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सेल ने वित्त वर्ष 26 में अप्रैल-फरवरी तक की अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की

नई दिल्ली सरकारी स्टील कंपनी Steel Authority of India Limited (सेल) ने वित्त वर्ष 26 के अप्रैल-फरवरी अवधि में 18.24 मिलियन टन स्टील बेचकर अब तक की सबसे अधिक बिक्री का रिकॉर्ड बनाया। यह सालाना आधार पर 14 प्रतिशत अधिक है। स्टील मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी साझा की और बताया कि इस अवधि में कैश कलेक्शन 1.11 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। फरवरी में विशेष प्रदर्शनमंत्रालय ने बताया कि अकेले फरवरी 2026 में सेल ने 1.58 मिलियन टन की कुल बिक्री की। इसके साथ ही कंपनी ने जनवरी की तुलना में स्टॉक में 1.05 लाख टन की कमी की और अपने ऋण को 1,000 करोड़ रुपए घटाया। ये आंकड़े वित्तीय अनुशासन और कुशल संचालन का संकेत देते हैं। रिटेल बिक्री और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोणसेल ने रिटेल बिक्री के क्षेत्र में भी सुधार दिखाया। स्टॉकयार्ड बिक्री और घर-घर डिलीवरी दोनों में मजबूत सुधार हुआ, जो कंपनी के ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण को उजागर करता है। चेकर प्लेट उत्पादन की शुरुआतबाजार की बदलती मांग के अनुसार, सेल ने झारखंड के Bokaro Steel Plant में चेकर प्लेट का उत्पादन फिर से शुरू किया है। यह उत्पाद पहली बार बोकारो में बनाया जा रहा है और प्रमुख क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादक क्षमता बढ़ाने का कदम है। वित्तीय अनुशासन और बाजार तालमेलकंपनी के निदेशक (वाणिज्यिक) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे A.K. Panda ने कहा कि कंपनी बाजार की जरूरतों को पूरा करते हुए वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया, “हम इन्वेंट्री और कार्यशील पूंजी का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करके वित्तीय अनुशासन प्रदर्शित कर रहे हैं, जो कंपनी की नींव को मजबूत करता है।” रिकॉर्ड बिक्री और ग्राहक भरोसापांडा ने आगे कहा कि रिकॉर्ड बिक्री और नकद संग्रह हमारे ग्राहकों के हम पर भरोसे का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी बाजार के साथ तालमेल बिठाने और आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। सेल का यह प्रदर्शन न केवल वित्तीय मजबूती को दर्शाता है बल्कि यह संकेत भी देता है कि कंपनी अपने ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और कुशल प्रबंधन के साथ भविष्य में भी स्थिर और सतत विकास की राह पर आगे बढ़ रही है।

खंडवा में आग का कहर: 6 मकान जलकर खाक, 20 बकरियां जिंदा जलीं

खंडवा। खंडवा जिले के आदिवासी फाल्या में बुधवार दोपहर को आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पंधाना तहसील की शेखपुरा ग्राम पंचायत, जामली खुर्द खापरी गांव में धनतर मामा के फाल्या पर बने एक ही परिवार के 6 मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 20 बकरियां भी जिंदा जल गईं, जबकि मकानों में रखा पूरा घरेलू सामान राख में तब्दील हो गया। घटनास्थल पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 🔥 घटना का समय और शुरुआती जानकारीघटना दोपहर 1 बजे की बताई जा रही है। आग लगने के समय परिवार के सदस्य गेहूं की कटाई के लिए बाहर गए हुए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आग को रोकने के लिए ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों का उपयोग किया और खेतों में कल्टीवेटर चलाकर आग की लपटों को गेहूं की खड़ी फसलों तक फैलने से रोका। 🐐 जान-माल का भारी नुकसानमौके पर पहुंचे पटवारी प्रेमसिंह रावत ने बताया कि आग लगने के कारण फिलहाल अज्ञात हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई गई है, लेकिन जांच अभी जारी है। 20 बकरियां जिंदा जल गईं। 6 मकान पूरी तरह खाक हो गए, जिसमें 100 फीसदी नुकसान हुआ। घरों में रखी नकदी और चांदी भी आग की भेंट चढ़ गई। पीड़ितों ने बताया कि घरों में लगभग 5 लाख रुपए की नकदी रखी थी। एक परिवार के पास 2 लाख रुपए ट्रैक्टर की किश्त भरने के लिए थे। इसके अलावा महिलाओं के पास लगभग 5 किलो चांदी की ज्वैलरी थी। 📝 प्रशासन की कार्रवाईपटवारी रावत ने कहा कि पंचानामा बनाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसे जल्द ही तहसीलदार के समक्ष पेश किया जाएगा, ताकि सरकारी मदद और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हो सके। ⚡ ग्रामीणों का सहयोगग्रामीणों ने आग के फैलाव को रोकने के लिए तत्काल ट्रैक्टर और खेतों में कल्टीवेटर का इस्तेमाल किया। इससे आसपास की फसलें सुरक्षित रह सकीं और आग और अधिक व्यापक नहीं फैल सकी। 🏷️ कीवर्ड्स (comma-separated)खंडवा आग हादसा, आदिवासी फाल्या, 6 मकान जले, 20 बकरियां जिंदा जलीं, शॉर्ट सर्किट संभावना, फायर ब्रिगेड, पंधाना तहसील, जामली खुर्द खापरी, नकदी और चांदी जल गई, ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से आग रोकी, पंचानामा, तहसीलदार रिपोर्ट, घरेलू नुकसान, मध्य प्रदेश न्यूज, आग से परिवार प्रभावित

