ऑटो इंडस्ट्री पर फिलहाल कोई असर नहीं, महिंद्रा-मारुति-टाटा-किआ प्रोडक्शन जारी

नई दिल्ली खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के भविष्य में इतिहास से जुड़े महाकाव्य का सामना हो सकता है। हालांकि, महिंद्रा सुजुकी, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और किआ इंडिया की फैक्ट्रियों पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है। उद्योग के उद्यम का कहना है कि अगर स्थिति समान बनी रही तो 4 से 6 उद्यम के अंदर प्रभाव दिखाई देता है। गैस गैजेट पर चिंताऑटो सेक्टर में सबसे बड़ी चिंता गैस पेट्रोल को लेकर है। कई मैन्युफैक्चरिंग स्टोर्स में गैस का अहम उपयोग होता है, जैसे कि पेंट शॉप, एस्बेस्टस यूनिट और फोर्जिंग। यदि गैस की कमी बनी रहती है तो कच्चे माल की कीमत बढ़ सकती है और उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। एनडीटीवी प्रोफिट की रिपोर्ट के मुताबिक, कई सप्लायर्स ने सबसे पहले मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण देरी की समस्याओं की जानकारी दी है। विशेष रूप से कतर से गैस गैसोलीन लगभग बंद हो गया है, क्योंकि वहां ईरान के मिसाइलों और तूफान तूफान से उत्पादन प्रभावित हुआ है। कंपनी के पास ऑटोमोबाइल स्टॉकनोएडा के पास 4 से 6 ग्रेटर का कंपोनेंट स्टॉक मौजूद है, जिससे उन्हें कुछ समय के लिए राहत मिल गई है। इंस्टीट्यूट इंस्टीट्यूट्स का कहना है कि अगर संकट दो महीने के लिए बचा है, तो वास्तविक समस्याएं शुरू हो सकती हैं, खासकर उन कॉलेजों में जहां ज्यादा ऊर्जा की जरूरत है। फ़्रॉस्ट चेन स्थिर लेकिन ऑपरेटिंग सिस्टमबड़ी ऑटो कंपनी ने कहा है कि उनके उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। सरकार के अनुसार, शैतान चेन अभी स्थिर है, लेकिन शीशों पर नजर रखी जा रही है। सप्लायर्स के साथ लगातार संपर्क में हैं, विशेष रूप से उन सप्लायर्स के साथ जो महत्व या गैस पर मुख्य रूप से सहमत हैं। संस्था के अधिकारियों ने कहा कि स्थिति तेजी से बदल रही है और ऋण अधिग्रहण पर तुरंत निर्णय लेने की तैयारी है। अलग-अलग इंजीनियरों की गैस कंपनीरिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग कंपनियों में गैस पर कारोबार अलग-अलग है। मारुति सुजुकी की फैक्ट्रियों में गैस पर लगभग 74 प्रतिशत है, जबकि महिंद्रा और महिंद्रा में 38 प्रतिशत, टाटा मोटर्स में 33 प्रतिशत और हुंडई मोटर में 31 प्रतिशत है। इसका मतलब यह है कि यदि गैस स्टेशन लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो अलग-अलग कंपनियों पर अलग-अलग तरह का प्रभाव पड़ता है। भविष्य की चुनौतीभारत का ऑटो सेक्टर इस संकट से सुरक्षित नजर आ रहा है। लेकिन आने वाले हफ्ते बेहद अहम होंगे, जो तय करेंगे कि केवल रामबाण की मांग सीमित है या बड़े पैमाने पर संकट में है। औद्योगिक अधिकारियों का आरोप है कि व्यापारी डूबे हुए हैं और किसी भी स्थिति में तुरंत मैडम कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
“पंजाब किंग्स को चैंपियन बनाना मेरा लक्ष्य”: सूर्यांश शेडगे का आत्मविश्वासी बयान

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग-2026 की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है। पिछले सीज़न के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स कॉलेज (आरसीबी) से हारून वाली पंजाब किंग्स इस बार अपने पहले खिताब की तलाश में मैदान में उतरेगी। मुंबई की ओर से घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट वाले और आईपीएल में पंजाब किंग्स का हिस्सा सूर्यांश शेडगे ने सीजन की शुरुआत से पहले अपनी तैयारी, टीम के मनोबल पर आईएएनएस से खास बातचीत की। लगातार मेहनत और तैयारीसूर्यांश कर शेडगे ने कहा, “पिछले एक महीने में हमने थ्री-चार टेस्ट मैच खेला और व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर भी लगातार काम किया। आधुनिक क्रिकेट में तीन खिलाड़ियों के बीच