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आर्यिका माताजी हादसे पर दतिया में आक्रोश: जैन समाज का मौन जुलूस, SIT जांच और संत सुरक्षा नीति की मांग

मध्य प्रदेश । रीवा में सड़क हादसे में जैन आर्यिका माताजी की मृत्यु को लेकर प्रदेशभर में जैन समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को दतिया में भी जैन समाज ने शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की। श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध समिति और समस्त जैन समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन एसपी कार्यालय पहुंचे। यहां एएसपी सुनील कुमार शिवहरे को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान समाज ने स्पष्ट कहा कि यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं मानी जा सकती और इसकी गहराई से जांच आवश्यक है। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि मामले की SIT अथवा न्यायिक जांच कराई जाए, साथ ही घटना स्थल के आसपास के सभी CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। समाज ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई की भी मांग की। मौन जुलूस के दौरान समाजजनों ने कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। ऐसे में उनके साथ होने वाली घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। समाज ने विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई, जिसमें ट्रैफिक नियंत्रण, हाईवे पर चेतावनी संकेतक, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और प्रशासनिक समन्वय शामिल है। इसके अलावा एक “संत सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन सेल” बनाने की भी मांग की गई। सबसे प्रमुख मांग के रूप में जैन समाज ने केंद्र सरकार से “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की अपील की है, ताकि पैदल विहार करने वाले संतों की सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट SOP तैयार किया जा सके। समाज का कहना है कि संतों के खिलाफ होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाना चाहिए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और समाजजनों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

AI से हार्ट अटैक की पहले से चेतावनी संभव? हॉन्ग कॉन्ग रिसर्चर्स का दावा, एक ब्लड टेस्ट से 15 साल पहले जोखिम का अंदाजा

नई दिल्ली। हॉन्ग कॉन्ग यूनिवर्सिटी के LKS फैकल्टी ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने एक नया AI आधारित टूल विकसित किया है, जिसका नाम ‘CardioMicscore’ रखा गया है। दावा है कि यह सिस्टम सिर्फ एक ब्लड टेस्ट के आधार पर भविष्य में होने वाली दिल की बीमारियों का जोखिम काफी पहले, यहां तक कि लगभग 15 साल तक पहले पहचान सकता है। शोध के अनुसार, यह टूल शरीर में होने वाले शुरुआती मॉलिक्यूलर बदलावों को पकड़ने की क्षमता रखता है, जो सामान्य लक्षणों जैसे छाती में दर्द या सांस फूलने से बहुत पहले शुरू हो जाते हैं। इस AI मॉडल को तैयार करने के लिए शोधकर्ताओं ने डीप लर्निंग तकनीक और मल्टीओमिक्स डेटा (जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स और मेटाबोलोमिक्स) का उपयोग किया है। स्टडी में यूके बायोबैंक के बड़े पैमाने के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें हजारों ब्लड प्रोटीन और मेटाबोलाइट्स शामिल थे, जो दिल की सेहत से जुड़े संकेत दिखाते हैं। शोध के मुताबिक यह सिस्टम कोरोनरी आर्टरी डिजीज, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, एट्रियल फिब्रिलेशन और अन्य कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के जोखिम का अनुमान लगाने में मदद कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह तकनीक अभी रिसर्च और वैलिडेशन के स्तर पर है और इसे आम मरीजों के लिए क्लिनिकल उपयोग में लाने से पहले और परीक्षणों की जरूरत होगी। अगर यह तकनीक सफल होती है, तो भविष्य में हार्ट डिजीज की शुरुआती पहचान और रोकथाम के तरीके पूरी तरह बदल सकते हैं।

