हंसल मेहता के बड़े ऐलान: रणवीर सिंह की ‘प्रलय’ से लेकर एक्शन फिल्म पोरबंदर’ और हॉरर प्रोजेक्ट मेहफूज तक कई नई परियोजनाएं

नई दिल्ली । फिल्म निर्देशक हंसल मेहता एक बार फिर अपने नए और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने निर्माता साहिल सैगल के साथ मिलकर अपनी कंपनी ट्रू स्टोरी फिल्म्स के तहत कई नई फिल्मों और सीरीज की घोषणा की है। इन परियोजनाओं में अलग अलग शैलियों की कहानियां शामिल हैं, जिनमें एक्शन, हॉरर, ड्रामा और पोस्ट एपोकैलिप्टिक थ्रिलर जैसे विषय प्रमुख हैं। कंपनी का लक्ष्य भारतीय सिनेमा में नई और प्रयोगधर्मी कहानियां पेश करना है। इन प्रोजेक्ट्स में सबसे ज्यादा चर्चा रणवीर सिंह की आने वाली फिल्म प्रलय को लेकर हो रही है। यह एक पोस्ट एपोकैलिप्टिक थ्रिलर फिल्म होगी, जिसका निर्देशन जय मेहता करेंगे। इस फिल्म का निर्माण बड़े पैमाने पर किया जाएगा और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीम के साथ तैयार किया जा रहा है। फिल्म का सह निर्माण रणवीर सिंह के प्रोडक्शन बैनर के साथ मिलकर किया जा रहा है। हंसल मेहता ने इस फिल्म को लेकर कहा कि यह ऐसी फिल्म होगी, जैसी भारत में पहले कभी नहीं बनी है। उनका मानना है कि यह प्रोजेक्ट दर्शकों को बिल्कुल नया सिनेमाई अनुभव देगा। जानकारी के मुताबिक फिल्म की शूटिंग इस साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। हंसल मेहता खुद भी एक नई एक्शन फिल्म पोरबंदर का निर्देशन करने जा रहे हैं। इस फिल्म का नाम गुजरात के प्रसिद्ध तटीय शहर पोरबंदर के नाम पर रखा गया है, जो महात्मा गांधी की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है। हालांकि मेहता ने साफ किया है कि फिल्म की कहानी पूरी तरह से अलग और अनोखे अंदाज में पेश की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ पोरबंदर का संबंध महात्मा गांधी से है, वहीं दूसरी तरफ यह फिल्म एक दमदार एक्शन कहानी को सामने लाएगी। इसके अलावा ट्रू स्टोरी फिल्म्स के बैनर तले बनने वाली एक और फिल्म केहर सिंह भी चर्चा में है। इस फिल्म का निर्देशन फायर इन द माउंटेंस के निर्देशक अजीतपाल सिंह करेंगे। कंपनी ने इसे एक भव्य और बड़े स्तर का प्रोजेक्ट बताया है। हालांकि फिलहाल इसकी कहानी और कलाकारों से जुड़ी अधिक जानकारी सामने नहीं आई है और इसे समय आने पर साझा किया जाएगा। इन फिल्मों के अलावा मेहफूज नाम की एक हॉरर फिल्म भी इस बैनर के तहत बनाई जा रही है। यह एक नरभक्षी विषय पर आधारित हॉरर प्रोजेक्ट है। बताया जा रहा है कि फिल्म का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और एक स्टूडियो भी इससे जुड़ चुका है, लेकिन अभी तक इसके निर्देशक की घोषणा नहीं की गई है। फिल्मों के साथ साथ यह कंपनी डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए भी कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। ट्रू स्टोरी फिल्म्स अमेजन एमजीएम स्टूडियोज के साथ मिलकर दिलकशी नाम की फिल्म का निर्माण कर रही है। इस फिल्म का निर्देशन मलयालम सिनेमा के चर्चित निर्देशक लिजो जोस पेलिसरी कर रहे हैं और यह उनकी हिंदी सिनेमा में पहली फिल्म होगी। खास बात यह है कि इस फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान तैयार कर रहे हैं। सीरीज की बात करें तो कंपनी नेटफ्लिक्स की फैमिली बिजनेस का सह निर्माण कर चुकी है और एक नए शो पर भी काम जारी है। इन विविध प्रोजेक्ट्स के जरिए हंसल मेहता और उनकी टीम भारतीय सिनेमा और ओटीटी की दुनिया में नई और अनोखी कहानियां पेश करने की तैयारी कर रही है।
DHURANDHAR 2: धुरंधर 2 के ट्रेलर में रणवीर सिंह की 25 लाख की घड़ी ने बढ़ाई सस्पेंस की धड़कनें, किरदार के बढ़ते रुतबे का बड़ा संकेत

DHURANDHAR 2: नई दिल्ली । एक्शन और सस्पेंस से भरपूर फिल्म धुरंधर: द रिवेंज का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में आ गया है। ट्रेलर में दमदार एक्शन भावुक सीन और किरदारों की गहराई ने दर्शकों की उत्सुकता काफी बढ़ा दी है। खास तौर पर बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह के किरदार हमजा अली मजारी को लेकर फैंस के बीच अलग ही क्रेज देखने को मिल रहा है। ट्रेलर में उनका रफ एंड टफ अंदाज पहले से भी ज्यादा प्रभावशाली दिखाई देता है लेकिन इस बार उनके किरदार में एक नया लग्जरी टच भी देखने को मिला है जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दरअसल