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‘भूत बंगला’ की OTT एंट्री तय, जानिए कब और किस प्लेटफॉर्म पर आएगी फिल्म

नई दिल्ली। सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अक्षय कुमार और वामिका गब्बी स्टारर हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज के लिए तैयार है। करीब छह सप्ताह तक थिएटर्स में दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने वाली इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस रफ्तार अब धीमी पड़ने लगी है। ऐसे में जो दर्शक किसी वजह से इसे बड़े पर्दे पर नहीं देख पाए हैं उनके लिए अच्छी खबर है कि फिल्म जल्द ही घर बैठे देखने के लिए उपलब्ध होने वाली है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी ‘भूत बंगला’ इस साल की चर्चित फिल्मों में शामिल रही है। फिल्म ने अपनी रोचक कहानी हास्य और डर के अनोखे मिश्रण के दम पर दर्शकों का दिल जीता। यही वजह रही कि फिल्म ने घरेलू और वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर शानदार कारोबार करते हुए 200 करोड़ रुपये से अधिक का आंकड़ा पार कर लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 120 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म के डिजिटल राइट्स ओटीटी दिग्गज नेटफ्लिक्स को करीब 60 करोड़ रुपये में बेचे गए हैं। वहीं इसके सैटेलाइट राइट्स जी सिनेमा ने 25 करोड़ रुपये में खरीदे हैं जबकि म्यूजिक राइट्स के लिए जी म्यूजिक के साथ करीब 10 करोड़ रुपये की डील की गई है। इस तरह फिल्म ने थिएटर रिलीज के अलावा अन्य माध्यमों से भी बड़ी कमाई सुनिश्चित कर ली है। जानकारी के मुताबिक ‘भूत बंगला’ को 12 जून 2026 को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जाएगा। इसके बाद कुछ समय पश्चात इसका वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर जी सिनेमा पर प्रसारित किया जाएगा। ऐसे में दर्शकों को जल्द ही इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म का आनंद अपने मोबाइल लैपटॉप और स्मार्ट टीवी पर लेने का अवसर मिलेगा। फिल्म की कमाई की बात करें तो भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इसका नेट कलेक्शन 178 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुका है जबकि दुनियाभर में फिल्म ने 211 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया है। लगातार कई हफ्तों तक सिनेमाघरों में टिके रहने के बाद भी फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रही है। फिल्म की कहानी अर्जुन आचार्य नामक युवक के इर्द-गिर्द घूमती है जिसकी भूमिका अक्षय कुमार ने निभाई है। अर्जुन को अपने पूर्वजों की एक विशाल जागीर विरासत में मिलती है। आर्थिक तंगी से जूझ रहा अर्जुन अपनी बहन की शादी उसी पुराने महल में कराने का फैसला करता है। हालांकि गांव के लोग उसे ऐसा करने से मना करते हैं क्योंकि वहां वधूसुर नामक एक रहस्यमयी और खतरनाक शक्ति का आतंक है जो नवविवाहित दुल्हनों को अपना शिकार बनाती है। इसके बाद शुरू होता है डर रोमांच और हास्य से भरपूर घटनाओं का सिलसिला जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सिनेमाघरों में सफलता का परचम लहराने वाली ‘भूत बंगला’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी दर्शकों का उतना ही प्यार हासिल कर पाती है या नहीं।

Rashifal 31 May 2026: फुल मून इम्पैक्ट से बदल सकता है मूड, जानिए मेष से मीन तक का हाल