यूपी से दतिया तक का अनोखा सफर: कलेक्टर से मिलने की जिद में बिगड़ी तबीयत

मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के दतिया में सोमवार को एक अनोखा मामला सामने आया, जहां उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से आया एक युवक अपनी गर्लफ्रेंड की जिद पूरी करने के चक्कर में कलेक्ट्रेट परिसर में बेहोश हो गया। युवक का कहना है कि उसे सोशल मीडिया पर चर्चित दतिया कलेक्टर से मिलकर दिखाने की चुनौती दी गई थी। 26 वर्षीय राजकुमार गुप्ता, जो पेशे से टैक्सी ड्राइवर है, अपनी गर्लफ्रेंड की शर्त पूरी करने के लिए यूपी से दतिया पहुंचा था। उसने बताया कि गर्लफ्रेंड ने कहा था कि अगर वह उसे सच में चाहता है तो दतिया जाकर कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े से मिलकर दिखाए। इसी चुनौती को पूरा करने के लिए वह ट्रेन और बस से यात्रा करते हुए दतिया पहुंचा। राजकुमार शुक्रवार को झांसी होते हुए दतिया पहुंचा और एक होटल में रुका। शनिवार को वह पहली बार कलेक्ट्रेट पहुंचा, लेकिन उस दिन अवकाश होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। रविवार को भी वह होटल में ही रुका रहा। सोमवार को जब वह दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचा, तो भीषण गर्मी और लगातार थकान के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। गर्मी में पानी पीते समय उसे अचानक सीने में दर्द हुआ और वह कलेक्ट्रेट परिसर में बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। युवक ने बताया कि इस पूरी यात्रा में उसके पैसे भी खत्म हो गए और होटल का किराया देने तक की स्थिति नहीं बची। उसने अपने परिचितों से मदद मांगी है। इस बीच दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें युवक की जानकारी मिली है और वे जल्द ही उससे मुलाकात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवक की तबीयत ठीक नहीं होती है तो वे स्वयं अस्पताल जाकर उससे मिलेंगे।

मुरैना में भीषण गर्मी का कहर: 45 डिग्री तापमान में ट्रांसफार्मर में लगी आग, धूल डालकर बुझाई गई लपटें

मध्य प्रदेश । मुरैना शहर में सोमवार सुबह भीषण गर्मी के बीच बड़ा हादसा हो गया। गोपीनाथ की पुलिया क्षेत्र में करीब 11:30 बजे एक बिजली ट्रांसफार्मर में अचानक आग भड़क उठी। उस समय जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रांसफार्मर से अचानक तेज लपटें उठती देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर तक स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही। हालांकि, आग थोड़ी कम होने पर स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए धूल और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया। बिजली विभाग के जानकारों का कहना है कि इन दिनों भीषण गर्मी के साथ-साथ बिजली की मांग भी काफी बढ़ गई है, जिससे ट्रांसफार्मरों पर अत्यधिक लोड पड़ रहा है। इसी ओवरलोड और तेज गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आई और उसमें आग लग गई। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई, जिससे स्थानीय लोग भीषण गर्मी में परेशान हैं। कई घरों और दुकानों में बिजली न होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बिजली विभाग के एसई सुरेश कुमार ने बताया कि गर्मी और ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर में आग लगने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को देखते हुए बिजली सप्लाई रोकी गई है और मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल इलाके में बिजली संकट के कारण लोग गर्मी से बेहाल हैं और राहत का इंतजार कर रहे हैं।

घर की वायरिंग में आग का खतरा क्यों बढ़ता है? जानिए बड़ी टेक्निकल गलतियां जो बनती हैं वजह

नई दिल्ली। घरों में एसी, गीजर, फ्रिज और अन्य हाई-पावर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ गई है। ऐसे में अगर वायरिंग पुरानी या कमजोर हो, तो ओवरलोड की वजह से गर्म होकर बड़ी दुर्घटना का खतरा पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी वायर पर उसकी क्षमता से ज्यादा लोड पड़ता है तो वह धीरे-धीरे गर्म होने लगती है। लगातार गर्मी बढ़ने से तार की इंसुलेशन (बाहरी परत) पिघल सकती है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने की संभावना बढ़ जाती है। सबसे बड़ी समस्या तब होती है जब घरों में घटिया क्वालिटी की लोकल वायरिंग या सस्ता इलेक्ट्रिकल सामान लगाया जाता है। ऐसे वायर जल्दी गर्म होते हैं और इनमें स्पार्किंग की समस्या भी देखने को मिलती है। इसके अलावा पुरानी वायरिंग, गलत लोड मैनेजमेंट और समय-समय पर मेंटेनेंस न कराना भी आग लगने के प्रमुख कारण माने जाते हैं। कई बार दीवारों के अंदर खराब हो रही वायरिंग का पता भी नहीं चलता और यही आगे चलकर बड़ा खतरा बन जाती है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर की वायरिंग की समय-समय पर जांच कराना और जरूरत पड़ने पर उसे अपग्रेड करना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

Redmi के 5G स्मार्टफोन हुए महंगे, कीमतों में 2,000 रुपये तक की बढ़ोतरी; मिड-रेंज सेगमेंट पर असर

