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Cannes 2026 रेड कार्पेट पर चमकी Urvashi Rautela, ग्लैमरस लुक ने खींचा सबका ध्यान

नई दिल्ली। कान्स 2026 फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर एक बार फिर भारतीय एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने अपने ग्लैमरस अंदाज से सभी का ध्यान खींच लिया। अभिनेत्री ने इस बार वियतनाम के मशहूर लग्जरी फैशन लेबल ‘जोलीपोली’ (JoliPoli) का डिजाइन किया हुआ भव्य और नाटकीय गाउन पहनकर रेड कार्पेट पर एंट्री की, जिसने तुरंत ही सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। उर्वशी रौतेला का यह रेड कार्पेट अपीयरेंस उनकी लगातार पांचवीं कान्स उपस्थिति बताई जा रही है, जिससे उनके फैशन स्टेटमेंट और इंटरनेशनल प्रेजेंस को और मजबूती मिली है। उनका यह लुक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फैशन का अनोखा मिश्रण माना जा रहा है, जिसमें बारीक कारीगरी और डिटेलिंग ने आउटफिट को खास बना दिया।एक्ट्रेस ने अपने लुक को बेहद मिनिमल लेकिन एलिगेंट मेकअप के साथ पूरा किया। ग्लोइंग स्किन, सॉफ्ट आई मेकअप और न्यूड लिप शेड ने उनके ओवरऑल लुक को और भी आकर्षक बना दिया। उनके हेयरस्टाइल और स्टाइलिश एक्सेसरीज़ ने भी पूरे लुक को बैलेंस किया, जिससे रेड कार्पेट पर उनका अंदाज और निखरकर सामने आया। रेड कार्पेट पर चलते हुए उर्वशी के किलर पोज और कॉन्फिडेंट प्रेजेंस ने फैंस का ध्यान खींचा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जहां यूजर्स उनके फैशन सेंस और ग्रेस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। रेड कार्पेट वॉक के बाद एक इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट से बातचीत में उर्वशी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वियतनामी डिजाइनर लेबल ‘जोलीपोली’ पहनना और कान्स के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि कान्स उनके लिए सिर्फ एक फिल्म फेस्टिवल नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां वह भारतीय संस्कृति और आधुनिक फैशन का संगम दुनिया के सामने पेश कर सकती हैं। इस तरह Cannes 2026 में उर्वशी रौतेला का यह अपीयरेंस एक बार फिर ग्लोबल फैशन सर्किट में चर्चा का विषय बन गया है।

योग का आसान उपाय: शवासन से दूर हो सकता है तनाव और हाई ब्लडप्रेशर की समस्या

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई ब्लडप्रेशर यानी Hypertension तेजी से आम समस्या बनता जा रहा है। पहले यह बीमारी बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसका खतरा बढ़ रहा है। लगातार तनाव, खराब खानपान, नींद की कमी और घंटों बैठकर काम करना इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। ऐसे में योग और मेडिटेशन को बेहतर जीवनशैली का अहम हिस्सा माना जा रहा है। योग के कई आसनों में शवासन एक ऐसा आसान और प्रभावी योगासन है, जो मानसिक और शारीरिक दोनों स्तर पर राहत देने का काम करता है। आयुष मंत्रालय भी हाई ब्लडप्रेशर और तनाव से राहत पाने के लिए योग को अपनाने की सलाह देता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, शवासन शरीर और दिमाग को गहरी शांति देने वाला आसन है। इसमें व्यक्ति पीठ के बल सीधा लेटकर शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ देता है और सांसों पर ध्यान केंद्रित करता है। यह प्रक्रिया शरीर के तनाव को कम करने में मदद करती है।दरअसल, मानसिक तनाव हाई ब्लडप्रेशर बढ़ने का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। जब व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है, तो शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं। इससे दिल की धड़कन तेज होती है और ब्लडप्रेशर बढ़ने लगता है। शवासन दिमाग को शांत कर शरीर की नसों और मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है। इससे तंत्रिका तंत्र धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शवासन के दौरान ली जाने वाली धीमी और गहरी सांसें शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बेहतर बनाती हैं। इससे रक्त प्रवाह संतुलित रहता है और ब्लडप्रेशर नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव, चिंता और बेचैनी भी कम होने लगती है। शवासन सिर्फ हाई ब्लडप्रेशर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर की थकान दूर करने में भी असरदार माना जाता है। दिनभर काम करने के बाद शरीर में जो भारीपन और कमजोरी महसूस होती है, यह आसन उसे कम करने में मदद करता है। मांसपेशियों को पूरा आराम मिलने से शरीर फिर से ऊर्जा महसूस करता है। नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी शवासन फायदेमंद माना जाता है। यह दिमाग को शांत कर नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकता है। इसके अलावा पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, कब्ज और गैस जैसी समस्याओं में राहत देने तथा ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी यह योगासन उपयोगी माना जाता है। हालांकि, किसी भी बीमारी में योग को इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को गंभीर हाई ब्लडप्रेशर या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।Disclaimer: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य और योग संबंधी मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

