मध्यप्रदेश: बढ़ती गर्मी में स्कूल सत्र टालने की मांग, कांग्रेस का दावा – बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा

भोपाल। प्रदेश में मार्च से तापमान लगातार बढ़ रहा है और अप्रैल से नए स्कूल सत्र की शुरुआत के बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि छोटे बच्चों को भीषण गर्मी में स्कूल बुलाना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र भेजकर तुरंत निर्णय लेने का आग्रह किया। उनका कहना है कि कई निजी स्कूल फीस के लालच में जल्दी सत्र शुरू कर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। मुख्य बातें: गर्मी का असर: मार्च से तापमान तेजी से बढ़ रहा है। अप्रैल और मई में लू और भीषण गर्म हवाओं का असर और बढ़ सकता है। निजी स्कूलों पर आरोप: कई स्कूल फीस वसूली के लिए छोटे बच्चों को मार्च, अप्रैल या जून में ही बुला लेते हैं। बुनियादी सुविधाओं की कमी: कई स्कूलों में शीतल पेयजल, पंखे, कूलर और वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। स्वास्थ्य जोखिम: तेज गर्मी से बच्चों में डिहाइड्रेशन, लू लगना, चक्कर आना और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सरकार से पांच प्रमुख मांगें: अप्रैल में शुरू होने वाले सत्र को गर्मी कम होने तक स्थगित किया जाए। यदि सत्र शुरू करना जरूरी हो तो स्कूलों का समय सुबह जल्दी रखा जाए। सभी स्कूलों में शीतल पेयजल, प्राथमिक उपचार और गर्मी से बचाव के निर्देश लागू हों। जिला प्रशासन इस मामले में विशेष निगरानी करे। निजी स्कूलों द्वारा मनमानी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। त्रिपाठी ने कहा, “बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा किसी भी प्रशासनिक प्रक्रिया से ज्यादा महत्वपूर्ण है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।” कीवर्ड्स (कोमा से अलग): मध्यप्रदेश, स्कूल सत्र, गर्मी, लू, निजी स्कूल, फीस का लालच, बच्चों का स्वास्थ्य, डिहाइड्रेशन, प्राथमिक उपचार, शीतल पेयजल, पंखे, कूलर, वेंटिलेशन, विवेक त्रिपाठी, कांग्रेस, शिक्षा विभाग, सरकार, ग्रामीण क्षेत्र, सुरक्षित स्कूल
दिल्ली: घरेलू कलह से परेशान महिला 39 घंटे बाद वैष्णो देवी से सुरक्षित मिली

नई दिल्ली। घरेलू कलह और मानसिक तनाव से जूझ रही एक महिला लंबे समय तक शांति और सुकून की तलाश में घर से बिना बताए चली गई। पति की शिकायत पर डीबीजी रोड पुलिस ने लगभग 39 घंटे की लगातार खोजबीन के बाद महिला को वैष्णो देवी से सुरक्षित ढूंढ निकाला। घटना के अनुसार, महिला पिछले कुछ समय से घरेलू कलह और मानसिक दबाव में थी। शांति पाने के लिए उसने कुछ दिन पहले से ही वैष्णो देवी जाने की तैयारी कर रखी थी। पुलिस की कार्रवाई: नौ मार्च को महिला के पति ने डीबीजी रोड थाने में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। एसएचओ रणधीर सिंह के नेतृत्व में टीम तुरंत जांच में जुट गई। तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर लोकेशन की मदद से पता चला कि महिला एक परिचित व्यक्ति के साथ जम्मू-कश्मीर की ओर जा रही थी। खोज अभियान:10 मार्च की रात पुलिस टीम शिकायतकर्ता के साथ दिल्ली से कटरा के लिए रवाना हुई। लगातार अपडेट्स और जांच के बाद टीम दोपहर दो बजे कटरा पहुंची। आगे की जांच में पुष्टि हुई कि महिला वैष्णो देवी के पवित्र धाम में दर्शन कर रही थी। सुरक्षित पुनर्मिलन:11 मार्च की सुबह साढ़े चार बजे महिला को वैष्णो देवी क्षेत्र से सुरक्षित ढूंढ लिया गया। महिला ने पूछताछ में बताया कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव और भावनात्मक परेशानी से गुजर रही थी और शांति पाने के लिए यह कदम उठाया। मध्य जिला के उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला को सुरक्षित उनके परिवार को सौंप दिया गया। इस मामले ने एक बार फिर यह दिखाया कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना और समय पर परिवार और समाज का सहयोग कितना जरूरी है।
महिला कुश्ती में नया इतिहास: Geetika Jakhar बनीं अर्जुन पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला पहलवान

