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संघर्ष से सफलता तक ऋषभ शेट्टी का सफर एक फिल्म ने बदली किस्मत

नई दिल्ली:फिल्म इंडस्ट्री में सफलता की कहानियां अक्सर संघर्ष से होकर गुजरती हैं और ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है कन्नड़ सिनेमा के स्टार ऋषभ शेट्टी की जिन्होंने बेहद साधारण शुरुआत से अपने करियर को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आज वह ना सिर्फ एक सफल अभिनेता हैं बल्कि निर्देशक और प्रोड्यूसर के तौर पर भी अपनी खास पहचान बना चुके हैं लेकिन उनका शुरुआती जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा है। बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में पहचान बनाने से पहले ऋषभ शेट्टी ने एक प्रोडक्शन हाउस में ऑफिस बॉय के रूप में काम किया था। इतना ही नहीं उन्होंने एक प्रोड्यूसर के ड्राइवर के तौर पर भी काम किया। उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 2008 में मुंबई के अंधेरी इलाके में वह वड़ा पाव खाते हुए सपने देखते थे लेकिन कभी कल्पना नहीं की थी कि एक दिन वह इतने बड़े स्टार बन जाएंगे। उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि उन्होंने साल 2012 में फिल्म तुगलक से अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने विलेन का किरदार निभाया लेकिन इसके बावजूद फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार अपने काम से दर्शकों का दिल जीतते गए। उनके करियर में असली मोड़ तब आया जब उन्होंने फिल्म लूसिया में काम किया जो उनकी पहली बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इसके बाद बेल बॉटम जैसी फिल्मों ने उन्हें और मजबूत बनाया। साल 2016 में उन्होंने फिल्म रिक्की के साथ बतौर निर्देशक भी कदम रखा और यहां भी सफलता हासिल की। हालांकि जिस फिल्म ने ऋषभ शेट्टी को देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में पहचान दिलाई वह थी कंतारा। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इसके बाद उनकी फिल्म कंतारा चैप्टर 1 ने भी शानदार प्रदर्शन किया और इसे दर्शकों से भरपूर प्यार मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड करीब 850 करोड़ रुपये की कमाई की और साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही। खास बात यह रही कि इस फिल्म ने कई बड़े सितारों की फिल्मों को पीछे छोड़ दिया जिनमें रजनीकांत की फिल्म कुली और आमिर खान की फिल्म सितारे जमीन पर जैसी बड़ी फिल्में शामिल थीं। आज ऋषभ शेट्टी की कहानी उन लोगों के लिए एक मिसाल है जो बड़े सपने देखते हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण घबराते हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि अगर मेहनत और जुनून हो तो किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।

IPL 2026: जोश हेजलवुड पहले मैच से हुए बाहर, RCB को सनराइजर्स हैदराबाद मुकाबले से पहले लगा झटका

