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आईपीएल 2026 में फिर आमने-सामने Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad, पहले मैच से जुड़ा खास इतिहास

नई दिल्ली।  क्रिकेट फैंस के लिए बहुप्रतीक्षित Indian Premier League 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है। टूर्नामेंट के 19वें सीजन के पहले चरण का शेड्यूल Board of Control for Cricket in India (बीसीसीआई) ने जारी कर दिया है। इस सीजन का पहला मुकाबला Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच खेला जाएगा। यह मैच बेंगलुरु के प्रसिद्ध M. Chinnaswamy Stadium में आयोजित होगा। हर साल की तरह इस बार भी ओपनिंग मैच को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 2008 में शुरू हुई थी आईपीएल की शानदार परंपराआईपीएल की शुरुआत 2008 में हुई थी और पहले ही मुकाबले ने टूर्नामेंट को दुनिया भर में लोकप्रिय बना दिया था। उस मैच में Kolkata Knight Riders और Royal Challengers Bengaluru आमने-सामने थे। इस मुकाबले में कोलकाता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 रन से बड़ी जीत दर्ज की थी। इसके बाद हर सीजन का पहला मैच खास रोमांच लेकर आता रहा है और कई बार ओपनिंग मुकाबलों ने पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय कर दी। शुरुआती वर्षों में बड़े मुकाबलों की शुरुआतआईपीएल 2009 में पहला मुकाबला Mumbai Indians और Chennai Super Kings के बीच खेला गया था, जिसमें मुंबई ने 19 रन से जीत हासिल की। 2010 में कोलकाता नाइट राइडर्स और Deccan Chargers के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें केकेआर ने 11 रन से जीत दर्ज की। वहीं 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच पहला मैच हुआ, जिसमें चेन्नई ने 2 रन से रोमांचक जीत हासिल की थी। कई टीमों ने दर्ज की यादगार जीत2012 में चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए ओपनिंग मैच में मुंबई ने 8 विकेट से जीत दर्ज की थी। 2013 में Delhi Capitals और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें केकेआर 6 विकेट से जीती। 2014 में कोलकाता और मुंबई के बीच मुकाबला हुआ और केकेआर ने 41 रन से जीत दर्ज की। इसके बाद 2015 में भी मुंबई और कोलकाता आमने-सामने हुए, जहां केकेआर ने 7 विकेट से जीत हासिल की। 2016 के बाद भी जारी रहा रोमांचआईपीएल 2016 का पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस और Rising Pune Supergiant के बीच खेला गया, जिसमें पुणे ने 9 विकेट से जीत दर्ज की। 2017 में सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी के बीच ओपनिंग मैच हुआ, जिसमें हैदराबाद ने 35 रन से जीत हासिल की थी। 2018 में मुंबई और चेन्नई के बीच मैच हुआ और चेन्नई ने 1 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। हाल के वर्षों में भी रोमांचक शुरुआतआईपीएल 2019 का पहला मुकाबला आरसीबी और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया था, जिसमें चेन्नई 7 विकेट से विजयी रही। 2020 में मुंबई और चेन्नई के बीच मुकाबला हुआ और चेन्नई ने 5 विकेट से जीत हासिल की। 2021 में मुंबई और आरसीबी के बीच मैच हुआ, जिसमें आरसीबी ने 2 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। नए दौर में नई टीमों की एंट्री2022 में चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच ओपनिंग मैच हुआ, जिसमें केकेआर ने 6 विकेट से जीत दर्ज की। 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स और Gujarat Titans आमने-सामने हुए और गुजरात ने 5 विकेट से जीत हासिल की। 2024 में आरसीबी और चेन्नई के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें चेन्नई 6 विकेट से विजयी रही। वहीं 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स और आरसीबी के बीच मैच हुआ और आरसीबी ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। आईपीएल 2026 के ओपनिंग मैच पर सबकी नजरेंअब आईपीएल 2026 का उद्घाटन मुकाबला आरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमें मजबूत खिलाड़ियों से सजी हैं और फैंस को एक हाई-वोल्टेज मुकाबले की उम्मीद है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बार टूर्नामेंट के पहले मैच में कौन सी टीम जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करती है।

Mark Butcher का बयान- Arshdeep Singh की फॉर्म ने बढ़ाई Jasprit Bumrah की प्रभावशीलता

