उन्नाव में दर्दनाक घटना: पति की मौत का सदमा नहीं सह पाई महिला, वीडियो बनाकर लगाई फांसी

उन्नाव। उत्तर प्रदेश के Unnao जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां Priyadarshini Nagar मोहल्ले में 30 वर्षीय महिला ने पति की मौत के गहरे सदमे में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक कदम से पहले महिला ने एक भावुक वीडियो बनाकर अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर डाला, जिसमें उसने अपनी बेबसी और अकेलेपन का दर्द बयां किया। कुछ ही सालों में टूट गया पूरा परिवार जानकारी के मुताबिक मृतका एकता अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। बीते कुछ वर्षों में उसने एक-एक कर अपने माता-पिता को खो दिया था। इसके बाद उसका पति आलोक उर्फ बबलू ही उसका एकमात्र सहारा था। दोनों मायके में ही साथ रहते थे। लेकिन 2 मार्च को अचानक दिल का दौरा पड़ने से आलोक की भी मौत हो गई। इस घटना के बाद एकता पूरी तरह टूट गई थी। तेरहवीं के बाद बढ़ गया अकेलापन शुक्रवार को आलोक की तेरहवीं का कार्यक्रम हुआ था, जिसमें रिश्तेदार और परिचित बड़ी संख्या में मौजूद थे। इस दौरान घर में लोगों की मौजूदगी से एकता का ध्यान कुछ समय के लिए बंटा रहा। लेकिन शनिवार सुबह जब रिश्तेदार वापस लौट गए और घर में सन्नाटा छा गया, तो एकता का अकेलापन और अवसाद बढ़ गया। इसी दौरान उसने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया और अपनी अंतिम बातें कही। वीडियो में छलका दर्द वीडियो में एकता रोते हुए कहती है, “एक लड़की के तीन सहारे होते हैं—मां, बाप और पति। मेरे पास अब कोई नहीं बचा है। सब कहते हैं कि आगे सब अच्छा होगा, लेकिन इससे बुरा क्या होगा? मैं अपने पति के बिना नहीं जी सकती। मेरा अंतिम संस्कार अच्छे से कर देना।” स्टेटस देखकर पहुंचा भाई, लेकिन… वीडियो को व्हाट्सऐप स्टेटस पर डालने के कुछ देर बाद ही एकता ने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब उसके चचेरे भाई निकेत ने स्टेटस देखा तो वह तुरंत घर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा फैला दिया है।
घरेलू एयरलाइंस ने मध्य पूर्व क्षेत्र की कई उड़ानों को रद्द किया

नई दिल्ली। घरेलू एयरलाइंस ने रविवार को मध्य पूर्व क्षेत्र की कई उड़ानों को रद्द कर दिया है। इसमें अधिक उड़ानें यूएई के दुबई और अबू धाबी शहरों की हैं। इन उड़ानों के रद्द होने की वजह क्षेत्र में तनाव का लगातार बढ़ना है। भारतीय एयरलाइंस में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पश्चिम एशियाई देशों को जाने वाली कई उड़ानें रद्द की हैं, जबकि इंडिगो ने दुबई जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया है। एयर इंडिया समूह ने एक बयान में कहा, “संयुक्त अरब अमीरात के एयरपोर्ट अधिकारियों के नए निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को 15 मार्च 2026 के लिए अपनी अस्थायी उड़ानों में कटौती करनी पड़ रही है। बयान ने आगे कहा गया, “एयर इंडिया: दिल्ली-दुबई की एक वापसी उड़ान संचालित करेगी, दुबई के लिए निर्धारित पांच उड़ानों में से चार रद्द कर दी गई हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस:दिल्ली-दुबई की एक वापसी उड़ान संचालित करेगी, दुबई के लिए निर्धारित छह उड़ानों में से पांच रद्द कर दी गई हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अबू धाबी की सभी पांच उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और तिरुवनंतपुरम के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस रस अल खैमाह-कोझिकोड और रस अल खैमाह-कोच्चि के बीच उड़ानें संचालित करेगी। एयरलाइन ने कहा, “ये उड़ानें स्लॉट की उपलब्धता और संचालन के समय की स्थिति के अनुसार संचालित की जाएंगी। इंडिगो ने कहा कि उसने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से संबंधित हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के चलते दुबई आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी हैं। इंडिगो ने आगे कहा, “मध्य पूर्व में बदलती स्थिति के कारण, दुबई में उड़ान संचालन को और प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे उड़ान समय सारिणी में बदलाव हुए हैं। दुबई आने-जाने वाले यात्रियों से अनुरोध है कि हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच कर लें। हम यात्रियों को नवीनतम जानकारी से अवगत कराने के लिए सूचनाएं भी भेज रहे हैं। एक पिछले पोस्ट में, इंडिगो ने यह भी कहा था कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र में, साथ ही यूरोप के चुनिंदा मार्गों पर, अपने उड़ान नेटवर्क को धीरे-धीरे पुनर्स्थापित करने के लिए निकट समन्वय में है।
