स्पेसएक्स की ऐतिहासिक एंट्री, पहले ही दिन शेयरों में जोरदार उछाल; मार्केट वैल्यू ने बनाया नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली । एलन मस्क की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी स्पेसएक्स ने शेयर बाजार में ऐतिहासिक शुरुआत करते हुए निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। लंबे समय से प्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम के बाद कंपनी के शेयरों में पहले ही कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे यह वर्ष की सबसे चर्चित बाजार घटनाओं में शामिल हो गई। लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों ने मजबूत प्रदर्शन किया और शुरुआती निवेशकों को उल्लेखनीय लाभ मिला। कारोबार के अंत तक शेयर अपने निर्गम मूल्य से काफी ऊपर बंद हुए। इस तेजी के परिणामस्वरूप कंपनी का कुल बाजार मूल्य रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और वह दुनिया की सबसे मूल्यवान सार्वजनिक कंपनियों की सूची में शामिल हो गई। स्पेसएक्स के सार्वजनिक निर्गम को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। संस्थागत और खुदरा दोनों वर्गों के निवेशकों ने इसमें बड़ी रुचि दिखाई। उपलब्ध शेयरों की तुलना में कई गुना अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर उत्साह काफी मजबूत है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेसएक्स की लोकप्रियता का प्रमुख कारण उसका तेजी से विस्तार करता अंतरिक्ष कारोबार, सैटेलाइट सेवाएं और उन्नत तकनीकी परियोजनाएं हैं। हाल के वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य की तकनीकों को लेकर निवेशकों की बढ़ती रुचि ने भी कंपनी के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया है। कंपनी की बाजार में मजबूत शुरुआत का लाभ उसके संस्थापक एलन मस्क को भी मिला। कंपनी में उनकी बड़ी हिस्सेदारी के कारण उनकी कुल संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस घटनाक्रम ने वैश्विक कारोबारी जगत में उनकी स्थिति को और मजबूत किया है। हालांकि कुछ बाजार विश्लेषकों ने कंपनी के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका मानना है कि कंपनी के वर्तमान वित्तीय प्रदर्शन और बाजार मूल्य के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। ऐसे में भविष्य में निवेशकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण चुनौती हो सकता है। इसके बावजूद बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि निवेशक स्पेसएक्स को केवल एक अंतरिक्ष कंपनी के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक, नवाचार और वैश्विक कनेक्टिविटी के बड़े अवसरों के रूप में देख रहे हैं। यही कारण है कि कंपनी ने अपने पहले ही दिन शेयर बाजार में मजबूत पहचान बनाते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से बाजार में लौटी तेजी, इस सप्ताह सेंसेक्स-निफ्टी में दर्ज की गई शानदार बढ़त

नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बीच भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह उल्लेखनीय मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया, जिसका असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिला। लगातार दो सप्ताह की कमजोरी के बाद बाजार ने वापसी करते हुए प्रमुख सूचकांकों को ऊंचे स्तरों तक पहुंचाया। सप्ताह के दौरान निवेशकों की धारणा में सुधार का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद रही। भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी की संभावना के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सकारात्मक माहौल बना, जिसका लाभ भारतीय इक्विटी बाजार को मिला। साथ ही ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी ने आयात-निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत का संकेत दिया। कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी लगभग दो प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,600 अंक के ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स भी उल्लेखनीय बढ़त दर्ज कर 75,500 अंक के स्तर को पार करने में सफल रहा। पूरे सप्ताह के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों ने मजबूत प्रदर्शन किया और निवेशकों की संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय बाजार