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डॉग लवर्स हो जाएंगे दुखी, Street Dogs पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया नया आदेश

Supreme Court order on stray dog

Dog Attack Case Hearing Update: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम आदेश जारी करते हुए (Supreme Court order on stray dogs) मामले में कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला अब पूरे देश में लागू होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी स्टेट और नेशनल हाईवे से आवारा पशु और कुत्ते हटाए जाएं। साथ ही अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेज कैंपस में इनकी एंट्री रोकने के लिए बाड़ लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि सभी राज्यों के मुख्य सचिव (Supreme Court order on stray dogs) के तहत इन आदेशों का सख्ती से पालन करवाएं। कोर्ट ने राज्यों से 3 हफ्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 13 जनवरी को होगी। 3 महीने पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने भी सरकारी एजेंसियों को सड़कों से आवारा जानवरों को हटाने का आदेश दिया था। साथ ही कहा गया था कि अगर कोई इस कार्रवाई में बाधा डालेगा तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। अब (Supreme Court order on stray dogs) ने इस आदेश को पूरे देश के लिए लागू कर दिया है। Read more: इस एयरपोर्ट में खुलेगा Mahakal मंदिर का परमानेंट काउंटर, अब दर्शन की प्रक्रिया होगी आसान कोर्ट के आदेश की बड़ी बातें: सभी नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं की मौजूदगी की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर शुरू होंगे। सभी राज्यों के मुख्य सचिव (Supreme Court order on stray dogs) का सख्ती से पालन करवाएंगे और तीन हफ्ते में रिपोर्ट देंगे। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश दो हफ्तों में ऐसे सभी स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की पहचान करेंगी, जहां आवारा कुत्ते या जानवर घूमते हैं। इन परिसरों में बाड़ लगाकर कुत्तों की एंट्री पर रोक लगाई जाएगी और रखरखाव के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। नगर निगम, नगर पालिका और पंचायतें हर तीन महीने में कम से कम एक बार इन परिसरों की जांच करेंगी। पकड़े गए आवारा कुत्तों को अब उसी स्थान पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि नसबंदी के बाद उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का यह (Supreme Court order on stray dogs) देशभर में लागू होने से अब सड़क सुरक्षा और पब्लिक हेल्थ दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें  

चुलबुल पांडे की स्टाइल में पुलिस ने दबोचा, Gwalior Gangwar का था आरोपी

Gwalior Gangwar

Gwalior Gangwar: ग्वालियर पुलिस ने (Gwalior Gangwar ) गैंगवार के मुख्य आरोपी रिंकू कमरिया को गुरुवार शाम दतिया जिले के गौराघाट थाना क्षेत्र के जंगल से गिरफ्तार किया है। आरोपी रिंकू पर अपने साथियों के साथ मिलकर विजय प्रताप और उनके दोस्त हकीम पाल पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। यह घटना रविवार 2 नवंबर की देर रात करीब 11:20 बजे हुई थी। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी का जुलूस निकालकर सीन रिक्रिएशन भी कराया। वर्चस्व की लड़ाई में चली थीं गोलियां पुलिस के अनुसार, (Gwalior Gangwar ) रिंकू कमरिया और घायल विजय प्रताप के बीच वर्चस्व की लड़ाई और पांच लाख रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद था। इसी रंजिश में रिंकू और उसके साथियों ने घासमंडी हाऊखाना मिर्जापुर मस्जिद के पास रोड इलाके में करीब 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस दौरान लगभग 35 गोलियां चलाई गईं, जिसमें विजय प्रताप को तीन और हकीम पाल को एक गोली लगी थी। Read more: इस एयरपोर्ट में खुलेगा Mahakal मंदिर का परमानेंट काउंटर, अब दर्शन की प्रक्रिया होगी आसान जंगल से किया गैंगवार आरोपी को गिरफ्तार ग्वालियर थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपी (Gwalior Gangwar ) को एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी से घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी को लेकर पूछताछ जारी है। रिंकू कमरिया और उसके फरार साथी अन्नी कमरिया, छोटू कमरिया, कालू कमरिया और रमेश कमरिया पर पुलिस ने 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। फिलहाल, पुलिस की टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि (Gwalior Gangwar) मामले में बाकी आरोपियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि वर्चस्व और पैसे के लेन-देन को लेकर हुए इस गैंगवार ने शहर में दहशत फैला दी थी, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें

इस एयरपोर्ट में खुलेगा Mahakal मंदिर का परमानेंट काउंटर, अब दर्शन की प्रक्रिया होगी आसान