नई दिल्ली। अगर आप नया 5G स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके बजट पर असर डाल सकती है। Xiaomi ने अपने दो पॉपुलर मिड-रेंज स्मार्टफोन Redmi 15 5G और Redmi Note 15 5G की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। जानकारी के अनुसार, दोनों ही मॉडलों के सभी वेरिएंट्स की कीमतों में करीब 2,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है, जो आज से लागू हो चुकी है। नई कीमतों के बाद Redmi 15 5G का बेस वेरिएंट अब पहले से महंगा हो गया है, जबकि Redmi Note 15 5G के टॉप वेरिएंट्स की कीमत भी बढ़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बदलाव Xiaomi के एक इंटरनल डॉक्यूमेंट में सामने आया है, जो डीलर्स और ऑफलाइन पार्टनर्स को भेजा गया है। माना जा रहा है कि यह फैसला बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट और ग्लोबल मार्केट में RAM व मेमोरी चिप्स की कमी के चलते लिया गया है। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर्स की बढ़ती डिमांड के कारण मेमोरी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है, जिसका असर अब स्मार्टफोन की कीमतों पर भी पड़ रहा है। फिलहाल इस बढ़ोतरी के बाद मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और ज्यादा कड़ी होने की संभावना है, और आने वाले समय में अन्य ब्रांड्स भी कीमतों में बदलाव कर सकते हैं।

भिंड में BSP नेता पर FIR: सीवेज पाइप तोड़ने और धमकी देने का आरोप, राजनीतिक विवाद भी गरमाया

मध्य प्रदेश । भिंड जिले के गौरी तालाब क्षेत्र में निर्माणाधीन सीवेज पाइप लाइन को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। कोतवाली थाना पुलिस ने बीएसपी नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर सीवेज पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाने, गाली-गलौज करने और कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, रविवार देर शाम रक्षपाल कुशवाह अपने कुछ समर्थकों के साथ गौरी तालाब क्षेत्र में पहुंचे, जहां लंबे समय से निर्माणाधीन सीवेज लाइन का कार्य चल रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अधूरे कार्य और सड़क पर खोदे गए गड्ढों को लेकर क्षेत्र में पहले से ही असंतोष था। इसी दौरान विवाद की स्थिति बन गई और आरोप है कि नेता ने मौके पर सीवेज पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाया तथा कर्मचारियों को धमकाया। लगभग 20 से 30 मिनट तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसके बाद मामला कोतवाली थाने पहुंचा। सीवेज कार्य से जुड़े कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि रक्षपाल सिंह कुशवाह पर इससे पहले भी बरेठा टोल प्लाजा आंदोलन के दौरान सीसीटीवी कैमरा तोड़ने का आरोप लग चुका है। उस मामले में भी उनके खिलाफ महाराजपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया है। वहीं दूसरी ओर बीएसपी नेता रक्षपाल कुशवाह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और यह कार्रवाई एक जनप्रतिनिधि से चल रहे राजनीतिक मतभेदों के कारण कराई गई है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की आगे जांच कर रही है। घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है।

संतों संग दिखे विधायक-पूर्व विधायक, जैन समाज के स्वागत कार्यक्रम में भारी भीड़

मध्य प्रदेश । भिंड में सोमवार सुबह धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज सहित 25 जैन मुनियों का शहर में आगमन हुआ। उमरी स्थित महावीर स्वामी तीर्थ स्थल के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे संतों के स्वागत के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सड़कों पर उमड़ पड़ी। जैन मुनियों का विहार मानपुरा से शुरू होकर अटेर रोड के रास्ते भिंड शहर में प्रवेश हुआ। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए और “जयकारों” से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शहर के विभिन्न स्थानों पर फूलों की वर्षा की गई और रंगोलियों से मार्ग सजाया गया, जिससे पूरा शहर आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। लहार चुंगी क्षेत्र में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने जैन संतों का स्वागत किया और अपने निवास पर चरण पखारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय के पास पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने भी संतों की सेवा-पूजन कर सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान एक भावनात्मक और चर्चित दृश्य भी सामने आया, जब विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह दोनों संतों के साथ पैदल चलते नजर आए। दोनों जनप्रतिनिधि लगभग दो किलोमीटर तक जैन मुनियों के साथ विहार में शामिल रहे, जिसने श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना दिया। विहार के बाद संतों का काफिला उदोतगढ़ स्थित रोशनलाल दैपुरिया कॉलेज पहुंचा, जहां दोपहर में विश्राम किया गया। जानकारी के अनुसार जैन मुनियों का अगला विहार शाम को आगे की यात्रा के लिए निर्धारित है। पूरे आयोजन ने भिंड शहर को धार्मिक उत्साह, अनुशासन और आस्था के रंग में सराबोर कर दिया।

