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बिना मैरिज सर्टिफिकेट भी बनेगा पासपोर्ट, नवविवाहितों के लिए नई सुविधा, जानें पूरा मामला

बिना मैरिज सर्टिफिकेट भी बनेगा पासपोर्ट

Gwalior Passport Rule: ग्वालियर जिले के नवविवाहित जोड़ों के लिए पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब आसान हो गई है। अब शादी के तुरंत बाद पासपोर्ट बनवाने वालों को मैरिज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता से राहत मिल गई है। नए नियमों के तहत अब शादी का प्रमाण पत्र जरूरी नहीं होगा, जिससे युवाओं और नवदंपत्तियों को दस्तावेजों की जटिलता से निजात मिलेगी । पासपोर्ट नियमों में बदलाव अप्रैल 2025 में पासपोर्ट विभाग द्वारा लागू किए गए नियमों के अनुसार, नवविवाहित कपल्स को पासपोर्ट में पति या पत्नी का नाम जुड़वाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट या Annexure-J देना अनिवार्य था। अब इस नियम में बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों के तहत पासपोर्ट बनवाते समय शादी का प्रमाण पत्र देना अब जरूरी नहीं होगा। हालांकि, आवेदन के साथ अन्य ज़रूरी दस्तावेज सही-सही और सत्यापित रूप में लगाना आवश्यक रहेगा। यह बदलाव नवदंपत्तियों के लिए प्रक्रिया को सरल और कम जटिल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। पासपोर्ट में पार्टनर का नाम जोड़ना हुआ आसान नए नियमों के तहत अब पति-पत्नी पासपोर्ट में एक-दूसरे का नाम जोड़वाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की बजाय Annexure-J जमा कर सकते हैं। यह एक संयुक्त स्व-घोषणा पत्र (Joint Self-Declaration) होता है, जिसमें दोनों पति-पत्नी अपने नाम, पता और वैवाहिक स्थिति की पुष्टि करते हैं। इस दस्तावेज़ को अब वैध विवाह प्रमाण पत्र का विकल्प माना जाएगा। Annexure-J जमा करने के बाद पासपोर्ट प्रक्रिया को बिना किसी अड़चन के पूरा किया जा सकता है, जिससे नवविवाहितों को समय और दस्तावेज़ों की भागदौड़ से राहत मिलेगी। यह भी पढ़ें : https://chambalkichugli.com/administrations-action-against-accused-of-conversion-bulldozer-on-illegal-house/

धर्मांतरण के आरोपी के खिलाफ प्रशासन का एक्शन, अवैध मकान पर चला बुलडोजर

धर्मांतरण के आरोपी के खिलाफ प्रशासन का एक्शन

सीहोर। नगर के इतिहास में पहली बार किसी धर्मांतरण के आरोपी पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में स्थित धर्मांतरण के मुख्य आरोपी जब्बार खान के मकान पर सोमवार को नगर पालिका ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। आरोपी पर आरोप है कि वह इलाज के नाम पर लोगों को गुमराह कर उनका धर्म परिवर्तन करा रहा था। कार्रवाई से पहले नगर पालिका ने जब्बार को नोटिस जारी कर भवन निर्माण की अनुमति पेश करने को कहा था। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद आज उसके अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। धर्मांतरण की शिकायत पर हुई FIR इस कार्रवाई से पहले 17 अगस्त को गोविंद मसुरे नामक व्यक्ति ने जब्बार खान और ताहिरा खान के खिलाफ धर्मांतरण की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों मिलकर इलाज के बहाने लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए गुमराह कर रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच के बाद मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। अब प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उनके अवैध निर्माण पर भी सख्ती दिखाई गई है। जब्बार खान के घर की पहली मंजिल ध्वस्त नगर पालिका ने जब्बार खान की अनैतिक गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया और उसके घर पर पहले 15 दिन, फिर 3 दिन का नोटिस जारी कर अवैध पहली मंजिल को हटाने की चेतावनी दी थी। नोटिस की अवहेलना करने पर आज प्रशासन ने जब्बार के घर की पहली मंजिल को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्त कर दिया।     यह भी पढ़ें :https://chambalkichugli.com/mp-road-accident-news-big-accident-overturned-on-dilapidated-culvert/

