महाकाल क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम तेज, 16 अवैध इमारतें ध्वस्त

उज्जैन । उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के आसपास अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र के समीप स्थित 16 अवैध मकानों को जमींदोज कर दिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई। इससे पहले भी प्रशासन द्वारा 42 अवैध मकानों को हटाया जा चुका है, जिससे यह स्पष्ट है कि महाकाल क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान लगातार जारी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई उज्जैन विकास प्राधिकरण की भूमि पर किए गए अवैध व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ की गई। प्रशासन को लंबे समय से इन निर्माणों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जांच कर इन्हें अवैध घोषित किया गया। इसके पश्चात नियमानुसार नोटिस जारी कर संबंधित लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन समय सीमा में पालन नहीं होने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया। सुबह से ही शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आधा दर्जन से अधिक पोकलेन और बुलडोजर मशीनों की सहायता से एक-एक कर अवैध इमारतों को ढहाया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई। प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल अवैध निर्माणों के खिलाफ है और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले महाकाल क्षेत्र के आसपास किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस क्षेत्र की गरिमा और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कुछ लोगों ने प्रशासन के इस कदम को उचित ठहराते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की व्यवस्था सुधरेगी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी, वहीं प्रभावित लोगों ने इसे लेकर असंतोष भी जताया। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए ही की गई है। महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर के आसपास सुव्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त वातावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में महाकाल क्षेत्र में और भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस अभियान से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
20 लाख से अधिक की चोरी का पर्दाफाश, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

बैतूल । बैतूल जिले के आमला थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकबजनी की एक बड़ी वारदात का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि चोरी की इस घटना को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि फरियादी का करीबी रिश्तेदार ही निकला। इस घटना ने न केवल क्षेत्र में सनसनी फैला दी बल्कि लोगों के बीच भरोसे और रिश्तों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार कुछ समय पूर्व आमला क्षेत्र में एक घर में नकबजनी की घटना सामने आई थी, जिसमें अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों तथा संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ना शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर संदेह का दायरा घर के नजदीकी लोगों तक पहुंचा। जब संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई तो एक रिश्तेदार की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने चोरी की पूरी घटना को कबूल कर लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे घर की पूरी जानकारी थी और इसी का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया। उसे यह भी पता था कि घर में कहां कीमती सामान रखा है और कब घर में लोग मौजूद नहीं होंगे। इसी जानकारी के आधार पर उसने योजनाबद्ध तरीके से नकबजनी की घटना को अंजाम दिया और चोरी के सामान को छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में मशरूका बरामद किया है, जिसमें सोने-चांदी के जेवर, नगदी और बैंक खाते में जमा राशि शामिल है। कुल मिलाकर 20 लाख 85 हजार 200 रुपये की संपत्ति बरामद की गई है, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बनाती है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले का खुलासा टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच के कारण संभव हो सका। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस वारदात को अकेले अंजाम दिया या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कई बार अपराधी बाहरी नहीं बल्कि अपने ही बीच छिपे होते हैं। रिश्तों की आड़ में विश्वास हासिल कर अपराध को अंजाम देना समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अपने घरों की सुरक्षा के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखें।
जल जीवन मिशन 2.0 से खुलेगा 3 लाख करोड़ का बड़ा बाजार अब फोकस होगा सेवा और मेंटेनेंस पर

