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Maninderjit Singh Bitta : राम मंदिर में दर्शन के बाद बिट्टा बोले भगवान को राजनीति से ऊपर रखें

   Maninderjit Singh Bitta : नई दिल्ली: अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने अयोध्या धाम पहुंचकर राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी और लोगों को एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में बिट्टा ने कहा कि वह वर्षों से भगवान राम और हनुमान जी के दर्शन करते आ रहे हैं और उनकी कृपा से ही उनका जीवन सुरक्षित रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा देश में शांति बनाए रखने का प्रयास किया और अपने जीवन में न गोली चलने दी न दंगे-फसाद होने दिए और न ही बम विस्फोट होने दिए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भगवान राम को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उनका साफ कहना था कि राम पहले हैं और सियासत बाद में। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को धर्म और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि समाज में एकता और शांति बनी रहे। बिट्टा ने अपने बयान में अनुच्छेद 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे देश को आतंकवाद से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उनके अनुसार ये फैसले राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को मजबूत करते हैं। उन्होंने अपनी पहचान को लेकर भी एक भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका धर्म भारत माता है और उनकी जाति वंदे मातरम् है। इस दौरान उन्होंने सिख समाज से भी अपील की कि वे खुलकर सामने आएं और देश विरोधी गतिविधियों का विरोध करें। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर ऐसे मुद्दों पर आवाज नहीं उठाएगा तब तक समस्याएं बनी रहेंगी। फिल्म धुरंधर में सिख किरदार को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का है और अब सच्चाई छिप नहीं सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए जिससे लोगों के सामने सही तथ्य आ सकें और इतिहास की वास्तविकता सामने आए। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने ईरान से जुड़े युद्ध के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे संघर्षों का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर भी पड़ता है जिसमें भारत भी अछूता नहीं रह सकता। बिट्टा का यह दौरा और बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। उनके संदेश को एकता और राष्ट्रहित के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

MP FUEL CRISES : प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर पैनिक खरीद की कोई आवश्यकता नहीं, स्टॉक पूरा उपलब्ध : मंत्री

  MP FUEL CRISES : भोपाल। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुधवार को स्पष्ट किया कि प्रदेश के पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह निर्बाध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि 24 मार्च 2026 को कुछ जिलों में अफवाह के कारण आम जनता के बीच पेट्रोल की पैनिक खरीद और पेट्रोल पंपों पर लंबी लाईनों की स्थिति बन गई थी लेकिन वास्तविकता यह है कि स्टॉक पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। मंत्री राजपूत ने कहा कि डिपो से पेट्रोल पंपों को नियमित आपूर्ति की जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराहट में न तो अतिरिक्त खरीदारी करें और न ही पेट्रोल या डीजल का संग्रह करें। उनका कहना था कि अफवाहें आम जनता को भ्रमित करने का साधन बन सकती हैं जबकि वास्तविक स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। ऑयल कंपनियों की ओर से भी पुष्टि की गई है कि वर्तमान में प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। राज्य स्तर से नियंत्रण कक्ष और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपूर्ति या स्टॉक से संबंधित समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। खाद्य मंत्री ने यह भी बताया कि पेट्रोल पंपों पर लगातार निगरानी की जा रही है और सभी पंप नियमित रूप से डिपो से सामग्री प्राप्त कर रहे हैं। जनता को सलाह दी गई कि अफवाहों के आधार पर कोई भी निर्णय न लें और पेट्रोल पंपों पर अनुचित भीड़ या झुंझलाहट पैदा न करें। प्रदेश सरकार की यह स्पष्टता उन लोगों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने अफवाहों के कारण पेट्रोल खरीद में असमंजस का सामना किया। मंत्री राजपूत ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए आपूर्ति प्रणाली पूरी तरह सक्षम और नियंत्रण में है। उन्होंने अपील की कि लोग सामान्य स्थिति बनाए रखें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। इस प्रकार खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की निरंतर निगरानी और ऑयल कंपनियों के त्वरित वितरण तंत्र ने सुनिश्चित किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो और सामान्य जीवन प्रभावित न हो।

LOTUS FLOWER BENEFITS : केवल बाहरी सौंदर्य ही नहीं, भीतर स्थिरता और संतुलन लाने में मदद करता है कमल का फूल

