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इतिहास की सबसे मजबूत टी20 टीम ,रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम की ताकत को किया सलाम

नई दिल्ली । हाल ही में संपन्न आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने बड़ा बयान देते हुए मौजूदा भारतीय टीम को अब तक की सबसे मजबूत टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम करार दिया है। पोंटिंग के अनुसार इस टीम की असली ताकत उसकी गहराई अनुभव और लगातार शानदार प्रदर्शन है जिसने उसे सफेद गेंद के क्रिकेट में एक अलग ही मुकाम पर पहुंचा दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता और इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार इस ट्रॉफी को अपने नाम किया। भारतीय टीम का प्रदर्शन केवल इस एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं रहा है बल्कि पिछले कुछ वर्षों में उसने सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार दबदबा बनाए रखा है। 2023 के अंत से अब तक खेले गए चार बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को केवल दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें एक हार 2023 के एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और दूसरी 2026 टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आई। इसके बावजूद टीम ने जिस तरह से वापसी की वह उसकी मानसिक मजबूती और सामूहिक क्षमता को दर्शाता है। आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल पोंटिंग ने आईसीसी के कार्यक्रम द आईसीसी रिव्यू में कहा कि मौजूदा भारतीय टीम की श्रेष्ठता पर सवाल उठाना आसान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बीते पांच-छह वर्षों में भारत का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है और टीम ने हर बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित की है। पोंटिंग के मुताबिक इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन संतुलन मौजूद है जो उसे हर परिस्थिति में मजबूत बनाता है। पोंटिंग ने यह भी माना कि इंडियन प्रीमियर लीग का भारतीय खिलाड़ियों के विकास में बड़ा योगदान रहा है। उनका कहना है कि आईपीएल में खेलने से खिलाड़ियों को बड़े मैचों के दबाव को संभालने की आदत हो जाती है क्योंकि यहां हर मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसा ही चुनौतीपूर्ण होता है। यही कारण है कि भारतीय खिलाड़ी किसी भी बड़े मंच पर घबराते नहीं हैं और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करते हैं। सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार को पोंटिंग ने टीम के लिए एक जरूरी झटका बताया। उनका मानना है कि लगातार जीत के बीच कभी-कभी हार टीम को अपनी कमियों को समझने और सुधार करने का मौका देती है। भारत ने इस हार के बाद शानदार वापसी करते हुए अपने बाकी मुकाबलों में आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और तीन मैचों में 250 से अधिक का स्कोर खड़ा किया जिसमें सेमीफाइनल और फाइनल जैसे अहम मुकाबले भी शामिल थे। इस तरह भारतीय टीम ने न सिर्फ खिताब जीता बल्कि अपने खेल संतुलन और निरंतरता से यह साबित कर दिया कि वह टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे प्रभावशाली और मजबूत टीमों में से एक बन चुकी है।