दिल्ली में पानी का संकट गहराया: यमुना का स्तर गिरा, सप्लाई 25% तक कम

दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर जल संकट की चपेट में है। यमुना नदी का जलस्तर लगातार गिरने से शहर के कई प्रमुख वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हो गए हैं, जिसके चलते पानी उत्पादन में लगभग 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसका सीधा असर राजधानी की जलापूर्ति पर पड़ रहा है और कई इलाकों में आने वाले दिनों में पानी की किल्लत और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जैसे प्रमुख जल शोधन संयंत्रों को पर्याप्त कच्चा पानी नहीं मिल पा रहा है। यमुना में पानी की कमी के कारण इन प्लांटों की क्षमता प्रभावित हुई है और उत्पादन में लगातार गिरावट देखी जा रही है। दिल्ली की लगभग 40 प्रतिशत जलापूर्ति यमुना नदी पर निर्भर है। ऐसे में जलस्तर में कमी का सीधा असर राजधानी के लाखों लोगों पर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में पानी का दबाव कम हो गया है, जबकि कुछ इलाकों में आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी, कम वर्षा और हरियाणा से आने वाले पानी में कमी इस संकट के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा यमुना में बढ़ता प्रदूषण और अमोनिया का उच्च स्तर भी ट्रीटमेंट प्लांटों के संचालन को प्रभावित कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अत्यधिक प्रदूषित पानी को शुद्ध करना प्लांटों की क्षमता से बाहर हो जाता है, जिससे उत्पादन घटाना पड़ता है। स्थिति को देखते हुए कई क्षेत्रों में लोग टैंकरों पर निर्भर होते जा रहे हैं। दिल्ली जल बोर्ड ने लोगों से पानी के सीमित उपयोग और बर्बादी रोकने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में जल संकट और गंभीर हो सकता है। सरकार की ओर से यमुना की सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

एक बार फिर कैमरे के सामने आने को तैयार मीनाक्षी शेषाद्रि, कहा– किरदार छोटा हो सकता है, असर बड़ा होना चाहिए

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की चर्चित और दमदार अदाकारा Meenakshi Seshadri एक बार फिर सुर्खियों में लौट आई हैं। करीब तीन दशक बाद उन्होंने मायानगरी मुंबई में वापसी कर अपने प्रशंसकों को भावुक कर दिया है। लंबे समय से फिल्मी दुनिया से दूर रहने के बाद अब उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि वे फिर से अभिनय की दुनिया में सक्रिय होना चाहती हैं। खास बात यह है कि उन्होंने बड़े या मुख्य किरदार की शर्त नहीं रखी, बल्कि साफ कहा कि अगर कहानी और किरदार में दम हो तो छोटा रोल भी स्वीकार है। उनके इस बयान ने फिल्म जगत और प्रशंसकों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। मीनाक्षी शेषाद्रि ने अपने चाहने वालों के लिए एक भावुक संदेश साझा करते हुए वर्षों से मिले प्यार, सम्मान और समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय बाद मुंबई लौटना उनके लिए किसी भावनात्मक सफर से कम नहीं है। एक नए उत्साह, सकारात्मक सोच और पुराने जुनून के साथ वे दोबारा मनोरंजन की दुनिया का हिस्सा बनना चाहती हैं। उनका मानना है कि कलाकार कभी अपने कला प्रेम से दूर नहीं हो सकता और अभिनय आज भी उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वे ऐसे किरदारों की तलाश में हैं, जिनमें कुछ नया करने और अपनी कला को अलग अंदाज में प्रस्तुत करने का अवसर मिले। बदलते दौर में वे फिल्मों के साथ-साथ डिजिटल मंचों पर भी काम करने को लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि समय के साथ कहानी कहने के तरीके बदले हैं और अब कलाकारों के सामने खुद को नए रूप में पेश करने के अधिक अवसर मौजूद हैं। एक समय ऐसा था जब मीनाक्षी शेषाद्रि हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। उनकी फिल्मों और अभिनय ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी थी। बड़े पर्दे पर उनकी मौजूदगी को आज भी लोग याद करते हैं। लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी की खबर उन दर्शकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है, जो उन्हें फिर से अभिनय करते देखना चाहते थे। अब फिल्म जगत की नजर इस बात पर टिकी है कि मीनाक्षी की दूसरी पारी कितनी खास साबित होती है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि जिस तरह उन्होंने अपने पहले सफर में लोगों के दिल जीते थे, उसी तरह वे नए दौर में भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहेंगी। उनकी वापसी केवल एक अभिनेत्री की वापसी नहीं, बल्कि पुराने दौर की यादों के फिर से जीवंत होने जैसी मानी जा रही है।