Mitchell Starc की गैरमौजूदगी से Delhi Capitals को नुकसान, शुरुआती फेज में नहीं खेलेंगे

नई दिल्ली आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले दिल्ली कैपिटल्स के लिए एक बड़ी चिंता सामने है। टीम के स्टार टीम के सदस्य मिचेल स्टार्क टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में उपलब्ध नहीं हैं। उनकी गैरमौजूदगी दिल्ली के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि टीम पावरप्ले और डेथ ओवर्स में मैच का रुख बदलने की उम्मीद कर रही थी। फिटनेस और वर्कशॉप बनाया कारणक्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने पुष्टि की है कि स्टार्क को आराम दिया जा रहा है और उनकी वापसी पर उनके फिटनेस पैनल को मंजूरी दे दी गई है। पिछले 12 महीनों में भारी वर्कशॉप में उन्हें सावधानी बरती जा रही है। स्टार्क ने हाल ही में एशेज सीरीज के सभी पांच टेस्ट मैच और बिग बैश लीग के अंतिम चरण में भी हिस्सा लिया था, जिससे उनकी थकान बढ़ गई है। दिल्ली के आक्रमण पर प्रभावशालीदिल्ली कैपिटल्स की ओर से स्टार्क की गैरमौजूदगी हो सकती है। वह नई गेंद से विकेट लेने के साथ-साथ डेथ ओवर्स में भी खेलने के लिए जाते हैं। पिछले सीज़न में उन्होंने 11 मैचों में 14 विकेट लिए थे। हालाँकि उनकी इकोनॉमी रेटिंग 10 से ऊपर है, लेकिन बड़े मैचों में उनकी क्षमता का प्रभाव टीम के लिए बेहद अहम है। अन्य परीक्षाओं को भी झटकाठीक है नहीं, बल्कि पैट कमिंस और जोश हेज़लवुड भी अपने-अपने फ़्रांसीसी स्टार के लिए शुरुआती मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। कमिंस सनराइजर्स हैदराबाद और हेजलवुड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अहम खिलाड़ी हैं, जिससे इन टीमों की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। सुमधुर दाम में डूब गए थे स्टार्कदिल्ली कैपिटल्स ने स्टार्क को आईपीएल 2025 मेगा ऑक्शन में 11.75 करोड़ रुपये में खरीदा था। उनकी टीम के आक्रमण की स्टॉक मनी जा रही थी, लेकिन शुरुआती मैचों में उनकी कमी टीम को खल सकती है। कुल मिलाकर, आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले यह खबर दिल्ली कैपिटल्स के लिए बड़ा झटका है। अब टीम को शुरुआती मुकाबलों में वैकल्पिक सितारों पर भरोसा करना होगा और रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।
संजू सैमसन का कोई विकल्प नहीं: 'विराट-रोहित' के स्तर पर रियान पराग ने की तुलना, आईपीएल 2026 से पहले बड़ा बयान

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग IPL 2026 के आगाज़ से पहले क्रिकेट गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा राजस्थान रॉयल्स RR और चेन्नई सुपर किंग्स CSK के बीच हुए ऐतिहासिक ट्रेड की हो रही है। राजस्थान रॉयल्स ने अपने “नियमित कप्तान” और पिछले एक दशक से टीम की जान रहे संजू सैमसन को सीएसके के साथ ट्रेड कर लिया है। इस बड़े बदलाव के बाद राजस्थान की कमान अब युवा खिलाड़ी “रियान पराग” के हाथों में है। जयपुर में आयोजित एक प्री-सीजन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पराग ने संजू सैमसन के प्रभाव पर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। पराग ने साफ शब्दों में कहा है कि “जिस तरह भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली और रोहित शर्मा का कोई रिप्लेसमेंट नहीं हो सकता, ठीक उसी तरह संजू भैया की जगह लेना भी नामुमकिन है।” संजू सैमसन पिछले 5 सीजन से राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी कर रहे थे और उनकी अगुवाई में टीम ने एक बार फाइनल तक का सफर भी तय किया था। अब जब वे महेंद्र सिंह धोनी की विरासत वाली टीम चेन्नई सुपर किंग्स के लिए पीली जर्सी में खेलते दिखेंगे, तो राजस्थान के खेमे में एक बड़ा खालीपन महसूस किया जा रहा है। रियान पराग ने इस शून्य के बारे में बात करते हुए कहा, “संजू भैया जिस दर्जे के खिलाड़ी और इंसान हैं, हम उन्हें रिप्लेस करने के बारे में सोच भी नहीं सकते। हम शायद उनकी जगह किसी और से बल्लेबाजी करवा लें