नई दिल्ली। इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज Mark Butcher ने भारत के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज Arshdeep Singh की शानदार गेंदबाजी की जमकर सराहना की है। बुचर का मानना है कि नई गेंद से स्विंग कराने की अर्शदीप की क्षमता ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और खतरनाक बना दिया है। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और स्विंग ने विरोधी बल्लेबाजों के लिए रन बनाना मुश्किल कर दिया। बुचर के मुताबिक अर्शदीप के प्रभावी प्रदर्शन ने टीम को शुरुआती ओवरों में बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बुमराह के रणनीतिक इस्तेमाल में मिली मददमार्क बुचर का कहना है कि अर्शदीप सिंह की शानदार गेंदबाजी के कारण कप्तान Suryakumar Yadav को तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah का रणनीतिक तरीके से इस्तेमाल करने की अधिक स्वतंत्रता मिली। उन्होंने कहा कि बुमराह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के मुख्य स्तंभ हैं, लेकिन टीम प्रबंधन उन्हें मैच की स्थिति के अनुसार इस्तेमाल करता है। इससे विरोधी टीम यह अनुमान नहीं लगा पाती कि बुमराह किस ओवर में गेंदबाजी करेंगे। यही रणनीति कई अहम मौकों पर भारत के लिए फायदेमंद साबित हुई। दबाव वाले मैचों में दिखाया बेहतरीन नियंत्रणबुचर ने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान दबाव भरे मुकाबलों में बेहतरीन नियंत्रण दिखाया। India national cricket team ने West Indies national cricket team, England national cricket team और New Zealand national cricket team जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी शानदार गेंदबाजी की। कठिन परिस्थितियों में गेंदबाजों ने जिम्मेदारी निभाई और विपक्षी बल्लेबाजी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। बुचर का मानना है कि यही संतुलित गेंदबाजी भारत की सफलता की बड़ी वजह बनी। भारत की गेंदबाजी की गहराई बनी सबसे बड़ी ताकतएक क्रिकेट शो में बातचीत के दौरान बुचर ने कहा कि भले ही बुमराह गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करते हैं, लेकिन टीम के अन्य गेंदबाजों ने भी अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की गेंदबाजी की गहराई और मौके बनाने की क्षमता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। अलग-अलग परिस्थितियों में अलग गेंदबाजों का प्रभावी प्रदर्शन टीम को संतुलन देता है और विरोधी टीमों पर दबाव बनाए रखता है। अर्शदीप और हार्दिक ने निभाई अहम भूमिकामार्क बुचर ने खासतौर पर अर्शदीप सिंह की नई गेंद से गेंदबाजी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान शायद अर्शदीप ही ऐसे गेंदबाज थे जो गेंद को दोनों तरफ स्विंग करा पा रहे थे। इसके अलावा ऑलराउंडर Hardik Pandya ने भी गेंद से शानदार प्रदर्शन किया और कई अहम मौकों पर टीम को विकेट दिलाकर मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया। बुमराह को ‘इंश्योरेंस पॉलिसी’ की तरह इस्तेमाल करती है टीमबुचर ने बताया कि आम तौर पर टी20 क्रिकेट में किसी तेज गेंदबाज से पावरप्ले में दो और डेथ ओवरों में दो ओवर कराने की उम्मीद की जाती है। लेकिन भारतीय टीम बुमराह को एक तरह की “इंश्योरेंस पॉलिसी” की तरह इस्तेमाल करती है। कई बार शुरुआत में हार्दिक पांड्या और अर्शदीप को ओवर दिए जाते हैं और जब मैच का रुख बदलने की जरूरत होती है, तब बुमराह को गेंद थमाई जाती है। टी20 विश्व कप में बुमराह का शानदार प्रदर्शनJasprit Bumrah ने ICC Men’s T20 World Cup 2026 में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने आठ मैचों में 14 विकेट हासिल किए। खासकर सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में उनकी घातक गेंदबाजी भारत की जीत का बड़ा कारण बनी। बुचर के अनुसार भारत की यही रणनीतिक सोच और गेंदबाजी संयोजन टीम को टी20 क्रिकेट में बाकी टीमों से अलग और मजबूत बनाता है।

मध्य प्रदेश में गैस सिलेंडर को लेकर हाहाकार: सर्वर क्रैश से एजेंसियों पर लंबी लाइनें, नर्मदापुरम में दुकानें बंद होने की कगार पर, छतरपुर में कालाबाजारी