बार-बार हो रही परेशानी का कारण कहीं वास्तु दोष तो नहीं? जानिए 5 संकेत

नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा, ऊर्जा और वातावरण को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि यदि घर में वास्तु नियमों की अनदेखी की जाए, तो नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। इसका असर परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर साफ दिखाई देने लगता है। कई बार लोग लगातार परेशानियों का सामना करते हैं, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आता कि इसकी वजह घर का वास्तु दोष भी हो सकता है। ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर में कुछ ऐसे संकेत दिखाई देते हैं जो बताते हैं कि वहां नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय है। यदि समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। आर्थिक तंगी और बढ़ते खर्चअगर घर में खूब मेहनत करने के बावजूद धन नहीं टिक रहा, आय से ज्यादा खर्च बढ़ रहे हैं या हमेशा पैसों की कमी बनी रहती है, तो यह वास्तु दोष का बड़ा संकेत माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में भारी सामान रखना या घर में अव्यवस्था होना आर्थिक संकट को बढ़ाता है। परिवार में लगातार बीमारीघर का कोई सदस्य बार-बार बीमार पड़ रहा हो, इलाज के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार न हो रहा हो, तो इसे भी नकारात्मक ऊर्जा का असर माना जाता है। वास्तु के मुताबिक, घर में सूर्य प्रकाश और शुद्ध हवा का अभाव स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। बिना वजह झगड़े और मानसिक तनावअगर घर में छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगे, परिवार के सदस्यों में तनाव बढ़ने लगे या हमेशा नकारात्मक माहौल बना रहे, तो यह वास्तु दोष का संकेत हो सकता है। ऐसे घरों में मानसिक शांति धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। बनते काम बिगड़नाकई बार मेहनत के बाद भी काम आखिरी समय में बिगड़ जाते हैं या सफलता मिलते-मिलते रुक जाती है। वास्तु शास्त्र में इसे भी दोष का प्रभाव माना गया है। खासतौर पर मुख्य द्वार और दक्षिण दिशा से जुड़े दोष जीवन में बाधाएं बढ़ा सकते हैं। घर के पौधों का सूखनायदि घर में लगे हरे-भरे पौधे अचानक सूखने लगें या बार-बार खराब हो जाएं, तो इसे नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। वास्तु के अनुसार, पौधे घर की सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होते हैं। कैसे दूर करें वास्तु दोषवास्तु दोष से राहत पाने के लिए कुछ आसान उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं। घर के मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता दूर होती है। घर की दक्षिण दिशा में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करना भी शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इससे बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा घर और मंदिर की नियमित साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें। ऐसा करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरा और सकारात्मक वातावरण वाला घर परिवार के लिए सुख, शांति और समृद्धि का कारण बनता है।

गुरुवार के उपाय: शादी में आ रही रुकावट होगी दूर, धन-संपत्ति से भर जाएगा घर

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है, उन्हें विवाह में देरी, आर्थिक परेशानी और पारिवारिक तनाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में गुरुवार के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, जिन युवकों और युवतियों की शादी में लगातार बाधाएं आ रही हैं, उन्हें गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। पूजा में हल्दी, चने की दाल, पीले फूल और बेसन के लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से विवाह योग मजबूत होता है। आर्थिक तंगी से परेशान लोगों के लिए भी गुरुवार के उपाय काफी असरदार बताए गए हैं। मान्यता है कि इस दिन केले के पेड़ की पूजा करने और जल में हल्दी मिलाकर अर्पित करने से धन संबंधी समस्याएं दूर होने लगती हैं। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को पीली वस्तुओं जैसे चना दाल, हल्दी, पीले कपड़े या केले का दान करना भी बेहद शुभ माना गया है। गुरुवार के दिन घर में सत्यनारायण कथा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ कराने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और रुके हुए कार्यों में गति मिलती है। वहीं, जिन लोगों को नौकरी या व्यापार में लगातार नुकसान हो रहा हो, उन्हें इस दिन नमक का कम इस्तेमाल करने और सात्विक भोजन ग्रहण करने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष शास्त्र में यह भी कहा गया है कि गुरुवार के दिन बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए। ऐसा करने से गुरु ग्रह कमजोर होता है और शुभ फल में कमी आ सकती है। इस दिन पीले रंग का अधिक प्रयोग करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा के साथ किए गए ये उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। हालांकि किसी भी धार्मिक उपाय को आस्था और विश्वास के साथ करना ही सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।

