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प्लॉट दिलाने का झांसा देकर हड़पे लाखों रुपए, पीड़िता पहुंची SP कार्यालय

मध्यप्रदेश । कटनी जिले में जमीन का सौदा कराने के नाम पर 10 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एनकेजे थाना क्षेत्र की बजरंग कॉलोनी निवासी रेखा पाठक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके परिवार से बड़ी रकम ठग ली गई और बाद में पैसे वापस मांगने पर धमकियां दी जाने लगीं। पीड़िता के अनुसार, ग्राम बसाड़ी निवासी सुभाष रजक और रमेश पटेल ने मिलकर पूरे मामले की साजिश रची। शिकायत में बताया गया कि ग्राम मिर्जा स्थित खसरा नंबर 30/2 और 30/3 की जमीन का सौदा 17 जनवरी 2025 को उनके ससुर कमलाकांत पाठक के साथ किया गया था। रेखा पाठक का आरोप है कि जिस जमीन का सौदा किया गया, वह वास्तव में श्री निवास राजपूत के नाम दर्ज है। बावजूद इसके, उनकी अनुमति और हस्ताक्षर के बिना ही इकरारनामा तैयार कर लिया गया और 10 लाख रुपए नगद बयाना राशि के रूप में ले लिए गए। पीड़िता का कहना है कि सौदे के समय उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि जमीन की रजिस्ट्री जल्द करा दी जाएगी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इकरारनामा आरोपी रमेश पटेल ने अपनी हैंडराइटिंग में तैयार किया था। दस्तावेज पर आरोपियों और गवाहों के हस्ताक्षर तो हैं, लेकिन वास्तविक भूमिस्वामी के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। इसके बावजूद सौदे को वैध बताकर रकम ले ली गई। रेखा पाठक ने बताया कि उनके ससुर कमलाकांत पाठक के निधन के बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने या बयाना राशि वापस करने की मांग की, तो आरोपी मुकर गए। इतना ही नहीं, पैसे मांगने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जान से मारने तथा हाथ-पैर तुड़वाने की धमकी तक दी गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कार्रवाई से बच निकलने की बात कही। इससे परिवार भय और मानसिक तनाव में है। रेखा पाठक ने खुद को अपने दिवंगत ससुर की कानूनी वारिस बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही 10 लाख रुपए की ठगी गई राशि वापस दिलाने की भी अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जमीन सौदों में सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

मेगा मर्जर की चर्चा के बीच PFC और REC पर निवेशकों की नजर, जानिए किस शेयर में ज्यादा दम

नई दिल्ली । पावर फाइनेंस सेक्टर में संभावित मेगा मर्जर को लेकर बाजार में हलचल तेज हो गई है। पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड और REC लिमिटेड के प्रस्तावित विलय ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों सरकारी वित्तीय कंपनियों के शेयरों में हाल के महीनों में अलग-अलग प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसके बाद बाजार विशेषज्ञ लगातार यह आकलन कर रहे हैं कि निवेशकों के लिए कौन सा विकल्प ज्यादा मजबूत साबित हो सकता है। साल 2026 में अब तक PFC के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है, जबकि REC के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली है। इसी अंतर ने निवेशकों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मर्जर प्रक्रिया आगे बढ़ने के दौरान किस कंपनी में निवेश ज्यादा सुरक्षित और लाभदायक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल PFC अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है, क्योंकि प्रस्तावित ढांचे में यह प्रमुख भूमिका में रह सकती है। सरकार पहले ही दोनों कंपनियों के संचालन को अधिक प्रभावी और संगठित बनाने की दिशा में संकेत दे चुकी है। इससे पहले PFC द्वारा REC में सरकार की हिस्सेदारी का अधिग्रहण किए जाने के बाद दोनों कंपनियां होल्डिंग और सब्सिडियरी संरचना में कार्य कर रही हैं। अब प्रस्तावित मर्जर के तहत दोनों को एकीकृत बैलेंस शीट के अंतर्गत लाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि यह प्रक्रिया अभी विभिन्न नियामकीय मंजूरियों और विस्तृत संरचनात्मक प्रक्रियाओं पर निर्भर है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस संभावित विलय से परिचालन लागत कम करने, फंडिंग क्षमता मजबूत करने और कारोबार के एकीकरण में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि बाजार में इस डील को लेकर उत्साह बना हुआ है। हालांकि विश्लेषकों ने निवेशकों को जल्दबाजी से बचने की सलाह दी है। उनका मानना है कि केवल मर्जर की खबरों के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि आगे की दिशा काफी हद तक शेयर स्वैप अनुपात और अंतिम शर्तों पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, REC में हालिया कमजोरी के कारण भविष्य में तेजी की संभावना बन सकती है, लेकिन इसे पूरी तरह मर्जर आधारित अवसर माना जा रहा है। वहीं PFC को अधिक स्थिर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि कंपनी की स्थिति तुलनात्मक रूप से मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए PFC अधिक सुरक्षित विकल्प माना जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पावर सेक्टर की मजबूत विकास संभावनाएं भी इन कंपनियों के पक्ष में दिखाई दे रही हैं। देश में बढ़ते बिजली ढांचे, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं पर बढ़ते निवेश से दोनों कंपनियों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार भी इनके कारोबार को समर्थन दे रहा है। कुल मिलाकर, PFC और REC का संभावित मेगा मर्जर भारतीय पावर फाइनेंस सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और संतुलित रणनीति अपनाने का माना जा रहा है, क्योंकि आने वाले फैसले ही तय करेंगे कि इस रेस में आखिर किस कंपनी को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा।