Mahakal

Mahakal Counter : इंदौर। बाबा महाकाल के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही महाकालेश्वर मंदिर (Mahakal ) प्रबंधन समिति का स्थायी काउंटर खुलने जा रहा है। यहां पहुंचते ही श्रद्धालुओं को शीघ्र दर्शन टिकट, भस्म आरती पास, महाकाल लोक घूमने की एंट्री, ठहरने की व्यवस्था और उज्जैन तक जाने वाले परिवहन की पूरी जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी। सुविधा के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दी मंजूरी एयरपोर्ट अथॉरिटी की हालिया सलाहकार समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अधिकारियों ने बताया कि रोजाना सैकड़ों यात्री इंदौर उतरकर सीधे उज्जैन (Mahakal ) के लिए रवाना होते हैं। अब उन्हें एयरपोर्ट से बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। काउंटर पर मौजूद प्रशिक्षित कर्मचारी तुरंत टिकट बुक करेंगे। साथ ही पास जारी करेंगे। महाकाल (Mahakal ) लोक के भव्य विस्तार के बाद श्रद्धालुओं की तादाद में जबरदस्त इजाफा हुआ है। विदेशी पर्यटक, बॉलीवुड सितारे, क्रिकेटर और बड़े-बड़े उद्योगपति भी भस्म आरती में शरीक होने पहुंच रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में कंगना रनौत, विक्की कौशल, अनन्या पांडे, रश्मिका मंदाना, धोनी समेत कई सेलिब्रिटी बाबा के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिलेगा बल अधिकारियों का कहना है कि 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए यह काउंटर गेम-चेंजर साबित होगा। उस समय करीब 10-12 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन (Mahakal ) आएंगे। ऐसे में इंदौर एयरपोर्ट पहले पड़ाव की तरह काम करेगा। अभी से सुविधाएं बढ़ाने से भीड़ प्रबंधन आसान हो जाएगा। साथ ही इंदौर-उज्जैन मार्ग को सिक्स लेन करने का काम भी तेजी से चल रहा है। अगले साल तक यह हाईवे पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जिससे यात्रा का समय आधा रह जाएगा। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा कब से शुरू होगा Mahakal काउंटर? जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच अंतिम समन्वय चल रहा है। अगले 15-20 दिनों में काउंटर शुरू हो जाएगा। काउंटर 24×7 खुलेगा ताकि सुबह-सुबह पहुंचने वाले भक्त भी परेशान न हों। READ MORE: बिजली कंपनी में दो महिला कर्मचारी ससपेंड, जानिए पूरा मामला

एक्ट्रेस-सिंगर Sulakshana Pandit का निधन, 9 साल की उम्र में शुरू किया था गायन सफर