नई दिल्ली । 31 मई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है क्योंकि इस दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा और सिद्ध योग का प्रभाव देखने को मिलेगा। चंद्रमा का गोचर वृश्चिक राशि में होने से कई राशियों के लिए भावनात्मक उतार-चढ़ाव, करियर से जुड़े अहम फैसले और धन संबंधी मामलों में महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। कुछ राशियों के लिए यह दिन लाभकारी साबित हो सकता है, जबकि कुछ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मौसम और ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार इस दिन शुभ कार्यों के लिए लाभ-अमृत और शुभ चौघड़िया का समय विशेष रूप से अनुकूल माना गया है। वहीं राहुकाल के दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी गई है। मेष राशिमेष राशि वालों के लिए दिन बदलावों से भरा रह सकता है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियों का मूल्यांकन संभव है और पुराने आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। हालांकि खर्च बढ़ने की संभावना भी रहेगी, इसलिए निवेश में सावधानी जरूरी है। वृषभ राशिवृषभ जातकों के लिए साझेदारी के कार्यों में सतर्कता जरूरी है। नौकरी और निवेश के मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। लव लाइफ में सकारात्मकता बढ़ने के संकेत हैं। मिथुन राशिमिथुन राशि वालों के लिए अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। हालांकि किसी पुराने राज के उजागर होने की संभावना भी है, जिससे मानसिक दबाव बढ़ सकता है। कर्क राशिकर्क राशि के लिए दिन अनुकूल रहेगा। नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है और रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। सिंह राशिसिंह राशि वालों को प्रॉपर्टी और निवेश में जल्दबाजी से बचना चाहिए। खर्च बढ़ने की आशंका है। कन्या राशिकन्या राशि के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं। कार्यस्थल पर सकारात्मक बदलाव संभव हैं, लेकिन गुस्से पर नियंत्रण जरूरी है। तुला राशितुला राशि वालों के लिए दिन व्यस्त रहेगा। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और मानसिक थकान महसूस हो सकती है। वृश्चिक राशिचंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहा है, जिससे भावनाएं अधिक प्रभावी होंगी। महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें। धनु राशिधनु राशि वालों को अनैतिक गतिविधियों से बचना चाहिए। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। मकर राशिमकर जातकों के लिए कार्यभार अधिक रह सकता है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। कुंभ राशिकुंभ राशि वालों के लिए दिन प्रगतिशील रहेगा। नए अवसर और आय के स्रोत बन सकते हैं। मीन राशिमीन राशि के लिए करियर में उन्नति और रुका हुआ धन मिलने के योग हैं। विरोधियों से सतर्क रहें। 31 मई का दिन ग्रहों की चाल के अनुसार मिश्रित परिणाम लेकर आ सकता है। जहां कुछ राशियों के लिए यह दिन आर्थिक और करियर में लाभकारी रहेगा, वहीं कुछ को भावनात्मक निर्णयों से बचने की सलाह दी जा रही है।

राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से की भेंट, पंजाब से जुड़े मुद्दों पर केंद्र से सहयोग का आग्रह

नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात को राज्य के विकास, जनकल्याण और कानून-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत करने के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। हरभजन सिंह ने इस मुलाकात की जानकारी स्वयं साझा करते हुए बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के हितों की रक्षा और विकास कार्यों को गति देने के लिए सहयोग की अपील की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हरभजन सिंह के राजनीतिक रुख को लेकर भी चर्चा बनी हुई है और उनकी यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हरभजन सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के एक सफल और अनुभवी खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने अपनी गेंदबाजी से देश को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाने में योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और राज्यसभा सांसद के रूप में पंजाब के मुद्दों को उठाने का कार्य किया। हाल के वर्षों में वे पंजाब से जुड़े विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक विषयों पर सक्रिय रूप से अपनी राय रखते रहे हैं। अमित शाह से उनकी यह मुलाकात ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में सुरक्षा व्यवस्था, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान पंजाब की वर्तमान परिस्थितियों, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और विकास परियोजनाओं को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। हरभजन सिंह ने राज्य के हितों को प्राथमिकता देने की बात रखते हुए केंद्र से सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए मजबूत समन्वय और प्रभावी नीतियों की आवश्यकता है, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिल सके। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विभिन्न मुद्दों को ध्यान से सुना और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राजनीतिक हलकों में हरभजन सिंह के हालिया रुख को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। पंजाब में कुछ राजनीतिक समूहों द्वारा इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की जा रही है, जबकि समर्थक इसे विकास के दृष्टिकोण से एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं। राज्यसभा सांसद के रूप में हरभजन सिंह लगातार पंजाब से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर उठाने का प्रयास कर रहे हैं और यह मुलाकात भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। कुल मिलाकर यह बैठक पंजाब की राजनीति और विकास के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया है।

बंदर’ फिल्म के किरदार से जुड़ा बॉबी देओल का निजी अनुभव, बहनों की शादी को लेकर मन में रहता था असुरक्षा का भाव

