DRI का बड़ा खुलासा: गोल्ड स्मगलिंग गिरोह बेनकाब, करोड़ों की एसेट्स सीज

नई दिल्ली। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने संगठित सोने की तस्करी के नेटवर्क को बेनकाब किया है और 14.13 करोड़ रुपए मूल्य के सोने, चांदी और भारतीय मुद्रा को जब्त किया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा रविवार को दी गई। अधिकारियों ने कहा कि इस नेटवर्क में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह विदेशी मूल के सोने की भारत में तस्करी करने, उसे ट्रेनों के माध्यम से परिवहन करने, पहचान चिह्नों को हटाने के लिए अवैध संयंत्रों में उसे पिघलाने और फिर घरेलू बुलियन बाजार में बेचने में लगा हुआ था। इस अभियान के दौरान, डीआरआई अधिकारियों ने लगभग 13.41 करोड़ रुपए मूल्य का 8,286.81 ग्राम सोना, 19.67 लाख रुपए मूल्य की 7,350.4 ग्राम चांदी और 51.74 लाख रुपए की भारतीय मुद्रा जब्त की। यह जब्ती सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत की गई। यह मामला तब सामने आया जब डीआरआई अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए कोलकाता से ट्रेन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे एक यात्री को रोका। यात्री के पास विदेशी मुहरों वाला सोना था, जिसे स्टेशन के बाहर किसी अन्य व्यक्ति को पहुंचाना था। अधिकारियों ने तुरंत ही वाहक और प्राप्तकर्ता दोनों को पकड़ लिया।उनकी जानकारी के आधार पर, डीआरआई टीमों ने दिल्ली में तलाशी अभियान चलाया और एक अवैध सोना पिघलाने की सुविधा का पता लगाया। जांचकर्ताओं ने पाया कि इस इकाई का उपयोग विदेशी मूल के सोने को पिघलाने और उस पर से पहचान चिह्नों को हटाने के लिए किया जा रहा था, ताकि इसे स्थानीय बाजार में बेचा जा सके। परिसर से अतिरिक्त सोना, चांदी और नकदी बरामद की गई, और सुविधा का संचालन करने वाले प्रबंधक को भी हिरासत में ले लिया गया। आगे की जांच के बाद अधिकारी कोलकाता पहुंचे, जहां गिरोह के कथित सरगना का पता एक अन्य अवैध सोना पिघलाने वाली इकाई से चला। इस अभियान के दौरान और अधिक मिलावटी सोना बरामद किया गया। सरगना को दो वाहकों के साथ गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने तस्करी किया हुआ विदेशी चिह्नों वाला सोना प्राप्त किया था, उस पर से चिह्नों को हटाने के लिए उसे पिघलाया और फिर वितरण के लिए ट्रेन से दिल्ली भेजा था। अधिकारियों ने बताया कि सोने की तस्करी, परिवहन, पिघलाने और बिक्री में शामिल सभी छह लोगों को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। एजेंसी ने कहा कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और तस्करी किए गए सोने के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
MP के 22 लाख पेंशनर्स के लिए झटका: केंद्र ने पेंशन राशि बढ़ाने से किया इंकार, महंगाई के बीच आर्थिक मदद पर संकट

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के करीब 22.5 लाख पेंशनर्स के लिए दिल्ली से निराशाजनक खबर है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। यह निर्णय नीति आयोग की सिफारिशों और विभिन्न मूल्यांकन अध्ययनों के बावजूद लिया गया है, जिनमें पेंशन राशि बढ़ाने और भुगतान प्रणाली को मजबूत करने की सलाह दी गई थी। राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। विशेष रूप से विकलांगता पेंशन (IGNDPS) के मामले में मध्य प्रदेश 1,01,470 लाभार्थियों के साथ देश में दूसरे स्थान पर है, केवल बिहार इससे आगे है। चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 889.77 करोड़ रुपए की निधि जारी की है, जो उत्तर प्रदेश और बिहार से भी अधिक है। पेंशन की वर्तमान व्यवस्था: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन (IGNOAPS): 60-79 वर्ष के बुजुर्ग: 600 रुपए/माह (केंद्र 200 + राज्य 400) 80 वर्ष या उससे अधिक: 600 रुपए/माह (केंद्र 500 + राज्य 100) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन (IGNWPS): 40-79 वर्ष की BPL विधवाओं को 600 रुपए/माह (केंद्र 300 + राज्य 300) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन (IGNDPS): 18-79 वर्ष के 80% या अधिक दिव्यांग: 600 रुपए/माह (केंद्र 300 + राज्य 300) 80 वर्ष के बाद: केंद्र 500 + राज्य 100 रुपए/माह इस फैसले से लाखों बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स को महंगाई के इस दौर में आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद नहीं पूरी होगी। हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने पहले ही अपनी ओर से पेंशन राशि का योगदान सुनिश्चित किया है, लेकिन केंद्रीय हिस्से में वृद्धि न होने से कुल राशि में बदलाव नहीं होगा। सरकार का निर्णय और प्रभाव: केंद्र ने पेंशन बढ़ोतरी से इनकार किया, बावजूद इसके कि नीति आयोग और अध्ययन पेंशन राशि बढ़ाने की सलाह दे चुके थे। इसका असर सीधे उन 22.5 लाख लाभार्थियों पर पड़ेगा, जो इस राशि का उपयोग भोजन, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों के लिए करते हैं। मध्य प्रदेश सामाजिक सुरक्षा के मामले में अग्रणी है, लेकिन पेंशन राशि स्थिर रहने से आर्थिक दबाव बना रहेगा। राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त व्यवस्था के बावजूद अब पेंशन बढ़ाने की मांग लाभार्थियों और सामाजिक संगठनों की तरफ से तेज हो सकती है।
गैस सिलेंडर की कमी, कतारों में खड़े उपभोक्ता, रविवार को बंद रहेंगे बाटलिंग प्लांट

नई दिल्ली: रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत बढ़ती जा रही है। तेल कंपनियों ने इस संकट के बीच गैस एजेंसियों को आपूर्ति पर 20 से 25 प्रतिशत तक का कोटा निर्धारित कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब सिलेंडर की आपूर्ति मांग के अनुसार नहीं होगी बल्कि तय कोटे के आधार पर ही होगी। इस स्थिति का असर आम आदमी की रसोई तक सीधे पहुंच रहा है और घरेलू बजट पर दबाव बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार, जिन एजेंसियों की मासिक बिक्री औसतन 10,000 सिलेंडर होती थी, उन्हें अब केवल 7,500 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, कई वितरण केंद्रों पर जहां रोजाना लगभग 2,500 सिलेंडरों की मांग होती है, वहां अब आपूर्ति घटकर महज 500 सिलेंडर तक रह गई है। इस भारी अंतर के कारण उपभोक्ताओं को रिफिल के लिए पांच से सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। राजधानी रायपुर में एलपीजी एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें बन गई हैं। लोग सिलेंडरों के लिए कई घंटों तक इंतजार कर रहे हैं, जिससे रोजमर्रा की घरेलू गतिविधियों पर असर पड़ा है। इस संकट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति है, जिसका सीधा असर तेल कीमतों और गैस आपूर्ति पर पड़ा है। इस बीच स्थिति और गंभीर हो सकती है क्योंकि रविवार को बाटलिंग प्लांट बंद रहेंगे। इससे सिलेंडरों की आपूर्ति और कम हो जाएगी और दबाव और बढ़ने की संभावना है। तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को यह सलाह दे रही हैं कि आपात स्थिति के लिए बचत सिलेंडर का उपयोग करें और गैर-जरूरी सिलेंडर का उपयोग टालें। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक राजनीतिक तनाव के कारण पैदा हुआ है। घरेलू स्तर पर तेल कंपनियां कोटा प्रणाली लागू कर रही हैं ताकि सीमित आपूर्ति को अधिकतम संख्या में उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके। गृहिणियों और आम नागरिकों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। रसोई के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और सिलेंडर रिफिल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि सिलेंडर के लिए किसी एक वितरण केंद्र पर लगातार न रहें और अपने नजदीकी एजेंसी से समय-समय पर जानकारी लेते रहें। इस संकट से निपटने के लिए प्रशासन और तेल कंपनियां लगातार उपाय कर रही हैं। बैकअप आपूर्ति सुनिश्चित करने और आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन रविवार को बाटलिंग प्लांट बंद रहने से स्थिति अस्थायी रूप से और गंभीर हो जाएगी। रायपुर में एलपीजी सिलेंडर संकट उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है। तेल कंपनियों द्वारा कोटा लागू करने के बाद भी सिलेंडरों की उपलब्धता सीमित है और घरेलू रसोई के बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को सतर्क रहने और आपूर्ति की स्थिति के अनुसार योजना बनाने की आवश्यकता है।