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इन दिनों घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से आम लोगों से लेकर व्यापारियों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस बुकिंग का ऑनलाइन सर्वर क्रैश होने के कारण हालात और भी बिगड़ गए हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन नंबर नहीं लगने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसका असर होटल, ढाबों और ठेला कारोबारियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर सिर्फ एक दो सिलेंडर का स्टॉक बचा है, जबकि छोटे फूड वेंडर्स के पास गैस लगभग खत्म हो चुकी है। ऐसे में खाने पीने की चीजों के दाम भी बढ़ने लगे हैं, जिसका सीधा असर रमजान और शादी ब्याह के सीजन पर पड़ रहा है। प्रदेश के नर्मदापुरम में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। शहर की प्रसिद्ध चौपाटी, जो खान पान और छोटे कारोबारियों के लिए मुख्य केंद्र मानी जाती है, वहां इन दिनों सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ठप होने के कारण कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर हो चुके हैं। जिनके पास थोड़ी बहुत गैस बची है, उनका कहना है कि एक दो दिन में स्टॉक खत्म हो जाएगा और उन्हें भी दुकानें बंद करनी पड़ेंगी। चौपाटी के दुकानदारों का कहना है कि उनका पूरा कारोबार गैस सिलेंडर पर निर्भर है। यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। यहां काम करने वाले कर्मचारी और छोटे वेंडर्स भी इस स्थिति से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उनकी दैनिक आय इसी काम पर निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिसका असर गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर भी पड़ रहा है। इधर छतरपुर में गैस की कमी का फायदा उठाकर कालाबाजारी का मामला सामने आया है। यहां घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण करने की सूचना मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि एक रिटायर्ड शिक्षक श्यामलाल अहिरवार ने अपने घर में गैस सिलेंडरों का स्टॉक जमा कर रखा था। सूचना मिलते ही तहसीलदार और खाद्य विभाग की टीम ने वार्ड क्रमांक तीन स्थित विश्वनाथ कॉलोनी में छापा मारा और घर के अंदर रखे 25 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त कर लिए। इनमें से तीन सिलेंडर भरे हुए पाए गए, जबकि बाकी खाली थे। प्रशासन ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। गैस की कमी और बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति को जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके और कालाबाजारी पर भी सख्त रोक लगाई जा सके।

कश्मीर विश्वविद्यालय में उपराष्ट्रपति का संदेश,बोेले-मेरा नहीं, हमारा कश्मीर कहिए, ड्रग्स से दूर रहने की अपील

नई दिल्ली। कश्मीर विश्वविद्यालय के 21वें कॉन्वोकेशन में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं को शिक्षा, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की एकता में केवल कानून या सत्ता नहीं, बल्कि सहनशीलता और सम्मान की भावना सबसे महत्वपूर्ण है। उपराष्ट्रपति ने छात्रों से अपील की कि वे कश्मीर को मेरा कश्मीर या तुम्हारा कश्मीर न कहें, बल्कि हमेशा हमारा कश्मीर कहें। उनका कहना था कि यह सोच देश के लिए एकजुटता और मजबूती का प्रतीक है। ”युवाओं को ज्ञान और मूल्य दोनों की समझ होना जरूरी”सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं को ड्रग्स और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही व्यक्तिगत और राष्ट्रीय विकास की सबसे मजबूत नींव है। युवाओं को ज्ञान और मूल्य दोनों की समझ होना जरूरी है ताकि वे समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें। उन्होंने पीएम स्कॉलरशिप और अन्य शैक्षिक योजनाओं की तारीफ की और बताया कि ये पहल युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करती हैं और राष्ट्रीय और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती हैं। ”हमें अपनी भावनाओं पर गर्व होना चाहिए”उपराष्ट्रपति ने झारखंड में अपने राज्यपाल कार्यकाल का उदाहरण साझा किया। उन्होंने कहा कि कश्मीरी छात्रों के दौरे पर, यह जानते हुए कि अधिकांश छात्र नॉन-वेजिटेरियन हैं, उन्होंने उनके खाने की पसंद का पूरा ध्यान रखा। उन्होंने समझाया कि लोकतांत्रिक समाज में दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, हमें अपनी भावनाओं पर गर्व होना चाहिए, लेकिन दूसरों की भावनाओं को नीचा नहीं दिखाना चाहिए। यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। ”समाज में योगदान के जरिए इसकी प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं”इस कॉन्वोकेशन में कुल 59,558 डिग्रियां वितरित की गईं, जिनमें 44,910 अंडरग्रेजुएट, 13,545 पोस्टग्रेजुएट, 465 एमडी/एमएस/एम.च, 638 एमफिल और 168 पीएचडी शामिल हैं। कुल 239 गोल्ड मेडल में से 186 मेडल महिलाओं को मिले, जिसे उपराष्ट्रपति ने खास तौर पर सराहा। उन्होंने खुशी जताई कि राज्य की शिक्षा मंत्री, यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर और अधिकतर गोल्ड मेडल विजेता महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी की असली विरासत इसके छात्र हैं, जो अपने कैरेक्टर और समाज में योगदान के जरिए इसकी प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं। ”समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं”उपराष्ट्रपति ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा, सहनशीलता और एकता के माध्यम से ही देश मजबूत बन सकता है। उनका संदेश था कि युवा हमेशा हमारा कश्मीर की भावना के साथ आगे बढ़ें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।