या उनकी जैसी काबिलियत वाला खिलाड़ी ढूंढने की कोशिश करें, लेकिन संजू सैमसन जैसा दूसरा कोई नहीं हो सकता।” यह ट्रेड आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े सौदों में से एक माना जा रहा है। राजस्थान ने सैमसन के बदले “रवींद्र जडेजा” और “सैम कुर्रन” जैसे दो दिग्गज ऑलराउंडरों को अपनी टीम में शामिल किया है। हालांकि, टीम के लिए एक चिंता की खबर यह भी है कि सैम कुर्रन चोट के कारण इस सीजन से बाहर हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, संजू सैमसन इस समय अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। हाल ही में संपन्न हुए टी20 वर्ल्ड कप में सैमसन का बल्ला जमकर बोला और वे “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” चुने गए। उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े मैचों में 89-89 रनों की तूफानी पारियां खेलकर भारत को विश्व विजेता बनाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। पराग का यह बयान दर्शाता है कि राजस्थान रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम में सैमसन का कितना सम्मान था। एक युवा कप्तान के तौर पर रियान पराग के सामने अब चुनौती यह होगी कि वे “जडेजा” जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ मिलकर टीम को आगे ले जाएं, जबकि प्रशंसकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या संजू सैमसन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी वही जादू बिखेर पाएंगे जो उन्होंने राजस्थान के लिए पिछले दस सालों में किया। निश्चित रूप से, आईपीएल 2026 में जब राजस्थान और चेन्नई की टीमें आमने-सामने होंगी, तो जज्बात और क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर होगा।
टी20 सीरीज में न्यूज़ीलैंड का दबदबा, Sophie Devine की शानदार पारी से साउथ अफ्रीका पर जीत

नई दिल्ली महिला टी20 सीरीज के तीसरे नंबर पर न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम को 6 विकेट से हराया। ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है।डिवाइन और ग्रीन की पार्टनरशिप ने आराम से जीत हासिल की150 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड टीम ने 18.4 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 152 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। टीम की जीत की हीरो रहीं सोफी डिवाइन, चौथे नंबर पर गेंस 38 गेंदों में क्रिस्टोफर 55 रन की शानदार पारी। उनकी पारी में 6 कर्मचारी और 1 छक्का शामिल रहे। डिवाइन को मैडी ग्रीन का बेहतरीन साथ मिला, 34 रन बनाए। दोनों के बीच 84 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख बदल दिया। कैप्टन अमेलिया केर ने भी दिया 30 रन का योगदान। दक्षिण अफ्रीका की पारी लड़खड़ाईइससे पहले दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने टॉस्क बास्केटबॉल का पहला निर्णय लिया, लेकिन टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। केवल 9 रन पर दोनों ओपनर वापस चले गए। इसके बाद वोल्वार्ड्ट और नेरी डर्कसन ने 51 रनों की साझेदारी कर टीम पर तीसरा विकेट लिया। डर्कसेन ने 27 रन बनाए, जबकि वोल्वार्ड्ट 37 रन बनाकर आउट हो गए। अंत में रेनेके ने मोर्चा संभालामिडल ऑर्डर के शुरुआती आउट के बाद रैंकिंग में नंबर आया कायला रेनेके ने 20 बॉल पर 34 रन की तेज पारी खेली, जिसमें 3 बॉलर और 2 बॉलर शामिल थे। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान के साथ 149 रन बनाकर रीच तक का सफर तय किया। डिवाइन बनीं प्लेयर ऑफ द मैचपोस्ट में भी योगदान देने वाली सोफी डिवेन ने 21 रन देकर 2 विकेट लिए और फिर से मैच जीताऊ पारी खेली। इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें मैच का प्लेयर चुना गया। अब सीरीज का चौथा मुकाबला रविवार को खेला जाएगा, जहां दक्षिण अफ्रीका वापसी की कोशिश करेगा, वहीं न्यूजीलैंड अपनी बढ़त को मजबूत करना चाहता है।
सैम कुर्रन की चोट से राजस्थान रॉयल्स की रणनीति पर संकट IPL 2026 से पहले बड़ा बदलाव तय..

