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सिंगरौली के गजरा बहरा कोल यार्ड से बढ़ा प्रदूषण, फसलें बर्बाद; दमा खांसी से जूझ रहे ग्रामीण

सिंगरौली । सिंगरौली जिले के गजरा बहरा क्षेत्र में संचालित कोल यार्ड से फैल रहे प्रदूषण ने आसपास के गांवों के लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। कोयले की धूल और लगातार उड़ने वाली डस्ट के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, वहीं ग्रामीण खांसी, दमा और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोल यार्ड संचालक की लापरवाही के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कोल यार्ड में प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी उपाय नहीं किए जा रहे हैं। न तो नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही धूल को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की गई है। इसके कारण कोयले की महीन धूल हवा के साथ आसपास के खेतों और घरों तक पहुंच रही है। किसान बताते हैं कि फसलों पर जमी काली धूल से उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है और कई खेतों में फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है। प्रदूषण का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। आसपास के गांवों में रहने वाले लोग सांस से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कई लोगों को लगातार खांसी और दमा की शिकायत हो रही है। बुजुर्गों और बच्चों की स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयले की धूल से वातावरण इतना खराब हो गया है कि घर के भीतर भी सांस लेना मुश्किल हो जाता है। सड़क पर उड़ती धूल के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कोल यार्ड से गुजरने वाले ट्रकों की आवाजाही और उड़ती डस्ट की वजह से सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे आए दिन छोटे बड़े हादसे होते रहते हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मामले में पर्यावरण विभाग ने कोल यार्ड संचालक पर कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संचालक ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दायर कर दिया है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण फिलहाल प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अदालत में मामला लंबित होने का हवाला देकर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जिम्मेदारी से बच रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण के कारण लोगों का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है, लेकिन स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। यह इलाका आदिवासी बहुल क्षेत्र माना जाता है और यहां रहने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में इलाज की सुविधा भी सीमित है, जिसके कारण बीमारियों से जूझ रहे कई लोग समय पर उपचार नहीं करा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पर्यावरण विभाग से मांग की है कि कोल यार्ड संचालक को प्रदूषण नियंत्रण के सभी नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए बाध्य किया जाए। साथ ही प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

प्रीमियर लीग: आर्सेनल ने एवर्टन को 2-0 से हराया, मैनचेस्टर और वेस्ट हैम यूनाइटेड के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा

नई दिल्ली। इंग्लिश प्रीमियर लीग में आर्सेनल एफसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एवर्टन एफसी को 2-0 से हरा दिया। वहीं दूसरी ओर मैनचेस्टर सीटी एफसी को वेस्ट हैम यूनाइटेड एफ.सी. के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलना पड़ा। लंदन में खेले गए मुकाबले में आर्सेनल को एवर्टन के मजबूत डिफेंस को तोड़ने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोच मिकेल आर्टेटा की टीम ने मैच में 20 से अधिक शॉट लगाए, लेकिन लंबे समय तक गोल करने में सफल नहीं हो सकी। मैच के आखिरी क्षणों में आर्सेनल को सफलता मिली जब विक्टर ग्योकेरेस ने 89वें मिनट में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। यह गोल युवा खिलाड़ी मैक्स डाउमैन के शानदार क्रॉस पर आया। इसके बाद डाउमैन ने ही 97वें मिनट में दूसरा गोल कर मैच को पूरी तरह आर्सेनल के नाम कर दिया। इस गोल के साथ डाउमैन ने इतिहास रचा। 16 साल और 73 दिन की उम्र में वह प्रीमियर लीग में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। इस जीत ने कुछ समय के लिए आर्सेनल को तालिका में 10 अंकों की बढ़त दिला दी और मैनचेस्टर सिटी पर दबाव बढ़ा दिया। दूसरी ओर, मैनचेस्टर सिटी और वेस्ट हैम के बीच मुकाबला 1-1 से बराबरी पर खत्म हुआ। सिटी के लिए बर्नार्डो सिल्वा ने 31वें मिनट में शानदार शॉट लगाकर टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि वेस्ट हैम के कॉन्स्टेंटिनोस मावरोपानोस ने जोरदार हेडर के जरिए जल्दी ही बराबरी कर ली। सिटी ने पूरे मैच में गोल करने के कई मौके बनाए, लेकिन वेस्ट हैम के गोलकीपर मैड्स हरमनसेन के शानदार प्रदर्शन के कारण टीम को जीत नहीं मिल सकी। अन्य मुकाबलों में न्यूकैसल यूनाइटेड एफ.सी. ने चेल्सी एफ.सी. को 1-0 से हराया। मैच का एकमात्र गोल एंथनी गॉर्डन ने 18वें मिनट में किया।