नई दिल्ली । अभिनेता बॉबी देओल इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘बंदर’ को लेकर चर्चा में हैं, जो अपने विषय और प्रस्तुति के कारण लगातार सुर्खियां बटोर रही है। फिल्म के ट्रेलर रिलीज के बाद दर्शकों में इसे लेकर उत्साह और अधिक बढ़ गया है। इसी बीच बॉबी देओल ने अपने किरदार और निजी जीवन से जुड़ा एक ऐसा भावुक पहलू साझा किया है, जिसने उनके अभिनय को और भी गहराई प्रदान की है। उन्होंने बताया कि फिल्म में निभाया गया उनका रोल केवल एक पेशेवर जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह उनके बचपन की कई भावनाओं और अनुभवों से भी जुड़ा हुआ है, जिन्हें उन्होंने लंबे समय तक अपने भीतर महसूस किया है। बॉबी देओल ने कहा कि वह ऐसे परिवार और सामाजिक वातावरण में बड़े हुए हैं, जहां बहनों की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर मन में एक स्थायी चिंता बनी रहती थी। उन्होंने स्वीकार किया कि पुरुष-प्रधान सोच वाले समाज में पले-बढ़ने के कारण उनके भीतर हमेशा यह डर रहा कि उनकी बहनों की शादी के बाद उनका जीवन कैसा होगा और क्या उन्हें सही सम्मान और सुरक्षा मिल पाएगी। इसी कारण उनके मन में एक जिम्मेदारी और भावनात्मक दबाव हमेशा बना रहता था, जो उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन गया था। अभिनेता ने यह भी साझा किया कि उनकी कई बहनें हैं और परिवार के इस माहौल ने उनके सोचने के तरीके को गहराई से प्रभावित किया। बहनों की शादी को लेकर उनके मन में अक्सर असुरक्षा और चिंता के भाव आते थे, जिन्हें वह उस समय पूरी तरह समझ भी नहीं पाते थे, लेकिन वे लगातार उनके साथ बने रहते थे। इसी भावनात्मक पृष्ठभूमि ने फिल्म ‘बंदर’ में उनके किरदार को निभाते समय एक अलग ही वास्तविकता प्रदान की, क्योंकि वह उस डर और जिम्मेदारी को अभिनय से अलग नहीं कर पाए। फिल्म ‘बंदर’ में बॉबी देओल एक ढलते हुए पॉप स्टार समीर मेहरा की भूमिका निभा रहे हैं, जिसकी जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है जब उस पर गंभीर आरोप लगते हैं। इसके बाद वह मीडिया ट्रायल और कानूनी लड़ाई के जटिल दौर में फंस जाता है, जहां उसे अपनी प्रतिष्ठा और पहचान दोनों को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। कहानी उसके मानसिक दबाव, सामाजिक छवि और सिस्टम के साथ टकराव को गहराई से दर्शाती है। इस फिल्म का निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया है, जबकि इसकी कहानी अभिषेक बनर्जी और सुदीप शर्मा ने मिलकर तैयार की है। फिल्म निर्माण से जुड़े अन्य प्रमुख नामों में निकिल द्विवेदी और Zee Studios का समर्थन शामिल है, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर आकार दिया है। फिल्म को वर्ष 2026 की बहुचर्चित परियोजनाओं में गिना जा रहा है और इसके ट्रेलर ने पहले ही दर्शकों के बीच मजबूत चर्चा पैदा कर दी है। ‘बंदर’ की रिलीज 5 जून 2026 को निर्धारित है और इसके साथ ही बॉबी देओल एक बार फिर अपने अलग और चुनौतीपूर्ण किरदार के जरिए दर्शकों के सामने नजर आएंगे। फिल्म को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं और दर्शक इसके रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

तेलुगु और तमिल सिनेमा में बढ़ती दिलचस्पी, लेकिन मलयालम फिल्मों से दूरी बनाएंगी जाह्नवी कपूर