रियल एस्टेट निवेश में भारत की चमक, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बना प्रमुख केंद्र

नई दिल्ली। कॉलियर्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के नौ प्रमुख बाजारों में रियल एस्टेट निवेश के मामले में 2025 में सबसे तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की है। इस दौरान कुल निवेश 162 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया कि साल के दूसरे हिस्से में निवेश गतिविधियों में तेजी आई, क्योंकि खरीदार और विक्रेता कीमतों को लेकर एक-दूसरे के करीब आए। भारत और सिंगापुर में निवेश में सबसे अधिक बढ़ोतरीरिपोर्ट में उल्लेख है कि सिंगापुर और भारत में सालाना आधार पर सबसे ज्यादा निवेश वृद्धि हुई। सिंगापुर में 35 प्रतिशत और भारत में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार की बेहतर स्थिति और निवेश के आकर्षक अवसरों को दर्शाती है। विदेशी निवेशकों की मजबूत भागीदारीकॉलियर्स इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर Badal Yagnik ने कहा कि भारत में विदेशी निवेशकों की भागीदारी भी काफी मजबूत रही। 8.5 अरब डॉलर के निवेश में से करीब 43 प्रतिशत हिस्सा विदेशी निवेशकों का था। उन्होंने कहा कि घरेलू और विदेशी निवेश दोनों ने मिलकर भारत को रियल एस्टेट निवेश का आकर्षक केंद्र बना दिया है। ऑफिस प्रॉपर्टी में सबसे अधिक निवेशरिपोर्ट में बताया गया कि 2025 में भारत में सबसे ज्यादा निवेश ऑफिस प्रॉपर्टी में हुआ। इसकी वजह उच्च गुणवत्ता वाले ऑफिस स्पेस की लगातार मांग और प्रमुख केंद्रीय व्यापार क्षेत्र (सीबीडी) में सीमित नई आपूर्ति रही। भारत में 2025 में ऑफिस प्रॉपर्टी में करीब 4.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल संस्थागत निवेश का आधे से अधिक हिस्सा है। रिटेल और वैकल्पिक एसेट्स में भी निवेश बढ़ारिटेल सेक्टर में निवेश सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ा। बेहतर एसेट प्रदर्शन और उपभोक्ताओं के बढ़ते भरोसे ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। इसके अलावा, वैकल्पिक एसेट क्लास सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर बना, जहां संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग देखने को मिली। 2026 में निवेश की संभावनाएंरिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में भी भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश मजबूत रहने की संभावना है। इसकी वजह देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं और उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियों की लगातार मांग है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताएं निवेश पर असर डाल सकती हैं। विशेषज्ञों की रायकॉलियर्स इंडिया के रिसर्च नेशनल डायरेक्टर Vimal Nadar ने कहा कि भारत में संस्थागत निवेशकों की पहली पसंद ऑफिस सेक्टर ही बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 2025 में नौ प्रमुख एशिया-प्रशांत बाजारों में से पांच में रियल एस्टेट निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा ऑफिस सेक्टर का रहा। रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार, भारत न केवल एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर रियल एस्टेट निवेश के लिए आकर्षक और स्थिर केंद्र बनता जा रहा है। देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि, निवेशकों के भरोसे और उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियों की मांग इस स्थिति को और मजबूत करती है।