की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। लार्ज-कैप कंपनियों में निवेशकों का भरोसा कायम रहा, जबकि हाल के महीनों में तेज बढ़त हासिल कर चुके मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में सीमित मुनाफावसूली देखने को मिली। वित्तीय क्षेत्र इस सप्ताह बाजार का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। निजी बैंकों में निवेशकों की सक्रिय खरीदारी और सकारात्मक नियामकीय माहौल ने बैंकिंग शेयरों को समर्थन दिया। इसके अलावा उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र की कंपनियों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, क्योंकि निवेशक अपेक्षाकृत सुरक्षित और स्थिर आय वाले क्षेत्रों की ओर आकर्षित हुए। दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र दबाव में बना रहा। अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितताओं और तकनीकी खर्च में संभावित कमी की आशंकाओं ने आईटी शेयरों की गति को सीमित किया। वहीं धातु क्षेत्र पर भी दबाव देखने को मिला, क्योंकि चीन में मांग कमजोर रहने की चिंताओं और कमोडिटी कीमतों में नरमी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बाजार के लिए चुनौती बनी रही। सप्ताह के दौरान विदेशी निवेशकों ने बड़े पैमाने पर शेयरों की बिक्री की, हालांकि सप्ताह के अंतिम चरण में यह दबाव कुछ कम होता दिखाई दिया। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार खरीदारी जारी रखी और बाजार को मजबूत समर्थन प्रदान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कई महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। घरेलू महंगाई से जुड़े आंकड़े, चीन के औद्योगिक उत्पादन के संकेतक और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति निवेशकों की नजर में रहेंगे। यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता कम होती है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली घटती है, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख आगे भी जारी रह सकता है।
शनिवार को अपनाएं ये आसान वास्तु उपाय, शनि देव की कृपा से दूर हो सकती हैं बाधाएं

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन भगवान शनि देव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र दोनों में इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि शनिवार को किए गए कुछ सरल उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यदि घर में लगातार आर्थिक परेशानी, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह या कार्यों में रुकावटें आ रही हैं तो वास्तु के कुछ उपाय लाभदायक साबित हो सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार शनिवार के दिन घर की पश्चिम और दक्षिण दिशा की विशेष सफाई करनी चाहिए। इन दिशाओं का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। साफ-सुथरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद करता है। शनिवार को घर के मुख्य द्वार के आसपास गंदगी नहीं रहने देना चाहिए। मुख्य द्वार से ही सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इस दिन सरसों के तेल का दीपक मुख्य द्वार या पीपल के पेड़ के नीचे जलाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। यदि घर में लोहे का कोई टूटा-फूटा सामान लंबे समय से पड़ा है तो शनिवार को उसे हटाना या ठीक करवाना बेहतर माना जाता है। वास्तु के अनुसार बेकार और अनुपयोगी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं। घर में कबाड़ जमा होने से आर्थिक प्रगति भी प्रभावित हो सकती है। शनिवार के दिन काले तिल, उड़द दाल या लोहे से बनी वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं और जीवन में स्थिरता आती है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में भारी वस्तुएं रखना लाभकारी माना जाता है। इससे घर में स्थिरता बनी रहती है और परिवार के सदस्यों का आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं इस दिशा में अनावश्यक खाली स्थान या गंदगी रखने से बचना चाहिए। शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। हालांकि पूजा करते समय श्रद्धा और सकारात्मक भावना का होना सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। ध्यान रखें कि वास्तु उपायों के साथ-साथ सकारात्मक सोच, परिश्रम और अच्छे कर्म भी सफलता और सुख-समृद्धि के लिए आवश्यक हैं। शनिवार के दिन इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर घर में सकारात्मक वातावरण बनाया जा सकता है।