जय शाह ने पाकिस्तान-बांग्लादेश ड्रामे पर तोड़ी चुप्पी, दोनों टीमों को दिखाया आइना

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह ने टी20 विश्व कप 2026 से पहले हुए विवाद पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। शाह ने कहा है कि कोई भी देश या टीम संगठन से बड़ी नहीं होती। आईसीसी सभी सदस्य टीमों के सामूहिक प्रयास से चलता है। एक अवॉर्ड समारोह में जय शाह ने कहा, “विश्व कप से पहले काफी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कुछ टीमें हिस्सा लेंगी या नहीं। आईसीसी अध्यक्ष के तौर पर मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि कोई भी टीम संगठन से बड़ी नहीं होती। कोई एक टीम मिलकर संगठन नहीं बनाती, बल्कि सभी टीमों के साथ मिलकर ही संगठन चलता है।” जय शाह ने बताया कि इस विश्व कप ने दर्शकों के मामले में इतिहास रच दिया। कुल व्यूअरशिप के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए। एसोसिएट टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। यूएसए ने भारत को, नीदरलैंड ने पाकिस्तान को और नेपाल ने इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी। जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया। आईसीसी अध्यक्ष ने भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को भविष्य के लिए लगातार मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीम को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक सहित आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करनी चाहिए। विश्व कप से पहले विवाद तब शुरू हुआ था, जब बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने भारत आने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया था। पाकिस्तान ने इसके बाद बांग्लादेश के समर्थन में विश्व कप के बहिष्कार की धमकी दी थी। पाकिस्तान का कहना था कि आईसीसी बांग्लादेश के साथ गलत व्यवहार कर रही है। पाकिस्तान ने पहले पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार की बात कही, फिर भारत के साथ ग्रुप स्टेज का मुकाबला न खेलने की बात कही। आईसीसी की मध्यस्थता और बांग्लादेश पर किसी तरह का बैन न लगाए जाने के वादे के बाद पाकिस्तान ने यू-टर्न ले लिया और भारत के खिलाफ मैच खेला। पाकिस्तान सुपर-8 से आगे नहीं बढ़ सकी, जबकि भारतीय टीम ने लगातार दूसरा टी20 विश्व कप जीता।

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में फायरिंग: गोलियां चलती रहीं, पुलिसकर्मी अंदर ही रहे, पुरानी गैंगवार का खुला राज

भोपाल। हमीदिया अस्पताल में शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना ने अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। प्रत्यक्षदर्शी हेमराज ने बताया कि जब इमरजेंसी गेट के बाहर गोलीबारी हो रही थी, तब अस्पताल के अंदर मौजूद पुलिसकर्मी बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। हेमराज उज्जैन के रहने वाले हैं, और उनके दामाद का गंभीर एक्सीडेंट हुआ था, जिसके इलाज के लिए वे अपनी पत्नी के साथ अस्पताल आए थे। सुबह करीब 6:30 बजे, एक्टिवा सवार तीन युवक अस्पताल के गेट पर पहुंचे। एक के हाथ में चाकू था, दूसरे के हाथ में पिस्टल, जबकि तीसरा आरोपी गाड़ी पर बैठा रहा। दोनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की और इसके बाद आरोपी फरार हो गए। गोलियों से घायल हुए व्यक्ति को तुरंत गार्ड्स ने अंदर ले लिया। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड में तैनात पुलिसकर्मी बाहर नहीं निकले। वारदात महज डेढ़-दो मिनट में संपन्न हुई, और अस्पताल परिसर में भय का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद हिस्ट्रीशीटर लल्लू रईस ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि फायरिंग के दौरान अशोका गार्डन पुलिस मौके पर नहीं थी, जबकि गार्ड्स ने घायल की जान बचाई। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। कोहेफिजा थाने के प्रभारी केजी शुक्ला ने कहा कि हमीदिया अस्पताल में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था है और चार्ली दल की गश्त नियमित होती है। हालांकि इमरजेंसी वार्ड की आंतरिक सुरक्षा गार्ड्स की जिम्मेदारी है। पुलिस ने फायरिंग के बाद एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। अशोका गार्डन, कोहेफिजा और क्राइम ब्रांच की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला पुरानी गैंगवार का हिस्सा था। लल्लू रईस के बेटे और शादाब कुरैशी के बीच दो साल पहले जुआ और सट्टे के अवैध कारोबार को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी का मकसद लल्लू रईस और उसके परिवार को निशाना बनाना था। वारदात के दौरान घायल इमरान रईस को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। यह घटना अस्पताल सुरक्षा और शहर में बढ़ती गैंगवार की गंभीरता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हमले मरीज और आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा हैं और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।