अंजना हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया, पूर्व मंत्री पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें

सागर । मध्य प्रदेश के सागर जिले के बरोदिया नौनागिर में हुए बहुचर्चित अंजना हत्याकांड में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने मध्य प्रदेश पुलिस की जांच थ्योरी को खारिज करते हुए पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया। यह आदेश जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने जारी किया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पीड़ित परिवार शुरू से ही आरोप लगाता रहा है कि आरोपियों को पूर्व मंत्री और स्थानीय रसूखदारों का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण पुलिस ने कभी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। रसूखदारों का साया और राजनीतिक संरक्षणपीड़ित परिवार का आरोप है कि मुख्य आरोपियों को पूर्व मंत्री का संरक्षण मिला था। इसी कारण 2019 में अंजना के साथ हुई छेड़छाड़ की शिकायत पर पुलिस ने कड़ी धाराएं नहीं लगाईं। इसके बाद गवाहों को धमकाने और हत्या की घटनाओं का सिलसिला शुरू हुआ। पहले अंजना के भाई नितिन की पीट-पीटकर हत्या की गई। इसके बाद मुख्य गवाह चाचा राजेंद्र की हत्या हुई। पुलिस इन हत्याओं को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही। अंजना की मौत और पुलिस की लापरवाहीसबसे बड़ी लापरवाही तब हुई जब मुख्य गवाह अंजना की संदिग्ध मौत हुई। चाचा राजेंद्र का शव एम्बुलेंस से लाते समय अंजना की मौत हो गई। पुलिस ने इसे गाड़ी से गिरना बताकर केस को रफा-दफा करने की कोशिश की। हालांकि पोस्टमार्टम में अंजना के शरीर पर 14 गंभीर चोटें और सिर की हड्डी में 9 सेंटीमीटर का बड़ा फ्रैक्चर पाया गया, जो स्पष्ट हत्या की कहानी बयान करता है। सियासी गलियारों में हलचलमामला राज्य की सियासत में भी गरमा गया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मृतका की मां से राखी बंधवाकर न्याय दिलाने की कसम खाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी परिवार से मिलकर सांत्वना दी। लेकिन स्थानीय राजनीतिक दबाव के चलते पीड़ित परिवार को पुलिस जांच पर अविश्वास था। अब होगी CBI जांचसुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता (अंजना की मां ‘बड़ी बहू’) की ओर से वकील कोलिन गोंजाल्विस, मीनाक्षी अरोरा और मिनेश दुबे ने पक्ष रखा। अब CBI की टीम सागर आएगी, पुलिस के अब तक के सभी रिकॉर्ड जब्त करेगी और मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।गवाहों को धमकाने वाले ‘सफेदपोश’ चेहरे और पुलिस-नेताओं के गठजोड़ की जांच होगी।राजनीतिक संरक्षण देने वाले बड़े नेताओं से भी पूछताछ हो सकती है।पूरे मामले में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की संभावना बढ़ गई है। 

भारत अमेरिका का अहम साथी, तेल की कीमतें स्थिर रखने में भी निभा रहा भूमिका: राजदूत सर्जियो गोर

