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20 मार्च 2026 का राशिफल: शुभ योग और विशेष राशि फल की पूरी जानकारी

नई दिल्ली।नई दिल्ली। मेष (21 मार्च – 19 अप्रैल-आज आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें संभालना जरूरी होगा। वित्तीय मामलों में सतर्कता बरतें, अनावश्यक खर्च से बचें। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, हल्का व्यायाम फायदेमंद रहेगा।वृष (20 अप्रैल – 20 मई) आज आपके धैर्य और समझदारी की परीक्षा हो सकती है। छोटे विवादों से दूर रहें। कार्य और व्यवसाय में स्थिरता बनी रहेगी। घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, खानपान में संतुलन बनाए रखें।मिथुन (21 मई – 20 जून) आज संचार और सामाजिक मेलजोल पर ध्यान दें। यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार और नौकरी में लाभकारी अवसर मिल सकते हैं। मित्रों और सहयोगियों से मदद मिलेगी। मानसिक शांति और उत्साह बना रहेगा।कर्क (21 जून – 22 जुलाई) आज आपके निर्णय और प्रयास सफल रहेंगे। पैसों के मामलों में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशहाली बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन तनाव कम करने के उपाय करें। कार्यस्थल पर सहयोगियों का समर्थन मिलेगा।सिंह (23 जुलाई – 22 अगस्त) कार्यस्थल पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। संयम बनाए रखें और जल्दबाजी से बचें। भाग्य के बल पर अचानक लाभ के योग हैं। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पर ध्यान दें।कन्या (23 अगस्त – 22 सितंबर) आज मानसिक प्रयास और योजना सफल होंगी। शिक्षा और करियर के मामले में नए अवसर मिल सकते हैं। मित्र और सहयोगी मदद करेंगे। आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, हल्की दिनचर्या बनाए रखें।तुला (23 सितंबर – 22 अक्टूबर) आज निवेश और संपत्ति के मामलों में सावधानी जरूरी है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य में हल्की चंचलता हो सकती है, ध्यान दें। कार्यस्थल पर सहयोगियों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। नए अवसरों के लिए नजर रखें।वृश्चिक (23 अक्टूबर – 21 नवंबर) आज व्यवसाय और करियर में वृद्धि के अच्छे अवसर हैं। मानसिक शांति बनी रहेगी। परिवार और मित्रों से सहयोग मिलेगा। यात्रा लाभकारी और सुखद रहेगी। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें।धनु (22 नवंबर – 21 दिसंबर) आज आर्थिक मामलों में लाभ मिलेगा और धन संबंधी मामलों में सुधार होगा। शिक्षा और अध्यान में ध्यान लगाएं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, हल्का व्यायाम फायदेमंद रहेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक संबंध मजबूत होंगे।मकर (22 दिसंबर – 19 जनवरी) कार्यस्थल में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, धैर्य बनाए रखें। निवेश के मामलों में सतर्कता जरूरी है। परिवार में खुशहाली बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। मित्रों और सहयोगियों का समर्थन मिलेगा।कुंभ (20 जनवरी – 18 फरवरी) आज नए अवसर मिल सकते हैं, सामाजिक और पेशेवर संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। यात्रा के लिए दिन शुभ है। आर्थिक मामलों में सुधार और लाभ के योग हैं। मानसिक शांति बनी रहेगी।मीन (19 फरवरी – 20 मार्च) आज का दिन शुभ है, मानसिक रूप से शांत और प्रसन्न रहेंगे। आर्थिक मामलों में सुधार होगा। परिवार और मित्रों से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता के योग हैं।

