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रिश्तों की सच्चाई पर्दे के पीछे होती है डेजी शाह को अब भी है पलाश स्मृति के फिर साथ आने की उम्मीद

नई दिल्ली। म्यूजिक कंपोजर से डायरेक्टर बने पलाश मुच्छल और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना की शादी कभी फैंस के लिए किसी सपने से कम नहीं थी लेकिन यह सपना 25 नवंबर 2025 को हकीकत बनने से पहले ही टूट गया। सांगली में होने वाली इस शादी को सेरेमनी से ठीक एक दिन पहले अचानक रद्द कर दिया गया जिसने दोनों के चाहने वालों को हैरान और मायूस कर दिया। शुरुआत में इसकी वजह स्मृति के पिता की खराब तबीयत बताई गई लेकिन धीरे धीरे सोशल मीडिया और खबरों में कई तरह के आरोप प्रत्यारोप सामने आने लगे जिससे मामला और उलझता चला गया। अब इस पूरे विवाद पर बॉलीवुड एक्ट्रेस डेजी शाह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। खास बात यह है कि डेजी शाह जल्द ही पलाश मुच्छल की अगली डायरेक्टोरियल फिल्म में नजर आने वाली हैं ऐसे में उनका बयान और भी अहम माना जा रहा है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान डेजी ने न सिर्फ इस मुद्दे पर खुलकर बात की बल्कि एक संतुलित और परिपक्व सोच भी सामने रखी। डेजी शाह ने बताया कि शादी कैंसिल होने के बाद पलाश सीधे उनसे संपर्क करने में हिचकिचा रहे थे। उन्हें कुछ अनजान लोगों के जरिए फिल्म का ऑफर मिला जो उन्हें थोड़ा असामान्य लगा। डेजी के अनुसार उनकी पलाश की बहन पलक से अच्छी दोस्ती है इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि अगर पलाश सच में उन्हें फिल्म में लेना चाहते तो वह सीधे या परिवार के माध्यम से संपर्क करते। इस अजीब स्थिति को समझने के लिए डेजी ने खुद पहल की और पलाश को मैसेज कर पूरी बात पूछी। इस पर पलाश ने जवाब दिया कि मौजूदा हालात को देखते हुए वह किसी से सीधे बातचीत करने से बच रहे हैं क्योंकि उन्हें डर था कि बात का गलत मतलब निकाला जा सकता है। डेजी ने इस पूरे मामले पर अपनी राय रखते हुए कहा कि वह किसी की निजी जिंदगी के आधार पर उसे जज करने में विश्वास नहीं रखतीं। उनका मानना है कि पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को अलग अलग रखना चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा हमें नहीं पता कि असल में क्या हुआ है। हर सिक्के के दो पहलू होते हैं और हम सिर्फ सुनी सुनाई बातों के आधार पर अपनी राय बना लेते हैं। यह दो परिवारों का निजी मामला है और सच्चाई क्या है यह वही लोग बेहतर जानते हैं। डेजी शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह नजरिया किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं है बल्कि वह निष्पक्ष रहने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान को उसके निजी जीवन की घटनाओं के आधार पर जज करना सही नहीं है खासकर तब जब पूरी सच्चाई सामने न आई हो। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि मीडिया और सोशल मीडिया पर जो बातें सामने आती हैं वे हमेशा पूरी सच्चाई नहीं होतीं। अंत में डेजी ने उम्मीद जताई कि पलाश और स्मृति के बीच चीजें फिर से ठीक हो सकती हैं। उन्होंने कहा वे दोनों बहुत प्यारी जोड़ी हैं और मुझे उम्मीद है कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा और वे फिर से साथ आ सकते हैं। डेजी का यह बयान न केवल उनके संवेदनशील और संतुलित नजरिए को दर्शाता है बल्कि यह भी बताता है कि रिश्तों को समझने के लिए धैर्य और निष्पक्षता कितनी जरूरी होती है।

मिडिल ईस्ट में हवाई संघर्ष तेज, ईरान ने अमेरिका के 16 फाइटर और 10 रीपर ड्रोन किए नष्ट