Sulakshana Pandit Death

Sulakshana Pandit Death: बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस और सिंगर सुलक्षणना पंडित का गुरुवार शाम 7 बजे मुंबई के नानावटी अस्पताल में निधन (Sulakshana Pandit Death) हो गया। 71 वर्षीय सुलक्षणना लंबे समय से बीमार थीं। उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उनके भाई ललित पंडित ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ। 9 साल की उम्र में शुरू किया गाना 12 जुलाई 1954 को जन्मी सुलक्षणना पंडित का परिवार संगीत से गहराई से जुड़ा हुआ था। उनके चाचा पंडित जसराज महान शास्त्रीय गायक थे। उनके भाई जतिन-ललित हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के नामी म्यूजिक डायरेक्टर हैं, जबकि बहन विजयता पंडित भी एक्ट्रेस और सिंगर हैं। सुलक्षणना ने महज 9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था और जल्द ही बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना ली। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें लता-किशोर-रफी जैसे दिग्गजों के साथ गाए डुएट (Sulakshana Pandit Death) 1967 की फिल्म ‘तकदीर’ में सुलक्षणना ने लता मंगेशकर के साथ मशहूर गीत ‘सात समुंदर पार से’ गाया था। 1975 में आई फिल्म ‘संकल्प’ के गाने ‘तू ही सागर है तू ही किनारा’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। उन्होंने किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, येशुदास और उदित नारायण जैसे दिग्गज गायकों के साथ डुएट गाए। 1980 में उनका एल्बम ‘जज्बात’ रिलीज हुआ और 1986 में उन्होंने लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में Festival of Indian Music में प्रस्तुति दी। उनकी आवाज आखिरी बार 1996 की फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ के गाने ‘सागर किनारे भी दो दिल’ में सुनाई दी थी, जिसे उनके भाइयों जतिन-ललित ने कंपोज किया था। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा संजीव कुमार से एकतरफा प्यार (Sulakshana Pandit Death) सुलक्षणना पंडित की निजी जिंदगी भी चर्चाओं में रही। बताया जाता है कि उन्हें एक्टर संजीव कुमार से गहरा लगाव था, लेकिन जब संजीव ने उनसे शादी करने से इनकार किया तो उन्होंने उम्रभर शादी नहीं की। 1970-80 के दशक में एक सफल एक्ट्रेस रहीं सुलक्षणना का एक्टिंग करियर भी शानदार रहा। उन्होंने 1975 में ‘उलझन’ फिल्म से डेब्यू किया और उस दौर के लगभग सभी बड़े स्टार्स के साथ काम किया। उन्होंने संजीव कुमार के साथ ‘उलझन’ (1975), जीतेन्द्र के साथ ‘खंजर’, राजेश खन्ना के साथ ‘भोला भाला’ (1978) और ‘बंधन कच्चे धागों का’ (1983) जैसी फिल्मों में अभिनय किया। वहीं विनोद खन्ना के साथ ‘हेरा फेरी’ (1976), शशि कपूर के साथ ‘चंबल की कसम’ (1980) और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ ‘अमीरी गरीबी’ (1974) जैसी फिल्मों में नजर आईं। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘अपनापन’, ‘खानदान’, ‘चेहरे पे चेहरा’, ‘धर्म कांटा’ और ‘वक्त की दीवार’ शामिल हैं।   READ MORE: बिजली कंपनी में दो महिला कर्मचारी ससपेंड, जानिए पूरा मामला    

Gwalior News: पुलिस और Yogi Gurjar Gang की मुठभेड़…

Yogi Gurjar Gang

Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां पुलिस और कुख्यात डकैत Yogi Gurjar Gang व कल्ली गुर्जर गिरोह के बीच जबरदस्त मुठभेड़ चल रही है। पुलिस ने हस्तिनापुर के जंगलों में पूरी घेराबंदी कर रखी है । जानकारी के मुताबिक, Yogi Gurjar पर तीस हजार रुपये का इनाम घोषित है। यह वही डकैत है, जिसने हाल ही में एक गर्भवती महिला का उसके ससुराल से बंदूक की नोक पर अपहरण किया था। कुछ समय से शांत पड़े चंबल के बीहड़ों में एक बार फिर Yogi Gurjar Gang की गतिविधियां तेज हो गई हैं। बताया जाता है कि योगेंद्र उर्फ Yogi Gurjar अपने 16 सदस्यों की गैंग के साथ फिर से सक्रिय हो गया है। यह गैंग हथियारों से लैस है। मुरैना, धौलपुर व ग्वालियर के जंगलों में दिखाई दे रही है। पुलिस ने गिरोह के खात्मे के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। Read more: दतिया में विवाहिता की शिकायत पर ससुराल वालों पर दहेज और मारपीट का केस दर्ज बीते 8 अक्टूबर को Yogi Gurjar Gang ने ग्वालियर में एक दुस्साहसिक घटना को अंजाम दिया था। गैंग ने एक गर्भवती विवाहित महिला को उसके ससुराल से सरेआम उठा लिया था। पुलिस ने तगड़ी घेराबंदी के बाद महिला को 24 घंटे में सुरक्षित बरामद कर लिया था। आखिर कौन है Yogi Gurjar डकैत Yogi Gurjar की अपराध गाथा लंबी है। वह धौलपुर, श्योपुर, मुरैना और ग्वालियर के सीमावर्ती इलाकों में आतंक का पर्याय बना हुआ है। मूल रूप से मुरैना जिले के तिलौदा गांव का रहने वाला Yogi Gurjar पहले गुड्डा गुर्जर गिरोह का सदस्य था। उस गैंग के खत्म होने के बाद उसने खुद का गिरोह बना लिया। इस पर हत्या, लूट, हत्या के प्रयास समेत 15 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। फिलहाल इस डकैत पर 15 हजार रुपये का इनाम है, जिसे बढ़ाने की प्रक्रिया भी चल रही है। READ MORE:  धर्मांतरण की सूचना पर पहुंची टीम, फादर बोले – सभी माता-पिता ईसाई  

मध्य प्रदेश बीजेपी में संगठनात्मक नियुक्ति, Suyash Tyagi बने सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक

Suyash Tyagi

मध्यप्रदेश। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मध्य प्रदेश में संगठनात्मक नियुक्तियाँ तेजी से पूरी की जा रही हैं। इसी क्रम में, सुयश त्यागी (Suyash Tyagi) को पार्टी का सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 5 नवंबर को घोषित की गई थी। पदभार संभालने के बाद, सुयश त्यागी (Suyash Tyagi) ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन से भेंट कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए शुभकामनाएं दीं। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें प्रदेश अध्यक्ष ने किया ऐलान प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अपनी संगठनात्मक टीम को अंतिम रूप दे रहे हैं। सुयश त्यागी (Suyash Tyagi ) की यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। यह पद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बीजेपी अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पार्टी की विचारधारा और नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर ज़ोर दे रही है। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ाव रखने वाले सुयश त्यागी को यह महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपी गई है। अब तक वो बीजेपी मध्य प्रदेश के सोशल मीडिया विभाग में राज्य सह-संयोजक के रूप में कार्य कर रहे थे। सुयश (Suyash Tyagi) पूर्व में आरएसएस के मध्यभारत प्रांत सोशल मीडिया प्रमुख रह चुके हैं। भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की पसंद माने जाते हैं। READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी  

MP High Court ने ‘Haq’ फिल्म पर रोक से किया इनकार, Shah Bano Case पर बनी है मूवी

Haq film Shah Bano case

 Shah Bano case: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ( Haq film Shah Bano case) पर आधारित फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। शाहबानो की बेटी और कानूनी वारिस सिद्दिका बेगम खान ने कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म के रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि फिल्म में शरिया कानून को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है, जिससे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं। अनुमति नहीं लेने का आरोप  सिद्दिका बेगम ने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म के निर्माता-निर्देशक सुपर्ण एस. वर्मा और प्रोडक्शन हाउस जंगली पिक्चर्स तथा बावेजा स्टूडियोज ने (Haq film Shah Bano case) बनाने से पहले उनकी कोई अनुमति नहीं ली। इस मामले में उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के चेयरपर्सन को भी कानूनी नोटिस भेजा था। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला (Haq film Shah Bano case) हाईकोर्ट ने इससे पहले 4 नवंबर को दो घंटे की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। बताया गया है कि फिल्म ‘हक’ (Haq film Shah Bano case) 7 नवंबर को रिलीज होने वाली है। इसमें यामी गौतम और इमरान हाशमी मुख्य किरदार में हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट तौसीफ वारसी ने दलील दी कि फिल्म के टीजर और ट्रेलर में कुछ डायलॉग ऐसे हैं, जो शाहबानो की प्रतिष्ठा और परिवार की छवि को धूमिल करते हैं। उन्होंने कहा कि यह फिल्म तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करती है। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा हितेश मेहता ने क्या कहा (Haq film Shah Bano case) वहीं, जंगली पिक्चर्स की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बागड़िया और इंसोमनिया मीडिया एंड कंटेंट सर्विसेज लिमिटेड के हितेश मेहता ने कहा कि फिल्म में दिखाए गए दृश्य (Haq film Shah Bano case) के संदर्भ में अपमानजनक नहीं हैं। इन्हें संवेदनशीलता के साथ पेश किया गया है। कौन हैं शाहबानो (Haq film Shah Bano case) शाहबानो पहली मुस्लिम महिला थीं जिन्होंने गुजारा भत्ते के लिए कोर्ट में केस जीता था। उनकी बेटी का कहना है कि फिल्म ‘हक’ उनके निजी जीवन और संवेदनशील पारिवारिक घटनाओं को गलत तरीके से प्रदर्शित करती है। हाईकोर्ट ने अब इस याचिका को खारिज कर फिल्म रिलीज (Haq film Shah Bano case) पर रोक से इनकार कर दिया है। READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी  

CM मोहन यादव ने रद्द किया Disputed Electricity Circular, चीफ इंजीनियर पर कार्रवाई

