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Aslam Qureshi bail rejected: 26 टन गोमांस तस्करी केस: असलम कुरैशी की जमानत याचिका खारिज, 500 पेज के आरोप-पत्र के बाद अदालत सख्त

 Aslam Qureshi bail rejected: भोपाल । भोपाल में चर्चित गोमांस तस्करी मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ ‘चमड़ा’ को अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य की अदालत ने शुक्रवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि असलम कुरैशी निर्दोष है और उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए जमानत आवेदन निरस्त करने का आग्रह किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया। इस मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच पूरी करने के बाद 6 मार्च को करीब 500 पन्नों का आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया था। आरोप-पत्र में आरोपी असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को मुख्य आरोपी बनाया गया है। दरअसल, 17 दिसंबर 2025 को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जहांगीराबाद इलाके के पास एक कंटेनर को पकड़ा था। कंटेनर में करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा जा रहा था। आरोप लगाया गया था कि स्लॉटर हाउस में गोवंश का अवैध कत्ल कर मांस को चोरी-छिपे बाहर भेजा जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कंटेनर से बरामद मांस के सैंपल लेकर जांच के लिए मथुरा स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजे थे। जांच रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि होने के बाद 8 जनवरी को जहांगीराबाद थाने में मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

MP में झुलसाने लगी गर्मी, नर्मदापुरम में पारा 40.1 डिग्री, 15-17 मार्च के बीच बदलेगा मौसम

भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। प्रदेश में लगातार सूरज की तीखी तपिश बनी हुई है। शुक्रवार को नर्मदापुरम में लगातार दूसरे दिन तीव्र लू चली और अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि शनिवार को कुछ इलाकों में गर्मी से हल्की राहत मिलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 15, 16 और 17 मार्च को प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी हिस्सों, खासकर ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश होने का अनुमान है। तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने एडवायजरी जारी कर लोगों को दोपहर में बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी पीने और घर के अंदर तापमान कम रखने के लिए ओवन जैसे उपकरणों का सीमित उपयोग करने को कहा गया है। प्रदेश में पिछले दो दिनों से तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है। नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। शुक्रवार को पचमढ़ी को छोड़कर लगभग सभी शहरों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर रहा। पांच बड़े शहरों में भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.4 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा नर्मदापुरम में 40.1 डिग्री, रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार और खजुराहो में 38.9 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री, खरगोन में 38.4 डिग्री तथा सागर, टीकमगढ़ और सिवनी में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कल से बदल सकता है मौसममौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 15 मार्च से इसका असर शुरू होगा और जिन जिलों में बारिश होगी वहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि अन्य शहरों में गर्मी का असर बना रहेगा। गर्मी बढ़ने की वजहमौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर मध्य प्रदेश पहुंच रही है, जिससे गर्म हवाओं का असर बढ़ रहा है। तीन दिन गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान15 मार्च: ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर।16 मार्च: रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।17 मार्च: अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट।

ग्वालियर में बैंक कर्मचारी से चेन स्नेचिंग: टहलने निकली महिला से बाइक सवार ने झपट्टा मारकर सोने की चेन छीनी, CCTV के आधार पर तलाश