गुरुवार व्रत का महत्व: सुख-समृद्धि और विवाह में बाधा दूर करने के लिए ऐसे करें पूजा

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति ग्रह ज्ञान, भाग्य, विवाह, संतान और समृद्धि का कारक होता है। यही कारण है कि जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है या जीवन में लगातार बाधाएं आती हैं, उन्हें गुरुवार का व्रत करने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और नियमों के साथ किया गया यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।गुरुवार व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जिनकी शादी में देरी हो रही हो, करियर में रुकावटें आ रही हों या आर्थिक परेशानियां लगातार बनी रहती हों। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करने से भाग्य मजबूत होता है और जीवन में स्थिरता आती है। व्रत की शुरुआत सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और पीले वस्त्र धारण करने से होती है। पूजा स्थान पर भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर व्रत का संकल्प लिया जाता है। गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार उसमें भगवान विष्णु का वास होता है। पेड़ की जड़ में जल अर्पित कर दीपक जलाया जाता है और “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप किया जाता है। पूजा में पीले फूल, चने की दाल, हल्दी, गुड़, केला और पपीता अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही बृहस्पति व्रत कथा सुनना या पढ़ना भी जरूरी बताया गया है। व्रत के दौरान सात्विक भोजन करना चाहिए और कई लोग इस दिन केवल एक समय भोजन ग्रहण करते हैं। गुरुवार व्रत में कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है। इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। बाल और नाखून काटने से भी बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से गुरु ग्रह कमजोर होता है। इसके अलावा घर में पोछा लगाने और कपड़े धोने से भी परहेज करने की परंपरा है। पीली वस्तुओं जैसे चने की दाल, हल्दी या पीले कपड़ों का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नियमित रूप से गुरुवार का व्रत करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, विवाह के योग बनते हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है। यह व्रत व्यक्ति के आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। धार्मिक आस्था के अनुसार, सच्चे मन से किया गया गुरुवार व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है।

Summer Skincare Tips: एलोवेरा से पाएं ग्लोइंग स्किन, जानिए 5 आसान उपयोग

नई दिल्ली।  गर्मियों का मौसम आते ही त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। तेज धूप, पसीना, धूल और प्रदूषण के कारण स्किन डल, बेजान और डिहाइड्रेटेड हो जाती है। ऐसे में स्किन को प्राकृतिक तरीके से सुरक्षित और हेल्दी बनाए रखने के लिए एलोवेरा को सबसे बेहतर उपाय माना जाता है। एलोवेरा अपने कूलिंग, हीलिंग और मॉइस्चराइजिंग गुणों के कारण स्किनकेयर रूटीन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। विशेषज्ञों के अनुसार एलोवेरा में मौजूद विटामिन A, C, E और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे फ्रेश बनाए रखते हैं। अगर इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह गर्मियों में कई स्किन समस्याओं से राहत दिला सकता है। पहला तरीका: फेस मॉइस्चराइजर के रूप मेंनहाने के बाद या चेहरे को साफ करने के बाद एलोवेरा जेल को हल्के हाथों से चेहरे पर लगाने से स्किन हाइड्रेट रहती है और नेचुरल ग्लो आता है। यह ऑयली स्किन वालों के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। दूसरा तरीका: सनबर्न रिलीफ जेलधूप में निकलने के बाद अगर त्वचा जलने लगे या रेडनेस आ जाए, तो एलोवेरा जेल लगाने से तुरंत ठंडक मिलती है। यह स्किन को शांत करता है और जलन को कम करने में मदद करता है। तीसरा तरीका: फेस मास्क के रूप मेंएलोवेरा को शहद या गुलाब जल के साथ मिलाकर फेस मास्क की तरह लगाया जा सकता है। यह स्किन को डीप क्लीन करता है और डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है, जिससे चेहरा साफ और चमकदार दिखता है। चौथा तरीका: एक्ने और पिंपल ट्रीटमेंटएलोवेरा में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो पिंपल्स को कम करने में सहायक होते हैं। इसे सीधे पिंपल्स पर लगाने से सूजन और लालपन धीरे-धीरे कम हो सकता है। पांचवां तरीका: नाइट स्किन थेरेपीसोने से पहले एलोवेरा जेल लगाकर रातभर छोड़ देने से त्वचा को पूरी रात पोषण मिलता है। सुबह उठने पर स्किन फ्रेश, सॉफ्ट और ग्लोइंग नजर आती है। कुल मिलाकर, एलोवेरा गर्मियों में स्किनकेयर के लिए एक सस्ता, प्राकृतिक और बेहद प्रभावी उपाय है। नियमित रूप से इसका सही इस्तेमाल त्वचा को स्वस्थ, हाइड्रेटेड और चमकदार बनाए रखने में मदद कर सकता है।