  नई दिल्ली। आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड पहले ग्रुप में नहीं खेलेंगे। आरसीबी का सामना प्रमुख मैच सनराइजर्स हैदराबाद  से हो रहा है, लेकिन इस अहम टीम से पहले ही टीम की टीम की खराब फॉर्म नजर आ रही है। हेजलवुड क्यों नहीं खेलेंगे?आरसीबी के मुख्य कोच एंडी फ्लावर ने मैच से पहले जानकारी दी थी कि हेजलवुड अभी भी टीम से जुड़े हुए हैं, लेकिन पहले मैच के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। असल में, वह हाल ही में अपनी टीम के साथ जुड़े हुए हैं और लंबी यात्रा के बाद अपनी फिटनेस को लेकर टीम में कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। हेजलवुड पिछले कुछ समय से हैमस्ट्रिंग समस्या से जूझ रहे थे और इसी वजह से वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी दूर रह रहे हैं। हालांकि अब वह फिट नजर आ रहे हैं, लेकिन मैच में फिटनेस हासिल करने में थोड़ा समय लग सकता है। आरसीबी की पसंद पर असरहेजलवुड आरसीबी के सबसे प्रतिष्ठित नामों में से एक हैं। पिछले सीज़न में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 विकेट अपने नाम किए थे और टीम की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई थी। ऐसे में उनके पहले मैच में आरसीबी से बाहर होने पर बड़ी हार मानी जा रही है। बैंगल के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बॉल के लिए अनुकूल मनी मिलती है, जहां राल्सेल को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में हेजलवुड जैसे अनुभवी विशेषज्ञों की गैरमौजुडगी टीम में शामिल हो सकते हैं। कोहली पर नजरेंजहां एक तरफ से आरसीबी को झटका लगा है, वहीं अन्य टीमों में उनके स्टार खिलाड़ी विराट कोहली से बड़ी जानकारी शामिल है। कोहली पिछले सीज़न में शानदार फॉर्म में रहे थे और उन्होंने 657 रन बनाकर टीम को जगह दी थी। कोच एंडी फ्लावर्स ने भी कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि वह इस समय बेहतरीन फिटनेस में हैं और अपने खेल के शिखर पर नजर आ रहे हैं। SRHगागेन फ़ायदा क्या है?एसआरएच के पास मजबूत फुटबॉल लाइनअप है और हेजलवुड की गैरमौजूदगी में वह इसे बढ़ाना चाहती है। हाई-स्कोरिंग टेलीकॉम की उम्मीदों के बीच आरसीबी को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।

बदलती छवि का दावा रवि किशन बोले अब सुरक्षित है उत्तर प्रदेश माधुरी दीक्षित का उदाहरण

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर अक्सर बहस होती रही है लेकिन अब अभिनेता और सांसद रवि किशन ने इस विषय पर एक ऐसा बयान दिया है जिसने चर्चा को नया मोड़ दे दिया है। रवि किशन ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की जमकर तारीफ की और कहा कि अब उत्तर प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने अपने बयान को मजबूत बनाने के लिए बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित का उदाहरण दिया जो हाल ही में गोरखपुर में तीन दिन तक रहीं और पूरी तरह सुरक्षित माहौल में अपना समय बिताकर लौटीं। रवि किशन ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब लोग उत्तर प्रदेश आने से डरते थे और यहां शूटिंग करने से भी कतराते थे। उन्होंने पुराने दौर का जिक्र करते हुए बताया कि लोग कहते थे कि वहां जाना सुरक्षित नहीं है लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है और यही कारण है कि बड़े कलाकार भी बिना किसी डर के यहां आ रहे हैं और समय बिता रहे हैं। उन्होंने मंच से मुस्कुराते हुए यह भी कहा कि माधुरी दीक्षित का गोरखपुर में तीन दिन रुकना इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है। रवि किशन के इस बयान के दौरान वहां मौजूद लोग हंसने लगे तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा कि आखिर हंसी किस बात पर आ रही है। इसके बाद उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में एक और बात जोड़ते हुए कहा कि कई नेता भी अभिनेत्री से मिलने पहुंचे और खास बात यह रही कि वे अपने बाल रंगकर आए थे। उन्होंने यह बात हंसी मजाक में कही लेकिन इससे माहौल और भी हल्का हो गया। रवि किशन और माधुरी दीक्षित जल्द ही एक साथ एक नई फिल्म में नजर आने वाले हैं जिसका नाम मां बहन बताया जा रहा है। इस फिल्म में उनके साथ तृप्ति डिमरी भी अहम भूमिका निभाती दिखाई देंगी। फिल्म का टीजर पहले ही जारी हो चुका है और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इस फिल्म में माधुरी दीक्षित एक मां के किरदार में नजर आएंगी जबकि तृप्ति उनकी बेटी की भूमिका निभा रही हैं। रवि किशन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनके पास कई प्रोजेक्ट लाइन में हैं। वह धमाल 4 और मिर्जापुर जैसे चर्चित प्रोजेक्ट्स में दिखाई देने वाले हैं। इसके अलावा वह मामला लीगल है सीजन 2 और टैक्स डिपार्टमेंट स्टोरी में भी नजर आएंगे। एक समय भोजपुरी सिनेमा के बड़े सितारे रहे रवि किशन अब मुख्यधारा और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों पर सक्रिय हैं। वहीं माधुरी दीक्षित की बात करें तो उन्होंने हाल के वर्षों में फिल्मों के साथ साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। वे पिछली बार एक वेब शो में नजर आई थीं जिसमें उनके अभिनय की काफी सराहना हुई थी। फिल्मों में भी उन्होंने अपनी वापसी को मजबूत बनाए रखा है और दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता अब भी बरकरार है। रवि किशन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश अपनी छवि सुधारने और निवेश तथा फिल्म शूटिंग के लिए एक आकर्षक केंद्र बनने की दिशा में प्रयास कर रहा है। उनके इस बयान ने एक बार फिर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस को तेज कर दिया है और यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या वाकई प्रदेश की तस्वीर अब बदल चुकी है।

बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत… संकट में भारत ने की मदद… 5000 टन अतिरिक्त Diesel भेजा

ढाका। पश्चिम एशिया (West Asia.) में चल रहे संघर्ष के कारण बांग्लादेश (Bangladesh.) में पेट्रोल-डीजल का भारी संकट मंडरा रहा है। इस बीच भारत ने पड़ोसी देश की मदद करते हुए 5,000 टन अतिरिक्त डीजल (5,000 Tonnes Additional Diesel) की सप्लाई की है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार रात इस बात की पुष्टि की। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के महाप्रबंधक (वाणिज्यिक) मो. मुर्शेद हुसैन आजाद ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि भारत से 5,000 टन अतिरिक्त डीजल बांग्लादेश पहुंच गया है। इस नई खेप के साथ, बांग्लादेश को हाल के दिनों में भारत से कुल 15,000 टन डीजल मिल चुका है। 28 मार्च को 6,000 टन अतिरिक्त डीजल भेजने के लिए पंपिंग की प्रक्रिया की जाएगी। भारत ने आगामी अप्रैल माह में 40,000 टन डीजल की आपूर्ति करने का प्रस्ताव रखा है, जिसे बांग्लादेश सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है। कैसे पहुंच रहा है डीजल?इस डीजल की सप्लाई असम स्थित ‘नुमालीगढ़ रिफाइनरी’ से की जा रही है। यह ईंधन ‘भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन’ के जरिए बांग्लादेश के पारबतीपुर डिपो तक भेजा जाता है। साल 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए बड़े जन आंदोलन के बाद इस मैत्री पाइपलाइन का संचालन रोक दिया गया था। हाल ही में फरवरी में हुए आम चुनावों के बाद, जब तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार ने सत्ता संभाली, तो इस पाइपलाइन को फिर से बहाल कर दिया गया। फिर से शुरू होने के बाद से अब तक इसी पाइपलाइन के माध्यम से 15,000 टन डीजल भेजा जा चुका है। बांग्लादेश में डीजल की मांग और आयात की स्थितिऊर्जा विशेषज्ञ एजाज अहमद ने बांग्लादेश की ऊर्जा जरूरतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की वार्षिक डीजल मांग 40 लाख टन है, जो पूरी तरह से आयात पर निर्भर है। विदेशों से आयात होने वाले कच्चे तेल में से केवल 5 लाख टन को ही बांग्लादेश की ‘ईस्टर्न रिफाइनरी’ में रिफाइन किया जा सकता है। बाकी की जरूरत पूरी करने के लिए सीधा रिफाइंड डीजल ही आयात करना पड़ता है। अपनी डीजल आपूर्ति के लिए बांग्लादेश मुख्य रूप से भारत, सिंगापुर और मध्य पूर्व पर निर्भर है।

RCB vs SRH Head To Head: पिछली बार जब ये दोनों टीमें भिड़ी थीं, तो क्या हुआ था? हेड टू हेड रिकॉर्ड हैरान कर देने वाला