TMC में बड़ा सियासी संकट, 19 सांसद अलग गुट बनाने की तैयारी में, NDA के साथ जाने के संकेत

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर अंदरूनी कलह अब संसद तक पहुंचती नजर आ रही है। पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 19 सांसदों के एक अलग गुट बनाने के दावे ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। यह बागी समूह सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग कर सकता है और साथ ही सदन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ बैठने की अनुमति भी चाहता है। सूत्रों और बागी गुट के नेताओं के अनुसार, सांसद खुद को “असली टीएमसी” के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे। इस समूह की ओर से वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार को नेता और शताब्दी रॉय को उपनेता के रूप में प्रस्तावित किए जाने की बात भी सामने आई है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि उनके पास 19 सांसदों का समर्थन है और अन्य सांसदों के लिए भी दरवाजे खुले हैं। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद NDA की संसदीय ताकत बढ़ सकती है, जिससे संसद में विपक्षी समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष और आगे चलकर चुनाव आयोग (EC) की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। बागी गुट के नेताओं ने आरोप लगाया है कि पार्टी में आंतरिक असंतोष की वजह नेतृत्व शैली और संगठनात्मक फैसले हैं। उनका कहना है कि पहले जब तक ममता बनर्जी का सीधा नियंत्रण था, स्थिति स्थिर थी, लेकिन अब संगठन में बदलाव के बाद असंतोष बढ़ा है। कुछ नेताओं ने यहां तक दावा किया है कि पार्टी अब “कॉरपोरेट ढांचे” की तरह काम कर रही है, जहां जमीनी नेताओं की अनदेखी हो रही है। बागी सांसदों का यह भी तर्क है कि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसी वजह से वे NDA के साथ जुड़कर काम करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि पहले लोकसभा अध्यक्ष से मान्यता लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी और उसके बाद चुनाव आयोग का रुख किया जाएगा। इसी बीच, पार्टी के भीतर अन्य स्तरों पर भी असंतोष के संकेत सामने आए हैं। वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी और बैठक से दूरी बनाए जाने की खबरों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। कुछ नेताओं ने संगठनात्मक फैसलों और रणनीतिक प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं, जिससे TMC के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय और चुनाव आयोग की संभावित भूमिका पर टिकी हुई हैं, जो आगे की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।
सोमवती अमावस्या 2026: कुंडली के गृह दोषों को शांत करने के लिए अपनी राशि के मुताबिक करें शिवजी का जलाभिषेक, कटेंगे सारे पाप

नई दिल्ली। सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या को एक अत्यंत पवित्र, कल्याणकारी और आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली तिथि माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अधिकमास के दौरान आने वाली सोमवती अमावस्या आगामी 15 जून 2026 को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह विशेष तिथि मुख्य रूप से पितरों की तृप्ति और तर्पण के लिए समर्पित होती है, लेकिन सोमवार के दिन अमावस्या का होना इसे शिव साधना के लिए सर्वोत्तम बनाता है। ज्योतिषविदों का मानना है कि इस दिव्य संयोग पर यदि कोई जातक अपनी राशि के अनुसार विशेष पूजन सामग्री से शिवलिंग का अभिषेक करता है, तो उसके संचित पापों का नाश होता है, अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और कुंडली में प्रतिकूल ग्रहों की स्थिति भी संतुलित हो जाती है। धार्मिक दृष्टिकोण से सोमवार का दिन देवों के देव महादेव की उपासना के लिए पहले से ही निश्चित है, और इसी दिन अमावस्या तिथि का आना एक दुर्लभ और महासंयोग का निर्माण करता है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इसके पश्चात पास के किसी भी प्राचीन या सिद्ध शिव मंदिर में जाकर पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर राशि आधारित द्रव्यों से अभिषेक करना जीवन के बड़े से बड़े संकटों को दूर करने वाला माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस विधि से की गई पूजा जीवन में अटूट सुख, समृद्धि और मानसिक शांति लेकर आती है। ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर सभी बारह राशियों के लिए अलग-अलग अभिषेक पद्धतियां बताई गई हैं, जो जातक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। मेष राशि के जातकों को इस पावन दिन पर शिवलिंग पर केवल पवित्र गंगाजल अर्पित करते हुए अभिषेक करना चाहिए, जिससे उनकी ऊर्जा सही दिशा में प्रवाहित हो सके। वृषभ राशि के जातकों के लिए सलाह दी जाती है कि वे गंगाजल में थोड़ा सा शुद्ध दूध मिलाकर महादेव का अभिषेक करें। मिथुन राशि के लोगों को दूध में दूर्वा (दूब घास) मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करनी चाहिए, जबकि कर्क राशि के जातकों के लिए इस दिन ताजे दही से भगवान शिव का अभिषेक करना अत्यंत शुभ और मानसिक शांति प्रदायक रहेगा। सिंह राशि के जातकों को सूर्य देव के प्रभाव के कारण गंगाजल में लाल रंग के फूल (विशेषकर गुड़हल या गुलाब) डालकर शिव जी को अर्पित करना चाहिए। कन्या राशि के लोगों के लिए गंगाजल में दूर्वा डालकर अभिषेक करना व्यापार और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहेगा। तुला राशि के जातकों को सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए दूध, दही, घी, शहद और चीनी के मिश्रण यानी पंचामृत से शिवलिंग का विधिपूर्वक अभिषेक करना चाहिए। वृश्चिक राशि के लोगों को मंगल के प्रभाव स्वरूप दूध में शुद्ध शहद मिलाकर महादेव पर चढ़ाना चाहिए, जिससे उनके पराक्रम में वृद्धि होगी और शत्रुओं का शमन होगा। ज्ञान और धर्म के प्रतीक धनु राशि के जातकों के लिए सोमवती अमावस्या पर दूध में केसर की कुछ पत्तियां या केसरिया चंदन डालकर शिवलिंग का अभिषेक करना सर्वोत्तम फल देने वाला रहेगा। शनि देव के स्वामित्व वाली मकर राशि के लोगों को अपने कष्टों की निवृत्ति के लिए गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिव जी का तर्पण और अभिषेक करना चाहिए। वहीं कुंभ राशि के जातकों के लिए इस विशिष्ट तिथि पर नारियल के जल से शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत कल्याणकारी और धन-धान्य बढ़ाने वाला बताया गया है। अंत में, मीन राशि के जातकों को अपने करियर और आध्यात्मिक उन्नति के लिए गन्ने के शुद्ध रस से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए, जिससे उनके जीवन की सभी बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी।
मस्क की दौलत में उछाल, दुनिया के हर इंसान को बांटे तो मिल सकते हैं 10 हजार रुपये, बने पहले ट्रिलियनेयर

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने एक नया इतिहास रच दिया है। स्पेसएक्स के शेयर बाजार में शानदार प्रदर्शन के बाद उनकी कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 92 लाख करोड़ रुपये) से अधिक पहुंच गई है। इसके साथ ही वह दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए हैं। उनकी संपत्ति इतनी विशाल है कि यदि इसे दुनिया की पूरी आबादी में बराबर बांट दिया जाए तो हर व्यक्ति को लगभग 122 डॉलर यानी करीब 10,300 रुपये मिल सकते हैं। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को स्पेसएक्स के मूल्य में आई बड़ी तेजी के बाद एलन मस्क की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गई। यह उपलब्धि उन्हें वैश्विक स्तर पर सबसे अलग और प्रभावशाली आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करती है। एक ट्रिलियन डॉलर की राशि का अनुमान लगाना आम इंसान के लिए आसान नहीं है। यह रकम 1 बिलियन डॉलर से एक हजार गुना और 1 मिलियन डॉलर से दस लाख गुना अधिक होती है। यही वजह है कि मस्क की संपत्ति को दुनिया की सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्तियों में गिना जा रहा है। अगर एक ट्रिलियन डॉलर की नकदी को नोटों के रूप में एक सीधी लाइन में बिछाया जाए तो इसकी लंबाई करीब 9.7 करोड़ मील (15.6 करोड़ किलोमीटर) तक पहुंच जाएगी। यह दूरी पृथ्वी और सूर्य के बीच की लगभग 9.3 करोड़ मील की दूरी से भी ज्यादा है। वहीं, नासा के आंकड़ों के अनुसार, इतनी लंबी कतार से पृथ्वी और चंद्रमा के बीच 200 से अधिक चक्कर लगाए जा सकते हैं। यूएस सेंसस ब्यूरो के अनुसार वर्तमान में दुनिया की आबादी लगभग 8.2 बिलियन है। यदि मस्क की एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति को सभी लोगों में समान रूप से बांटा जाए तो प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में करीब 122 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 10,300 रुपये आएंगे। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के 2026 के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका की पूरी अर्थव्यवस्था का आकार करीब 480 बिलियन डॉलर है। यह वही देश है जहां एलन मस्क का जन्म हुआ था। उनकी कुल संपत्ति दक्षिण अफ्रीका के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से दोगुने से भी अधिक है। दुनिया में केवल 21 देशों की अर्थव्यवस्था ही ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर सकी है। फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ सेंट लुइस के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में एक घर की औसत कीमत करीब 4,03,200 डॉलर है। इस हिसाब से मस्क की संपत्ति से अमेरिका में लगभग 25 लाख घर खरीदे जा सकते हैं। यह संख्या कई देशों की आवासीय जरूरतों के बराबर मानी जा सकती है। वहीं, AAA के अनुसार अमेरिका और इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.11 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। इस दर पर एक ट्रिलियन डॉलर से 243 अरब गैलन से ज्यादा ईंधन खरीदा जा सकता है, जो पिछले वर्ष अमेरिका में उपभोग किए गए कुल 137 अरब गैलन ईंधन से कहीं अधिक है। फोर्ब्स की सूची के अनुसार दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज हैं, जिनकी कुल संपत्ति 295 बिलियन डॉलर है। वह मस्क से 705 बिलियन डॉलर पीछे हैं। दिलचस्प बात यह है कि लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन (272 बिलियन डॉलर), जेफ बेजोस (247 बिलियन डॉलर) और लैरी एलिसन (228 बिलियन डॉलर) की संयुक्त संपत्ति भी मस्क की कुल दौलत के बराबर ही पहुंचती है।
MP में जल्द दस्तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से पहले राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। शुक्रवार को श्योपुर जिले में तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी सहित कई जिलों में भी आंधी और बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि जून माह में अब तक प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में औसत से 55 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में औसत से 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर बना रह सकता है। वहीं इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने की संभावना है। बारिश और बादलों के असर से कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में 5.8 डिग्री की कमी के बाद अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में तापमान 4 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री पर पहुंच गया। रीवा में 7.3 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि सतना में 6.6 डिग्री की कमी आई। सिवनी में तापमान 3 डिग्री और खजुराहो में 4 डिग्री तक नीचे आया।
फिल्म 'काला हिरण' की रिलीज और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग, दिल्ली उच्च न्यायालय में अब 19 जून को होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान द्वारा फिल्म ‘काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज और इसके प्रचार पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की एकल पीठ ने फिल्म के निर्माता अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स और अन्य संबंधित पक्षों को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने इस संवेदनशील कानूनी विवाद की अगली सुनवाई के लिए 19 जून की तारीख तय की है। सलमान खान ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि फिल्म के जरिए उनके व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनैलिटी राइट्स) का व्यावसायिक लाभ के लिए खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। अदालती कार्यवाही के दौरान सलमान खान का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता निजाम पाशा ने दलील दी कि अभिनेता के व्यक्तित्व अधिकार पहले से ही उच्च न्यायालय द्वारा संरक्षित हैं। इन विधिक अधिकारों के दायरे में सलमान खान की छवि, उनकी सार्वजनिक पहचान, उनके जैसा दिखने वाला स्वरूप और उनसे जुड़ी अन्य विशिष्ट व्यक्तिगत विशेषताएं शामिल हैं। याचिका में मुख्य रूप से 