होर्मुज तनाव के बीच भारत पहुंचेगा एक और LPG टैंकर ‘नंदा देवी’, ऊर्जा संकट से मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का आज 18वां दिन है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी और विशेष शर्तों के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के करीब 50 प्रतिशत कच्चे तेल के आवागमन के लिए इस्तेमाल होता है। अमेरिका ने नाटो और पश्चिमी देशों से मदद की अपील की है, लेकिन ब्रिटेन समेत कई सहयोगी देशों ने इसे अमेरिका-इजराइल का युद्ध बताते हुए सीधे हस्तक्षेप से दूरी बनाई है। UAE का एयरस्पेससंयुक्त अरब अमीरात ने मंगलवार सुबह अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, ताकि ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन खतरों का सामना किया जा सके। हालांकि, कुछ समय बाद UAE ने एयरस्पेस खोल दिया और विमानों का संचालन सामान्य कर दिया। भारत पहुंचेगा ‘नंदा देवी’ एलपीजी टैंकरभारतीय एलपीजी वाहक ‘शिवालिक’ के बाद अब 46,000 मीट्रिक टन द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस ले जाने वाला एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ मंगलवार को गुजरात के कांडला पोर्ट पर पहुंचेगा। टैंकर को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कराने में भारतीय और ईरानी नौसेनाओं की मदद मिली। यह पहल बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय जहाजरानी निगम के सहयोग से संभव हुई। युद्ध की घटनाएंबगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला: मंगलवार तड़के ड्रोन और रॉकेट हमलों ने दूतावास को निशाना बनाया। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक तीन ड्रोन और चार रॉकेट दूतावास पर गिराए गए, जिनमें से कम से कम एक ड्रोन दूतावास के अंदर ही गिर गया। UAE के फुजैराह के पास टैंकर हमला: UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि फुजैराह के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल टैंकर से टकराया। क्रू सुरक्षित रहे और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हुआ। सऊदी अरब में ड्रोन नष्ट: सऊदी रक्षा मंत्रालय ने देश के पूर्वी क्षेत्र में छह ड्रोन को पहले ही और बाद में दो अन्य ड्रोन को रोककर नष्ट करने की जानकारी दी। इस बीच भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि होर्मुज से एलपीजी और अन्य ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित तरीके से देश तक पहुंच सके। ‘नंदा देवी’ की लैंडिंग से देश में एलपीजी आपूर्ति में राहत मिलेगी।

ब्राइडल लुक के लिए परफेक्ट: पायल के साथ खूब जचेंगे बिछिया के ये 6 यूनिक डिज़ाइन

नई दिल्ली । भारतीय परंपरा में बिछिया और पायल को सुहाग और सौंदर्य का खास प्रतीक माना जाता है। शादी या किसी खास मौके पर अगर पायल के साथ सही डिजाइन की बिछिया पहनी जाए तो दुल्हन का पूरा लुक और भी आकर्षक नजर आता है। अक्सर दुल्हनें अपने लहंगे, ज्वेलरी और मेकअप पर ज्यादा ध्यान देती हैं, लेकिन पैरों का श्रृंगार भी ब्राइडल लुक का अहम हिस्सा होता है।अगर आप भी अपने पैरों को खास और स्टाइलिश बनाना चाहती हैं, तो इन ट्रेंडी बिछिया डिजाइन्स को ट्राई कर सकती हैं। मल्टी-लेयर या चेन बिछिया आजकल पायल से जुड़ी चेन वाली बिछिया काफी ट्रेंड में हैं। इसमें पायल से एक पतली चेन निकलकर बिछिया से जुड़ी होती है, जो पैरों को हेवी और रॉयल ब्राइडल लुक देती है। कुंदन और स्टोन वर्क बिछिया रॉयल लुक के लिए कुंदन और स्टोन वर्क वाली बिछिया बेहतरीन विकल्प है। भारी पायल के साथ पहनने पर यह डिजाइन पैरों को बेहद आकर्षक बनाता है। ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर बिछिया अगर आपकी पायल एंटीक या ऑक्सीडाइज्ड फिनिश वाली है तो उसी स्टाइल की बिछिया चुनना बेहतर रहेगा। इनमें छोटे घुंघरू या नक्काशीदार पैटर्न बहुत पसंद किए जाते हैं। मीनाकारी बिछिया रंग-बिरंगी मीनाकारी वाली बिछिया इन दिनों काफी ट्रेंड में है। आप अपने लहंगे के रंग के अनुसार लाल, हरे या गुलाबी रंग की मीनाकारी डिज़ाइन चुन सकती हैं। फ्लोरल और लीफ पैटर्न फूल और पत्तियों से प्रेरित डिजाइन हमेशा फैशन में बने रहते हैं। हल्की पायल के साथ यह डिजाइन बेहद एलिगेंट और नाजुक लुक देता है। एडजस्टेबल विंटेज बैंड अगर आप आरामदायक और सिंपल स्टाइल चाहती हैं तो चौड़े विंटेज बैंड वाली बिछिया ट्राई करें। ये हर साइज की उंगली में आसानी से फिट हो जाती हैं और बोहो-चिक लुक देती हैं। अगर आप अपने ब्राइडल लुक को हेड-टू-टो परफेक्ट बनाना चाहती हैं, तो पायल के साथ सही बिछिया डिजाइन चुनना न भूलें। सही ज्वेलरी आपके पूरे लुक को और भी खास बना सकती है।