नई दिल्ली:देश में हर घर तक साफ पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सरकार केवल पाइपलाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अब फोकस पानी की निरंतर सप्लाई और उसके बेहतर रखरखाव पर किया जा रहा है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से ऑपरेशन और मेंटेनेंस यानी ओएंडएम सेक्टर में करीब 3 लाख करोड़ रुपये के बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं रिपोर्ट में बताया गया है कि इस योजना का कुल बजट बढ़कर 8.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसके साथ ही मिशन को अब सर्विस-डिलीवरी मॉडल में बदला जा रहा है, जिससे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन यानी EPC सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। इसका मतलब है कि कंपनियों को अब सिर्फ प्रोजेक्ट बनाने तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि उन्हें लंबे समय तक सेवाएं भी देनी होंगी इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण असर भुगतान व्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है। अभी कई राज्यों में कंपनियों को भुगतान मिलने में 6 महीने से ज्यादा का समय लग जाता है, लेकिन सरकार ने इसे सुधारते हुए सितंबर 2026 तक भुगतान अवधि को घटाकर 60 दिन से कम करने का लक्ष्य तय किया है। इससे सेक्टर में कैश फ्लो बेहतर होगा और कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 100 प्रतिशत नल कनेक्शन देने की समयसीमा को भी 2024 से बढ़ाकर दिसंबर 2028 कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय गुणवत्ता और स्थायित्व पर ज्यादा ध्यान दिया जाए रिपोर्ट के अनुसार, इस मिशन से पीवीसी और एचडीपीई पाइप बनाने वाली संगठित कंपनियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, जिन कंपनियों के पास मजबूत तकनीक, बेहतर सर्विस नेटवर्क और ऊर्जा दक्ष समाधान हैं, वे इस बदलाव का ज्यादा फायदा उठा पाएंगी हालांकि, रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 2025-26 के बाद बजट आवंटन और वास्तविक खर्च के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि योजना के क्रियान्वयन में अभी भी कुछ चुनौतियां मौजूद हैं। इसी कारण अब सरकार टिकाऊ और प्रभावी सेवा देने वाले मॉडल पर जोर दे रही है गौरतलब है कि इस योजना की शुरुआत अगस्त 2019 में हुई थी, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना था। अब तक इस योजना के तहत नल कनेक्शन वाले घरों की संख्या में करीब पांच गुना वृद्धि हुई है और फरवरी 2026 तक ग्रामीण कवरेज 81 प्रतिशत से अधिक हो चुका है फिर भी कई क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता और नियमित सप्लाई को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब इस योजना को अपग्रेड कर सेवा आधारित मॉडल अपनाने का फैसला किया है जल जीवन मिशन 2.0 के तहत डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे सुजलम भारत प्लेटफॉर्म के जरिए पानी की सप्लाई और गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी। साथ ही ग्राम पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं की भूमिका को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि जल आपूर्ति को एक स्थायी और विश्वसनीय सार्वजनिक सेवा के रूप में विकसित किया जा सके यह बदलाव न केवल देश के जल प्रबंधन सिस्टम को मजबूत करेगा, बल्कि उद्योगों और कंपनियों के लिए भी एक बड़े आर्थिक अवसर के रूप में सामने आ रहा है
OnePlus Nord 6 में मिलेगा 9000mAh बैटरी और Snapdragon 8 Gen 4 जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली:स्मार्टफोन बाजार में एक और बड़ा धमाका करने की तैयारी में OnePlus अपना नया मिड-प्रीमियम डिवाइस OnePlus Nord 6 जल्द ही भारत में लॉन्च करने जा रहा है। कंपनी ने पुष्टि की है कि इस फोन के पूरे स्पेसिफिकेशंस 7 अप्रैल को शाम 7 बजे जारी किए जाएंगे, जिससे टेक लवर्स के बीच इसका इंतजार और बढ़ गया है OnePlus Nord 6 को खास तौर पर मॉडर्न यूजर्स और गेमिंग एक्सपीरियंस को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें क्वालकॉम का लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 4 chipset दिया गया है, जो 4nm प्रोसेस पर आधारित है और हाई-एंड परफॉर्मेंस देने में सक्षम है। यह प्रोसेसर एडवांस कोर आर्किटेक्चर के साथ आता है, जिससे फोन तेज और स्मूद काम करता है गेमिंग के शौकीनों के लिए यह फोन खास साबित हो सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह BGMI, Call of Duty Mobile और Free Fire MAX जैसे पॉपुलर गेम्स में लगातार 165FPS तक का गेमप्ले दे सकता है, जो इसे अपने सेगमेंट में अलग बनाता है। साथ ही एड्रेनो GPU और नई एज टेक्नोलॉजी गेमिंग को और बेहतर बनाती है डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 165Hz रिफ्रेश रेट के साथ 1.5K AMOLED सनबर्स्ट HDR डिस्प्ले दी गई है, जो बेहद स्मूद विजुअल्स और शानदार ब्राइटनेस प्रदान