चैत्र नवरात्रि 2026: पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा से पाएँ सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आज 19 मार्च 2026 से आरंभ हो चुका है जो 27 मार्च 2026 को राम नवमी के दिन संपन्न होगा। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है जिन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री और सौभाग्य की देवी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में स्थिरता सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्राप्त होती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस वर्ष घटस्थापना यानी कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। पहला मुहूर्त सुबह 06:52 से 07:43 तक रहेगा जिसकी अवधि लगभग 50 मिनट है। यदि इस समय पूजा संभव न हो तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक विशेष फलदायी माना गया है। शुभ मुहूर्त में की गई पूजा घर में सुख-समृद्धि और बरकत लेकर आती है। पूजा की शुरुआत प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने से होती है। इसके बाद घर के पूजा स्थान पर लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा या मां शैलपुत्री की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की जाती है। विधिपूर्वक कलश स्थापना की जाती है जो नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। इसके बाद मां शैलपुत्री का ध्यान करते हुए उन्हें सफेद फूल अर्पित किए जाते हैं क्योंकि सफेद रंग उन्हें अत्यंत प्रिय है। भोग के रूप में मां को गाय के दूध से बनी मिठाई या अन्य सफेद खाद्य पदार्थ अर्पित किए जाते हैं। पूजा के दौरान घी का अखंड दीपक जलाना शुभ माना जाता है जिससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ मंत्रोच्चारण और प्रार्थना करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूजा के समापन पर आरती का विशेष महत्व होता है। सुबह की आरती सूर्योदय के समय और शाम की आरती सूर्यास्त के बाद करना शुभ माना जाता है। परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ आरती में शामिल होना घर में प्रेम एकता और सामंजस्य को बढ़ाता है। मां शैलपुत्री की आरती के माध्यम से भक्त अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते हैं और जीवन में सुख-संपत्ति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां शैलपुत्री की पूजा से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है और मन के विकार दूर होते हैं। जो भक्त सच्चे मन से उनकी आराधना करते हैं उन्हें हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख शांति तथा समृद्धि का आगमन होता है। इस प्रकार नवरात्रि का पहला दिन आध्यात्मिक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

चैत्र नवरात्रि में समय की कमी? दुर्गा सप्तशती के बराबर फल देगा यह छोटा मंत्र

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा की उपासना का विशेष महत्व माना जाता है। इन नौ दिनों में दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ अत्यंत फलदायी बताया गया है। हालांकि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के लिए इनका पूरा पाठ करना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में शास्त्रों में कुछ सरल उपाय भी बताए गए हैं जिनसे समान फल की प्राप्ति संभव मानी गई है। दुर्गा सप्तशती में मां दुर्गा की महिमा शक्ति और उनकी महिषासुर पर विजय का वर्णन 13 अध्यायों में किया गया है। मान्यता है कि इसका पाठ करने से जीवन के कष्ट भय और बाधाएं दूर होती हैं तथा साधक को मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यही कारण है कि नवरात्रि में नवचंडी और शतचंडी यज्ञ जैसे अनुष्ठान भी किए जाते हैं। कम समय में भी करें प्रभावशाली पाठ अगर आपके पास पूरा पाठ करने का समय नहीं है तो आप दुर्गा सप्तशती के केवल रात्रि सूक्त प्रथम अध्याय और देवी सूक्त पंचम अध्याय का पाठ कर सकते हैं। इसे भी अत्यंत प्रभावशाली माना गया है और इससे माता की कृपा प्राप्त होती है। मंत्र जप से मिलेगा समान फल यदि इतना समय भी नहीं है तो शास्त्रों के अनुसार यह बीज मंत्र सबसे सरल और शक्तिशाली उपाय माना गया है ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे इस मंत्र का 108 या 1008 बार जप करने से दुर्गा सप्तशती के पाठ के समान फल मिलने की मान्यता है। इसके अलावा या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता का नियमित जप भी जीवन से भय बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। और यदि आप सबसे आसान उपाय चाहते हैं तो जय माता दी या दुर्गा-दुर्गा का सच्चे मन से स्मरण करना भी उतना ही फलदायी माना गया है। इस प्रकार समय की कमी होने पर भी श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए छोटे-छोटे मंत्र जप से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