नई दिल्ली। भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा है कि भारत दुनिया में तेल की कीमतों को स्थिर रखने में एक अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर लिखा कि भारत की रूस से निरंतर तेल खरीद ऊर्जा बाजार को स्थिर करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। राजदूत ने इसे अमेरिका और भारत के बीच वैश्विक तेल मार्केट में स्थिरता लाने वाले सहयोग का उदाहरण बताया। भारत: तेल का बड़ा उपभोक्ता और रिफाइनरSergio Gor ने आगे कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और रिफाइनर है, इसलिए भारत की नीतियां वैश्विक तेल बाजार पर सीधे असर डालती हैं। उन्होंने कहा, “अमेरिका और भारत को मिलकर मार्केट में स्थिरता लाने के लिए काम करना जरूरी है।” इस बयान के साथ उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रूस से भारत की लगातार तेल खरीद इस वैश्विक स्थिरता प्रयास का हिस्सा है। ईरान संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य की भूमिकायह बयान ऐसे समय आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में खतरा पैदा हुआ है। इसके चलते तेल कीमतों में उथल-पुथल होने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका ने इस स्थिति में भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए विशेष छूट दी थी, ताकि तेल की आपूर्ति को बनाए रखा जा सके और बाजार में स्थिरता बनी रहे। व्हाइट हाउस की पुष्टिव्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Caroline Leavitt ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रपति, ट्रेजरी विभाग और नेशनल सिक्योरिटी टीम की बैठक के बाद लिया गया। उनका कहना था कि भारत अमेरिका के लिए भरोसेमंद सहयोगी रहा है और इस फैसले से वैश्विक तेल सप्लाई में ईरान संकट से पैदा हुए अंतर को कम करने में मदद मिली। रूस को आर्थिक लाभ का कोई खास असर नहींलेविट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस छूट से मास्को को आर्थिक रूप से कोई खास फायदा नहीं होगा। इसका उद्देश्य केवल वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति और स्थिरता बनाए रखना था। उन्होंने बताया कि छूट मिलने से पहले ही भारत के लिए शिपमेंट भेज दिए गए थे, जिससे तेल आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं आई। राजदूत Sergio Gor के बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत न केवल खुद के लिए बल्कि वैश्विक स्तर पर तेल बाजार की स्थिरता सुनिश्चित करने में अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। रूस से भारत की तेल खरीद को भी इसी दृष्टिकोण से देखा जा रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट में संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर किया पुण्य स्मरण

भोपाल । भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज ने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और उनका शौर्य एवं पराक्रम आज भी सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। डॉ. यादव ने जोर देते हुए कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज की गौरव गाथा सदैव भारतीय इतिहास और मराठा गौरव का प्रतीक बनी रहेगी। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे महाराज के साहस, बलिदान और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को अपनाएं और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करें। मुख्यमंत्री के इस स्मरण कार्यक्रम में अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया और महाराज के सम्मान में पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर प्रदेश में शौर्य और वीरता की भावना को जागरूक रखने पर जोर दिया गया।

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने रचना टॉवर परिसर का दौरा किया, सौंदर्यीकरण और पार्क बनाने के दिए निर्देश

भोपाल । भोपाल सहकारिता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत स्थित रचना टॉवर परिसर का दौरा कर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मिलकर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं पर चर्चा की। नागरिकों द्वारा बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं और परिसर के सौंदर्यीकरण की मांग उठाए जाने पर मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को रचना टॉवर के सामने स्थित पेविंग के पास सौंदर्यीकरण कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस स्थान को व्यवस्थित और आकर्षक रूप देने के लिए पार्क का विकास किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराना है और क्षेत्र की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है। मंत्री ने पार्क के साथ ही ओपन जिम की स्थापना करने के भी आदेश दिए ताकि नागरिक नियमित रूप से व्यायाम कर सकें और स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बढ़ती आबादी को देखते हुए इस प्रकार की सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क और ओपन जिम की फेंसिंग कर उसे सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए। सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर मंत्री श्री सारंग ने रचना टॉवर परिसर के सामने पोल लाइट लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रकाश व्यवस्था से न केवल परिसर आकर्षक बनेगा बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सौंदर्यीकरण और पार्क निर्माण के सभी कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्रता से क्रियान्वयन किया जाए ताकि नागरिक जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद थे। नागरिकों ने क्षेत्र में विकास के लिए मंत्री श्री सारंग का आभार व्यक्त किया और उनकी पहल की सराहना की। मंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे परियोजना के दौरान अपनी सुझाव और आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराते रहें ताकि कार्य अधिक प्रभावी और सभी के लिए लाभकारी हो। रचना टॉवर परिसर का यह सौंदर्यीकरण और पार्क निर्माण केवल एक जगह को सुंदर बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे क्षेत्र के जीवन स्तर को सुधारने और नागरिकों के लिए बेहतर सामाजिक और मनोरंजन सुविधाओं की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मंत्री की इस पहल से स्थानीय जनता को स्वच्छता सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली की सुविधा मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि निर्देशानुसार सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएंगे और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई: महिलाओं की शिकायतों पर फौरन कार्रवाई का भरोसा