ट्रेलर के एक भावुक दृश्य में हमजा अली मजारी काले रंग के पठानी सूट और लंबे बालों में सिर पकड़े रोते हुए नजर आते हैं। इस सीन के दौरान उनके हाथ में एक बेहद महंगी घड़ी दिखाई देती है जिसे फैंस ने तुरंत पहचान लिया। यह घड़ी रोलेक्स कॉस्मोग्राफ डेटोना बताई जा रही है जो मशहूर स्विस ब्रांड रोलेक्स की लग्जरी घड़ियों में है। गिनी जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घड़ी की कीमत करीब 25 लाख रुपये है। ट्रेलर के इस छोटे से डिटेल ने फिल्म की कहानी को लेकर कई तरह के कयासों को जन्म दे दिया है। फैंस का मानना है कि यह लग्जरी घड़ी और उंगलियों में पहनी अंगूठियां सिर्फ स्टाइल का हिस्सा नहीं हैं बल्कि यह हमजा के बढ़ते रुतबे और अंडरवर्ल्ड में उसकी ताकत का प्रतीक हो सकती हैं। फिल्म के पहले पार्ट में हमजा ने लयारी के कुख्यात डॉन रहमान डकैत का अंत कर दिया था। ऐसे में माना जा रहा है कि दूसरे पार्ट में हमजा का प्रभाव और भी ज्यादा बढ़ चुका है और वह गैंगवार और पॉलिटिक्स के बड़े खेल में अहम खिलाड़ी बन चुका है। बुलियन मार्केट में नरमी, गोल्ड-सिल्वर के दाम घटे; ग्लोबल डेटा पर टिकी नजर इतना ही नहीं फिल्म की कहानी में इस बार हमजा की असली पहचान का भी खुलासा होने वाला है। बताया जा रहा है कि हमजा अली मजारी दरअसल जकीरत सिंह रागी नाम का एक भारतीय जासूस था जिसने दुश्मन नेटवर्क के अंदर घुसकर बड़ी साजिशों का पर्दाफाश किया। ऐसे में ट्रेलर में दिखाई गई महंगी घड़ी को कई लोग उसकी नई पहचान ताकत और मिशन की सफलता का संकेत भी मान रहे हैं। फिल्म में सिर्फ रणवीर सिंह ही नहीं बल्कि कई बड़े सितारे भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। अभिनेता संजय दत्त एक बार फिर एसपी चौधरी असलम के दमदार किरदार में दिखाई देंगे जबकि अर्जुन रामपाल मेजर कुछ की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं आर. माधवन अजय सान्याल के किरदार में कहानी को नई दिशा देते दिखाई देंगे। इनके अलावा सारा अर्जुन और राकेश बेदी भी अपने पुराने किरदारों को आगे बढ़ाते नजर आएंगे। ट्रेलर से साफ संकेत मिलता है कि इस बार कहानी पहले से ज्यादा खतरनाक और रोमांचक होने वाली है। एक्शन इमोशन और साजिशों से भरी इस फिल्म का मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और चुनौतीपूर्ण दिखाया गया है। बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म की एडवांस बुकिंग भी जबरदस्त रफ्तार से आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पेड प्रिव्यू से ही फिल्म करोड़ों की कमाई कर चुकी है और अनुमान लगाया जा रहा है कि यहपवन कल्याण की फिल्म ‘दे कॉल हिम ओजी’ के पेड़ प्रिव्यू कलेक्शन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ो ड़ सकती है। कुल मिलाकर ट्रेलर में दिखाई गई एक छोटी सी डिटेल रणवीर सिंह के हाथ की 25 लाख की घड़ी ने फिल्म की कहानी को लेकर दर्शकों की जिज्ञासा और भी बढ़ा दी है। अब फैंस को इंतजार है कि फिल्म रिलीज होने के बाद यह लग्जरी घड़ी कहानी में कितना बड़ा राज खोलती है।
UJJAIN MAHAKAL TEMPLE: महाकाल भस्म आरती: भांग चंदन और बेलपत्र से सजा बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गूंजे जय महाकाल के जयकारे

UJJAIN MAHAKAL TEMPLE: उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर तड़के करीब 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए जिसके बाद विधि-विधान से भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध दही घी शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजन संपन्न किया गया। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से गूंजता रहा जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। बाबा को चंदन का त्रिपुंड और त्रिनेत्र से अलंकृत किया गया वहीं भांग और बेलपत्र से भी विशेष सजावट की गई। सुगंधित पुष्पों और मालाओं से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनमोहक नजर आ रहा था। इसके बाद भस्म अर्पण की परंपरा निभाई गई। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म रमाई गई। यह परंपरा महाकाल मंदिर की सबसे विशेष और प्राचीन परंपराओं में से एक मानी जाती है। भस्म आरती के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल रुद्राक्ष की माला और विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। इसके साथ ही कई आभूषणों से भगवान का अलंकरण किया गया जिससे उनका स्वरूप और भी दिव्य दिखाई दे रहा था। तड़के आयोजित इस भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में हर ओर जय महाकाल के जयकारे गूंज रहे थे जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के पास पहुंचकर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं और बाबा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। उज्जैन के महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस अद्भुत परंपरा को देखने और बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से बाबा महाकाल के दर्शन और आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
Indian Wells Open: इंडियन वेल्स ओपन में जैनिक सिनर का जलवा, फोंसेका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह

Indian Wells Open: नई दिल्ली: दुनिया के नंबर-2 टेनिस खिलाड़ी Jannik Sinner ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Indian Wells Open के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। इटली के 24 वर्षीय स्टार खिलाड़ी ने ब्राजील के युवा टेनिस खिलाड़ी João Fonseca को कड़े मुकाबले में 7-6 (6), 7-6 (4) से हराया। दोनों सेट टाई-ब्रेक तक पहुंचे, लेकिन अहम मौकों पर सिनर ने संयम दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। टाई-ब्रेक में दिखाया जबरदस्त धैर्य मैच की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहले सेट में किसी भी खिलाड़ी को आसानी से ब्रेक नहीं मिला। टाई-ब्रेक में João Fonseca ने 5-2 की बढ़त बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि वह सेट अपने नाम कर लेंगे। लेकिन Jannik Sinner ने शानदार वापसी करते हुए लगातार पांच अंक जीत लिए और तीन सेट पॉइंट बचाकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। इस शानदार वापसी ने मैच का रुख बदल दिया। दूसरे सेट में भी रोमांचक मुकाबला दूसरे सेट में सिनर ने 4-2 और फिर 5-2 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से मैच जीत जाएंगे। हालांकि João Fonseca ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी की। जब सिनर 5-3 पर मैच के लिए सर्व कर रहे थे, तब फोंसेका ने उन्हें लव पर ब्रेक कर दिया और अगले 14 में से 12 अंक जीतकर सेट को फिर से टाई-ब्रेक में पहुंचा दिया। लेकिन टाई-ब्रेक के निर्णायक क्षणों में सिनर ने फिर अपना बेहतरीन खेल दिखाया। उन्होंने आखिरी चार अंक लगातार जीतकर मैच को अपने नाम कर लिया। मास्टर्स 1000 में नया रिकॉर्ड इस जीत के साथ Jannik Sinner ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की। 2024 की शुरुआत से खेले गए 12 ATP Masters 1000 टूर्नामेंट में से 11 में उन्होंने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया है। इसके अलावा यह उनकी मास्टर्स 1000 स्तर पर 97वीं जीत भी रही। इस जीत के साथ ही वह इस स्तर पर सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले इटैलियन खिलाड़ी बन गए और उन्होंने अपने हमवतन Fabio Fognini को पीछे छोड़ दिया। सिनर ने की फोंसेका की तारीफ मैच के बाद सिनर ने युवा खिलाड़ी फोंसेका की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “जोआओ एक जबरदस्त खिलाड़ी हैं और उनमें काफी प्रतिभा है। वह दोनों तरफ से बेहद शक्तिशाली शॉट खेलते हैं और उनकी सर्विस भी शानदार थी। मुझे लगा कि आक्रामक खेलना ही इस मैच को जीतने का सबसे अच्छा तरीका था।” उन्होंने यह भी माना कि दूसरे सेट के अंत में उनकी तीव्रता थोड़ी कम हो गई थी, जिसका फायदा फोंसेका ने उठाया। क्वार्टर फाइनल में होगी कड़ी टक्कर अब क्वार्टर फाइनल में Jannik Sinner का मुकाबला अमेरिका के युवा खिलाड़ी Learner Tien से होगा। सिनर शानदार फॉर्म में हैं और इस टूर्नामेंट में खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक माने जा रहे हैं। ऐसे में क्वार्टर फाइनल मुकाबला भी बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
ICC Men’s T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप पर मांजरेकर की राय, बोले- 1983 और 2011 की जीत का अलग ही स्तर

