CBSE 12TH BOARD QR: CBSE का स्पष्ट बयान: 12वीं गणित का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित

CBSE 12TH BOARD QR: नई दिल्ली। कक्षा 12 के गणित प्रश्नपत्र को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और संदेह के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट की। बोर्ड ने कहा कि 9 मार्च को आयोजित परीक्षा का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब छात्रों और अभिभावकों ने देखा कि प्रश्नपत्र पर मौजूद एक क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वह यूट्यूब वीडियो से जुड़ने लगा। इससे प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठने लगे और सोशल मीडिया में अफवाहें फैल गईं। सीबीएसई ने अपने बयान में कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं और क्यूआर कोड सुरक्षा उपायों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संभावित सुरक्षा उल्लंघनों की स्थिति में प्रश्नपत्र की सत्यता को प्रमाणित करना है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इस क्यूआर कोड से जुड़े संदेह के कारण ही छात्रों और अभिभावकों में भ्रम उत्पन्न हुआ था, जबकि प्रश्नपत्र की वास्तविकता में कोई कमी नहीं है। बोर्ड ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में किसी भी तरह की सेंध नहीं लगी है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को किसी भी अफवाह पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने पूरी गंभीरता से इस घटना की समीक्षा की है और भविष्य में इस तरह की समस्याओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। 9 मार्च को आयोजित परीक्षा के दौरान वितरित किए गए सभी प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी है और प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं हुआ है। बोर्ड ने यह भी बताया कि भविष्य में क्यूआर कोड से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इससे छात्रों को यह भरोसा मिलेगा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और निष्पक्ष है। इस मामले में बोर्ड का संदेश स्पष्ट है: किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया में फैल रही झूठी जानकारी पर ध्यान न दें। प्रश्नपत्र असली हैं, सुरक्षा सुनिश्चित है और परीक्षा प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से जारी रहेगी। सीबीएसई ने आश्वासन दिया कि तकनीकी पहलुओं की समीक्षा कर भविष्य में ऐसी किसी भी समस्या से निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध किया गया कि वे पूरी प्रक्रिया में विश्वास रखें और अफवाहों में घबराएँ नहीं।
MP LPG Supply: एमपी में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, मंत्री ने निगरानी के निर्देश दिए सोशल मीडिया अफवाहों से पैनिक फैलने की आशंका

MP LPG Supply: भोपाल। मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल किसी प्रकार की कमी नहीं है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इस मसले पर चर्चा के बाद पेट्रोलियम विभाग के मंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की आपूर्ति की लगातार निगरानी की जाए। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार राज्य में सोमवार से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, लेकिन पेट्रोलियम उत्पादों के स्टॉक पर्याप्त हैं और प्रदेश में किसी प्रकार का गंभीर असर नहीं होगा। भोपाल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि फिलहाल सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है और डीलरों के ऑर्डर नियमित रूप से पूरे किए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा सकते हैं, जिससे पैनिक की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को सोशल मीडिया पर निगरानी रखनी चाहिए ताकि अफवाहें न फैलें। अजय सिंह के अनुसार, मध्यप्रदेश में