ग्वालियर। ग्वालियर में चेन स्नेचिंग की एक और वारदात सामने आई है। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात टहलने निकली एक महिला बैंक कर्मचारी से बाइक सवार बदमाश ने झपट्टा मारकर सोने की चेन लूट ली और फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित एमपी संस डिपार्टमेंटल स्टोर और होटल सुगरपॉम के पास की है। यहां बलवंत नगर स्थित गौरा अपार्टमेंट जी-2 में रहने वाली 39 वर्षीय कृपा देवी, जो एसबीआई बैंक के होम लोन विभाग में कार्यरत हैं, शुक्रवार रात रोज की तरह टहलने के लिए निकली थीं। जब वह एमपी संस और होटल सुगरपॉम के पास पहुंचीं, तभी सामने से बाइक पर आया एक युवक उनके पास पहुंचा और बाइक की रफ्तार धीमी कर झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाते हुए फरार हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में सर्चिंग शुरू की। हालांकि देर रात तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें कुछ जगहों पर संदिग्ध बाइक सवार दिखाई दिया है। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपी की पहचान करने और उसकी तलाश में जुट गई है। मामले में चेन स्नेचिंग का केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित महिला कृपा देवी के मुताबिक आरोपी युवक की उम्र करीब 25 से 26 साल के बीच होगी। वह पतले-दुबले शरीर का था और बाइक पर अकेला था। उसने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और सफेद धारियों वाली शर्ट पहन रखी थी। पुलिस इसी हुलिए के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। गौरतलब है कि ग्वालियर में हाल के दिनों में इस तरह की घटनाएं बढ़ती नजर आ रही हैं। पिछले सप्ताह सिटी सेंटर इलाके में भी टहलने निकली एक बुजुर्ग महिला को बाइक सवार दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर डराया और फिर उनके जेवर लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले में एएसपी विदिता डागर का कहना है कि महिला से बाइक सवार बदमाश द्वारा चेन झपटने की घटना सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश की जा रही है। कुछ जगहों पर सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनके आधार पर जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

LPG किल्लत की आशंका के बीच IRCTC अलर्ट: ट्रेनों में इंडक्शन व रेडी-टू-ईट फूड की तैयारी, WCR में 25 क्लस्टर किचन से जारी सप्लाई

नई दिल्ली। शहर में एलपीजी की संभावित किल्लत की खबरों के बीच ट्रेनों में भोजन व्यवस्था को लेकर यात्रियों के बीच चिंता बढ़ने लगी थी। इस बीच IRCTC ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल ट्रेनों में कैटरिंग व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और यात्रियों को भोजन की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी है। IRCTC के प्रवक्ता एके सिंह के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) क्षेत्र में करीब 25 क्लस्टर किचन संचालित किए जा रहे हैं। इन किचनों से क्षेत्र की प्रमुख ट्रेनों में नियमित रूप से भोजन लोड किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी भी ट्रेन में भोजन सप्लाई बाधित होने की स्थिति सामने नहीं आई है और किचनों में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रवक्ता ने बताया कि यात्रियों को सामान्य रूप से गर्म और ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि हाल के दिनों में कुछ यात्रियों ने भोजन ठंडा मिलने की शिकायत की थी, लेकिन ट्रेनों में माइक्रोवेव ओवन की सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर भोजन को दोबारा गर्म कर यात्रियों को परोसा जाता है। IRCTC की टीम लगातार कैटरिंग व्यवस्था पर नजर रख रही है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संभावित गैस संकट को देखते हुए IRCTC ने एहतियात के तौर पर वैकल्पिक योजना भी तैयार कर ली है। मुंबई स्थित जोनल कार्यालय की ओर से क्लस्टर किचनों और ट्रेनों में इंडक्शन कुकर, माइक्रोवेव ओवन और रेडी-टू-ईट फूड की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद यह है कि अगर भविष्य में गैस सप्लाई प्रभावित होती है तो यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने में कोई परेशानी न आए। हालांकि IRCTC ने साफ किया है कि फिलहाल इन वैकल्पिक व्यवस्थाओं का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ी है। गैस सप्लाई सिस्टम सामान्य रूप से चल रहा है और ट्रेनों में भोजन की आपूर्ति नियमित तरीके से की जा रही है। प्रवक्ता के अनुसार यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और कैटरिंग व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि भविष्य में किसी तरह की समस्या सामने आती है तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी जाएगी, ताकि यात्रियों को भोजन से जुड़ी किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। फिलहाल पश्चिम मध्य रेलवे क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ट्रेनों में भोजन की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।