ईरान युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में तेल का संकट, क्या है भारत की स्थिति; सरकार ने बताया

तेहरान। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण समुद्री मार्ग बाधित होने के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि कच्चे तेल और ईंधन से संबंधित किसी भी हालात से निपटने के लिए भारत अच्छी स्थिति में है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने आम आदमी के लिए वैकल्पिक विकल्प प्रदान करने हेतु केरोसिन उत्पादन में वृद्धि की है। गोयल ने ‘सीएनबीसी-टीवी18 इंडिया बिजनेस लीडर्स अवार्ड्स 2026′ समारोह में कहा कि सरकार निर्यातकों को समर्थन देने के लिए अगले सप्ताह कुछ ”ठोस एजेंडा” लेकर आने की योजना बना रही है। गोयल ने कहा, “कच्चे तेल और ईंधन के मामले में हमारी स्थिति काफी अच्छी है। हमारे पास पर्याप्त भंडार मौजूद है। कच्चे तेल या ईंधन, पेट्रोल, डीजल, विमानन ईंधन के मोर्चे पर किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।” बढ़ाया गया केरोसीन का उत्पादन उन्होंने कहा कि भारत ने केरोसिन का उत्पादन बढ़ा दिया है ताकि एलपीजी की आपूर्ति में किसी भी देरी की स्थिति में आम आदमी के लिए खाना पकाने का एक वैकल्पिक साधन उपलब्ध हो सके। गोयल ने कहा, ”इसके साथ ही, हम विविध स्रोतों से आयात के माध्यम से एलपीजी और एलएनजी संबंधी आवश्यकताओं को भी पूरा कर रहे हैं।’ होर्मुज स्ट्रेट को बचाने का आह्वान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘बंद करने’ के ईरान के प्रयास से प्रभावित देशों से आग्रह किया कि वे वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण इस संकरे समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने के लिए जहाज भेजें। अमेरिका और इजराइल का ईरान के खिलाफ युद्ध तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भेजने का आग्रह किया तथा कहा कि अमेरिका तटरेखा पर बमबारी जारी रखेगा और ईरानी जहाजों व नौकाओं को निशाना बनाएगा। अमेरिका व इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर एक बड़ा संयुक्त हमला शुरू किया था और ईरान की जवाबी कार्रवाई के साथ यह पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया। ईरानी हमलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को प्रभावित किया है, जो कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस संबंध में कोई औपचारिक समझौता हुआ है या राष्ट्रपति ट्रंप ही ऐसा चाहते हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका, ईरान की सैन्य क्षमता को शत प्रतिशत नष्ट कर चुका है लेकिन चाहे वे कितने भी बुरी तरह पराजित क्यों न हो जाएं, उनके लिए एक-दो ड्रोन भेजना, बारूदी सुरंग गिराना या इस जलमार्ग में कहीं भी निकट दूरी की मिसाइल दागना आसान है। उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश इस क्षेत्र में जहाज भेजेंगे ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य एक ऐसे राष्ट्र के लिए खतरा न रहे जिसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।”
14 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया, एयरस्ट्राइक के जवाब में अफगानिस्तान का बड़ा दावा

काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव हाल ही में और तेज हो गया है। पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) ने अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों जैसे नंगरहार, पक्तिका और खोस्त में हवाई हमले किए, जिनका उद्देश्य पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और ISIS-K के आतंकी कैंपों को निशाना बनाना था। अफगानिस्तान के अधिकारियों का दावा है कि इन हमलों में महिलाएं और बच्चे मारे गए, साथ ही हज के लिए ईंधन डिपो को भी नुकसान पहुंचा। इन हमलों के जवाब में अफगानिस्तान की रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी सेना की स्थिति पर जवाबी कार्रवाई शुरू की। यह संघर्ष दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों, खासकर तालिबान की ओर से पाकिस्तानी आतंकियों को शरण देने के आरोपों का नतीजा है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कुनार और नंगरहार प्रांतों में ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। अफगान बलों ने दावा किया कि इस कार्रवाई में 14 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 11 घायल हुए, एक आर्मर्ड टैंक और एक इंटरनेशनल वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया। अफगानिस्तान ने इसे पाकिस्तानी सेना की ओर से किए गए अपराधों के जवाब में जरूरी कदम बताया। इस बीच, स्थानीय रिपोर्टों में एक परिवार के चार सदस्यों के मारे जाने और तीन के घायल होने की बात कही गई है, जो सीमा पर गोलीबारी से जुड़ी है। दोनों पक्षों के दावों में काफी अंतर है और स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है। पाकिस्तान के दावे अलग पाकिस्तान ने इन आरोपों का खंडन किया है और जवाबी कार्रवाई में अफगानिस्तान के कई क्षेत्रों जैसे काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने ऑपरेशन गजब लिल हक शुरू किया, जिसमें अफगान सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उनके हमलों में सैकड़ों अफगान लड़ाके मारे गए, जबकि अपनी तरफ कम नुकसान हुआ। यह तनाव फरवरी 2026 से शुरू हुए संघर्ष का हिस्सा है, जहां दोनों देश ओपन वॉर की स्थिति तक पहुंच गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन, रूस, कतर आदि देशों ने डी-एस्केलेशन की अपील की है। यह घटनाक्रम डूरंड लाइन विवाद और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों की गहरी असहमति को उजागर करता है। अफगानिस्तान पाकिस्तान पर हमलों का आरोप लगाता है, जबकि पाकिस्तान अफगानिस्तान को आतंकियों की सुरक्षित जगह बताता है। अगर यह जारी रहा तो क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिसमें नागरिकों की जान जोखिम में है। दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की जरूरत है, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है।
Central Mine Planning IPO: ऑफर फॉर सेल पर आधारित, निवेशकों के लिए 24 मार्च तक खुला मौका

नई दिल्ली:कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी Central Mine Planning का आईपीओ इस हफ्ते निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। यह IPO 20 मार्च से खुलेगा और 24 मार्च तक निवेशक इसमें हिस्सेदारी ले सकते हैं। ग्रे मार्केट के हालिया आंकड़े बताते हैं कि इस आईपीओ में पहले से ही आकर्षक प्रीमियम देखने को मिल रहा है। निवेशकों की नजर इस आईपीओ पर काफी तेज है क्योंकि यह ऑफर फॉर सेल पर आधारित है और कोल इंडिया की प्रतिष्ठित सब्सिडियरी कंपनी द्वारा जारी किया जा रहा है। Central Mine Planning IPO के तहत 10.71 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे। यह एक मेनबोर्ड सेगमेंट का आईपीओ है और इसकी लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों जगह होगी। हालांकि कंपनी ने अभी तक प्राइस बैंड और लॉट साइज की घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि सोमवार तक यह जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। आईपीओ में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स QIBs के लिए आरक्षित रहेगा। वहीं 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा और शेष 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रखा गया है। कंपनी की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नजर आ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में Central Mine Planning का रेवन्यू 2,177 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024 में 1,770 करोड़ रुपये था। टैक्स के बाद प्रॉफिट वित्त वर्ष 2025 में 667 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 503 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि निवेशकों के लिए आकर्षक संकेत है। ग्रे मार्केट प्रीमियम GMP की रिपोर्ट के अनुसार, इस IPO के शेयर आज 19 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। आईपीओ में सबसे अधिक GMP 24 रुपये प्रति शेयर देखा गया। यह संकेत करता है कि निवेशकों की ओर से शुरुआती प्रतिक्रिया सकारात्मक है और शेयरों की मांग अच्छी रहेगी। Central Mine Planning भारत की सबसे बड़ी कोयला और मिनिरल कंसल्टेंसी फर्म है। कंपनी के पास वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 61 प्रतिशत मार्केट शेयर था। कंपनी कोयला मंत्रालय के साथ-साथ पेट्रोलियम मंत्रालय को भी सलाह देती है, जिससे इसकी प्रतिष्ठा और बाजार में स्थिरता बनी रहती है। इस IPO के