ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लूला डा सिल्वा की जीत: चौथी बार संभालेंगे सत्ता, PM मोदी ने दी बधाई
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया। पहले दौर में पीछे रहने के बाद लूला ने दूसरे दौर में 51.79% वोट हासिल किए।
Key Takeaways
- •लूला दा सिल्वा चौथी बार बने राष्ट्रपति
- •PM मोदी ने दी बधाई
- •पहले दौर में पीछे रहने के बावजूद हासिल की जीत

Brazil Presidential Election 2026: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने चुनाव में जीत दर्ज कर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया है। 80 वर्षीय लूला ने दूसरे दौर के मतदान में फ्लावियो बोल्सोनारो को हराया। खास बात यह है कि पहले दौर में पीछे रहने के बावजूद उन्होंने दूसरे दौर में जीत दर्ज की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लूला को बधाई देते हुए भारत और ब्राजील के रिश्तों को और मजबूत करने की बात कही।
दूसरे दौर में पलटा चुनाव का नतीजा
ब्राजील में 25 अक्टूबर को हुए दूसरे दौर के मतदान में लूला को 51.79% वैध वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21% वोट हासिल हुए। दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा।
पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.03% वोट मिले थे। वहीं, लूला को 45.16% वोट मिले थे। इसके बाद दूसरे दौर में लूला ने बढ़त हासिल करते हुए राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया। ब्राजील के चुनावी इतिहास में यह पहली बार हुआ, जब पहले दौर में दूसरे स्थान पर रहने वाला उम्मीदवार दूसरे दौर में जीतकर राष्ट्रपति बना।
PM मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लूला को जीत की बधाई दी। उन्होंने उन्हें अपना प्रिय मित्र बताते हुए कहा कि वह भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं।
मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देश अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे और ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। भारत और ब्राजील के बीच व्यापार, ऊर्जा, पर्यावरण और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग इस साझेदारी के अहम हिस्से हैं।
महंगाई, रोजगार और अपराध रहे बड़े मुद्दे
चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई, रोजमर्रा की चीजों की कीमतें, रोजगार, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे चर्चा में रहे। फ्लावियो बोल्सोनारो ने अपराध पर सख्ती और लोगों को आर्थिक राहत देने का वादा किया था।
वहीं, लूला ने सामाजिक कल्याण योजनाओं, आम लोगों की जरूरतों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा पर जोर दिया। दूसरे दौर में मिली जीत के बाद अब उनके सामने अर्थव्यवस्था को संभालने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और देश में राजनीतिक मतभेदों के बीच काम करने की चुनौती होगी।
फ्लावियो बोल्सोनारो ने नतीजों पर उठाए सवाल
चुनाव के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो ने नतीजों पर सवाल उठाए और कानूनी चुनौती देने की बात कही। बोल्सोनारो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह चुनाव के नतीजों को स्वीकार नहीं करेंगे और चुनाव रद्द करने की मांग की। मतदान का समय कुछ इलाकों में बढ़ाए जाने को लेकर भी विवाद हुआ था। हालांकि, चुनावी अधिकारियों के घोषित नतीजों के अनुसार लूला को जीत मिली है। फ्लावियो की ओर से लगाए गए आरोप अपने आप में चुनाव में गड़बड़ी का प्रमाण नहीं हैं।
मजदूर नेता से राष्ट्रपति तक का सफर
लूला का राजनीतिक सफर मजदूर संगठनों से शुरू हुआ। 1970 के दशक में यूनियन नेता के रूप में पहचान बनाने के बाद उन्होंने वर्कर्स पार्टी के गठन में अहम भूमिका निभाई। साल 2002 में उन्होंने पहली बार राष्ट्रपति चुनाव जीता और 2006 में दोबारा चुने गए। इसके बाद 2010 में उनकी पार्टी की नेता डिल्मा रूसेफ राष्ट्रपति बनीं। लूला ने 2023 में तीसरी बार राष्ट्रपति पद संभाला था। अब 2026 का चुनाव जीतकर उन्होंने चौथा कार्यकाल हासिल किया है। उनका नया कार्यकाल जनवरी 2027 में शुरू होगा।
ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ऐसे में लूला की नई सरकार की आर्थिक नीतियों और अमेरिका सहित दूसरे देशों के साथ संबंधों पर दुनिया की नजर रहेगी। भारत के लिए भी ब्राजील के साथ व्यापार और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने का यह अहम मौका है।