बैलेंस बनाना बेहद जरूरी है। यह एक प्रक्रिया है, और मैं उसी पर आश्वस्त हूं। आईपीएल की तैयारी पिछले साल खत्म होने के तुरंत बाद से शुरू हो गई थी।” प्रदर्शन और आत्म-मूल्यांकनशेडेज ने अपने प्रदर्शन में कहा कि उसके पास हमेशा के लिए बड़ी सुविधाएं हैं। “मुझे जो मशीन मिली, उन्हें मैं और बेहतर कर सकता था। अब मैं अपनी आंखों को पहचानकर उन पर काम करने में विश्वास रखता हूं। जब आपको पता चलेगा कि कहां सुधार करना है, तो वही विकास की शुरुआत है।” दबाव में मानसिक संतुलनबड़े मुकाबलों में भावनाओं पर नियंत्रण की आवश्यकता पर उन्होंने कहा, “करियर की शुरुआत में मैं काफी उदासीन हो गया था, लेकिन समय के साथ-साथ अगर अस्थिर अस्थिर तो प्रदर्शन भी प्रभावित होता। अब मैं मानसिक संतुलन बनाए रखने की स्थिति के अनुसार निर्णय लेता हूं।” फाइनल का अनुभव- हार से सीखेंपिछले सीज़न के फ़ाइनल का ज़िक्र करते हुए शेडगे ने कहा कि हार ने टीम और उन्हें व्यक्तिगत रूप से मजबूत बनाया। “मुझे हारना पसंद नहीं है, लेकिन फाइनल ने हमें सिखाया कि हारना नहीं बल्कि सीखना चाहिए। यह हमें एक टीम और इंसानियत के साथ-साथ मजबूत संस्थाएं भी हैं।” टीम ऑटोमोबाइल और कोचिंग स्टाफकोच रिकी पोटिंग और कैप्टन श्रेयस अली के साथ उनके साथी ने मिलकर जॉइनिंग में मदद की। विराट कोहली से मिलने का अनुभवआईपीएल में अपने आदर्श विराट कोहली से मुलाकात की याद साझा करते हुए शेडगे ने कहा, “जब मैंने पहली बार हाथ मिलाया, मेरे रोंगटे हो गए। बचपन से मैंने उन्हें देखा। उनके साथ साझा करना मेरे लिए किसी सपने का सच होना जैसा था।” लक्ष्य-अंतर्निहित, नामांकित और क्षेत्ररक्षण में योगदानपिछले सीज़न का आकलन करते हुए शेडेज ने स्वीकार किया कि टीम ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, “कभी-कभी सब कुछ सही होने के बावजूद नतीजे आपके पक्ष में नहीं आते। लेकिन इसे सीखने का अवसर माना जाता है। हमारा स्पष्ट लक्ष्य आईपीएल 2026 का खिताब जीतना है, और मैं टीम के लिए उल्लेखनीय योगदान देना चाहता हूं।
टी20 सीरीज में न्यूज़ीलैंड का दबदबा, तीसरे मैच में SA को दी 8 विकेट से मात

नई दिल्ली ईडन पार्क, ऑकलैंड से: तीसरे टी-20 में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 8 विकेट से हरा दिया और सीरीज के तीन मैचों में 2-1 से बढ़त हासिल कर ली। ईडन पार्क में खेले गए इस शॉक में कीवी टीम को 137 विकेट का लक्ष्य मिला, जिसमें उन्होंने 16.2 ओवर में केवल 2 विकेट खोकर हासिल किए। इस जीत ने न्यूजीलैंड को सीरीज़ ऑफर की और कैप्टन सेंटनर की टीम को एक साथ भर दिया। शानदार, कॉनवे-लैथम ने ठोस साझेदारी बनाई137 पोर्ट के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत शानदार रही। पहले विकेट के लिए डेवोन कॉनवे और टॉम लैथम ने 11 ओवर में 96 रन बनाए। कॉनवे ने 26 गेंदों में 2 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 39 रन बनाए, लेकिन फिर केशव महाराज की गेंद आउट हो गई। इसके बाद लैथम ने टिम रॉबिन्सन के साथ दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की पारी खेली। लैथम का शतक सैट-सा प्रदर्शन, निक केली भी साथजीत के लिए जब सिर्फ 1 रन की जरूरत थी, तब रॉबिन्सन एल सिपामला का शिकार बने। रॉबिन्सन ने 17 गेंदों पर 17 रन बनाए। इसके बाद टॉम लैथम ने अपनी टीम को जिताया। लेफ्ट हैंड के इस बल्लेबाज ने 55 बॉल में 63 रन बनाए और शानदार बॉलिंग कर टीम को जीत तक पहुंचाया। उनके साथ निक केली ने लगातार 1 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। इस तरह न्यूजीलैंड ने 16.2 ओवर में 2 विकेट खोकर 137 रन बनाकर मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम किया। दक्षिण अफ्रीका का शीर्ष क्रम फेल, मोकोएना ने कमाल कियाइससे पहले टॉस हारकर ने पहली बार दक्षिण अफ्रीका की टीम के लिए 9 विकेट पर बल्लेबाजी करते हुए केवल 136 रन ही बनाए थे। टीम का शीर्ष क्रम पूरी तरह से फ्लॉप हो रहा