जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही पर 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा, एसपी ने दर्ज कराया सर्विस रिकॉर्ड में दंड

जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। यहां पुलिस अधीक्षक ने काम में लापरवाही बरतने वाले 26 थाना प्रभारियों टीआई के खिलाफ एक साथ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें निंदा की सजा सुनाई है। इस कार्रवाई में शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के थाना प्रभारी शामिल हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में टीआई पर की गई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और इसे अनुशासनात्मक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक ने जिले में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पाया कि कई थाना क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों में कमी आई है। विशेष रूप से अपराध रोकथाम के लिए की जाने वाली कार्रवाई जैसे शांति भंग की आशंका पर गिरफ्तारी बाउंड ओवर की कार्रवाई और अन्य एहतियाती कदम अपेक्षाकृत कम किए गए। इसे पुलिस अधीक्षक ने गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित थाना प्रभारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया। इसी के तहत 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा दी गई है। यह सजा भले ही सेवा नियमों के अनुसार लघु दंड की श्रेणी में आती है लेकिन इसका प्रभाव अधिकारी के पूरे करियर पर पड़ सकता है। सरकारी सेवा में निंदा का अर्थ है कि कर्मचारी के खिलाफ औपचारिक रूप से लिखित चेतावनी जारी की जाती है और इसे उसके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। यह प्रविष्टि भविष्य में पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक निर्णयों के दौरान महत्वपूर्ण मानी जाती है। पुलिस विभाग के जानकारों के अनुसार निंदा की कार्रवाई भले ही निलंबन या वेतन कटौती जैसी कठोर सजा नहीं होती लेकिन यह अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। कई मामलों में इस तरह की प्रविष्टि होने से पदोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और अधिकारी को आगे की सेवा में सावधानी बरतने की चेतावनी के रूप में भी देखा जाता है। बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि थाना स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर गंभीरता बनी रहे और अधिकारी अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई समय पर करें। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अपराध रोकने का एक अहम माध्यम होती है और इसमें कमी आने से कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है। कई थाना प्रभारियों को उम्मीद नहीं थी कि समीक्षा के बाद इतनी बड़ी संख्या में एक साथ कार्रवाई होगी। हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह कदम अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे स्पष्ट संकेत दिया गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध रोकने के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोनम वांगचुक पर NSA हटाया गया, 170 दिन बाद जोधपुर जेल से रिहाई; लेह हिंसा के बाद हुई थी गिरफ्तारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगी नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) को तुरंत प्रभाव से हटा दिया। गृह मंत्रालय के अनुसार, वांगचुक ने हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा किया है। अब वे जोधपुर जेल से रिहा होंगे। लद्दाख प्रशासन ने 24 सितंबर 2025 को हुए लेह हिंसा के बाद वांगचुक को 26 सितंबर को NSA के तहत हिरासत में लिया था। हिंसा में चार लोगों की मौत हुई और 150 से अधिक घायल हुए थे। सरकार का आरोप था कि वांगचुक ने इन प्रदर्शनों को भड़काया। NSA के तहत ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में रखा जा सकता है, जो देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा माने जाएँ। अधिकतम हिरासत अवधि 12 महीने तक होती है। सोनम वांगचुक उस समय लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे और इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे। उनके नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के दो दिन बाद ही उन्हें हिरासत में लिया गया था। जोधपुर जेल में 170 दिन तक बंद रहने के बाद अब वांगचुक की रिहाई से उनके समर्थकों में राहत का माहौल है। अधिकारियों ने बताया कि रिहाई के बाद उनके लद्दाख लौटने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर निगरानी रखी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि NSA हटाए जाने से वांगचुक के राजनीतिक और सामाजिक कार्यों पर कानूनी प्रतिबंध कम होंगे, और यह लद्दाख में केंद्र और स्थानीय प्रशासन के बीच संतुलन बनाए रखने का भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Byawari dispute: वन अमले से भिड़े भाजपा नेता राजन गुप्ता: मुनारा निर्माण रुकवाया, मौके पर हुआ हंगामा

Byawari dispute: शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब भाजपा नेता और ब्यौहारी नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता का वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से तीखा विवाद हो गया। यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब वन विभाग की टीम वन सीमा को चिन्हित करने के लिए मुनारा निर्माण का काम कर रही थी। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष कर्मचारियों से बहस करते और काम रुकवाते हुए नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वन विभाग द्वारा ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के बीट बेढरा में पीसीडी कार्य के तहत मुनारा निर्माण कराया जा रहा था। इस निर्माण कार्य का उद्देश्य वन क्षेत्र की सीमा को स्पष्ट रूप से चिन्हित करना और भविष्य में होने वाले अतिक्रमण को रोकना बताया गया। इसके लिए विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढे खुदवा रही थी ताकि वहां मुनारे लगाए जा सकें। इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता मौके पर पहुंच गए और निर्माण कार्य पर आपत्ति जताने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने मौके पर मौजूद वन विभाग के कर्मचारियों से तीखी बहस शुरू कर दी और तत्काल काम बंद करने को कहा। बताया जा रहा है कि उन्होंने जेसीबी मशीन को भी वहां से हटाने और उसे नगर परिषद ले जाने की बात कही। इस दौरान मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ उनकी बहस काफी देर तक चलती रही जिससे वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए अध्यक्ष से कहा कि रेंजर के आने तक इंतजार कर लिया जाए और उनके सामने ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। कुछ देर बाद रेंजर भी मौके पर पहुंच गए लेकिन विवाद शांत होने के बजाय और बढ़ गया। नगर पालिका अध्यक्ष ने रेंजर से भी सख्त लहजे में सवाल करते हुए खुदाई की अनुमति से जुड़े दस्तावेज दिखाने की मांग कर दी। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। मौके पर बढ़ते तनाव को देखते हुए वन विभाग की टीम ने फिलहाल काम रोक देना ही उचित समझा। इसके बाद विभागीय अधिकारी पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने की बात कह रहे हैं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसके बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता पहले भी विवादों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। इससे पहले भी टोल नाके पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच और धमकी देने का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसने काफी विवाद खड़ा किया था। हालांकि इस मामले में राजन गुप्ता का कहना है कि उन्होंने जनप्रतिनिधि होने के नाते आम लोगों के हित में आवाज उठाई है। उनका आरोप है कि वन विभाग द्वारा एक गरीब चाय-पान की दुकान के सामने जबरदस्ती निर्माण कराया जा रहा था जबकि वह जमीन राजस्व और नगर पालिका की बताई जा रही है। उनका कहना है कि जब तक जमीन और अनुमति से जुड़े दस्तावेज स्पष्ट नहीं होंगे तब तक वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
UJJAIN TATTACK: उज्जैन में निगम कर्मचारियों पर हंगामा, तलवार और लाठी लेकर किया हमला; महिला हिरासत में