उज्जैन पहुंचे यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बाबा महाकाल के दर्शन कर शयन आरती में हुए शामिल

उज्जैन । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरुवार को मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन पहुंचे। उज्जैन पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी, बेटा और अन्य सहयोगी भी मौजूद रहे। मंदिर पहुंचने पर महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका स्वागत और सम्मान किया गया। मंदिर परिसर में पहुंचकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नंदी हॉल में बैठकर कुछ समय ध्यान लगाया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन दिखाई दिए। इस दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और पुजारियों ने भी उनका स्वागत किया। भगवान महाकाल के दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर में आयोजित शयन आरती में भी भाग लिया और विधि विधान से पूजा अर्चना की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बाबा महाकाल के दरबार में आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें बाबा महाकाल की संध्या और शयन आरती में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने भगवान महाकाल से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे उन्हें और देश के सभी लोगों को सेवा का अवसर देते रहें और इसी तरह अपने दरबार में बुलाते रहें। इस दौरान उन्होंने विकास के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। डिप्टी सीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार मध्य प्रदेश के साथ साथ उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी तेजी से विकास कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खासतौर पर महाकाल की भस्म आरती और शयन आरती में शामिल होना श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का यह दौरा भी धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा, जिसमें उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेकर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की।