सालाना लगभग 1200 मीट्रिक लीटर पेट्रोल और 1600 मीट्रिक लीटर डीजल की खपत होती है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल-डीजल को स्टॉक किया जा सकता है, लेकिन घरेलू रसोई गैस के मामले में स्टॉकिंग संभव नहीं है, इसलिए उसकी लगातार आपूर्ति और निगरानी जरूरी है। इधर, रसोई गैस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि आरके गुप्ता ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल बंद है, लेकिन घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे भोपाल जिला प्रशासन की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें स्थिति की समीक्षा कर आगे के निर्णय लिए जाएंगे। राज्य सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि किसी भी अफवाह या पैनिक की स्थिति से बचने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की निगरानी लगातार की जा रही है और आम जनता को भरोसा दिया गया है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कमी का कोई सवाल नहीं है।
Workout tips: कैलोरी बर्न से मसल्स गेन तक, फिट रहने के लिए कंपाउंड मूवमेंट्स क्यों हैं जरूरी

Workout tips: नई दिल्ली। फिट रहने और मसल्स बनाने के लिए कंपाउंड मूवमेंट्स को अपनी एक्सरसाइज रूटीन में शामिल करना बेहद फायदेमंद है। ये व्यायाम सिर्फ मांसपेशियों को मजबूत नहीं बनाते, बल्कि कैलोरी बर्न, मेटाबॉलिज्म, हार्मोन और कार्डियो फिटनेस पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। कंपाउंड मूवमेंट्स क्या हैं? कंपाउंड मूवमेंट्स ऐसे व्यायाम हैं जिनमें एक साथ कई मांसपेशियां और जोड़ सक्रिय होते हैं। उदाहरण के लिए:स्क्वैट्स और डेडलिफ्ट: पैरों के साथ-साथ पीठ और कोर मसल्स को भी मजबूत बनाते हैं। बेंच प्रेस, पुल-अप, ओवरहेड प्रेस, लंज: कई मसल ग्रुप को काम में लेते हैं। इन अभ्यासों से शरीर एक समन्वित इकाई की तरह काम करता है, जिससे ताकत और सहनशीलता बढ़ती है। मसल्स और ताकत में तेजी कंपाउंड एक्सरसाइज में अक्सर अधिक वजन उठाना पड़ता है, जिससे मांसपेशियों की ताकत और आकार तेजी से बढ़ते हैं। भारी लिफ्ट्स जैसे स्क्वैट और डेडलिफ्ट टेस्टोस्टेरोन और ग्रोथ हार्मोन के स्तर को अस्थायी रूप से बढ़ाते हैं। इससे मसल ग्रोथ और रिकवरी दोनों में मदद मिलती है। MP LPG Supply: एमपी में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, मंत्री ने निगरानी के निर्देश दिए सोशल मीडिया अफवाहों से पैनिक फैलने की आशंका कैलोरी बर्न और वजन नियंत्रण कंपाउंड मूवमेंट्स में अधिक मसल्स सक्रिय होने के कारण कैलोरी बर्न ज्यादा होती है। मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। वजन को नियंत्रित रखना आसान होता है। हार्ट और कार्डियो फिटनेस में सुधार होता है। वहीं, आइसोलेशन एक्सरसाइज केवल एक मसल और जोड़ पर फोकस करती हैं, इसलिए इनसे कैलोरी बर्न और स्ट्रेंथ बढ़ाने की दर कम होती है। इंटरमस्कुलर कोऑर्डिनेशन और रियल-लाइफ एक्टिविटी कंपाउंड मूवमेंट्स शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों की स्थिरता बढ़ाते हैं। उठाना, धक्का देना, खींचना जैसी रोजमर्रा की एक्टिविटी के लिए शरीर तैयार होता है। इंटरमस्कुलर कोऑर्डिनेशन बेहतर होता है। शुरुआती लोगों के लिए टिप्स शुरुआती लोग बॉडीवेट स्क्वाट, पुश-अप, लंज, असिस्टेड पुल-अप जैसी कंपाउंड एक्सरसाइज से शुरुआत कर सकते हैं। सही फॉर्म से व्यायाम करें। धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं। इन्हें नियमित रूटीन में शामिल करें।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