चैत्र नवरात्रि 2026: राशि अनुसार करें ये खास उपाय, मां दुर्गा की कृपा से बदल सकती है किस्मत

नई दिल्ली । जगत जननी दुर्गा की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक मनाया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जो शक्ति, समृद्धि और आरोग्यता का प्रतीक माने जाते हैं। इस दौरान घटस्थापना, उपवास और दुर्गा सप्तशती के पाठ का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवरात्रि में राशि के अनुसार विशेष उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है। राशि अनुसार करें ये उपाय  मेष और वृश्चिक इन राशि के जातक स्कंदमाता की पूजा करें। उन्हें गुड़ या लाल रंग की मिठाई का भोग लगाएं और ॐ स्कंदमात्रै नमः मंत्र का जप करें। इससे जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है। वृषभ और तुलाइन राशि के लोगमहागौरी को सफेद फूल अर्पण करें और छोटी कन्याओं को खीर खिलाएं। ऐसा करने से आर्थिक समस्याएं दूर होने की मान्यता है। मिथुन और कन्या इन राशि के जातक ब्रह्मचारि णी की पूजा करें और उन्हें हरे फल या मूंग की दाल से बने प्रसाद का भोग लगाएं। इससे करियर में उन्नति के योग बनते हैं। कर्क कर्क राशि के लोग सिद्धिदात्री की पूजा करें और दूध से बनी मिठाई अर्पण करें। इससे घर की बाधाएं दूर होने की मान्यता है। सिंह सिंह राशि के जातक कुष्मांडा की पूजा करें और मंदिर में लाल चंदन का दान करें। इससे मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ती है। धनु और मीन इन राशि के लोग चंद्रघंटा को पीली मिठाई या चने की दाल का भोग लगाएं। इससे भाग्य का साथ मिलने लगता है। मकर और कुंभ इन राशि के जातक कालरात्रि की पूजा करें और शनिवार को काले तिल और तेल का दान करें। इससे स्वास्थ्य और कानूनी व्यवस्थाओं से राहत मिलने की मान्यता है। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में श्रद्धा और नियम के साथ किए गए उपाय से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।

चने के सेवन के सही तरीके: भुना, भीगा या पकाया हुआ कौन फायदेमंद

नई दिल्ली : शरीर के स्वस्थ संचालन और मांसपेशियों की मजबूती के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी है। महंगे सप्लीमेंट की बजाय किचन में मौजूद चना प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है। चना आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर माना जाता है और इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार भुना चना, भीगा हुआ चना, पकाया हुआ चना और चने से बना सत्तू अलग-अलग तरीकों से शरीर को लाभ पहुंचाते हैं। इसका सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करना जरूरी है, ताकि पाचन ठीक रहे और शरीर को पूरा फायदा मिले। भुना चनाभुने हुए चने में कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है। यह वजन नियंत्रण में मदद करता है और कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और हृदय रोगों में लाभकारी है। भुना चना सुबह या दोपहर के समय सेवन करना सबसे अच्छा माना जाता है। भीगा और पकाया हुआ चनाकाला चना रात में भिगोकर सुबह उबालकर खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और यह वजन बढ़ाने में मददगार है। जिम जाने वाले या पसीना बहाने वाले लोग इसके सेवन से ताकत और ऊर्जा पा सकते हैं। अगर इसे देसी घी के साथ हल्का सा छौंक लगाकर पकाया जाए तो यह वात दोष को कम करने और चने की रूखापन दूर करने में भी मदद करता है। इसे नाश्ते या शाम में हल्की भूख लगने पर खाया जा सकता है। चने से बना सत्तूसत्तू प्रोटीन से भरपूर होता है और गर्मियों में इसे खाने से पेट को ठंडक मिलती है। इसके सेवन से थकान कम होती है और नेत्र से जुड़े रोगों में भी राहत मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में तीनों प्रकार के चने का सेवन किया जा सकता है। हालांकि, वात दोष की अधिकता वाले लोग चने का सेवन सावधानी से करें।इस प्रकार चना केवल प्रोटीन का स्रोत ही नहीं बल्कि ऊर्जा देने और शरीर को स्वस्थ रखने का प्राकृतिक उपाय भी है।