नई दिल्ली। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2026 का पहला मैच आज यानी शनिवार, 28 मार्च से खेला जाना है। IPL सीजन 19 का पहला मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। आरसीबी वर्सेस एसआरएच मुकाबले से पहले आप दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड्स पर एक नजर डाल लीजिए। आईपीएल के इतिहास में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही है, मगर पिछले 5 मैचों में आरसीबी ने एसआरच पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश की है। आईए जानते हैं, जब यह दोनों टीमें आखिरी बार आईपीएल में भिड़ी थी तो क्या हुआ था? RCB vs SRH आखिरी मैच का रिजल्टरॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच जब भी मैच होता है तो फैंस को हर बार हाई स्कोरिंग मुकाबला ही देखने को मिलता है। आरसीबी और एसआरएच की आखिरी भिड़ंत में भी दोनों टीमों ने मिलकर 400 रन का आंकड़ा पार किया था। ईशान किशन ने इस मैच में आरसीबी के गेंदबाजों के धागे खोल दिए थे। 2025 में आखिरी बार जब आरसीबी और एसआरएच भिड़ी थी तो हैदराबाद ने 42 रनों से जीत दर्ज की थी। SRH ने पहले बैटिंग करते हुए ईशान किशन के 94 रनों के दम पर निर्धारित 20 ओवर में 231 रन बोर्ड पर लगाए थे। ईशान किशन मात्र 6 रनों से अपने शतक से चूक गए थे, उन्होंने इस पारी में 7 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के लगाए थे। 232 के टारगेट का पीछा करते हुए आरसीबी की पूरी टीम 189 रनों पर सिमट गई थी, आरसीबी पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई थी। फिल सॉल्ट ने 62 तो विराट कोहली ने 43 रन बनाकर आरसीबी को तगड़ी शुरुआत दी थी, मगर मिडिल ऑर्डर के निराशाजनक प्रदर्शन के दम पर टीम को हार का सामना करना पड़ा था। RCB vs SRH का ये मुकाबला रहा है यादगार2024 में आरसीबी और एसआरएच के बीच खेला गया हाईस्कोरिंग मुकाबला तो हर किसी फैन को याद होगा, जब एसआरएच ने टूर्नामेंट का 287 रनों का हाईएस्ट स्कोर बनाया था, इस स्कोर का पीछा करते हुए आरसीबी ने भी 262 रन बोर्ड पर लगा दिए थे। दोनों टीमों ने मिलकर 549 रन बनाए थे, जो आईपीएल के इतिहास में दोनों टीमों द्वारा एक मैच में बनाए गए सबसे ज्यादा रन है। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए ट्रैविस हेड ने शतक जड़ते हुए 102 रनों की पारी खेली थी, वहीं क्लासेन ने 31 गेंदों पर 67 तो अब्दुल समद ने 10 बॉल पर 37 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया था।आरसीबी की इस रनचेज में दिनेश कार्तिक ने 35 गेंदों पर 7 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 83 रनों की धुआंधार पारी खेली थी, मगर वह टीम को जीत नहीं दिला पाए थे। आरसीबी मात्र 25 रनों से यह मैच हारी थी। RCB vs SRH हेड टू हेडरॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के हेड टू हेड मुकाबलों की बात करें तो दोनों टीमों के बीच आईपीएल के इतिहास में कांटे की टक्कर रही है। आरसीबी और एसआरएच की टीमें आईपीएल में एक दूसरे से कुल 25 बार भिड़ी है, जिसमें 13 मैच हैदराबाद ने तो 11 मैच बेंगलुरु ने जीते हैं। एक मैच का नतीजा नहीं निकल पाया था।

जापानी और दो हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित थी ये 1980 की फिल्म, बनने में लगे पूरे 5 साल