नई दिल्ली । देश भर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप हो गई है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर की गई स्ट्राइक के बाद हॉर्मुज जलमार्ग बंद हो गया है जिससे भारत को गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कतर जो भारत की LNG की सबसे बड़ी सप्लाई करता है ने प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% LNG कतर से ही आयात करता है इसलिए देश में घरेलू और कॉमर्शियल गैस की किल्लत बढ़ गई है। दिल्ली मध्य प्रदेश महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी है। इससे कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ गई है। मुंबई में 20% होटल रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं और होटल एसोसिएशन ‘आहार’ ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो अगले दो दिनों में आधे से अधिक होटल बंद हो सकते हैं। भोपाल में शादी और सीजन के बीच 2 000 से अधिक होटल रेस्टोरेंट संचालन प्रभावित हैं। केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने और आपूर्ति नियंत्रण के लिए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की सप्लाई चार कैटेगरी में बांटी जाएगी घरेलू रसोई और CNG को पूरी आपूर्ति मिलेगी खाद कारखानों को लगभग 70% बड़े उद्योगों और चाय फैक्ट्रियों को लगभग 80% और छोटे होटल रेस्टोरेंट और कारखानों को भी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस मिलेगी। उत्तर प्रदेश में बुकिंग के 4 5 दिन बाद भी सिलेंडर डिलीवर नहीं हो रहे हैं। मुंबई पुणे और नागपुर में सप्लाई कटौती के कारण रेस्टोरेंट और शवदाह गृह बंद हुए हैं। राजस्थान में होटल मैरिज गार्डन और रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। कर्नाटक में भी होटल बंद होने की आशंका के कारण बुजुर्ग छात्र और मरीज प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच कदम उठाए हैं हाई लेवल कमेटी बनाना आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना LPG बुकिंग नियम बदलना 25 दिन बाद दूसरा सिलेंडर OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य करना और LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश देना। इंडियन ऑयल के के.एम. ठाकुर ने कहा है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक सप्लाई का भी इंतजाम कर रही है रूस और अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की संभावना है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बंदी और कतर में LNG उत्पादन ठप होना मुख्य कारण हैं। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का आधा कच्चा तेल और 54% LNG इसी मार्ग से मंगाता है। सप्लाई संकट के बीच घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ाकर 913 रुपए कर दी गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर 19 किग्रा का 1883 रुपए में मिल रहा है। इससे होटल रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसाय संचालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
‘वाराणसी’ के लिए बड़ा सौदा! स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स को मिली ब्रांड इंटीग्रेशन की विशेष अनुमति

नई दिल्ली। फिल्म उद्योग में आमतौर पर ब्रांड्स को केवल प्रोडक्ट प्लेसमेंट के तौर पर दिखाया जाता है। लेकिन ‘वाराणसी’ में ब्रांड्स को कहानी में स्वाभाविक और ऑथेंटिक तरीके से शामिल किया जाएगा। स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स पारंपरिक प्रोडक्ट प्लेसमेंट से आगे बढ़कर “ऑथेंटिक नैरेटिव वीव्स” का इस्तेमाल करेंगे। इसका उद्देश्य ब्रांड्स को फिल्म की दुनिया का स्वाभाविक हिस्सा बनाना है। राजामौली का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्टएस. एस. राजामौली को भारतीय सिनेमा के सबसे दूरदर्शी फिल्मकारों में गिना जाता है। उनकी फिल्मों की खासियत भव्य दृश्यों और मजबूत भावनात्मक कहानियों का मेल है। ‘वाराणसी’ को ग्लोबल ऑडियंस के लिए टेक्निकल और नैरेटिव स्केल पर डिजाइन किया जा रहा है। फिल्म हाई-ऑक्टेन एक्शन-एडवेंचर शैली की है, जिसमें प्राचीन भारतीय कथाओं और आधुनिक कहानी को जोड़ा गया है। कहानी अलग-अलग देशों और स्थानों में घूमती है, इसलिए इसे एक ग्लोबल सिनेमैटिक स्पेक्टेकल कहा जा