एंग्जायटी और हाई बीपी से जूझ रहे 73 वर्षीय इमरान खान, SC के आदेश पर 48 घंटे में होंगे शिफा अस्पताल में भर्ती
73 वर्षीय पूर्व पाकिस्तानी पीएम इमरान खान की मेडिकल स्थिति खराब होने पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश दिया है। पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने उनकी तेज धड़कन और दाहिनी आंख की रोशनी पर चिंता जताई है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में मेडिकल स्थिति अब सच में काफी चिंताजनक, कमोबेश नाजुक वाली जगह पर पहुँच गई है। 73 वर्षीय पीटीआई नेता की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, इसलिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा मेडिकल रेस्क्यू आदेश निकाल दिया। कोर्ट ने जेल प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, और कहा कि उन्हें एक प्राइवेट मेडिकल फैसिलिटी शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती किया जाए। इसके साथ-साथ रिकवरी के लिए उनके परिवार को हफ्ते में एक बार मिलने की खास छूट भी दी गई है , जो पहले नहीं थी।
मेडिकल बोर्ड की अगुवाई डॉ. उज्मा खान और निजी डॉक्टर करेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य की गहन पड़ताल और सही उपचार सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया है। इस बोर्ड में उनके अपने निजी चिकित्सक के अलावा उनकी बहन डॉ. उज्मा खान को भी शामिल किया जाएगा। अदालत ने मेडिकल प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए परिवार वालों और वकीलों को यह हिदायत दी है कि वे इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट को पब्लिक न करें। पीटीआई प्रवक्ता नईम हैदर पंजुथा के मुताबिक पूर्व पीएम 16 सितंबर तक इसी अस्पताल में इलाज कराएंगे।
आरिफ अल्वी बोले, जेल का अकेलापन ही जिम्मेदार लगता है
पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट को डरावना करार दिया है। अल्वी के अनुसार अगस्त 2023 से जेल में अकेलेपन में रहने की वजह से इमरान खान अब एंग्जायटी, तेज धड़कन और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गम्भीर परेशानियों में घिर गए हैं। इसके अलावा, वकीलों और परिवार का दावा है कि जेल के दौरान उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी ज्यादा प्रभावित हो गई।
राजनीतिक कार्रवाई वाले दौर के बीच अस्पताल शिफ्ट होना बड़ी राहत
इमरान खान को कई मामलों में दोषी भी ठहराया गया है, और वे इसे लगातार राजनीतिक कार्रवाई बताते रहे हैं। अगस्त 2023 से जेल की काल कोठरी में बंद रहे पूर्व प्रधानमंत्री के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह मेडिकल रिलीफ आदेश, साफ तौर पर स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत बड़ी राहत माना जा रहा है।