29 मई को जारी किए गए फिल्म के एक पोस्टर पर आपत्ति जताई गई है। वकील ने अदालत को बताया कि इस पोस्टर में एक व्यक्ति को हूबहू सलमान खान जैसा दिखाया गया है, जिसने कलाई में वही खास फिरोजा ब्रेसलेट पहना हुआ है, जो लंबे समय से सलमान खान की अनूठी पहचान रहा है। याचिकाकर्ता का दावा है कि फिल्म के प्रचार-प्रसार में उनकी इस पहचान का इस्तेमाल बिना किसी पूर्व अनुमति के किया जा रहा है। कानूनी टीम ने अदालत को यह भी अवगत कराया कि साल 1998 के बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामले से जुड़े कुल चार मुकदमों में से तीन में सलमान खान को कानूनी रूप से राहत मिल चुकी है, जबकि केवल एक मामला वर्तमान में अपील के साथ अदालत में लंबित है। इसके बावजूद फिल्म और उससे जुड़े प्रचार प्रसार की सामग्रियों के माध्यम से अभिनेता के नाम को लगातार विवादों के साथ घसीटा जा रहा है। सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान दिए जा रहे हैं जो उनकी सामाजिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। अभिनेता ने अपनी इस याचिका में निर्माता अमित जानी के साथ-साथ निर्देशक भरत एस. श्रीनाते, अक्षय पांडेय और अन्य संबंधित सहयोगियों को मुख्य पक्षकार बनाया है। सलमान खान की मांग है कि अदालत इस फिल्म के निर्माण, वितरण, डिजिटल या सैटेलाइट रिलीज और किसी भी प्रकार के विज्ञापन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाए। उनका तर्क है कि उनकी सार्वजनिक छवि का इस तरह उपयोग करना कानूनी और नैतिक रूप से गलत है। उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी’ साल 1998 के चर्चित शिकार मामले और उसके बाद के घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है, जिसका फर्स्ट लुक और ट्रेलर हाल ही में जारी किया गया था। इस कंटेंट के सामने आने के बाद सलमान खान की कानूनी टीम ने पहले ही निर्माताओं को एक कानूनी नोटिस भेजा था और अब यह मामला पूरी तरह से दिल्ली हाईकोर्ट के विचाराधीन है, जहां 19 जून को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
IND vs AFG: ईशान किशन की एंट्री तय, प्रिंस यादव कर सकते हैं डेब्यू; पहले वनडे में रोहित शर्मा पर रहेंगी निगाहें

नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) स्टेडियम में खेला जाएगा। यह सीरीज टीम इंडिया के लिए सिर्फ एक और द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारियों और नए खिलाड़ियों की परीक्षा भी मानी जा रही है। मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को दो बड़े झटके लगे हैं। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli और स्टार ऑलराउंडर Hardik Pandya चोट के कारण पूरी श्रृंखला से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में कप्तान Shubman Gill के सामने संतुलित और मजबूत प्लेइंग इलेवन चुनने की चुनौती होगी। हालांकि भारतीय टीम के पास युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण मौजूद है। टीम प्रबंधन की नजर अब उन खिलाड़ियों पर होगी जो इस अवसर को भुनाकर भविष्य के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम ईशान किशन का है, जिन्हें विराट कोहली की अनुपस्थिति में नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिल सकता है। रोहित-गिल पर होगी मजबूत शुरुआत की जिम्मेदारीभारतीय पारी की शुरुआत अनुभवी कप्तान Rohit Sharma और शुभमन गिल करते दिखाई दे सकते हैं। दोनों बल्लेबाज वनडे क्रिकेट में भारत की सबसे भरोसेमंद ओपनिंग जोड़ी माने जाते हैं। रोहित अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से तेज शुरुआत देना चाहेंगे, जबकि शुभमन गिल कप्तानी के साथ-साथ बल्ले से भी अहम योगदान देने की कोशिश करेंगे। ईशान किशन के पास बड़ा मौकानंबर-3 की भूमिका में ईशान किशन सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण वह टीम के बल्लेबाजी क्रम में संतुलन भी जोड़ते हैं। उनकी आक्रामक शैली मध्यक्रम पर दबाव कम कर सकती है और टीम को तेज रन गति बनाए रखने में मदद मिलेगी। नंबर-4 पर उपकप्तान Shreyas Iyer का खेलना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज KL Rahul पांचवें नंबर पर उतर सकते हैं। राहुल की भूमिका युवा बल्लेबाजों को संभालने और पारी को आगे बढ़ाने की होगी। नीतीश और प्रिंस पर खास नजरहार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी में ऑलराउंडर Nitish Kumar Reddy के लिए यह बड़ा अवसर