अश्लीलता के आरोप में ‘सरके चुनर’ गाना घिरा विवाद में महिला आयोग ने जारी किया समन

नई दिल्ली: फिल्म ‘KD The Devil’ के आइटम नंबर ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह गाना अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसकी गूंज अब राजनीतिक और कानूनी गलियारों तक पहुंच चुकी है। गाने की सामग्री को लेकर उठे सवालों के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया है। रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय महिला आयोग ने गाने को उत्तेजक और आपत्तिजनक करार देते हुए कहा है कि इसकी सामग्री भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती प्रतीत होती है। आयोग का कहना है कि इस तरह की सामग्री समाज में गलत संदेश देती है और विशेषकर महिलाओं की गरिमा को प्रभावित करती है। इसी के चलते आयोग ने फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों को नोटिस जारी किया है। इसमें अभिनेता संजय दत्त, अभिनेत्री नोरा फतेही और फिल्म के निर्देशक को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। सभी को 24 मार्च को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर संबंधित व्यक्ति निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरे मामले में गाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी विरोध देखने को मिला है। आलोचकों का कहना है कि गाने के बोल और प्रस्तुति अश्लीलता की सीमा को पार करते हैं। बढ़ते विवाद के बाद फिल्म के हिंदी वर्जन को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया भी जा चुका है। वहीं अभिनेत्री नोरा फतेही ने इस मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हिंदी वर्जन में गाना इस तरह से पेश किया जाएगा। उनके अनुसार गाने की शूटिंग कन्नड़ वर्जन के लिए की गई थी और हिंदी वर्जन के कंटेंट की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा है कि वह इस गाने का प्रचार नहीं करेंगी। इससे पहले यह मामला संसद तक भी पहुंच चुका है, जहां केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने स्पष्ट किया था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत संबंधित गाने पर कार्रवाई करते हुए इसे प्रतिबंधित भी किया गया है। कुल मिलाकर ‘सरके चुनर’ गाना अब एक बड़े विवाद का केंद्र बन चुका है, जहां एक ओर रचनात्मक स्वतंत्रता और दूसरी ओर सामाजिक जिम्मेदारी के बीच बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या निर्णय सामने आता है, यह देखना अहम होगा और यह तय करेगा कि इस तरह के कंटेंट पर आगे किस तरह की सख्ती बरती जाएगी

इंदौर अग्निकांड: सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, SOP बनाने के दिए संकेत

भोपाल। डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के देर से पहुंचने की शिकायत भी की जिस पर मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीर जांच का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के मद्देनजर ईवी चार्जिंग इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग को लेकर एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलती तकनीक के साथ नई चुनौतियां सामने आ रही हैं और सरकार इनसे निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगी। घटना के तुरंत बाद सीएम ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे और भोपाल से विशेषज्ञों की टीम इंदौर भेजी गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी सुविधाएं आधुनिक जीवन का हिस्सा हैं लेकिन इनके उपयोग में सावधानी बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक भीषण हादसा हुआ था। रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में मनोज पुगलिया उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत कुल 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को राहत देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते समय सतर्कता बरतें।

‘धुरंधर’ को लेकर कमल जैन ने की तारीफ बोले यह फिल्म दर्शकों को खींचने वाला सिनेमाई अनुभव

फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ के निर्माता कमल जैन ने अपनी नई फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर बेहद सकारात्मक राय व्यक्त की है। उनके अनुसार ‘धुरंधर’ केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐसा सिनेमाई अनुभव है जो दर्शकों को न सिर्फ जोड़ता है बल्कि उन्हें पूरी तरह से अपनी कहानी में खींच लेता है। उन्होंने इसे एक ऐसा प्रोजेक्ट बताया है जो दर्शकों के देखने के नजरिए को बदलने की क्षमता रखता है। कमल जैन का मानना है कि असली सफलता सिर्फ एक अच्छी कहानी से नहीं आती, बल्कि उसमें मौजूद उस खास जादू से आती है जो दर्शकों को बांधकर रखता है। उन्होंने कहा कि ‘मैजिक ही असल में बिकता है’ और यही वह तत्व है जो किसी फिल्म को सामान्य से अलग बनाता है। उनके अनुसार ‘धुरंधर’ में वही दुर्लभ जादू मौजूद है, जिसे हमने पहले भी ‘दीवार’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘भाग मिल्खा भाग’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘विकी डोनर’ और ‘संजू’ जैसी फिल्मों में देखा है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि इस तरह के जादू के लिए जरूरी है कि फिल्म के क्रिएटर्स की सोच और इरादे मजबूत हों। जब प्रोड्यूसर की व्यावसायिक दृष्टि और निर्देशक की रचनात्मक सोच एक साथ मिलकर काम करती हैं, तब एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव तैयार होता है। ‘धुरंधर’ इसी तरह की मजबूत सिनर्जी का उदाहरण है, जहां कहानी, निर्देशन और प्रस्तुति एक दूसरे के साथ तालमेल बनाते हैं। कमल जैन ने यह भी कहा कि आज के दौर में जब दुनिया पूरी तरह से कनेक्टेड है, तब फिल्में सिर्फ दर्शकों तक पहुंचती नहीं बल्कि उन्हें सिनेमाघरों तक खींचने की क्षमता भी रखती हैं। ‘धुरंधर’ भी इसी तरह का प्रभाव छोड़ने में सक्षम दिखाई देती है, जो दर्शकों को थिएटर तक आकर्षित करने का दम रखती है। उन्होंने फिल्म की टीम की भी सराहना की और कहा कि इसमें मेकर्स की स्पष्टता और मजबूत सोच साफ दिखाई देती है। आदित्य की लेखनी, निर्देशन, संगीत और कलाकारों का प्रदर्शन कहानी को और गहराई प्रदान करता है। साथ ही ज्योति देशपांडे की मजबूत मार्केटिंग और वितरण रणनीति ने इसे एक बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट में बदल दिया है। कमल जैन के अनुसार जब कंटेंट खुद बोलने लगता है और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है, तब वह केवल एक फिल्म नहीं रहता बल्कि एक प्रभावशाली अनुभव बन जाता है। यही ‘धुरंधर’ की खासियत है, जो कहानी कहने की कला को एक नई ऊंचाई पर ले जाती है।  कमल जैन की राय के अनुसार ‘धुरंधर’ एक ऐसी फिल्म है जो सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि दर्शकों के दिल और दिमाग दोनों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है। यह फिल्म उस स्तर पर खड़ी दिखाई देती है जहां कला, कहानी और प्रस्तुति का संगम एक यादगार अनुभव तैयार करता है

चांद देख लेना में सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की जोड़ी ने दिखाया गहरा भावनात्मक रिश्ता