करती है। इसमें 1800 निट्स तक हाई ब्राइटनेस मोड और 3600 निट्स तक पीक HDR ब्राइटनेस मिलती है, जिससे आउटडोर और HDR कंटेंट देखने का अनुभव शानदार हो जाता है इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 9000mAh की विशाल बैटरी है, जो इस सेगमेंट में सबसे बड़ी मानी जा रही है। कंपनी के अनुसार यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर सामान्य उपयोग में 2.5 दिन तक चल सकती है। इसके अलावा यह 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है, जिससे फोन लगभग 70 मिनट में फुल चार्ज हो सकता है। इसमें 27W रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे आप दूसरे डिवाइसेस को भी चार्ज कर सकते हैं कनेक्टिविटी के लिए इसमें G2 वाई-फाई चिप दी गई है, जो बेहतर नेटवर्क परफॉर्मेंस सुनिश्चित करती है। इसके अलावा फोन तीन कलर ऑप्शन होलोग्राफिक क्विक सिल्वर, फ्रेश मिंट और पिच ब्लैक में उपलब्ध होगा, जो यूजर्स को स्टाइलिश डिजाइन का विकल्प देता है OnePlus Nord 6 एक पावरफुल ऑलराउंडर स्मार्टफोन के रूप में सामने आ रहा है, जो बैटरी, गेमिंग और परफॉर्मेंस के मामले में नए स्टैंडर्ड सेट कर सकता है TagsOnePlus, Nord6, Smartphone, TechNews, GamingPhone
चांद मिशन में नई टेक्नोलॉजी NASA ट्रैक करेगा एस्ट्रोनॉट्स की हेल्थ और बिहेवियर

नई दिल्ली: अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग कर रहा NASA अब अपने आने वाले Artemis II मिशन को और भी खास बनाने जा रहा है। यह मिशन केवल चांद की यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत और व्यवहार को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण रिसर्च भी शामिल की गई है। Artemis II mission को 2 अप्रैल 2026 को लॉन्च करने की तैयारी है और यह Apollo मिशनों के बाद पहली बार होगा जब इंसान लो-अर्थ ऑर्बिट से बाहर डीप स्पेस में जाएगा। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री Orion कैप्सूल के जरिए चांद के आसपास की यात्रा करेंगे और करीब 10 दिनों तक अंतरिक्ष में रहेंगे। यह मिशन भविष्य में इंसानों की चांद पर वापसी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मिशन की सबसे खास बात है “Archer” स्टडी, जिसका पूरा नाम Artemis Research for Crew Health and Readiness है। इसके तहत सभी अंतरिक्ष यात्रियों को एक खास रिस्टबैंड पहनाया जाएगा। यह बैंड उनकी नींद, स्ट्रेस लेवल, मूवमेंट और व्यवहार से जुड़ा डेटा रियल-टाइम में रिकॉर्ड करेगा। इस डेटा के जरिए वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश करेंगे कि डीप स्पेस का वातावरण इंसानों के दिमाग और शरीर पर किस तरह असर डालता है। मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्रियों में Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen शामिल हैं। इन सभी के डेटा को मिशन से पहले, मिशन के दौरान और मिशन के बाद इकट्ठा किया जाएगा, जिससे उनके काग्निटिव परफॉर्मेंस, टीमवर्क और बिहेवियर को बेहतर तरीके से समझा जा सके। डीप स्पेस मिशन लो-अर्थ ऑर्बिट मिशनों की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं। लंबे समय तक पृथ्वी से दूर रहना, सीमित संसाधन और अलग-थलग वातावरण अंतरिक्ष यात्रियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव डाल सकता है। ऐसे में यह स्टडी भविष्य के मिशनों, खासकर Mars मिशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। NASA के Human Research Program के तहत जुटाया गया यह डेटा आने वाले समय में नई टेक्नोलॉजी और बेहतर सेफ्टी प्रोटोकॉल तैयार करने में मदद करेगा। इससे अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा और उनकी कार्यक्षमता दोनों को बेहतर बनाया जा सकेगा। NASA की साइकोलॉजिस्ट Suzanne Bell के अनुसार यह रिसर्च यह समझने में मदद करेगी कि अंतरिक्ष यात्री टीम के रूप में कैसे काम करते हैं और मिशन कंट्रोल के साथ उनका तालमेल कैसा रहता है।Artemis II मिशन सिर्फ एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं, बल्कि इंसानी क्षमता और व्यवहार को समझने की दिशा में एक बड़ा वैज्ञानिक कदम है, जो भविष्य में लंबी अंतरिक्ष यात्राओं को सुरक्षित और सफल बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है
वृंदावन में जीवनदीप आश्रम लोकार्पित, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 के लिए संतों को किया आमंत्रित