है। दसवें नंबर पर नाटकीय प्रदर्शन करने वाले एन मोकोएना ने 20 गेंदों में 3 छक्कों और 1 की मदद से 26 रन बनाए और श्रेष्ठ स्कोरर बने। वहीं जॉर्ज लिंडे ने 23 रन बनाकर टीम पर कुछ हद तक कब्जा कर लिया। न्यूजीलैंड के रिपब्लिक ने भी खेला दमदार प्रदर्शनन्यूजीलैंड के लिए काइल जैमिसन, कैप्टन सेंटनर और बेंजामिन सियर्स ने 2-2 विकेट लिए, जबकि लोकी फर्ग्यूसन, कोले मोकोन्ची और जेम्स निशम ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। विशेष रूप से लॉकी फर्ग्यूसन ने 4 ओवर में सिर्फ 9 रन देकर 1 विकेट लिया और प्लेयर ऑफ द मैच घोषित हो गए। उनकी तेज और धारदार गेंदबाजी ने दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को पानी फेर दिया। इस बेल्जियम में न्यूजीलैंड की टीम ने दोनों में शानदार संतुलन दिखाया। लैथम की गेमप्ले और फर्ग्यूसन की बढ़त से टीम ने आसानी से जीत हासिल की और सीरीज में बढ़त बना ली। दक्षिण अफ्रीका का शीर्ष क्रम पूरी तरह से विध्वंस जारी है, जिससे उन्हें 137 पूर्वी तट का पीछा करते हुए संघर्ष करना पड़ा।
चैत्र नवरात्रि 2026: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा और आरती

नई दिल्ली । आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है, जो मां ब्रह्मचारिणी के नाम समर्पित है। हिन्दू धर्मग्रंथों में मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी कहा गया है। उनका यह रूप भक्तों को साधना और संयम की प्रेरणा देता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता है। नवरात्रि के दूसरे दिन श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और सफेद या पीले वस्त्र धारण कर पूजा करते हैं। मां के सामने दीपक जलाना, फूल अर्पित करना और भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान मंत्र जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन को शांति मिलती है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक विशेष फलदायी माना गया है। पूजा के बाद मां की आरती गाना या सुनना अत्यंत शुभ होता है। आरती के माध्यम से भक्त मां की कृपा प्राप्त कर अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। यहां पढ़ें मां ब्रह्मचारिणी माता की आरती: ब्रह्मचारिणी माता की आरती ओम जय ब्रह्मचारिणी मां अपने भक्त जनों पे करती सदा ही दया ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। दर्शन अनुपम मधुरम, साद नारद रेहती शिव जी की आराधना, मैया सदा करती ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। बाएँ हाथ कमंडल, दाहिन में माला रूप जो तिरीमय अद्भुत, सुख देने वाला ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। देव ऋषि मुनि साधु, सब गुण मां के गाते शक्ति स्वरूपा मैया, सब तुझको ध्याते ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। संयम तप वैराग्य, प्राणी वो पाता ब्रह्मचारिणी मां को, जो निशिदिनी ध्याता ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। नव दुर्गो में मैया, दूजा तुम्हारा स्वरूप श्वेत वस्त्र धारिणी मां, ज्योतिर्मय तेरा रूप ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। दूजे नवरात्रे मैया, जो तेरा व्रत धारे करके दया जग जननी, तू उसको तारे ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। शिव प्रिय शिवा ब्रम्हाणी, हम पे दया करियो बालक है तेरे ही, दया दृष्टि रखियो ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। शरण तिहारी आए, ब्रम्हाणी माता करुणा हम पे दिखाओ, शुभ फल की दाता ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। जो कोई गावे, कहत शिवानंद स्वामी मन वांछित फल पावे, ओम जय ब्रह्मचारिणी मां। पूजा और आरती के साथ मंत्र का जाप करना भी अत्यंत प्रभावशाली होता है। मां ब्रह्मचारिणी के प्रमुख मंत्र हैं: ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी सच्चीदानन्द सुशीला च विश्वरूपा नमोस्तुते या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ दधाना कर मद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।इस दिन विधिपूर्वक पूजा, आरती और मंत्र जाप करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास, संयम और जीवन में सफलता प्राप्त होती है। चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।