MP Road Accident News: जर्जर पुलिया पर बड़ा हादसा, रेत से भरा डंपर पलटा…

MP Road Accident News

 MP Road Accident News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में सोमवार को एक गंभीर हादसा टल गया। पोहरी अनुविभाग के बमरा-गुड़ा मार्ग पर स्थित जर्जर भौरई पुलिया पर रेत से लदा एक डंपर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में चालक सुरक्षित बच गया, लेकिन पुलिया पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान हादसे के दौरान डंपर का एक हिस्सा पुलिया में धंस गया, जिससे पूरा वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना होते ही नजदीकी ग्रामीण रवींद्र वशिष्ठ और धर्मेंद्र परिहार मौके पर पहुंचे और तुरंत ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि डंपर शिवपुरी से पोहरी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत दौरानी जा रहा था, जहां आवास निर्माण कार्य के लिए रेत पहुंचाई जा रही थी। हादसे के चलते पुलिया को गंभीर नुकसान हुआ है। फिलहाल उस पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। जर्जर पुलिया बनी ग्रामीणों की परेशानी का कारण हादसे के बाद अब इस मार्ग पर केवल दोपहिया वाहनों की आवाजाही हो रही है, जबकि चारपहिया और भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भौरई पुलिया पहले से ही जर्जर हालत में थी, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई। अब पुलिया के क्षतिग्रस्त हो जाने से आसपास के गांवों जैसे दौरानी, गुड़ा और बमरा के लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मरम्मत की मांग की है, ताकि सामान्य यातायात बहाल हो सके। यह भी पढ़ें :https://chambalkichugli.com/mp-police-recruitment-7500-application-for-police-constable-posts-started-today-due-to-resentment-among-youth/

MP Police Recruitment : 7500 पुलिस आरक्षक पदों के लिए आज से आवेदन शुरू, इस वजह से युवाओं में नाराजगी

MP Police Recruitment

MP Police Recruitment 2025: मध्य प्रदेश पुलिस में पुलिस आरक्षक के 7,500 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। वहीं इच्छुक उम्मीदवार 29 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए ईएसबी ने आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। हालांकि, नोटिफिकेशन जारी होते ही एक बड़ा विवाद सामने आ गया है। आखिर क्या है मामला? आइए, जानते हैं…. सरकार ने रोजगार पंजीयन की अनिवार्यता को हटा दिया है, जिसे लेकर प्रदेश के युवाओं में नाराजगी देखी जा रही है। उनका मानना है कि इस बदलाव से बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को फायदा होगा। मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर सीमित हो जाएंगे। रोजगार पंजीयन की शर्त हटाने पर बढ़ा विवाद पिछली भर्तियों में रोजगार पंजीयन की अनिवार्यता हमेशा से लागू रही है। 2017 से लेकर अब तक तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में यह शर्त जरूरी थी। साथ ही हाल ही में हुए समूह-2 और उपसमूह-3 की भर्तियों में भी इसे लागू किया गया था। इस बार ईएसबी ने बताया है कि पुलिस मुख्यालय की नई गाइडलाइन के अनुसार रोजगार पंजीयन की शर्त हटाई गई है। इस बदलाव को लेकर अधिकारी अपनी ओर से नियम का पालन बता रहे हैं, लेकिन इस फैसले से युवाओं में असंतोष बढ़ा है। एमपी पुलिस भर्ती में रोजगार पंजीयन का नियम मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की भर्तियों में हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को रोजगार पंजीयन से छूट मिलती है। वहीं, मप्र के मूल निवासी आवेदन के समय रोजगार पंजीयन के बिना भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इंटरव्यू से पहले पंजीयन का प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य होता है। अन्य राज्यों के उम्मीदवार भी मध्य प्रदेश के किसी भी जिले में ऑनलाइन रोजगार कार्यालय में पंजीयन करा सकते हैं, जिसमें दस्तावेजों का कड़ा सत्यापन नहीं होता। जीवित रोजगार पंजीयन का मतलब है कि रोजगार कार्यालय में उम्मीदवार का पंजीकरण किया गया हो। इसे समय-समय पर नवीनीकृत करना जरूरी होता है। यदि नवीनीकरण नहीं होता तो पंजीयन निष्क्रिय मान लिया जाता है, जिससे उम्मीदवार भर्ती के लिए अयोग्य हो जाता है। मप्र सरकार ने 2017 से तृतीय-चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में यह शर्त लागू की थी ताकि राज्य की नौकरियां स्थानीय युवाओं तक सीमित रहें और बाहरी राज्यों से प्रतिस्पर्धा कम हो। इस नियम का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता देना और रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है।

वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कानून रहेगा बरकरार, कुछ धाराओं पर अस्थायी रोक…

वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

Waqf Amendment Act Hearing Updates: वक्फ (संशोधन) कानून को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम अंतरिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कर दिया कि पूरे कानून पर फिलहाल रोक नहीं लगाई जा सकती, क्योंकि किसी कानून की वैधता पर रोक केवल अपवाद स्वरूप मामलों में ही लगाई जाती है। हालांकि, अदालत ने कानून की कुछ धाराओं पर अंतरिम रूप से रोक लगाने का निर्देश दिया है, जिसकी विस्तृत सुनवाई आगे जारी रहेगी। वक्फ संशोधन कानून की चुनिंदा धाराओं पर सुप्रीम कोर्ट की रोक सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 की वैधता पर अंतरिम सुनवाई करते हुए कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों पर अस्थायी रोक लगाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड के कुल 11 सदस्यों में से 3 से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं हो सकते। इसी तरह राज्य स्तर के वक्फ बोर्ड में भी 3 से ज्यादा गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होंगे। कोर्ट ने उस विवादास्पद प्रावधान पर भी रोक लगा दी है, जिसके तहत वक्फ बनाने के लिए किसी व्यक्ति का पिछले 5 वर्षों से इस्लाम का अनुयायी होना अनिवार्य था। यह शर्त फिलहाल स्थगित रहेगी, जब तक राज्य सरकारें यह तय करने का स्पष्ट नियम नहीं बनातीं कि कोई व्यक्ति इस्लाम धर्म का अनुयायी है या नहीं। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने उस प्रावधान को भी निलंबित कर दिया है, जिसमें सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी को यह अधिकार दिया गया था कि वह निर्धारित करे कि वक्फ संपत्ति ने सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण किया है या नहीं। यह निर्णय भी अब अगली सुनवाई तक लागू नहीं रहेगा। सुप्रीम कोर्ट में 22 मई को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था, जो अब अंतरिम रूप में सामने आया है। याचिकाकर्ताओं ने वक्फ (संशोधन) कानून को मुसलमानों के अधिकारों के खिलाफ बताया था और इस पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की थी। वहीं, केंद्र सरकार ने कानून का समर्थन करते हुए दलील दी थी कि वक्फ एक इस्लामी अवधारणा जरूर है, लेकिन यह धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। इसलिए इसे मौलिक अधिकार के दायरे में नहीं माना जा सकता।

गौशाला में रात को शराब और मुर्गा पार्टी, गौसेवकों की सूचना पर फरार हुए आरोपी

गौशाला में रात को शराब और मुर्गा पार्टी

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बेहद आपत्तिजनक मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र स्थित एक गौशाला में रात के अंधेरे में शराब और नॉनवेज पार्टी का आयोजन किया जा रहा था। बता दें इन स्थानों को गौसेवा और धार्मिक आस्था से जोड़ा जाता है। वहीं दूसरी तरफ इस तरह की गतिविधियां चिंता का कारण हैं। जैसे ही स्थानीय गौसेवकों को इसकी जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। यह भी पढ़ें :https://chambalkichugli.com/married-woman-gang-raped-in-her-in-laws-house-brother-in-law-did-cruelty-to-her-by-pretending-to-cure-her-husband/ पुलिस और CMO ने किया निरीक्षण सूत्रों के अनुसार, गौशाला में चल रही इस अवैध गतिविधि में वहां के केयरटेकर और सफाई कर्मचारियों की भूमिका पर संदेह जताया जा रहा है। जैसे ही स्थानीय गौसेवकों को इसकी भनक लगी, वे मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पार्टी करने वाले सभी लोग भाग चुके थे। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस और नगरपालिका के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में गौशाला परिसर से शराब की खाली बोतलें और मुर्गे के अवशेष बरामद हुए। हैरानी की बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब इस गौशाला को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। पूर्व में भी प्रबंधन पर लापरवाही और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लग चुके हैं। यह भी पढ़ें :https://chambalkichugli.com/woman-dies-during-treatment-in-illegal-clinic-and-escaped-absconding-doctor/