भोपाल । भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वृंदावन में जीवनदीप आश्रम के लोकार्पण अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश और मथुरा वृंदावन गोकुल क्षेत्र के बीच हजारों वर्षों से जीवंत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने बृज में अपने पराक्रम का परिचय देने के बाद उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी और इसी कारण उनके विराट व्यक्तित्व के निर्माण में उज्जयिनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार मथुरा और गोकुल सनातन परंपरा के केंद्र हैं उसी प्रकार मध्यप्रदेश भी सनातन विचारधारा के संरक्षण और विस्तार में निरंतर योगदान देता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि जीवनदीप आश्रम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आशा करुणा और सेवा का प्रकाश स्तंभ बनेगा। यह आश्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा और मानवता की सेवा के लिए एक प्रेरणादायी केंद्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने इस अवसर पर सनातन धर्म और जीवन दर्शन पुस्तक का विमोचन भी किया और कहा कि यह ग्रंथ समाज को सही दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम में देश के अनेक संत और आध्यात्मिक गुरु उपस्थित रहे जिनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्र आनंद गिरि अवधेशानंद गिरि और साध्वी ऋतंभरा प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके साथ ही आरिफ मोहम्मद खान भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए सभी संतों को उज्जैन आने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का वैश्विक मंच है। संतों की उपस्थिति इस आयोजन को और अधिक भव्य और दिव्य बनाएगी। इस अवसर पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि आज विश्व के कई देशों की व्यवस्थाएं डगमगा रही हैं लेकिन सनातन धर्म और संस्कृति ने अनेक चुनौतियों के बावजूद अपनी गरिमा बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि इसमें संतों और आश्रमों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है जो समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। साध्वी ऋतंभरा ने अपने संबोधन में कहा कि जीवनदीप आश्रम वृंदावन की आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ी बाधा बाहरी नहीं बल्कि आंतरिक होती है और यदि व्यक्ति मनसा वाचा कर्मणा पूर्ण समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़े तो कोई भी शक्ति उसे सफलता प्राप्त करने से नहीं रोक सकती। आरिफ मोहम्मद खान ने भारतीय संस्कृति की ज्ञान परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि जीवनदीप आश्रम भविष्य में ज्ञान के संरक्षण और संवर्धन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि हमारे संतजन सदैव जनकल्याण और समाज सेवा के लिए समर्पित रहे हैं और यह आश्रम भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश सरकार संत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। जीवनदीप आश्रम का लोकार्पण इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है जो समाज में सेवा करुणा और आध्यात्मिकता के मूल्यों को सशक्त करेगा।
विंध्य क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अधोसंरचना परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश, उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल । भोपाल में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में विंध्य क्षेत्र में चल रही सड़क फ्लाइओवर और पुल-पुलिया निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सुदृढ़ और प्रभावी अधोसंरचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की मॉनिटरिंग नियमित और प्रभावी रूप से की जाए ताकि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण हो सके। बैठक में रीवा फ्लाइओवर संस्कृत विश्वविद्यालय लक्ष्मण बाग के समीप प्रस्तावित एप्रोच रोड मऊगंज बायपास और मऊगंज–पटेरा औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क सहित अन्य प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति प्रगति और शेष कार्य पर विस्तृत चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों में अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र हल किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर की स्वीकृतियों भूमि संबंधी मुद्दों तकनीकी अड़चनों और मैदानी समस्याओं की पहचान कर त्वरित और यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने क्षेत्र के औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। बेहतर सड़क संपर्क और परिवहन सुविधाएं निवेश आकर्षित करने में सहायक होंगी जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री ने अधोसंरचनात्मक विकास को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल बताया और कहा कि सभी परियोजनाओं का समयबद्ध पूर्ण होना विंध्य क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की प्रगति नियमित रूप से रिपोर्ट की जाए और किसी भी बाधा को तुरंत दूर किया जाए। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुखवीर सिंह सहित संबंधित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों से कहा कि अधोसंरचना विकास केवल सड़क और पुल निर्माण तक सीमित नहीं है बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की रीढ़ है। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता से न केवल जनता को लाभ मिलेगा बल्कि क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने बैठक का समापन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विंध्य क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। अधोसंरचना परियोजनाओं को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना इस प्रयास का अहम हिस्सा है और यह क्षेत्र की दीर्घकालीन प्रगति सुनिश्चित करेगा।