मर्चेंट बैंकर्स के रूप में IDBI Capital Markets & Securities और SBI Capital Markets चुने गए हैं। रजिस्ट्रार के रूप में केफिन टेक्नोलॉजी नियुक्त की गई है। विशेष रूप से निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। इसलिए किसी भी निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है। Central Mine Planning का IPO निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर के रूप में सामने आया है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, ग्रे मार्केट प्रीमियम और प्रतिष्ठित कंपनी होने के कारण यह IPO चर्चा में है। निवेशक इसे लेकर उत्साहित हैं और आगामी लिस्टिंग पर नजर रखे हुए हैं।
अमिताभ की एक्टिंग और रफी की आवाज का जादू, चार लाइन वाले गाने ने थिएटर में कर दिया माहौल इमोशनल

नई दिल्ली:सदी के महानायक Amitabh Bachchan ने हिंदी सिनेमा में अपनी दमदार एक्टिंग और बेहतरीन फिल्मों से हमेशा दर्शकों का दिल जीता है। उनके करियर के शुरुआती सालों में उनकी कई फिल्में हिट रहीं और 70 के दशक में उनका नाम हर जगह था। इस दौर में उनकी आई फिल्मों में शामिल हैं Sholay, Don, Amar Akbar Anthony, Deewar, Kabhie Kabhie और Maqaddar Ka Sikandar। 1978 में आई फिल्म Maqaddar Ka Sikandar ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ रेखा, राखी और विनोद खन्ना जैसे सितारे भी नजर आए। लेकिन इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा किस्सा है जिसने आज भी दर्शकों के दिलों में जगह बनाई है। दरअसल, फिल्म के एक बेहद इमोशनल सीन के लिए सिर्फ चार लाइन का गाना चाहिए था और इसके लिए विशेष रूप से मोहम्मद रफी को बुलाया गया। फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर Kalyanji-Anandji ने तय किया कि इस सीन में ऐसा दर्द सामने आए जो सीधे ऑडियंस की आत्मा को छू ले। हालांकि सभी गाने किशोर कुमार से रिकॉर्ड किए जा रहे थे, लेकिन रफी की आवाज में वह भावनात्मक गहराई थी जो सिर्फ चार लाइन में पूरा सीन जीवंत कर दे। शुरुआत में कल्याणजी-आनंदजी थोड़ा हिचक रहे थे कि क्या रफी साहब सिर्फ चार लाइन के लिए आएंगे। लेकिन जैसे ही उन्होंने रफी को अपनी बात बताई, रफी ने खुशी-खुशी इस रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लिया। उन्होंने स्टूडियो में आकर उन चार लाइन को रिकॉर्ड किया और बिना कोई फीस लिए चले गए। फिल्म के अंत में जब अमिताभ के किरदार की मौत दिखाई जाती है और यह चार लाइन वाला गाना बजता है -जिंदगी तो बेवफा है, एक दिन ठुकराएगी, मौत महबूबा है अपने साथ लेकर जाएगी, मरके जीने की अदा जो दुनिया को सिखलाएगा वो मुकद्दर का सिकंदर कहलाएगा-तो थिएटर में हर दर्शक की आंखों में आंसू थे। रफी की दर्दभरी आवाज और अमिताभ की बेहतरीन एक्टिंग ने इस सीन को आज भी यादगार बना दिया। यह गाना और सीन बॉलीवुड के इतिहास में भावनाओं का सबसे प्रभावशाली उदाहरण माना जाता है। सिर्फ चार लाइन में रफी साहब ने जो दर्द और भावनाएं पेश कीं, उन्होंने दर्शकों के दिलों को छू लिया। आज भी जब कोई यह सीन देखता है, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं और उस दौर के संगीत और अभिनय की ताकत याद दिला देता है।
सिंहस्थ-2028 के लिए इंदौर में बनेंगे अस्थायी सैटेलाइट टाउन:उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर से पहले रोका जाएगा

नई दिल्ली। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर पुलिस ने भीड़ प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस ने योजना बनाई है कि उज्जैन में भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को शहर में प्रवेश से पहले इंदौर में ही रोका जाएगा। इसके लिए शहर के बाहरी क्षेत्रों में अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन और पुलिस के बीच हुई संयुक्त बैठक में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण की रणनीति पर चर्चा की गई। इंदौर से सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावनापुलिस अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा आवाजाही इंदौर मार्ग से होने की संभावना है। ऐसे में भीड़ का दबाव कम करने के लिए पहले से व्यवस्था तैयार की जा रही है। प्रस्तावित सैटेलाइट टाउन में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, पेयजल, भोजन, शौचालय और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थानों से श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से उज्जैन की ओर भेजा जाएगा। बाहरी क्षेत्रों में स्थानों का चयनपुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर के बाहरी इलाकों में ऐसे कई स्थानों का चयन किया गया है, जहां अस्थायी सैटेलाइट टाउन विकसित किए जाएंगे। इससे उज्जैन में अचानक भीड़ का दबाव नहीं बढ़ेगा। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए प्रशिक्षणएडिशनल पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) आर.के. सिंह के अनुसार सिंहस्थ को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। तीन नए ट्रैफिक थानों का प्रस्तावशहर में फिलहाल एक ही ट्रैफिक थाना है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तीन नए ट्रैफिक थानों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। इनमें चंदन नगर क्षेत्र में धार रोड, बाणगंगा में सुपर कॉरिडोर और लसूड़िया में महालक्ष्मी नगर में ट्रैफिक थाना बनाने की योजना है। धार रोड के लिए प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। कई थानों में बल बढ़ाने का प्रस्तावपुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने तिलक नगर, राऊ और द्वारकापुरी थानों में अतिरिक्त बल बढ़ाने का प्रस्ताव भी पुलिस मुख्यालय को भेजा है। इसके अलावा ट्रैफिक थानों के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की जाएगी। सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए इंदौर पुलिस तैयारियों को लेकर योजना बना रही है।
स्वास्थ्य जागरूकता के लिए मैदान में उतरे खिलाड़ी, ‘टीबी मुक्त भारत’ संदेश के साथ हुआ फ्रेंडली मुकाबला

नई दिल्ली। ‘टीबी मुक्त भारत’ मिशन के तहत नई दिल्ली में एमपी-11 और दिल्ली पुलिस के बीच रविवार को एक क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ। इस मैच का उद्देश्य टीबी के प्रति जागरुकता फैलाना है। शिव सेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, “टीबी मुक्त भारत के तहत एमपी 11 और अन्य टीमों के बीच मैच खेला जाता है। आज का मैच दिल्ली पुलिस के साथ था। ऐसे मैचों के माध्यम से टीबी उन्मूलन का ध्येय पूरा होता दिखायी देता है। ऐसे मैचों का आयोजन होते रहना चाहिए। हम 12 साल से ऐसे मैच खेलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमपी लोगों को मैच खेलने का कम समय मिलता है, लेकिन हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा है। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने कहा, “एमपी-11 और दिल्ली पुलिस के मैच में कोई जीते या कोई हारे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमारा अंतिम लक्ष्य टीबी को हराना है और हम इसे प्राप्त करेंगे। सौमित्र खान ने कहा कि इस बार बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहेगा और हम सरकार बनाएंगे। भाजपा नेता अनुराग ठाकुर की पहल पर टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सांसद ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ का संदेश देने के लिए मैत्रीपूर्ण मैच खेलते हैं। विभिन्न दलों के सांसदों की ‘एमपी-11’ टीम राजनेताओं, पुलिस या सेलिब्रिटी एकादश के खिलाफ मैच खेलती है। इन मैचों का एकमात्र उद्देश्य टीबी के बारे में जागरूकता बढ़ाना और भारत को टीबी मुक्त बनाना है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से भारत में टीबी के प्रति जागरुकता बढ़ी है और मरीजों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। अनुराग ठाकुर और मनोज तिवारी जैसे सांसद ऐसे मैचों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। दोनों ही भाजपा सांसद अपने समय में बेहतरीन क्रिकेटर रहे हैं। अनुराग ठाकुर क्रिकेट में प्रशासनिक रूप से भी बेहद सक्रिय रहे हैं। वह हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके हैं।
हरदा के IIT ग्रेजुएट श्रेयांश बड़ोदिया ने 2.3 करोड़ की नौकरी छोड़ यूपीएससी में पहले प्रयास में हासिल की सफलता