हरदा के आईआईटीयन श्रेयांश ने 2.3 करोड़ का पैकेज ठुकराया, पहले प्रयास में यूपीएससी क्लियर कर प्रदेश का नाम रोशन

हरदा । मध्यप्रदेश के हरदा जिले के आईआईटी मुंबई के पूर्व छात्र श्रेयांश बड़ोदिया ने अपनी मेहनत और साहस से प्रदेश का नाम रोशन किया है। श्रेयांश ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 194वीं रैंक हासिल की। खास बात यह है कि उन्होंने सालाना 2.3 करोड़ रुपए के पैकेज वाली आईटी नौकरी छोड़कर पहली ही कोशिश में यूपीएससी परीक्षा पास कर ली। श्रेयांश ने बताया कि नौकरी से आर्थिक सुविधा तो मिल रही थी लेकिन मन को संतुष्टि नहीं मिल रही थी। उनका मानना था कि उन्हें समाज और देश के लिए कुछ बेहतर करना चाहिए। उन्होंने कहा जब मैंने जॉब छोड़ने का फैसला किया तो मेरी स्थिति अंग्रेजी कहावत आई वास इन टू माइंड जैसी थी। एक तरफ आराम था दूसरी तरफ संतुष्टि नहीं। मैं चाहता था कि जीवन में ऐसा काम करूं जिससे समाज और देश के लिए योगदान हो। श्रेयांश ने वर्ष 2018 में आईआईटी मुंबई से बीटेक पूरी की और गुरुग्राम की कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य करने लगे। नौकरी के दौरान ही उन्हें सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा मिली। अगस्त 2024 में उन्होंने परिवार को सूचित करने के बाद नौकरी छोड़ दी और मुंबई में रहकर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। श्रेयांश ने मई 2025 में प्रीलिम्स अगस्त में मेंस और जनवरी 2026 में इंटरव्यू पास किया। नौ महीने की कड़ी मेहनत और रणनीति से उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता पाई। उन्होंने कहा कि आईटी सेक्टर में कंफर्ट जोन जरूर था लेकिन संतुष्टि नहीं। प्रशासनिक सेवा में जाकर वे अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करना चाहते थे। भविष्य में श्रेयांश शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए काम करना चाहते हैं। प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने और स्वास्थ्य क्षेत्र में आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर कम करने पर उनका विशेष ध्यान रहेगा। श्रेयांश का परिवार मुंबई में रहता है। उनके पिता जी.डी. बड़ोदिया नर्मदापुरम में जिला कोषालय अधिकारी रह चुके हैं और मेहर गढ़वाल समाज के अध्यक्ष भी रहे। 2023 में उन्होंने विधायक पद के लिए चुनाव भी लड़ा था। परिणाम घोषित होने के बाद श्रेयांश परिवार के साथ मध्यप्रदेश लौटे और अपने गृह जिले हरदा पहुंचे। यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम 2025 में कुल 958 उम्मीदवार क्वालिफाई हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया भोपाल के ईशान भटनागर टॉप 5 में रहे जबकि धार जिले के पक्षल सेक्रेटरी ने 8वीं रैंक हासिल की।
US Iran War : कितना पावरफुल है अमेरिका का USS अब्राहम लिंकन जंगी जहाज,

अमेरिका और इजरायल से चल रही जंग के बीज ईरान ने एक बड़ा दावा किया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के फाइटर जेट ले जाने में सक्षम जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. अमेरिका ने इसे झूठ बताया है और कहा है कि यह विमानवाहक जहाज पूरी तरह से काम कर रहा है. इस बयानबाजी ने दुनिया का ध्यान उस पावरफुट जंगी जहाज की ओर खींच लिया है, जो तीन दशकों से भी अधिक समय से अमेरिकी सैन्य ताकत दिखाने के केंद्र में रहा है. क्यों इतना पावरफुल है USS अब्राहम लिंकन? USS अब्राहम लिंकन का हुल नंबर CVN-72 है. हुल नंबर (Hull Number) एक विशिष्ट पहचान कोड होता है, जो जहाज के प्रकार और विशिष्ट पहचान को दर्शाता है. USS अब्राहम लिंकन ने अमेरिकी नौसेना में अपना करियर नवंबर 1989 में शुरू किया था. यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक जहाज़ों की श्रृंखला का पांचवां जहाज है. यह निमित्ज श्रेणी (Nimitz-class) का विमानवाहक जहाज है.