  LOTUS FLOWER BENEFITS : नई दिल्ली कमल को पूज्यनीय फूलों में गिना जाता है क्योंकि यह महालक्ष्मी को बहुत प्रिय है। मां लक्ष्मी की आराधना कमल के फूल से की जाती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि कमल का फूल औधषीय गुणों से भरपूर है। फूलों में सबसे सुंदर दिखने वाला कमल शुद्धता, शीतलता और संतुलन का प्रतीक है। आयुर्वेद में कमल को शीतल, मन को शांत और त्वचा और पेट को शांति देने वाला फूल माना जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक कमल केवल बाहरी सौंदर्य नहीं बढ़ाता बल्कि भीतर की स्थिरता और संतुलन का भी स्मरण कराता है। कीचड़ में जन्म लेने के बाद भी कमल में कई औषधीय गुण विद्यमान होते हैं, जो इसे बाकी सुंदर फूलों से अलग बनाते हैं। कमल पित्त को संतुलित करता है और शरीर में रक्त का संचार को भी ठीक करता है, जिससे हृदय पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। गर्मियों में पाचन की गड़बड़ी और ज्यादा तेलीय और तीखा खाने की वजह से पेट से जुड़े समस्याओं परेशान करने लगती है। गर्मियों में अतिसार की परेशानी आम है। ऐसे में कमल के पत्तों का ताजा रस पेट को ठंडक देकर अतिसार को रोकता है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए लाभकारी है। बवासीर की परेशानी में भी कमल का उपयोग लाभकारी माना गया है। आयुर्वेद में कमल के पत्तों का चूर्ण या कंद के चूर्ण को ठंडे दूध में मिलाकर दिन में दो बार लेना चाहिए। इससे पेट में शीतलता बनी रहती है और बवासीर की वजह से होने वाला मल से रक्त का रिसाव भी कम हो जाता है। हालांकि उसका इस्तेमाल शुरुआती स्टेज में ही करें। गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सक के पास जरूर जाएं। गर्मियों में तापमान बढ़ने की वजह से उच्च रक्तचाप की परेशानी आम है। इसके लिए कमल के फूल से बनी औषधि बाजार में आसानी से मिल जाती है। औषधि के साथ (चिकित्सक की सलाह पर) दूध का सेवन भोजन से पहले करें। औषधि का सेवन बिना चिकित्सक की सलाह के न करें। गर्मियों में यूटीआई और जलन की समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती है। दूषित पानी पीने या फिर कम पानी पीने की वजह से यूटीआई की परेशानी होती है। ऐसे में गुलकंद और दूध का सेवन यूटीआई में होने वाली जलन को कम करने में मदद करता है।

न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का धमाका: ICC T20 रैंकिंग में जबरदस्त उछाल

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की ताजा टी20 रैंकिंग में न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज ने शानदार प्रदर्शन के दम पर बड़ी टीम बनाई है। दक्षिण अफ्रीका की टी-20 सीरीज में मजबूत दावेदारी का सीधा-सीधा रैंकिंग देखने को मिला, जहां चार खिलाड़ियों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है। फर्ग्यूसन को सबसे अधिक लाभ, सियर्स और जैमीसन भी आगे बढ़ेअनुभवी टीम के विशेषज्ञ लॉकी फर्ग्यूसन को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। ऑकलैंड में शानदार स्पेल दिखाते हुए उन्होंने 9 रन, 1 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच बने। इस प्रदर्शन के दम पर वह 12 वें स्थान पर 39 वें स्थान पर पहुंचे। उनके दोस्त बेन सियर्स ने 20 ‍कड़ी की बड़ी बढ़त के साथ 59वां स्थान ‍हासिल ‍किया। वहीं काइल जैमीसन पांचवे स्थान पर ऊपरी मंजिल 76वें और जकारी फाउलकेस पांच स्थान पर ऊपरी मंजिल 81वें स्थान पर पहुंच गए हैं।दक्षिण अफ़्रीका को भी मिला फ़ायदाइस सीरीज का असर दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के टिकटों पर भी दिखता है। कैप्टन केशव महाराज पांच मंजिले पैमाने पर 47वें स्थान पर पहुंचे हैं। ओटनील बार्टमैन सात स्थान ऊपर ग्लास 66 वें और गेराल्ड कोएत्ज़ी 46 के बड़े पैमाने पर स्टॉक 88 वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अज़ेन और फ्लोटिंग रैंकिंग में भी बदलावस्टॉक रैंकिंग में जॉर्ज लिंडे एक स्थान पर शीर्ष 22 वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि सिकंदर रजा शीर्ष स्थान पर रहे। वैकल्पिक रैंकिंग में अभिषेक शर्मा पहले स्थान पर हैं और ईशान किशन पीछे हैं। सूर्यकुमार यादव दो सुपरमार्केट शोरूम बर्थ स्थान पर पहुंच गए हैं। कीवी बल्लेबाज टिम रॉबिन्सन ने भी सुधारवादी रैंकिंग कीटिम रॉबिन्सन ने भी अपनी प्रदर्शन रैंकिंग में सुधार किया है। वेलिंगटन में 32वें रन की पारी के बाद वह 34वें स्थान पर दूसरे स्थान पर पहुंच गईं। यह बदलाव टी20 सीरीज के हर मैच के खिलाड़ियों की रैंकिंग पर सीधा असर दिखाता है।

मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार अलर्ट खाद आपूर्ति सुचारू रखने और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

नई दिल्ली:शॉर्ट डिस्क्रिप्शनमध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने एक अहम समीक्षा बैठक कर देशभर में खाद आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए बैठक में आने वाले खरीफ सीजन की तैयारियों का भी विस्तार से आकलन किया गया कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि किसानों को समय पर खाद बीज और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि खेती का काम प्रभावित न हो मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश के हर हिस्से में खाद की उपलब्धता समान रूप से सुनिश्चित की जाए और सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट न आने पाए बैठक के दौरान फार्मर आईडी योजना को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया गया मंत्री का मानना है कि इससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी और वास्तविक किसानों तक संसाधन पहुंचाना आसान होगा उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी मंत्री ने खास तौर पर जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के समय कुछ तत्व अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है राज्य सरकारों को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है इसके अलावा बैठक में कृषि रसायनों और बीजों के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली गैसों की उपलब्धता की समीक्षा की गई साथ ही दूध और अन्य कृषि उत्पादों की पैकेजिंग के लिए जरूरी सामग्री की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया मंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए ताकि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी रहे सरकार ने कृषि क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल सेल भी गठित किया है यह सेल चौबीसों घंटे काम करेगा और हर सप्ताह खाद बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर रिपोर्ट सीधे मंत्री को सौंपेगा इससे किसी भी संभावित संकट का समय रहते समाधान किया जा सकेगा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें और अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों तक हर जरूरी संसाधन समय पर पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में देश के कृषि उत्पादन में करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीद सहित कई योजनाएं किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में लागू की जा रही हैं Tags Shivraj Singh Chouhan fertilizer supply India agriculture policy black marketing kharif season farmers support

IPL Orange Cap: इन 3 दिग्गज बल्लेबाजों का रहा दबदबा, जानिए किसने कितनी बार जीता खिताब

  IPL Orange Cap:  नई दिल्ली। IPL Orange Cap उस बल्लेबाज को दी जाती है, जो पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाता है। यह अवॉर्ड 2008 से शुरू हुआ और तब से हर साल बल्लेबाजों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। David Warner डेविड वॉर्नर IPL इतिहास के सबसे सफल ऑरेंज कैप विजेता माने जाते हैं। उन्होंने 2015, 2017 और 2019 में तीन बार यह खिताब अपने नाम किया है, जो अब तक का रिकॉर्ड है। उनकी खासियत लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और टीम को मजबूत शुरुआत देना रही है। वॉर्नर ने हर सीजन में अपनी बल्लेबाजी से यह साबित किया कि वह IPL के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं। Virat Kohli विराट कोहली का नाम भी ऑरेंज कैप (IPL Orange Cap) की लिस्ट में काफी ऊपर आता है। उन्होंने 2016 और 2024 में यह अवॉर्ड जीता। खास बात यह है कि 2016 में कोहली ने 973 रन बनाए, जो एक ही सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। हाल के वर्षों में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और वह लगातार रन बनाते हुए टॉप खिलाड़ियों में शामिल हैं। क्रिस गेल क्रिस गेल को IPL का सबसे विस्फोटक बल्लेबाज माना जाता है। उन्होंने 2011 और 2012 में लगातार दो बार ऑरेंज कैप जीती। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लंबे छक्कों के लिए वह दुनिया भर में मशहूर हैं। गेल ने IPL में कई यादगार पारियां खेलीं, जिसने उन्हें इस लिस्ट में खास जगह दिलाई। अन्य महत्वपूर्ण विजेता IPL में हर साल नए खिलाड़ी भी उभरकर सामने आते हैं। हाल के वर्षों में 2023 में शुभमन गिल, 2024 में विराट कोहली और 2025 में साई सुदर्शन ने ऑरेंज कैप जीती। इससे साफ है कि इस अवॉर्ड के लिए हर सीजन में नई टक्कर देखने को मिलती है। क्यों खास है यह अवॉर्ड? ऑरेंज कैप सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि बल्लेबाज की मेहनत, निरंतरता और क्लास का प्रतीक है। IPL में यह सम्मान पाना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यही इसे सबसे खास बनाता है।

Sensex boost: शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल: सेंसेक्स 1,205 अंकों की छलांग!