Disputed Electricity Circular

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राज्य में जारी (Disputed Electricity Circular) को रद्द करने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों का हित सरकार के लिए सर्वोपरि है और किसी भी कीमत पर अन्नदाताओं के नुकसान की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि (Disputed Electricity Circular) को लेकर जनता में गलतफहमी पैदा हुई थी, जिसे दूर करने के लिए तत्काल निर्णय लिया गया है। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें विवादित सर्क्युलर (Disputed Electricity Circular) हुआ रद्द मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि संबंधित (Disputed Electricity Circular) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही इस मामले में जिम्मेदार चीफ इंजीनियर को भी उनके पद से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य किसानों का भरोसा बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में कृषि कार्य किसी भी तरह से प्रभावित न हों। किसान हित को प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संवेदनशील और किसान हितैषी सरकार कार्यरत है। हमारी प्राथमिकता हमेशा से किसानों के कल्याण और समग्र विकास की रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विवादित आदेश के बाद फैली गलतफहमी को दूर कर दिया गया है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि (Disputed Electricity Circular) जैसी स्थिति दोबारा न बने। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा मुख्यमंत्री की चेतावनी डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या असंवेदनशील निर्णय पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है (Disputed Electricity Circular)। READ MORE: बिजली कंपनी में दो महिला कर्मचारी ससपेंड, जानिए पूरा मामला

Dowry Case: दतिया में विवाहिता की शिकायत पर ससुराल वालों पर दहेज और मारपीट का केस दर्ज

Dowry Case

Dowry Case: दतिया जिले के ( Dowry Case) में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र की 27 वर्षीय महिला ने अपने पति सतीश जाटव और ससुराल के अन्य सदस्यों के खिलाफ (Dowry Case) में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले लगातार दहेज की मांग और शारीरिक उत्पीड़न कर रहे हैं। पीड़िता के अनुसार उसकी शादी 1 फरवरी 2019 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के समय उसके परिजनों ने करीब 15 लाख रुपये का दहेज दिया था, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष अब भी 5 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहा है। मारपीट और धमकी का आरोप महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति सतीश, ससुर रामसिंह, सास कमला और जेठ जितेंद्र ने कई बार उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी और आत्महत्या करने के लिए भी मजबूर किया। पीड़िता का कहना है कि लगातार शारीरिक हिंसा के कारण उसकी तबीयत पर गंभीर असर पड़ा है और अब वह दोनों कानों से ठीक से सुन नहीं पा रही है। यह घटना (Dowry Case) में समाज में बढ़ती दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। READ MORE:  धर्मांतरण की सूचना पर पहुंची टीम, फादर बोले – सभी माता-पिता ईसाई पुलिस ने महिला की शिकायत पर सभी आरोपियों के खिलाफ (Dowry Case) के तहत दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसी धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी के अनुसार, महिला के मेडिकल रिपोर्ट और बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी  

Guna Custodial Death: देवा पारदी मामले में आज सुनवाई, गिरफ्तारी में देरी का देना होगा जवाब

Supreme Court order on stray dog

Guna Custodial Death Case में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले में CBI को कोर्ट में यह बताना है कि आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हुई और कहां चूक हुई। अदालत ने पहले ही स्पष्ट किया था कि आदेश का पालन न होने पर अवमानना कार्रवाई की जाएगी। जानिए पूरा मामला मामला 15 जुलाई 2024 का है। गुना जिले के बीलाखेड़ी गांव के रहने वाले देवा पारदी (25) की शादी गुना शहर के गोकुल सिंह चक्क पर होने वाली थी। 14 जुलाई की शाम बारात निकलनी थी, लेकिन पुलिस चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए देवा और उसके चाचा गंगाराम को थाने ले गई। शाम को परिवार को सूचना मिली कि देवा पारदी की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा पारदी समाज में फैला आक्रोश इसके बाद पारदी समाज में आक्रोश फैल गया। परिवार ने आरोप लगाया कि म्याना थाने में देवा की पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हुई। पारदी महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। मामले में सात से आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में FIR दर्ज की गई। देवा की मां हंसुरा बाई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 15 मई को आदेश दिया था कि आरोपी पुलिसकर्मियों को एक महीने में गिरफ्तार किया जाए। आदेश का पालन न होने पर हंसुरा बाई ने अवमानना याचिका दायर की। READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार सितंबर में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने CBI के साथ राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। फटकार के बाद फरार SI उत्तम सिंह और TI संजीत मावई को गिरफ्तार किया गया। दोनों की गिरफ्तारी क्रमशः 27 सितंबर और 5 अक्टूबर को हुई। 8 अक्टूबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी केवल कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद हुई। अदालत ने CBI से पूछा कि आदेश का पालन करने में देरी क्यों हुई और विभागीय कार्रवाई क्या की गई। इसी स्पष्टीकरण के लिए आज यानी 6 नवंबर को Guna Custodial Death Case पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। Read More: धर्मांतरण की सूचना पर पहुंची टीम, फादर बोले – सभी माता-पिता ईसाई