मध्यप्रदेश में मार्च में ही ‘हीट अटैक’: नर्मदापुरम 40°C पार, हीट स्ट्रोक का खतरा; 15-17 मार्च को कई जिलों में बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और कुछ जगहों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। शुक्रवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री दर्ज किया गया। यहां लगातार दूसरे दिन तीव्र लू का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है और लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.4 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार और खजुराहो में 38.9 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री और खरगोन में 38.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। सागर, टीकमगढ़ और सिवनी में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में गर्मी का असर इसलिए तेज हुआ है क्योंकि हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर हो गई है। इसके साथ ही हवा में नमी काफी कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं तापमान को और बढ़ा रही हैं। हालांकि शनिवार से मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि 14 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 15 मार्च से मध्यप्रदेश में दिखाई देगा। इसके कारण प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। 15 मार्च को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं 16 मार्च को रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। 17 मार्च को अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। जिन जिलों में बारिश होगी वहां तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन प्रदेश के अन्य हिस्सों में गर्मी का असर बना रहेगा। तेज गर्मी और पानी की कमी को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भोपाल को जल अभावग्रस्त घोषित करते हुए निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी कर कहा है कि बिना अनुमति ट्यूबवेल खोदने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही बोरवेल मशीनों के जिले से गुजरने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि सरकारी ट्यूबवेल और पीएचई विभाग की नल-जल योजनाएं जारी रहेंगी। डॉक्टरों के अनुसार मार्च का मौसम स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। इसलिए लोगों को सुबह और देर रात की ठंडी हवा से बचने और खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल और मई में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है।

मसूरी में आज कुलदीप यादव की शाही शादी: बचपन की दोस्त वंशिका संग लेंगे फेरे, रोहित-सूर्या समेत कई स्टार्स के पहुंचने की उम्मीद

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव आज 14 मार्च को अपनी बचपन की दोस्त वंशिका सिंह के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। उत्तराखंड के खूबसूरत हिल स्टेशन मसूरी में स्थित आईटीसी सेवॉय होटल में पिछले तीन दिनों से शादी की भव्य रस्में चल रही हैं। इस शाही समारोह में क्रिकेट जगत और परिवार के करीबी लोग शामिल हो रहे हैं। शादी के कार्यक्रम के अनुसार आज शाम 4 बजे साफा बंधाई की रस्म होगी, जिसके बाद 5 बजे बारात निकलेगी। शाम 6 बजे वरमाला का कार्यक्रम रखा गया है और रात 8 बजे दोनों सात फेरे लेंगे। इसके बाद देर रात तक मंडप की अन्य पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी। समारोह में भारतीय क्रिकेट टीम के कई बड़े नामों के शामिल होने की संभावना है। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर के भी शादी में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को हल्दी समारोह में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह 11 बजे शुरू हुई हल्दी की रस्म दोपहर करीब 2 बजे तक चली। इस दौरान होटल परिसर में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न का माहौल रहा। भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल हल्दी समारोह के सबसे ज्यादा चर्चित मेहमान रहे। चहल कभी कुलदीप के चेहरे पर हल्दी लगाते नजर आए तो कभी ढोल की थाप पर जमकर डांस करते दिखे। हल्दी के बाद कुलदीप और वंशिका ने भी मेहमानों के साथ डांस कर माहौल को और खुशनुमा बना दिया। हल्दी समारोह के बाद मेहमानों के लिए होटल में शाही दावत का आयोजन किया गया। बताया जा रहा है कि इस खास दावत में एक थाली की कीमत 20 हजार रुपए से ज्यादा थी। शादी के लिए प्लैटिनम और गोल्ड मेन्यू तैयार किए गए हैं, जिनमें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के व्यंजन शामिल हैं। मेहमानों के लिए प्रीमियम सलाद, सूप, स्नैक्स और कई खास मुख्य व्यंजन परोसे जा रहे हैं। बार मेन्यू भी बेहद खास रखा गया है। इसमें देश-विदेश के महंगे ब्रांड शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक मेहमानों के लिए करीब 40 हजार रुपए की डॉम पेरिग्नॉन शैम्पेन, 35 हजार रुपए तक की सिंगल माल्ट स्कॉच और कई प्रीमियम वाइन उपलब्ध कराई गई हैं। शादी में शामिल होने के लिए क्रिकेट जगत के कई खिलाड़ी मसूरी पहुंच चुके हैं। भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह अपनी मंगेतर प्रिया सरोज के साथ समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर पीयूष चावला और भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप भी मसूरी पहुंच चुके हैं। कुलदीप और वंशिका एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से पारिवारिक संबंध रहे हैं। दोनों की सगाई 4 जून 2025 को लखनऊ में परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी में हुई थी। कुलदीप उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं, जबकि वंशिका लखनऊ की निवासी हैं। दोनों की शादी के लिए एक खास हैशटैग #Kulvansh बनाया गया है, जो कुलदीप के नाम के ‘कुल’ और वंशिका के नाम के ‘वंश’ को मिलाकर तैयार किया गया है। शादी का डिजिटल इन्विटेशन कार्ड भी इसी हैशटैग के साथ डिजाइन किया गया है, जिसमें भगवान गणेश की वंदना और रॉयल थीम के साथ दोनों के एनिमेटेड अवतार भी शामिल किए गए हैं।