“कॉकरोच जनता पार्टी” ने दिखाया AI का दम, 1 घंटे में तैयार कर दी वेबसाइट

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई “Cockroach Janta Party” ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिजिटल दुनिया को कितनी तेजी से बदल रहा है। व्यंग्य और डिजिटल कैंपेन के तौर पर शुरू हुई इस पहल ने कुछ ही दिनों में करोड़ों लोगों का ध्यान खींच लिया। रिपोर्ट्स और इंटरव्यू के अनुसार, पार्टी से जुड़े Abhijeet Dipke ने दावा किया कि उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर केवल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स की मदद से महज 1 घंटे में पूरी वेबसाइट और AI एंथम तैयार कर लिया।  बिना कोडिंग के बनी वेबसाइटबताया गया कि वेबसाइट बनाने में AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया गया, जिनकी मदद से: वेबसाइट लेआउट UI डिजाइन ग्राफिक्स एनिमेशन रिस्पॉन्सिव पेज कुछ ही समय में तैयार हो गए। आज ऐसे कई AI टूल्स मौजूद हैं, जैसे: Framer AI Dora Relume v0.dev जो केवल टेक्स्ट निर्देश (prompt) के आधार पर वेबसाइट बना सकते हैं। AI से मिनटों में पोस्टर और ग्राफिक्ससोशल मीडिया कैंपेन को वायरल बनाने के लिए CJP ने Generative AI का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पोस्टर और विजुअल्स बनाने के लिए AI टूल्स की मदद ली गई, जिनमें शामिल हैं: Midjourney DALL-E Canva इन टूल्स से कुछ मिनटों में आकर्षक डिजाइन और सोशल मीडिया पोस्ट तैयार किए जा सकते हैं।  AI से बना एंथम भी चर्चा मेंरिपोर्ट्स के अनुसार पार्टी का AI-generated एंथम भी लोगों के बीच काफी वायरल हुआ। इसके लिए म्यूजिक जनरेशन टूल्स का उपयोग बताया गया, जैसे: Suno Udio इन प्लेटफॉर्म्स की मदद से बिना स्टूडियो रिकॉर्डिंग के गाने और बैकग्राउंड म्यूजिक तैयार किए जा सकते हैं।  AI ने बदल दिया डिजिटल कैंपेन का तरीकायह मामला दिखाता है कि अब: वेबसाइट बनाना सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करना पोस्टर डिजाइन करना ऑडियो और म्यूजिक बनाना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गया है। हालांकि AI के बढ़ते उपयोग के साथ फेक कंटेंट, गलत सूचना और डिजिटल मैनिपुलेशन जैसी चुनौतियों पर भी बहस तेज हो रही है।

Q4 रिजल्ट के बाद धानुका एग्रीटेक चर्चा में, विदेशी विस्तार और बायबैक प्लान से शेयर में तेजी की उम्मीदf