ICC Men’s T20 World Cup 2026: नई दिल्ली। टीम इंडिया के हाल ही में ICC Men’s T20 World Cup 2026 का खिताब जीतने के बाद क्रिकेट जगत में जश्न का माहौल है, लेकिन इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर Sanjay Manjrekar के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। मांजरेकर ने कहा है कि भारत की टी20 विश्व कप जीतें, वनडे विश्व कप 1983 और 2011 की ऐतिहासिक जीत के बराबर नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। मांजरेकर के बयान से छिड़ी नई बहस पूर्व क्रिकेटर Sanjay Manjrekar अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। टीम इंडिया के टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने कहा कि टी20 विश्व कप के खिताबों को सही नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने लिखा कि भारत की तीन टी20 विश्व कप जीत-2007, 2024 और 2026-की तुलना 50 ओवर के विश्व कप की जीत से नहीं की जा सकती। मांजरेकर के मुताबिक, वनडे विश्व कप की चुनौती और प्रतिष्ठा टी20 विश्व कप से कहीं ज्यादा है। 1983 और 2011 की जीत को बताया ज्यादा खास मांजरेकर ने अपनी पोस्ट में कहा कि 1983 Cricket World Cup में Kapil Dev की कप्तानी में मिली जीत और 2011 Cricket World Cup में MS Dhoni की कप्तानी में हासिल खिताब भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे बड़े पल हैं। उनका कहना है कि इन टूर्नामेंट्स की कठिनाई, दबाव और प्रतिस्पर्धा टी20 विश्व कप की तुलना में कहीं अधिक थी। इसलिए इन जीतों का महत्व भी ज्यादा है। फैंस ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी टीम इंडिया की हालिया सफलता के तुरंत बाद आया यह बयान कई भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर कई फैंस ने मांजरेकर की आलोचना करते हुए कहा कि टी20 विश्व कप जीत भी उतनी ही बड़ी उपलब्धि है। कुछ फैंस ने यह भी कहा कि आधुनिक क्रिकेट में टी20 फॉर्मेट का महत्व तेजी से बढ़ा है और इसे कमतर आंकना ठीक नहीं है। भारत की ऐतिहासिक वनडे विश्व कप जीत भारतीय क्रिकेट टीम ने अपना पहला वनडे विश्व कप 1983 Cricket World Cup में जीता था। उस समय Kapil Dev की कप्तानी में भारत ने फाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर इतिहास रच दिया था। इसके बाद भारत को दूसरा वनडे विश्व कप जीतने में पूरे 28 साल का इंतजार करना पड़ा। यह सपना MS Dhoni की कप्तानी में 2011 में पूरा हुआ, जब भारत ने मुंबई में श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया। टी20 विश्व कप में भी भारत का शानदार रिकॉर्ड भारत ने अपना पहला टी20 विश्व कप ICC Men’s T20 World Cup 2007 में जीता था, जब MS Dhoni टीम के कप्तान थे। इसके बाद लंबे इंतजार के बाद भारतीय टीम ने 2024 और 2026 में लगातार दो बार टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। 2026 के फाइनल में Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारत ने New Zealand national cricket team को अहमदाबाद में हराकर खिताब अपने नाम किया। भारत ने रचा नया इतिहास इस जीत के साथ भारत दुनिया की पहली टीम बन गई जिसने कुल तीन टी20 विश्व कप और लगातार दो टी20 विश्व कप खिताब जीते। इसके अलावा भारत ने अपने घरेलू मैदान पर भी टी20 विश्व कप जीतने का रिकॉर्ड बनाया। हालांकि टीम इंडिया की इस बड़ी उपलब्धि के बीच संजय मांजरेकर का बयान क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ गया है, जहां कुछ लोग उनसे सहमत हैं तो कई फैंस उनके विचारों से असहमति जता रहे हैं।
क्रिकेट मैदान से फिल्मी पर्दे तक, अंपायर अनिल चौधरी का अनोखा सफर

नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में अपनी सटीक फैसलों और शांत स्वभाव के लिए पहचान बनाने वाले Anil Chaudhary की कहानी बेहद दिलचस्प है। किसी भी व्यक्ति के लिए उस पेशे को छोड़ना आसान नहीं होता जिसमें उसने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी हो, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जीवन के किसी भी मोड़ पर नया रास्ता चुनने का साहस रखते हैं। भारतीय क्रिकेट के जाने-माने अंपायर अनिल चौधरी भी उन्हीं लोगों में से एक हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबा करियर बिताने के बाद अब उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखकर सभी को चौंका दिया है। दिल्ली से शुरू हुआ क्रिकेट का सफरAnil Chaudhary का जन्म 12 मार्च 1965 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर अंपायर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। साल 2013 