चैत्र नवरात्रि 2026: पहला और अष्टमी व्रत रखने वाले जान लें ये जरूरी नियम, तभी मिलेगा पूजा का पूरा फल

नई दिल्ली । आदिशक्ति दुर्गा को समर्पित चैत्र नवरात्रि का पर्व इस वर्ष 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक चलेगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। कई श्रद्धालु पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, जबकि कुछ लोग केवल पहला दिन और अष्टमी का व्रत रखते हैं।धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्र का पहला दिन संकल्प का प्रतीक होता है, जबकि अष्टमी पूर्णता का प्रतीक मानी जाती है। इन दोनों दिनों का व्रत नियम और श्रद्धा के साथ करने से पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है।पहले दिन के व्रत का महत्व नवरात्र के पहले दिन सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनने के बाद कलश स्थापना के साथ व्रत की शुरुआत की जाती है। इस दिन भक्त मां दुर्गा की पूजा कर अपने संकल्प लेते हैं। घर में अखंड ज्योति जलाने और नियमित आरती करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और यह पूरे नवरात्र की आध्यात्मिक यात्रा की नींव माना जाता है। अष्टमी व्रत का महत्व चैत्र नवरात्रि में अष्टमी को महाष्टमी कहा जाता है। इस दिन विशेष रूप से Mahagauri की पूजा की जाती है। अष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर भोजन कराया जाता है। मान्यता है कि इससे नवरात्रि का व्रत पूर्ण माना जाता है और घर में सुख-समृद्धि आती है। व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान नवरात्रि में व्रत रखने वाले भक्तों को सात्विक आहार का पालन करना चाहिए। फलाहार, साबूदाना, कुट्टू का आटा और फल ऊर्जा देने में सहायक होते हैं। व्रत के दौरान अधिक नमक और मसालों से बचने की सलाह दी जाती है ताकि मन शांत और स्थिर बना रहे। धार्मिक मान्यता है कि संयम, श्रद्धा और नियमों के साथ किया गया व्रत ही भक्तों को मां दुर्गा का आशीर्वाद दिलाता है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाता है।

चैत्र नवरात्रि: वैष्णो देवी यात्रा में उमड़ेगी भीड़…श्राइन बोर्ड ने कसी कमर, ID के बिना No एंट्री