नई दिल्ली । एग्री-केमिकल सेक्टर की प्रमुख कंपनी धानुका एग्रीटेक ने अपने चौथी तिमाही के मजबूत वित्तीय नतीजों के साथ निवेशकों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं, जिसके बाद बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक माहौल बन गया है। कंपनी द्वारा शेयर बायबैक, डिविडेंड और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजनाओं की घोषणा ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कंपनी के शेयरों में हाल के कारोबारी सत्रों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। मजबूत तिमाही प्रदर्शन के बाद बाजार में निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में इसके विस्तार की योजनाएं ग्रोथ को नई दिशा दे सकती हैं। कंपनी के बोर्ड ने लगभग 5 लाख पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयरों के बायबैक को मंजूरी दी है। यह बायबैक तय कीमत पर किया जाएगा, जिससे निवेशकों को आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ गई है। इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए फाइनल डिविडेंड की भी घोषणा की है। इस फैसले को शेयरधारकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे कंपनी की मजबूत नकदी स्थिति और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का पता चलता है। धानुका एग्रीटेक अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी कर रही है। इसी रणनीति के तहत कंपनी ने ब्राजील और यूरोप में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाइयां स्थापित करने या वहां हिस्सेदारी खरीदने की योजना बनाई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम कंपनी को वैश्विक एग्री-केमिकल बाजार में नई पहचान दिलाने में मदद कर सकता है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद मजबूत प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से स्पेशियलिटी फॉर्मुलेशन और इंसेक्टिसाइड पोर्टफोलियो में बढ़ती मांग ने कंपनी की आय को मजबूत आधार दिया है। इसके अलावा कंपनी के नए उत्पादों की बिक्री में भी लगातार सुधार देखा जा रहा है, जिससे भविष्य की कमाई को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। तिमाही नतीजों की बात करें तो कंपनी के EBITDA और शुद्ध लाभ दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बेहतर मार्जिन, कम वित्तीय लागत और अन्य आय में सुधार ने कंपनी की लाभप्रदता को मजबूत किया है। यही कारण है कि कई ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है और आने वाले समय में इसमें अच्छी तेजी की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनी अपने नए उत्पादों और विदेशी विस्तार योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो अगले कुछ वर्षों में इसकी आय और बाजार हिस्सेदारी दोनों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर धानुका एग्रीटेक के हालिया फैसलों और मजबूत तिमाही प्रदर्शन ने इसे एग्री-केमिकल सेक्टर की चर्चित कंपनियों में शामिल कर दिया है। निवेशकों की नजर अब कंपनी की आगामी रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर बनी हुई है, जो भविष्य में इसके विकास की दिशा तय कर सकते हैं।

AI और नौकरियों पर बड़ी बहस: Glean CEO अरविंद जैन बोले-“AI इंसानों की जगह नहीं लेगा”

नई दिल्ली। दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नौकरी संकट की चर्चा तेज है। कई बड़ी टेक कंपनियां छंटनी कर रही हैं और इसकी बड़ी वजह AI ऑटोमेशन को माना जा रहा है। इसी बीच Arvind Jain ने AI को लेकर अलग राय रखते हुए कहा है कि “AI कभी इंसानों की जगह नहीं लेगा।भारतीय मूल के टेक उद्यमी और Glean के CEO अरविंद जैन ने यह बयान Fortune Workplace Innovation Summit के दौरान दिया। अरविंद जैन ने क्या कहा,जैन के मुताबिक,AI इंसानों को replace नहीं बल्कि empower करता है यह कर्मचारियों को ज्यादा सक्षम और उत्पादक बनाता है फिलहाल AI की वजह से किसी पद के पूरी तरह खत्म होने की स्थिति नहीं दिख रही उन्होंने कहा कि AI बेहतर क्वालिटी का काम करने में मदद करता है और इंसानों की भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी। दूसरी तरफ छंटनी का दौरहालांकि टेक इंडस्ट्री की वास्तविक तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार: Meta ने AI फोकस के बीच हजारों कर्मचारियों की छंटनी शुरू की कई कंपनियां ऑटोमेशन और AI आधारित सिस्टम अपना रही हैं 2026 में अब तक बड़ी संख्या में टेक कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं टेक दिग्गजों की अलग-अलग रायAI को लेकर इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंटी दिख रही है। AI से नौकरी खतरे की चेतावनी देने वाले:Anthropic के CEO डारियो अमोदेई Amazon के अधिकारी Microsoft के नेतृत्व समूह Jamie Dimon इनका मानना है कि AI कई white-collar jobs को प्रभावित कर सकता है। जबकि अरविंद जैन का दृष्टिकोण:AI को “काम का सहयोगी” मानता है इंसानों की जरूरत खत्म होने की बात से असहमत हैविशेषज्ञों के अनुसार असली बहस अब यह नहीं है कि “AI आएगा या नहीं”, बल्कि यह है कि: कौन-सी नौकरियां बदलेंगीकौन-से कौशल सबसे ज्यादा जरूरी होंगे इंसान और AI साथ कैसे काम करेंगे