नई दिल्ली । अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने अपने फिल्मी करियर और दक्षिण भारतीय सिनेमा को लेकर एक अहम बयान दिया है, जिसमें उन्होंने मलयालम फिल्मों में काम करने को लेकर अपनी असहजता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम करने का अनुभव उनके लिए सकारात्मक रहा है, लेकिन मलयालम भाषा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई है। इस वजह से उन्होंने फिलहाल मलयालम सिनेमा से दूरी बनाए रखने की बात कही है। जाह्नवी कपूर ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह लगातार अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम कर रही हैं और खुद को बहुभाषी अभिनेत्री के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि तेलुगु फिल्मों में काम करने का अनुभव उन्हें काफी पसंद आया और वह तमिल सिनेमा में भी आगे काम करने की इच्छुक हैं। हालांकि मलयालम भाषा की ध्वनियों और उच्चारण को समझना उनके लिए काफी कठिन साबित हुआ, जिसके कारण उन्हें इसमें सहजता महसूस नहीं हुई। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि हर भाषा की अपनी एक खूबसूरती होती है और मलयालम भाषा भी बेहद समृद्ध और सुंदर है, लेकिन उसके फोनेटिक्स को पकड़ना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसी वजह से उन्होंने यह माना कि फिलहाल वह मलयालम फिल्मों में दोबारा काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके अनुसार, अभिनय केवल भावनाओं का नहीं बल्कि भाषा के सही उच्चारण और अभिव्यक्ति का भी संतुलन होता है, जो मलयालम में उनके लिए कठिन रहा। दूसरी ओर, जाह्नवी कपूर ने तेलुगु सिनेमा में अपनी बढ़ती रुचि को लेकर उत्साह भी जताया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्मों का दायरा बहुत व्यापक है और वहां की कहानियां, संस्कृति और प्रस्तुति शैली उन्हें आकर्षित करती है। तमिल फिल्मों में भी काम करने की उनकी इच्छा बनी हुई है और वह भविष्य में इन इंडस्ट्रीज में अधिक सक्रिय भूमिका निभाना चाहती हैं। जाह्नवी कपूर ने अपने करियर की शुरुआत हिंदी फिल्मों से की थी और धीरे-धीरे उन्होंने विभिन्न प्रकार की भूमिकाओं में खुद को स्थापित किया है। अब वह दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं। उनकी आने वाली फिल्म एक बड़े स्तर की प्रोजेक्ट है, जिसमें वह एक अहम भूमिका निभा रही हैं और यह फिल्म रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है। फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि आज के समय में कलाकारों का विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में काम करना एक सामान्य ट्रेंड बन चुका है। ऐसे में भाषा की चुनौती के बावजूद कई कलाकार नए क्षेत्रों में खुद को साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। जाह्नवी कपूर का यह बयान इसी बदलते फिल्मी परिदृश्य को दर्शाता है, जहां कलाकार अपनी क्षमता और सुविधा के अनुसार प्रोजेक्ट चुन रहे हैं। फिलहाल जाह्नवी कपूर अपनी आगामी फिल्म की रिलीज को लेकर व्यस्त हैं और दर्शकों को उनसे इस प्रोजेक्ट में एक नए अंदाज की उम्मीद है।

सलमान खान के ब्लैकबक केस पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण’ का ऐलान, कोर्टरूम ड्रामा और विवादों की झलक से बढ़ी चर्चा

नई दिल्ली ।बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े बहुचर्चित 1998 के ब्लैकबक शिकार मामले को एक बार फिर चर्चा में लाते हुए एक नई फिल्म की घोषणा की गई है। इस फिल्म का नाम ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ रखा गया है, जिसे क्राइम, कोर्टरूम ड्रामा और थ्रिलर के मिश्रण के रूप में प्रस्तुत किए जाने की योजना है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह कहानी देश के सबसे चर्चित कानूनी और विवादित मामलों में से एक पर आधारित है। फिल्म के निर्माता ने जानकारी दी है कि इसकी कहानी वर्ष 1998 में राजस्थान के जोधपुर जिले के कांकाणी गांव में हुए ब्लैकबक शिकार मामले के इर्द-गिर्द घूमेगी। इसमें उस समय की घटनाओं, कानूनी कार्यवाही, गिरफ्तारी और अदालत में चली लंबी बहस को सिनेमाई अंदाज में दिखाने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही इस मामले के बाद बने सामाजिक और मीडिया विमर्श को भी कहानी का हिस्सा बताया जा रहा है। निर्माताओं के अनुसार, फिल्म में केवल कोर्टरूम प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि उस दौर के विभिन्न पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा, जिनमें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े संदर्भ और घटनाओं के प्रभाव को भी दिखाने का दावा किया गया है। इसके अलावा फिल्म में उस विवाद से जुड़े बाद के घटनाक्रम और उससे पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल को भी कथा का हिस्सा बनाया गया है। फिल्म की घोषणा के साथ ही इसका पहला पोस्टर जारी किया गया, जिसने दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि फिल्म की कास्ट को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि सलमान खान से प्रेरित किरदार को कौन अभिनेता निभाएगा। इस रहस्य ने फिल्म को लेकर जिज्ञासा और बढ़ा दी है। निर्माताओं ने यह भी बताया है कि फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में की गई है, जिनमें संभल और मुरादाबाद प्रमुख स्थान बताए जा रहे हैं। इसे बड़े पैमाने पर तैयार किया जा रहा है और इसमें घटनाक्रम को वास्तविकता के करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस फिल्म का टीज़र 20 जून 2026 को जारी किए जाने की घोषणा की गई है। इसके बाद दर्शकों को फिल्म की कहानी और इसके प्रस्तुतीकरण को लेकर और स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। पहले से ही विवादित विषय पर आधारित होने के कारण फिल्म को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि फिल्म निर्माता पहले भी विवादों में रह चुके हैं, और उनकी पिछली फिल्म को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई थी। ऐसे में ‘काला हिरण’ परियोजना पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं कि यह दर्शकों पर कितना प्रभाव छोड़ पाती है और बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करती है।