नई दिल्ली:आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले राजस्थान रॉयल्स के खेमे से आई यह खबर टीम प्रबंधन और प्रशंसकों दोनों के लिए चिंता का कारण बन गई है। टीम के प्रमुख ऑलराउंडर सैम कुर्रन के चोटिल होने की खबर ने टीम की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कुर्रन ग्रोइन की संभावित चोट से जूझ रहे हैं और इस कारण उनके पूरे टूर्नामेंट से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है। यह स्थिति राजस्थान रॉयल्स के लिए एक बड़े झटके के समान है क्योंकि टीम ने उन्हें अपनी कोर प्लानिंग का हिस्सा बनाया था। सैम कुर्रन एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन प्रदान करते हैं। उनकी मौजूदगी टीम को अतिरिक्त लचीलापन देती है और डेथ ओवर्स में वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में उनका बाहर होना राजस्थान रॉयल्स के संयोजन को प्रभावित कर सकता है। खासकर तब जब टीम ने हाल ही में बड़े ट्रेड के तहत संजू सैमसन के बदले रवींद्र जडेजा और सैम कुर्रन को अपनी टीम में शामिल किया था। यह कदम टीम की ताकत को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया था लेकिन अब यह योजना अधर में नजर आ रही है। कुर्रन ने आखिरी बार पांच मार्च को भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हिस्सा लिया था जहां उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से ही उनके फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे थे। आईपीएल के मंच पर कुर्रन का अनुभव काफी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया है और लीग में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका आईपीएल डेब्यू वर्ष 2019 में हुआ था और तब से वह लगातार विभिन्न टीमों का हिस्सा रहे हैं। 2023 में वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल हुए जब उन्हें 18.5 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। हालांकि पिछले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत साधारण रहा था जहां उन्होंने कुछ ही मैच खेले और सीमित योगदान दिया। इसके बावजूद उनका अनुभव और ऑलराउंड क्षमता उन्हें एक मूल्यवान खिलाड़ी बनाती है। राजस्थान रॉयल्स अब इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रही है। टीम के पास रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी ऑलराउंडर पहले से मौजूद हैं जो गेंद और बल्ले दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। इसके अलावा डोनोवन फरेरा भी एक विकल्प के रूप में उभर रहे हैं जो पावर हिटिंग और उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। टीम प्रबंधन को अब यह तय करना होगा कि वे कुर्रन की जगह किस खिलाड़ी को टीम में शामिल करते हैं और रणनीति को किस प्रकार संतुलित रखते हैं। आईपीएल जैसा टूर्नामेंट जहां हर मैच महत्वपूर्ण होता है वहां इस तरह की चोट टीम के प्रदर्शन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। राजस्थान रॉयल्स के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है और उन्हें जल्दी ही एक मजबूत समाधान खोजने की जरूरत होगी ताकि टीम का संतुलन बना रहे और वे खिताब की दौड़ में बने रहें।
अनिश्चितताओं के बीच साफ हुआ रुख, Pakistan Cricket Board बोला- PSL 2026 समय पर

नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग 2026 को लेकर चल रही स्टॉक्स लोन्स पर आखिरी बार कब्जा कर लिया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का 11वां सीजन अपनी तय योजना के मुताबिक 26 मार्च से ही शुरू होगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी विदेशी खिलाड़ी ने टूर्नामेंट से नाम वापस नहीं लिया है, जिससे लीग के कार्यक्रमों और आयोजनों को लेकर चिंताएं काफी हद तक दूर हो गई हैं। विदेशी खिलाड़ी उपलब्ध, कुल मिलाकरपीसीबी ने अपने बयान में कहा कि सभी फ़्रैंचाइज़ी और फ़्लोरिडा के स्टॉक सॉलिसिटर से चल रहे हैं। प्रशिक्षण सत्र 24 और 25 मार्च को निर्धारित किए गए हैं, जिससे सभी खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों को समय-समय पर पहुंच सुविधा प्रदान की जा सके। बोर्ड का कहना है कि लीग