भारत के स्मार्ट मीटर और ग्रिड अपग्रेड बाजार में बड़ी दौड़, Hitachi-ABB समेत कंपनियों में बढ़ी प्रतिस्पर्धा

नई दिल्ली । भारत के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इस समय एक बड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जहां कई वैश्विक और घरेलू कंपनियां स्मार्ट मीटरिंग, ग्रिड ऑटोमेशन और हाई वोल्टेज सिस्टम के बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रही हैं। बिजली उत्पादन से लेकर उसके वितरण तक का पूरा सिस्टम अब तेजी से तकनीकी बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जिससे इस क्षेत्र की कंपनियों के लिए अवसर भी बढ़े हैं और चुनौतियां भी उतनी ही जटिल हो गई हैं। स्मार्ट मीटरिंग और ग्रिड मॉडर्नाइजेशन को लेकर सरकार की योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत करोड़ों स्मार्ट मीटर लगाने की योजना है, लेकिन अभी तक इसका बड़ा हिस्सा लागू होना बाकी है। यही कारण है कि इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों की ऑर्डर बुक तेजी से बढ़ रही है और निवेशकों की नजर भी इन पर लगातार बनी हुई है। Hitachi Energy, ABB India, Siemens Energy और Genus Power जैसी कंपनियां इस पूरे इकोसिस्टम में प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर रही हैं। इन कंपनियों को लगातार बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं, खासकर ग्रिड ऑटोमेशन, हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट सिस्टम और स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट्स में। हालांकि केवल ऑर्डर मिलना ही सफलता की गारंटी नहीं माना जा रहा है, क्योंकि असली चुनौती इन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और उन्हें रेवेन्यू में बदलने की होती है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में स्मार्ट मीटरिंग का लक्ष्य बेहद बड़ा है, लेकिन अभी तक इंस्टॉलेशन की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। करोड़ों मीटर लगाने की योजना के मुकाबले वास्तविक इंस्टॉलेशन का आंकड़ा काफी कम है, जिससे यह साफ है कि आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में काम की संभावनाएं काफी ज्यादा हैं। इसी वजह से कंपनियों के बीच इस बाजार को पकड़ने की दौड़ और तेज हो गई है। इस पूरे सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन भी है। बिजली ग्रिड को न केवल मजबूत बनाना होता है, बल्कि उसे रियल टाइम मॉनिटरिंग, कम लॉस और बेहतर स्टेबिलिटी के साथ चलाना भी जरूरी है। इसके अलावा बिजली चोरी को रोकना और वितरण प्रणाली को अधिक कुशल बनाना भी इस बदलाव का अहम हिस्सा है।