साबित हो सकता है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। वहीं तेज गेंदबाजी विभाग में सबसे ज्यादा चर्चा युवा गेंदबाज Prince Yadav को लेकर है। आईपीएल में प्रभावित करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है और धर्मशाला में उनके वनडे डेब्यू की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह उनके करियर का सबसे यादगार पल होगा। स्पिन विभाग में कुलदीप-सुंदर अहमस्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी Kuldeep Yadav और Washington Sundar पर होगी। कुलदीप अफगान बल्लेबाजों के खिलाफ अपनी फिरकी से बड़ा असर डाल सकते हैं, जबकि सुंदर बल्ले और गेंद दोनों से टीम को संतुलन देंगे। भारत की संभावित प्लेइंग इलेवनरोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और प्रसिद्ध कृष्णा।
उदय शेट्टी और मजनू भाई के ऑरा पर नाना पाटेकर के बयान का सच; अक्षय कुमार की बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म को लेकर हुआ बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म की विशाल स्टारकास्ट के बीच दर्शकों और प्रशंसकों ने पहले दो भागों के मुख्य आकर्षण रहे उदय शेट्टी यानी नाना पाटेकर और मजनू भाई यानी अनिल कपूर को काफी मिस किया। इसी बीच इंटरनेट पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें दावा किया गया कि नाना पाटेकर ने इस तीसरी किस्त में अपनी अनुपस्थिति को लेकर फिल्म मेकर्स पर तीखा तंज कसा है। वायरल पोस्ट में लिखा था कि आप 25 एक्टर्स को तो फिल्म में ले लोगे, लेकिन उदय शेट्टी और मजनू भाई जैसा ऑरा कहां से लाओगे। इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई, लेकिन अब इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ चुकी है। तथ्यों की जांच करने पर पता चला है कि इंटरनेट पर घूम रहा यह विवादित पोस्ट पूरी तरह से फर्जी और एआई जनरेटेड है। अभिनेता नाना पाटेकर ने ‘वेलकम टू द जंगल’ या उसकी स्टारकास्ट को लेकर ऐसा कोई भी कमेंट या पोस्ट अपने किसी भी सोशल मीडिया हैंडल पर साझा नहीं किया है। तकनीकी उपकरणों की मदद से तैयार किए गए इस झूठे स्क्रीनशॉट ने कुछ ही घंटों में प्रशंसकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी, जिसे अब पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम के दौरान खुद मुख्य अभिनेता अक्षय कुमार ने इस विषय पर बात की और स्वीकार किया कि टीम ने नाना पाटेकर और अनिल कपूर को बहुत मिस किया। अक्षय कुमार ने स्पष्ट किया कि इस बार स्क्रिप्ट की मांग के अनुसार कहानी में बदलाव किए गए हैं। फिल्म की नई पटकथा के अनुसार, इस बार उदय और मजनू भाई के भाइयों की एंट्री कहानी में दिखाई गई है। इन नए किरदारों को बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी और अरशद वारसी निभा रहे हैं। सुनील शेट्टी जहां उदय के भाई की भूमिका में नजर आएंगे, वहीं अरशद वारसी ने मजनू के भाई का किरदार निभाया है। फिल्म की विशाल स्टारकास्ट में सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव और कृष्णा अभिषेक जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। रिलीज हुए ट्रेलर की कहानी की बात करें तो इसमें दिखाया गया है कि एक फ्लॉप एक्टर अपने डूबते करियर को बचाने के लिए एक सुपरहिट एक्ट्रेस के साथ फिल्म साइन करता है। इस काल्पनिक फिल्म की पूरी कास्ट और क्रू शूटिंग के सिलसिले में एक सुदूर गांव में जाती है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब गांव वाले इस फिल्मी क्रू को सचमुच की भारतीय सेना समझ बैठते हैं और उनसे गुंडा गैंग के लीडर जैकी श्रॉफ से अपनी सुरक्षा करने की गुहार लगाते हैं। ट्रेलर के अनुसार, इस नकली फिल्म का बजट 2000 करोड़ रुपये दिखाया गया है, जो पूरी कहानी में हास्य और भ्रम की स्थितियां पैदा करता है। यह फिल्म सुपरहिट फ्रेंचाइजी ‘वेलकम’ का तीसरा पार्ट है। इस सिलसिले की पहली फिल्म साल 2007 में आई थी, जिसमें अक्षय कुमार, कटरीना कैफ, नाना पाटेकर, अनिल कपूर और परेश रावल मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके बाद साल 2015 में इसका दूसरा भाग ‘वेलकम बैक’ रिलीज हुआ, जिसमें जॉन अब्राहम और श्रुति हासन के साथ नाना पाटेकर और अनिल कपूर की जोड़ी बरकरार रही थी। अब इस फ्रेंचाइजी का यह तीसरा भाग नए किरदारों और नए ट्विस्ट के साथ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके प्रति दर्शकों में भारी उत्सुकता बनी हुई है।