भोपाल।  राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर बुधवार को एमएलबी कॉलेज, भोपाल में आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याओं को सुनने और समाधान कराने के लिए पहुंची। आयोग ने मौके पर ही कई मामलों का समाधान करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान एक महिला, जो एक साल के बच्चे के साथ आई थी, ने आयोग के सामने बताया कि वर्ष 2025 से कोई उसका पीछा कर परेशान कर रहा है। उसने यह शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और महिला को भरोसा दिलाया कि उसकी समस्या का समाधान किया जाएगा। इसी बीच करोंद क्षेत्र की सुधीर राय की पत्नी भी बेंच के सामने आईं और बताया कि उनका विवाद सुलझ गया है, लेकिन आयोग को दी गई शिकायत में उनका नाम अब तक नहीं हटाया गया, इसलिए उन्हें फिर से आना पड़ा। इस पर अध्यक्ष रहाटकर ने गुलदस्ता देकर विवाद समाप्त कराया और महिला को राहत दिलाई। 📝 आयोग का उद्देश्य और कार्यप्रणालीअध्यक्ष रहाटकर ने बताया कि कई महिलाएं सीधे राष्ट्रीय या राज्य महिला आयोग तक अपनी शिकायतें नहीं पहुंचा पाती, इसलिए आयोग स्वयं महिलाओं के बीच जाकर जनसुनवाई कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं आसानी से अपने अधिकारों के लिए शिकायत दर्ज करा सकें और मौके पर समाधान पा सकें। भोपाल में इस जनसुनवाई के दौरान करीब 50 मामलों की सुनवाई की जाएगी। सुनवाई में कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, संबंधित थानों के अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। इससे कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया जा सकता है और शिकायतकर्ता को तुरंत राहत मिलती है। ⚡ प्रशासनिक तैयारी और व्यवस्थाअध्यक्ष के आने से पहले ही भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उनकी पूरी टीम सुनवाई स्थल पर पहुंच गई थी। दरअसल, पिछले वर्ष आयोग अध्यक्ष के समय पर आने पर कलेक्टर की देरी से नाराजगी जताई गई थी, इसलिए इस बार प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया गया। अधिकारियों ने सुनवाई स्थल की तैयारियों की समीक्षा की और महिलाओं के स्वागत के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की। 🔹 प्रमुख बातेंमहिलाओं की शिकायतें गंभीर और संवेदनशील थीं, जिनमें घरेलू हिंसा, पीछा करने वाले, और पुलिस की लापरवाही शामिल थी। आयोग ने 50 मामलों की सुनवाई शुरू की और कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष का पद फिलहाल खाली है। इस संबंध में वे उचित मंच पर अपनी बात रखेगी। आयोग का उद्देश्य है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आसानी से शिकायत कर सकें और तुरंत न्याय और सुरक्षा प्राप्त कर सकें। भोपाल, राष्ट्रीय महिला आयोग, विजया रहाटकर, जनसुनवाई, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, पीछा करने वाला, पुलिस शिकायत, एमएलबी कॉलेज, मध्य प्रदेश, महिलाओं की समस्याएं, समाधान मौके पर, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, 50 मामलों की सुनवाई, राज्य महिला आयोग, महिला शिकायतें, कानूनी कार्रवाई, गंभीर मामलों की सुनवाई, महिला अधिकार, आयोग बेंच, सरकारी प्रोटोकॉल, न्यायिक समाधान

