जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड ने एंकर निवेशकों से जुटाए 120 करोड़ रुपये

नई दिल्ली/मुंबई। जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड ने अपने शुरुआती आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले एंकर निवेशकों से 120 करोड़ रुपये जुटाए हैं। अहमदाबाद की कृषि रसायन कंपनी का यह इश्यू सोमवार, 16 मार्च, 2026 को निवेशकों के निवेश करने के लिए खुलेगा। कंपनी ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया कि उसने एंकर निवेशकों को 320 रुपये प्रति शेयर की दर से 37,50,000 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए हैं। एंकर निवेशकों के तौर पर भाग लेने वाली कुछ प्रमुख संस्थाओं में शाइन स्टार बिल्ड कैप प्राइवेट लिमिटेड, क्राफ़्ट इमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी, सिटाडेल कैपिटल फंड और क्राफ़्ट इमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी और एलीट कैपिटल फंड शामिल हैं। जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड का आईपीओ निवेश के लिए 16 मार्च को खुलेगा। इसमें निवेश के लिए निवेशक 18 मार्च तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने इसके लिए मूल्य का दायरा (प्राइस बैंड) 304–320 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी के शेयर 24 मार्च को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होंगे। निवेशक कम से कम 46 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, और उसके बाद 46 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बोली लगा सकते हैं। कंपनी की योजना इस आईपीओ से 400 करोड़ रुपये जुटाने की है। जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड नए निर्गम से प्राप्त 170 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल ऋण भुगतान के लिए करेगी, जबकि इसका शेष एक हिस्सा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए रखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड एक रिसर्च, आधारित एग्रोकेमिकल कंपनी है। यह भारत में कीटनाशकों, खरपतवारनाशकों, फफूंदीनाशकों और पौधों के विकास को नियंत्रित करने वाले पदार्थों के विकास और निर्माण में विशेषज्ञता रखती है।
नई दिल्ली पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 में भारत का दबदबा, 208 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा देश

नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 का तीन दिनों तक चला रोमांचक मुकाबला आज समाप्त हो गया। प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने कुल 208 पदक जीते, जिनमें 75 स्वर्ण, 69 रजत और 64 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में रूस 35 पदकों (15 स्वर्ण, 14 रजत और 6 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बोस्निया और हर्जेगोविना एक स्वर्ण और दो रजत सहित कुल तीन पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता के अंतिम दिन भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। महिला 200 मीटर टी35–टी37 स्पर्धा में प्रीति पाल ने 30.26 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। रूस की करीना माचुल्स्काया 32.22 सेकंड के साथ रजत पदक पर रहीं, जबकि भारत की बीना शंभुभा ने 32.35 सेकंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। यह इस प्रतियोगिता में प्रीति पाल का दूसरा स्वर्ण पदक रहा। अपनी जीत पर प्रीति पाल ने कहा, “मैं जिस लक्ष्य के साथ इस प्रतियोगिता में उतरी थी, उसे एक माइक्रो सेकंड से चूक गई। फिर भी प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। चार दिनों बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जाना है और अभी ऑफ-सीजन चल रहा है, इसलिए यह परिणाम अच्छा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरा व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 30.03 सेकंड है और अभ्यास में मैं 29.6 सेकंड तक पहुंच चुकी हूं, जो उत्साहजनक है। हालांकि फिनिश लाइन के करीब आते-आते थकान महसूस होती है, जिस पर मैं काम कर रही हूं।” पुरुष शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में भारत ने तीनों पदक अपने नाम किए। शुभम जुयाल ने 14.45 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भगत सिंह ने 13.29 मीटर के साथ रजत और प्रियांश कुमार ने 13.07 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया। शुभम जुयाल ने 2025 विश्व चैंपियनशिप में 13.72 मीटर का प्रदर्शन किया था और मात्र पांच महीनों में 0.73 मीटर का सुधार करते हुए उन्होंने शानदार प्रगति दिखाई। यह भारतीय सेना के पैरा खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है। ट्रैक स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा। पुरुष 200 मीटर टी35 में विनय ने 28.18 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि अनुभव चौधरी ने 29.49 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया। हांगकांग के चुई यिउ बाओ ने कांस्य पदक जीता। पुरुष 200 मीटर टी37–टी44 स्पर्धा में भी भारत ने क्लीन स्वीप किया। राकेशभाई भट्ट ने 25.20 सेकंड में स्वर्ण, सिद्धार्थ मंजू बेल्लारी ने 28.23 सेकंड में रजत और रविकिरण आसारेली ने 31.50 सेकंड में कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 800 मीटर टी53–टी54 में भी भारत ने तीनों पदक जीते। मनोजकुमार सबापति ने 1:57.41 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। मणिकंदन जोथि ने 2:11.14 में रजत और कमलकांत नायक ने 2:20.83 में कांस्य पदक अपने नाम किया। फील्ड स्पर्धाओं में भी भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। पुरुष शॉट पुट एफ11–एफ12–एफ20 में प्रवीण शर्मा ने 13.31 मीटर के साथ स्वर्ण, मोनू घंगास ने 11.40 मीटर के साथ रजत और जनक सिंह हरसाना ने 11.22 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुष शॉट पुट एफ37 में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर कब्जा जमाया। अंकित ने 12.37 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि मयंक (11.68 मीटर) ने रजत और अक्षय (11.05 मीटर) ने कांस्य पदक हासिल किया। इसके अलावा भारत ने पुरुष शॉट पुट एफ53–एफ54, महिला डिस्कस थ्रो एफ57, पुरुष लॉन्ग जंप टी11–टी12, पुरुष 5000 मीटर टी54 और पुरुष 200 मीटर टी64 जैसी कई स्पर्धाओं में भी क्लीन स्वीप करते हुए अपनी मजबूत दावेदारी साबित की। भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा,“नई दिल्ली पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 ने एक बार फिर दुनिया भर के पैरा खिलाड़ियों की प्रतिभा और जज्बे को दिखाया है। भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर मुझे बेहद गर्व है। इस स्तर के आयोजन भारत में होने से पैरा खेलों के विकास को मजबूती मिलेगी और खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा।”
एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026: भारत ने सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराया, फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत

हैदराबाद। भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026 के सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। हैदराबाद के जी. एम. सी. बालयोगी हॉकी ग्राउंड (गाचीबौली हॉकी कॉम्प्लेक्स) में खेले गए मुकाबले में मनीषा चौहान ने 40वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर भारत को जीत दिलाई। अब फाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा। मुकाबले के पहले क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और गेंद का नियंत्रण लगातार बदलता रहा। भारत ने शुरुआती मिनटों में कुछ अच्छे सर्किल एंट्री बनाए, लेकिन इटली ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए गोल पर कुछ अच्छे मौके तैयार किए। दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने खेल पर पकड़ बनानी शुरू की। मेजबान टीम ने फ्लैंकों का उपयोग करते हुए लगातार हमले किए और महत्वपूर्ण सर्किल एंट्री बनाई। 18वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन नवनीत कौर का शॉट इटली की गोलकीपर लूसिया इनेस कारुसो ने बेहतरीन तरीके से रोक दिया। 27वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसमें टीम ने दिलचस्प वेरिएशन खेला। गेंद वापस इंजेक्टर और कप्तान सलीमा टेटे के पास पहुंची, लेकिन उनका शॉट इटली के अंतिम डिफेंडर ने गोल लाइन पर ही रोक दिया। 29वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार नवनीत कौर का शॉट निशाने से चूक गया। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में इटली ने तेज हमला बोला। एमिलिया मुनिटिस गोल के करीब पहुंच गई थीं, लेकिन भारतीय गोलकीपर बिचु देवी खारीबाम ने आगे बढ़कर शानदार बचाव किया। 40वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार टीम ने मौका भुनाया। मनीषा चौहान ने दमदार ड्रैगफ्लिक लगाते हुए गेंद को सीधे गोल में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। अंतिम क्वार्टर में भारत ने बढ़त बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बनाया और दो शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन इटली की रक्षापंक्ति मजबूती से डटी रही। मैच के 59वें मिनट में इटली को अहम पेनल्टी कॉर्नर मिला, मगर भारतीय टीम ने उसे गोल में तब्दील नहीं होने दिया और 1-0 से जीत दर्ज की। अब भारतीय टीम 14 मार्च को शाम 7:30 बजे होने वाले फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड का सामना करेगी।
आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है भारत : ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है और भारत अब आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया शुक्रवार को ग्वालियर जिले में घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भितरवार को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। मध्य प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना, लाडली बहना योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश की लाडली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 रुपये तक दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत गरीब एवं जरूरतमंद परिवार की बेटियों का निशुल्क विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की 10 करोड़ बहनों के घरों में रसोई गैस सिलेंडर पहुंचाया हैं। भितरवार की जनता को शिक्षा, सड़क एवं रेललाइन की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमेशा विकास कार्यों की सौगातें देकर आते हैं। उन्होंने आज लाडली बहना योजना की राशि करने के साथ-साथ इस क्षेत्र को लगभग 122 करोड़ रुपये की सौगातें दी हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.25 करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त के रूप में 1836 करोड़ रुपये अंतरित किए। कार्यक्रम में ग्वालियर जिले को 122 करोड़ रुपये के 54 विकास कार्यों की सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया हैः सिलावटजल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया है। आज लाडली बहनों के खाते में 1500 रुपये भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर अंचल के विकास में कोई कसर नहीं रखी है। अब प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है। प्रदेश में बीते दो साल के अंदर ही लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा है। प्रदेश में वर्ष 2029 तक 100 लाख हैक्टेयर भूमि संचित होगी। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केन बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती कालीसिंध चंबल योजना का काम तेजी से चल रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को मिली आर्थिक सहायताग्वालियर जिले के अंतर्गत शबरी माता मंदिर परिसर में लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरण के लिए आयोजित भव्य समारोह में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए गए। साथ ही सामुदायिक भवन अधिकार के लिये सहरिया जनजाति की वन अधिकार समिति को वन अधिकार पत्र सौंपा गया। यह अधिकार पत्र मिल जाने से आरोन तिराहा घाटीगांव स्थित शबरी माता देव स्थान को धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस अवसर पर लाड़ली बहनों द्वारा स्वयं तैयार की गई शॉल ओढ़ाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। साथ ही स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने हस्तशिल्प उत्पादों की टोकरी भी मुख्यमंत्री को सौंपी। इन कार्यों का हुआ भूमिपूजन व लोकार्पणकार्यक्रम में शबरी माता परिसर में लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित हुए भव्य समारोह के माध्यम से ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। इनमें लगभग 62 करोड़ के 19 कार्यों का लोकार्पण व लगभग 60 करोड़ रुपये लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
CM MOHAN YADAV: डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

CM MOHAN YADAV: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए यहां की बहनों को लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना योजना के रूप में डबल खुशियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर परिसर, घाटीगांव में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन में लाड़ली बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन के मामले में पूरे देश के लिए उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश के पांच लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़कर करीब 65 लाख बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। आज प्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदियां कार्यरत हैं। हम महिला उद्यमियों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारी बहनें अब फैक्ट्रियों और उद्योगों का नेतृत्व कर रही हैं। प्रदेश के 47 प्रतिशत नए स्टार्ट-अप का नेतृत्व अब हमारी बहनों के हाथों में है। हम सभी बहनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में कार्य करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत प्रत्येक कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन-बेटियां भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से पहले आज बहनों को 1500 रुपये की सौगात मिल रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख 27 हजार से अधिक बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किश्त के रूप में एक हजार 836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की हर लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने 1500 रुपये भेजे जा रहे हैं। लाड़ली बहन योजना में अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों को दी जा चुकी है। उन्होंने सभी लाड़ली बहनों से अपील करते हुए कहा कि वे हर महीने मिलने वाली इस राशि से अपनी बेहतरी के लिए कोई भी रुचिकर काम-धंधा शुरु करें और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर जिले को 121 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने सिंगल क्लिक से लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत वाले 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 39 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से कुलैथ घाटीगांव में शासकीय सांदीपनि विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 महीने बाद लाड़ली बहना योजना के तीन साल पूरे हो जाएंगे। इन तीन साल में प्रदेश की बहनों की जिन्दगी जिस तरह से बदली है, वह भूतो न भविष्यति है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से फरवरी 2026 तक 42 हजार 308 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि बहनों के खाते में भेजी गई है। लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की बहनें अब आत्म-निर्भर बन गई हैं। अब वे मजबूर नहीं, मजबूत हो गई हैं। इस योजना ने बहनों को न केवल आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है, बल्कि इन्हें ‘रिस्क’ लेने और अपने जीवन को बेहतर बनाने के सपने देखने की हिम्मत भी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर मध्य प्रदेश का गौरव है। ये धरती शक्ति के आशीर्वाद से सिंचित है और शक्ति की उपासना से ही हमारा संसार सुरक्षित है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र मध्य प्रदेश के साथ देश की इकॉनामी डेवलपमेंट में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। कभी बीहड़ों के लिए मशहूर रहा यह क्षेत्र हमारी सरकार के प्रयासों से आज औद्योगिक गतिविधियों का नया केन्द्र और प्रगति का नया उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। MORENA EYE CAMP: मुरैना में पुलिस परेड ग्राउंड पर 3 दिवसीय नेत्र शिविर का आयोजन, 14-16 मार्च तक चलेंगे ऑपरेशन प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आरोन-पटई उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि 120 करोड़ रुपये की यह परियोजना क्षेत्र के किसानों का जीवन खुशहाल कर देगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग पर घाटीगांव सहित चिनौर और करैया में भी सांदीपनि विद्यालय खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भितरवार पीएचसी का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाया जायेगा। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। घाटीगांव में शबरी माता के भव्य मंदिर और शबरी धाम निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। भगवान देवनारायण का भी धाम बनाया जायेगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से देवनारायण मंदिर में हर साल सांस्कृतिक आयोजन कराये जाएंगे। महिला सम्मेलन को केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी, जिला पंचायत अध्यक्षा दुर्गेश कुंवर जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, किसान भाई एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।
अमिताभ बच्चन का इमोशनल ब्लॉग वायरल, करीबी मित्र के निधन पर लिखा दर्द भरा संदेश

नई दिल्ली। बॉलीवुड के महान अभिनेता Amitabh Bachchan इन दिनों गहरे शोक में हैं। उन्होंने हाल ही में अपने एक बेहद करीबी दोस्त को खो दिया है। इस दुखद खबर की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया और अपने निजी ब्लॉग के माध्यम से साझा की। उनकी भावुक पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और उनके प्रशंसकों ने भी संवेदना व्यक्त की। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में एक बेहद मार्मिक संदेश लिखते हुए अपने दोस्त के निधन का जिक्र किया। हालांकि उन्होंने पोस्ट में उस मित्र का नाम या उनके निधन की वजह का खुलासा नहीं किया। लेकिन अपने शब्दों में उन्होंने साफ बताया कि यह व्यक्ति उनके जीवन में बेहद खास था और उसकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी। बिग बी ने अपने ब्लॉग में लिखा कि उन्होंने एक ऐसे दोस्त को खो दिया है जो बेहद स्नेही और हंसमुख इंसान था। वह हर मुश्किल परिस्थिति में भी सकारात्मक सोच बनाए रखता था और हमेशा लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करता था। अभिनेता के अनुसार उनका दोस्त हर हालात में मजबूत बना रहता था और कठिन परिस्थितियों में भी समाधान ढूंढने की क्षमता रखता था। उन्होंने आगे लिखा कि उनके दोस्त के चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी और यह स्वीकार करना बहुत मुश्किल है कि अब वह इस दुनिया में