होर्मुज के खतरे के बीच सुरक्षित निकला भारत का LPG जहाज ‘शिवालिक’, ट्रम्प का दावा,ईरान के खार्ग आइलैंड पर सैन्य ठिकाने तबाह

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का आज 15वां दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारत की सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का एलपीजी टैंकर जहाज शिवालिक सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है। जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट मरीनट्रैफिक के अनुसार यह जहाज 7 मार्च को कतर से अमेरिका के लिए रवाना हुआ था और शुक्रवार रात खतरनाक माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल गया। इस जहाज की क्षमता करीब 55 हजार टन एलपीजी ढोने की है, इसलिए इसके सुरक्षित निकलने को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर युद्ध के मोर्चे पर अमेरिका की ओर से बड़ा दावा किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के सबसे अहम तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड पर मौजूद सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान के तेल ढांचे को भी निशाना बना सकता है। खार्ग आइलैंड ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है क्योंकि देश के करीब 80 से 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात यहीं से होता है। इस बीच ईरान की राजनीति को लेकर भी चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और फिलहाल कोमा में हैं। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजराइल हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए थे और उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा और उनके लिवर को भी काफी नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के जिस हिस्से में उन्हें रखा गया है, वहां भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। वहीं ईरान ने भारत को लेकर एक नरम रुख भी दिखाया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। इन टैंकरों के जल्द भारत की ओर रवाना होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो भारत में रसोई गैस की सप्लाई पर पड़ रहे दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इसके अलावा सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आने वाला एक टैंकर भी मार्च की शुरुआत में होर्मुज पार कर चुका है और शनिवार तक भारत पहुंच सकता है। हालांकि अमेरिका और इजराइल की लगातार दो हफ्तों से चल रही एयरस्ट्राइक के बावजूद ईरान की सरकार फिलहाल मजबूत नजर आ रही है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा हालात में ईरान की सत्ता के गिरने की संभावना बेहद कम है और सरकार अभी भी देश की जनता पर नियंत्रण बनाए हुए है। युद्ध के कारण दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजों की आवाजाही भी काफी कम हो गई है। लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के मुताबिक इस महीने अब तक केवल 77 जहाज ही इस रास्ते से गुजर पाए हैं। गौरतलब है कि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरती है, इसलिए यहां पैदा हुआ संकट पूरी दुनिया की ऊर्जा और अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।