ससुराल में विवाहिता से गैंगरेप, पति को ठीक करने का झांसा देकर जेठ ने की हैवानियत

ससुराल में विवाहिता से गैंगरेप

ग्वालियर। रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना में, ग्वालियर के थाटीपुर इलाके में एक महिला ने अपने ही दो जेठ पर कई महीनों तक गैंगरेप का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति की तबीयत खराब रहती है, जिसका फायदा उठाकर जेठ उसे धमकाते थे। वे उसे समझाते थे कि किसी ने बताया है कि ऐसा करने से उसका पति जल्दी ठीक हो जाएगा। विरोध करने पर आरोपी उसकी 10 महीने की दुधमुंही बेटी को जान से मारने की धमकी देते थे, जिसके डर से वह चुप रही। पति ने भी नहीं दिया साथ इस घटना का खुलासा तब हुआ जब महिला ने अपने पति को आपबीती सुनाई। 25 मई, 2025 को जब महिला ने अपने पति को सब कुछ बताया, तो उसने भी अपनी पत्नी पर विश्वास करने के बजाय इसे झूठा आरोप माना। उसके साथ मारपीट की। पति के इस रवैये से आहत होकर महिला अपने मायके चली गई। महिला के मायके वालों ने ससुराल पक्ष से बात करने के लिए पंचायत बुलाई, लेकिन ससुराल पक्ष से कोई भी पंचायत में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद महिला ने हिम्मत दिखाई और रविवार को अपने परिवार के साथ महिला थाने पहुंचकर दोनों जेठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शादी के एक साल बाद शुरू हुई हैवानियत डबरा के जंगीपुरा इलाके की रहने वाली 25 वर्षीय पीड़िता ने महिला थाने में अपनी शिकायत में पूरी आपबीती बताई है। पीड़िता के मुताबिक, उसका निकाह 5 मई 2023 को डबरा निवासी एक युवक से हुआ था। शादी के एक साल तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन उसके बाद उसके पति की तबीयत खराब रहने लगी। पति इलाज के लिए अक्सर रतलाम की ‘हुसैन टेकरी शरीफ जावरा’ जाने लगे, जहां वे 20-20 दिन तक रुकते थे। इसी बात का फायदा उठाकर, जब पति घर पर नहीं होते थे, तो दोनों जेठ इस शर्मनाक वारदात को अंजाम देते थे। पीड़िता ने बताया कि पहली घटना 10 जनवरी 2025 की रात 1 बजे हुई, जब उसका मंझला जेठ कमरे में घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने पास सो रही 10 महीने की दुधमुंही बेटी को जान से मारने की धमकी दी। उसके जाने के बाद बड़ा जेठ भी कमरे में आया और यही हरकत दोहराई। पीड़िता ने बताया कि कमरे के दरवाजे पर कूलर लगा होने की वजह से दरवाजा बंद नहीं था, जिसका फायदा उठाकर दोनों जेठ एक के बाद एक कमरे में आते रहे।

आज राष्ट्रीय हिंदी अलंकरण सम्मान समारोह, CM डॉ. मोहन यादव करेंगे प्रख्यात साहित्यकारों व विद्वानों को सम्मानित