Nahid Rana की सफलता के पीछे कोच Shaun Tait का हाथ, खुद किया खुलासा

नई दिल्ली।  Bangladesh national cricket team ने ढाका में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में Pakistan national cricket team को 8 विकेट से हराकर शानदार शुरुआत की। इस मुकाबले में बांग्लादेश की जीत के हीरो तेज गेंदबाज Nahid Rana रहे, जिन्होंने अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पूरी तरह परेशान कर दिया। राणा ने 7 ओवर में सिर्फ 24 रन खर्च करते हुए 5 विकेट झटके और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। मैच के बाद उन्होंने अपनी इस बेहतरीन गेंदबाजी का श्रेय टीम के तेज गेंदबाजी कोच Shaun Tait को दिया। कोच शॉन टेट से मिली खास प्रेरणामैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नाहिद राणा ने बताया कि शॉन टेट सिर्फ एक कोच ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों के अच्छे दोस्त की तरह भी हैं। उन्होंने कहा कि टेट हमेशा खिलाड़ियों को अपनी ताकत पर भरोसा रखने और खुलकर खेलने के लिए प्रेरित करते हैं। राणा के मुताबिक टेट अक्सर कहते हैं कि खिलाड़ी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और अगर किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो तो उन्हें बेझिझक बताएं। टेट खिलाड़ियों को मैच की रणनीति समझाते हैं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरने के लिए प्रेरित करते हैं। स्पीड नहीं, स्किल को मानते हैं ज्यादा अहमकरीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले नाहिद राणा ने कहा कि वह अपनी गति से ज्यादा गेंदबाजी की स्किल पर ध्यान देते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ तेज गेंदबाजी ही काफी नहीं होती, बल्कि सही लाइन-लेंथ और रणनीति ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। इसलिए वह लगातार अपनी तकनीक और कौशल को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं। राणा के अनुसार अगर गेंदबाज सही एरिया में गेंदबाजी करे तो बल्लेबाजों के लिए रन बनाना काफी मुश्किल हो जाता है। साथी गेंदबाजों की सलाह से मिला फायदानाहिद राणा ने यह भी बताया कि मैच के शुरुआती ओवरों में जब Mustafizur Rahman और Taskin Ahmed गेंदबाजी कर रहे थे, तब वह उनसे लगातार पिच की स्थिति के बारे में बात कर रहे थे। दोनों अनुभवी गेंदबाजों ने उन्हें सलाह दी कि अगर सही लाइन और लेंथ पर गेंद डाली जाए तो बल्लेबाजों के लिए खेलना मुश्किल हो सकता है। राणा ने उसी रणनीति को अपनाया और मैदान पर उसका पूरा फायदा मिला। घरेलू मैदान का अनुभव भी आया कामराणा ने बताया कि उन्होंने इस मैदान पर पहले भी कई मैच खेले हैं और उसी अनुभव का फायदा उन्हें इस मुकाबले में मिला। उन्होंने कहा कि हर विकेट उनके लिए खास होता है और टीम के लिए योगदान देना हमेशा गर्व की बात होती है। ढाका की पिच की परिस्थितियों को समझते हुए उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलाव किया और पाकिस्तानी बल्लेबाजों को टिकने का मौका नहीं दिया। शॉन टेट का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियरबांग्लादेश टीम के तेज गेंदबाजी कोच शॉन टेट का खुद का अंतरराष्ट्रीय करियर भी काफी प्रभावशाली रहा है। 2005 से 2016 के बीच उन्होंने Australia national cricket team के लिए 3 टेस्ट, 35 वनडे और 21 टी20 मुकाबले खेले। इस दौरान उन्होंने वनडे में 62 विकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 28 विकेट हासिल किए। हालांकि उनका करियर कई बार चोटों से प्रभावित रहा, लेकिन अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी के लिए वह दुनिया भर में पहचाने जाते थे। बांग्लादेश को सीरीज में मिली मजबूत शुरुआतढाका में मिली इस जीत के साथ बांग्लादेश ने सीरीज में शानदार शुरुआत की है। नाहिद राणा की घातक गेंदबाजी और बल्लेबाजों के संयमित प्रदर्शन ने टीम को आसान जीत दिलाई। अब बांग्लादेश की कोशिश होगी कि अगले मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखते हुए पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा जाए।

सिंगरौली में छात्र की हत्या से भड़का जनाक्रोश, उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन फूंका; आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में

सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में 15 वर्षीय छात्र की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मोरवा थाना क्षेत्र में लापता छात्र का शव जंगल में मिलने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज भीड़ ने देर रात थाने के सामने जमकर हंगामा किया और एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। जानकारी के अनुसार साईं नगर वार्ड क्रमांक 8 निवासी 15 वर्षीय पवन शाह 9 मार्च की रात करीब साढ़े नौ बजे घर से बाहर निकला था। वह बिना बताए घर से गया और फिर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने मोरवा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और अपहरण की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्र की तलाश शुरू कर दी थी। इसी बीच पुलिस को जंगल में एक शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान पवन शाह के रूप में की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्र की बेरहमी से हत्या की गई थी और आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में सुधांशु गुप्ता और मोहम्मद इरशाद को गिरफ्तार किया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। रामनिवास शाह ने भी मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी का गठन किया है, जो तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच करेगा। उधर छात्र की हत्या की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देर रात बड़ी संख्या में लोग मोरवा थाने के सामने जमा हो गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और आक्रोशित लोगों ने एक पुलिस वाहन में आग लगा दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद किसी तरह भीड़ को तितर-बितर किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि हत्या के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

Indian Premier League 2026: Karnataka सरकार की एक्सपर्ट कमेटी तय करेगी M. Chinnaswamy Stadium में मुकाबले