UJJAIN TATTACK: उज्जैन। नगरकोट मोहल्ले में शनिवार सुबह नगर निगम कर्मचारियों से विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति ने तलवार और लाठी निकालकर हमला कर दिया। मारपीट के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी रोज की तरह सुबह करीब 7:30 बजे मोहल्ले में पहुंची। गाड़ी के ड्राइवर का नाम कलीम और कचरा कर्मचारी का नाम जावेद बताया गया है। इस दौरान गीला और सूखा कचरा अलग न करने को लेकर विवाद शुरू हुआ। कर्मचारी ने समझाया, लेकिन आरोपी की बहस जल्द हिंसक रूप ले गई। मौके पर मौजूद दरोगा ने समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने हंगामा और धमकी बढ़ा दी। नगर निगम के कर्मचारी, अधिकारी और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी पहले ही फरार हो चुका था। पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लिया और उसे 112 की गाड़ी से चिमनगंज थाना ले जाया गया। महिला से पूछताछ जारी है। नगर निगम के नोडल अधिकारी ताराचंद मालवीय ने कहा कि कर्मचारियों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है और मामले की जांच की जा रही है। यह घटना उज्जैन में सार्वजनिक सुरक्षा और निगम कर्मचारियों की सुरक्षा के सवाल खड़े करती है। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि निगम कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। Keywords: उज्जैन, नगर निगम कर्मचारी, कचरा संग्रहण विवाद, तलवार और लाठी, हंगामा, महिला हिरासत में, चिमनगंज थाना, गीला-सूखा कचरा, पुलिस कार्रवाई, मारपीट
Blessing Muzarabani: ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा पीसीबी: रिपोर्ट

Blessing Muzarabani: नई दिल्ली। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने आईपीएल में केकेआर का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के बाद पीएसएल में नहीं खेलने का फैसला किया है। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी मुजरबानी के फैसले को कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन के रूप में देख रही है और कानूनी कार्रवाई के लिए विकल्पों पर विचार कर रही है। ब्लेसिंग मुजरबानी को पीएसएल की इस्लामाबाद यूनाईटेड ने 11 मिलियन पाकिस्तानी रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। उन्हें टीम ने शमार जोसेफ की जगह शामिल किया था। आईपीएल की फ्रेंचाइजी केकेआर ने शुक्रवार को मुजरबानी को अपने स्कवॉड में जगह दी। इसके बाद मुजराबानी ने पीएसएल की जगह आईपीएल को प्राथमिकता देने का फैसला किया। अब वह आगामी आईपीएल सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए दिखाई देंगे। MORENA EYE CAMP: मुरैना में पुलिस परेड ग्राउंड पर 3 दिवसीय नेत्र शिविर का आयोजन, 14-16 मार्च तक चलेंगे ऑपरेशन यह लगातार दूसरा साल है जब किसी खिलाड़ी ने पीएसएल कॉन्ट्रैक्ट पहले से होने के बावजूद आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद आईपीएल को प्राथमिकता दी है। पिछले सीजन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ने भी ऐसा ही कदम उठाया था। उन्हें पेशावर जाल्मी ने चुना था। बाद में वह आईपीएल की मुंबई इंडियंस से जुड़ गए थे। ब्लेसिंग मुजरबानी ने हाल में संपन्न टी20 विश्व कप 2026 में शानदार गेंदबाजी की थी और जिम्बाब्वे को सुपर-8 में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। मुजरबानी ने 13 विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुजरबानी के 4 विकेट ने ही जिम्बाब्वे को ग्रुप स्टेज में जीत दिलायी थी। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का शेड्यूल एक बार फिर टकरा रहा है। आईपीएल 28 मार्च से शुरू हो रहा है। फाइनल मुकाबला 31 मार्च को खेला जाएगा, जबकि पीएसएल 26 मार्च से 3 मई तक प्रस्तावित है।
VIDISHA ROAD ACCIDENT: तेज रफ्तार कार पुलिया से फिसली, 15 फीट नीचे नाले में गिरी: शादी में जा रहा परिवार हादसे का शिकार, 1 की मौत, 5 गंभीर घायल