कटड़ा। आगामी 19 मार्च से शुरू होने जा रहे चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) के दौरान वैष्णो देवी (Vaishno Devi ) आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board) ने कमर कस ली है। उपराज्यपाल के निर्देशों के बाद सीईओ सचिन कुमार वैश्य की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की समीक्षा की गई। सोमवार को बैठक में निर्णय लिया गया कि यात्रा मार्ग पर आरएफआईडी कार्ड प्रणाली का सख्ती से पालन किया जाएगा। केवल वैध कार्ड धारकों को ही भवन की ओर जाने की अनुमति मिलेगी। प्रमुख चौकियों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होगी ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। रियासी पुलिस, सीआरपीएफ और सेना के समन्वय से मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है, जिसमें त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) भी शामिल होगा। इस बार तीर्थस्थल की सजावट में प्राकृतिक सामग्रियों के उपयोग पर जोर दिया गया है ताकि आग के खतरे को कम किया जा सके। अग्निशमन विभाग को पूरे ट्रैक का फायर ऑडिट करने और रणनीतिक स्थानों पर दमकल वाहनों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ प्रबंधन पर वैकल्पिक व्यवस्थाअधिक भीड़ होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। शहर में यातायात सुचारू रखने के लिए अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र के माध्यम से आधुनिक वायरलेस उपकरणों द्वारा पूरे मार्ग की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। सेवा प्रदाताओं का होगा सत्यापनश्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा मार्ग पर चलने वाले पिठू,पालकी और पोनीवालों का सत्यापन किया जाएगा। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए दस्तावेजों की नियमित जांच होगी, ताकि केवल अधिकृत व्यक्ति ही सेवा दे सकें। सीईओ ने कहा कि हमारा लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करना है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं ताकि नवरात्र के दौरान यात्रा निर्बाध रूप से चले। देसी-विदेशी फूलों से महकेगा भवन, स्वर्ग सा दिखेगा नजाराआगामी 19 मार्च से शुरू होने वाले पावन चैत्र नवरात्रके लिए विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी भवन को अलौकिक रूप दिया जा रहा है। श्राइन बोर्ड के मार्गदर्शन में पूरे भवन परिसर, प्राचीन गुफा और अटका स्थल की सजावट का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस बार की सजावट में करीब 30 से 40 ट्रक देसी-विदेशी फूलों और 4 से 5 ट्रक फलों का उपयोग किया जा रहा है, जिसे 300 से अधिक विशेष कारीगर अंतिम रूप दे रहे हैं। इस बार की सजावट केवल फूलों तक सीमित नहीं है। यात्रियों के लिए भव्य पंडाल और झांकियां सजाई जा रही हैं, जिनमें शिव परिवार, राम दरबार, मां वैष्णो देवी के नौ रूप और विष्णु-लक्ष्मी के पंडाल शामिल हैं। अयोध्या के रामलला के दर्शन की झलक भी आकर्षित करेगी। माता की स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा और अटका स्थल को विशेष रोशनी और सुगंधित पुष्पों से सजाया जा रहा है। नवरात्र के दौरान यज्ञशाला में विशाल शतचंडी महायज्ञ का आयोजन होगा। पद्मश्री डॉ. विश्वमूर्ति शास्त्री के सानिध्य में 51 पंडित मंत्रोच्चारण के साथ हवन करेंगे। ऐसा ही धार्मिक अनुष्ठान अर्धकुंवारी मंदिर प्रांगण में भी आयोजित किया जाएगा। सुरक्षा के लिए पांच जोन और कंट्रोल सेंटर से निगरानीसुरक्षा की दृष्टि से कटड़ा से लेकर भवन तक इलाके को पांच जोन (कटड़ा, बाणगंगा, अर्धकुंवारी, ताराकोट-सांझीछत और भवन) में बांटा गया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों और पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से पूरी यात्रा मार्ग पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। श्राइन बोर्ड के सभी भोजनालयों में श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलाहार की व्यवस्था रहेगी। ऑनलाइन बुकिंग फुल, चार लाख भक्तों की उम्मीदनवरात्र के लिए उत्साह ऐसा है कि हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, रोपवे और भवन पर रुकने की ऑनलाइन बुकिंग अभी से फुल हो चुकी है। श्राइन बोर्ड को इस बार तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए निहारीका परिसर में विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने बताया कि श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पूरी तरह तत्पर है। भक्त बिना किसी परेशानी के मां के दरबार आएं, सभी उचित इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।

देश में फिर बदला मौसम…. कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से गिरा पारा, आज भी अलर्ट…