नई दिल्ली : सलमान खान ने ईद के मौके पर अपने प्रशंसकों को एक खास तोहफा दिया है। उनकी आने वाली फिल्म ‘मातृभूमि: मे वार रेस्ट इन पीस’ का नया गीत ‘चांद देख लेना’ रिलीज हो चुका है, जिसने अपने भावनात्मक अंदाज से दर्शकों का ध्यान खींच लिया है। यह गीत केवल एक संगीत रचना नहीं बल्कि एक ऐसी कहानी है जो प्यार, जुदाई और उम्मीद की गहराई को बेहद सजीव तरीके से प्रस्तुत करता है। इस गीत में सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की जोड़ी एक ऐसे रिश्ते को दर्शाती है, जिसमें दूरी तो है लेकिन दिलों का जुड़ाव बेहद मजबूत है। कहानी एक सैनिक और उसकी पत्नी के इर्द गिर्द घूमती है। जहां एक ओर सैनिक सरहद पर देश की रक्षा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसकी पत्नी घर पर उसके सुरक्षित लौटने की आस लगाए बैठी है। यह भावनात्मक जुड़ाव ही गीत की आत्मा है, जो हर उस परिवार की कहानी को छूता है जो अपने प्रियजनों की वापसी का इंतजार करते हैं। ‘चांद देख लेना’ में चांद को एक भावनात्मक प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ईद का चांद जहां खुशी और मिलन का संदेश देता है, वहीं करवा चौथ का चांद प्यार, विश्वास और इंतजार की गहराई को दर्शाता है। गीत इन दोनों भावनाओं को एक साथ पिरोकर एक खूबसूरत अनुभव बनाता है, जो दर्शकों के दिल को छू जाता है। इस गीत का संगीत मशहूर संगीतकार हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है, जिनकी धुनें हमेशा से ही श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाती हैं। गीत को निहाल टौरो और अंकोना मुखर्जी ने अपनी मधुर आवाज दी है, जिन्होंने इस गीत के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पहले आए गीतों को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया था और अब यह नया गीत फिल्म के भावनात्मक पक्ष को और मजबूत करता है। ‘मातृभूमि: मे वार रेस्ट इन पीस’ का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया ताकि फिल्म की कहानी में मौजूद मानवीय पहलुओं को अधिक गहराई से दिखाया जा सके। सलमान खान द्वारा निर्मित और अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म बहादुरी, त्याग और रिश्तों की मजबूती की कहानी को सामने लाने का प्रयास करती है। ‘चांद देख लेना’ इसी कहानी का एक अहम हिस्सा है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सफल होता है।  यह गीत उन अनगिनत परिवारों की भावनाओं का आईना है, जो अपने प्रियजनों की सुरक्षा और वापसी के लिए प्रार्थना करते हैं और गर्व के साथ उनके कर्तव्य को स्वीकार करते हैं। यह सिर्फ एक गाना नहीं बल्कि एक गहरी भावना है, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखेगा

Bengali Film : बंगाली फिल्म ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर आउट क्रांति और अपराध की उलझी कहानी

   Bengali Film : नई दिल्ली: बंगाली सिनेमा के दर्शकों के लिए एक नई और दिलचस्प पेशकश के रूप में फिल्म ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर जारी कर दिया गया है। इस टीजर ने रिलीज होते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है क्योंकि इसमें एक ऐसी कहानी की झलक दिखाई गई है जो समाज, अपराध और क्रांति के बीच की जटिल रेखा को दर्शाती है। फिल्म की कहानी 1960 के दशक के कोलकाता की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो उस समय के सामाजिक और राजनीतिक परिवेश को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। टीजर में अभिनेता जीत एक बिल्कुल नए और प्रभावशाली अवतार में नजर आ रहे हैं। उनका किरदार अनंत सिंह नाम के एक रहस्यमयी शख्स के इर्द गिर्द घूमता है, जिसे समाज का एक हिस्सा अपराधी मानता है जबकि कुछ लोग उसे गरीबों का मसीहा समझते हैं। यह द्वंद्व ही फिल्म की कहानी को और गहराई देता है और दर्शकों के मन में कई सवाल खड़े करता है। फिल्म में अनंत सिंह के अतीत और वर्तमान को भी समानांतर रूप से दिखाया गया है। कहानी के अनुसार वह कभी स्वतंत्रता सेनानी रहा था और मास्टरदा सूर्य सेन के नेतृत्व में भारत की आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल था। लेकिन आजादी के बाद जब वह उन आदर्शों को टूटते हुए देखता है, जिनके लिए उसने अपना सब कुछ समर्पित किया था, तो उसके भीतर गहरा मोहभंग पैदा होता है। यही मोहभंग उसे एक अलग राह पर ले जाता है, जहां वह समाज के भ्रष्ट और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ अपनी लड़ाई शुरू करता है। टीजर में दिखाया गया है कि कैसे अनंत सिंह समाज के उन लोगों को निशाना बनाता है जो कमजोर और वंचित वर्ग का शोषण करते हैं। उसके इन कदमों से शहर में एक ओर डर का माहौल बनता है तो दूसरी ओर लोगों के बीच जिज्ञासा भी बढ़ती है। इसी बीच इंस्पेक्टर दुर्गा रॉय की एंट्री होती है, जो अनंत सिंह की तलाश में एक सख्त अभियान शुरू करती हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या अनंत सिंह वास्तव में एक अपराधी है या फिर वह एक क्रांतिकारी है जो व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहा है। फिल्म का टीजर अपने विजुअल्स और कहानी के अंदाज से दर्शकों को 1960 के दशक के कोलकाता में ले जाता है, जहां सामाजिक असमानता, भ्रष्टाचार और सत्ता की खामियां साफ दिखाई देती हैं। कहानी का यह पहलू इसे सिर्फ एक थ्रिलर नहीं बल्कि एक विचारोत्तेजक फिल्म भी बनाता है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है। कुल मिलाकर ‘केउ बोले बिप्लोबी केउ बोले डाकात’ का टीजर एक मजबूत और गहन कहानी की झलक पेश करता है, जिसमें जीत का किरदार, रहस्यमयी कथानक और सामाजिक संदेश मिलकर इसे एक बहुप्रतीक्षित फिल्म बनाते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म अपने पूरे स्वरूप में दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है