टेस्ट क्रिकेट के लिए आज का दिन है खास, 1877 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था पहला आधिकारिक मैच

नई दिल्ली। टेस्ट क्रिकेट को क्रिकेट का सर्वोत्तम फॉर्मेट माना जाता है। 5 दिन और 4 पारियों में खेला जाना वाला यह फॉर्मेट हर खिलाड़ी को उसकी प्रतिभा और क्षमता दिखाने का समय देता है, चाहे वह गेंदबाज हो या बल्लेबाज। टेस्ट में खिलाड़ियों की प्रतिभा के साथ ही उनके धैर्य और खेल के प्रति संकल्प की परीक्षा भी होती है। इस कसौटी पर खरा नहीं उतरने वाले टेस्ट क्रिकेट में सफल नहीं हो सकते। टेस्ट क्रिकेट का इतिहास बहुत पुराना है। पहला आधिकारिक टेस्ट 15 से 19 मार्च 1877 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। यह मैच टेस्ट क्रिकेट के उस महान परंपरा की एक शुरुआत थी जो टी20 फॉर्मेट के दौर में भी बेहद रोमांचक बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया था। मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान डेव ग्रेगरी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। सलामी बल्लेबाज चार्ल्स बैनरमैन को छोड़कर अन्य कोई भी बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका था। रिटायर्ड हर्ट होने से पहले बैनरमैन ने 165 रन की पारी खेली थी। टॉम गैरेट नाबाद 18 रन बनाकर दूसरे शीर्ष स्कोरर रहे थे। जैक ब्लेकहैम ने 17, ब्रेंसबी कूपर ने 15 और टॉम होरान ने 12 रन बनाए थे। इन चारों को अलावा कोई भी बल्लेबाज 2 अंकों में प्रवेश नहीं कर सका था। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 245 रन बनाए थे। इंग्लैंड के लिए अल्फ्रेड शॉ और जेम्स साउथर्टन ने 3-3, जबकि एलेन हिल और जेम्स लिलीव्हाइट जूनियर ने 1-1 विकेट लिए थे। इंग्लैंड की तरफ से सलामी बल्लेबाज हैरी जुप ने 63, हैरी चार्लवुड ने 36 और एलेन हिल ने नाबाद 35 रन बनाए थे। इन तीनों बल्लेबाजों की बदौलत इंग्लैंड पहली पारी में 196 रन तक पहुंच सकी और पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया से 49 रन से पिछड़ गई थी। ऑस्ट्रेलिया के लिए बिली मिडविंटर ने 5, टॉम गार्रेट ने 2, जबकि जॉन हॉजेस, टॉम कैंडल और नैट थॉमसन ने 1-1 विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी में 104 रन पर सिमट गई थी। इंग्लैंड के लिए अल्फ्रेड शॉ ने 5, जॉर्ज उलिएट ने 3, जबकि एलेन हिल और जेम्स लिलीव्हाइट ने 1-1 विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में मिले 49 रन की बढ़त के आधार पर इंग्लैंड को जीत के लिए 154 रन का लक्ष्य दिया था। इंग्लैंड की बल्लेबाजी दूसरी पारी में भी निराशाजनक रही और 108 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया के लिए टॉम केंडल ने 7, जॉन हॉजेस ने 2 और बिली मिडविंटर ने 1 विकेट लिए। इस तरह पहला आधिकारिक टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने 45 रन से जीता था। इस मैच के साथ ही न सिर्फ टेस्ट क्रिकेट, बल्कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच टेस्ट क्रिकेट की रोमांचक प्रतिस्पर्धा, जिसने बाद में एशेज का रूप लिया, उसकी शुरुआत हुई थी। पहले आधिकारिक टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन पर नजर: ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवनचार्ल्स बैनरमैन, नेट थॉमसन, टॉम होरान, डेव ग्रेगरी (कप्तान), ब्रैंसबी कूपर, बिली मिडविन्टर, नेड ग्रेगरी, जैक ब्लैकहम (विकेटकीपर), टॉम गैरेट, टॉम केंडल, जॉन हॉजेस। इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवनहैरी जुप, जॉन सेल्बी (विकेटकीपर), हैरी चार्लवुड, जॉर्ज उलिएट, एंड्रयू ग्रीनवुड, टॉम आर्मिटेज, अल्फ्रेड शॉ, टॉम एम्मेट, एलन हिल, जेम्स लिलीवाइट (जूनियर) (कप्तान), जेम्स साउथर्टन।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की संभल प्रशासन को कड़ी फटकार: हालात नहीं संभल रहे, तो इस्तीफा दें SP और DM