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब भीषण हवाई युद्ध का रूप ले चुका है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिकी वायुसेना को दुश्मन हमलों के साथ-साथ तकनीकी खराबी और आपसी तालमेल की कमी के कारण भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। ब्लूमबर्ग और सीएनएन की रिपोर्ट्स में बताया गया है कि युद्ध की शुरुआत से अब तक अमेरिका के कम से कम 16 सैन्य विमान नष्ट हो चुके हैं, जिनमें महंगे ड्रोन और रिफ्यूलिंग टैंकर शामिल हैं। इस दौरान 10 MQ-9 रीपर ड्रोन भी तबाह हो चुके हैं। इनमें से 9 को ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया, जबकि एक ड्रोन जॉर्डन के एयरफील्ड पर मिसाइल हमले की चपेट में आया और दो तकनीकी कारणों से नष्ट हुए। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ये मानव रहित ड्रोन जानबूझकर उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में भेजे जाते हैं ताकि नुकसान न्यूनतम रहे। रिपोर्ट में तकनीकी खराबी और गलतियों के कारण हुए नुकसान पर भी ध्यान दिया गया है। एक ऑपरेशन के दौरान KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर के दुर्घटनाग्रस्त होने से चालक दल के सभी 6 सदस्यों की मौत हुई। वहीं, कुवैत में अपनी ही सेना की गलत पहचान के चलते तीन अमेरिकी F-15 फाइटर मार गिराए गए। इसी बीच सऊदी अरब के बेस पर ईरानी मिसाइल हमले में पांच KC-135 विमान क्षतिग्रस्त हुए। आम तौर पर अमेरिकी वायुसेना युद्ध में एयर सुपीरियरिटी हासिल कर लेती है, लेकिन ईरान के खिलाफ यह चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। अधिकारियों ने माना है कि अमेरिका केवल स्थानीय स्तर पर हवाई हमलों में दक्ष है, पूरे ईरानी आकाश पर उनका कब्जा नहीं है। हाल ही में एक F-35 फाइटर जेट को ईरानी गोलाबारी के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी; पायलट सुरक्षित बच गए। ईरान ने अपने ‘साउथ पार्स’ गैस फील्ड पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए कतर और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों को सुरक्षित करना अमेरिका के लिए चुनौती बना हुआ है, क्योंकि ईरान का सक्रिय एयर डिफेंस सिस्टम लगातार खतरा पैदा कर रहा है।

OTT Release: 20 मार्च के दिन ओटीटी पर रिलीज हुईं 10 नई फिल्में और सीरीज, ये रही पूरी लिस्ट