नई दिल्ली। Board of Control for Cricket in India (बीसीसीआई) ने Indian Premier League 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है और पहला मुकाबला Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच खेला जाएगा। यह मैच बेंगलुरु के प्रतिष्ठित M. Chinnaswamy Stadium में प्रस्तावित है, लेकिन इस मैदान पर मुकाबलों का आयोजन फिलहाल कर्नाटक सरकार द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी की मंजूरी पर निर्भर करेगा। एक्सपर्ट कमेटी करेगी स्टेडियम का निरीक्षणबीसीसीआई के अनुसार कर्नाटक सरकार ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए एक विशेष एक्सपर्ट कमेटी गठित की है। यह कमेटी 13 मार्च 2026 को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम का विस्तृत निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान मैच-डे की सभी तैयारियों की मॉक ड्रिल कराई जाएगी, ताकि यह देखा जा सके कि बड़े आयोजन के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी हैं। यदि कमेटी सभी व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाती है, तभी इस मैदान पर आईपीएल मुकाबलों के आयोजन की अंतिम मंजूरी दी जाएगी। भगदड़ की घटना के बाद बढ़ी सतर्कतादरअसल पिछले साल आईपीएल 2025 का खिताब जीतने के बाद Royal Challengers Bengaluru के जश्न कार्यक्रम के दौरान 4 जून को एक दुखद भगदड़ की घटना सामने आई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसी घटना के बाद एहतियातन इस मैदान पर बड़े क्रिकेट मुकाबलों के आयोजन पर रोक लगा दी गई थी। इसके चलते रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और महाराजा ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंटों के मैच भी यहां आयोजित नहीं किए गए। बेंगलुरु में ही प्रस्तावित है ओपनिंग मैच और फाइनलबीसीसीआई द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार आईपीएल 2026 का उद्घाटन मैच 28 मार्च को बेंगलुरु में ही खेला जाना प्रस्तावित है। इतना ही नहीं, टूर्नामेंट की ओपनिंग सेरेमनी भी इसी मैदान पर आयोजित करने की योजना है। इसके अलावा एक प्लेऑफ मुकाबला और इस सीजन का फाइनल भी एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में कराने का कार्यक्रम तय किया गया है। ऐसे में एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट इस पूरे कार्यक्रम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। आरसीबी का घरेलू शेड्यूल दो शहरों में बंटाआईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के घरेलू मुकाबले दो शहरों में आयोजित किए जाएंगे। टीम के पांच मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने की योजना है, जबकि बाकी दो घरेलू मुकाबले Shaheed Veer Narayan Singh International Cricket Stadium, रायपुर में आयोजित होंगे। फैंस की नजरें कमेटी के फैसले परक्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अब कर्नाटक सरकार की एक्सपर्ट कमेटी के फैसले पर टिकी हुई हैं। अगर स्टेडियम को हरी झंडी मिल जाती है तो बेंगलुरु में आईपीएल 2026 का शानदार आगाज देखने को मिल सकता है। वहीं यदि कमेटी को व्यवस्थाओं में कमी नजर आती है तो बीसीसीआई को शेड्यूल में बदलाव करना पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले पर सबकी नजरें बनी रहेंगी।

आईपीएल 2017 का धमाकेदार आगाज़: Yuvraj Singh की पारी ने दिलाई Sunrisers Hyderabad को जीत

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन यानी Indian Premier League 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है। टूर्नामेंट के शुरुआती शेड्यूल के तहत पहला मुकाबला Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच खेला जाएगा। यह मैच बेंगलुरु के प्रसिद्ध M. Chinnaswamy Stadium में आयोजित होगा। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों टीमों ने 2017 में भी आईपीएल सीजन का पहला मुकाबला खेला था, जिसमें सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर Yuvraj Singh ने अपनी दमदार बल्लेबाजी से मैच को यादगार बना दिया था। युवराज सिंह की तूफानी पारी से खड़ा हुआ बड़ा स्कोर2017 का वह उद्घाटन मुकाबला हैदराबाद के Rajiv Gandhi International Cricket Stadium में खेला गया था। टॉस जीतकर आरसीबी ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। टीम की ओर से युवराज सिंह ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में 62 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उनके अलावा ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर Moises Henriques ने 52 रन और भारतीय सलामी बल्लेबाज Shikhar Dhawan ने 40 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। इन शानदार पारियों की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 207 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। आरसीबी के गेंदबाजों को मिली सीमित सफलताआरसीबी की ओर से गेंदबाजों को ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी। टीम के लिए इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Tymal Mills, अनिकेत चौधरी, स्पिनर Yuzvendra Chahal और ऑलराउंडर Stuart Binny ने एक-एक विकेट हासिल किया। हालांकि एसआरएच के बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने आरसीबी के गेंदबाज बेबस नजर आए और टीम को बड़े स्कोर का सामना करना पड़ा। लक्ष्य का पीछा करते हुए बिखर गई आरसीबी208 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम नियमित अंतराल पर विकेट खोती रही। वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज Chris Gayle ने 32 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, जबकि Kedar Jadhav ने 31 और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Travis Head ने 30 रन की पारी खेली। इसके बावजूद पूरी टीम 19.4 ओवर में 172 रन पर सिमट गई और सनराइजर्स हैदराबाद ने 35 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। गेंदबाजों ने भी जीत में निभाई अहम भूमिकासनराइजर्स हैदराबाद की जीत में गेंदबाजों का भी बड़ा योगदान रहा। भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज Ashish Nehra, स्विंग के उस्ताद Bhuvneshwar Kumar और अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर Rashid Khan ने दो-दो विकेट झटके। वहीं Deepak Hooda और Bipul Sharma ने एक-एक विकेट लेकर आरसीबी की बल्लेबाजी को पूरी तरह रोक दिया। 2016 फाइनल की भी रही थी ऐतिहासिक भिड़ंतआरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं। 2016 में आईपीएल का फाइनल भी इन्हीं दोनों टीमों के बीच खेला गया था, जिसमें सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया था। आईपीएल 2026 के ओपनिंग मैच पर टिकी नजरेंअब एक बार फिर आईपीएल 2026 के पहले मैच में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। पिछले सीजन की चैंपियन आरसीबी आत्मविश्वास से भरी हुई है, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद भी पिछले कुछ सीजन में अपने आक्रामक खेल से फैंस को रोमांचित करती रही है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को एक और हाई-वोल्टेज मुकाबले की उम्मीद है और यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार जीत किस टीम के खाते में जाती है।