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग की शुरुआत की और धीरे-धीरे दुनिया के प्रमुख अंपायरों में शामिल हो गए। करीब एक दशक से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग करने के बाद उन्होंने 2023 के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट और 2025 के बाद घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग को अलविदा कह दिया। नागपुर में खेला गया आखिरी घरेलू मैचउनका आखिरी घरेलू मुकाबला फरवरी 2025 में खेला गया Ranji Trophy का फाइनल था, जो Vidarbha cricket team और Kerala cricket team के बीच नागपुर में आयोजित हुआ था। वहीं उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 27 सितंबर 2025 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया वनडे मैच था। इस मैच के बाद उन्होंने मैदान पर अंपायरिंग की अपनी लंबी पारी को विराम दे दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड2013 से 2025 के बीच Anil Chaudhary ने कुल 12 टेस्ट, 49 वनडे और 64 टी20 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग की। इसके अलावा उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग Indian Premier League में भी 131 मुकाबलों में अंपायरिंग की जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने भारतीय अंपायर S Ravi के साथ मिलकर मैदान पर सबसे ज्यादा बार अंपायरिंग करने के रिकॉर्ड की बराबरी भी की। घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड भी काफी प्रभावशाली रहा, जिसमें 91 फर्स्ट-क्लास मैच, 114 लिस्ट-ए मुकाबले और 278 टी20 मैच शामिल हैं। Board of Control for Cricket in India ने 2022 में उन्हें ए-प्लस श्रेणी के चुनिंदा 10 अंपायरों में भी शामिल किया था। यूट्यूब पर भी बना ली खास पहचानअंपायरिंग को अलविदा कहने के बाद भी चौधरी क्रिकेट से दूर नहीं हुए। उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल “Umpire Call by Anil Chaudhary” शुरू किया, जहां वह क्रिकेट के नियमों को बेहद आसान भाषा में समझाते हैं। इसके साथ ही वह क्रिकेटरों से जुड़े दिलचस्प किस्से और मैदान के पीछे की कहानियां भी साझा करते हैं, जिन्हें क्रिकेट प्रेमी काफी पसंद करते हैं। अब फिल्मों की दुनिया में नई शुरुआतक्रिकेट और यूट्यूब में सफलता पाने के बाद अब अनिल चौधरी ने मनोरंजन जगत की ओर रुख किया है। हाल ही में उनका हरियाणवी म्यूजिक वीडियो ‘गोली तो चलेगी’ रिलीज हुआ है, जिसमें उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला। चौधरी घोड़े की सवारी करते हुए, बंदूक हाथ में लिए और हरियाणवी गैंगस्टर स्टाइल में नजर आते हैं। उनका यह रूप देखकर क्रिकेट फैंस और सिनेमा प्रेमी दोनों हैरान रह गए। एक्टिंग में कम दबाव, बोले चौधरीमुंबई में गाने के लॉन्च के दौरान Anil Chaudhary ने कहा कि वह इस नए रोल में आसानी से ढल गए क्योंकि वह पहले से ही स्पॉटलाइट में रहने के आदी रहे हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अंपायरिंग के मुकाबले एक्टिंग में दबाव कम होता है। अगर एक्टिंग में गलती हो जाए तो उसे एडिटिंग के जरिए ठीक किया जा सकता है, लेकिन अंपायरिंग में ऐसा कोई मौका नहीं मिलता। आगे क्या करेंगे अनिल चौधरी?अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चौधरी आने वाले समय में और फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं या अपने यूट्यूब चैनल के जरिए क्रिकेट से जुड़े किस्से सुनाते रहेंगे। हालांकि इतना तय है कि क्रिकेट के मैदान से लेकर मनोरंजन की दुनिया तक अनिल चौधरी की यह नई पारी भी उतनी ही दिलचस्प होने वाली है, जितनी उनकी अंपायरिंग रही है।
PSL 2026 की बड़ी खबर, ओपनिंग और फाइनल मैच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में