लखनऊ से कान्स तक चमकीं गरिमा जग्गी, उर्वशी रौतेला के ग्लैमरस लुक्स ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बटोरी सुर्खियां

नई दिल्ली ।  देशभर में फैशन और ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ी प्रतिभाओं के उभरने के बीच इस बार अंतरराष्ट्रीय मंच कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में भारतीय टैलेंट की खास चमक देखने को मिली है, जहां बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला के ग्लैमरस और आकर्षक लुक्स ने रेड कार्पेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं। इन चर्चित लुक्स के पीछे लखनऊ की मेकअप आर्टिस्ट गरिमा जग्गी का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने अपनी कला और प्रोफेशनल विशेषज्ञता से अभिनेत्री के व्यक्तित्व को और अधिक निखारा। कान्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में काम करना किसी भी आर्टिस्ट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है और इस बार गरिमा जग्गी ने इस मंच पर अपनी पहचान दर्ज कराई है। उन्होंने उर्वशी रौतेला के विभिन्न रेड कार्पेट लुक्स को डिजाइन किया, जिनमें सॉफ्ट ग्लॉसी मेकअप, नैचुरल स्किन फिनिश और एलिगेंट स्टाइलिंग का बेहतरीन मेल देखने को मिला। इन लुक्स ने न केवल फैशन जगत का ध्यान खींचा बल्कि सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गए। कान्स में आयोजित प्रमुख इवेंट्स में उर्वशी रौतेला का सफेद गाउन लुक विशेष रूप से चर्चा में रहा, जिसमें गरिमा जग्गी द्वारा किया गया मेकअप उनके व्यक्तित्व को और अधिक प्रभावशाली बनाता दिखाई दिया। इसी तरह ब्लैक-गोल्डन आउटफिट में भी उनका रेड कार्पेट लुक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया, जहां मेकअप और स्टाइलिंग का संयोजन बेहद संतुलित और आकर्षक नजर आया। गरिमा जग्गी ने लखनऊ से अपने करियर की शुरुआत कर मुंबई तक का सफर तय किया और अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचकर भारतीय ब्यूटी इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है जो फैशन और मेकअप के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और रचनात्मकता के दम पर उन्होंने खुद को एक सफल प्रोफेशनल आर्टिस्ट के रूप में स्थापित किया है। फैशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग भारतीय टैलेंट को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कान्स जैसे मंच पर भारतीय आर्टिस्ट का काम करना यह दर्शाता है कि देश की क्रिएटिव इंडस्ट्री लगातार आगे बढ़ रही है और वैश्विक मानकों पर अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है। गरिमा जग्गी की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है बल्कि भारतीय ब्यूटी इंडस्ट्री के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।

WEST BENGAL POLITICS: बंगाल चुनाव में बड़ा उलटफेर: बूथ-स्तरीय डेटा से खुलासा, टीएमसी के कई दिग्गज अपने ही क्षेत्रों में कमजोर साबित