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की आहट: चुनाव से पहले राजनीतिक तूफ़ान तेज, एसआईआर और दस्तावेज़ विवाद से बढ़ी चिंता

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रपति शासन की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। राज्यपाल के अचानक बदलाव, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे पर विवाद और चुनाव आयोग की टीम के दौरे के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन ने इस संभावना को और गहरा कर दिया है। इतिहास और संवैधानिक पहलूपश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू होने का इतिहास बहुत लंबा नहीं है। 30 अप्रैल 1977 को तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर रे की सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जो वाममोर्चा सरकार के शपथ ग्रहण तक 52 दिनों तक जारी रहा। अब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहा है कि क्या बंगाल एक बार फिर राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ रहा है। चुनाव आयोग का दौरा और विरोध प्रदर्शनचुनाव आयोग की पूर्ण पीठ ने कोलकाता दौरे के दौरान सभी राजनीतिक दलों और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। हालांकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर सीधे जवाब देने से परहेज किया और कहा कि कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद चुनाव की तारीख और चरण तय किए जाएंगे। तृणमूल कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने एक या दो चरणों में मतदान कराने की मांग की। आयोग को कोलकाता और आसपास बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। तृणमूल समर्थकों ने काले झंडे दिखाए और “लोकतंत्र का हत्यारा” जैसे पोस्टर भी लगाए। एसआईआर प्रक्रिया पर विवादराज्य में नवंबर से चल रही एसआईआर (Special Summary Revision) प्रक्रिया के तहत लगभग 60 लाख मतदाताओं के दस्तावेज विचाराधीन हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दस्तावेजों की जांच में न्यायिक अधिकारियों को दो महीने का समय लगने की संभावना है। राजनीतिक दलों का कहना है कि इस स्थिति में चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से वैध वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अचानक राज्यपाल सीवी आनंद बोस की जगह आर.एन. रवि को क्यों नियुक्त किया गया, जो तमिलनाडु में विवादित रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा और विवादराष्ट्रपति का दौरा सिलीगुड़ी में आदिवासी सम्मेलन के लिए था। हालांकि मुख्यमंत्री ने इसे लेकर असंतोष जताया और कहा कि उन्हें न्यूनतम प्रोटोकॉल तक नहीं मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस पर राष्ट्रपति के अपमान का आरोप लगाया। राजनीतिक माहौल और भविष्य की चुनौतियांराजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एसआईआर के तहत विचाराधीन 60 लाख मतदाताओं के दस्तावेज समय पर जांच कर लिए जाएंगे। यदि यह कार्य पूरा नहीं हुआ, तो या तो चुनाव टालना पड़ सकता है या बिना पूरी सूची के चुनाव कराना पड़ सकता है। इससे राष्ट्रपति शासन की संभावना बढ़ सकती है।अगले कुछ दिनों में केंद्र और चुनाव आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा साफ होगी।