नई दिल्ली । उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में मौसम ने एक बार फिर करवट की है। हिमालयी क्षेत्रों में ऊंची चोटियों पर हिमपात और घाटियों व आसपास के मैदानी इलाकों में गरज के साथ बारिश (Rain), तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने से तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे आसपास के मैदानी इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय (Western Disturbance Active) हो रहा है, जिसके चलते 18 से 20 मार्च के दौरान इन इलाकों में बारिश और तूफानी हवाओं के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के सोमवार सुबह 8:30 बजे तक आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर के राज्यों और झारखंड में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-20 सेमी) दर्ज की गई है। अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) हुई। बंगाल के कोलकाता और मालद में कुछ जगहों पर 50-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी में फंसे 235 लोग निकालेजम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ के सिंथन टॉप पर रविवार रात भारी बर्फबारी में फंसे 235 लोगों और 38 गाड़ियों को सेना ने सुरक्षित निकाला लिया है। व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने लोगों को गर्म खाना, पीने का पानी और रहने की जगह भी दी। वहीं, डांगदुरु में भूस्खलन के बाद से लापता व्यक्ति का सुराग सोमवार को भी नहीं लग पाया है। बचाव कार्य जारी है। उत्तराखंड में ठंड ने फिर दी दस्तकउत्तराखंड के सीमांत जनपदों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। रविवार रात ऊंची चोटियों पर जहां भारी हिमपात हुआ वहीं निचले इलाकों में बादलों के गरजने के साथ हुई झमाझम बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। मुनस्यारी के खलिया टॉप, पंचाचूली, हंसलिंग, नाग्निधुरा और छिपलाकेदार की पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। लाहौल से 10 हजार पर्यटक निकालेहिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। मनाली-लेह मार्ग पर 1,500 वाहनों में फंसे 10 हजार सैलानी और स्थानीय लोग रोहतांग टनल होकर सुरक्षित निकाल लिए गए हैं। रविवार को रातभर कड़ाके की ठंड के बीच लोगों को गाड़ियों में ही रहना पड़ा।

MP: भोपाल में MP नगर स्थित सरकारी दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के व्यस्त इलाके एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के दफ्तर (Metrology Department Office) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ईमेल के जरिए विभाग को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. ईमेल में दावा किया गया था कि दफ्तर के भीतर साइनाइड गैस के 16 सिलेंडर रखे गए हैं. दफ्तर के सुपरिटेंडेंट श्यामू सोलंकी ने बताया, “ईमेल चेक करते समय सुबह 10:20 बजे मुझे एक मैसेज मिला, जिसमें लिखा था कि विभाग के दफ्तर के अंदर साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर रखे गए हैं और वे दोपहर करीब 1 बजे फट जाएंगे.” इसके बाद अपने सीनियर अधिकारियों से संपर्क किया और पुलिस को इसकी सूचना दी गई. उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ते के जवान और खोजी कुत्तों के साथ पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर की तलाशी ली. उन्होंने आगे बताया कि एहतियात के तौर पर दफ्तर को खाली करा लिया गया था. सोलंकी ने बताया कि पुलिस को दफ़्तर में कोई सिलेंडर या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली. इससे पहले भी भोपाल में पीपल्स यूनिवर्सिटी और AIIMS को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे, लेकिन वे अलर्ट भी झूठे निकले थे. भोपाल सिटी जोन 2 के पुलिस उपायुक्त (DCP) विवेक सिंह ने बताया कि ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए जांच चल रही है. उन्होंने शक जाहिर किया कि पूरे देश में इस तरह के ईमेल भेजने के पीछे किसी गिरोह का हाथ हो सकता है, जो नकली नामों का इस्तेमाल कर रहा है. दोपहर 1:10 बजे से अपना काम फिर से शुरू कर दिया।