नई दिल्ली। धुरंधर 2’ देख ली? अब घर पर बैठकर कुछ अलग और हटकर देखना चाहते हैं? बढ़िया! आपके लिए 20 मार्च के दिन ओटीटी पर कई सारी फिल्में और सीरीज रिलीज हुई हैं। चलिए हम आपको इन फिल्मों और सीरीज के बारे में बताते हैं। इनके बारे में पढ़िए, फिर अपने टेस्ट के हिसाब से फिल्म या सीरीज चुनिए और अपने वीकेंड का मजा दोगुना कर दीजिए। बॉर्डर 2सनी देओल, वरुण धवन और अहान शेट्टी की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के बाद अब ओटीटी पर दस्तक दी है। ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो इसने भारतीय बॉक्स ऑफिस से 329.42 करोड़ रुपये की कमाई की है। वहीं वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस से 450.18 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। चिरैयाजियोहॉटस्टार पर रिलीज हुई ‘चिरैया’ एक ऐसी फिल्म है जो सीधे दिल को छूती है। ये कहानी किसी बड़े एक्शन या धमाके की नहीं, बल्कि हमारे समाज की उन चिरैयों (बेटियों) की है जो पिंजरे को तोड़कर उड़ने का सपना देखती हैं। इस फिल्म में दिव्या दत्ता ने लीड रोल प्ले किया है। वलवारा‘वलवारा’ एक ऐसी फिल्म है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देती है कि सुख और सुविधाओं से दूर, भारत के गांवों में आज भी जीवन कितना संघर्षपूर्ण हो सकता है। आप इस फिल्म को Sun NXT या ओटीटी प्ले प्रीमियम पर देख सकते हैं। सीथा पयनम‘सीथा पयनम’ सिर्फ एक रोमांटिक फिल्म नहीं है, बल्कि यह जीवन के प्रति हमारे नजरिए को बदलने वाली फिल्म है। यह सिखाती है कि कभी-कभी किसी काम में देरी होना भी हमारे लिए वरदान साबित हो सकता है। आप इस फिल्म को Sun NXT या ओटीटी प्ले प्रीमियम पर देख सकते हैं। पीकी ब्लाइंडर्स: द इम्मोर्टल मैनस्टीवन नाइट की इस मास्टरपीस फिल्म में दिखाया जाता है कि थॉमस शेल्बी (सिलियन मर्फी) अब गैंगस्टर नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा इंसान बन गया है जो शांति की तलाश में रिटायर हो चुका है। लेकिन 1940 का दौर और वर्ल्ड वॉर 2 की आग उसे चैन से बैठने नहीं देती। आप इस फिल्म को नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं। कासरगोड एम्बेसी‘कासरगोड एम्बेसी’ साउथ की क्राइम थ्रिलर सीरीज है। इसके जी5 पर सात एपिसोड रिलीज हुए हैं। यह सीरीज 2000 के दशक के आखिर में केरल के उत्तरी जिलों में सक्रिय एक विशाल नकली पासपोर्ट रैकेट की खतरनाक और काली दुनिया को उजागर करती है। जटाधारा‘जटाधारा’ एक्शन-थ्रिलर फिल्म है। जी5 की इस फिल्म में सुधीर बाबू और सोनाक्षी सिन्हा हैं। यह फिल्म एक धन के राक्षस की कहानी बताती है। इसके साथ ही, आस्था और तर्क के बीच के टकराव को दर्शाती है। डेडलोक सीजन 2‘डेडलोक सीजन 2’ अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है। इसके कुल 6 एपिसोड्स हैं। हर हफ्ता नया एपिसोड आएगा। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इसका आखिरी एपिसोड 17 अप्रैल के दिन रिलीज हाेगा। बता दें, इस बार मामला तस्मानिया की ठंड से निकलकर ऑस्ट्रेलिया के तपते हुए नॉर्दर्न टेरिटरी पहुंच गया है। डेड ऑफ विंटर‘डेड ऑफ विंटर’ साल की सबसे चर्चित हॉरर/थ्रिलर फिल्मों में से एक है। फिल्म की कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बर्फीले तूफान के दौरान एक दूरदराज के इलाके में फंस जाते हैं। इस दौरान उन्हें सिर्फ ठंड से ही नहीं लड़ना है, बल्कि अंधेरे में छिपे किसी अनजान खतरे से भी बचना पड़ता है। आप इस फिल्म को लायंसगेट प्ले पर देख सकते हैं।

बड़ी फ्लॉप के बावजूद अक्षय कुमार की फिल्म बनी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर

नई दिल्ली।  अक्षय कुमार ने अपने करियर में कई हिट और कुछ फ्लॉप फिल्में भी दी हैं। आज हम आपको अक्षय की एक ऐसी फिल्म के बारे में बताने वाले हैं जो फ्लॉप थी। हालांकि फ्लॉप होने के बाद भी इस फिल्म ने एक रिकॉर्ड अपने नाम किया था। वो भी कोई आम रिकॉर्ड नहीं बल्कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। किस फिल्म ने फ्लॉप होकर बनाया रिकॉर्डजिस फिल्म की हम बात कर रहे हैं वो है बॉस। बॉस फिल्म में अक्षय के साथ मिथुन चक्रवर्ती, शिव पंडित, रोनित रॉय और असिन लीड रोल में थे। फिल्म फ्लॉप हुई थी बॉक्स ऑफिस पर। किसने बनाया पोस्टरअब रिकॉर्ड की बात करें तो इस फिल्म से अक्षय का एक पोस्टर बना गया था। अक्षय के फैन क्लब टीम ने स्पेशल पोस्टर बनाया था बॉस का जो दुनिया का सबसे बड़ा पोस्टर था। इस पोस्टर को बनाने में 4 महीने लग गए थे।अ किसको पछाड़ा थाइससे पहले जो सबसे बड़ा पोस्टर था वो था लिटल ग्रांसडेन एयरफिल्ड, लिटल ग्रांसडेन, यूके का जो अक्टूबर 2013 में आया था। माक्रो आर्ट्स ने पोस्टर को मैन्यूफैक्चर किया था। यह वही कंपनी है जिसने माइकल जैक्सन का पोस्टर भी बनाया था। कितना लंबा और चौड़ा था पोस्टरबॉस के पोस्टर की बात करें तो ये 58.87 मीटर चौड़ा और 54.94 मीटर लंबा था। जब गिनीज के ऑफिशियल्स आए तब उन्होंने पोस्टर को नापा और फिर पता चला इस पोस्टर ने माइकल जैक्सन के पोस्टर को 15-20 पर्सेंट के मार्जन से पछाड़ा था। भूत बंगला में आएंगे नजरफिलहाल अक्षय की फिल्मों की बात करें तो वह अब भूत बंगला मूवी में नजर आने वाले हैं। यह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है जिसमें अक्षय के साथ परेश रावल, तब्बू, वामिका गब्बी और राजपाल यादव लीड रोल में हैं। इस फिल्म के जरिए अक्षय, फिल्ममेकर प्रियदर्शन के साथ 14 साल बाद नजर आ रहे हैं। अक्षय की अपकमिंग फिल्मेंइसके अलावा अक्षय की कई फिल्में रिलीज होंगी जिसमें वेलकम टू द जंगल, हेरा फेरी 3 और हैवान हैं। वेलकम टू द जंगल में अक्षय के साथ सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, रवीना टंडन, दिशा पाटनी समेत कई सेलेब्स हैं। वहीं हेरा फेरी 3 में वह सुनील शेट्टी और परेश रावल के साथ दिखेंगे। हैवान में सैफ और अक्षय कुमार लीड रोल में हैं। वहीं हाल ही में यह भी खबर आई कि अक्षय, गोलमाल 5 में भी नजर आएंगे। इस फिल्म में हालांकि वह विलन का किरदार निभाएंगे। वैसे हैवान में भी अक्षय का नेगेटिव ही किरदार है।