एथलेटिक्स का गौरव, 2028 वर्ल्ड इंडोर चैंपियनशिप की मेजबानी भारत को मिली, शिखर धवन का उत्साह

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी शिखर ने कहा है कि 2028 में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए ओडिशा का चयन होना भारत के वैश्विक खेल मंचों पर बढ़ते रुतबे का प्रतीक है। ईशान ने इसे भारतीय और खेल इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। शिखर सम्मेलन ने घोड़ा गौरव:बैस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंटिंग पर लिखा, “भारत कॉन्स्टेंसी ग्लोबल खेल आयोजनों में आगे बढ़ रहा है। बस्टर्ड इन 2028 वर्ल्ड इंदौर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी गौरव का पल है और यह हमारी ओलंपिक यात्रा में एक बड़ा कदम है।” ओडिशा के मुख्यमंत्री ने दी बधाई:ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, “यह न केवल ओडिशा, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। विश्व एथलेटिक्स और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का अनुभव है कि वे विश्व एथलेटिक्स के सबसे प्रतिष्ठित चैंपियनशिप के आयोजन के लिए ओडिशा पर गर्व करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में ओडिशा ने खेल को विकास का अहम हिस्सा बनाया है और इस मैदान से खेल कल्चर और खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। भारत पहली बार वैश्विक ट्रैक और फील्ड चैंपियनशिप की मेजबानी:पोलैंड के टोरून में हुई 240वीं विश्व एथलेटिक्स काउंसिल मीटिंग के दौरान भारत को 3 से 5 मार्च 2028 तक विश्व इंदौर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी दी गई। यह भारत में पहली बार है जब वह ग्लोबल ट्रैक्स एंड फील्ड चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए आए हैं। कलिंगा स्टेडियम की नॉमिनल और ग्लोबल समीक्षा:वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल के सदस्यों ने जनवरी में बेयर्स के कलिंगा इनडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने संतोष समजा और ओडिशा के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में मौजूद प्रमुख स्थलों में से एक को शामिल किया। ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारी रुतबा:ओडिशा में पिछले दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों के आयोजन सक्रिय हो रहे हैं। 2017 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप और पिछले साल वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर ब्रॉन्ज चैंपियनशिप का आयोजन हुआ, जिसमें दुनिया भर से 200 से ज्यादा एथलीट शामिल हुए। भारत और ओडिशा के लिए यह केवल गर्व का विषय नहीं है, बल्कि युवाओं को प्रेरित करना और देश में ट्रैक एंड फील्ड गेम का विकास करना भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। 2028 वर्ल्ड इंदौर एथलेटिक्स चैंपियनशिप भारत को ग्लोबल गेम मंच पर स्थापित करने वाला इवेंट साबित होगा।
चैत्र नवरात्रि 2026: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त, विधि और मंत्र