को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं और आयोजन में किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी। पेशावर में सभी वेन्यू पर मैच तय, मेकर मेकर विकल्प शामिल हैंबोर्ड ने यह भी साफ किया कि पेशावर में होने वाला मैच भी तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। हालाँकि, अगर विस्फोटक ज्वालामुखी हैं तो वैकल्पिक वेन्यू के लिए विशेष रूप से कारखाने तैयार किए गए हैं। किसी भी मैच को देखने के लिए पाकिस्तान से आउट ऑफ शिफ्ट करने की कोई योजना नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि पीसीबी द्वारा स्थिर स्थलों पर नजर रखी जा रही है और पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 6 शहरों में 44 कॉलोनी, 8 रिकॉर्ड लेंगे भाग पीएसएल 2026 इस बार और भी बड़ा हो रहा है। लीग में 8 रिकॉर्ड भाग लेंगे और कुल 44 मैच खेलेंगे। कंपनी लाहौर, कराची, मुल्तान, रावलपिंडी, पेशावर और निर्णयबाद जैसे 6 शहरों में आयोजित होगी। प्रमुख मैच 26 मार्च को लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में डिफेंडिंग चैंपियन लाहौर कलेंडर्स और नई टीम रेजिडेंट किंग्स के बीच खेला जाएगा। रेजिडेंट किंग्स इस सीज़न से लीग में डेब्यू कर रही है, जिसमें टूर्नामेंट और एडवेंचर शामिल है। तनाव के बीच पीसीबी का भरोसाहाल ही में कुछ मीडिया में यह सवाल उठाया जा रहा था कि क्या ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के विदेशी खिलाड़ी क्षेत्रीय तनाव के साथ पाकिस्तान यात्रा करेंगे। पाकिस्तान-अफगानिस्तान में तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आई थीं। लेकिन पीसीबी के ताजा बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि नियंत्रण में स्थिति नियंत्रण में है और इसका किसी पर कोई असर नहीं हो रहा है। कुल मिलाकर, पीसीबी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पीएसएल 2026 पूरी तरह से सुरक्षित और सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह राहत की खबर है कि लीग अपने तय समय पर ही शुरू होगी और रोमांच पहले की तरह रहेगा।
आईपीएल 2026 से पहले कोहली और भुवनेश्वर की टक्कर ने बढ़ाया रोमांच

नई दिल्ली: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इन दिनों आगामी आईपीएल 2026 की तैयारियों में पूरी तरह जुटे हुए हैं। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चल रहे अभ्यास सत्र के दौरान कोहली ने गेंदबाजों के खिलाफ जमकर पसीना बहाया और अपनी लय को मजबूत करने की कोशिश की। इसी दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अपनी सटीक यॉर्कर से कोहली को कड़ी चुनौती दी। अभ्यास के दौरान भुवी की एक तेज और सटीक यॉर्कर लेग स्टंप की दिशा में आई। उस गेंद को खेलना कोहली के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ और उन्होंने खुद को चोट से बचाने के लिए तुरंत रिएक्शन दिखाया। यह क्षण इतना तीव्र था कि देखने वालों के लिए यह रोमांच से भर देने वाला रहा। हालांकि कोहली ने इस चुनौती को स्वीकार किया और बाद में भुवनेश्वर के खिलाफ शानदार शॉट भी लगाए। यह उनके अनुभव और तकनीक का परिचय था कि उन्होंने मुश्किल गेंदों से खुद को संभाला और अपनी बैटिंग क्षमता का प्रदर्शन भी किया। विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में लौटने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में टेस्ट और टी ट्वेंटी इंटरनेशनल से संन्यास लिया है और अब उनका पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट और आईपीएल पर केंद्रित है। कोहली का लक्ष्य आगामी बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी फॉर्म को मजबूत करना है ताकि वह टीम के लिए लगातार रन बना सकें। पिछला आईपीएल सीजन कोहली और उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए बेहद खास रहा। कोहली ने 15 पारियों में 657 रन बनाए और इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण अर्धशतक जड़े। उनकी स्थिरता और निरंतरता ने टीम को मजबूती प्रदान की और वे सीजन के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल रहे। आईपीएल इतिहास में कोहली ने एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। वह पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने आठ अलग अलग सीजन में 500 से अधिक रन बनाए हैं। यह उपलब्धि उनके लंबे समय से चले आ रहे शानदार करियर का प्रमाण है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम इस बार नए कप्तान रजत पाटीदार के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी और पिछली बार मिली सफलता को दोहराने की कोशिश करेगी। टीम का पहला मुकाबला 28 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेला जाएगा और सभी की नजरें इस मुकाबले पर टिकी रहेंगी। भुवनेश्वर कुमार की बात करें तो वह भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाने वाले हैं। उनकी स्विंग और यॉर्कर गेंदबाजी किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती बन सकती है। पिछले सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 17 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। अभ्यास सत्र के दौरान कोहली और भुवनेश्वर के बीच हुआ यह मुकाबला यह दिखाता है कि टीम कितनी गंभीरता से तैयारी कर रही है। एक तरफ जहां बल्लेबाज अपनी तकनीक को निखार रहे हैं वहीं गेंदबाज अपनी धार को और तेज कर रहे हैं। यही तैयारी आने वाले सीजन में रोमांच और प्रतिस्पर्धा को और बढ़ाएगी।
डीपफेक मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को, Gautam Gambhir की याचिका पर नजर

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच Gautam Gambhir से जुड़े डीपफेक मामले में Delhi High Court ने फिलहाल सुनवाई टाल दी है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है। कोर्ट ने गंभीर के वकील को निर्देश दिया है कि याचिका में मौजूद कमियों को दूर कर अगली तारीख पर संशोधित याचिका पेश करें। डीपफेक और एआई के दुरुपयोग का आरोपगौतम गंभीर ने 19 मार्च को हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीर और आवाज का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस-स्वैपिंग और वॉइस क्लोनिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर उनके नकली वीडियो बनाए जा रहे हैं। इन वीडियो में उन्हें ऐसे बयान देते हुए दिखाया जा रहा है, जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। फेक वीडियो से बढ़ी चिंता, लाखों में व्यूजगंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके फर्जी कंटेंट में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। एक फर्जी वीडियो जिसमें उनके इस्तीफे की बात कही गई, उसे 29 लाख से ज्यादा बार देखा गया। वहीं एक अन्य क्लिप, जिसमें उन्हें सीनियर खिलाड़ियों पर टिप्पणी करते हुए दिखाया गया, उसे 17 लाख से अधिक व्यूज मिले। इस तरह के वीडियो उनकी छवि और गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। 16 पक्षकारों के खिलाफ दायर मुकदमा इस मामले में गंभीर ने 16 प्रतिवादियों के खिलाफ केस दायर किया है। इसमें कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के साथ-साथ बड़े प्लेटफॉर्म्स भी शामिल हैं, जैसे Amazon, Flipkart, Meta Platforms, Google और YouTube। इसके अलावा आईटी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी प्रोफार्मा पार्टी बनाया गया है, ताकि कोर्ट के आदेशों को लागू कराया जा सके। 2.5 करोड़ हर्जाना और कंटेंट हटाने की मांग गंभीर ने अपनी याचिका में 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि सभी फर्जी अकाउंट्स और कंटेंट को तुरंत हटाया जाए और भविष्य में उनके नाम, चेहरा और आवाज का बिना अनुमति इस्तेमाल रोका जाए। उन्होंने मामले में जल्द कार्रवाई की भी मांग की है, ताकि इस तरह के दुरुपयोग पर रोक लग सके। कुल मिलाकर, यह मामला एआई और डीपफेक तकनीकों के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, जहां किसी भी व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल कर फर्जी जानकारी फैलाना आसान हो गया है। अब इस मामले में 23 मार्च को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
बैतूल में इंसानियत की मिसाल: अजय कोरी ने CPR देकर बचाई युवक की जान, CCTV में कैद हुआ जीवनदान का पल

बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत और तत्परता की मिसाल पेश कर दी। कॉलेज चौक इलाके में अचानक एक युवक को हार्ट अटैक आने से उसकी हालत बिगड़ गई और वह बाइक पर बैठे बैठे ही बेहोश होकर गिरने लगा। कुछ ही पलों में स्थिति बेहद गंभीर हो गई लेकिन मौके पर मौजूद एक युवक की सूझबूझ और हिम्मत ने एक जिंदगी को बचा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक अपनी बाइक से गुजर रहा था तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह संतुलन खोकर गिरने लगा। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही वह बेसुध हो चुका था। ऐसे नाजुक समय में पास ही दुकान पर खड़े अजय कोरी ने बिना एक पल गंवाए तुरंत स्थिति को संभाला। उन्होंने तुरंत युवक को जमीन पर लिटाया और उसे CPR कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया। अजय कोरी की यह त्वरित कार्रवाई ही उस युवक के लिए जीवनदान साबित हुई। कुछ ही देर में युवक की सांसें फिर से चलने लगीं और उसकी हालत में सुधार आने लगा। इस दौरान आसपास मौजूद अन्य लोगों ने भी मदद की और स्थिति को नियंत्रित करने में सहयोग दिया। अगर कुछ मिनट और देरी हो जाती तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी। इस पूरी घटना का वीडियो पास की एक दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे अजय कोरी बिना घबराए पूरी समझदारी के साथ CPR दे रहे हैं और धीरे धीरे युवक की हालत में सुधार होता दिख रहा है। यह दृश्य न सिर्फ भावुक कर देने वाला है बल्कि यह भी सिखाता है कि आपात स्थिति में सही समय पर उठाया गया कदम किसी की जान बचा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अजय कोरी ने जिस तरह से सूझबूझ दिखाई वह काबिल ए तारीफ है। उनकी इस बहादुरी और मानवता के जज्बे की हर तरफ सराहना हो रही है। कई लोगों का मानना है कि अगर आम लोग भी CPR जैसी प्राथमिक चिकित्सा तकनीकों को सीख लें तो ऐसी कई जानें बचाई जा सकती हैं। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है और सही समय पर की गई मदद किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है। अजय कोरी ने न केवल एक व्यक्ति की जान बचाई बल्कि समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण भी पेश किया है कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना कितना जरूरी है।
बांग्लादेशी क्रिकेटरों पर सस्पेंस, PSL 2026 में भागीदारी के लिए सरकारी अनुमति बाकी

नई दिल्ली। पाकिस्तान सुपर लीग 2026 से पहले एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। Bangladesh Cricket Board (बीसीबी) ने साफ कर दिया है कि उसके खिलाड़ी Pakistan Super League (पीएसएल) में तभी हिस्सा लेंगे, जब बांग्लादेश सरकार से मंजूरी मिलेगी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आमतौर पर खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने के लिए इतनी सख्त अनुमति प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए बीसीबी ने सतर्क रुख अपनाया है। सुरक्षा कारणों से लिया जा रहा अंतिम फैसलाबीसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसलिए सरकार से परामर्श लेना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में खिलाड़ी बिना किसी बाधा के विदेशी लीग में भाग लेते हैं, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। सरकार ही बेहतर तरीके से यह आकलन कर सकती है कि पाकिस्तान जाना सुरक्षित है या नहीं। ऐसे में अंतिम फैसला सरकार के निर्देशों के आधार पर ही लिया जाएगा। न्यूजीलैंड सीरीज पर भी पड़ सकता है असरअगर खिलाड़ियों को पीएसएल में खेलने की अनुमति मिलती है, तो वे न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली व्हाइट-बॉल सीरीज के तैयारी कैंप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। न्यूजीलैंड टीम 13 अप्रैल को ढाका पहुंचने वाली है, जहां तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। बीसीबी चाहता है कि उसके प्रमुख खिलाड़ी इस अहम सीरीज में उपलब्ध रहें, खासकर तब जब टीम अभी भी आगामी वनडे विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ में है। छह खिलाड़ियों को मिला आंशिक एनओसीबीसीबी ने पहले ही छह खिलाड़ियों-Mustafizur Rahman, परवेज हुसैन इमोन, शोरीफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन-को