सोशल मीडिया के बिना भी खुशी, फिनलैंड लगातार नौवीं बार बना दुनिया का सबसे खुशहाल देश

नई दिल्ली। दुनिया भर में युवा सोशल मीडिया के बिना भी अधिक खुश और संतुष्ट महसूस कर रहे हैं। डिजिटल दुनिया के शोर और स्क्रीन टाइम से दूरी बनाने वाले 25 वर्ष से कम उम्र के युवा उन लोगों की तुलना में बेहतर जीवन स्तर का अनुभव कर रहे हैं जो घंटों सोशल मीडिया पर समय बिताते हैं।ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वेलबीइंग रिसर्च सेंटर की विश्व खुशहाली रिपोर्ट-2026 में बताया गया है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं की खुशहाली पर नकारात्मक असर डाल रहा है। अमेरिका और यूरोप के कॉलेज छात्र अब निजी तौर पर मानने लगे हैं कि वे सोशल मीडिया के बिना भी अधिक शांत और संतुलित जीवन जी सकते हैं जबकि कई इसे केवल सामाजिक मजबूरी के कारण उपयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट में फिनलैंड लगातार नौवें वर्ष दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना। 147 देशों की रैंकिंग में भारत 116वें स्थान पर है जो 2025 की 118वीं रैंक से दो पायदान ऊपर है। विशेषज्ञ क्या कहते हैं विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में भी डिजिटल खपत और सामाजिक संबंधों के बीच असंतुलन युवाओं की खुशहाली को प्रभावित कर रहा है। जिन देशों में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध या सीमित उपयोग है वहां के युवा मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ और संतुष्ट हैं क्योंकि वे परिवार दोस्त और शारीरिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे पाते हैं। डिजिटल दुनिया से युवाओं का मोहभंग अमेरिका और अन्य देशों के कॉलेज छात्रों में सोशल मीडिया से दूरी बनाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। कई छात्र महसूस करते हैं कि वे इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल केवल सामाजिक दबाव के चलते कर रहे हैं और वे ऐसी दुनिया को प्राथमिकता देंगे जहां सोशल मीडिया की आवश्यकता ही न हो। अमेरिका कनाडा में गिरावट आइसलैंड डेनमार्क स्वीडन और नॉर्वे जैसे नॉर्डिक देश शीर्ष-10 में शामिल रहे। वहीं अमेरिका कनाडा ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के जीवन मूल्यांकन में पिछले एक दशक में गिरावट आई है। यह अध्ययन 140 देशों के लगभग 1 लाख लोगों के उत्तरों पर आधारित है। खुशहाली केवल आर्थिक समृद्धि नहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि खुशहाली सिर्फ आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं करती। नॉर्डिक देशों की सफलता के पीछे मजबूत कल्याणकारी प्रणाली समानता और लंबी जीवन प्रत्याशा है। इसके विपरीत अफगानिस्तान सिएरा लियोन और मलावी जैसे देश सूची में सबसे नीचे हैं। फिनलैंड और कोस्टा रिका का मॉडल फिनलैंड (1) और कोस्टा रिका (4) में लोग तकनीक से ज्यादा सामाजिक समानता प्रकृति और आपसी सहयोग को महत्व देते हैं। ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर जान-इमैनुअल डी नेवे के अनुसार यह उनके सामाजिक जीवन की गुणवत्ता और स्थिरता के कारण है जो उन्हें खुशहाल बनाती है।