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के हरदा निवासी श्रेयांश बड़ोदिया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 194वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने 2.3 करोड़ रुपए सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर देश और समाज के लिए खुद को समर्पित किया। श्रेयांश ने बताया कि नौकरी से आर्थिक सुविधा तो मिल रही थी, लेकिन मन को संतुष्टि नहीं मिल रही थी। वे चाहते थे कि उनका काम समाज के लिए लाभकारी हो। श्रेयांश ने अपनी स्थिति को इंग्लिश की कहावत “I was in two minds” से जोड़ा, क्योंकि एक तरफ जीवन आरामदायक था, वहीं दूसरी तरफ मन संतुष्ट नहीं था। उन्होंने सोचा कि भविष्य में जब अपने जीवन को देखेंगे तो महसूस हो कि उन्होंने देश और समाज के लिए कुछ किया। श्रेयांश ने 2018 में IIT मुंबई से बीटेक की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। नौकरी के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा की ओर झुकाव महसूस किया। उनके कई मित्र पहले ही सिविल सेवा में थे, जिससे उन्हें प्रेरणा मिली। अगस्त 2024 में श्रेयांश ने नौकरी छोड़कर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में लग गए। उन्होंने मई 2025 में प्रीलिम्स, अगस्त 2025 में मेंस और जनवरी 2026 में इंटरव्यू सफलतापूर्वक पास किया। करीब नौ माह की मेहनत और फोकस के साथ उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पहले प्रयास में पास कर लिया। श्रेयांश का कहना है कि आईटी सेक्टर में उन्हें कंफर्ट जोन जरूर मिला था, लेकिन संतुष्टि नहीं। प्रशासनिक सेवा में जाकर वे अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करना चाहते थे। उनका उद्देश्य शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार करना है। खासकर प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाना और स्वास्थ्य सेवा में लोगों को “आउट ऑफ पॉकेट खर्च” कम करना उनका लक्ष्य है। श्रेयांश का परिवार फिलहाल मुंबई में रहता है। उनके पिता जीडी बड़ोदिया नर्मदापुरम में जिला कोषालय अधिकारी रह चुके हैं और समाज में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। परिवार ने श्रेयांश के इस फैसले का पूरा समर्थन किया और परिणाम घोषित होने के बाद उनका स्वागत किया। UPSC 2025 में कुल 958 उम्मीदवार विभिन्न सेवाओं के लिए क्वालिफाई हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया, जबकि भोपाल और धार से भी कई युवा टॉप 10 में शामिल हुए। श्रेयांश की कहानी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने आराम और आर्थिक सुविधा को त्याग कर समाज और देश के लिए चुनौतियों से भरा रास्ता चुना। यह साबित करता है कि असली सफलता केवल पैकेज और पद से नहीं, बल्कि समाज के लिए योगदान और संतुष्टि से मापी जाती है।
एमपी में हीट अटैक के बीच बारिश की चेतावनी: मार्च में पहली बार मावठा के आसार, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में हीट अटैक जैसे हालात के बीच मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई इलाकों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मार्च के महीने में पहली बार मावठा गिरने की संभावना बन रही है। हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में गर्म हवाओं और तेज धूप का असर भी जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ लाइन के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 17 मार्च के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है जिसके असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 16 मार्च को छिंदवाड़ा बालाघाट बैतूल पंढुर्ना मंडला सिवनी अनूपपुर और डिंडोरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 17 मार्च को भी कुछ जिलों में बारिश का असर जारी रह सकता है। इस दिन बालाघाट सिवनी मंडला अनूपपुर और डिंडोरी में बादल गरजने के साथ पानी गिरने के असर हैं। वहीं 18 मार्च को मौसम का असर और बढ़ सकता है। इस दौरान ग्वालियर मुरैना भिंड श्योपुर शहडोल के साथ साथ बालाघाट मंडला डिंडोरी सिवनी अनूपपुर पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में बारिश होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस की गईं। राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। सबसे ज़्यादा तापमान नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गया जहाँ पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। इसके अलावा खरगोन में तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं शाजापुर सतना सिवनी सागर छिंदवाड़ा खजुराहो खंडवा रतलाम रायसेन मंडला दमोह गुना बैतूल नरसिंहपुर धार उमरिया और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में जहां कुछ जिलों में बारिश और आंधी से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है वहीं कई क्षेत्रों में हीट वेव जैसे हालात बने रहेंगे। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।