   Sensex boost: नई दिल्ली । रविवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरा शेयर बाजार तेजी से बंद हो गया। वनप्लस 1,205 एनके या 1.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,273.45 पर बंद हुआ, जबकि एन कंसल्टेंसी 394.05 एनके या 1.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,306.45 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफ़ा तेजी से देखने को मिली और लगभग सभी व्यापारी हरे निशान में बंद हो गए। विशेष रूप से मैकेनिकल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 3.51 प्रतिशत, मैक्सिकन रियल्टी 2.69 प्रतिशत, मेडीक लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप टुकड़ियों में भी जगह रही। मैडम मिडकैप 100 टुकड़े 1,244.05 अंक या 2.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 55,331.05 पर और प्रतिभावान मिडकैप 100 टुकड़े 401.35 अंक या 2.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,896.55 पर बंद हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स में अल्ट्राटेक वैलिडीज, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, टाइटन, इंडिगो, ट्रेंट, एमएंडएम, टाटा स्टील, एलसीडी, सन मेडिसिन, बजाज फिनसर्व, अदानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और रैम्स बैंक प्रमुख गेनर रह रहे हैं। वहीं, टेक महिंद्रा, पावर इलेक्ट्रानिक्स, टीसीएस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लूजर्स शामिल हैं। तेजी के शेयरों की सूची में सभी बैंकों का बाजार पूंजीकरण लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का उछाल 4.31 लाख करोड़ रुपये हो गया। मिथाइल कैथोलिक और डेरिवेटिव्स के प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि मिस्टिक ने लगातार दूसरे दिन रेजीडेंसी के साथ कारोबार शुरू किया और दिन के दौरान बढ़त के साथ बंद हो गया। उन्होंने कहा कि जादूगर 23,460-23,465 के बीच प्रतिद्वंद्वियों का सामना कर रहा है। अगर इस जोन को पार करता है तो यह 23,600 और फिर 23,800 तक जा सकता है। गिरावट की स्थिति में 23,150-23,100 लेवल सपोर्ट का काम करेंगे। विशेषज्ञ के अनुसार, बाजार में तेजी का मुख्य कारण कच्चे तेल की उपज में गिरावट, वैश्विक बाजारों और ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव में कमी मानी जा रही है। इन ऑब्जेक्ट्स से सुपरमार्केट में खरीदारी का रूझान बढ़ा और भारतीय शेयर बाजार में स्टॉक मार्केट देखने को मिला।

DHURANDHAR 2: एनिमल को पीछे छोड़ धुरंधर 2 बनी बॉक्स ऑफिस की नई बादशाह रणवीर सिंह का जलवा कायम

  DHURANDHAR 2: नई दिल्ली: बॉलीवुड के सुपरस्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्म धुरंधर 2 को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि यह कमाई की बुलेट ट्रेन बन चुकी है और हर दिन नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के महज 6 दिनों में ही शानदार कमाई करते हुए इंडिया ग्रॉस ₹692.67 करोड़ और इंडिया नेट ₹580.11 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। खास बात यह है कि फिल्म का थिएट्रिकल रन अभी जारी है और इसके कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अगर तुलना करें तो रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल ने अपने पूरे लाइफटाइम में ₹553.87 करोड़ का इंडिया नेट कलेक्शन किया था। ऐसे में धुरंधर 2 ने सिर्फ एक हफ्ते से भी कम समय में इस आंकड़े को पार कर लिया है जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। लेकिन यह सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है। धुरंधर 2 को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है। फिल्म में रणवीर सिंह की दमदार एक्टिंग, इमोशनल डेप्थ और मास अपील ने इसे एक बड़े सिनेमाई इवेंट में बदल दिया है। हर सीन में उनकी मौजूदगी और परफॉर्मेंस दर्शकों को बांधे रखती है। इस फिल्म के जरिए रणवीर सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक स्टार नहीं बल्कि एक ऐसे अभिनेता हैं जो हर बार खुद को नए स्तर पर ले जाते हैं। उनकी यह फिल्म न सिर्फ भारत में बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में भी शानदार प्रदर्शन कर रही है। एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि रणवीर सिंह अब ऐसे इकलौते भारतीय अभिनेता बन गए हैं जिनकी चार फिल्मों ने नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया है। यह उनके बढ़ते ग्लोबल स्टारडम को साफ दर्शाता है। धुरंधर 2 की सफलता ने यह भी दिखा दिया है कि सही कंटेंट और दमदार परफॉर्मेंस के साथ कोई भी फिल्म रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह फिल्म अपने लाइफटाइम में और कितने बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करती है। 🔖 English Tags Ranveer Singh, Dhurandhar 2 Box Office, Bollywood Collection, Animal Movie Record, Indian Cinema