ईरान इजरायल तनाव से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 7,000+ अंक लुढ़का, ₹37 लाख करोड़ निवेशकों के डूबे

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इजरायल तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के चलते बाजार में लगातार गिरावट का माहौल बना हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और बाजार में डर और अस्थिरता बढ़ गई है। 27 फरवरी से 19 मार्च के बीच सेंसेक्स करीब 7,080 अंक गिरकर 81,287 से 74,207 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी में भी लगभग 2,176 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और बाजार में घबराहट देखने को मिली।₹37 लाख करोड़ का नुकसान मिडिल ईस्ट संकट शुरू होने के बाद से निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट आई है। कुल मिलाकर करीब ₹37 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। सिर्फ एक दिन, गुरुवार को ही लगभग ₹12.87 लाख करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक माना जा रहा है। महंगा कच्चा तेल बना मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतें 110 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। कंपनियों की लागत बढ़ने से उनके मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर दिख रहा है। वैश्विक बाजार भी दबाव में इस संकट का असर केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी जा रही है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारतीय बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है। केंद्रीय बैंकों का सख्त रुख अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 3.5%–3.75% पर स्थिर रखी हैं और संकेत दिया है कि महंगाई कम होने तक राहत की उम्मीद नहीं है। बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे बाजार में लिक्विडिटी को लेकर चिंता बनी हुई है। 20 दिनों में करीब 9% की गिरावट पिछले 20 दिनों में सेंसेक्स करीब 8.71% और निफ्टी लगभग 8.65% तक गिर चुके हैं। ब्रोकरेज फर्म नोमूरा के अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो वित्त वर्ष 2027 में कंपनियों की कमाई 10–15% तक घट सकती है। कमजोर शुरुआत का रिकॉर्ड साल 2026 की शुरुआत भी शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रही है। 1 जनवरी से 16 मार्च के बीच सेंसेक्स 11.4% तक गिर चुका है। पिछले 47 वर्षों में यह पांचवीं सबसे खराब शुरुआत मानी जा रही है। इससे पहले 2020 कोरोना संकट और 2008 वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान इससे बड़ी गिरावट देखी गई थी। युद्ध जैसे हालात, महंगा कच्चा तेल और सख्त मौद्रिक नीतियों के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

IPL के 7 सितारे जो जीत में सबसे ज्यादा रन योगदान देते हैं, विराट कोहली भी सूची में शामिल

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का आगाज होने वाला है, इससे पहले हम आपके लिए लगातार कुछ रोचक फैक्टस और रिकॉर्ड्स की लिस्ट लेते आ रहे हैं। इस कड़ी में आज हम उन खिलाड़ियों की लिस्ट लेकर आए हैं जिन्होंने टीम की जीत में सबसे ज्यादा प्रतिशत रन बनाए हैं। इस लिस्ट में हैरान कर देने वाली बात यह है कि विराट कोहली के ऊपर 7 नाम है। जी हां, विराट कोहली आईपीएल के इतिहास में सबसे अधिक 8661 रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, उनके अलावा आज तक कोई खिलाड़ी 8000 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। लिस्ट में दूसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम इस रंगारंग लीग में 7046 रन दर्ज है। टीम की जीत में सबसे ज्यादा प्रतिशत रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में हमने उन खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया है, जिन्होंने अपने आईपीएल करियर में कम से कम 5000 रन बनाए हो। तो ऐसे में 9 खिलाड़ियों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है और विराट कोहली यहां 8वें पायदान पर हैं। टीम की जीत में सबसे ज्यादा प्रतिशत रन बनाने का रिकॉर्ड हिटमैन रोहित शर्मा के नाम है। रोहित ने 7046 रनों में से सबसे अधिक 60.7 प्रतिशत रन अपनी टीम की जीत में बनाए हैं। रोहित मुंबई इंडियंस से पहले डेक्कन चार्जर्स के लिए खेलते थे। वहीं शिखर धवन 58.3 प्रतिशत रनों के साथ दूसरे पायदान पर हैं। धवन ने अपने करियर में 6769 रन बनाए, जिसमें से 58.3 प्रतिशत रन टीम की जीत में आए। विराट कोहली से आगे इस लिस्ट में एमएस धोनी, सुरेश रैना, एबी डी विलियर्स जैसे खिलाड़ी हैं। कोहली से पीछे इस लिस्ट में एकमात्र खिलाड़ी केएल राहुल हैं, जो फिलहाल दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा हैं। केएल राहुल ने अपने आईपीएल करियर में 5222 रन बनाए हैं, जिसमें से टीम की जीत में 50.6 प्रतिशत रन आए हैं। IPL में सबसे ज्यादा रन (जीते हुए मैचों में रनों का प्रतिशत)8661 – विराट कोहली (55.3%) 7046 – रोहित शर्मा (60.7%) 6769 – शिखर धवन (58.3%) 6565 – डेविड वॉर्नर (56.5%) 5528 – सुरेश रैना (64.4%) 5439 – एमएस धोनी (56.1%) 5222 – केएल राहुल (50.6%) 5162 – एबी डी विलियर्स (57.5%) 5032 – अजिंक्य रहाणे (55.6%)