रहा है। तकनीकी और ग्लोबल रिकॉर्ड‘वाराणसी’ भारत की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बन सकती है। यह पहली भारतीय फिल्म होगी जिसे 1.43:1 आईमैक्स फॉर्मेट में शूट किया जाएगा, जो दर्शकों को विशाल और वास्तविक सिनेमाई अनुभव देगा। फिल्म को 120 से अधिक देशों में रिलीज किया जाएगा। स्टार कास्ट और संगीतफिल्म में दक्षिण भारतीय सुपरस्टार Mahesh Babu मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ अंतरराष्ट्रीय अभिनेत्री Priyanka Chopra Jonas और अभिनेता Prithviraj Sukumaran भी अहम भूमिकाओं में हैं। संगीत का जिम्मा ऑस्कर विजेता संगीतकार M. M. Keeravani संभालेंगे, जिससे फिल्म का ऑडियो अनुभव भी वैश्विक स्तर पर विशेष रहेगा। स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स की भूमिकास्काई ब्लू सिनेमैटिक्स को फिल्म के लिए दुनिया भर के ब्रांड्स के साथ साझेदारी करने और उन्हें फिल्म की कहानी में जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी का उद्देश्य ब्रांड्स को कहानी में स्वाभाविक तरीके से शामिल कर फिल्म और ब्रांड दोनों के लिए नई संभावनाएं बनाना है। ग्रुप चेयरमैन मणिकंदमूर्ति वेलायुधन ने कहा, “इतनी बड़ी फिल्म के साथ जुड़ना सम्मान की बात है। ‘वाराणसी’ एक वैश्विक सिनेमाई आंदोलन है, और हमारी कंपनी को इस प्रोजेक्ट के लिए ग्लोबल ब्रांड पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने का जिम्मा मिला है।” राजामौली की प्रतिक्रियानिर्देशक एस. एस. राजामौली ने कहा, “वाराणसी बड़े पैमाने पर बनाई जा रही फिल्म है और इसमें होने वाली हर साझेदारी फिल्म को अधिक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करेगी। मुझे उम्मीद है कि स्काई ब्लू सिनेमैटिक्स के साथ मिलकर वैश्विक ब्रांड्स को फिल्म की कहानी में सम्मानजनक और स्वाभाविक तरीके से जोड़ा जाएगा। वाराणसी’ 2027 में दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और इसे भारतीय सिनेमा का सबसे ग्लोबल स्तर पर प्रभाव डालने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
जबलपुर हाईकोर्ट में भ्रूण लेकर घुसने पर सुरक्षा फेल: 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी ने की कड़ी कार्रवाई

जबलपुर। हाईकोर्ट परिसर की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त तार-तार हो गई, जब एक व्यक्ति अपने बैग में ‘भ्रूण’ लेकर गेट नंबर 6 से भीतर दाखिल हो गया। सोमवार को हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद मंगलवार को जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने कड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक एएसआई (ASI) और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। लापरवाही पर गाज: ये पुलिसकर्मी हुए निलंबितएसपी संपत उपाध्याय ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है: ASI मुन्ना अहिरवार हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय कांस्टेबल प्रतीक सोनकर घटनाक्रम: गेट नंबर 6 से बैग लेकर घुसा याचिकाकर्तारीवा जिले के बैकुंठपुर का रहने वाला दयाशंकर पांडे सोमवार को अपने केस की पैरवी करने खुद हाईकोर्ट पहुंचा था। वह गेट नंबर 6 से अंदर दाखिल हुआ, जहां सघन चेकिंग का दावा किया जाता है। दयाशंकर के बैग में कानूनी दस्तावेजों के साथ एक भ्रूण रखा हुआ था। जैसे ही परिसर के भीतर इस बात का खुलासा हुआ, वहां हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। वजह: ‘पुलिस निष्क्रियता’ के खिलाफ अनोखा विरोध या मजबूरी?दयाशंकर पांडे ने अपनी इस हरकत के पीछे रीवा पुलिस की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है दयाशंकर के अनुसार, 2024 में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद से उस पर और उसके परिवार पर लगातार हमले हो रहे हैं।