VIDISHA ROAD ACCIDENT: विदिशा । मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों से भरी यात्रा को मातम में बदल दिया। सिरोंज-बीना हाईवे पर ग्राम रसल्ली डामा की पुलिया के पास तेज रफ्तार से जा रही एक कार अचानक अनियंत्रित हो गई और करीब 15 फीट नीचे नाले में जा गिरी। कार में सवार लोग उज्जैन से चंदेरी में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही यह भीषण हादसा हो गया। हादसे के समय कार में कुल सात लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज गति से पुलिया के पास पहुंची और चालक का संतुलन बिगड़ने से वाहन सीधे नीचे नाले में गिर गया। दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि कार में बैठे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कार के गिरते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए और बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने साहस और तत्परता दिखाते हुए पत्थरों से कार के शीशे तोड़े और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार कार में पानी भर गया था और कुछ लोग अंदर ही फंसे हुए थे। लोगों ने किसी तरह कार के अंदर फंसे घायलों को बाहर निकाला और उनके पेट में भरा पानी निकालने की भी कोशिश की। पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 20 मिनट का समय लगा। ग्रामीणों की तत्परता से कई लोगों की जान बच सकी। हादसे में एक व्यक्ति की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे अस्पताल ले जाने के बाद उसने दम तोड़ दिया। हैरानी की बात यह रही कि कार में मौजूद सात साल का एक बच्चा इस भीषण दुर्घटना में चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया। जब ग्रामीणों ने कार से सभी लोगों को बाहर निकाला तो बच्चे को लगभग सुरक्षित देखकर हर कोई हैरान रह गया। बच्चे को मामूली खरोंचें आई हैं, लेकिन उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसे में घायल सभी लोगों को तुरंत सिरोंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान एक घायल ने दम तोड़ दिया, जबकि पांच अन्य लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार को नाले से बाहर निकलवाने की कार्रवाई शुरू की और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभवतः चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही सड़क पर कितना बड़ा खतरा बन सकती है। जरा सी असावधानी कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है और खुशियों भरा सफर पल भर में त्रासदी में बदल सकता है।
RAIPUR VIRAL VIDEO: रायपुर-लखनऊ ट्रेन में AC कोच में रील बनाने के लिए तीन युवकों ने चादर ओढ़कर किया डांस, रास्ता तीन मिनट तक रुका, यात्रियों ने दर्ज कराई शिकायत

RAIPUR VIRAL VIDEO:रायपुर। रायपुर से लखनऊ जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (12536) के एसी कोच में गुरुवार रात एक अनोखी घटना ने यात्रियों को परेशान कर दिया। ट्रेन के सतना स्टेशन पहुंचने से कुछ ही देर पहले जी-1 एसी कोच के बर्थ नंबर 16 के पास तीन युवकों ने रील बनाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया कि कोच का बीच वाला रास्ता लगभग तीन मिनट तक ब्लॉक हो गया। जानकारी के अनुसार, एक युवक ने रेलवे की चादर सिर पर ओढ़कर कोच के बीचो-बीच डांस करना शुरू कर दिया। उसके साथ मौजूद महिलाएं मोबाइल से उसका वीडियो बनाने लगीं। थोड़ी ही देर में दो अन्य युवक भी उसी चादर को ओढ़कर डांस में शामिल हो गए। इस दौरान कोच का मध्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे अन्य यात्रियों को पैदल चलने और बैठने में कठिनाई हुई। कोच में लगभग आठ-दस लोगों का एक परिवार भी यात्रा कर रहा था, जिन्हें इस डांस की वजह से असुविधा का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और शुक्रवार 13 मार्च को रेलवे अधिकारियों को भेजकर शिकायत दर्ज कराई। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा था कि युवकों की हरकत से कोच का मार्ग रुक गया और यात्रियों को भारी परेशानी हुई। आरपीएफ पोस्ट सतना के प्रभारी वीके यादव ने बताया कि वीडियो प्राप्त होने के बाद जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि डांस अश्लील नहीं था, लेकिन यात्रियों को हुई असुविधा और कोच में अव्यवस्था के कारण रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत तीनों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। रेलवे अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ट्रेन में इस प्रकार की हरकतें गंभीर सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा को प्रभावित करती हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि अगर ऐसे मामले सामने आए तो तुरंत आरपीएफ को सूचित करें। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि सोशल मीडिया और रील बनाने की होड़ ट्रेन जैसे सार्वजनिक स्थान पर कभी-कभी यात्रियों और सुरक्षा दोनों के लिए समस्या बन सकती है। Keywords: रायपुर लखनऊ ट्रेन, गरीब रथ एक्सप्रेस, AC कोच डांस, चादर ओढ़कर रील, रेलवे एक्ट धारा 145, आरपीएफ सतना, ट्रेन में असुविधा, यात्रियों की शिकायत, सोशल मीडिया वीडियो, ब्लॉक हुआ रास्ता