नई दिल्ली। भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में गीतिका जाखड़ का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। अपनी ताकत, तकनीक और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने कुश्ती की दुनिया में अलग पहचान बनाई। गीतिका की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि उन्होंने लगातार नौ बार ‘भारत केसरी’ का खिताब जीता और एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि भारतीय महिला कुश्ती में आज भी बेहद खास मानी जाती है। हिसार की धरती से शुरू हुआ सफरगीतिका जाखड़ का जन्म 18 अगस्त 1985 को हिसार, हरियाणा में एक खेल प्रेमी परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान खेलों की ओर था और स्कूल के दिनों में वह एथलेटिक्स में सक्रिय रूप से हिस्सा लेती थीं। बेहतर प्रशिक्षण के लिए जब उनका परिवार शहर आया तो उनके पिता उन्हें हिसार के महाबीर स्टेडियम लेकर गए, लेकिन वहां उस समय कोई कोच उपलब्ध नहीं था। निराश होकर लौटते समय उनकी नजर पास के एक कुश्ती हॉल पर पड़ी, जहां लड़कियां अभ्यास कर रही थीं। उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया और उन्होंने अक्टूबर 1998 में एथलेटिक्स छोड़कर कुश्ती को अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया। दादा से सीखे कुश्ती के गुरगीतिका को कुश्ती की प्रेरणा अपने परिवार से ही मिली। उन्होंने अपने दादा चौधरी अमरचंद जाखड़ से कुश्ती के शुरुआती गुर सीखे, जो अपने समय के प्रसिद्ध पहलवान माने जाते थे। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने कुश्ती की शुरुआत कर दी थी। जल्द ही उनकी प्रतिभा सामने आने लगी और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। 1999 में भारत के राष्ट्रीय खेलों में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए वह चौथे स्थान पर रहीं, लेकिन यह शुरुआत उनके भविष्य की बड़ी सफलताओं की झलक थी। 15 साल की उम्र में जीता ‘भारत केसरी’सिर्फ 15 साल की उम्र में गीतिका ने ‘भारत केसरी’ खिताब सबको चौंका दिया। वर्ष 2000 में नई दिल्ली में आयोजित एक बड़े दंगल में उन्होंने मशहूर पहलवान सोनिका कालीरमन को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार नौ दशकों तक ‘भारत केसरी’ का खिताब जीतती रहीं, जो महिला कुश्ती में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर बनाया अनोखा रिकॉर्डगीतिका ने वर्ष 2001 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। वह सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर-तीनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की पहलवान बनीं। यह रिकॉर्ड आज तक कायम है और इसे भारतीय कुश्ती के इतिहास में बेहद खास उपलब्धि माना जाता है। चोट के बाद भी शानदार वापसीसाल 2010 में गीतिका जाखड़ गंभीर रूप से चोटिल हो गई थीं, जिससे उनके करियर संकट में पड़ गया था। लेकिन वे हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत के दम पर दोबारा वापसी की।
मुरैना में ट्रक से घसीटे जाने से चरवाहा युवक की दर्दनाक मौत

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 25 वर्षीय चरवाहा युवक की मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब युवक अपनी बकरियों को चराने के लिए सड़क किनारे था और अचानक एक तेज रफ्तार ट्रक ने पहले उसकी बकरी और बाद में उसे कुचल दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हादसा जिले के पहाड़गढ़ थाना क्षेत्र के केलारस मार्ग पर हुआ। हादसे के दौरान युवक सोनू धोबी अपनी बकरियों के साथ सड़क किनारे चर रहा था। केलारस की ओर से आ रहे ट्रक ने उसकी एक बकरी को कुचल दिया जिससे बकरी सड़कों पर गिर गई और युवक बचाने के लिए आगे बढ़ा। इसी दौरान ट्रक ने युवक को भी कुचल लिया और उसे लगभग 25 किलोमीटर तक सड़क पर घसीटता रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि चालक ट्रक को नियंत्रण में रखने में असफल रहा और हादसा बेहद भयावह था। पुलिस ने तुरंत दुर्घटना स्थल पर पहुँचकर ट्रक को रोक लिया और शव को कब्जे में लिया। प्राथमिक जांच में पता चला कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। ट्रक चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारीयों ने बताया कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है और ड्राइवर की गति तथा लापरवाही की संभावना पर ध्यान दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों और परिवार वालों ने बताया कि सोनू धोबी एक मेहनती चरवाहा था और अपने परिवार का पालन-पोषण बकरियों से करता था। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के सदस्यों ने ट्रक चालक की कड़ी सजा की मांग की है और न्याय की अपील की है। हादसे के बाद प्रशासन ने सड़क सुरक्षा उपायों और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिकारीयों ने कहा कि सड़क किनारे चराने वाले पशु और लोग अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के खतरे में रहते हैं और ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ग्रामीण इलाकों में सड़क किनारे पशु चराने और वाहन संचालन के दौरान उचित सावधानी न बरतने से गंभीर दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन और वाहनों की गति नियंत्रण अनिवार्य है। मुरैना के स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि हादसों की रोकथाम के लिए बेहतर संकेतक ट्रैफिक निगरानी और सड़क किनारे सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित किया जाए। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है बल्कि पूरे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और वाहन चालक की जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है।
Hansika Motwani-Sohel Kathuria तलाक के बाद मुस्कान की रहस्यमय पोस्ट वायरल, परिवारिक ड्रामा बना चर्चा का केंद्र

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री हंसिका मोटवानी और बिजनेसमैन सोहेल कथूरिया का चार साल का रिश्ता अब तलाक में समाप्त हो गया है। इस खबर के तुरंत बाद हंसिका की पूर्व ननद मुस्कान ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमय पोस्ट शेयर कर सबका ध्यान खींचा। क्रिप्टिक पोस्ट में क्या लिखा?मुस्कान ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा:“मैं आप लोगों से अपील करती हूं कि मुझे किसी के निजी जीवन के ड्रामे में न घसीटें। कृपया मुझे किसी की झूठी दुनिया से न जोड़ें। मेरे पास कोई पेड़ पीआर नहीं है। समय सच्चाई का खुलासा करेगा। सब समय का खेल है। शांति, प्रेम और कर्म।”पोस्ट ने सोशल मीडिया पर अटकलों को जन्म दिया, हालांकि मुस्कान ने किसी का नाम नहीं लिया। मुस्कान और हंसिका के बीच पहले भी विवादमुस्कान की शादी हंसिका के भाई प्रशांत मोटवानी से हुई थी। 2024 में कानूनी विवादों के कारण उनका रिश्ता सुर्खियों में रहा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सितंबर 2025 में हंसिका द्वारा दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया। मुस्कान ने हंसिका की मां ज्योति मोटवानी पर भी आरोप लगाए थे कि उनके हस्तक्षेप से रिश्ता बिगड़ा। हंसिका और सोहेल की शादी की यादेंहंसिका और सोहेल ने 4 दिसंबर 2022 को जयपुर के मंडोटा किले में भव्य समारोह में शादी की। शादी से एक महीने पहले, सोहेल ने पेरिस के एफिल टॉवर के पास हंसिका को प्रपोज किया था।मुस्कान की पोस्ट ने सोशल मीडिया पर नए चर्चाओं को जन्म दिया है। ऐसा लगता है कि समय आने पर इस परिवारिक ड्रामे की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
नंबर-3 पर संजू सैमसन को मौका देने की मांग, सुरेश रैना बोले-टीम को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व स्टार बल्लेबाज और चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज खिलाड़ी रहे सुरेश रैना ने टीम के बल्लेबाजी क्रम को लेकर अहम सुझाव दिया है। रैना का मानना है कि संजू सैमसन को टीम के लिए नंबर-3 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए, क्योंकि इस स्थान पर वह टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर के बीच मजबूत कड़ी बन सकते हैं। रैना के अनुसार इस क्रम से टीम का बैलेंस बेहतर होगा और बल्लेबाजी इकाई ज्यादा स्थिर दिखाई देगी। गायकवाड़ और म्हात्रे करें ओपनिंगबातचीत के दौरान रैना ने कहा कि सीएसके की पारी की शुरुआत रुतुराज गायकवाड़ और आयुष म्हात्रे को करनी चाहिए। इसके बाद तीसरे नंबर पर संजू सैमसन को भेजा जाए, ताकि वह शुरुआती विकेट गिरने की स्थिति में पारी को संभाल सकें और टीम को मजबूत आधार दे सकें। रैना के अनुसार सैमसन के नंबर-3 पर आने से बल्लेबाजी क्रम इस तरह संतुलित हो सकता है कि उसके बाद डेवल्ड ब्रेविस चौथे नंबर पर और शिवम दुबे पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करें। धोनी को अंत के ओवरों में मिल सकता है मौकारैना ने आगे कहा कि इस क्रम के बाद टीम के दिग्गज खिलाड़ी एमएस धोनी बल्लेबाजी के लिए आ सकते हैं और उन्हें मुख्य रूप से अंतिम दो या तीन ओवर खेलने का मौका मिलेगा।