नहीं रहा। अमिताभ बच्चन ने अपने दर्द को शब्दों में व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में एक-एक करके अपने प्रिय लोगों को खोना बेहद पीड़ादायक होता है। उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ दुख व्यक्त करने के लिए रोने वाला इमोजी भी साझा किया। अभिनेता ने यह भी लिखा कि बढ़ती उम्र के साथ इस तरह की दुखद खबरों को स्वीकार करना और भी कठिन हो जाता है। उनके शब्दों से साफ झलक रहा था कि इस घटना ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। जैसे ही यह पोस्ट सामने आई वैसे ही उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें सांत्वना देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने कमेंट कर उन्हें मजबूत रहने की सलाह दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पिछले कुछ समय में अमिताभ बच्चन अपने जीवन में कई करीबी लोगों को खो चुके हैं। लगातार ऐसी खबरों का सामना करना उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद कठिन रहा है। इसके बावजूद अभिनेता अपने काम और फैंस के साथ जुड़े रहने की कोशिश करते रहते हैं। अमिताभ बच्चन की यह पोस्ट यह दिखाती है कि प्रसिद्धि और सफलता के बावजूद निजी रिश्तों की अहमियत कितनी गहरी होती है और किसी प्रिय मित्र को खोने का दर्द हर इंसान के लिए समान होता है।
मप्र में जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में हुई वृद्धि, उप मुख्यमंत्री शुक्ल के निर्देश के बाद आदेश जारी

भोपाल । उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के निर्देशों के अनुपालन में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे।उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त एवं जनोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जूनियर डॉक्टर पूर्ण समर्पण से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और सुदृढ़ करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभायेंगे।उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूर्ण करते हैं। मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी जूनियर डॉक्टर अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जूनियर डॉक्टर के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को सकारात्मक समाधान के निर्देश दिए थे। उसके अनुक्रम में विभाग द्वारा स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि करते हुए 1 अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है। इसके तहत पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये, द्वितीय वर्ष का 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये तथा तृतीय वर्ष का 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये किया गया है। इसी प्रकार इंटर्न का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये किया गया है। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के स्टाइपेंड को भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये तथा जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एवं सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
भोपाल: घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने कलेक्टर ने गठित किया विशेष जांच दल

भोपाल । राजधानी में घरेलू रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भोपाल द्वारा जारी एक ताज़ा आदेश के अनुसार, जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों और गोदामों के निरीक्षण के लिए 23 जिला स्तरीय अधिकारियों का एक विशेष जांच दल गठित किया गया है । आयात में रुकावट के चलते कड़ा फैसलाप्रशासन ने यह कदम केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद उठाया है, जिनमें वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के कारण आयात में हुई बाधा का हवाला दिया गया है । सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही की जाए । आदेश के तहत अब अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य किसी भी वाणिज्यिक श्रेणी जैसे होटल, मॉल या फैक्ट्रियों को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं की जाएगी । निरीक्षण के लिए तैनात अधिकारीघरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध अंतरण और व्यवसायिक उपयोग को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कमान सौंपी गई है। प्रमुख नियुक्तियों में शामिल हैं: कृषि विभाग से सुरेन्द्र अमरूते और अमित सिंह ।महिला एवं बाल विकास विभाग से सुनील सोलंकी ।परिवहन विभाग से क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जीतेन्द्र शर्मा ।शिक्षा विभाग से जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार ।इसके अलावा जल संसाधन, मत्स्य, और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है । प्रतिदिन देनी होगी रिपोर्टकलेक्टर के निर्देशानुसार, नियुक्त किए गए सभी अधिकारी आवंटित गैस एजेंसियों और गोदामों का प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे । वे अपनी रिपोर्ट संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) को सौंपेंगे । यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या गैस की कालाबाजारी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध तत्काल प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं ।यह व्यवस्था जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की एजेंसियों (IOCL, BPCL, HPCL) पर समान रूप से लागू होगी ।
