इन 5 कारणों से आपके खाते पर लग सकती है रोक
बैंक बिना वजह किसी का खाता बंद नहीं करते, लेकिन निम्नलिखित परिस्थितियों में वे तुरंत कार्रवाई करने के लिए बाध्य होते हैं:
संदिग्ध धोखाधड़ी या फर्जी लेन-देन: बैंकों के पास अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम होते हैं। अगर आपके खाते में अचानक कोई ऐसा ट्रांजैक्शन होता है जो आपकी पहचान की चोरी या वित्तीय धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है, तो बैंक सुरक्षा के लिहाज से तुरंत एक्सेस ब्लॉक कर देता है।
कोर्ट आदेश या सरकारी जांच: यदि किसी व्यक्ति का कोई कानूनी विवाद चल रहा है या आयकर विभाग Income Tax और अन्य जांच एजेंसियों को किसी अनियमितता का शक होता है, तो वे बैंक को ‘गार्निशमेंट ऑर्डर’ जारी कर सकते हैं। ऐसे सरकारी आदेशों के बाद बैंक को खाता फ्रीज करना ही पड़ता है।
मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका: ‘एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग’ नियमों के तहत बैंक हर उस ट्रांजैक्शन पर पैनी नजर रखते हैं जिसका स्रोत स्पष्ट नहीं होता। यदि खाते का उपयोग अवैध धन के लेन-देन या संदिग्ध गतिविधियों के लिए होता पाया जाता है, तो जांच पूरी होने तक उसे फ्रीज कर दिया जाता है।
KYC या दस्तावेजों में कमी: अक्सर ग्राहक अपने बैंक अकाउंट की ‘KYC’ Know Your Customer अपडेट करने में ढिलाई बरतते हैं। अगर आप समय पर जरूरी दस्तावेज जमा नहीं करते या आपका बैलेंस लगातार ‘नेगेटिव’ रहता है, तो बैंक रखरखाव नियमों के तहत लेनदेन रोक सकता है।
असामान्य या हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन: अगर आपके खाते का पैटर्न अचानक बदल जाता है—जैसे अचानक बहुत बड़ी रकम का आना या बार-बार हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन होना—तो बैंक इसे सुरक्षा जोखिम मानकर अस्थायी रोक लगा सकता है ताकि पुष्टि की जा सके कि यह लेन-देन आप ही कर रहे हैं।