नवरात्र में पीली सरसों के उपाय: कर्ज से मिलेगी राहत, होगा धन लाभ और परेशानियों से पाएं छुटकारा

नई दिल्ली। मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व नवरात्र 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान की गई पूजा-अर्चना से देवी दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही यह समय जीवन की विभिन्न समस्याओं से राहत पाने के लिए भी शुभ माना जाता है। आर्थिक तंगी, बीमारियों और कर्ज जैसी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए नवरात्र में पीली सरसों से जुड़े कुछ उपाय किए जा सकते हैं। ज्योतिष और लाल किताब में पीली सरसों के कई प्रभावी उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को अधिक फलदायी बनाने के लिए इन्हें नवरात्र समाप्त होने से पहले, यानी 27 मार्च 2026 तक कर लेना बेहतर माना गया है। पीली सरसों के खास उपायघर की नकारात्मकता दूर करने के लिए यदि घर में तनाव, कलह या आर्थिक परेशानी बनी रहती है, तो नवरात्र के दौरान थोड़ी पीली सरसों को लाल कपड़े में बांधकर पोटली बना लें और उसे मुख्य द्वार पर टांग दें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती। आर्थिक समस्याओं से राहत के लिए अगर मेहनत के बावजूद धन की वृद्धि नहीं हो रही है, तो रात के समय एक मुट्ठी पीली सरसों को सिर से सात बार उतारकर किसी सुनसान चौराहे या बहते जल में प्रवाहित कर दें। इससे धन प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर होने की मान्यता है। कर्ज मुक्ति के लिए उपाय कर्ज से परेशान लोगों को नवरात्र में पीली सरसों को लाल कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रखनी चाहिए। इसके साथ मां लक्ष्मी से प्रार्थना करने से लाभ मिलने की मान्यता है। पूजा का पूर्ण फल पाने के लिए नवरात्र की पूजा के दौरान एक चांदी की कटोरी में पीली सरसों रखकर उसे माता के चरणों में अर्पित करें। ऐसा करने से साधना पूर्ण मानी जाती है और देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नौकरी और व्यापार में तरक्की के लिए यदि नौकरी या व्यापार में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, तो नवरात्र या मंगलवार और रविवार के दिन पीली सरसों को सिर से सात बार उतारकर घर के बाहर दक्षिण दिशा में या चौराहे पर डाल दें। इससे करियर में आ रही बाधाएं दूर होने की मान्यता है। इन उपायों को करते समय मन में श्रद्धा रखना जरूरी है और ॐ दुं दुर्गायै नमः मंत्र का जाप करते रहना चाहिए। इससे उपायों का प्रभाव और बढ़ जाता है। डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय आधार पर दी गई है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं

बांग्लादेश से यूनुस के जाते ही सुधरने लगे रिश्ते…. अगले महीने भारत आएंगे विदेश मंत्री रहमान