कटनी में गर्मी का कहर: 42 डिग्री पर पहुंचा पारा, दोपहर में सड़कें सूनी

मध्यप्रदेश । कटनी जिले में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। गुरुवार को जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक पारा लगातार इसी स्तर पर बना रहा। तेज धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं के कारण शहर की रफ्तार थमती नजर आई और मुख्य सड़कें तथा बाजार दोपहर के समय लगभग सूने दिखाई दिए। आमतौर पर भीड़भाड़ वाले बाजार, चौराहे और व्यावसायिक इलाके भीषण गर्मी के कारण वीरान नजर आए। लोग गर्म हवाओं और तेज धूप से बचने के लिए घरों में ही रहने को मजबूर दिखे। केवल जरूरी कामों के लिए ही लोग बाहर निकल रहे हैं और वे भी सिर, चेहरा तथा पूरा शरीर कपड़ों से ढंककर ही घर से बाहर कदम रख रहे हैं। गर्मी के इस दौर में सड़कों के किनारे लगे गन्ने के रस, लस्सी और छाछ के स्टॉल लोगों को कुछ राहत देते नजर आए। दोपहर के समय इन स्टॉलों पर हल्की चहल-पहल दिखाई दी, जहां लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। लगातार बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लोगों से सावधानी बरतने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि लोग प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी और छाछ का सेवन करते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा है कि दोपहर के समय भारी, तला-भुना और अधिक मसालेदार भोजन से बचना चाहिए। इसके स्थान पर हल्का भोजन और मौसमी फलों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार, गर्मी के मौसम में खानपान और दिनचर्या में थोड़ी सावधानी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा सकती है। नागरिकों को विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। यदि किसी जरूरी कार्य से बाहर जाना पड़े तो सूती और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने तथा सिर को टोपी, छतरी या गमछे से ढंककर रखने को कहा गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक जिले में गर्मी और लू का असर इसी तरह बना रह सकता है। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी से राहत नहीं मिल रही। प्रशासन ने भी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। कटनी में लगातार बढ़ती गर्मी ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में लोगों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी, क्योंकि मौसम का यह तीखा तेवर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।

माचलपुर में द्वितीय MPL नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ

मध्यप्रदेश । राजगढ़ जिले के माचलपुर में बुधवार रात खेल प्रेमियों के लिए उत्साह और रोमांच से भरी शाम देखने को मिली, जब द्वितीय एमपीएल (MPL) नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ किया गया। टूर्नामेंट का उद्घाटन मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने फीता काटकर किया। आयोजन की शुरुआत देशभक्ति और खेल भावना के माहौल में हुई, जहां मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों, आयोजकों और दर्शकों ने मानव श्रृंखला बनाकर सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। इसके बाद तिरंगे ध्वज का पूजन किया गया और विजेता ट्रॉफी का अनावरण हुआ। कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद अतिथियों का सम्मान दुपट्टा और एमपीएल की विशेष टोपी पहनाकर किया गया। पूरे आयोजन में युवाओं और खेल प्रेमियों का उत्साह देखने लायक था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रियव्रत सिंह ने आयोजन समिति और आरबीसी (RBC) क्रिकेट क्लब के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के खेल आयोजन ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के युवाओं को खेलों से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखते हुए अनुशासन और टीम भावना के साथ खेलने की सलाह दी। साथ ही सभी टीमों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं भी दीं। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। पहला मैच फ्रेंड्स इलेवन छापीहेड़ा और लीमा स्पोर्ट्स जीरापुर के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए छापीहेड़ा की टीम ने निर्धारित 8 ओवरों में 7 विकेट खोकर 78 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी लीमा स्पोर्ट्स जीरापुर की टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 6.4 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला 6 विकेट से अपने नाम कर लिया। इस जीत के सबसे बड़े हीरो इलियास रहे, जिन्होंने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 ओवर में केवल 7 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इसके अलावा उन्होंने विजयी चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई। उनके शानदार प्रदर्शन की दर्शकों ने जमकर सराहना की। दूसरा मुकाबला लीमा स्पोर्ट्स जीरापुर और आमलाबे वॉरियर्स के बीच खेला गया। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए लीमा स्पोर्ट्स ने फिर से 8 ओवर में 7 विकेट खोकर 78 रन बनाए। जवाब में आमलाबे वॉरियर्स की टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 3 गेंद शेष रहते 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया। इस मैच में गोलू कुरैशी ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने गेंदबाजी में 2 विकेट लेने के साथ बल्लेबाजी में 16 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। माचलपुर में शुरू हुआ यह नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट अब क्षेत्र के खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। आने वाले मुकाबलों को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