Indian Wells Masters final: इंडियन वेल्स मास्टर्स: आर्यना सबालेंका और एलेना रिबाकिना के बीच होगा फाइनल

Indian Wells Masters final: नई दिल्ली। इंडियन वेल्स मास्टर्स के महिला एकल का फाइनल मुकाबला रविवार को आर्यना सबालेंका और एलेना रिबाकिना के बीच होना सुनिश्चित हो चुका है। ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलेना रिबाकिना दुनिया की 9वें नंबर की खिलाड़ी एलिना स्वितोलिना को 1 घंटे 46 मिनट तक चले सेमीफाइनल मुकाबले में 7-5, 6-4 से हराकर अपने दूसरे इंडियन वेल्स फाइनल में जगह बनाई। जीत के बाद रिबाकिना ने कहा, “मैं आज अपने प्रदर्शन से खुश हूं। फाइनल से पहले मुझे निश्चित रूप से बेहतर होना होगा।” फाइनल में एलेना रिबाकिना का मुकाबला रविवार को दुनिया की नंबर 1 आर्यना सबालेंका से होगा। आर्यना सबालेंका ने सेमीफाइनल में लिंडा नोस्कोवा को 6-3, 6-4 से हराकर तीसरी बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। 1 घंटे 28 मिनट तक चले इस मैच में सबालेंका ने पहली बार इंडियन वेल्स का सेमीफाइनल खेल रही 21 साल की लिंडा नोस्कोवा के खिलाफ मैच की शुरुआत से ही अपनी पकड़ बना ली थी। सबालेंका ने डबल-ब्रेक में 5-1 की बढ़त बना ली और बेहद कम समय में सेट जीत लिया। चेक खिलाड़ी ने दूसरे सेट के आखिर में मैच में अपनी पकड़ बना ली। उन्होंने अपनी सर्विंग की काबिलियत दिखाई, जब उन्होंने दो ब्रेक पॉइंट बचाकर स्कोर 3-2 कर दिया, और स्कोर सिर्फ एक ब्रेक तक ही सीमित रखा। नोस्कोवा ने दूसरे सेट में सबालेंका की सर्विंग के समय 4-3, 30-40 पर एक ब्रेक पॉइंट भी हासिल किया, लेकिन लगातार तीन बड़ी सर्व ने दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी को 6-3, 5-3 से जीत की कगार पर पहुंचा दिया। जीत के बाद सबालेंका ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन मैं अपने पिछले कुछ फाइनल यहीं हार गई थी। मैं पक्का करूंगी कि रविवार को पूरी तरह तैयार रहूं। मैं अपना श्रेष्ठ टेनिस खेलूंगी ताकि यह साल मेरे लिए अच्छा रहे।”
Pakistan vs Bangladesh: बांग्लादेशी कप्तान ने गलत किया, ‘रन आउट’ विवाद में सलमान आगा के पक्ष में बोले मोहम्मद कैफ

Pakistan vs Bangladesh: नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने शुक्रवार को बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच में पाकिस्तान के बल्लेबाज सलमान अली आग को दिए गए रन आउट के फैसले को खेल भावना के विपरीत माना है। कैफ ने इस मामले में बांग्लादेशी कप्तान मिराज की हरकत को गलत बताया है। मोहम्मद कैफ ने एक्स पर लिखा, “यह बिल्कुल सही नहीं था। विकेट लेने का यह तरीका किसी भी तरह से सही नहीं है। वो भी कप्तान ने ऐसा किया। युवाओं ध्यान रखो, अगर वर्ल्ड कप फाइनल भी दांव पर लगा हो तब भी वो नहीं करना जो बांग्लादेशी कप्तान ने किया। खेल बिना खेल भावना के खेल नहीं है। कैफ ने कहा कि बांग्लादेशी कप्तान ने जो किया, वो यह नहीं करना चाहिए था। घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर घटी। मेहदी हसन मिराज की गेंद को मोहम्मद रिजवान ने गेंदबाज की दिशा में खेला। गेंद पकड़ने की कोशिश में मिराज नॉन स्ट्राइक वाली क्रीज से बाहर खड़े सलमान अली आगा से लड़ गए। गेंद रुक गई थी इसलिए आगा ने सिंगल लेने का इरादा छोड़ दिया और गेंद खुद उठाकर मिराज को देने लगे। इतने में मिराज ने गेंद लेकर विकेट पर दे मारा। आगा क्रीज के बाहर थे और अपील के बाद उन्हें तीसरे अंपायर ने रन आउट करार दिया। आगा गेंद गेंदबाज को देने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें रन आउट दे दिया गया। मेहदी हसन का यह बर्ताव सलमान आगा को बिल्कुल पसंद नहीं आया। वह उनसे मैदान पर ही भिड़ गए। थर्ड अंपायर द्वारा रन आउट करार दिए जाने के बाद सलमान नाखुश दिखे और पेवेलियन जाते हुए गुस्से में अपना ग्लव्स और हेलमेट फेंकते हुए दिखे। मैच के बाद आगा ने कहा, “मुझे लगता है कि खेल भावना होनी चाहिए। वह मेहदी को गेंद वापस देने की कोशिश कर रहे थे। ऐसी स्थिति में इसे डेड करार दिया जा सकता था।” उन्होंने कहा, “गेंद मेरे पैड पर और फिर मेरे बैट पर लगी। इसलिए मुझे लगा कि वह अब मुझे रन-आउट नहीं कर सकते, क्योंकि बॉल पहले ही मेरे पैड और मेरे बैट पर लग चुकी थी। मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। मैं रन नहीं ढूंढ रहा था, लेकिन उसने पहले ही रन-आउट करने का फैसला कर लिया। मैं इसे अलग तरह से करता। मैं खेल भावना के लिए जाता। हमने पहले ऐसा कुछ नहीं किया है, और भविष्य में भी ऐसा कभी नहीं करेंगे।” मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने माज सदाकत (75), आगा (64), और रिजवान (44) की मदद से 274 रन बनाए थे। बारिश की वजह से बांग्लादेश को डीएलएस नियम के तहत 32 ओवर में 243 का लक्ष्य दिया गया था। बांग्लादेश 114 रन पर सिमट गई और 128 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई।
Horror-Comedy Film: असरानी को समर्पित है भूत बंगला, राजपाल यादव ने कहा प्रियदर्शन कॉमेडी के जादूगर

Horror-Comedy Film: नई दिल्ली । अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी आगामी हॉरर-कॉमेडी फिल्म भूत बंगला के प्रमोशन में व्यस्त हैं। हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने फिल्म में अपने साथ काम करने वाले दिग्गज अभिनेता असरानी को याद करते हुए भावुक अंदाज में श्रद्धांजलि दी। राजपाल यादव ने कहा कि असरानी जैसे महान कलाकार के साथ स्क्रीन साझा करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने बताया कि असरानी न सिर्फ बेहतरीन अभिनेता थे, बल्कि एक ऐसे एंटरटेनर भी थे जो अपनी अदाकारी से बड़े से बड़े दर्शक समूह को लगातार हंसा और बांधे रख सकते थे। राजपाल यादव ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में कई कलाकारों के साथ काम किया है, लेकिन असरानी जैसा एंटरटेनर उन्होंने बहुत कम देखा है। उनके मुताबिक असरानी में ऐसी अद्भुत ऊर्जा थी कि वह 200-250 लोगों के सामने बैठकर सिर्फ अपनी परफॉर्मेंस के दम पर एक घंटे तक सभी का मनोरंजन कर सकते थे। उन्होंने कहा कि भूत बंगला में असरानी के साथ काम करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। राजपाल ने यह भी बताया कि फिल्म की यादें उनके दिल के बेहद करीब हैं, क्योंकि यह उनके लिए उस दिग्गज कलाकार के साथ बिताया गया अनमोल समय है। राजपाल यादव ने आगे कहा कि आज असरानी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन भूत बंगला में उनका किरदार और उनकी मौजूदगी हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेगी। उन्होंने कहा कि यह फिल्म और उसका किरदार कहीं न कहीं असरानी की यादों को समर्पित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जब दर्शक इस फिल्म को देखेंगे तो उन्हें असरानी की शानदार कॉमिक टाइमिंग और अभिनय की झलक जरूर देखने को मिलेगी। गौरतलब है कि दिग्गज अभिनेता असरानी का निधन पिछले साल 20 अक्तूबर को 84 वर्ष की उम्र में हुआ था। हिंदी सिनेमा में उनकी पहचान एक बेहतरीन कॉमेडियन और चरित्र अभिनेता के रूप में रही है। उनकी अदाकारी ने कई पीढ़ियों के दर्शकों को हंसाया और मनोरंजन किया। फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन के बारे में बात करते हुए राजपाल यादव ने उन्हें कॉमेडी का जादूगर बताया। उन्होंने कहा कि प्रियदर्शन की फिल्मों में मनोरंजन का खास अंदाज होता है। भूत बंगला भी उसी शैली की फिल्म है जिसमें कॉमेडी और डर दोनों का दिलचस्प मिश्रण देखने को मिलेगा। राजपाल ने कहा कि फिल्म दर्शकों को एक साथ हंसाने और डराने का काम करेगी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उन्हें पूरी तरह मनोरंजन से जोड़े रखेगी। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ तब्बू, वामिका गब्बी, परेश रावल, राजपाल यादव और असरानी सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसे दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। यह हॉरर-कॉमेडी फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और दर्शकों को इससे भरपूर मनोरंजन की उम्मीद है।