मुरैना में वन विभाग का बड़ा कारनामा: फ्रिज से 2 क्विंटल नीलगाय का मांस, सिर और चमड़ी बरामद, तस्करी का गहरा नेटवर्क खुला

मुरैना। मुरैना के जातवर गांव में शनिवार देर शाम वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक घर पर छापा मारा और फ्रिज में रखे लगभग 2 क्विंटल यानी चार बोरे नीलगाय का मांस बरामद किया। इस कार्रवाई में आरोपी रिंकू खान को गिरफ्तार किया गया, जबकि मकान मालिक सोनू नागर पर भी विभाग ने कार्रवाई की। वन विभाग का दावा है कि आरोपी चंबल के बीहड़ में नीलगाय का शिकार करते थे और मेवाती होटलों तथा आसपास के जिलों में मांस सप्लाई करते थे। हिंदू संगठन की सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ग्राम जातवर पहुंची। मौके पर रिंकू खान पुत्र अकबर खान मिला। टीम ने घर में रखे बड़े फ्रिज की तलाशी ली, तो चार प्लास्टिक के बोरों में भरा हुआ 2 क्विंटल नीलगाय का मांस बरामद हुआ। वन विभाग ने मांस जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया और पूछताछ शुरू कर दी। जांच में आरोपी की निशानदेही पर टीम ने सिहोरी गांव के बीहड़ में भी दबिश दी। वहां से नीलगाय का सिर और चमड़ी बरामद हुई। वन विभाग ने बताया कि तस्कर नीलगायों को पकड़कर वहीं बीहड़ में काटते और मांस को होटलों और दूसरे जिलों में सप्लाई करते थे। इस कार्रवाई से इलाके में नीलगाय की तस्करी का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। वन विभाग के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से लगातार पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा, “रिंकू खान की निशानदेही पर बीहड़ से मांस, सिर और चमड़ी बरामद की गई। सहयोगी मदीना उर्फ लाली नट नागर को भी गिरफ्तार किया गया है। अभी यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मकान मालिक सोनू नागर पर भी कार्रवाई की गई है।” वन विभाग के इस बड़े अभियान ने इलाके में नीलगाय संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाईयों से तस्करों को खुला चुनौती मिलती है और वन्य जीवों की अवैध शिकार तथा मांस तस्करी पर कड़ी रोक लगेगी।
गाजियाबाद से 6 संदिग्ध जासूस पकड़े, PAK भेजते थे लाइव वीडियो; दिल्ली में लगा रखा था IP सोलर कैमरा

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के संवेदनशील स्थानों के वीडियो और फोटो बनाकर पाकिस्तान भेजने वाले छह संदिग्ध जासूसों को गाजियाबाद के कौशांबी थानाक्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में एक महिला शामिल है। शनिवार को पकड़े गए ये छह आरोपी देश के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी एक साल में 50 से अधिक वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेज चुके हैं। पुलिस ने शनिवार सुबह गुप्त सूचना पर भोवापुर तिराहा के पास से मेरठ के परतापुर निवासी सुहेल मलिक, भोवापुर निवासी प्रवीन, राज, शिवा और रितिक को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ के बाद आनंद विहार बॉर्डर से संभल निवासी साने इरम उर्फ महक को पकड़ लिया। दिल्ली में आईपी सोलर कैमरे लगा पाक भेजते थे लाइव वीडियो आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन मिले हैं। इनमें दिल्ली के रेलवे स्टेशनों और सैन्य ठिकानों के फोटो, वीडियो हैं। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि इन लोगों ने दिल्ली में कुछ स्थान पर आईपी सोलर कैमरे भी लगा रखे थे और वहां की लाइव वीडियो पाकिस्तान भेजते थे। सूत्रों के अनुसार, अभी तक दिल्ली में सिर्फ एक स्थान पर ऐसे कैमरे के बारे में आरोपियों ने बताया है। इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दे दी गई है। आगे की जांच में पता चलेगा कि और कितनी जगहों पर आरोपियों ने ऐसे कैमरे लगाए थे। पाकिस्तान से आई डिमांड पर आरोपी संबंधित जगह जाकर फोटो-वीडियो बनाकर भेजते थे। लोकेशन के हिसाब से इन्हें पांच से आठ हजार रुपये तक एक जगह के मिलते थे। आरोपियों के मोबाइलों से पुलिस को अब तक एक ही पाकिस्तानी नंबर मिला है। जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब एक साल से पाकिस्तान में बैठे सरगना के संपर्क में