दिल्ली से गुजरने वाले कमर्शियल वाहनों पर बढ़ेगा टैक्स, ट्रकों को अब देने होंगे 2600 की जगह 4000 रुपये

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से गुजरने वाले कमर्शियल वाहनों को अब ज्यादा चार्ज देना होगा। Supreme Court ने ग्रीन टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नए नियम के तहत जो ट्रक अब तक लगभग 2600 रुपये ग्रीन टैक्स देते थे, उन्हें अब करीब 4000 रुपये तक भुगतान करना पड़ सकता है। यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। सिर्फ दिल्ली पार करने वाले वाहनों पर लगेगा चार्जयह बढ़ा हुआ ग्रीन टैक्स खास तौर पर उन कमर्शियल वाहनों पर लागू होगा जो दिल्ली में कोई काम नहीं करते और सिर्फ शहर को पार करने के लिए यहां की सड़कों का इस्तेमाल करते हैं। यानी जो ट्रक या अन्य भारी वाहन दिल्ली में माल उतारने या लोड करने नहीं आते, बल्कि सिर्फ शॉर्टकट के रूप में राजधानी की सड़कों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह अतिरिक्त शुल्क देना होगा। हल्के और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग चार्जनए नियम के मुताबिक अलग-अलग वाहनों के लिए अलग शुल्क तय किया गया है। LMV कार, वैन जैसे हल्के वाहन लगभग 2000 तक चार्ज ट्रक और भारी वाहन करीब 4000 तक चार्ज इस फैसले के बाद कमर्शियल वाहनों के संचालन की लागत बढ़ने की संभावना है। ट्रैफिक और प्रदूषण कम करना है मकसदसरकार का कहना है कि कई वाहन दिल्ली को शॉर्टकट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इससे शहर में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं। इसी वजह से सरकार ऐसे वाहनों को शहर के बाहर बने एक्सप्रेसवे और बाईपास का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है। ज्यादा चार्ज लगने से वाहन चालक दिल्ली की बजाय बाहरी मार्गों का इस्तेमाल करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद दिल्ली के बाहर बने एक्सप्रेसवे और बाईपास का इस्तेमाल बढ़ सकता है। इससे राजधानी में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि इस फैसले का प्रदूषण और ट्रैफिक पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा।
बजने वाली है कुलदीप यादव और वंशिका की शादी की शहनाई, रोहित-विराट में शामिल होकर बांध सकते हैं समां

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप जीतने के बाद टीम इंडिया के खेमे से एक और खुशखबरी निकल कर सामने आ रही है। टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव अपने जीवन की नई पारी की शुरुआत करने जा रहे है। वह 14 मार्च को अपने बचपन की दोस्त वंशिका के साथ साथ फेरे लेने जा रहे हैं। उनकी शादी का समारोह मसूरी के सेवॉय होटल में संपन्न होगा। खबर है कि उनकी शादी में शामिल होने क्रिकेट जगत के कई दिग्गज शामिल हो सकते हैं। स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के शामिल होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। रोहित और विराट भी बन सकते हैं समारोह का हिस्साकुलदीप यादव की शादी के लिए पहुंचे रिंकू सिंह और युजवेंद्र चहल को देहरादून हवाई अड्डे स्पॉट किया गया। रिंकू सिंह अपनी मंगेतर प्रिया सरोज के साथ पहुंचे। अब यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि कुलदीप के स्पेशल दिन पर रोहित शर्मा और विराट कोहली भी उनकी खुशी में शामिल हो सकते हैं। होटल मैनेजमेंट ने पुष्टि की है कि द सेवॉय होटल के लगभग 80 कमरे बुक कर लिए गए हैं। इसके साथ ही परिवार और सुरक्षा कर्मियों के ठहरने के लिए आस-पास के कई लग्जरी घरों को भी बुक किया गया है। बचपन की दोस्त के साथ कुलदीप लेंगे सात फेरेबचपन में कुलदीप और वंशिका एक दूसरे के दोस्त थे। दोनों मूलत: कानपुर के ही रहने वाले हैं और दोनों के घर में केवल 3 किलोमीटर की दूरी है। जैसे जैसे समय साथ में बीता वह एक दूसरे के इतना करीब आ गए कि अब 14 मार्च को दोनों सात जन्मों के बंधन में बंधने वाले हैं। कपल ने 4 जून को लखनऊ में सगाई की थी। पहले ये शादी नवंबर में होने वाली थी लेकिन टी20 वर्ल्ड कप 2026 की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, अब 14 मार्च को दोनों शादी के बंधन में बंध जाएंगे। 17 मार्च को लखनऊ में रिस्पेशन का आयोजन किया गया है जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हो सकते हैं।