14 मई राशिफल: जानिए किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आकंलन किया जाता है। जानें 14 मई 2026 के दिन किन राशि वालों को होगा लाभ और किन राशियों के लोग रहें सतर्क- मेष राशिरिश्तों में चल रही परेशानियां सुलझ सकती हैं। कार्यक्षेत्र में आपका व्यवहार असर डालेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और धन की कमी महसूस नहीं होगी। वृषभ राशिऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। लोग आपके काम की सराहना करेंगे। दोस्तों का सहयोग मिलेगा और नए काम शुरू करने के अवसर बनेंगे। मिथुन राशिबचत और निवेश के नए विकल्प मिल सकते हैं। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर सफलता मिलेगी। कर्क राशिछोटे कामों को व्यवस्थित ढंग से पूरा करें। लगातार मेहनत का फायदा मिलेगा। नई आदतें और अनुशासन आपको आगे बढ़ाएंगे। सिंह राशिप्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखें। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। निवेश में सावधानी जरूरी है और स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कन्या राशिछोटी सफलताएं भी खुशी देंगी। नए लोगों से मुलाकात फायदेमंद रहेगी। सोच-समझकर फैसले लेने से अच्छे मौके मिल सकते हैं। तुला राशिकाम में गलतियां कम होंगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। नियमित दिनचर्या और प्लानिंग से तरक्की के रास्ते खुलेंगे। वृश्चिक राशिरिश्तों में उत्साह बना रहेगा। सकारात्मक सोच से तनाव कम होगा। आर्थिक मामलों में समझदारी से फैसले लेने का समय है। धनु राशिऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। प्रेम जीवन में संतुलन जरूरी रहेगा। निवेश सोच-समझकर करें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मकर राशिदोस्तों और करीबी लोगों का सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास नए अवसर दिला सकता है। छोटे फैसले भविष्य में बड़ा फायदा देंगे। कुंभ राशरिश्तों में चल रही गलतफहमियां दूर हो सकती हैं। प्रोफेशनल लाइफ में अच्छे नतीजे मिलेंगे। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और सेहत भी बेहतर रहेगी। मीन राशिसामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों में सफलता मिलेगी। नए आइडिया काम आएंगे। सहयोगी लोगों से लाभ मिलने की संभावना है।

Immunity Booster Foods: गर्मी में सेहत को मजबूत बनाने वाले 7 प्राकृतिक आहार

नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में शरीर जल्दी कमजोर हो जाता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ इम्यूनिटी को मजबूत बनाकर शरीर को स्वस्थ रखते हैं।  गर्मी में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले 7 सुपरफूड- 1. आम (Mango)आम सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि विटामिन A और C से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। 2. तरबूज (Watermelon)तरबूज शरीर को हाइड्रेट रखता है और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करते हैं। 3. खीरा (Cucumber)खीरा शरीर को ठंडक देता है और पानी की कमी दूर करता है। इसमें मौजूद मिनरल्स शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं। 4. दही (Curd) दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो आंतों को स्वस्थ रखते हैं और इम्यूनिटी को प्राकृतिक रूप से मजबूत करते हैं। 5. नारियल पानी (Coconut Water)नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को एनर्जी देता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। 6. लहसुन (Garlic)लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाव में मदद करते हैं। 7. नींबू (Lemon)नींबू विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से बढ़ाता है और स्किन को भी हेल्दी रखता है। गर्मी में सही खानपान अपनाकर आप अपने शरीर को अंदर से मजबूत बना सकते हैं। ये प्राकृतिक खाद्य पदार्थ न केवल इम्यूनिटी बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी देते हैं।

