क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रबंधन, डिमांड, दर्शकों
वर्तमान में देश की राजधानी में केवल अरुण जेटली स्टेडियम ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का प्रमुख स्थल है, जिसकी क्षमता लगभग 41 हजार दर्शकों की है। सालभर यहाँ IPL, इंटरनेशनल मैच, वूमेंस प्रीमियर लीग WPL और महत्वपूर्ण घरेलू मैचों का आयोजन होता रहता है। इस अत्यधिक दबाव के कारण मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काफी बोझ पड़ता है। ऐसे में डीडीसीए ने दूसरे बड़े स्टेडियम के निर्माण का निर्णय लिया है ताकि क्राउड मैनेजमेंट और मैचों के वितरण में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके और प्रशंसकों को विश्वस्तरीय अनुभव मिले।
रोहन, जेटली, विजन, भविष्य, जरूरत
रोहन जेटली ने मीडिया से बात करते हुए इस विजन को साझा किया कि यह नया स्टेडियम न सिर्फ आज की तत्काल जरूरत को पूरा करेगा, बल्कि अगले दो दशकों में बढ़ने वाली क्रिकेट की लोकप्रियता को भी ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में दोनों स्टेडियम एक साथ काम करेंगे, जिससे राजधानी में एक हेल्दी क्रिकेट इकोसिस्टम तैयार होगा। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी में आसानी होगी, बल्कि दिल्ली के उभरते खिलाड़ियों को भी अधिक अभ्यास और खेल के अवसर मिल सकेंगे।
सुविधाएं, पहुंच, मेट्रो, कम्यूट, विकास
स्टेडियम के स्थान चयन और निर्माण में डीडीसीए इस बात का विशेष ध्यान रखेगा कि यह दर्शकों के लिए सुगम और आसानी से पहुंच योग्य हो। योजना के अनुसार, नए स्टेडियम के पास मेट्रो कनेक्टिविटी और अन्य परिवहन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि कम्यूट करने में प्रशंसकों को कोई असुविधा न हो। ठीक उसी तरह जैसे अरुण जेटली स्टेडियम शहर के केंद्र में स्थित है, नया वेन्यू भी आधुनिक कनेक्टिविटी से लैस होगा। इस प्रकार, दिल्ली जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए एक ऐसा मंच बनेगा जो अपनी विशाल क्षमता और सुविधाओं के मामले में दुनिया के बेहतरीन मैदानों को टक्कर देगा।