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कीमती धातुओं में आग, 2026 में अब तक सोना 22 हजार और चांदी 20 हजार महंगी


नई दिल्ली।देश के सर्राफा बाजार में इस सप्ताह कीमती धातुओं में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है ताजा आंकड़ों के अनुसार सोना 2300 रुपये उछलकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है जो पिछले सप्ताह 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था वहीं चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है यानी केवल एक सप्ताह में 8000 रुपये की मजबूती दर्ज की गई

2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में लगभग 22000 रुपये और चांदी में करीब 20000 रुपये की वृद्धि हो चुकी है वर्ष के दौरान कीमतों में उतार चढ़ाव जरूर रहा लेकिन समग्र रुझान तेजी का बना हुआ है 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था हालांकि उसके बाद कुछ मुनाफावसूली देखी गई

विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता मुद्रा विनिमय दरों में उतार चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने सोने और चांदी को सहारा दिया है अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल और भू राजनीतिक तनाव भी कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित कर रहे हैं निवेशक अस्थिर बाजार परिस्थितियों में सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं

अगर पिछले वर्ष के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 2025 में सोने की कीमत में 57000 रुपये यानी लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76000 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1.33 लाख रुपये पर पहुंच गया इसी अवधि में चांदी 86000 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.30 लाख रुपये प्रति किलो हो गई जो लगभग 167 प्रतिशत की तेजी दर्शाती है

बाजार जानकारों का कहना है कि खुदरा खरीदारों को ऊंची कीमतों के इस दौर में सतर्कता बरतनी चाहिए खरीदारी से पहले शुद्धता और पारदर्शिता की जांच बेहद जरूरी है उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल Bureau of Indian Standards द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें जिससे शुद्धता सुनिश्चित हो सके इसके अलावा दैनिक दरों की पुष्टि के लिए India Bullion and Jewellers Association जैसे विश्वसनीय स्रोतों से मिलान करना बेहतर माना जाता है

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि आगे के महीनों में अंतरराष्ट्रीय संकेतकों के आधार पर कीमतों में और उतार चढ़ाव संभव है ऐसे में निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए और केवल अफवाहों के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए

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