जीतू पटवारी का बड़ा आरोप: जल संसाधन विभाग में टेंडर सिंडिकेट

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जल संसाधन विभाग (WRD) में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए कहा कि प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं में सिर्फ ठेकेदारी और कमीशन का खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि बड़े टेंडरों में केवल चुनिंदा कंपनियों का कब्जा है और प्रतिस्पर्धा खत्म कर दी गई है। पटवारी ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि अगर जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस दस्तावेजों के साथ सीबीआई जाएगी। उन्होंने कहा, “सरकार इसे ‘कृषि वर्ष’ कह रही है, जबकि यह ‘कमीशन वर्ष’ है। कल ही सरकार ने 5800 करोड़ का कर्ज लिया, लेकिन यह पैसा किसानों के पास नहीं, बल्कि चहेते ठेकेदारों की जेब में जा रहा है।” 💥 पटवारी के 5 प्रमुख आरोपटेंडर सिंडिकेट: बड़े टेंडरों में केवल फलोदी और गुप्ता कंस्ट्रक्शन जैसी कंपनियां ही L1 रोटेशन सिस्टम के तहत जीतती हैं। कभी एक कंपनी, कभी दूसरी – प्रतिस्पर्धा खत्म। दुबई कनेक्शन और मनी ट्रेल: पटवारी ने दो नामों नौशाद और अश्विन नाटू का जिक्र किया। आरोप लगाया कि इन लोगों के साथ मंत्रियों के रिश्तेदारों के दुबई बिजनेस हैं। मामला सीधे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हो सकता है। फर्जी बैंक गारंटी: विभाग में ठेकेदार फर्जी बैंक गारंटी जमा कर करोड़ों का एडवांस ले रहे हैं। जल निगम में फर्जीवाड़ा पकड़ने के बाद भी e-BG सिस्टम लागू नहीं किया गया। भाजपा कार्यालय और केन-बेतवा लिंक: केन-बेतवा प्रोजेक्ट का ठेका उसी कंपनी को मिला जो भाजपा कार्यालय का निर्माण कर रही है। पटवारी ने कहा कि यह पार्टी दफ्तर बनाओ, कमीशन लो और फिर काम करो या रोक दो का खेल है। तकनीकी धोखाधड़ी: जमीन पर सस्ते HDPE पाइप डाले गए और कागजों में महंगे DI पाइप दिखाकर करोड़ों का भुगतान किया गया। ❓ सवाल और चेतावनीपटवारी ने पूछा: “नौशाद और अश्विन नाटू कौन हैं?” सरकार से पूछा कि सभी बैंक गारंटियों की जांच कब होगी। 2023-24 के टेंडरों की न्यायिक जांच अभी तक क्यों नहीं कराई गई? उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो सीबीआई शिकायत दी जाएगी। सिंचाई के रकबे का सरकारी दावा झूठा है, कांग्रेस स्वयं सत्यापन कर सच सामने लाएगी। 🏷️ कीवर्ड्स (comma-separated)जीतू पटवारी, जल संसाधन विभाग, WRD, टेंडर सिंडिकेट, भ्रष्टाचार, ठेकेदारी, कमीशन, केन-बेतवा प्रोजेक्ट, भाजपा कार्यालय, नौशाद, अश्विन नाटू, फर्जी बैंक गारंटी, e-BG सिस्टम, HDPE पाइप, DI पाइप, मध्य प्रदेश, सीबीआई शिकायत, सिंचाई परियोजनाएं, L1 रोटेशन, कांग्रेस अल्टीमेटम

व्हाइट हाउस: अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

वाशिंगटन । वाशिंगटन: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित नहीं होने देंगे और इस रणनीति का एक मुख्य हिस्सा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे अमेरिकी सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में शामिल है। दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल की आपूर्ति लगातार जारी रहनी चाहिए ताकि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को उनकी ऊर्जा जरूरतें मिलती रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने का प्रयास करता है तो उसे कड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। लेविट ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे ताकतवर है और होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की रुकावट को रोकने के लिए अब तक से भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे ज़रूरी एनर्जी चेकपॉइंट्स में से एक है जहां से वैश्विक तेल शिपमेंट का बड़ा हिस्सा गुजरता है। कोई भी रुकावट तेल की कीमतों को तेजी से बढ़ा सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार को अस्थिर कर सकती है। व्हाइट हाउस ने बताया कि ईरान संघर्ष के दौरान ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने की संभावना को पहले से भांपा गया था। इसी वजह से प्रशासन ने खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। अब तक ट्रंप प्रशासन ने टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा और अस्थायी राहत प्रदान की है। सुरक्षा उपायों में अमेरिकी नौसेना की संभावित भूमिका भी शामिल है। जरूरत पड़ने पर नौसेना तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकालने के लिए उनके साथ चल सकती है। व्हाइट हाउस ने कहा कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे के कदमों पर लगातार विचार कर रहा है। लेविट ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी ऊर्जा टीम बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उद्योग जगत के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी सेना को निर्देश दिए गए हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए अतिरिक्त विकल्प तैयार किए जाएं। बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर चिंतित अमेरिकी नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए लेविट ने कहा कि हाल की बढ़ोतरी अस्थायी है और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के सफल होने से लंबी अवधि में तेल और गैस की कीमतों में गिरावट आएगी। उन्होंने कहा एक बार जब ऑपरेशन के नेशनल सिक्योरिटी मकसद पूरे होंगे तो अमेरिकी तेल और गैस की कीमतें तेजी से गिरेंगी। व्हाइट हाउस के अनुसार ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना उसकी नेवी फोर्स को सीमित करना और उसे न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकना है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ता है और दुनिया के बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं जैसे भारत चीन जापान और यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं की भी सुरक्षा पर नजर है।