जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र स्थित सागा ग्रुप ने साल 2015 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और राजस्थान जैसे कई राज्यों में अपनी शाखाएं खोली थीं। मैनपुरी और आगरा मंडल में इन शाखाओं ने खुद को आरबीआई के अधीन बताकर लोगों का भरोसा जीता और करोड़ों रुपये का निवेश करवाया। पीड़ितों का आरोप है कि नवंबर 2024 में बैंक की शाखाएं अचानक बंद कर दी गईं और कर्मचारी व संचालक निवेशकों के करीब 30 करोड़ रुपये लेकर रफूचक्कर हो गए।
भोगांव निवासी विकास तिवारी सहित 14 पीड़ितों ने जब पुलिस में सुनवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया, तो कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने अब बैंक संचालक समीर अग्रवाल, उनकी पत्नी सानिया अग्रवाल और अभिनेता श्रेयस तलपड़े सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।
श्रेयस तलपड़े का नाम इस मामले में शामिल होने से फिल्म इंडस्ट्री में खलबली मच गई है। हालांकि, इस घोटाले में उनकी वास्तविक भूमिका क्या थी-क्या वे केवल ब्रांड एंबेसडर थे या प्रबंधन का हिस्सा-यह पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल, श्रेयस तलपड़े या उनकी टीम की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। पुलिस अब सागा ग्रुप के दस्तावेजों और बैंक के लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है।