नई दिल्ली। पाकिस्तान की मशहूर टी20 फ्रेंचाइजी लीग Pakistan Super League (PSL) के 11वें सीजन का पूरा शेड्यूल सामने आ गया है। Pakistan Cricket Board ने घोषणा की है कि टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच और फाइनल दोनों लाहौर के ऐतिहासिक Gaddafi Stadium में खेले जाएंगे। यह लीग 26 मार्च से 3 मई 2026 तक आयोजित होगी, जबकि फाइनल के लिए 4 मई को रिजर्व डे रखा गया है। पहली बार 8 टीमों के साथ होगा टूर्नामेंटइस बार पीएसएल का दायरा पहले से बड़ा हो गया है। लीग के इतिहास में पहली बार 8 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 44 मुकाबले खेले जाएंगे। मैच पाकिस्तान के छह शहरों में आयोजित होंगे, जिनमें लाहौर, कराची, रावलपिंडी, मुल्तान, फैसलाबाद और पेशावर शामिल हैं। पीसीबी का मानना है कि नए शहरों को शामिल करने से टूर्नामेंट का विस्तार होगा और फ्रेंचाइजी क्रिकेट देश के अधिक क्षेत्रों तक पहुंचेगा। हालांकि अधिकांश मैच अब भी लाहौर और रावलपिंडी में ही खेले जाएंगे। लाहौर और रावलपिंडी होंगे मुख्य वेन्यू44 मैचों में से 26 मुकाबले सिर्फ दो शहरों-लाहौर और रावलपिंडी-में खेले जाएंगे। इनमें सबसे ज्यादा 15 मैच लाहौर में आयोजित होंगे, जबकि रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में 11 मुकाबले होंगे रावलपिंडी एकमात्र ऐसा वेन्यू होगा जो दो टीमों की आधिकारिक मेजबानी करेगा। दरअसल लीग में इस्लामाबाद और रावलपिंडी दोनों की टीमें शामिल हैं, इसलिए यह स्टेडियम दोनों फ्रेंचाइजी के होम ग्राउंड के रूप में काम करेगा। कराची और फैसलाबाद को भी मिला मौकाटूर्नामेंट के अन्य मुकाबले भी अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे। National Stadium Karachi में कुल 6 मैच आयोजित होंगे। इसके अलावा फैसलाबाद में 7 मुकाबले खेले जाएंगे। प्लेऑफ मुकाबलों की बात करें तो रावलपिंडी में केवल क्वालीफायर मैच खेला जाएगा, जबकि एलिमिनेटर और फाइनल जैसे बड़े मुकाबले लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में आयोजित होंगे। टीमों की संख्या बढ़ने से बदला फॉर्मेटइस बार टीमों की संख्या बढ़ने के कारण टूर्नामेंट के फॉर्मेट में भी बदलाव किया गया है। पहली बार ऐसा होगा जब सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ दो-दो बार नहीं खेलेंगी। हर टीम 10 लीग मैच खेलेगी। इसमें सात टीमों के खिलाफ दो-दो बार मुकाबला होगा, जबकि तीन टीमों के खिलाफ केवल एक बार खेलना होगा। नॉकआउट चरण में क्वालीफायर, एलिमिनेटर-1, एलिमिनेटर-2 और फाइनल शामिल होंगे। इस नए फॉर्मेट से लीग और अधिक रोमांचक बनने की उम्मीद है। दो नई टीमों की एंट्री से बढ़ेगा रोमांचपीएसएल 2026 में कुल 8 फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें Islamabad United Karachi Kings Lahore Qalandars Multan Sultans Peshawar Zalmi Quetta Gladiators के साथ दो नई टीमें हैदराबाद किंग्समेन और रावलपिंडी पिंडिज पहली बार लीग का हिस्सा बनेंगी। नई टीमों के आने से टूर्नामेंट का रोमांच और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ने की उम्मीद है। लाहौर कलंदर्स है डिफेंडिंग चैंपियनपिछले कुछ वर्षों में Lahore Qalandars का प्रदर्शन शानदार रहा है। टीम ने पिछले चार सीजन में से तीन बार खिताब जीता है और वह इस बार भी डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में मैदान में उतरेगी। ऐसे में PSL 2026 में सभी टीमों की नजर लाहौर कलंदर्स को हराकर ट्रॉफी जीतने पर होगी। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि इस बार का टूर्नामेंट पहले से ज्यादा रोमांचक और प्रतिस्पर्धी साबित होगा।
अमेरिका ने बताई भारत को रूस से तेल खरीदने की छूट देने की वजह, कही ये बात

नई दिल्ली। भारत (India) से समुद्री मार्ग में पहले से मौजूद रूसी कच्चे तेल (Russian Crude Oil) को खरीदकर उसे भारतीय रिफाइनरियों (Indian Refineries) की ओर मोड़ने का अनुरोध करने के बाद अब अमेरिका (America) की तरफ से भारत को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिका ने बताया है कि आखिर उन्होंने भारत को यह रूसी तेल खरीदने की यह तथाकथित ‘छूट’ क्यों दी है। बुधवार को वाइट हाउस (White House) ने एक बयान में कहा है कि भारत को इसकी ‘इजाजत’ इसीलिए दी गई क्योंकि भारत के लोग अच्छे हैं। इस दौरान यह भी दावा किया गया कि भारत ने पूर्व में रूसी तेल ना खरीदने की उनकी शर्तों को माना है, इसीलिए अमेरिका ने भारत को यह विशेष ‘छूट’ दी। वाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह फैसला इसलिए किया गया क्योंकि भारत में हमारे साथी अच्छे लोग रहे हैं। लेविट ने कहा, “हम इस फैसले पर इसलिए पहुंचे क्योंकि भारत में हमारे साथी अच्छे साथी रहे हैं और उन्होंने पहले ही रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया था, जिस पर रोक लगी है। इसलिए, जब हम ईरानियों की वजह से दुनिया में तेल सप्लाई में इस अस्थायी कमी को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं, तो