WEST BENGAL POLITICS: नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की राजनीति में बूथ-स्तरीय आंकड़ों ने एक बार फिर चुनावी समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के प्रदर्शन से जुड़े डेटा में सामने आया है कि कई बड़े नेता अपने ही क्षेत्रों में अपेक्षित समर्थन हासिल करने में असफल रहे। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य की राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है और हर चुनावी आंकड़ा राजनीतिक विश्लेषण का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। बूथ स्तर के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, कई वरिष्ठ टीएमसी नेताओं ने अपनी सीटें जीतने के बावजूद अधिकांश मतदान केंद्रों पर अपेक्षित वोट शेयर हासिल नहीं किया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कुछ नेताओं को अपने ही घरेलू पोलिंग बूथों पर भी कमजोर प्रदर्शन का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि कुछ नेता मजबूत समर्थन के साथ विजयी भी रहे, लेकिन समग्र तस्वीर मिश्रित परिणामों को दर्शाती है। ASAD UDDIN OWAISI STATEMENT: धार्मिक मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल पर ओवैसी ने उठाए सवाल, UCC, NEET और महंगाई पर सरकारों को घेरा विश्लेषण में यह भी देखा गया कि कई सीटों पर जीत-हार का अंतर केवल कुछ बूथों के प्रदर्शन पर निर्भर रहा। कुछ क्षेत्रों में उम्मीदवारों ने सीमित बूथों पर ही मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि अन्य स्थानों पर वे अपेक्षाकृत कमजोर रहे। इसके बावजूद, कुल वोटों के संतुलन ने कई नेताओं को जीत दिलाई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चुनावी परिणाम केवल बूथ स्तर की संख्या पर निर्भर नहीं करते, बल्कि व्यापक वोट वितरण का भी बड़ा प्रभाव होता है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस तरह के बूथ डेटा से यह समझने में मदद मिलती है कि किसी पार्टी की जमीनी पकड़ कितनी मजबूत है। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्य में बूथ स्तर का प्रदर्शन अक्सर भविष्य की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि पार्टियां अब इन आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण कर अपनी रणनीतियों को पुनर्गठित करने में लगी हुई हैं। GUNA BJP MLA: BJP विधायक का अपनी ही सरकार पर हमला, बोले- दिखावे से नहीं काम से चलेगी सरकार हालांकि, चुनावी परिणाम यह भी दिखाते हैं कि कई सीटों पर स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों की छवि और क्षेत्रीय समीकरणों ने अंतिम नतीजों को प्रभावित किया। कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सीमित बूथों पर मजबूत प्रदर्शन के बावजूद सीट जीत ली, जबकि कुछ अन्य अपेक्षाकृत अधिक बूथों पर बढ़त के बावजूद हार गए। यह स्थिति बताती है कि चुनावी राजनीति में मतदाता व्यवहार काफी जटिल और बहुआयामी होता है। राज्य की राजनीति में यह डेटा आने वाले समय में रणनीतिक बदलावों का संकेत माना जा रहा है। पार्टियां अब बूथ स्तर पर संगठनात्मक मजबूती और स्थानीय संपर्क को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर सकती हैं। फिलहाल यह बूथ-स्तरीय विश्लेषण राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है और इसके आधार पर भविष्य की चुनावी रणनीतियों में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।

डॉन 3’ विवाद में नया ट्विस्ट: सलमान खान की मध्यस्थता की खबर निकली अफवाह, रणवीर-फरहान विवाद पर बड़ा खुलासा