उनकी गिनती है कि इस तरह का बल्लेबाजी क्रम टीम को आक्रामक और संतुलित दोनों बना सकता है, क्योंकि शुरुआती बल्लेबाज तेजी से रन बनाएंगे और मध्यक्रम पारी को आगे बढ़ाएगा। विकेटकीपर के तौर पर भी सैमसन पर भरोसारैना ने सैमसन को विकेटकीपर के रूप में भी समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सैमसन टीम के ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक माहौल बनाने वाले खिलाड़ी हैं और कप्तानी का अनुभव होने के कारण टीम के लिए उनकी भूमिका और भी अहम हो जाती है। सैमसन लंबे समय तक राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रह चुके हैं और आईपीएल में उनके पास काफी अनुभव है। आईपीएल में शानदार रिकॉर्डआईपीएल में संजू सैमसन का रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 177 मैचों में लगभग 31 की औसत से 4700 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक और 26 शतक भी निकले हैं। आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें राजस्थान रॉयल्स से ट्रेड कर अपनी टीम में शामिल किया था, जिससे टीम की बल्लेबाजी और मजबूत मानी जा रही है। टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शनहाल ही में हुए ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी संजू सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मुकाबलों में बेहतरीन पारियां खेलकर भारत को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। क्वार्टर फाइनल में वेस्टइंडीज राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ नाबाद 97 रन, सेमीफाइनल में 89 रन और फाइनल में भी 89 रन की पारी खेलकर उन्होंने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। टूर्नामेंट में कुल 5 मैचों में 321 रन बनाने के बाद उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया। सीएसके फैंस की उम्मीदें बढ़ेंगीविश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस की उम्मीदें संजू सैमसन से और भी बढ़ गई हैं। क्रिकेट एथलीटों का रुझान है कि अगर वह नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हैं तो टीम को एक स्थिर और आक्रामक बल्लेबाज मिल सकता है, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखता है।
खरमास 2026: 15 मार्च से शुरू, इन मंत्रों से पाएं विष्णु और सूर्य देव की विशेष कृपा

नई दिल्ली। 2026 का खरमास 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय आध्यात्मिक उन्नति, जप-तप और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। खरमास की शुरुआत15 मार्च को सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस समय से धार्मिक अनुष्ठान और मंत्र जप करने का विशेष महत्व होता है। खरमास के दौरान लाभ:विष्णु और सूर्य देव के मंत्रों का नियमित जप आरोग्य, धन, यश और मानसिक शांति दिलाता है। नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। दान-पुण्य और धार्मिक पाठ का प्रभाव कई गुना माना गया है। भगवान विष्णु के प्रमुख मंत्र: ॐ नमोः नारायणाय॥ ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥ विष्णु गायत्री: ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥ शान्ताकार मंत्र: शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥सूर्य देव के मंत्र: ॐ सूर्यनारायणायः नमः। ऊँ घृणि सूर्याय नमः सूर्य देव के 12 दिव्य मंत्र (Surya Dwadash Mantra): ॐ मित्राय नमःॐ रवये नमःॐ सूर्याय नमःॐ भानवे नमःॐ खगाय नमःॐ पूष्णे नमःॐ हिरण्यगर्भाय नमःॐ मरीचये नमःॐ आदित्याय नमःॐ सवित्रे नमःॐ अर्काय नमःॐ भास्कराय नमःखरमास में अवश्य करें ये कार्य: विष्णु सहस्रनाम का पाठ – बाधाओं से मुक्ति और सुख-शांति। श्रीमद्भागवत गीता का पाठ – मानसिक और आध्यात्मिक विकास। सत्यनारायण कथा का पाठ – श्रीहरि की विशेष कृपा और पारिवारिक समृद्धि। विशेष टिप: खरमास के दौरान नियमित जप, दान और धार्मिक अनुष्ठान से जीवन में न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है बल्कि नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है।
माकपा ने मध्यप्रदेश सरकार से सरसों और तुअर की एमएसपी पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की

भोपाल । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी माकपा ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार से कहा है कि राज्य में सरसों और तुअर की न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी पर खरीदी सुनिश्चित की जाए। माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने भोपाल से जारी बयान में यह मांग करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की भावांतर योजना किसानों के हित की बजाय उनकी लूट को बढ़ावा देने वाली है। जसविंदर सिंह ने कहा कि सोयाबीन की भावांतर योजना में पहले ही सरकार ने किसान विरोधी रवैया अपनाया है और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं दिलाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरसों और तुअर की खरीद एमएसपी पर नहीं की गई तो इससे किसान गंभीर आर्थिक