा न कराने के पक्ष में तर्क रखे। उन्होंने कहा कि इसकी न्यायिक जांच चल रही है, ऐसे में चर्चा नहीं करवाई जा सकती। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जब सदन में 45 मिनट कुत्तों पर चर्चा कराई जा सकती है तो फिर जिस मामले में इतने व्यक्तियों की जान गई है तो उस पर क्यों नहीं? सरकार की असंवेदनशीलता का यह आलम है कि सांप, बिच्छू के काटने से मौत होने पर चार लाख रुपये दिए जाते हैं लेकिन यहां दो-दो लाख रुपये दिए गए। छिंदवाड़ा में कफ सीरप का मामला हो या भागीरथपुरा का नैतिकता के आधार पर मंत्रीद्वय कैलाश विजयवर्गीय और राजेंद्र शुक्ल को इस्तीफा देना चाहिए।
इस पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, प्रहलाद सिंह पटेल, रामेश्वर शर्मा सहित अन्य भाजपा सदस्यों ने यूनियन कार्बाइड, सिख दंगे के आधार पर पलटवार करते हुए कहा कि तब कांग्रेस की नैतिकता कहां गई थी। मरीजों में मिला ई-कोलाई व कालरा बैक्टीरिया विधानसभा में राजेंद्र शुक्ल ने भागीरथपुरा के 22 लोगों की मौत एक्यूट डायरिया से होने की बात स्वीकारी। उन्होंने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार रिसर्च इन बैक्टीरिया इंफेक्शन, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज इंदौर और इंदौर की जिला लोक स्वास्थ्य प्रयोगशाला की लैब में बीमार मरीजों के मल की जांच में खतरनाक ई-कोलाई और कालरा बैक्टीरिया भी मिले हैं।
लाड़ली बहना, आरक्षण और ब्रांडिंग पर सवाल
अभिभाषण पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दो साल से नई लाड़ली बहनों के पंजीयन बंद होने का मुद्दा उठाया। आउटसोर्स भर्ती में आरक्षण न होने, ब्रांडिंग पर 200 करोड़ खर्च और जीआईएस पर 81 करोड़ रुपये के उपयोग पर भी सवाल खड़े किए। साइबर फ्रॉड और किसानों के 1.69 लाख करोड़ कर्ज का मुद्दा भी उठाया।
सिंघार ने लाड़ली बहन में पंजीयन नहीं करने का मामला उठाते हुए कहा कि 18 साल से अधिक उम्र की बहनों को पंजीयन में क्यों शामिल नहीं किया जा रहा है, 2 साल से पंजीयन क्यों नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सीएम जगदीश देवड़ा बार-बार एक ही बात को घुमा फिरा कर बता रहे हैं सरकार को जमीनी हकीकत में फर्क समझने की जरूरत है। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सामाजिक न्याय की बात करते हुए कहा कि कुछ विभाग में 27% आरक्षण दिया जा रहा है जबकि कुछ भी विभागों में नहीं दिया जा रहा है आखिर यह स्थिति क्यों है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स में कोई आरक्षण नहीं है आखिर ऐसा क्यों है?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अपने दल को सुनने की नसीहत देनी चाहिए थी। लोकतंत्र की खूबसूरती यही है, इसलिए जनता उन्हें लंबे समय से विपक्ष में बैठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जो कहती है, करके दिखाती है, प्रधानमंत्री ने उनके क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क की सौगात दी। कपास अब निर्यात होगा। मुहासा-बाबई प्लांट के लिए जमीन की मांग बढ़ रही है, जिसे पूरा किया जा रहा है। बीजेपी सरकार ने सिंचाई रकबा तेजी से बढ़ाया। सकारात्मक सुझावों का स्वागत है। नक्सलवाद के खात्मे का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए लोन दिलाने में मदद कर रही है और प्रदेश में अब 40 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। आयुर्वेद का एम्स भी मिलने वाला है। भावांतर योजना के तहत किसानों को MSP का लाभ देने के लिए 2300 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि बजट 4.21 लाख करोड़ से बढ़कर 4.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ है। उन्होंने कर्ज के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश गठन से अब तक का पूरा कर्ज उनके माथे न जोड़ा जाए, पुराने कर्ज का ब्याज भी सरकार चुका रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर सबसे कम, करीब 1 से 1.25 प्रतिशत है और दूसरे राज्यों के लोग यहां खेती के लिए आ रहे हैं। उन्होंने माना कि अंडा उत्पादन में कमी आई है, लेकिन दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा तथा 26 हजार गांवों को डेयरी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। सरकार खेतों में सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा उत्पादन और खेती साथ-साथ करने की नीति पर काम कर रही है। पंप स्टोरेज के जरिए दिन में बिजली और बेहतर सिंचाई सुविधा देने की तैयारी है।