जमीन विवाद में मां को ही बेघर करने पर उतारू हुए बेटे, पंचायत में मांगी माफी

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के विदिशा जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां 7 बेटों और 3 बेटियों की मां अपने ही परिवार के बीच अकेली पड़ गई। जमीन विवाद ने परिवार में ऐसी दरार पैदा कर दी कि बुजुर्ग मां को पंचायत का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, पंचायत की समझाइश और सामाजिक दबाव के बाद बेटों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मां के पैर छूकर माफी मांगी। बताया जा रहा है कि परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि कुछ बेटों ने मां की जमीन पर कब्जा कर लिया और उन्हें ही घर तथा संपत्ति के अधिकार से दूर करने की कोशिश की। इस स्थिति से परेशान बुजुर्ग महिला ने गांव की पंचायत में गुहार लगाई। मामला सामने आने के बाद गांव में चर्चा का विषय बन गया और पंचायत ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी। पंचायत में जब मां ने अपनी पीड़ा सुनाई तो वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। बुजुर्ग महिला ने कहा कि जिन बच्चों को उसने पाल-पोसकर बड़ा किया, वही आज उसे अकेला छोड़ रहे हैं। मां की बात सुनकर पंचायत प्रतिनिधियों ने बेटों को फटकार लगाई और परिवार की जिम्मेदारी समझाई। समझाइश के दौरान पंचायत ने साफ कहा कि माता-पिता का सम्मान करना केवल नैतिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि सामाजिक कर्तव्य भी है। पंचायत के हस्तक्षेप और ग्रामीणों की मौजूदगी में बेटों ने अपनी गलती मानी और मां के पैर छूकर माफी मांगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे से मां का पूरा सम्मान किया जाएगा और जमीन विवाद को आपसी सहमति से सुलझाया जाएगा। इस घटना ने गांव में परिवार और रिश्तों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। ग्रामीणों का कहना है कि संपत्ति और जमीन के विवाद अब रिश्तों पर भारी पड़ते जा रहे हैं। जहां पहले संयुक्त परिवारों में आपसी सहयोग और सम्मान की भावना दिखाई देती थी, वहीं अब कई मामलों में माता-पिता तक को उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत के सदस्यों ने भी लोगों से अपील की कि परिवारिक विवादों को आपसी बातचीत और समझदारी से सुलझाया जाए, ताकि रिश्तों में कड़वाहट न आए। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग माता-पिता का सम्मान हर संतान का पहला कर्तव्य होना चाहिए। हालांकि पंचायत में समझौते के बाद फिलहाल मामला शांत हो गया है, लेकिन यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी छोड़ गई है कि आखिर आधुनिक दौर में रिश्तों की अहमियत क्यों कम होती जा रही है। जिस मां ने अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष किया, वही मां अपने बुढ़ापे में सम्मान और सहारे के लिए पंचायत के सामने गुहार लगाने को मजबूर हो गई।

कड़ी निगरानी में फलता सीट पर पुनर्मतदान, ईवीएम विवाद के बाद जनता की मजबूत भागीदारी, राजनीतिक मुकाबला हुआ रोचक

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान की प्रक्रिया गुरुवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से जारी रही। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और लोगों में अपने मताधिकार को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। दोपहर 1 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो स्थानीय प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया के प्रति जनता के सक्रिय रुझान को दर्शाता है। पूरे इलाके में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। इस पुनर्मतदान की आवश्यकता उस समय उत्पन्न हुई जब मुख्य मतदान के दौरान कुछ पोलिंग बूथों पर ईवीएम और मतदाता सूची से जुड़ी तकनीकी एवं प्रशासनिक गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आईं। आरोप था कि नाम वापसी के बाद भी कुछ मशीनों में संबंधित उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिह्न प्रदर्शित हो रहा था, जिससे मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। इस गंभीर स्थिति के सामने आने के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे और व्यापक शिकायतों के आधार पर संबंधित बूथों पर पुनर्मतदान का निर्णय लिया गया। नए मतदान में सभी ईवीएम को अपडेट कर पूरी तरह संशोधित किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या भ्रम की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रहे। सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से अधिक मजबूत किया गया है और हर मतदान केंद्र पर निगरानी के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही सभी संवेदनशील क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है और लगातार निगरानी की जा रही है। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और सक्रिय भागीदारी को दर्शा रही हैं। महिला और पुरुष दोनों वर्गों के मतदाताओं में अपने मताधिकार को लेकर उत्साह देखा गया है। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी या दबाव की स्थिति को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुनर्मतदान भले ही सीमित क्षेत्र में हो रहा हो, लेकिन इसका प्रभाव क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों पर महत्वपूर्ण हो सकता है। विभिन्न दलों के बीच यह मुकाबला अब और भी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मतदान के रुझान आगामी राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल में मतदान जारी है और प्रशासन इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क है।