ग्वालियर को मिली बड़ी सौगात, देश का पहला टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम यहीं होगा विकसित
ग्वालियर में 170 एकड़ में देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश और 4500 रोजगार के साथ क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

ग्वालियर। चंबल अंचल के लिए बड़ी औद्योगिक खुशखबरी सामने आई है। ग्वालियर में देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। दिल्ली में मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के बीच हुए समझौते के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिली है। इससे न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे चंबल क्षेत्र में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
170 एकड़ में बनेगा हाईटेक टेलीकॉम जोन
परियोजना के तहत ग्वालियर में करीब 170 एकड़ भूमि पर आधुनिक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन तैयार किया जाएगा। यहां 5G, 6G और अन्य आधुनिक डिजिटल तकनीकों से जुड़े उपकरणों का निर्माण होगा। शुरुआती चरण में करीब 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 4500 प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होंगे। आगे चलकर रोजगार की संख्या 8 से 9 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
डिजाइन से एक्सपोर्ट तक एक ही परिसर में मिलेगी सुविधा
यह देश की पहली ऐसी टेलीकॉम इंडस्ट्रियल सुविधा होगी, जहां किसी उत्पाद की डिजाइनिंग, निर्माण, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट तक की पूरी प्रक्रिया एक ही परिसर में पूरी होगी। इससे कंपनियों की लागत कम होगी और उत्पादन प्रक्रिया पहले से अधिक तेज हो सकेगी।
प्लग एंड प्ले मॉडल से निवेशकों को होगी आसानी
इस टेलीकॉम जोन को प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित किया जाएगा। उद्योगों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध रहेंगी, जिससे कंपनियां कम समय में अपनी उत्पादन इकाइयां शुरू कर सकेंगी। सरकार का उद्देश्य ग्वालियर को देश के प्रमुख टेलीकॉम उपकरण निर्माण केंद्रों में शामिल करना है।
5G, 6G और सेमीकंडक्टर निर्माण को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना में 5G और भविष्य की 6G तकनीक के साथ ऑप्टिकल फाइबर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), नेटवर्किंग हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।
केंद्र और राज्य सरकार देंगी विशेष सहयोग
परियोजना के लिए केंद्र सरकार करीब 500 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराएगी। वहीं मध्य प्रदेश सरकार भूमि उपलब्ध कराने के साथ निवेशकों को 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी रिइम्बर्समेंट और बिजली शुल्क में विशेष सहायता जैसी सुविधाएं भी प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने जताया भरोसा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह परियोजना मध्य प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी तथा युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करेगी।
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर निवेशकों के सामने आने वाली सभी प्रशासनिक और नीतिगत बाधाओं को दूर करेंगी। उन्होंने बताया कि लंबे प्रयासों के बाद यह परियोजना अब धरातल पर उतरने जा रही है।
चंबल क्षेत्र के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
ग्वालियर की मजबूत सड़क और रेल कनेक्टिविटी इस परियोजना की बड़ी ताकत मानी जा रही है। दिल्ली और आगरा जैसे प्रमुख शहरों से बेहतर संपर्क होने के कारण उद्योगों को लॉजिस्टिक्स में सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से ग्वालियर और पूरे चंबल क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और भविष्य में यह इलाका रिसर्च, डिजाइन और एक्सपोर्ट के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकता है।