Vivo X300s के फीचर्स लीक दमदार कैमरा और बड़ी बैटरी के साथ आएगा नया फोन

नई दिल्ली: स्मार्टफोन मार्केट में लगातार नए और एडवांस फीचर्स के साथ कंपनियां अपने डिवाइसेज पेश कर रही हैं और इसी कड़ी में Vivo अपना नया स्मार्टफोन Vivo X300s लॉन्च करने की तैयारी में है। यह फोन कंपनी की X सीरीज का हिस्सा होगा और इसमें कई हाई-एंड स्पेसिफिकेशंस देखने को मिल सकते हैं, जो इसे प्रीमियम कैटेगरी में मजबूती से खड़ा करते हैं लीक्स और रिपोर्ट्स के अनुसार इस फोन में 200 मेगापिक्सल का दमदार रियर कैमरा दिया जा सकता है, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगा। इसके अलावा 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा भी मिलने की संभावना है, जिससे सेल्फी और वीडियो कॉलिंग का अनुभव और बेहतर हो जाएगा। कैमरा सेगमेंट में यह फोन काफी पावरफुल साबित हो सकता है और यह हाई-क्वालिटी इमेज और वीडियो कैप्चर करने में सक्षम हो सकता है Vivo X300s की एक और बड़ी खासियत इसकी 7,100mAh की विशाल बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने का दावा करती है। इसके साथ 90W फास्ट चार्जिंग और 40W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल सकता है, जिससे फोन को जल्दी चार्ज किया जा सकेगा। यह फीचर खासकर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो दिनभर फोन का अधिक उपयोग करते हैं डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.78 इंच की बड़ी स्क्रीन मिलने की उम्मीद है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगी। इसका मतलब है कि यूजर्स को बेहद स्मूद स्क्रॉलिंग और बेहतर गेमिंग एक्सपीरियंस मिलेगा। साथ ही 1.5K रेजोल्यूशन वाली BOE Q10+ फ्लैट स्क्रीन इसे और भी प्रीमियम बनाती है सुरक्षा के लिहाज से भी यह फोन काफी एडवांस होगा, जिसमें 3D अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट 2.0 तकनीक दी जा सकती है। इसके अलावा फोन को IP68 और IP69 रेटिंग मिल सकती है, जिससे यह धूल और पानी से सुरक्षित रहेगा परफॉर्मेंस और अन्य फीचर्स की बात करें तो इसमें USB 3.2 पोर्ट, 1511 सिमेट्रिकल ड्यूल स्पीकर और 751440 X-एक्सिस मोटर जैसे फीचर्स भी शामिल हो सकते हैं, जो यूजर्स को एक प्रीमियम और इमर्सिव अनुभव देंगे फोन के लॉन्च की बात करें तो इसे चीन में 30 मार्च को पेश किए जाने की उम्मीद है, जहां यह Vivo X300 Ultra और Vivo Pad 6 Pro के साथ लॉन्च हो सकता है। यह फोन कई स्टोरेज और RAM वेरिएंट्स में उपलब्ध हो सकता है, जिससे यूजर्स अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे Vivo X300s एक पावरफुल और फीचर-रिच स्मार्टफोन साबित हो सकता है, जो कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस के मामले में यूजर्स को बेहतरीन अनुभव देने का वादा करता है
AI डेवलपमेंट पर रोक की मांग Stop the AI Raceप्रोटेस्ट ने छेड़ी बड़ी बहस

नई दिल्ली:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच अब इसके खिलाफ विरोध की आवाजें भी तेज होती जा रही हैं। हाल ही में अमेरिका के San Francisco में Stop the AI Raceनाम के एक समूह ने बड़ा प्रदर्शन किया, जहां दर्जनों लोगों ने प्रमुख AI कंपनियों के दफ्तरों के बाहर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इस प्रदर्शन में Anthropic, OpenAI और xAI जैसी कंपनियों के खिलाफ आवाज उठाई गई और इनके मुख्यालयों के बाहर मार्च भी किया गया प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग यह थी कि एडवांस्ड या फ्रंटियर AI सिस्टम्स के विकास पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जाए। उनका मानना है कि इस तरह की तकनीक तेजी से विकसित हो रही है और इसके संभावित खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समूह के लीडर Michael Trazzi के अनुसार उनका उद्देश्य कंपनियों को एक कंडीशनल पॉजपर सहमत कराना है, जिससे AI के विकास को कुछ समय के लिए रोका जा सके और इसके प्रभावों का बेहतर आकलन किया जा सके प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अत्याधुनिक AI सिस्टम्स भविष्य में ऐसे स्तर तक पहुंच सकते हैं जहां वे खुद को सुधारने और AI रिसर्च को ऑटोमेट करने में सक्षम होंगे। यह स्थिति इंसानों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। उनका दावा है कि यह चिंता केवल एक्टिविस्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि कई AI विशेषज्ञ और इंडस्ट्री के लीडर्स भी इन जोखिमों को लेकर चेतावनी दे चुके हैं यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका में AI के लिए पॉलिसी और रेगुलेशन पर व्यापक चर्चा चल रही