MP सरकार

National Hindi Decoration Award Ceremony: भोपाल। रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में आज, 15 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी अलंकरण सम्मान समारोह का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देशभर से चयनित प्रतिष्ठित साहित्यकारों, शोधकर्ताओं और मनीषियों को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट विभूतियों को अलंकृत करने के साथ-साथ नए साहित्यिक प्रकाशनों का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही ‘Be Indian, Buy Indian हमारी लक्ष्मी हमारे पास’ जैसे जनजागरूकता अभियान की भी औपचारिक शुरुआत होगी। शाम 4 बजे से होगा आयोजन समारोह का शुभारंभ शाम 4 बजे से किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी करेंगे। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा। इन प्रकाशनों में भारतीय भाषा आलोक, समाज की भाषा का संकल्प, भोजपुरी प्रतिभाएं, शिवगीता, अवधूतगीता, श्रीकृष्ण चरित्र और श्रीराधा: द्वापर युग की महानायिका जैसे विशिष्ट ग्रंथ शामिल हैं, जो भारतीय भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को नई दिशा प्रदान करेंगे। विक्रमोत्सव 2025 को अंतरराष्ट्रीय पहचान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ‘विक्रमोत्सव 2025’ के आयोजन के लिए एक विशेष अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्रदान किया जाएगा। उन्हें यह गोल्ड अवॉर्ड एशिया के शासकीय समारोहों की विशेष श्रेणी में WOW अवॉर्ड एशिया की टीम द्वारा भेंट किया जाएगा। यह भी पढ़ें : https://chambalkichugli.com/police-registered-a-case-when-firing-video-went-viral-in-two-sides-regarding-land-possession/

जमीन कब्जे को लेकर दाे पक्षों में फायरिंग, वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने दर्ज किया केस

जमीन कब्जे को लेकर दाे पक्षों में फायरिंग

दतिया। जिले के ग्राम नेकोरा में शुक्रवार को जमीन के कब्जे को लेकर दो समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। मामला लाठी-डंडों से लेकर फायरिंग तक पहुंच गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इस घटना में पाल समाज के तीन लोग घायल हो गए, जिनमें एक पिता, उसका बेटा और भतीजा शामिल हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया । वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने दर्ज किया केस घटना में घायल हुए तीनों लोगों को गंभीर हालत में दतिया जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस बीच घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें झड़प और फायरिंग के दृश्य कैद हैं। वीडियो के आधार पर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बीस वर्षों से कर रहे थे खेती प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवपुरी जिले के तोड़ा गांव निवासी गिरवर पाल की लगभग 11 बीघा कृषि भूमि दतिया जिले के ग्राम नेकोरा में स्थित है। गिरवर पाल इस जमीन पर पिछले 20 वर्षों से खेती कर रहे हैं। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे जब वे अपने खेत पर पहुँचे, तो देखा कि रावत समाज के बलवीर रावत, उसका बेटा पुष्पेंद्र, संदीप रावत और अन्य रिश्तेदार लाठियों और बंदूकों के साथ वहां पहले से मौजूद थे। वे जबरन खेत पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। गिरवर पाल द्वारा विरोध किए जाने पर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

अवैध क्लिनिक में इलाज के दौरान महिला की मौत, झोलाछाप डॉक्टर सरकारी अस्पताल में छोड़कर फरार

अवैध क्लिनिक में इलाज के दौरान महिला की मौत

शिवपुरी। जिले के छर्च थाना क्षेत्र में स्थित एक अवैध क्लिनिक में इलाज के दौरान एक 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान चनूटी कुशवाह के रूप में हुई है, जो अपने पीछे चार छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना के बाद कथित झोलाछाप डॉक्टर मौके से फरार हो गया, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। झोलाछाप डॉक्टर ने किया इलाज घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। हिनोतिया गांव की रहने वाली चनूटी कुशवाह अपने पति जगदीश के साथ बीमार भांजे को देखने गलथूनी गई थीं। लौटते समय दोनों छर्च गांव में कुछ देर रुके, जहां एक स्थानीय क्लिनिक संचालक अरविंद सेन ने चनूटी को सिरदर्द की शिकायत पर दवा दी। इलाज के कुछ ही समय बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी, लेकिन डॉक्टर ने गंभीरता को नजरअंदाज कर उपचार जारी रखा। स्थिति गंभीर होने पर उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इंजेक्शन और ड्रिप के बाद बिगड़ी हालत इलाज के दौरान अरविंद सेन ने चनूटी को पहले इंजेक्शन लगाया और ड्रिप (बोतल) चढ़ाई। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी, लेकिन डॉक्टर ने इसे सामान्य बताकर महिला को घर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद तबीयत और बिगड़ी, जिस पर परिजन दोबारा उसे क्लिनिक लाए। हालात गंभीर देख अरविंद महिला को अपनी बाइक से पोहरी स्वास्थ्य केंद्र ले गया, जहां उसे छोड़कर भाग निकला। प्राथमिक इलाज के बाद महिला को जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।