आंशिक एनओसी जारी किया है। इनमें मुस्तफिजुर को 26 मार्च से 12 अप्रैल और फिर 24 अप्रैल से 3 मई तक की अनुमति दी गई है। हालांकि, अंतिम भागीदारी अब भी सरकार की हरी झंडी पर निर्भर करेगी। क्षेत्रीय तनाव से बढ़ी चिंतापाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते पीएसएल 2026 की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि Pakistan Cricket Board (पीसीबी) ने भरोसा दिलाया है कि टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कुल मिलाकर, क्रिकेट से ज्यादा इस समय सुरक्षा और कूटनीतिक हालात इस मुद्दे को प्रभावित कर रहे हैं। अब सबकी नजर बांग्लादेश सरकार के फैसले पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी पीएसएल 2026 में नजर आएंगे या नहीं।
अय्यर का जलवा: आईपीएल इतिहास के वो इकलौते कप्तान जिन्होंने बदली तीन फ्रेंचाइजियों की किस्मत, बदरीनाथ ने बताया धोनी का उत्तराधिकारी

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में जब भी कप्तानी की बात आती है, तो जेहन में एमएस धोनी, रोहित शर्मा और गौतम गंभीर जैसे नाम ही गूंजते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में एक ऐसा खिलाड़ी उभरा है जिसने अपनी कप्तानी की धार से दुनिया को चौंका दिया है। वह नाम कोई और नहीं, बल्कि टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर हैं। अय्यर ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से रन बरसाए हैं, बल्कि आईपीएल में अपनी रणनीतिक कप्तानी से भी हर किसी को अपना मुरीद बना लिया है। उनकी कप्तानी की सबसे खास बात यह है कि वह आईपीएल इतिहास के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजियों को फाइनल की दहलीज तक पहुँचाया है। श्रेयस अय्यर के इस शानदार सफर की शुरुआत 2020 में हुई थी। उस समय उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स की कमान संभालते हुए टीम को पहली बार फाइनल का टिकट दिलाया। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उनकी टीम को मुंबई इंडियंस के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन एक युवा लीडर के तौर पर उन्होंने अपनी छाप छोड़ दी थी। इसके बाद साल 2024 उनके करियर का सबसे स्वर्णिम वर्ष साबित हुआ, जब उनकी जादुई अगुवाई में कोलकाता नाइट राइडर्स KKR चैंपियन बनी। अय्यर का कप्तानी कौशल यहीं नहीं रुका; साल 2025 में उन्होंने पंजाब किंग्स की बागडोर संभाली और अपनी रणनीतियों के दम पर टीम को फाइनल तक ले गए, जहाँ रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें उपविजेता के रूप में रोक दिया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुब्रमण्यम बदरीनाथ ने अय्यर की इस प्रतिभा को पहचानते हुए उनकी जमकर तारीफ की है। बदरीनाथ का मानना है कि हालांकि श्रेयस की तुलना धोनी और रोहित जैसे दिग्गजों से करना फिलहाल जल्दबाजी होगी, क्योंकि उन दोनों के पास 5-5 खिताबों का विशाल साम्राज्य है, लेकिन श्रेयस निश्चित रूप से उस दौड़ में शामिल हो चुके हैं। बदरीनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर आईपीएल के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ कप्तानों की कोई सूची बनती है, तो मैं श्रेयस अय्यर को एमएस धोनी, रोहित शर्मा और गौतम गंभीर के ठीक बाद चौथे स्थान पर रखूँगा। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में कप्तानी करना लोहे के चने चबाने जैसा है। मैदान पर एक तरफ रिकी पोंटिंग जैसे दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई कोच और खिलाड़ियों का तालमेल बिठाना होता है, तो दूसरी तरफ भारतीय युवा प्रतिभाओं को तराशना। इतना ही नहीं, मैदान के बाहर टीम मैनेजमेंट और प्रीति जिंटा जैसे फ्रेंचाइजी मालिकों के तीखे सवालों का सामना करना भी एक बड़ी चुनौती होती है। श्रेयस अय्यर ने इन तमाम दबावों को बहुत ही खूबसूरती और शांति के साथ संभाला है, जो उनकी परिपक्वता को दर्शाता है। आंकड़ों पर नज़र डालें तो श्रेयस ने अब तक कुल 83 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें से 48 बार उनकी टीम को जीत नसीब हुई है। यह रिकॉर्ड साबित करता है कि वे महज एक कप्तान नहीं, बल्कि एक मैच विनर लीडर हैं।