उसने बताया कि 1 मार्च को एक बिना नंबर की कार ने उसकी बाइक को टक्कर मारी थी, जिसमें उसकी गर्भवती पत्नी घायल हो गई। इस हादसे के कारण 8 मार्च को उसकी पत्नी का गर्भपात (मिसकैरेज) हो गया। दयाशंकर का आरोप है कि रीवा पुलिस ने शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे तंग आकर वह सबूत के तौर पर भ्रूण लेकर हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर बिना चेकिंग के किसी वस्तु का बैग में लेकर पहुंच जाना सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है। हालांकि, दयाशंकर की पीड़ा पुलिसिया तंत्र की विफलता की ओर इशारा करती है, लेकिन इस तरह का कृत्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का बड़ा उल्लंघन है। मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)जबलपुर हाईकोर्ट सुरक्षा चूक, एसपी संपत उपाध्याय एक्शन, निलंबित पुलिसकर्मी, भ्रूण कांड जबलपुर, दयाशंकर पांडे रीवा, हाईकोर्ट गेट नंबर 6, एमपी पुलिस न्यूज़, रीवा पुलिस शिकायत, न्याय की गुहार, जबलपुर क्राइम अपडेट। क्या आप चाहते हैं कि मैं इस घटना के बाद ‘हाईकोर्ट परिसर की नई सुरक्षा
Bollywood upcoming movie: शाहरुख खान के साथ स्क्रीन शेयर करने पर सौरभ शुक्ला ने जताई खुशी, कहा- अद्भुत इंसान हैं

Bollywood upcoming movie: नई दिल्ली। सौरभ शुक्ला, जिन्होंने Shah Rukh Khan के साथ ‘बादशाह’ और ‘हे राम’ जैसी फिल्मों में काम किया है, ने कहा, “शाहरुख की जर्नी शानदार है। इतने सालों से वह इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं और जिस तरह से उन्होंने अपना करियर बनाया है, उस पोजीशन पर पहुंचे हैं, वह वाकई प्रेरणा देता है। सौरभ ने यह भी जोड़ा कि शाहरुख ने अपनी मेहनत और लगन से फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है, जो नए कलाकारों और फैंस दोनों के लिए प्रेरणादायक है। चार्मिंग और अपनापन- भरा व्यक्तित्व शाहरुख के व्यक्तित्व की तारीफ करते हुए सौरभ ने कहा, “एक इंसान के तौर पर वह हमेशा चार्मिंग रहे हैं। उनसे मिलने के बाद बस बातचीत खत्म नहीं करनी होती। वह अपने काम से प्रभावित करते हैं और बातचीत के दौरान आपको बहुत महत्व और खास महसूस कराते हैं।” सौरभ ने आगे बताया, “शाहरुख में लोगों से जुड़ने की खास काबिलियत है। आप उनसे बात करते समय महसूस करते हैं कि इस बातचीत में मेरी भी जरूरत है। यही अपनापन उन्हें सच में कमाल का बनाता है। वह बहुत कमाल के हैं।” ‘किंग’ में धमाकेदार एक्शन फिल्म ‘किंग’ एक्शन-ड्रामा फिल्म है, जिसमें शाहरुख जबरदस्त एक्शन करते नजर आएंगे। फिल्म में सौरभ शुक्ला के साथ Abhishek Bachchan, Deepika Padukone, शाहरुख की बेटी Suhana Khan और Jaideep Ahlawat भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। मेकर्स ने जनवरी में फिल्म की झलक दिखाते हुए प्रोमो जारी किया था, जिसमें शाहरुख खान के हाई-वोल्टेज एक्शन सीन और खून-खराबे से भरपूर दृश्य दिखाए गए। प्रोमो में शाहरुख का किरदार कहता है, “डर नहीं, दहशत हूं।” रिलीज डेट और प्रोडक्शन ‘किंग’ की निर्देशकीय जिम्मेदारी Siddharth Anand ने संभाली है। फिल्म Red Chillies Entertainment और Marflix Pictures के बैनर तले बन रही है। मेकर्स ने घोषणा की है कि ‘किंग’ इस साल 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जिससे फैंस को दिवाली के बाद फिल्म का रोमांच देखने को मिलेगा। सौरभ शुक्ला की उत्सुकता और शाहरुख खान के चार्म और प्रोफेशनलिज्म के मेल से यह फिल्म साल के बड़े एक्शन ड्रामा प्रोजेक्ट्स में शामिल होने वाली है।
Mahamandaleshwar honeytrap case: उज्जैन: चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर को फंसाने की ‘खूनी’ साजिश साध्वी मंदाकिनी और साथी पर FIR, बनारस की महिला ने खोली पोल