ईरान के हाथ नहीं लगना चाहिए परमाणु हथियार… US नेताओं ने किया दुनिया को आगाह

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Vice President JD Vance) ने ईरान (Iran) को परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) बनाने के खतरों के प्रति आगाह किया। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति के रुख का समर्थन करते हुए कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल नहीं करने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई राष्ट्रपति के नेतृत्व में हुई है। वेंस ने डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों से आग्रह किया कि वे अपने सैनिकों की सफलता और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करें। ट्रंप का कड़ा रुख: ‘ईरान के नेता हिंसक और दुष्ट हैं’वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा “मैं किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में युद्ध कम चाहता हूं… ईरान के नेता हिंसक और दुष्ट लोग हैं जिन्होंने पिछले तीन हफ्तों में 32,000 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है।” ‘दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो जाएगा’ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि कोई यह मानता है कि ईरान को परमाणु हथियार मिलने चाहिए, तो वह गलत है। उन्होंने कहा वे इसका इस्तेमाल एक घंटे या एक दिन के भीतर कर देंगे। वे इसका इस्तेमाल करेंगे और पूरे पश्चिम एशिया को तबाह कर देंगे, न कि सिर्फ इस्राइल को। ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया कि यदि ईरान को परमाणु हथियार मिल जाता है, तो दुनिया का एक बहुत बड़ा हिस्सा तबाह हो जाएगा और इसका इस्तेमाल लगभग तुरंत ही किया जाएगा। ‘हमने उन्हें दो हफ्तों में तबाह कर दिया’राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता पर अमेरिका की कार्रवाई के प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने दावा किया हमने उन्हें दो हफ्तों में तबाह कर दिया है। उनके पास कोई नौसेना नहीं है, कोई वायु सेना नहीं है, कोई एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार नहीं है और कोई नेतृत्व नहीं है। उनका नेतृत्व खत्म हो गया है। फिर उन्होंने एक नया नेतृत्व स्थापित किया और वह भी खत्म हो गया। ट्रंप ने कहा कि यह काम पूरी दुनिया के लिए किया गया है। उन्होंने ईरान को पिछले 50 वर्षों या उससे भी लंबे समय में वैचारिक दृष्टिकोण से सबसे खराब देश बताया, जो दुनिया को उड़ाना चाहता था। ‘नेतृत्व के दो स्तर पूरी तरह खत्म’राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका ने ईरान की अधिकांश मिसाइलों और ड्रोनों को निष्क्रिय कर दिया है। उन्होंने कहा हमने नेतृत्व के दो स्तरों को पूरी तरह से खत्म कर दिया है और शायद तीसरा भी। हमारे पास केवल एक चीज है जो एक छोटा चोक पॉइंट है और उन्होंने (ईरान) इसका वर्षों से बहुत अच्छी तरह से इस्तेमाल किया है, लेकिन यह काम नहीं करता। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जिन देशों को अमेरिका वर्षों से मदद करता आ रहा है, उनकी 90 से 95% ऊर्जा होर्मुज जलडमरूमध्य से प्राप्त होती है, जो एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदु है। ट्रंप बोले- कार्रवाई जल्द खत्म, दुनिया होगी सुरक्षितअमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हाल की सैन्य कार्रवाई जल्द ही समाप्त हो जाएगी और दुनिया अब अधिक सुरक्षित होगी। ट्रंप ने अपने फैसले को अनिवार्य और जरूरी बताया। उन्होंने कहा अगर आप देखना चाहते हैं कि स्टॉक मार्केट कैसे गिरती है, तो उन्हें (ईरान) परमाणु हथियारों से हमला करने दें। यह केवल एक छोटा मूल्य है जो हमें चुकाना पड़ा। ट्रंप ने आगे बताया कि यह पूरी रणनीति एक उच्चस्तरीय शतरंज का खेल है और वे इसके लिए बहुत ही स्मार्ट खिलाड़ियों से निपट रहे हैं। उनका कहना था कि इस खेल में संतुलन बनाए रखना और खतरे को रोकना ही सबसे बड़ा उद्देश्य है।