थे। बातचीत सिर्फ वॉट्सऐप चैट के जरिये होती थी। पाकिस्तान में बैठा मास्टरमाइंड गिरोह से जुड़ने वाले हर सदस्य से सीधे संपर्क में रहता था। वह सभी से अलग-अलग स्थानों के फोटो और वीडियो की मांग करता था और आरोपी उसका आदेश को पूरा करते थे। हालांकि, अब तक की जांच में सुहेल के खाते में ही पाकिस्तान से रकम भेजने की बात सामने आई है। बाकी आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी भी जल्द पुलिस को मिलेगी। शनिवार शाम सभी आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। दिल्ली के कई स्थानों पर थी नजर मोबाइल से दिल्ली स्थित आनंद विहार रेलवे स्टेशन, दिल्ली कैंटोनमेंट, बीएसएफ व सीआरपीएफ के मुख्यालय समेत कई संवेदनशील स्थानों के फोटो-वीडियो मिले हैं। इन्हें पाकिस्तानी नंबर पर भेजा गया है। आरोपियों के मोबाइल से 20 से अधिक स्थानों के 50 वीडियो और इससे भी अधिक फोटो मिले हैं। सभी वीडियो और फोटो दिल्ली में ही अलग-अलग संवेदनशील स्थानों के हैं। पुलिस इन चैट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। आशंका है कि दिल्ली में घटना को अंजाम देने साजिश की जा रही थी। दिल्ली में बीते साल लाल किला के पास हुए धमाके से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है। सुहेल-इरम मिलने आते थे मेरठ में रहने वाले गिरोह का सरगना सुहेल बिजनौर के नरगढ़ी का मूल निवासी है। राज वाल्मीकि औरैया कोतवाली क्षेत्र, शिवा बदायूं के उझियानी और रितिक शाहजहांपुर के कटरा का है। सुहेल और इरम के अलावा बाकी चारों भोवापुर में किराये के मकान में रहते थे। चारों साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में कर्मचारी के पद पर काम करते थे। कानून-व्यवस्था एवं यातायात के एडिशनल सीपी राजकरन नैय्यर ने बताया कि सभी छह आरोपियों के मोबाइल से पाकिस्तानी नंबर पर बातचीत और संवेदनशील ठिकानों के फोटो और वीडियो मिले हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच की जा रही है। नाहल में पकड़े गए आरोपियों से भी संबंध होने की आशंका गाजियाबाद के नाहल क्षेत्र से एटीएस ने भी छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। आशंका है कि इनका एटीएस द्वारा पकड़े गए आरोपियों से भी संपर्क था। हालांकि, अभी तक पुलिस जांच में यह तथ्य नहीं आया है। नाहल के किसी भी आरोपी या उनसे जुड़े पाकिस्तानी नंबर पुलिस को आरोपियों के फोन से नहीं मिले। आरोपियों के सभी आठ मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे तभी पता चल पाएगा कि आरोपी कब से पाकिस्तान के संपर्क में थे। गिरोह में कुछ और युवतियां शामिल सुहेल के बाद इरम गिरोह में दूसरे नंबर पर थी। दोनों समय-समय पर मेरठ और संभल से आकर चारों से मिलते थे। इरम मुख्य रूप से गिरोह में शामिल करने के लिए युवाओं को चिह्नित कर उनसे संपर्क करती थी। शुरुआत में कंटेंट के लिए फोटो व वीडियो के लिए बात करते। पहली बार आरोपियों को रुपये मिल जाते, जिसके बाद वे सवाल पूछे बिना आरोपियों की कही बात मानते रहते थे। अंदेशा है कि गिरोह में कुछ और युवतियां भी शामिल हो सकती हैं। एजेंसियों ने पूछताछ की आरोपियों के पकड़े जाते ही इसकी सूचना खुफिया एजेंसियों को दी गई। तुरंत एटीएस और आईबी के साथ स्थानीय खुफिया इकाई पहुंची और आरोपियों से लंबी पूछताछ की। सभी के बयान दर्ज किए गए। पाकिस्तान में कितने लोगों से संपर्क हैं, कितने समय से काम कर रहे हैं, गिरोह में कितने लोग, कहां-कहां के शामिल हैं। फोटो-वीडियो क्यों मंगाए गए, क्या साजिश है, इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ के बाद खुफिया टीम कौशांबी थाने से लौट गई। स्थानीय लोगों की सजगता से पकड़े गए आरोपी दिल्ली के अलावा आसपास के इलाकों के भी फोटो और वीडियो बनाते थे। आरोपियों ने पड़ोसियों को बताया था कि इसके लिए रुपये मिलते हैं और वे रुपयों का लालच देकर अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने के प्रयास में थे। आसपास के लोगों को इनकी गतिविधि पर शक हुआ और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस के मुताबिक स्थानीय लोगों की सजगता से बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