नई दिल्ली: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जिले में रमजान के पवित्र महीने के दौरान नमाजियों की संख्या सीमित करने के जिला प्रशासन के फैसले पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। न्यायालय ने कड़े शब्दों में टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि पुलिस अधीक्षक SP और जिलाधिकारी DM को लगता है कि वे कानून के शासन को प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें या तो अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर तुरंत तबादले की मांग करनी चाहिए। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने मुनाजिर खान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह तल्ख टिप्पणी की। मामले की जड़ गाटा संख्या-291 पर स्थित एक स्थल है, जिसे याचिकाकर्ता ने मस्जिद बताते हुए वहां नमाज अदा करने की अनुमति मांगी थी। याचिका में दलील दी गई थी कि स्थानीय प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए नमाजियों की संख्या को केवल 20 तक सीमित कर दिया है, जो धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने अदालत में तर्क दिया कि रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित भूमि निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंधात्मक सीमा तय की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार की इन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रत्येक समुदाय को अपने निर्धारित पूजा स्थलों पर शांतिपूर्वक इबादत और पूजा-अर्चना करने का संवैधानिक अधिकार है। न्यायालय ने जोर देकर कहा कि राज्य का प्राथमिक कर्तव्य कानून का शासन स्थापित करना है, न कि अधिकारों को सीमित करना। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित स्थल की तस्वीरें और राजस्व अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 मार्च को होगी और अदालत ने इसे ताजा मामलों की सूची में शीर्ष 10 में शामिल करने का निर्देश दिया है।

सैमसन का कबूलनामा: 2024 से शुरू हुआ 'आग और आग' का खेल, कैसे अभिषेक और संजू की जोड़ी बनी टीम इंडिया की सबसे घातक ओपनिंग मशीन!

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन ने युवा सनसनी अभिषेक शर्मा के साथ अपनी ओपनिंग जोड़ी को लेकर एक बेहद रोमांचक खुलासा किया है। एक टीवी शो के दौरान संजू ने इस जोड़ी की ताकत का वर्णन करते हुए कहा कि वे आग और बर्फ का मेल नहीं हैं, बल्कि वे दोनों ही आग हैं। संजू के मुताबिक, जब वे मैदान पर उतरते हैं, तो कभी अभिषेक विपक्षी टीम पर आग उगलते हैं, तो कभी वे खुद अपनी बल्लेबाजी से धमाका करते हैं। साल 2024 से चली आ रही इस केरल-पंजाबी दोस्ती ने भारतीय टीम के शीर्ष क्रम को एक नई ऊर्जा दी है। गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद जब रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों ने संन्यास लिया, तब भारतीय टीम के सामने ओपनिंग स्लॉट भरने की बड़ी चुनौती थी। इस खाली जगह को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी ने बड़ी बखूबी से भरा। हालांकि, इस सफर में कई उतार-चढ़ाव भी आए। 2025 के एशिया कप और न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव के कारण इस जोड़ी को कई बार तोड़ा गया और संजू को प्लेइंग इलेवन से बाहर भी रहना पड़ा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत में भी टीम मैनेजमेंट ने अलग-अलग प्रयोग किए, लेकिन अंततः उन्हें फिर से इसी विस्फोटक जोड़ी की ओर लौटना पड़ा। अभिषेक शर्मा ने भी संजू सैमसन की जमकर तारीफ की है। अभिषेक का कहना है कि संजू भाई एक बहुत ही सुलझे हुए और ख्याल रखने वाले इंसान हैं। जब उनके जैसा अनुभवी खिलाड़ी साथ होता है, तो मैदान पर एक सुरक्षा का अहसास बना रहता है। इस जोड़ी की सफलता की सबसे बड़ी गवाही टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मैच बना, जहाँ दोनों ने अपनी आग और आग वाली छवि को सार्थक किया और भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई। मैदान के अंदर और बाहर दोनों के बीच का तालमेल टीम इंडिया के भविष्य के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।

विजय देवरकोंडा संग काम करने के लिए माता-पिता से भिड़ गई थीं रश्मिका मंदाना; 'राणाबल्ली' एक्ट्रेस ने खुद बयां किया अपना दर्द!