नुकसान उठाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना केवल किसानों की समस्याओं को छुपाने और उनके अधिकारों को नजरअंदाज करने का माध्यम बन चुकी है। माकपा के अनुसार एमएसपी पर खरीदी न होने से किसान बाजार में अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं पा रहे हैं जिससे उनकी आमदनी घट रही है और कर्ज में फंसने की समस्या बढ़ रही है। जसविंदर सिंह ने सरकार से अपील की कि किसानों के उत्पाद की उचित कीमत सुनिश्चित करना और उनकी आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरसों और तुअर की एमएसपी पर खरीदी से किसानों को राहत मिलेगी और कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनेगी। माकपा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों को नजरअंदाज किया तो वह सड़क से लेकर अन्य जन माध्यमों तक आंदोलन करने और किसानों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सरकारी नीतियों की उपेक्षा और भावांतर जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को उनके हक से वंचित करना स्वीकार्य नहीं है। जसविंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं खासकर दलहन और तिलहन की खेती करने वाले किसानों के लिए। उनका कहना था कि सरकार को तुरंत कदम उठाने होंगे और एमएसपी पर खरीदी की गारंटी देनी होगी ताकि किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो और उनका आर्थिक नुकसान न हो। माकपा का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में खरीफ फसलों की कटाई चल रही है और किसान अपने उत्पाद को लेकर चिंतित हैं। पार्टी का यह भी कहना है कि यदि एमएसपी पर खरीदी नहीं की गई तो इससे बाजार में फसलों की कीमतें गिर सकती हैं और किसानों को उनके उत्पादन का पूरा लाभ नहीं मिलेगा। जसविंदर सिंह ने निष्कर्ष में कहा कि सरकार को किसान विरोधी नीतियों को बदलकर उनके हित में काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि माकपा हर स्तर पर किसानों के समर्थन में खड़ी रहेगी और उनकी मांगों को मजबूती से उठाएगी।
शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में संयम जरूरी, रिटेल निवेशकों को सेबी प्रमुख की सलाह

नई दिल्ली। भारतीय पूंजी बाजार वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत और व्यापक होते जा रहे हैं। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया के अधिकारियों तुहिन कांता पांडे ने रिटेल इंजीनियरों से अपील की है कि वे बाजार की स्थानीय गिरावट या तेजी से घबराकर जल्दबाजी में फैसला न लें। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पूंजी बाजार आकार, विविधता और बढ़ोतरी के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि जैसे-जैसे बाजार का विस्तार और संकुचन बढ़ता है, वैसे-वैसे वैश्विक घटनाओं का प्रभाव भी अधिक देखने को मिलता है। पांडे ने मवेशियों को सलाह दी कि बाजार के छोटे समय के उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देने के बजाय दीर्घकालिक नजरिया अपनाना अधिक फायदेमंद साबित होता है। धैर्य ही रिटेल इंजीनियरों की सबसे बड़ी रणनीतिसेबी प्रमुख ने कहा कि रिटेल इंजीनियरों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीति धैर्य बनाए रखना है। उन्होंने बताया कि इतिहास गवाह है कि बड़े वैश्विक संकटों के बाद भी शेयर बाजारों ने समय के साथ वापसी की है और भारतीयों को अच्छा रिटर्न दिया है। उनका कहना था कि बाजार में अस्थिरता के दौर अक्सर अस्थायी होते हैं और लंबे समय में मजबूत आर्थिक आधार वाले देशों के बाजार फिर से स्थिर हो जाते हैं। इसलिए भारतीयों को घबराकर अपने निवेश से बाहर निकलने के बजाय समझदारी और संयम के साथ फैसला लेना चाहिए। भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट का असरपांडे ने स्वीकार किया कि मौजूदा समय में वैश्विक बाजार कई तरह की जबड़े का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी बदलाव और ऊर्जा संकट जैसे कारक वैश्विक आर्थिक अस्थिरताओं को बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज के वित्तीय बाजारों की एक प्रमुख विशेषता यह है कि उनमें अस्थिरता पहले की तुलना में अधिक देखने को मिलती है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर सूचना और खबरें बेहद तेजी से फैलती हैं। तकनीक से तेजी से बदल रहा बाजारसेबी प्रमुख के अनुसार आधुनिक वित्तीय बाजार तकनीक के कारण पहले से कहीं ज्यादा तेज और जटिल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि संस्थागत ट्रेडिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत डेटा विश्लेषण जैसी तकनीकों के कारण बाजार की गतिविधियां बहुत तेजी से होती हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज के दौर में खबरें बहुत तेजी से फैलती हैं और बेटियों की राय उससे भी तेज बनती है। यही कारण है कि कई बार बाजार वास्तविक आर्थिक आयामों के बजाय खबरों या धारणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं। स्थिरता बनाए रखना नीति निर्माताओं की जिम्मेदारीसेबी प्रमुख ने कहा कि बाजार की तेजी के साथ उनकी स्थिरता बनाए रखना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियामक संस्थाओं और नीति निर्माताओं का दायित्व है कि वे बेटियों के हितों की रक्षा करते हुए बाजार में भरोसा और भरोसा बनाए रखें। उन्होंने बताया कि भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण के लिए मजबूत बॉन्ड बाजार, बेटियों की बढ़ती भागीदारी और तकनीकी नवाचार बहुत अहम होंगे। बेटियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदमनिवेशकों की सुरक्षा को लेकर सेबी कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इसमें सोशल मीडिया पर फैलाने वाली बातचीत या फर्जी निवेश सलाह की निगरानी को मजबूत करना भी शामिल है। इसके अलावा नियामक संस्था अपनी निगरानी तंत्र को भी लगातार उन्नत कर रही है, ताकि बाजार में संभावित हेरफेर, अंदरूनी ट्रेडिंग या गलत जानकारी के प्रसार को समय पर रोका जा सके। विशेष रूप से सेबी अपनी उन्नत निगरानी प्रणाली PARRVA निगरानी प्रणाली को मजबूत कर रहा है, जिससे बाजार में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों का जल्दी पता लगाया जा सके। विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे पैदल चलने वालों से इंजीनियरों का भरोसा बढ़ेगा और भारतीय पूंजी बाजार भविष्य में और अधिक मजबूत बन सकेगा।
भोपाल में गोमांस तस्करी आरोपी असलम कुरैशी की जमानत याचिका खारिज

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में गोमांस तस्करी के गंभीर मामले में आरोपी असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य ने इस निर्णय के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी को अभी जमानत देना न्याय के हित में नहीं होगा। इस मामले की सुनवाई में आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष यह दलील दी कि असलम कुरैशी निर्दोष हैं और उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि आरोपी अपनी सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैं। इसके विपरीत शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इस प्रकार का अपराध समाज और कानून के लिए अत्यंत गंभीर है और आरोपी को जमानत देने से न्याय प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका खारिज करने का निर्णय लिया। न्यायिक दंडाधिकारी जयदीप मौर्य ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कानूनी कार्रवाई निर्बाध रूप से जारी रहेगी और जांच एजेंसियों को सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार प्राप्त है। इस फैसले के बाद पुलिस ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा और आगामी सुनवाई में उसकी भूमिका और अपराध की जाँच पूरी की जाएगी। पुलिस अधिकारीयों का कहना है कि इस प्रकार के अपराधों पर सख्त कार्रवाई समाज में कानूनी संदेश भेजने के लिए आवश्यक है। भोपाल के स्थानीय लोग इस मामले पर गहरी नजर बनाए हुए हैं क्योंकि यह न केवल कानून के उल्लंघन का मामला है बल्कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भी प्रभावित करता है। नागरिकों ने कहा कि सरकार और न्यायपालिका द्वारा ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने में मदद करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमानत याचिका खारिज होने का निर्णय यह संदेश देता है कि गोमांस तस्करी जैसे अपराधों में अपराधियों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और कानून को सर्वोच्च माना जाएगा। इसके साथ ही यह फैसला कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्यायपालिका की गंभीरता को भी दर्शाता है। इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश में कानून के प्रति सख्त रुख अपनाया गया है और समाज के हित में गंभीर अपराधों पर किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। आरोपी असलम कुरैशी की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत यह सुनिश्चित करती है कि आगे की जांच पूरी निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।