BJP MLA Pannalal Shakya: भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के अफसरों पर लगाए आरोप, बोले- यह ही 'चोरपना' कर रहे
BJP MLA Pannalal Shakya: गुना में भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने सरकारी मंच से खनिज विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। एसडीएम और कलेक्टर की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए किसान से जुड़ा मामला सुनाया।
BJP MLA Pannalal Shakya: गुना। अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने किसी विपक्षी नेता पर नहीं, बल्कि अपनी ही सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों पर खुलकर निशाना साधा है।
एक सरकारी कार्यक्रम के मंच से उन्होंने खनिज विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और एसडीएम से लेकर कलेक्टर तक की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए।
स्टार्टअप वर्कशॉप में बदल गया मुद्दा
दरअसल, गुना में युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में उद्योग विभाग, जिला प्रशासन और स्टार्टअप सेंटर मध्य प्रदेश के अधिकारी मौजूद थे। लेकिन जैसे ही विधायक पन्नालाल शाक्य मंच पर पहुंचे, चर्चा स्टार्टअप से हटकर सीधे प्रशासन और खनिज विभाग पर आ गई।
असली चोर नहीं, किसानों को पकड़ते हैं
विधायक शाक्य ने आरोप लगाया कि खनिज विभाग अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय आम किसानों और ग्रामीणों को परेशान करता है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी जरूरत के लिए रेत या बजरी खरीदते हैं, उनसे भी भारी जुर्माना वसूला जाता है।
किसान का किस्सा सुनाया
अपने आरोपों को साबित करने के लिए विधायक ने एक किसान की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी विधानसभा का एक किसान मंडी में अनाज बेचने के बाद घर के निर्माण के लिए एक फड़ से पैसे देकर भसुआ (रेत/बजरी) खरीदकर ले जा रहा था। रास्ते में खनिज विभाग ने उसकी ट्रॉली पकड़ ली और उस पर भारी जुर्माना लगा दिया।
अरे दादा मत करो...
विधायक ने बताया कि किसान की शिकायत मिलने पर उन्होंने खुद खनिज अधिकारी को फोन किया। अधिकारी ने बातचीत की शुरुआत 'अरे दादा' कहकर की, लेकिन विधायक ने बीच में ही रोकते हुए कहा, 'अरे दादा मत करो... पहले ये बताओ कि जिसने पैसे देकर सामान खरीदा है, उस पर जुर्माना क्यों लगाया जा रहा है?
विधायक का कहना है कि अधिकारी ने जवाब दिया कि जुर्माना तो लगेगा ही। इतना ही नहीं, किसान से कहा गया कि जिस फड़ वाले से सामान खरीदा है, उसे भी लेकर आओ।
एसडीएम और कलेक्टर पर भी सवाल
जब खनिज अधिकारी ने बात नहीं मानी तो विधायक ने एसडीएम को फोन किया। उनके मुताबिक एसडीएम ने भी बाद में कहा कि अधिकारी अब नहीं मानेगा क्योंकि जुर्माने की रसीद कट चुकी है।
इसके बाद विधायक ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से संपर्क किया। उनका आरोप है कि कलेक्टर ने जानकारी लेकर वापस फोन करने की बात कही, लेकिन काफी देर तक कोई जवाब नहीं आया। दोबारा फोन करने पर कलेक्टर ने व्यस्त होने की बात कही, जिस पर विधायक ने नाराजगी जताई।
मंच पर दिखी नाराजगी
कार्यक्रम के दौरान भी विधायक और कलेक्टर एक साथ मंच पर नजर नहीं आए। पहले कलेक्टर कार्यक्रम से चले गए और उसके बाद विधायक पहुंचे। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में दोनों के बीच चल रही खींचतान की चर्चा तेज हो गई।
पहली बार नहीं हुआ ऐसा
यह पहला मौका नहीं है जब पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों या नेताओं पर सवाल उठाए हों। इससे पहले भी वे बिजली कटौती के मुद्दे पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर खुलकर हमला बोल चुके हैं। उनके बयानों के बाद भाजपा संगठन ने उन्हें भोपाल बुलाकर जवाब भी मांगा था।
अब खनिज विभाग, एसडीएम और कलेक्टर पर सार्वजनिक मंच से लगाए गए आरोपों ने गुना की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। फिलहाल इन आरोपों पर जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