  नई दिल्ली। बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसी फिल्में हैं जो अपनी कहानी, स्टारकास्ट और निर्माण की वजह से चर्चा में रहती हैं। ऐसी ही एक फिल्म है The Burning Train, जो 1980 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म जितनी बड़ी स्टारकास्ट के लिए जानी जाती है, उतनी ही अपने निर्माण और प्रेरणा को लेकर भी खास मानी जाती है। 5 साल में तैयार हुई फिल्मइस मल्टीस्टारर फिल्म की घोषणा साल 1976 में की गई थी, लेकिन इसे रिलीज होने में पूरे पांच साल लग गए। मार्च 1980 में जब फिल्म सिनेमाघरों में आई, तो इसकी ओपनिंग 100% ऑक्यूपेंसी के साथ हुई। हालांकि, शुरुआती शानदार शुरुआत के बावजूद फिल्म धीरे-धीरे बॉक्स ऑफिस पर कमजोर पड़ गई और औसत साबित हुई। विदेशी फिल्मों से ली गई प्रेरणाकम ही लोग जानते हैं कि The Burning Train की कहानी पूरी तरह मौलिक नहीं थी। यह एक जापानी और दो हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित थी: The Bullet Train (जापान)The Towering InfernoThe Cassandra Crossing इन तीनों फिल्मों की कहानी और कॉन्सेप्ट को मिलाकर एक बड़ी आपदा-आधारित कहानी तैयार की गई, जिसे भारतीय दर्शकों के लिए ढाला गया। क्या थी कहानी की खासियत?जापानी फिल्म The Bullet Train में ट्रेन में बम लगाकर उसे एक निश्चित स्पीड से नीचे आने पर उड़ाने की धमकी दी जाती है। वहीं The Towering Inferno से इंसानी भावनाओं और आपदा के दौरान लोगों की प्रतिक्रिया को दिखाने का विचार लिया गया। इसके अलावा The Cassandra Crossing से “चलती ट्रेन में फंसे लोगों की जान का खतरा” वाला एंगल जोड़ा गया। इन तीनों तत्वों को मिलाकर एक ऐसी कहानी बनाई गई, जिसमें आग से घिरी ट्रेन में फंसे यात्रियों की जिंदगी और जंग को दिखाया गया। स्टारकास्ट थी फिल्म की सबसे बड़ी ताकतइस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी मल्टीस्टार कास्ट थी। इसमें Dharmendra, Hema Malini, Vinod Khanna, Jeetendra, Parveen Babi और Neetu Singh जैसे कई बड़े सितारे नजर आए थे।फिल्म का निर्देशन Ravi Chopra ने किया था, जो मशहूर फिल्मकार B. R. Chopra के बेटे हैं। आज भी क्यों है खास?भले ही बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई, लेकिन आज The Burning Train को एक क्लासिक डिजास्टर फिल्म के रूप में याद किया जाता है। इसकी कहानी, स्केल और स्टारकास्ट इसे अपने समय से आगे की फिल्म बनाते हैं।

अक्षय कुमार का रिएक्शन: 'हमें एक्टर बने रहना चाहिए', राजपाल यादव के केस पर बोले प्रोड्यूसर नहीं बनना चाहिए