नई दिल्ली । बहुचर्चित फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह फिल्म से जुड़े कलाकारों के बीच मतभेद नहीं बल्कि सलमान खान की कथित मध्यस्थता को लेकर फैली अफवाहें हैं। पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज थी कि सुपरस्टार सलमान खान ने रणवीर सिंह और निर्देशक फरहान अख्तर के बीच चल रहे कथित विवाद को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप किया है, लेकिन अब सामने आई रिपोर्ट्स ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार सलमान खान का इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है और न ही उन्होंने किसी भी स्तर पर रणवीर सिंह या फरहान अख्तर के बीच सुलह कराने की कोई कोशिश की है। इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि यह खबर केवल अटकलों पर आधारित थी और इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। इसके साथ ही ‘डॉन 3’ को लेकर चल रही चर्चाओं में एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल ‘डॉन 3’ की घोषणा वर्ष 2023 में की गई थी, जब रणवीर सिंह को इस प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी का नया चेहरा घोषित किया गया था। घोषणा के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह देखा गया था, लेकिन इसके बाद से प्रोजेक्ट लगातार देरी का सामना कर रहा है। इस देरी के पीछे मुख्य कारणों में शेड्यूलिंग और अन्य फिल्मों की प्रतिबद्धताएं बताई जा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक फरहान अख्तर और निर्माता रितेश सिधवानी की ओर से प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन रणवीर सिंह की पहले से तय फिल्मों की व्यस्तता के कारण शूटिंग शेड्यूल प्रभावित होता रहा। बताया जा रहा है कि उस समय रणवीर सिंह ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स में व्यस्त थे, जिसके चलते ‘डॉन 3’ की शूटिंग शुरू नहीं हो सकी। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि रणवीर सिंह ने बाद में अन्य फिल्मों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया, जिसमें ‘धुरंधर’ जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसी वजह से ‘डॉन 3’ की शुरुआत और भी पीछे खिसक गई। सूत्रों का कहना है कि दिसंबर 2025 में रणवीर सिंह ने निर्माताओं को अपने फैसले से अवगत कराया, जिससे फिल्म की तैयारियों पर असर पड़ा। इस घटनाक्रम के बाद प्रोडक्शन हाउस को कथित तौर पर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है और कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि करोड़ों रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है, जो लोकेशन, प्री-प्रोडक्शन और तकनीकी तैयारियों पर खर्च किया गया था। इस मामले को लेकर इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों तक भी चर्चा पहुंची, हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है। कुल मिलाकर ‘डॉन 3’ फिलहाल अनिश्चितताओं के दौर में है, जहां एक ओर अफवाहों का बाजार गर्म है तो दूसरी ओर फिल्म की वास्तविक स्थिति को लेकर स्पष्टता की कमी बनी हुई है। सलमान खान की कथित एंट्री को लेकर चल रही चर्चाएं अब थम गई हैं, लेकिन फिल्म के भविष्य और इसकी शूटिंग को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं।

तमिल सिनेमा में शोक की लहर, सुपरस्टार अजित कुमार की मां का चेन्नई में निधन

चेन्नई । तमिल सिनेमा के मशहूर अभिनेता अजित कुमार के परिवार पर गहरा दुख टूट पड़ा है, क्योंकि उनकी मां मोहिनी मणि का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। परिवार के लिए यह क्षण बेहद कठिन बताया जा रहा है, और उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री, राजनीतिक जगत और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर फैल गई। बताया जा रहा है कि मोहिनी मणि पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं और उन्होंने शनिवार सुबह चेन्नई में अंतिम सांस ली। सूचना मिलते ही अजित कुमार, जो इस समय दुबई में मौजूद थे, तुरंत चेन्नई लौटने के लिए रवाना हो गए। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार अंतिम संस्कार की तैयारियां चेन्नई के पलवक्कम स्थित आवास पर की जा रही हैं। हालांकि इस दुखद घटना को लेकर अभिनेता या उनकी टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन परिवार में शोक का माहौल गहरा है और करीबी लोग उन्हें सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। यह पहला अवसर नहीं है जब अजित कुमार का परिवार किसी बड़े नुकसान से गुजरा है। इससे पहले वर्ष 2023 में उनके पिता पी. सुब्रमण्यम का भी निधन हो गया था। अब तीन वर्षों के भीतर माता-पिता दोनों के निधन ने परिवार को भावनात्मक रूप से गहरे संकट में डाल दिया है। यह समय उनके लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि दोनों ही माता-पिता लंबे समय से परिवार का मजबूत सहारा रहे थे। मोहिनी मणि के निधन पर फिल्म जगत से लेकर राजनीतिक क्षेत्र तक कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और नेता कमल हासन ने इसे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया और अजित कुमार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अन्य राजनीतिक हस्तियों ने भी इस दुखद समाचार पर शोक जताते हुए परिवार को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की कामना की है। अजित कुमार हाल के समय में अपनी फिल्मों और रेसिंग गतिविधियों को लेकर सक्रिय रहे हैं। वे “विदामुयार्ची” और “गुड बैड अग्ली” जैसी फिल्मों में नजर आए थे और साथ ही अपनी रेसिंग टीम के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स में भी भाग ले रहे थे। लेकिन इस व्यक्तिगत क्षति ने उनके जीवन के इस व्यस्त दौर को अचानक भावनात्मक रूप से प्रभावित कर दिया है।