हमने भारत को रूसी तेल लेने की इजाजत दी है।” अमेरिका ने की थी घोषणाउन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने इस फैसले को इसलिए मंजूरी दी क्योंकि भारत आने वाला यह रूसी तेल पहले से ही समुद्र मार्ग में था और रूस को इससे कोई खास वित्तीय फायदा नहीं होगा।” बता दें कि इससे पहले अमरीका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति आसान बनाने के मकसद से भारत को उन पोत पर लदे रूसी तेल की खरीद की ‘अनुमति” दी गई है, जो पहले से समुद्री मार्गों पर हैं। इस फैसले को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और US ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने मंजूरी दी है। क्या बोले थे अमेरिकी वित्त मंत्रीस्कॉट बेसेंट ने एक इंटरव्यू में भारत को अमेरिका का अच्छा साझेदार बताया था। उन्होंने कहा था, ”दुनिया में तेल की पर्याप्त आपूर्ति है। वित्त मंत्रालय ने भारत में हमारे सहयोगियों को उस रूसी तेल की खरीद शुरू करने की कल सहमति दे दी जो पहले से समुद्र में है। भारतीयों ने बहुत अच्छा सहयोग दिया है। हमने उनसे कहा था कि वे प्रतिबंधित रूसी तेल की खरीद बंद कर दें। उन्होंने ऐसा किया। वे इसकी जगह अमेरिकी तेल लेने वाले थे लेकिन दुनिया भर में तेल की अस्थायी कमी को दूर करने के लिए हमने उन्हें रूसी तेल स्वीकार करने की अनुमति दे दी है। हम रूसी तेल के अन्य प्रकारों से भी प्रतिबंध हटा सकते हैं।” अमेरिका ने लगाया था जुर्मानाइससे पहले अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीद कर यूक्रेन युद्ध की फंडिंग करने का आरोप लगाते हुए कई महीनों तक मोटा जुर्माना वसूला था। अमेरिका ने भारत पर पहले 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ के अलावा 25 फीसदी जुर्माना लगा दिया था, जिसके बाद अमेरिका भारत से आयातित उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ वसूल रहा था। हालांकि अमेरिका के साथ हुई हालिया ट्रेड डील और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के टैरिफ को असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद अब इस टैरिफ को हटा दिया गया है। भारत ने स्पष्ट किया है अपना रुखवहीं भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। भारत ने कहा है कि ऊर्जा बाजार के उतार-चढ़ाव वाले माहौल में, नई दिल्ली अपनी 1.4 बिलियन की आबादी को प्राथमिकता देना जारी रखेगा।” बता दें कि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है।
केन्द्र की नई पहल, संसद से लेकर विधानसभाओं में महिलाओं को जल्द 33% आरक्षण देने की तैयारी

नई दिल्ली। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण (33 Percent Reservation Women) देने को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) नई पहल की तैयारी में है। लंबे समय से चर्चा में रहे महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार अब ऐसा रास्ता तलाश रही है, जिससे इसका लाभ वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले ही लागू किया जा सके। इसके लिए कानून में संशोधन किया जा सकता है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (‘Women’s Empowerment Act’) के तहत महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। लेकिन इस कानून के अनुसार आरक्षण तभी लागू होना था जब अगली जनगणना पूरी हो जाए और उसके बाद नई परिसीमन प्रक्रिया लागू की जाए। चूंकि जनगणना और परिसीमन दोनों प्रक्रियाओं में काफी समय लग सकता है, इसलिए आशंका जताई जा रही थी कि महिलाओं को आरक्षण का वास्तविक लाभ मिलने में कई वर्ष लग सकते हैं। अनौपचारिक बातचीत शुरूसूत्रों का कहना है कि इस विषय पर विपक्षी दलों के साथ अनौपचारिक बातचीत भी शुरू कर दी गई है। सरकार का प्रयास है कि संसद में आवश्यक समर्थन जुटाकर महिला आरक्षण को जल्द लागू करने का रास्ता साफ किया जाए। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बनती है, तो मौजूदा संसद सत्र में ही संविधान संशोधन विधेयक लाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वरिष्ठजनों को रेल किराये में छूट दें, संसद में मांगसंसदीय समिति ने एक बार फिर वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में छूट देने की पुरजोर वकालत की है। समिति ने रेलवे के पहले से सभी यात्रियों को छूट देने से होने वाले घाटे के तर्क को दरकिनार करते हुए कहा कि उक्त मद की धनराशि को रेलवे विज्ञापन अथवा अन्य तरीके से पूरा कर सकता है। विदित हो कि वरिष्ठ नागरिक सहित अन्य रेल किराये में छूट से रेलवे को सालाना 2,000 करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान होता है। रेलवे संबंधी स्थायी समिति मंगलवार को संसद में पेश अपनी आठवीं रिपोर्ट में भारतीय रेलवे के सामाजिक दायित्व और वित्तीय अनुशासन के बीच तालमेल बिठाने की सलाह दी है। सांसद डा. सीएम रमेश की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायत को फिर से शुरू किया जाता है, तो रेलवे पर सालाना लगभग 2,000 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। समिति ने मंत्रालय को सुझाव दिया है कि इसे केवल स्लीपर और थर्ड एसी (एसी-3) जैसी श्रेणियों तक सीमित रखकर इस बोझ को कम किया जा सकता है, ताकि जरूरतमंद बुजुर्गों को लाभ मिले और रेलवे की आर्थिक स्थिति भी न बिगड़े। वरिष्ठ नागरिक को रियायत देना केवल एक वित्तीय मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक कर्तव्य है। इसलिए मंत्रालय को मानवीय आधार पर रियायतें बहाल करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
भारत की आर्थिक वृद्धि पर हो सकता है ईरान-युद्ध का असर… ICRA ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में अगर संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो भारत की आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) की संभावनाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। रेटिंग एजेंसी इक्रा (Rating agency ICRA) ने एक रिपोर्ट में यह कहा। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि लगभग 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के अनुमान 7.6 प्रतिशत से थोड़ा कम है। हालांकि, पश्चिम एशिया में लंबे समय तक जारी तनाव से कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण वृद्धि प्रभावित हो सकती है। वैश्विक स्तर पर तनावबता दें कि इजराइल-अमेरिका के ईरान पर हमले के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के समुद्री मार्गों में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह एक अहम वैश्विक ऊर्जा गलियारा है। इससे आपूर्ति प्रभावित होने और माल ढुलाई लागत में वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ी है। पश्चिम एशिया भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। भारत के निर्यात में इसकी लगभग 14 प्रतिशत और आयात में लगभग 21 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में, यदि तनाव और बढ़ता है तो व्यापार के साथ ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होगी। भारत के लिए जोखिम हैं ये फैक्टरइक्रा की रिपोर्ट में कहा गया- यह संघर्ष विशेष रूप से माल ढुलाई लागत में वृद्धि, आपूर्ति में देरी और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के रूप में भारत के व्यापार प्रवाह के लिए महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करता है। इक्रा के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में 10 डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि से भारत का चालू खाते का घाटा 0.30-0.40 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। साथ ही थोक और खुदरा मुद्रास्फीति भी बढ़ सकती है। ईंधन की बढ़ती लागत से उपभोग मांग कम हो सकती है और समग्र आर्थिक गतिविधि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। एजेंसी के अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में कच्चे तेल की कीमतें औसतन 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल रहती हैं तो इससे चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद के लगभग एक प्रतिशत के आसपास बना रह सकता है। हालांकि, यदि कीमतें बढ़कर 100-105 डॉलर प्रति बैरल हो जाती हैं, तो घाटा सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 1.9-2.2 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिससे वृहद आर्थिक दबाव बढ़ेगा। इक्रा ने कहा कि इस स्थिति का असर बाहर से भेजे जाने वाली राशि पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत में आने वाले रेमिंटन्स का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से आता है, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हैं।