Mahamandaleshwar honeytrap case: उज्जैन। उज्जैन के प्रसिद्ध चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज के खिलाफ रची गई एक खौफनाक साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस साजिश की सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि अखाड़े से निष्कासित साध्वी मंदाकिनी पुरी और उसका साथी घनश्याम पटेल हैं। आरोपियों ने महाराज को ‘हनीट्रैप’ में फंसाकर करोड़ों की वसूली और मंदिर पर कब्जे का प्लान बनाया था, जिसके लिए बाकायदा बनारस से एक महिला को ‘हायर’ किया गया था। साजिश: 50 हजार का लालच और ‘अश्लील वीडियो’ का डर महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार, साजिश को अंजाम देने के लिए घनश्याम पटेल ने बनारस की एक महिला को 50 हजार रुपये का लालच दिया। महिला को महामंडलेश्वर पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाने के लिए उज्जैन बुलाया गया। जब महिला ने मना किया, तो घनश्याम ने उसके अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी और जबरन उसे उज्जैन आने के लिए बस का टिकट भेजा। खुलासा: रंगपंचमी के दिन दत्त अखाड़ा परिसर में जब घनश्याम महिला का ‘झूठा बयान’ रिकॉर्ड कर रहा था, तभी संतों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। महामंडलेश्वर का पक्ष: “मंदिर पर कब्जे की है लड़ाई” महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद ने इसे अपनी छवि खराब करने और चारधाम मंदिर पर कब्जा करने की सोची-समझी साजिश बताया है। वहीं, एक अन्य महामंडलेश्वर नर्मदाशंकर ने भी मंदाकिनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उसने ‘आचार्य महामंडलेश्वर’ बनाने के नाम पर उनसे 8 लाख 90 हजार रुपये की ठगी की है। मंदाकिनी पुरी: रसोइए से ‘महामंडलेश्वर’ और फिर जेल तक का सफर जांच में साध्वी मंदाकिनी का एक काला अतीत सामने आया है: झूठ की बुनियाद: कभी संतों के लिए खाना बनाने वाली ममता जोशी (मंदाकिनी) ने खुद को अविवाहित और करोड़ों की संपत्ति का मालिक बताकर 2016 के सिंहस्थ में महामंडलेश्वर की पदवी हासिल की थी। आपराधिक रिकॉर्ड: धोखाधड़ी और उगाही के आरोपों के बाद अखाड़े ने उसे निष्कासित कर दिया था। उस पर जयपुर के एक व्यापारी से हर्बल प्रोडक्ट के नाम पर लाखों की ठगी का भी आरोप है। सुसाइड ड्रामा: पदवी छिनने के बाद उसने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश भी की थी, ताकि सहानुभूति बटोर सके। अखाड़ा परिषद का रुख: “संतों को बदनाम करने का ट्रेंड” अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने इस घटना पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ को देखते हुए संतों की आस्था पर चोट पहुँचाने के लिए ऐसे गिरोह सक्रिय हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पुलिस इस पूरे नेटवर्क को चिह्नित कर रही है। निष्कर्ष “यह मामला केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि धर्म की आड़ में चल रहे ‘कॉरपोरेट स्टाइल’ अपराध का उदाहरण है। जहाँ एक तरफ संतों की गरिमा दांव पर थी, वहीं पुलिस और सतर्क साधुओं ने समय रहते इस ‘हनीट्रैप’ का भंडाफोड़ कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।” मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma) उज्जैन हनीट्रैप केस, महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद, साध्वी मंदाकिनी पुरी FIR, घनश्याम पटेल गिरफ्तार, चारधाम मंदिर विवाद, महाकाल पुलिस एक्शन, अखाड़ा परिषद न्यूज़, बनारस महिला कनेक्शन, एमपी न्यूज़ अपडेट, सिंहस्थ 2028 सुरक्षा।
Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट जंग तेज: ईरान की चेतावनी‘एक लीटर तेल भी नहीं जाने देंगे’, होर्मुज स्ट्रेट पर नई शर्त