नई दिल्ली:  साउथ और बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना और सुपरस्टार विजय देवरकोंडा इन दिनों अपनी हालिया शादी को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं। 26 फरवरी को गुपचुप तरीके से शादी के बंधन में बंधने के बाद अब यह जोड़ी अपनी आगामी फिल्म “राणाबल्ली” की तैयारियों में जुटी है। इसी बीच रश्मिका मंदाना का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने खुलासा किया है कि विजय देवरकोंडा के साथ दूसरी फिल्म करने के लिए उन्हें अपने माता-पिता और परिवार से काफी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। यह वीडियो साल 2019 में रिलीज हुई उनकी सुपरहिट फिल्म “डियर कॉम्रेड” के प्री-रिलीज इवेंट का है, जहाँ रश्मिका काफी भावुक नजर आई थीं। वीडियो में रश्मिका बताती हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना उनके लिए कतई आसान नहीं था। उन्होंने कहा, “मैं अपने परिवार, माता-पिता और दोस्तों से लड़कर इस इंडस्ट्री में आई हूँ। अक्सर यह कहा जाता है कि यह दुनिया लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है, लेकिन बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के मैंने अपनी पहचान बनाई।” रश्मिका ने आगे बताया कि जब फिल्म “डियर कॉम्रेड” की स्क्रिप्ट उनके पास आई, तो वह इसे तुरंत करना चाहती थीं। हालांकि, उनके घर में इस बात को लेकर काफी “विवाद” हुआ। उनके माता-पिता नहीं चाहते थे कि रश्मिका दोबारा विजय देवरकोंडा के साथ काम करें। रश्मिका ने परिवार को समझाते हुए स्पष्ट किया था कि फिल्म की कहानी और किरदार महत्वपूर्ण हैं, न कि सह-कलाकार। इस संघर्ष पर विजय देवरकोंडा ने भी रश्मिका का समर्थन करते हुए उनकी सराहना की थी। विजय ने कहा था कि रश्मिका का किरदार फिल्म में हर महिला का प्रतिनिधित्व करता था और उन्होंने अपनी निजी जिंदगी के दबाव के बावजूद इस रोल को पूरी शिद्दत से निभाया। विजय ने रश्मिका को इसके लिए “धन्यवाद” भी दिया था। वर्तमान में, यह पावर कपल सितंबर में रिलीज होने वाली फिल्म “राणाबल्ली” के लिए तैयार है। शादी के बाद फिल्म का पहला रोमांटिक गाना रिलीज हो चुका है, जिसे फैंस का भरपूर प्यार मिल रहा है। फिलहाल दोनों सितारे शादी की थकान मिटाने के लिए एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं।

तमिलनाडु राजनीति: विजय की टीवीके ने NDA से गठबंधन की अटकलें खारिज कीं, कहा भाजपा हमारी वैचारिक प्रतिद्वंद्वी

नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में हाल के दिनों में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कझगम और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों पर शनिवार को पार्टी ने साफ तौर पर विराम लगा दिया। टीवीके के नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी का एनडीए के साथ किसी भी प्रकार का चुनावी गठबंधन करने का कोई इरादा नहीं है और इस तरह की खबरें पूरी तरह से अफवाह हैं। पार्टी के संयुक्त महासचिव सी. टी. आर. निर्मल कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एनडीए के साथ गठबंधन की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनकी पार्टी की वैचारिक प्रतिद्वंद्वी है और टीवीके पहले भी यह विषय पर अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मीडिया और सोशल मीडिया पर टीवीके को लेकर कई तरह की अटकलें और खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। निर्मल कुमार ने बताया कि 13 मार्च को पार्टी के जिला सचिवों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक का उद्देश्य आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी की संगठनात्मक ताकत का आकलन करना और संभावित चुनावी रणनीतियों पर चर्चा करना था। हालांकि, इस बैठक को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि टीवीके एनडीए के साथ गठबंधन पर विचार कर रही है। उन्होंने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बैठक का गठबंधन से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें। निर्मल कुमार ने कहा कि टीवीके के बारे में अटकलों पर आधारित कई खबरें रोजाना प्रसारित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना है। इधर, तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने भी इस मुद्दे पर सीधे तौर पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। पत्रकारों द्वारा टीवीके के साथ संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मीडिया गठबंधन को लेकर ज्यादा चिंतित है, जबकि उनका ध्यान राज्य के वास्तविक मुद्दों पर है। नागेंद्रन ने कहा कि तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति और महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं और इन्हीं विषयों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के सक्रिय राजनीति में आने के बाद तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर में नई हलचल देखने को मिल रही है। ऐसे में विभिन्न दलों के साथ संभावित गठबंधनों को लेकर समय-समय पर अटकलें लगना स्वाभाविक है। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि फिलहाल एनडीए के साथ किसी भी तरह की चुनावी साझेदारी का सवाल ही नहीं उठता। इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में चल रही अटकलों पर काफी हद तक विराम लग गया है और टीवीके ने यह संकेत दे दिया है कि वह अपनी राजनीतिक रणनीति स्वतंत्र रूप से तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

सरहद पार भी बाबा का जलवा! पाकिस्तानी टिक-टॉकर ने संजू बाबा को गिफ्ट किया सोने से मढ़ा iPhone, पत्नी मान्यता के लिए भी भेजे खास तोहफे।

नई दिल्ली :बॉलीवुड केदिग्गज अभिनेता संजय दत्त इन दिनों अपनी हालिया फिल्मधुरंधर की शानदार सफलता का आनंद ले रहे हैं। इस फिल्म में उन्होंने पाकिस्तान के मशहूरएसपी चौधरी असलम का दमदार किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। संजय दत्त की अदाकारी और उनकेदबंग अंदाज के दीवाने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हाल ही में दुबई से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। संजय दत्त की मुलाकात दुबई में पाकिस्तान के मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और टिक-टॉक स्टारकाशिफ जमीर से हुई, जो खुद को अभिनेता काजबरा फैन बताते हैं। काशिफ जमीर अपनीलग्जरी लाइफस्टाइल और बड़ी हस्तियों के साथ महंगे वीडियो बनाने के लिए जाने जाते हैं। इस मुलाकात के दौरान काशिफ ने संजय दत्त के प्रति अपनी दीवानगी जाहिर करते हुए उन्हें एक ऐसाअनोखा और कीमती तोहफा दिया, जिसकी कीमत जानकर हर कोई हैरान है। काशिफ ने संजय दत्त को एक विशेष रूप से तैयार किया गया गोल्ड-प्लेटेड iPhone 17और एक बेहदबेशकीमती घड़ी भेंट की। इस विशेष आईफोन की खासियत यह है कि इसके बैक पैनल पर संजय दत्त के साथ उनके माता-पिता, दिवंगत अभिनेतासुनील दत्त औरनरगिस की तस्वीर प्रिंट कराई गई है, जो इस उपहार को और भी भावुक और खास बनाती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि काशिफ जमीर ने संजय दत्त का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अभिनेता को गले लगाया और उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट किया। इतना ही नहीं, काशिफ ने केवल संजय दत्त ही नहीं बल्कि उनकी पत्नी के लिए भीमहंगे ज्वेलरी सेट का एक विशेष उपहार दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, एककस्टमाइज्ड गोल्ड-प्लेटेड आईफोन की कीमत ₹1,82,900 से शुरू होकर ₹1,43,00,000 से भी अधिक हो सकती है। यह कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि फोन में कितने कैरेट सोने का उपयोग हुआ है और उसमें हीरे या अन्य रत्न जड़े गए हैं या नहीं। संजय दत्त हमेशा से अपनीपर्सनल लाइफ और अपने व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन एक प्रशंसक द्वारा दिया गया यहशाही उपहार चर्चा का नया विषय बन गया है। काशिफ जमीर, जो अक्सर अपनीलग्जरी कारों और महंगी जीवनशैली के वीडियो साझा करते हैं, उन्होंने इस मुलाकात को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दुबई में हुई यह मुलाकात यह साबित करती है कि कला और कलाकारों की लोकप्रियतासरहदों की मोहताज नहीं होती और संजय दत्त काक्रेज आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बरकरार है।