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन 20 मार्च 2026 को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी तप संयम ज्ञान और वैराग्य की प्रतीक देवी हैं। उनका यह रूप हमें कठिन समय में भी संयम और साहस बनाए रखने की प्रेरणा देता है। कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी की विधिपूर्वक पूजा और मंत्र जाप से मानसिक शांति आत्मविश्वास और जीवन में बाधाओं को दूर करने की शक्ति प्राप्त होती है। मां ब्रह्मचारिणी का नाम ही उनके स्वरूप का परिचायक है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली। यही कारण है कि उनका पूजन साधना और संयम का अभ्यास करवा कर व्यक्ति को अडिग बनाता है। जीवन या व्यवसाय में अगर कोई बड़ी बाधा बार-बार आती है तो इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आपकी इच्छाओं को पूरा करने में मदद कर सकती है और आत्मविश्वास को नया बल देती है। इस दिन का शुभ-मुहूर्त सुबह का समय माना गया है लेकिन विशेष रूप से अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक है। इस समय में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और सफेद या हल्के पीले वस्त्र धारण करना शुभ होता है। इससे मन और शरीर दोनों में शुद्धता आती है। पूजन विधि सरल है लेकिन प्रभावशाली। मां की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं और अपने कृतज्ञता भाव व्यक्त करें। मां को चमेली या कमल के फूल अर्पित करें क्योंकि ये उनके प्रिय माने जाते हैं। भोग में चीनी मिश्री या पंचामृत चढ़ाना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करना आवश्यक है जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। अंत में आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। मां ब्रह्मचारिणी का ध्यान मंत्र है: “या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू।देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥” इस मंत्र का अर्थ है कि देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप अद्भुत और दिव्य है। माता के दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। साधारण मंत्र भी है: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः जिसका जाप कर श्रद्धा और भक्ति से मां की आराधना की जाती है। इस प्रकार चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा न केवल आत्मविश्वास और संयम की शक्ति देती है बल्कि जीवन में सुख शांति और समृद्धि भी लाती है। इस दिन विधि-विधान और उचित मुहूर्त में पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
मोनालिसा की शादी पर सनोज मिश्रा का विवादित बयान लव जिहाद कहकर उठाए सवाल

नई दिल्ली: महाकुंभ से चर्चा में आईं मोनालिसा भोसले एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार वजह उनकी निजी जिंदगी और शादी को लेकर उठे सवाल हैं. मोनालिसा ने हाल ही में फरहान खान के साथ केरल में शादी की थी और तभी से यह मामला लगातार चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है. शादी के कुछ ही दिनों बाद उनके परिवार की ओर से लड़के को लेकर कई तरह के आरोप सामने आए, जिसके बाद यह मुद्दा और भी गरमाता गया. इसी बीच फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इस मामले पर बयान देकर विवाद को और बढ़ा दिया है. उन्होंने मोनालिसा और फरहान खान की शादी को लेकर कई गंभीर और विवादित दावे किए और इसे एक बड़े सामाजिक मुद्दे से जोड़ दिया. उनके अनुसार यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत शादी नहीं बल्कि व्यापक स्तर पर एक बड़े पैटर्न से जुड़ा हुआ है. सनोज मिश्रा ने अपने बयान में यह दावा किया कि केरल इस तरह के मामलों का केंद्र बनता जा रहा है और उन्होंने इस संदर्भ में कई आंकड़ों का भी जिक्र किया. उन्होंने यह भी कहा कि देश के अलग अलग हिस्सों से लड़कियों के गायब होने के मामलों की जांच अगर गहराई से की जाए तो उसके तार केरल से जुड़ सकते हैं. उनके इन बयानों ने सोशल मीडिया और मीडिया दोनों में हलचल मचा दी है. उन्होंने आगे कहा कि मोनालिसा की शादी को लेकर कई कड़ियां एक साथ जुड़ती हैं और यह एक सुनियोजित घटना लगती है. सनोज मिश्रा ने इस मामले को love jihad बताते हुए इसे गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा करार दिया. उनके अनुसार यह केवल एक शादी नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसकी जांच जरूरी है. इसके अलावा उन्होंने फरहान खान को लेकर भी टिप्पणी की और दावा किया कि वह कोई फिल्मी कलाकार नहीं हैं, बल्कि एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी घटना के पीछे कुछ खास संगठनों की भूमिका हो सकती है और इस दिशा में गहराई से जांच होनी चाहिए.