Iran-Israel War: नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष का आज 11वां दिन है और इसी बीच ईरान ने दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि अगर हमले जारी रहे तो वह एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देगा। ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई शर्त भी रख दी है। ईरानी सेना का कहना है कि कुछ देशों के जहाजों को ही इस रास्ते से गुजरने दिया जाएगा और इसके लिए उन देशों को पहले अपने यहां से अमेरिका और इजराइल के राजदूतों को निकालना होगा। तो पूरी दुनिया में तेल संकट पैदा हो सकता है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों से सुरक्षा शुल्क यानी सिक्योरिटी टैक्स वसूलने की योजना भी बना रहा है, खासकर उन देशों के जहाजों से जो अमेरिका के सहयोगी माने जाते हैं। इसी बीच युद्ध का असर क्षेत्र के दूसरे देशों पर भी दिखने लगा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी UNHCR के अनुसार 2 मार्च से अब तक 80 हजार से ज्यादा सीरियाई नागरिक लेबनान से सीमा पार कर अपने देश वापस लौट चुके हैं। एजेंसी की प्रवक्ता सेलिन श्मिट ने बताया कि इजराइली हमलों के डर से कई परिवार जल्दबाजी में लेबनान छोड़कर लौटे हैं। अधिकांश लोग बिना सामान लिए ही निकल गए और फिलहाल अपने रिश्तेदारों के घरों में रह रहे हैं। अभी तक इन लोगों ने आपातकालीन आश्रय की कोई आधिकारिक मांग दर्ज नहीं कराई है। युद्ध के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल युद्धविराम नहीं चाहता। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान पर हमला करने वालों को ऐसा जवाब दिया जाएगा कि वे दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न करें। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को नहीं लगता कि अमेरिका और इजराइल से बातचीत करके यह युद्ध खत्म होगा। उनके मुताबिक ईरान उस स्थिति को खत्म करना चाहता है जिसमें पहले युद्ध होता है, फिर बातचीत और युद्धविराम होता है और कुछ समय बाद फिर से लड़ाई शुरू हो जाती है। दूसरी तरफ इराक ने भी इस संघर्ष से दूरी बनाने की कोशिश की है। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अमेरिका से साफ कहा है कि इराक की जमीन या उसके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत के दौरान कही। इराक का कहना है कि वह इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता और अपने क्षेत्र को किसी भी सैन्य टकराव से दूर रखना चाहता है। युद्ध के कारण एशिया के कई देशों में भी चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान के बाद अब थाईलैंड ने ईंधन बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश दिया है। थाई सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के विदेश यात्रा पर भी रोक लगा दी है और ऊर्जा बचत के लिए अलग-अलग उपाय लागू किए हैं। पाकिस्तान में भी सरकार ने खर्च कम करने के लिए सरकारी दफ्तरों को हफ्ते में चार दिन खोलने और आधे कर्मचारियों को घर से काम करने का फैसला किया है। वहीं वियतनाम ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील की है और बांग्लादेश ने ऊर्जा संकट को देखते हुए विश्वविद्यालय बंद कर दिए हैं तथा छुट्टियों की अवधि बढ़ा दी है। इस संघर्ष का पर्यावरण पर भी असर दिखने लगा है। पाकिस्तान के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ईरान में हुए हवाई हमलों के बाद वहां से उठने वाला धुआं और प्रदूषण पाकिस्तान के पश्चिमी इलाकों तक पहुंच सकता है, जिससे हवा की गुणवत्ता खराब हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के तेल भंडारण ठिकानों पर हमलों के बाद कई शहरों के ऊपर घना काला धुआं छाया हुआ है और वहां सांस लेना मुश्किल हो गया है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने भी इस स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। कंपनी के सीईओ अमीन नासिर के अनुसार अगर युद्ध जारी रहता है और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है तो वैश्विक तेल बाजार में बड़ा संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे केवल ऊर्जा क्षेत्र ही नहीं बल्कि शिपिंग, बीमा, हवाई यात्रा, खेती और ऑटोमोबाइल जैसे कई उद्योगों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा दुनिया में तेल का भंडार पहले ही पिछले पांच वर्षों के सबसे निचले स्तर के आसपास है, इसलिए सप्लाई में किसी भी बड़ी रुकावट से स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसी बीच तुर्किये ने भी अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है और देश के दक्षिण-पूर्वी इलाके में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया गया है। तुर्किये का कहना है कि हाल की घटनाओं को देखते हुए उसकी सीमाओं और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत की जा रही है। उधर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना अब तक ईरान के 46 युद्धपोतों को डुबो चुकी है। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि युद्ध कब खत्म होगा यह ईरान तय करेगा और अगर हमले जारी रहे तो क्षेत्र से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। मिस्र ने घरेलू ईंधन की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के कारण तेल सप्लाई और समुद्री परिवहन मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय युद्ध नहीं रह गया है। तेल सप्लाई, शरणार्थी संकट, पर्यावरण और वैश्विक अर्थव्यवस्था—इन सभी पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है और अगर हालात जल्द नहीं संभले तो दुनिया को एक बड़े ऊर्जा और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
WOMEN RIGHTS HEARING: भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष राहटकर करेंगी महिलाओं की जनसुनवाई

WOMEN RIGHTS HEARING: भोपाल। महिलाओं से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग सक्रिय हो गया है। इसके तहत आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर 11 मार्च 2026 को भोपाल में महिलाओं के साथ जनसुनवाई करेंगी। यह जनसुनवाई दोपहर 1.30 बजे शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई महाविद्यालय पॉलिटेक्निक चौराहा भोपाल में आयोजित की जाएगी। इस मौके पर महिलाएं सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष अपनी समस्याओं और शिकायतों को रख सकेंगी। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं के मामलों का शीघ्र और प्रभावी समाधान हो सके। जिन मुद्दों को सामने रखा जाएगा उनकी जांच और समाधान की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी। श्रीमती राहटकर ने कहा है कि यह जनसुनवाई महिलाओं के लिए अपने अधिकारों और समस्याओं को सीधे सुनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसमें घरेलू हिंसा उत्पीड़न नौकरी या शिक्षा से जुड़ी समस्याएँ सुरक्षा और समाज में महिला सम्मान से संबंधित मामले शामिल हो सकते हैं। आयोग के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे और महिलाओं की शिकायतों को दर्ज करेंगे। आयोग का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उसकी त्वरित कार्रवाई की जाए। इस जनसुनवाई का आयोजन महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनकी समस्याओं को सीधे शासन और आयोग तक पहुँचाने के लिए किया गया है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जनसुनवाई में शामिल होंगे ताकि इसे व्यापक जनजागरूकता के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती राहटकर का मानना है कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान केवल सरकारी प्रयास से ही नहीं बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। जनसुनवाई में उपस्थित महिलाएं सीधे अपने मुद्दे प्रस्तुत कर सकती हैं और आयोग अधिकारियों से मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकती हैं। इससे न केवल तत्काल समस्या का समाधान होगा बल्कि महिलाओं में अपने अधिकारों को समझने और उनका प्रयोग करने की क्षमता भी बढ़ेगी। इस तरह की पहल महिलाओं के लिए अपने जीवन और समाज में सम्मानजनक स्थान बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। भोपाल में होने वाली यह जनसुनवाई महिलाओं को अपने मुद्दों को सामने रखने और राष्ट्रीय महिला आयोग से सहायता प्राप्त करने का अवसर देगी।