नई दिल्ली। अभिनेता अक्षय कुमार ने अपने को-स्टार राजपाल यादव के चेक बाउंस और लोन केस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। अक्षय ने साफ कहा कि एक्टर को फिल्म प्रोड्यूसर बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और उन्हें एक्टिंग में ही ध्यान देना चाहिए। फिल्म प्रोड्यूस करने से मना कियाअक्षय कुमार ने बताया कि जब राजपाल यादव फिल्म प्रोड्यूस करने की सोच रहे थे, तब उन्हें सलाह दी गई थी कि एक्टर को सिर्फ एक्टिंग पर ही फोकस करना चाहिए। अक्षय ने कहा, “हम एक्टर्स हैं। प्रोड्यूसर को पता होता है कि फिल्म कैसे प्रोड्यूस करनी है। आप तब ही प्रोड्यूसर बनें जब आपको पूरा ट्रिक पता हो। एक्टर हो तो एक्टर ही बने रहना चाहिए।” राजपाल यादव की तारीफअक्षय ने राजपाल यादव की काम करने की शैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजपाल पैसा कमाने के लिए कभी शॉर्टकट नहीं अपनाएंगे और उम्मीद है कि वह अब उस स्थिति से बाहर आ गए हैं। अक्षय ने आगे कहा, “लोग अपना 100% देते हैं, लेकिन राजपाल 120–140% देते हैं। उनके साथ काम करने में मज़ा आता है, और हमारी केमिस्ट्री इतनी नेचुरल है कि कई बार लाइन लिखी भी नहीं होती स्क्रिप्ट में।” भूत बंगला में वापसीअक्षय कुमार और राजपाल यादव की ऑनस्क्रीन जोड़ी हमेशा दर्शकों को पसंद आई है। दोनों ने पहली बार 2004 में मुझसे शादी करोगी फिल्म में साथ काम किया था। अब ये जोड़ी भूत बंगला में नजर आएगी। फिल्म को प्रियदर्शन डायरेक्ट कर रहे हैं और इसमें अक्षय लीड रोल में हैं। इसके अलावा फिल्म में तब्बू और वामिका गब्बी भी अहम किरदार निभा रही हैं। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली है और फैंस इस कॉमेडी हॉरर फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

ट्रंप ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को कहा ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’, नोबेल न मिलने पर उठाए सवाल

नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी के फेना फोरम में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए ईरान युद्ध और वैश्विक राजनीति को लेकर कई तीखे बयान दिए। खुद को एक बार फिर पीसमेकर बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो फिर यह किसी और को भी नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने क्यूबा को अगला निशाना भी बताया। ट्रंप ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह कमजोर कर दिया गया है और वहां की सरकार अब समझौते के लिए मजबूर है। अपने खास अंदाज में उन्होंने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ तक कह दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट अब ईरानी आतंक और न्यूक्लियर ब्लैकमेल से मुक्त होने की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप ने कहा, “मेरे नेतृत्व में अमेरिका इस कट्टरपंथी शासन से पैदा खतरे को खत्म कर रहा है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जरिए ईरान की ताकत को तोड़ा जा रहा है। हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, जिसे मैंने अपने पहले कार्यकाल में मजबूत किया। हमारे पास ऐसे हथियार हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। 47 साल तक ईरान क्षेत्र का दबदबा बनाए हुए था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।”कासिम सुलेमानी का भी किया जिक्रट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराने की घटना का भी उल्लेख किया। जनवरी 2020 में बगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी की मौत हुई थी। उस समय अमेरिका ने इसे अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया था। उन्होंने कहा, “यह मेरे कार्यकाल का अहम पल था। वह इतना प्रभावशाली था कि मुझे लगता है ईरान का नेतृत्व भी अंदर से राहत महसूस कर रहा था, हालांकि वे इसे स्वीकार नहीं करते। अब कोई उनसे सवाल करने वाला भी नहीं है। ईरान पर इतना दबाव है कि उसे बातचीत के लिए आना ही होगा। वे समझौते के लिए आग्रह कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ मेरा मतलब होर्मुज खोलना ही होगा। फेक न्यूज कहेगी कि यह गलती थी, लेकिन मैं बहुत कम गलती करता हूं।” ब्रिटेन और नाटो पर भी निशानानाटो और ब्रिटेन को लेकर भी ट्रंप ने आलोचनात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यूके के प्रधानमंत्री से उन्होंने दो एयरक्राफ्ट कैरियर की मांग की थी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ट्रंप ने कहा, “वे छोटे हैं और ज्यादा तेज भी नहीं हैं, लेकिन हम उनका इस्तेमाल हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म के रूप में कर सकते हैं। मैंने पूछा कि क्या आप हमारी मदद करेंगे? जवाब मिला कि युद्ध खत्म होने के बाद मदद करेंगे। यही नाटो की हकीकत है। हम उनकी मदद करते हैं, लेकिन वे हमारे साथ खड़े नहीं होते।” उन्होंने यह भी कहा कि नाटो की तुलना में बहरीन और कुवैत ने ज्यादा सहयोग दिया है और मिडिल ईस्ट के सहयोगी देशों ने निराश नहीं किया। नोबेल पुरस्कार पर फिर दोहराया दावाट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी पहचान एक बड़े शांतिदूत के रूप में बने। उन्होंने कहा, “अगर मुझे शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो फिर किसी को नहीं मिलना चाहिए। मुझे यह नहीं मिला और मुझे इस पर हैरानी भी नहीं है।” मिसाइल हमलों पर भी किया दावामिसाइल हमलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि हाल ही में उन पर 101 मिसाइलों से हमला किया गया था, लेकिन सभी को मार गिराया गया। उन्होंने कहा, “अब हम उनके ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। उनके पास एयर डिफेंस नहीं बचा है और हम आसानी से अपने टारगेट पर हमला कर रहे हैं। हमारे पास अभी 3,554 लक्ष्य बाकी हैं, जिन्हें जल्द खत्म किया जाएगा। आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।”