सनोज मिश्रा ने अपने बयान में सरकार और जांच एजेंसियों से अपील भी की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया कि वे इस पूरे प्रकरण की जांच करवाएं ताकि सच्चाई सामने आ सके और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. इस पूरे मामले ने एक बार फिर love jihad जैसे संवेदनशील मुद्दे को चर्चा में ला दिया है. जहां एक तरफ कुछ लोग इसे एक सामान्य निजी मामला मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है. इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है और लोग अलग अलग राय रख रहे हैं.
भारतीय अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम ने किया बैंकॉक में आगाज, टूर्नामेंट की तैयारी तेज

नई दिल्ली। भारत की 24 टीमें अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम अगले महीने होने वाली FC अंडर-20 महिला एशियन कप 2026 के लिए शुक्रवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुँच गई। टीम ने स्थानीय हालात में ढील देने के लिए कुछ दिन पहले ही यात्रा पूरी की, ताकि खिलाड़ियों को जापान के खिलाफ 2 अप्रैल से शुरू होने वाले ग्रुप सी मैचों के लिए पूरी तैयारी मिल सके। 20 साल बाद एशियन कप में भारत की वापसी:भारतीय टीम 20 साल बाद एशियन कप के मुकाबले करने में सफल हुई है। टूर्नामेंट में भारत 2 अप्रैल को जापान, 5 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया और 8 अप्रैल को चीनी ताइपे से भिड़ेगा। ग्रुप की टॉप दो टीमें और तीनों ग्रुप में तीसरे नंबर पर रहने वाली दो सबसे अच्छी टीमें क्वार्टरफाइनल में पहुँचेंगी। चार क्वार्टर-फाइनल विजेता टीमें FIFA अंडर-20 महिला विश्व कप पोलैंड 2026 के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करेंगी। ट्रेनिंग और तैयारी:स्वीडिश हेड कोच जोआकिम एलेक्जेंडरसन के नेतृत्व में टीम ने जनवरी में बेंगलुरु में ट्रेनिंग कैंप शुरू किया। इसके बाद खिलाड़ियों ने स्वीडन में एक महीने का कैंप किया, जहाँ उन्होंने स्वीडिश क्लब सीनियर टीमों के खिलाफ पांच मैत्रीपूर्ण मैच खेले। स्कैंडिनेविया से वापसी के बाद ट्रेनिंग कोलकाता में जारी रहा। कोलकाता से ही टीम शुक्रवार सुबह थाईलैंड के लिए रवाना हुई। फाइनल टीम और कोचिंग स्टाफ:कोच एलेक्जेंडरसन टूर्नामेंट के करीब फाइनल 23 सदस्यों वाली टीम की घोषणा करेंगे। वर्तमान 24 टीमें में गोलकीपर, डिफेंडर, मिडफील्डर और फॉरवर्ड खिलाड़ी शामिल हैं। टीम स्ट्रक्चर:गोलकीपर: मोनालिशा देवी मोइरंगथेम, नंदिनी, रिबंसी जामू डिफेंडर: अलका इंदवार, सिंडी रेमरूअतपुई कोलनी, निशिमा कुमारी, रेमी थोकलोम, रुचि यादव, साहेना टीएच, शुभांगी सिंह, थोबिसाना चानू तोइजाम मिडफील्डर: अंजू चानू कायेनपैबम, अरीना देवी नामीराकपम, भूमिका देवी खुमुकचम, मोनिशा सिंघा, नेहा, पूजा, श्रुति कुमारी फॉरवर्ड: बबीता कुमारी, दीपिका पाल, लहिंगडेइकिम, शिल्जी शाजी, सिबानी देवी नोंग्मीकापम, सुलंजना राउल कोचिंग स्टाफ:हेड कोच: जोआकिम एलेक्जेंडरसन असिस्टेंट कोच: पारोमिता सिट गोलकीपिंग कोच: हमीद केके भारतीय टीम की स्ट्रैटेजी और उम्मीदेंकोच एलेक्जेंडरसन का पढ़ाई है कि युवा खिलाड़ी स्कैंडिनेविया और भारत में हुई कड़ी तैयारी से मजबूत मानसिक और शारीरिक स्थिति में हैं। टीम का उद्देश्य ग्रुप स्टेज में अच्छा प्रदर्शन कर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाना और विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना है।
भारती सिंह के घर खुशियों की बहार छोटे बेटे काजू की पहली झलक ने जीता दिल..