BSE Sensex down : मध्य पूर्व तनाव का असर, भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 2% से अधिक गिरकर खुला

   BSE Sensex down : नई दिल्ली।  भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के निफ्टी सत्र में तेज गिरावट के साथ खुला। सुबह के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,942.22 अंक या 2.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,750.92 पर और निफ्टी 50 580 अंक या 2.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,197.75 पर ट्रेड कर रहा था। बाजार में चौतरफा दबाव देखा गया। रियल्टी, प्राइवेट बैंक, ऑटो, फाइनेंस सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सर्विसेज, डिफेंस और मेटल सभी सेक्टर्स लाल निशान में रहे। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में भी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,194.40 अंक या 2.12 प्रतिशत घटकर 55,095.45 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.50 अंक या 1.52 प्रतिशत कमजोर होकर 15,930.95 पर था। सेंसेक्स पैक के 30 रिकवरी में से 28 लाल निशान में थे। प्रमुख रिकवरी में HDFC Bank, L&T, Axis Bank, M&M, Trent, Itrannal, Asian Paints, Bajaj Finance, Maruti Suzuki, Kotak Mahindra, Ultratech Engineering, Bajaj Finserv और Indiango शामिल थे। केवल NTPC और पावर ग्रिड हरे निशान में बंद हुए। रिटेल्स का मानना ​​है कि बाजार में गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव हैं। अमेरिका और इजरायल ने बुधवार को ईरान के दक्षिणी हिस्से में साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक किया। जवाब में ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लफान पर मिसाइल हमले किए। इससे वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया और निवेशक जोखिम से बचने के लिए बिकवाली कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दबाव देखा गया। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में बंद हुए। अमेरिकी बाजार बुधवार को लाल निशान में बंद हुए, जिसमें डाओ 1.63 प्रतिशत और नैस्डैक 1.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ समाप्त हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली जारी रही। बुधवार को एफआईआई ने 2,714.35 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253.03 करोड़ रुपये का निवेश किया।

Crude Oil Price Surge : पश्चिम एशिया संकट का असर: कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी

   Crude Oil Price Surge : नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 111.78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से 4.10 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मैक्स एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट में 3.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में तेजी का कारण ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल के हमले को माना जा रहा है। यह क्षेत्र विश्व का सबसे बड़ा गैस फील्ड है। जवाब में ईरान ने कतर के प्रमुख वैश्विक गैस हब, रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया। कतर के विदेश मंत्रालय और एनर्जी विभाग ने पुष्टि की है कि मिसाइल हमले से बड़े स्तर पर नुकसान हुआ और आग बुझाने के लिए आपातकालीन बचाव दल तुरंत तैनात किए गए। सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल भारत सहित अन्य तेल आयातक देशों पर असर डाल सकता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेश से आयात करता है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी अतिरिक्त हमले का विरोध किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि इजरायल ने साउथ पार्स गैस क्षेत्र के एक प्रमुख प्लांट पर हमला किया, जिससे केवल प्लांट का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा ही क्षतिग्रस्त हुआ। एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और कीमतों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।