नई दिल्ली। बांग्लादेश (Bangladesh) में मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का शासन खत्म होने ही भारत बांग्लादेश (India-Bangladesh) के रिश्ते पटरी पर लौटने लगे हैं। इसकी शुरुआत बांग्लादेश के विदेश मंत्री (Foreign Minister) की भारत यात्रा से हो सकती है। मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान (Foreign Minister Khalilur Rahman) अगले महीने भारतीय राजधानी की एक संक्षिप्त यात्रा पर आ सकते हैं। यह इसीलिए अहम है क्योंकि ढाका में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद बांग्लादेशी विदेश मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा होगी। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों ही देश संबंधों में आए भारी तनाव के बाद रिश्तों को दोबारा मजबूत बनाने की कोशिशें कर रही हैं। सूत्रों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि रहमान 8 अप्रैल को मॉरीशस में होने वाले हिंद महासागर सम्मेलन में जाते समय नई दिल्ली में रुक सकते हैं। दिलचस्प बात यह भी है कि रहमान यूनुस सरकार का भी हिस्सा रह चुके हैं और वे तब पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Prime Minister Tariq Rahman) के मंत्रिमंडल में उनका नाम काफी चौंकाने वाला कदम था। इससे पहले भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने पिछले महीने ढाका में रहमान से मुलाकात की थी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से उन्हें जल्द से जल्द भारत आने का निमंत्रण दिया था। हालांकि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा के बारे में ढाका की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों का मानना है कि इस बात की संभावना कम है कि तारिक रहमान पहले दौरे पर भारत या चीन जाएंगे। इसकी वजह यह है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार ने यह संकेत दिए हैं कि उसकी विदेश नीति किसी भी क्षेत्रीय शक्ति के पक्ष में नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेशी प्रधानमंत्री भूटान या मालदीव की यात्रा कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया, “प्रधानमंत्री रहमान इस क्षेत्र के भीतर मजबूत संबंध बनाना चाहते हैं और उन क्षेत्रीय नेताओं के प्रति अपना आभार भी व्यक्त करना चाहते हैं जो उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे।”

पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस से भी LPG खरीदेगा भारत… सरकार ने दिए संकेत

नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-US war) के बीच पूरी दुनिया में कच्चे तेल (Crude Oil) का संकट पैदा होने लगा है। एलपीजी (LPG) की भी दिक्कतें आने लगी हैं। इस बीच, एलपीजी को लेकर भारत सरकार (Government of India) ने गुरुवार को बड़े संकेत दिए हैं। विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा गया कि क्या भारत रूस से एलपीजी खरीद रहा है, इस पर सरकार ने कहा कि अगर रूस में उपलब्ध होगी, तो वहां से खरीदी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि क्या हम रूस से एलपीजी खरीद रहे हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया, ”एलपीजी हम सभी जगह से खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जहां वह उपलब्ध है। अगर उसमें रूस भी होगा, तो वहां भी जाएंगे, क्योंकि स्थिति अभी इस प्रकार की है। हमें सुनिश्चित करना है कि हमारे लोगों का ईंधन की जरूरतें हैं, वह पूरा हो। कई देश हैं, जहां से एलपीजी खरीद रहे हैं। अभी इन देशों का ब्योरा नहीं है, यह सब पेट्रोलियम मंत्रालय ज्यादा जानकारी देगा, लेकिन हम चाहते हैं कि विकल्प हमारे पास कई हों।” ‘तेल और गैस के कुंओं तथा रिफाइनरियों पर हमले चिंताजनक’भारत ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस के कुंओं तथा तेल रिफाइनरियों पर हमलों को अत्यंत चिंताजनक बताया है। सरकार ने कहा है कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता और हमले तुरंत रोके जाने चाहिए। पिछले कुछ दिनों में ईरान-अमेरिका जंग और भीषण हुई है। ईरान ने कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों के कई तेल कुओं और रिफाइनरियों को निशाना बनाया है। अमेरिका-इजरायल ने भी ईरानी तेल सुविधाओं पर हमले किए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना पर हुए हमलों के संबंध में मीडिया के प्रश्नों के उत्तर में गुरुवार को कहा कि भारत ने यह संघर्ष शुरू होने पर ही कहा था कि नागरिक और ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा ,” भारत ने पहले ही पूरे क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना सहित नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया था। इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हालिया हमले अत्यंत चिंताजनक हैं और ये पूरे विश्व के पहले से ही अनिश्चित ऊर्जा परिदृश्य को और अस्थिर करते हैं। ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए।”