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में महिलाओं के लिए दो नए पद आरक्षित, कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव शामिल

इंदौर। न्यायालयों में महिला वकीलों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने महिलाओं के लिए चार नए पद आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसमें कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के दो नए पद सृजित किए जाएंगे, जबकि शेष दो पद कार्यकारिणी सदस्य के लिए आरक्षित होंगे। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें बार में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण सुनिश्चित करने की बात कही गई थी। रजिस्ट्रार को भेजी गई जानकारीहाई कोर्ट रजिस्ट्रार द्वारा मांगी गई जानकारी बार एसोसिएशन ने उपलब्ध करवा दी है। बार अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि वर्तमान में कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के पद हाई कोर्ट बार में नहीं थे, इसलिए इन्हें नया सृजन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में बार एसोसिएशन के करीब 6,000 सदस्य हैं, जिनमें 1,165 महिला वकील शामिल हैं। इंदौर अभिभाषक संघ में भी महिलाओं के लिए आरक्षणइसके अलावा, कल इंदौर अभिभाषक संघ में भी महिलाओं के लिए कोषाध्यक्ष का पद और तीन कार्यकारिणी सदस्य पद आरक्षित करने पर सहमति बनी। इस कदम से महिलाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी होगी और उनकी नेतृत्व क्षमता को मंच मिलेगा। आगामी चुनाव और महिलाओं के लिए आरक्षणस्टेट बार काउंसिल के आगामी 12 मई को होने वाले 25 सदस्यीय चुनाव में महिलाओं के लिए सात पद आरक्षित किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, यह आरक्षण महिलाओं की बार में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और निर्णय प्रक्रिया में उनके योगदान को बढ़ाने के लिए लागू किया गया है।

नेपाल में नई सरकार का बड़ा एक्शन, पूर्व पीएम ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार

नई दिल्ली । नेपाल में नई सरकार के गठन के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में बनी सरकार ने शपथ लेने के महज 24 घंटे के भीतर ही सख्त कदम उठाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई जेन-जी प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मौत के मामले में की गई है, जिसमें इन दोनों नेताओं की भूमिका को जिम्मेदार माना गया था। जानकारी के अनुसार, बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का निर्णय लिया गया था, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई। रिपोर्ट में उल्लेख है कि प्रदर्शन के दौरान निहत्थे छात्रों पर गोली चलाई गई थी, जिससे कई छात्रों की जान गई। इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए सरकार ने सीधे सख्त कार्रवाई का रास्ता अपनाया। नेपाल के पूर्व गृह मंत्री और पूर्व पीएम गिरफ्तारसूत्रों के मुताबिक, सुबह सबसे पहले पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को हिरासत में लिया गया और उसके कुछ समय बाद पूर्व प्रधानमंत्री ओली को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई को नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सेना और पुलिस पर भी उठे सवालजांच आयोग की रिपोर्ट में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, फिलहाल सुरक्षा बलों के खिलाफ कोई सीधी कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार ने उनकी भूमिका की अलग से जांच के लिए एक नई समिति गठित करने का फैसला लिया है।