IMEC strategic strengthening : भारत-इजरायल साझेदारी से IMEC मजबूत, चीन की पकड़ को संतुलित करने की रणनीति

   IMEC strategic strengthening : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायली यात्रा ने भारत और इजरायल के नागरिकों और आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया है। ‘द जेरूसलम स्ट्रेटेजिक ट्रिब्यून’ में प्रकाशित लेख के अनुसार, यह कदम भारत की व्यापक नागरिक सोच का हिस्सा है, जिसमें चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करना और पश्चिमी देशों के साथ समन्वय बढ़ाना शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने कनेसेट में अपने भाषण में संकेत दिया कि भारत स्थिर और भरोसेमंद सहयोगियों के साथ सहयोग बढ़ाकर अपनी नागरिकता स्वतंत्रता मजबूत करना चाहता है। इस योजना का केंद्र भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) है। आईएमईसी केवल व्यापारिक मार्ग नहीं है, बल्कि इसे चीन की बेल्ट एंड रोड पहल (बीआरआई) का संतुलित विकल्प माना जा रहा है। इसका उद्देश्य एशिया और यूरोप के बीच व्यापार और ऊर्जा पर चीन के प्रभाव को कम करना है। लेख में बताया गया है कि चीन ने परिवहन, ऊर्जा और टेलीकॉम सेक्टर में बड़े निवेश से कई देशों में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। इसके जवाब में आईएमईसी इंटर्नशिप, साझेदारी और साझा हितों को प्राथमिकता देता है। भारत के लिए इस कॉरिडोर में इजरायल और ग्रीस जैसे देश अहम हैं, जो स्थिर व्यवस्था और तकनीकी क्षमता प्रदान करते हैं। हालांकि, चीन के पास पहले से ही कई बड़े प्रोजेक्ट जैसे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा और ग्वादर पोर्ट हैं, साथ ही ईरान और खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंध भी उसकी ताकत बढ़ाते हैं। आईएमईसी के सामने चुनौती सिर्फ चीन का विकल्प प्रस्तुत करने की नहीं, बल्कि खुद को भरोसेमंद और टिकाऊ मॉडल साबित करने की है। लेख के अनुसार, इस कॉरिडोर की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह सुरक्षित, निष्पक्ष और सभी देशों के हितों को संतुलित करने वाला सिस्टम बन सके। इस पहल से भारत अपने दुश्मनों और आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए वैश्विक परिदृश्य में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।

लोकभवन के नए प्रवेश द्वार से सुदृढ़ हुई प्रशासनिक गरिमा, राज्यपाल ने उद्घाटन किया

भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बुधवार को लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने भारत माता के जयघोष के साथ फीता काटकर नए द्वार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकभवन प्रदेश की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक है और इसके प्रवेश द्वारों का सुव्यवस्थित तथा सुदृढ़ होना न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि राज्य की सांस्कृतिक स्थापत्य पहचान को भी सशक्त करता है। राज्यपाल पटेल ने संबंधित विभागों की इस परियोजना के लिए सराहना की और कहा कि राज्य की सांस्कृतिक विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए द्वारों का निर्माण किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सुदृढ़ और आकर्षक प्रवेश द्वार लोकभवन परिसर की प्रतिष्ठा में इजाफा करते हैं और आम जनता तथा अधिकारियों के लिए परिसर को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 और 2 के जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत लगभग 98 लाख 65 हजार रुपये रही। इन कार्यों में संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखा गया है। इसके परिणामस्वरूप परिसर का स्वरूप और अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और सुरक्षित हो गया है। राज्यपाल पटेल ने अप्रैल 2025 में लोकभवन के दोनों प्रवेश द्वारों के जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन किया था और पूजा-अर्चना के साथ निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। प्रवेश द्वार क्रमांक-1 का लोकार्पण पिछले वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर किया गया था। उसके बाद क्रमांक-2 का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ हुआ और अब उसका लोकार्पण किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, विशेष कर्तव्य अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय मस्के, वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से लोकभवन परिसर का स्वरूप न केवल प्रशासनिक दृष्टि से सुरक्षित हुआ है बल्कि सौंदर्य और सुविधाओं के दृष्टिकोण से भी इसे नया रूप मिला है। राज्यपाल ने सभी अधिकारियों और कर्मियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि लोकभवन जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में संरचनात्मक और सुरक्षा संबंधी सुधार प्रदेश की प्रशासनिक छवि को मजबूत करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी ऐसे विकास कार्यों के माध्यम से लोकभवन और अन्य सरकारी परिसरों का स्वरूप और अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनेगा।