चीता प्रोजेक्ट के बाद कूनो नेशनल पार्क में बड़ा बदलाव: सूखे इलाके हुए आबाद, बढ़ी वन्यजीवों की हलचल

भोपाल। चीता प्रोजेक्ट के बाद कूनो नेशनल पार्क अब तेजी से बदलते इकोसिस्टम की मिसाल बनता जा रहा है। जिन पहाड़ी और सूखे क्षेत्रों में पहले पानी की भारी कमी रहती थी और गर्मियों में वन्यजीव पलायन कर जाते थे, वहां अब हालात बदल गए हैं। सौर ऊर्जा आधारित सोलर लिफ्ट पंप सिस्टम की मदद से कूनो नदी का पानी अब दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे कई तालाब सालभर भरे रहने लगे हैं। वन विभाग ने इस दिशा में दो बड़े सोलर पंप सिस्टम स्थापित किए हैं। ओछापुरा रेंज में 42.5 हॉर्स पावर क्षमता वाला पंप कूनो नदी से पानी उठाकर करीब 15 किलोमीटर दूर और 200 मीटर ऊंचाई पर स्थित तालाबों तक पहुंचा रहा है। वहीं वेस्ट पालपुर रेंज में 22.5 हॉर्स पावर का दूसरा सिस्टम 8 किलोमीटर दूर जलाशयों को भर रहा है। इन प्रयासों के कारण पहले जो तालाब गर्मियों में सूख जाते थे, वे अब लगातार जल से भरे रहते हैं। वन विभाग के अनुसार यह बदलाव केवल जल प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर वन्यजीवों के आवास और व्यवहार पर भी दिख रहा है। जिन क्षेत्रों से भेड़िया गर्मियों में पलायन कर जाते थे, वे अब पूरे साल स्थायी रूप से देखे जा रहे हैं। चीतल, सांभर और नीलगाय जैसे शाकाहारी वन्यजीवों को अब पानी की तलाश में भटकना नहीं पड़ता। कूनो से एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। लंबे समय से विलुप्त माने जा रहे दुर्लभ फॉरेस्ट आउलेट (वन उल्लू) की 113 साल बाद वापसी दर्ज की गई है। यह 2025 से यहां देखा जा रहा है, जिसे विशेषज्ञ पारिस्थितिकी तंत्र के मजबूत होने का संकेत मान रहे हैं। इतना ही नहीं, कूनो के इतिहास में पहली बार जंगली कुत्तों (ढोल) की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव क्षेत्र में बढ़ते जैव विविधता संतुलन को दर्शाता है। पर्यटन के क्षेत्र में भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। कूनो में बढ़ती वन्यजीव गतिविधियों के चलते पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर नेचर गाइड, पर्यटन सेवाओं और छोटे व्यवसायों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। वन विभाग का मानना है कि कूनो अब केवल चीता पुनर्वास परियोजना का केंद्र नहीं, बल्कि एक विकसित होते समृद्ध इकोसिस्टम का उदाहरण बन चुका है, जहां संरक्षण और विकास साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा

नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 19 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 10 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं। टीम के इस बेहतरीन प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह प्रदर्शन भारतीय युवा एथलीटों के दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता आने वाले समय में और अधिक युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगी। भारतीय टीम ने प्रतियोगिता के आखिरी दिन तीन गोल्ड मेडल जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। महिला 5,000 मीटर दौड़ में मुस्कान ने 16 मिनट 53.08 सेकंड का समय निकालकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 1 मिनट 48.27 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। डिस्कस थ्रो में निश्चय ने 60.10 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता और इस दौरान नया नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने शानदार तालमेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और नया मीट रिकॉर्ड भी स्थापित किया। टीम ने 3 मिनट 38.07 सेकंड में रेस पूरी की, जो पहले के रिकॉर्ड से बेहतर था। इस रिले टीम में नीरू पाठक, भूमिका संजय नेहाते, ताहुरा खातून और सहनूर बावा शामिल थीं, जिन्होंने बेहतरीन समन्वय और गति का प्रदर्शन किया। वहीं पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 05.54 सेकंड का समय निकाला, जो पुराना रिकॉर्ड तोड़ने वाला था। हालांकि मजबूत प्रतिस्पर्धा के कारण टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा भारतीय महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया और 45.05 सेकंड का समय निकाला। इस टीम में काजल हीराभाई वाजा, भावना, आरती और निपम शामिल रहीं। इस प्रतियोगिता में भारत का समग्र प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि देश में युवा एथलीटों की नई पीढ़ी तेजी से उभर रही है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की पकड़ मजबूत होती दिख रही है। हालांकि मेडल टैली के लिहाज से यह प्रदर्शन 2024 में दुबई में हुए संस्करण से थोड़ा पीछे रहा, लेकिन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धियों और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने भविष्य के लिए मजबूत उम्मीदें जगाई हैं। प्रधानमंत्री मोदी की बधाई ने खिलाड़ियों के मनोबल को और बढ़ाया है, और यह प्रदर्शन भारत के एथलेटिक्स भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
छक्कों की बारिश से छाया वैभव सूर्यवंशी का जलवा, आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का खिताब भले ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने जीत लिया हो, लेकिन इस पूरे सीजन की सबसे बड़ी कहानी राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के नाम रही। मात्र 15 साल की उम्र में इस खिलाड़ी ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 मुकाबलों में 776 रन बनाए और 237 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ गेंदबाजों पर कहर बरपाया। उन्होंने इस सीजन में एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए और कई बार अकेले दम पर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। उनकी बल्लेबाजी में सिर्फ आक्रामकता ही नहीं, बल्कि परिपक्वता भी साफ नजर आई। सीजन की शुरुआत से ही वैभव ने दिखा दिया था कि वह इस मंच पर लंबे समय तक टिकने आए हैं। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी शांत रहकर रन बनाए और टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां खेलीं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण गुजरात टाइटंस के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में देखने को मिला, जहां उन्होंने 47 गेंदों पर 96 रनों की शानदार पारी खेली। वैभव का यह सीजन सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त भी तैयार की। उन्होंने कुल 72 छक्के लगाए, जो आईपीएल के एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक हैं। इसके अलावा वह सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज भी बने। पावरप्ले में उनके प्रदर्शन ने भी सभी को प्रभावित किया, जहां उन्होंने डेविड वॉर्नर जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सर्वाधिक रन बनाए। वैभव ने एक पारी में 12 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया और एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। गेंदबाजों के लिए वैभव को रोकना लगभग असंभव साबित हुआ। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा जैसे दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ भी उन्होंने निडर होकर बल्लेबाजी की। बुमराह के खिलाफ पहली ही गेंद पर लगाया गया उनका छक्का इस सीजन के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया। उनके शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें पांच बड़े अवॉर्ड के रूप में मिला—ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और सुपर सिक्सेस ऑफ द सीजन। वह आईपीएल इतिहास के सबसे युवा ऑरेंज कैप विजेता भी बने। इस तरह वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक शुरुआत साबित हुआ, जिसने उन्हें क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में शामिल कर दिया।
जीत के बाद जश्न का नजारा, विराट कोहली समेत टीम ने मनाया उत्सव

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के ड्रेसिंग रूम में जश्न का ऐसा माहौल देखने को मिला, जिसे खिलाड़ी लंबे समय तक याद रखेंगे। गुजरात टाइटंस को फाइनल में 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के बाद पूरी टीम उत्साह और खुशी में झूम उठी। मैच खत्म होते ही ड्रेसिंग रूम में ढोल-नगाड़ों की गूंज शुरू हो गई और खिलाड़ियों ने जीत का जश्न खुले दिल से मनाया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में विराट कोहली और क्रुणाल पांड्या ढोल की थाप पर जमकर डांस करते नजर आए। क्रुणाल पांड्या के हाथ में आईपीएल ट्रॉफी थी और वह टीम के साथ इस ऐतिहासिक जीत का जश्न साझा कर रहे थे। टीम के कप्तान रजत पाटीदार, जितेश शर्मा, रसिक सलाम समेत अन्य खिलाड़ी भी इस जश्न में शामिल हुए और एक-दूसरे के साथ खुशी साझा की। हर खिलाड़ी का चेहरा उत्साह से भरा हुआ था और पूरा ड्रेसिंग रूम एक बड़े सेलिब्रेशन हॉल में बदल गया था। इस खास मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री और विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा भी मौजूद रहीं। वह भी टीम के जश्न का हिस्सा बनीं और विराट कोहली के साथ डांस करती नजर आईं। कोहली कभी कप्तान रजत पाटीदार के साथ तो कभी दिनेश कार्तिक के साथ भी डांस करते दिखे। यह पल खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए बेहद भावनात्मक और यादगार बन गया। फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने पहले गेंदबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस को 155 रन पर रोक दिया था। गुजरात की ओर से वॉशिंगटन सुंदर ने 50 रन की अहम पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। आरसीबी के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें रसिक सलाम ने 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट लिए। वहीं, भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने 2-2 विकेट लेकर टीम की जीत की नींव मजबूत की। 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी ने संयमित शुरुआत की। विराट कोहली ने एक बार फिर बड़े मैच में अपनी क्लास दिखाई और 42 गेंदों में नाबाद 75 रन बनाए। उनकी पारी में 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। कोहली की इस शानदार बल्लेबाजी ने आरसीबी को 18 ओवर में 5 विकेट खोकर जीत दिला दी। कोहली ने वेंकटेश अय्यर के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए तेज 62 रनों की साझेदारी की, जिससे टीम को मजबूत आधार मिला। इस जीत के साथ आरसीबी ने लगातार दूसरा आईपीएल खिताब अपने नाम किया और एक बार फिर अपने फैंस को जश्न मनाने का मौका दिया। ड्रेसिंग रूम में यह जश्न सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, संघर्ष और टीमवर्क का उत्सव था, जिसमें हर खिलाड़ी ने अपनी खुशी खुलकर जाहिर की।
RCB की जीत के बाद भावुक कप्तान रजत पाटीदार, बोले- यह मेरी किस्मत थी

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर एक बार फिर खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद टीम के कप्तान रजत पाटीदार बेहद भावुक नजर आए और उन्होंने अपने सफर को लेकर बड़ा बयान दिया। मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में रजत पाटीदार ने कहा कि यह पल उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “बहुत ही शानदार लग रहा है। जब हम यहां आए थे, तो पिछले साल की कई यादें ताजा हो गईं। मेरे पास अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं, लेकिन मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है।” पाटीदार ने टीम की रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसमें भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, रसिक सलाम, क्रुणाल पंड्या, सुयश और रोमारियो शेफर्ड जैसे खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा। उन्होंने यह भी बताया कि टीम की योजना बेहद स्पष्ट थी और टॉस जीतने के बाद लक्ष्य का पीछा करना आसान हो गया। कप्तान के अनुसार, टीम ने पूरे टूर्नामेंट में आत्मविश्वास बनाए रखा और पिछले सीजन की तुलना में इस बार बेहतर तैयारी के साथ उतरी। रजत पाटीदार ने अपने व्यक्तिगत सफर पर बात करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह RCB की कप्तानी करेंगे और टीम को खिताब दिलाएंगे। उन्होंने इसे अपनी किस्मत और टीम के समर्थन का परिणाम बताया। उन्होंने टीम के मेंटर और सीनियर खिलाड़ी दिनेश कार्तिक का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनके सुझाव उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुए। पाटीदार ने कहा कि कार्तिक हमेशा टीम के हर खिलाड़ी के साथ खड़े रहे और उनका मार्गदर्शन करते रहे। अंत में कप्तान ने RCB के प्रशंसकों के लिए संदेश देते हुए कहा कि यह जीत उन्हें समर्पित है। उन्होंने कहा, “यह एक बार फिर आपके लिए है, आरसीबी के फैन्स। इस साल कप हमारा है।” फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस ने 155 रन बनाए थे। जवाब में RCB ने विराट कोहली की नाबाद 75 रनों की शानदार पारी की बदौलत 18 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की।
वैभव सूर्यवंशी का धमाका: MVP के साथ ऑरेंज कैप भी जीती, IPL 2026 में छाए

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का सीजन समाप्त होने के बाद पुरस्कारों की घोषणा में राजस्थान रॉयल्स के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। उन्हें इस सीजन का ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ (MVP) चुना गया। इसके साथ ही उन्होंने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप भी अपने नाम की, जो उनके शानदार प्रदर्शन का बड़ा प्रमाण रहा। वैभव सूर्यवंशी ने सीजन के बाद कहा कि लगातार मैचों का दबाव रहता है, इसलिए हर मुकाबले में एक जैसी रणनीति के साथ खेलना आसान नहीं होता। उन्होंने यह भी माना कि फिटनेस और निरंतरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। सीजन में गेंदबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहां कगिसो रबाडा ने 29 विकेट लेकर पर्पल कैप पर कब्जा जमाया। रबाडा पूरे सीजन में सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। अन्य पुरस्कारों की बात करें तो पंजाब किंग्स को फेयरप्ले अवॉर्ड मिला। वहीं मनीष पांडे को ‘कैच ऑफ द सीजन’ के लिए सम्मानित किया गया, जिन्होंने एक शानदार कैच लेकर सबका ध्यान खींचा। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इस सीजन में सर्वाधिक 172 डॉट बॉल फेंकने का रिकॉर्ड बनाया, जिसके लिए उन्हें विशेष सम्मान मिला। वहीं साई सुदर्शन ने 75 चौके लगाकर ‘मोस्ट फोरस’ का अवॉर्ड जीता। वैभव सूर्यवंशी ने केवल ऑरेंज कैप ही नहीं, बल्कि ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’, ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ (237.3 स्ट्राइक रेट) और ‘सुपर सिक्सेस ऑफ द सीजन’ (72 छक्के) जैसे कई बड़े अवॉर्ड भी अपने नाम किए। फाइनल मुकाबले की बात करें तो अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन बनाए, जिसके जवाब में विराट कोहली की नाबाद 75 रनों की पारी ने आरसीबी को जीत दिलाई। इस तरह आईपीएल 2026 न केवल टीमों की जीत का गवाह बना, बल्कि व्यक्तिगत प्रदर्शन के कई नए रिकॉर्ड भी इस सीजन में बने।
RCB की लगातार दूसरी जीत के बाद खिलाड़ियों ने खोले दिल, कोहली की पारी से फाइनल में 5 विकेट से जीत

मध्य प्रदेश । आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी, लेकिन टीम के अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं, बल्कि टीम की जीत सबसे महत्वपूर्ण है। भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मुझे ट्रॉफी चाहिए थी, पर्पल कैप नहीं। यह सीजन हमारे लिए बेहद खास रहा और हमने शुरुआत से ही मजबूत रणनीति के साथ खेला।” उन्होंने बताया कि लगातार विकेट लेने से आत्मविश्वास बढ़ता है और बड़े मैचों में यह अनुभव काफी काम आता है। भुवनेश्वर इस सीजन में आरसीबी के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट लिए और सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। उनसे आगे केवल गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा रहे, जिन्होंने 29 विकेट झटके, हालांकि उन्होंने एक मैच ज्यादा खेला था। टीम की जीत में बल्लेबाजों का भी अहम योगदान रहा। देवदत्त पड्डिकल ने कहा कि इस टीम के साथ खेलना एक शानदार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि टीम में मौजूद बड़े खिलाड़ियों से सीखने का मौका मिला और गेंदबाजों ने बेहतरीन योजनाओं के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने विशेष रूप से विराट कोहली की बल्लेबाजी और उनके रन बनाने की भूख की तारीफ की। विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने भी टीम मैनेजमेंट की रणनीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम का फोकस दबाव में भी प्रक्रिया पर टिके रहने पर था, न कि सिर्फ नतीजों पर। इसी सोच ने टीम को मजबूत बनाए रखा और लगातार जीत की ओर बढ़ाया। वहीं तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा कि टीम का माहौल और सपोर्ट स्टाफ बेहद मजबूत है, जिसने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भुवनेश्वर की लगातार विकेट लेने की क्षमता को टीम के लिए बड़ा प्लस पॉइंट बताया। फाइनल मुकाबले की बात करें तो गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 155 रन बनाए। जवाब में RCB ने विराट कोहली की नाबाद 75 रनों की शानदार पारी की बदौलत 18 ओवर में 5 विकेट पर 161 रन बनाकर मैच जीत लिया। इस जीत के साथ RCB ने लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की और टीम ने एक बार फिर साबित किया कि संतुलित प्रदर्शन और मजबूत रणनीति ही सफलता की कुंजी है।
गांधीनगर के बाद मुबारकपुर में भी मिली भारी खेप, डेढ़ करोड़ से ज्यादा का माल बरामद

मध्य प्रदेश । भोपाल में नशे के लिए कफ सिरप के अवैध कारोबार का बड़ा और संगठित नेटवर्क सामने आया है। यह मामला सिर्फ एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं था, बल्कि कई ठिकानों पर फैला हुआ पूरा सप्लाई और स्टोरेज सिस्टम सक्रिय था। एसटीएफ की लगातार कार्रवाई के बाद इस नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। ताजा कार्रवाई में मुबारकपुर के एक मकान से 23,125 कफ सिरप की शीशियां बरामद की गईं। इससे दो दिन पहले गांधीनगर में एक अवैध री-पैकिंग फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था, जहां से बड़ी मात्रा में कफ सिरप जब्त किया गया था। दोनों मामलों को जोड़कर देखने पर यह स्पष्ट हो गया है कि यह एक संगठित रैकेट के रूप में काम कर रहा था। एसटीएफ ने यह कार्रवाई गांधीनगर से पकड़े गए मुख्य आरोपी अकील खान और आकाश भाटी से पूछताछ के आधार पर की। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के बाद टीम ने मुबारकपुर स्थित ठिकाने पर दबिश दी, जहां से 22,155 ऑफ-कफ और 970 ऑनरेक्स कफ सिरप की शीशियां बरामद हुईं। जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। गांधीनगर और मुबारकपुर से कुल मिलाकर अब तक 73,045 शीशियां जब्त की जा चुकी हैं, जिनमें प्रत्येक शीशी 100-100 मिलीलीटर की है। यानी अब तक लगभग 7,305 लीटर कफ सिरप बरामद हुआ है, जिसकी कुल बाजार कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। जांच में सामने आया है कि गांधीनगर स्थित फैक्ट्री में बैच नंबर और एक्सपायरी डेट हटाकर कफ सिरप की री-पैकिंग की जा रही थी, जबकि मुबारकपुर में इन्हीं तैयार शीशियों का भंडारण और सप्लाई किया जा रहा था। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि पूरा नेटवर्क दो हिस्सों में बंटकर काम कर रहा था—एक जगह उत्पादन और पैकिंग, और दूसरी जगह स्टोरेज व वितरण। एसटीएफ के अनुसार यह नेटवर्क करीब एक साल से सक्रिय था और अभी तक जो स्टॉक पकड़ा गया है, वह केवल एक सप्ताह की सप्लाई का हिस्सा बताया जा रहा है। डीआईजी राहुल लोढ़ा ने बताया कि अब जांच सिर्फ भंडारण या पैकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को ट्रेस किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि जब्त सिरप पर हरिद्वार स्थित एक दवा निर्माता कंपनी का नाम दर्ज है। एसटीएफ यह जांच कर रही है कि क्या वास्तव में इतनी बड़ी मात्रा में सिरप की वैध सप्लाई हुई थी या इसके नाम का दुरुपयोग किया गया। मुबारकपुर से करीब 4 हजार खाली बोतलें भी बरामद हुई हैं, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि नेटवर्क के अन्य ठिकानों पर भी री-पैकिंग या फिलिंग का काम किया जाता था। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश में नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर सतर्कता और जांच तेज कर दी गई है।
NEET UG परीक्षा को ऑनलाइन कराने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, 21 जून की री-एग्जाम पर बढ़ी नजर

नई दिल्ली । देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर चल रहे विवाद में आज एक अहम मोड़ आया, जब Supreme Court of India ने परीक्षा को ऑनलाइन या कंप्यूटर आधारित मोड में कराने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच के समक्ष प्रस्तुत की गई थी, जिसमें परीक्षार्थियों की ओर से परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग उठाई गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस समय National Testing Agency पहले से ही कई प्रशासनिक और तकनीकी दबावों का सामना कर रही है, इसलिए इस मामले पर विस्तृत सुनवाई छुट्टियों के बाद की जाएगी। सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से यह भी टिप्पणी की गई कि मौजूदा परिस्थितियों में परीक्षा प्रणाली को अचानक बदलना आसान नहीं है और इसके लिए व्यापक तैयारी और मूल्यांकन की आवश्यकता होती है। अदालत ने संकेत दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फिलहाल टालना उचित होगा। इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, क्योंकि लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की मांग उठती रही है। वर्तमान में NEET UG 2026 परीक्षा 21 जून को पुनः आयोजित की जा रही है। यह वही परीक्षा है जिसे पहले 3 मई को आयोजित किया गया था, लेकिन पेपर लीक के आरोपों और अनियमितताओं की जांच के बाद इसे रद्द करना पड़ा था। मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पुनर्परीक्षा को लेकर National Testing Agency ने स्पष्ट किया है कि सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। वहीं, परीक्षा के बाद 24 जून तक आंसर की जारी होने की संभावना भी जताई गई है। इसी बीच शिक्षा नीति से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता अब पहले से अधिक महसूस की जा रही है। सरकार और परीक्षा एजेंसियों ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्ष से NEET UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में स्थानांतरित करने की दिशा में गंभीर तैयारी चल रही है। इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने भी पहले यह भरोसा जताया है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। हाल ही में परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, परीक्षा एजेंसी के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित संस्थानों ने भाग लिया था। बैठक में परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा की गई। इसके बावजूद ऑनलाइन परीक्षा को लेकर उठ रही मांगों पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। सुप्रीम कोर्ट का ताजा रुख यह संकेत देता है कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला विस्तृत सुनवाई और सभी पक्षों की दलीलों के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल छात्रों की नजर 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी हुई है।
समय पर रिन्यूअल न कराने से दस्तावेज बेकार, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक प्रभावित

मध्य प्रदेश । ग्वालियर में पासपोर्ट रिन्यूअल को लेकर बरती गई लापरवाही अब हजारों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। शहर में करीब 6500 लोगों के पासपोर्ट की वैधता समाप्त हो चुकी है, लेकिन उन्होंने अब तक उसे रिन्यू नहीं कराया है। इसके चलते ये सभी लोग विदेश यात्रा या उससे जुड़े किसी भी काम के लिए अब इन दस्तावेजों का उपयोग नहीं कर पाएंगे। पासपोर्ट सेवा केंद्र के आंकड़ों के अनुसार एक्सपायर पासपोर्ट धारकों में लगभग 2500 बच्चे, 2500 युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोग तथा करीब 1500 बुजुर्ग शामिल हैं। यानी समाज के हर वर्ग के लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। पासपोर्ट, जो विदेश यात्रा के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है, अब इनके लिए बेकार साबित हो रहा है। जानकारी के अनुसार जनवरी 2024 से अप्रैल 2026 के बीच ग्वालियर पासपोर्ट सेवा केंद्र में कुल 23,144 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6787 आवेदन रिन्यूअल से जुड़े थे। वहीं वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही 4571 नए आवेदन दर्ज किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अपने पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों का पासपोर्ट 10 साल तक और बच्चों का 5 साल तक वैध रहता है। इसके समाप्त होने से पहले ही रिन्यूअल कराना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि एक्सपायर पासपोर्ट अब किसी भी प्रकार की अंतरराष्ट्रीय यात्रा या पहचान दस्तावेज के रूप में मान्य नहीं होता, इसलिए समय रहते इसका नवीनीकरण कराना बेहद जरूरी है। इस पूरे मामले में लोगों की लापरवाही सामने आने के बाद पासपोर्ट विभाग ने अपील की है कि नागरिक समय रहते अपने दस्तावेजों को अपडेट कराएं, ताकि अचानक विदेश यात्रा या आपात स्थिति में किसी भी तरह की परेशानी न हो।