नई दिल्ली: नवरात्रि और गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया के घर खुशियों की नई किरण देखने को मिली है. लंबे समय से फैंस जिस पल का इंतजार कर रहे थे, आखिरकार वह पल आ ही गया जब इस कपल ने अपने छोटे बेटे यशवीर का चेहरा दुनिया के सामने पेश कर दिया. प्यार से घर में उन्हें काजू कहकर बुलाया जाता है और जैसे ही उनकी पहली झलक सामने आई, सोशल मीडिया पर मानो बधाइयों और रिएक्शंस की बाढ़ आ गई. भारती सिंह ने यह खास पल अपने यूट्यूब व्लॉग के जरिए फैंस के साथ साझा किया. उन्होंने हमेशा की तरह इस बार भी अपने अनोखे अंदाज में इस खुशी को सेलिब्रेट किया. खास बात यह रही कि इस फेस रिवील को और भी खास बनाने के लिए कपल ने एक ग्रैंड पार्टी का आयोजन किया जिसकी थीम सी ब्रीज रखी गई थी. नीले रंग की सजावट, खूबसूरत डेकोरेशन और फैमिली का जश्न इस मौके को और भी यादगार बना रहा था. इस खुशी के मौके पर उनके बड़े बेटे लक्ष्य यानी गोला भी बेहद एक्साइटेड नजर आए. गोला अपने छोटे भाई काजू के साथ इस खास पल का हिस्सा बनकर काफी खुश दिखाई दिए. उनकी मासूम खुशी ने इस फैमिली मोमेंट को और भी प्यारा बना दिया. यह नजारा देखकर फैंस को एक परफेक्ट फैमिली पिक्चर का अहसास हुआ. जैसे ही यशवीर की पहली झलक सामने आई, फैंस ने कमेंट्स की झड़ी लगा दी. लाल रंग की क्यूट ड्रेस में काजू बेहद प्यारे लग रहे थे. कई लोगों ने उन्हें नन्हा फरिश्ता कहा तो कुछ ने उनकी क्यूटनेस की जमकर तारीफ की. सोशल मीडिया पर तरह तरह के रिएक्शन देखने को मिले और हर कोई इस छोटे से स्टार की झलक देखकर खुश हो गया. दिलचस्प बात यह रही कि कई यूजर्स ने काजू की तुलना उनके परिवार के सदस्यों से करना शुरू कर दिया. कुछ लोगों को वह अपने पिता हर्ष लिम्बाचिया की कॉपी लगे तो कुछ का मानना था कि उनमें दादाजी की झलक भी दिखाई देती है. वहीं कुछ फैंस ने तो यह तक कह दिया कि काजू बिल्कुल अपने बड़े भाई गोला की तरह दिखते हैं. यह तुलना सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही और लोगों ने मजेदार कमेंट्स भी किए. परिवार के अंदर भी इस बात को लेकर हल्की मजाकिया चर्चा देखने को मिली. हर्ष लिम्बाचिया ने भी अपने अंदाज में कहा कि उन्हें अपने छोटे बेटे में भारती सिंह की झलक नजर आती है. वहीं आम धारणा यह बनी हुई है कि जहां बड़ा बेटा गोला अपनी मां भारती पर गया है, वहीं छोटा बेटा काजू अपने पिता हर्ष से मिलता जुलता दिखता है
2033 तक भारत के ऊर्जा सेक्टर में बड़ा बदलाव, भंडारण क्षमता में होगा जबरदस्त इज़ाफा

नई दिल्ली भारत का स्थिर ऊर्जा भंडारण सेक्टर (स्थिर ऊर्जा भंडारण) तेजी से उभर रहा है। औद्योगिक रिपोर्ट के अनुसार, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) प्रोजेक्ट्स की कुल पाइपलाइन क्षमता 92 गीगावाट-घंटा (जीडब्ल्यूएच) के रिकॉर्ड स्तर पर उपलब्ध है। अभी जहां स्थापित क्षमता 1 गीगावॉट से भी कम है, वहीं 2033 तक यह क्षमता 346 गीगावॉट तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञ का मानना है कि अगर सरकार की सहायक नीतियाँ जारी हैं, तो यह पात्र 544 GWh तक भी पहुँच सकता है। ## बीएसएस सेक्टर में तेजीपिछले एक साल में BESS सेक्टर में जबरदस्त गति देखने को मिली। 69 नए टेंडर जारी किए गए, आर्किटेक्चर कुल क्षमता 102 GWh है, जो 2024 की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है। यह निवेशक है कि व्यापारी और उद्योग दोनों ही इस क्षेत्र में बढ़ते अवसरों को पहचान रहे हैं। ## पंपल्ड ऑटोमोबाइल स्टोरेज का विस्तारकेवल बैटरियों तक ही नहीं, बल्कि पंपल्ड सिलिकॉन एनर्जी स्टोरेज में भी बड़ा विस्तार होगा। अनुमान है कि इसकी क्षमता 2025 में 7 GW से बढ़कर 2033 तक 107 GW तक पहुंच जाएगी। इस बिजली से बिजली की मांग में उछाल- बिजली की आपूर्ति को बढ़ावा देना आसान होगा और बिजली की स्थिरता मजबूत होगी। ## लागत में कमी और नीति का समर्थनबेरोजगार इंडिया के सुपरस्टार और एमडी, एस. सी. सक्सेना के अनुसार, बिजली की मांग में बदलाव के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडार की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बैटरी और पंपल्ड स्टोरेज की लागत में लगातार कमी और सरकार की सहायक कंपनियों के कारण इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ## गैर-जीवाश्मा जीवला लक्ष्य में सहायकएआईएसए के अध्यक्ष देबमाल्य सेन ने कहा कि यह भारत को 2030 से 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन (गैर-जीवाश्म ईंधन) क्षमता हासिल करने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा। ऊर्जा भंडारण इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। ##सरकारी निगम का योगदानइस सेक्टर की बिक्री में कई सरकारी अहम भूमिका निभा रही हैं। इनमें एनर्जी स्टोरेज ऑब्लिगेशन, वायबिलिटी गैप फंडिंग, और लाइब्रेरी चार्ज में छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। औद्योगिक निवेश आकर्षित हुआ है और सेक्टर में तेजी से विस्तार का अवसर मिला है। ## 2026 में नई क्षमता का उद्घाटनरिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2026 में करीब 5 GWh नई क्षमता शुरू होने की उम्मीद है। इससे भारत के ऊर्जा भंडारण सेक्टर का तेजी से विस्तार होगा और देश को वैश्विक ऊर्जा भंडारण बाजार में मजबूत खिलाड़ी बनाया जाएगा। भारत का ऊर्जा सेक्टर सेक्टर अब विकास की ऊंचाइयों की ओर है। अगले दशक में प्रौद्योगिकी, सरकारी उद्यमों और उपभोक्ताओं के समर्थन से यह क्षेत्र देश के ऊर्जा लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगा और वैश्विक स्तर पर भारत को बढ़त मिलेगी।