बाल झड़ने से परेशान? इन 5 चीजों को डाइट में शामिल करें और पाएं घने बाल

नई दिल्ली। आजकल बालों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र में ही बालों का झड़ना, कमजोर होना और सफेद होना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर में मेलेनिन की कमी, गलत खानपान और पोषण की कमी इसके मुख्य कारण हैं। मेलेनिन वही पिगमेंट है जो बालों को प्राकृतिक काला रंग देता है। ऐसे में अगर रोजमर्रा के आहार में कुछ खास चीजों को शामिल किया जाए तो बालों की सेहत में सुधार देखा जा सकता है। आयुर्वेद और न्यूट्रिशन विशेषज्ञों के अनुसार कुछ सुपरफूड्स बालों की जड़ों को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें काला और घना बनाने में मदद कर सकते हैं। सबसे पहले बात करें काले तिल की, तो इसमें मौजूद कैल्शियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स बालों के रोम को मजबूत करते हैं। माना जाता है कि नियमित रूप से तिल का सेवन करने से बालों की प्राकृतिक रंगत बनी रहती है और समय से पहले सफेदी की समस्या कम हो सकती है। इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स और नट्स जैसे बादाम, काजू, मूंगफली और पिस्ता बालों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन और बायोटिन पाया जाता है, जो बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है और उन्हें टूटने से बचाता है। इनमें मौजूद हेल्दी फैट्स स्कैल्प को पोषण देकर बालों को मजबूत बनाते हैं। अलसी और अन्य बीज जैसे पटसन के बीज भी बालों के लिए बहुत उपयोगी माने जाते हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो सिर की त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और बालों की जड़ों को एक्टिव करता है। नियमित सेवन से बालों की ग्रोथ तेज होने की संभावना रहती है। इसके अलावा गाजर, चुकंदर और पपीता जैसी रंग-बिरंगी सब्जियां और फल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। ये शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं और बालों को समय से पहले सफेद होने से बचाने में मदद करते हैं। साथ ही ये बालों में प्राकृतिक चमक भी लाते हैं। नारियल पानी और नारियल का दूध भी बालों की सेहत को सुधारने में सहायक माना जाता है। ये स्कैल्प को हाइड्रेट रखते हैं और बालों को अंदर से पोषण प्रदान करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर इन फूड्स को नियमित और संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जाए तो बालों की क्वालिटी में सुधार देखा जा सकता है। हालांकि इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देता है, इसलिए निरंतरता जरूरी है।

गुरुवार व्रत से चमक सकती है किस्मत, जानिए कब और कैसे करें बृहस्पति देव की पूजा

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है, लेकिन गुरुवार का दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, भाग्य, विवाह, संतान और सुख-समृद्धि का कारक कहा गया है। मान्यता है कि यदि कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हो या जीवन में लगातार रुकावटें आ रही हों, तो गुरुवार का व्रत बेहद लाभकारी साबित होता है। यह व्रत व्यक्ति के गुडलक को मजबूत करता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार का व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष से शुरू करना सबसे शुभ माना जाता है। यदि इस दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बन जाए तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद सूर्य देव को हल्दी मिले जल से अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की प्रतिमा या तस्वीर को साफ स्थान पर स्थापित करें। पूजा में पीले फूल, हल्दी, चने की दाल, केला, बेसन की मिठाई और तुलसी दल अर्पित करना शुभ माना गया है। केले के पेड़ की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि उसमें भगवान विष्णु का वास माना जाता है। पूजा के समय “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। गुरुवार व्रत में नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है। इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए और केवल एक समय भोजन करना शुभ माना जाता है। तामसिक भोजन, झूठ, क्रोध और अपशब्दों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरुवार को बाल, नाखून काटना और कपड़े धोना भी वर्जित माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह व्रत विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद करता है। जिन लोगों की शादी में देरी हो रही हो या रिश्तों में समस्याएं आ रही हों, उन्हें नियमित रूप से गुरुवार का व्रत रखने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आर्थिक तंगी, करियर में असफलता और मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह व्रत लाभकारी माना गया है। गुरुवार के दिन पीली वस्तुओं का दान विशेष फलदायी माना गया है। चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, केसर और बेसन से बनी मिठाइयों का दान करने से गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति, धन और समृद्धि का वास होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया गुरुवार का व्रत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।