मार्केट आउटलुक: अमेरिका-ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमत और फेड की बैठक पर निर्भर करेगी शेयर बाजार की चाल

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होगा। अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध; विदेशी निवेशकों के रुझान, कच्चे तेल की कीमत और फेड रिजर्व की बैठक के निर्णय से बाजार की चाल निर्धारित होगी। अमेरिकी फेड की ब्याज दरों को लेकर दो दिवसीय बैठक 17 मार्च से शुरू होगी और इसके फैसलों का ऐलान 18 मार्च को किया जाएगा। मौजूदा समय में युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों के चलते इस बार की फेड बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतें भी इस हफ्ते बाजार के लिए काफी अहम होंगी। बीते एक हफ्ते में आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा के चलते कच्चे तेल का दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब 11 प्रतिशत बढ़ गया है। ऐसे में कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव अगले हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध लगातार तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि यूएस ईरान के तेल निर्यात के लिए अहम खार्ग द्वीप पर अतिरिक्त एयर स्ट्राइक कर सकता है। ऐसे में युद्ध और खींचने भी बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। मार्च के पहले पखवाड़े में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 52,704 करोड़ रुपए इक्विटी बाजार से निकाले। ऐसे में एफआईआई का रुझान भी बाजार का सेंटीमेंट तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। मध्य पूर्व में तनाव के चलते भारतीय बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी नुकसान वाला रहा है। इस दौरान सेंसेक्स 4,354.98 अंक या 5.52 प्रतिशत और निफ्टी 1,299.35 अंक या 5.31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। 9-13 मार्च के बीच हुई गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 20 लाख करोड़ रुपए कम होकर 430 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो इस हफ्ते की शुरुआत में करीब 450 लाख करोड़ रुपए था। इस हफ्ते के दौरान सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट ऑटो में देखी गई। सभी सूचकांकों निफ्टी ऑटो 10.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर था। इसके साथ निफ्टी पीएसयू बैंक 7.27 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 7.01 प्रतिशत,निफ्टी प्राइवेट बैंक 6.96 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 5.90 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस 5.68 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 5.60 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 5.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
ग्वालियर में क्राइम की बढ़ती घटनाएं: फरार गैंगस्टर गिरफ्तार, होटल के बाहर युवक का अपहरण, पारिवारिक रंजिश में मारपीट के 4 आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर । ग्वालियर में क्राइम की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई वारदातों में पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए फरार गैंगस्टर और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुरार थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी के लेनदेन को लेकर 5 मार्च को आमोद राणा निवासी बिलारा के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। इस वारदात में विक्रम राणा और उनके साथी गजेंद्र कोली सोनू भदौरिया और कपिल रावत शामिल थे। पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए भेजने के साथ ही चारों बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। लगभग 10 दिन की लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने राजस्थान के धौलपुर से गैंगस्टर विक्रम राणा और उसके साथी गजेंद्र कोली उर्फ गड़रा, कपिल रावत और जीतू गुर्जर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार जीतू गुर्जर के पास से पिस्टल भी बरामद की गई। वहीं कोतवाली थाना क्षेत्र के हुजरात चौराहे में पुरानी पारिवारिक रंजिश के चलते मारपीट की घटना सामने आई। युवक अरविंद गुर्जर और उसकी मां के साथ अरोपी आलोक गुर्जर, शत्रु गुर्जर, मोहित गुर्जर और भरत गुर्जर ने मारपीट की। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है। फरियादी अरविंद गुर्जर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी बीच थाटीपुर थाना क्षेत्र में होटल के रिसेप्शनिस्ट श्यामु राणा का अपहरण किया गया। अपहरणकर्ताओं ने श्यामू से उसके साडू उप्पे राणा के बारे में पूछताछ की और मारपीट की। बदमाशों ने पीड़ित को मुरार इलाके से लेकर गोविंदपुरी के पास छोड़ दिया। यह घटना गायत्री विहार स्थित बागवान होटल के बाहर हुई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास है। पुलिस ने अपहरण और मारपीट के मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों को ट्रैक कर गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं शहर में बढ़ते अपराध की घटनाओं ने आम लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अल्लू सिरिश-नयनिका रेड्डी से की मुलाकात, नवविवाहित जोड़े को दी हार्दिक शुभकामनाएं

नई दिल्ली:साउथ फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता अल्लू सिरिश और उनकी लॉन्गटाइम गर्लफ्रेंड नयनिका रेड्डी की शादी की खुशियों के बीच हाल ही में एक और खास मौका आया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नवविवाहित जोड़े से मुलाकात की और उन्हें वैवाहिक जीवन के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस मुलाकात की तस्वीरें अल्लू सिरिश ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। अल्लू सिरिश ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरों के साथ लिखा कि यह उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान और यादगार पल था। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू एक ऐसे नेता हैं जिनकी वह बहुत इज्जत करते हैं। मुख्यमंत्री उनके घर आए और शादी के लिए उन्हें और नयनिका को शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ एक घंटे की बातचीत में उन्हें कई नई बातें सीखने का मौका मिला। अल्लू सिरिश और नयनिका रेड्डी ने 6 मार्च 2026 को हैदराबाद में अपने करीबी दोस्तों और परिवार के बीच एक निजी समारोह में शादी की थी। इस खास अवसर पर साउथ फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति की कई हस्तियां भी शामिल हुईं। इनमें चिरंजीवी, राम चरण, सूर्या, पवन कल्याण, और राशी खन्ना प्रमुख थे। इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी इस शादी में उपस्थित रहे। इस शादी को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी उत्साह देखा गया। अल्लू सिरिश और नयनिका रेड्डी के फैंस ने भी अपने-अपने तरीके से नवविवाहित जोड़े को बधाई दी। अल्लू सिरिश ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए फैंस का धन्यवाद भी किया। उन्होंने लिखा कि इस खास दिन को और भी यादगार बनाने में उनके परिवार और दोस्तों ने बड़ी भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ मुलाकात का यह पल अल्लू सिरिश के लिए बेहद खास रहा। उन्होंने बताया कि इस मुलाकात ने उन्हें न केवल प्रेरित किया बल्कि कई नई बातें सीखने का अवसर भी दिया। उन्होंने कहा कि एक नेता के साथ सीधे बातचीत करना और उनके अनुभव सुनना उनके लिए एक सम्मान की बात थी। अल्लू सिरिश साउथ फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता अल्लू अर्जुन के छोटे भाई हैं। उनके फिल्मी करियर और निजी जीवन दोनों ही फैंस के बीच काफी चर्चा में रहते हैं। वहीं नयनिका रेड्डी लंबे समय से अल्लू सिरिश के साथ हैं और उनकी शादी ने दोनों के फैंस के बीच काफी उत्साह पैदा किया। इस मुलाकात के साथ ही नवविवाहित जोड़े की खुशी और बढ़ गई है। फैंस अब उनके आने वाले पलों और अपडेट्स का इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में जोड़े की खुशी साफ दिखाई दे रही है और मुख्यमंत्री का आशीर्वाद इस खास दिन को और भी यादगार बना गया है।