है। हाल ही में व्हाइट हाउस ने AI को लेकर एक नया फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर एक समान नीति तैयार करना है। इस फ्रेमवर्क में बच्चों की सुरक्षा और कंपनियों की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है टेक एक्सपर्ट Ahmed Banafa ने इस मुद्दे की तुलना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के पुराने रेगुलेशन से की, जहां पहले कंपनियों को काफी छूट दी गई थी और अब उसके परिणाम सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर AI के मामले में समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं वहीं California के स्टेट सीनेटर Scott Wiener ने इस तरह के दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि AI जैसे संवेदनशील क्षेत्र में संतुलित नीति की जरूरत है। उनका मानना है कि इनोवेशन को रोकना समाधान नहीं है, बल्कि मजबूत और जिम्मेदार रेगुलेशन के जरिए इसे सुरक्षित बनाया जा सकता है इससे पहले अमेरिकी प्रशासन ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया था, जिसमें राज्यों को अपने अलग-अलग AI कानून बनाने से रोका गया और राष्ट्रीय स्तर पर एक समान नियम बनाने पर जोर दिया गया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि AI को लेकर सरकार और समाज दोनों स्तरों पर गंभीर चर्चा चल रही हैStop the AI Raceप्रोटेस्ट यह संकेत देता है कि AI अब केवल टेक्नोलॉजी का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सामाजिक, नैतिक और पॉलिसी से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिस पर दुनिया भर में बहस तेज होती जा रही है
आंगनवाड़ी के माध्यम से शाला पूर्व शिक्षा को सशक्त बनाने की नई पहल

भोपाल । भोपाल में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित विद्यारंभ समारोह में बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक पाठशाला हैं जहाँ पोषण और शिक्षा दोनों का समग्र ध्यान रखा जाता है। प्रदेश के 97 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 10 लाख बच्चे आंगनवाड़ी से आगे बढ़कर औपचारिक स्कूल शिक्षा की ओर कदम रख रहे हैं। नेहरू नगर आंगनवाड़ी क्रं. 1061 में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं और बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र केवल बच्चों की देखभाल का स्थान नहीं बल्कि मातृ शिशु स्वास्थ्य पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का समन्वित केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि यहां गर्भवती महिलाओं के पंजीयन से लेकर बच्चों के जन्म और छह वर्ष की आयु तक पोषण स्वास्थ्य और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में “पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है जिससे बच्चों को खेल खेल में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जाती है। मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि 3 से 6 वर्ष की आयु में बच्चों का शारीरिक बौद्धिक सामाजिक और भावनात्मक विकास आंगनवाड़ी केन्द्रों में विशेष ध्यान का विषय होता है। इसके आधार पर बच्चे आगे विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार होते हैं। भारत सरकार के निर्देशानुसार अब आंगनवाड़ी में 3 वर्ष की प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने वाले बच्चों को विद्यारंभ प्रमाणपत्र प्रदान किया जा रहा है जिससे उनकी शाला पूर्व शिक्षा को औपचारिक मान्यता मिल सके। उपलब्धि के इस अवसर पर मंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे मातृ शिशु स्वास्थ्य पोषण और शिक्षा जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन समर्पण और लगन के साथ कर रही हैं। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप हर वर्ष लाखों बच्चे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं। सचिव महिला बाल विकास श्रीमती जी. वी. रश्मि ने इस अवसर पर कहा कि विद्यारंभ प्रमाणपत्र केवल एक दस्तावेज़ नहीं है बल्कि बच्चों की शिक्षा यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी की अनौपचारिक शिक्षा से प्राथमिक विद्यालय की औपचारिक शिक्षा में बच्चों का सहज और आनंदपूर्वक प्रवेश सुनिश्चित करना है। उन्होंने माता पिता विशेषकर पिता की भूमिका को बच्चों के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सचिव श्रीमती रश्मि ने यह भी कहा कि यह पहल राष्ट्रीय ECCE नीति 2013 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल परिवार और समुदाय में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी बल्कि बच्चों के स्कूल में प्रवेश और उनकी शैक्षणिक निरंतरता को भी बल मिलेगा। कार्यक्रम में मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए जबकि उनके अभिभावकों ने आंगनवाड़ी में शिक्षा और पोषण से हुए बदलावों के अनुभव साझा किए। इस प्रकार विद्यारंभ उत्सव ने बच्चों परिवार और समाज में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।