पश्चिम एशिया युद्ध की स्थिति में भी अफवाह फैला रही कांग्रेस : मोदी

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट और युद्ध की परिस्थितियों के बीच भी कांग्रेस देश में अफवाह फैलाने और गलत जानकारी देने में लगी हुई है, जबकि भाजपा-एनडीए सरकार किसानों के हित, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पूर्वोत्तर के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यहां एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान असम के लिए 19,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह किसी भी स्थिति में देश के प्रति ईमानदार नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि वे 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के भाषण को सुनें। मोदी ने कहा कि पंडित नेहरू ने एक बार कहा था कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे युद्ध की वजह से भारत में महंगाई बढ़ रही है। आज कांग्रेस के लोग भी उसी तरह देश को गुमराह करने में लगे हैं, जबकि वैश्विक संकटों का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक काम किया है। आज भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों का ध्यान रख रहा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। असम सहित पूरे पूर्वोत्तर में गैस पाइपलाइन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास पर अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ ही समय पहले पूरे देश के करोड़ों किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी गई है। यह योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले ऐसे लाखों किसान थे जिनके पास न तो मोबाइल फोन था और न ही बैंक खाता, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय समावेशन के माध्यम से करोड़ों किसानों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और अब तक उनके खातों में सवा चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि भेजी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी, तब कांग्रेस के लोगों ने इसके बारे में झूठ फैलाया था। कांग्रेस के नेता किसानों से कहते थे कि चुनाव के बाद उन्हें यह पैसा वापस करना पड़ेगा, लेकिन आज यह योजना किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बन चुकी है। मोदी ने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार के लिए किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले केंद्र में दस वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रही और उस दौरान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के रूप में लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये मिले थे। इसके विपरीत पिछले दस वर्षों में उनकी सरकार ने किसानों को एमएसपी के रूप में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। एमएसपी, सस्ता कृषि ऋण, फसल बीमा और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वैश्विक संकटों का असर भारत की खेती पर कम से कम पड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी और उसके बाद हुए वैश्विक संघर्षों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई थी। कई देशों में इसकी कमी हो गई थी, लेकिन भारत सरकार ने किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी। जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की एक बोरी की कीमत लगभग 3000 रुपये तक पहुंच गई थी, वहीं भारत में किसानों को यह मात्र 300 रुपये में उपलब्ध कराई गई। इसके लिए केंद्र सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में देश को कृषि और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लंबे समय तक कांग्रेस सरकारों ने देश को कई क्षेत्रों में विदेशों पर निर्भर बनाए रखा, जिससे अंतरराष्ट्रीय संकटों का सीधा असर भारत के किसानों और आम लोगों पर पड़ता था। प्रधानमंत्री ने बताया कि खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार ने “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” नीति लागू की है, जिसके तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को सोलर पंप से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि डीजल पर उनकी निर्भरता कम हो सके। असम के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य आज पूरे पूर्वोत्तर के लिए एक मॉडल बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि असम की प्रगति का प्रभाव पूरे नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है और यह क्षेत्र देश के विकास में नई गति प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने असम के चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिक परिवारों का जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार ऐतिहासिक अन्याय को समाप्त करते हुए चाय बागान श्रमिकों को भूमि के पट्टे प्रदान कर रही है। इससे हजारों परिवारों को पहली बार भूमि का अधिकार मिल रहा है। असम आज शांति, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यह राज्य पूरे पूर्वोत्तर के उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा।

घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं , जमाखोरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी

नई दिल्ली। सरकार ने आज देशवासियों को आश्वस्त किया कि देश की रिफायनरियों में कच्चे तेल से द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के उत्पादन को बढ़ाने का निर्देश दिया गया है और घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने की कोई भी संभावना नहीं है इसलिए आम जनों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने जमाखोरी करने को चेताया है कि उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उच्चपदस्थ सूत्राें ने यहां संवाददाताओं से कहा कि देश में एलपीजी की आपूर्ति पर पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण कुछ असर हुआ है लेकिन भारत में स्थिति तेल रिफायनरियों में क्षमता वृद्धि के उपाय किये गये हैं और जल्द ही बाज़ार में उपलब्धता बढ़ेगी। सूत्रों के अनुसार देश की रिफायनरियों में एलपीजी के उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसके और बढ़ने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि पश्चिम एशिया में संकट के नाम पर देश में जो भी वितरक कृत्रिम संकट बता कर जमाखोरी कर रहे हैं, उन पर सरकार की पैनी नज़र है और उन्हें पछताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल व्यावासयिक सिलेंडरों की आपूर्ति नियंत्रित की है और प्राथमिकता के आधार पर उनके वितरण का निर्णय करने का अधिकार राज्यों को दिया है। सूत्रों ने बताया कि भारत दुनिया में एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है जो अपनी एलपीजी खपत का लगभग 55-60% हिस्सा मुख्य रूप से खाड़ी देशों- कतर एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सीधे आयात करता है, जबकि शेष 40-45% घरेलू स्तर पर रिफाइनरियों में कच्चे तेल के शोधन के दौरान उप-उत्पाद के रूप में निर्मित होता है। हाल ही में सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों को आदेश दिया है। वैश्विक आपूर्ति में बाधा का असर भारत पर पड़ना स्वाभाविक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत एलपीजी का लगभग 29-34% हिस्सा कतर से आयात करता है और कतर के बाद यूएई लगभग 26% की हिस्सेदारी के साथ दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। हाल के वर्षों में, भारत ने कतर से सालाना 5.3 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी का आयात किया है, जिसकी कीमत 4 अरब डॉलर से अधिक है। 2024 में, भारत और कतर ने 2048 तक सालाना 75 लाख टन द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति के लिए एक बड़ा समझौता भी किया है। भारत की आयातित एलपीजी का अधिकांश भाग होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है जिसे ईरान ने बाधित कर रखा है। सूत्रों ने कहा कि भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति का कोई संकट नहीं है। भारत रूस समेत 40 से अधिक देशों से कच्चे तेल की खरीद करता है। भारत ने अपनी रिफायनरियों से कहा है कि वह कच्चे तेल के शोधन में उप उत्पादों में एलपीजी को प्राथमिकता दें और उनका उत्पादन बढ़ाएं ताकि बाहर से आने वाली एलपीजी की कमी की यथासंभव भरपाई हो सके। उल्लेखनीय है कि कच्चे तेल के शोधन से प्रोपेन और ब्यूटेन, मीथेन, एथेन, नैफ्था, प्लास्टिक, रसायन और उच्च ऑक्टेन गैसोलीन, पेट्रोल, केरोसीन, जेट फ्यूल, डीज़ल, फ्यूल ऑयल, ल्यूब्रिकेंट्स, वैक्स तथा अस्फाल्ट / बिटुमेन का भी उत्पादन होता है।

विकसित भारत 2047’ की यात्रा में दिव्यांगजन समान भागीदार : राष्ट्रपति

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में शुक्रवार को दिव्यांगजनों की प्रतिभा, उपलब्धियों और आकांक्षाओं का उत्सव मनाने के लिए ‘पर्पल फेस्ट’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में दिव्यांगजन समान भागीदार हैं। राष्ट्रपति भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान दिनभर चले उत्सव में 8 हजार से अधिक दिव्यांगजन अमृत उद्यान पहुंचे, जिसे विशेष रूप से उनके लिए खोला गया था। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से दिव्यांगजनों ने खेल, सीखने और मनोरंजन से जुड़ी कई गतिविधियों में भाग लिया। शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी ने राष्ट्रपति भवन स्थित ओपन एयर थिएटर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया, जिसमें दिव्यांग कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी देश या समाज की पहचान केवल उसकी उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह समाज के वंचित वर्गों के प्रति कितनी संवेदनशीलता दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास और संस्कृति में संवेदनशीलता, समावेशिता और सामंजस्य की भावना हमेशा से प्रमुख रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सामाजिक न्याय, समानता और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा के आदर्शों को स्थापित करता है। राज्य के नीति निदेशक तत्वों के माध्यम से दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक सहायता का अधिकार भी प्रदान किया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण के लिए दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है। यह केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति और संस्था की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने दिव्यांगजनों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार और समाज उनके साथ खड़े हैं। उनका समर्पण, मेहनत और लगन न केवल उनके लिए प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगी, बल्कि अन्य नागरिकों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। उल्लेखनीय है कि ‘पर्पल फेस्ट’ का आयोजन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में दिव्यांगजनों के प्रति समझ, स्वीकृति और समावेशन को प्रोत्साहित करना है।