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छोटी-छोटी वित्तीय गलतियां कैसे बिगाड़ सकती हैं आपकी आर्थिक सेहत, जानें सही निवेश और बचत की जरूरी रणनीति

नई दिल्ली । एक सामान्य नौकरीपेशा व्यक्ति हर महीने अपनी कमाई से संतुष्ट महसूस करता था। उसकी आमदनी समय के साथ बढ़ रही थी और उसे लगता था कि वह आर्थिक रूप से सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ रहा है। लेकिन धीरे-धीरे उसने महसूस किया कि बचत उतनी तेजी से नहीं बढ़ रही जितनी उम्मीद थी। खर्च लगातार बढ़ रहे थे और महीने के अंत में बचत लगभग वही रहती थी या कभी-कभी कम भी हो जाती थी। शुरुआत में उसने इसे सामान्य माना, लेकिन समय के साथ स्थिति बदलने लगी। महंगाई ने धीरे-धीरे उसके रोजमर्रा के खर्चों को प्रभावित करना शुरू कर दिया। किराना, यात्रा, इलाज और अन्य आवश्यक चीजों की कीमतें बढ़ती रहीं, लेकिन उसकी बचत उसी गति से नहीं बढ़ पाई। उसे समझ नहीं आ रहा था कि कमाई बढ़ने के बावजूद आर्थिक दबाव क्यों महसूस हो रहा है। कुछ समय बाद उसने ध्यान दिया कि उसका अधिकांश पैसा बैंक खाते में ही पड़ा रहता था। उसे यह तरीका सुरक्षित लगता था, इसलिए वह निवेश करने से बचता था। लेकिन इसी आदत ने उसकी असली समस्या पैदा की थी। पैसा सुरक्षित तो था, लेकिन उसकी वृद्धि नहीं हो रही थी। धीरे-धीरे उसकी क्रय शक्ति कम होती जा रही थी, जिसका असर उसके भविष्य की योजनाओं पर पड़ने लगा। फिर उसने एक और आदत पर गौर किया। जब भी बाजार में किसी तरह की गिरावट या अनिश्चितता की खबर आती, तो वह घबरा जाता और अपने छोटे निवेश भी निकाल लेता। बाद में उसे समझ आया कि यह भावनात्मक निर्णय था, जिसने उसे लंबे समय में नुकसान पहुंचाया। निवेश में स्थिरता और धैर्य की कमी ने उसकी आर्थिक वृद्धि को बाधित कर दिया था। समय के साथ एक और बदलाव सामने आया। जैसे-जैसे उसकी आय बढ़ी, वैसे-वैसे उसके खर्च भी बढ़ने लगे। वह पहले से अधिक आरामदायक जीवन जीने लगा, लेकिन अनजाने में उसकी बचत की क्षमता कम होती गई। उसे लगा कि वह बेहतर जीवन जी रहा है, लेकिन असल में उसकी वित्तीय नींव कमजोर हो रही थी। धीरे-धीरे उसे एहसास हुआ कि सिर्फ कमाई बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। असली चुनौती पैसे को सही तरीके से संभालने में है। बिना योजना के खर्च, भावनात्मक निवेश निर्णय और केवल बचत पर निर्भर रहना उसकी सबसे बड़ी गलतियां थीं। उसने अपनी आदतें बदलनी शुरू कीं। खर्चों पर नियंत्रण लाया, निवेश को लंबे समय के नजरिए से समझा और छोटी अवधि के लाभ के बजाय स्थिर वृद्धि पर ध्यान दिया। धीरे-धीरे उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी और उसे समझ आया कि वित्तीय सफलता किसी एक बड़े फैसले से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी सही आदतों से बनती है।

दीप दासगुप्ता का बड़ा बयान: राशिद खान ने फिर पकड़ी अपनी क्लासिक फॉर्म, बल्लेबाज़ों पर बरपाया कहर

नई दिल्ली । क्रिकेट फैंस ने एक बार फिर उस राशिद खान को देखा, जो अपनी घातक स्पिन गेंदबाजी के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। गुजरात टाइटंस (GT) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेले गए मुकाबले में राशिद ने 4 ओवर में 33 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और अपनी टीम को 77 रनों की बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने राशिद खान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राशिद इस मैच में पूरी तरह अपनी पुरानी लय में नजर आए और उनकी गेंदबाजी का फोकस लगातार स्टंप्स पर था। “हर गेंद स्टंप्स पर लग रही थी” दीप दासगुप्ताएक क्रिकेट चर्चा के दौरान दीप दासगुप्ता ने कहा कि जब राशिद अपने बेस्ट फॉर्म में होते हैं, तो उनकी गेंदें लगातार बल्लेबाज को परेशानी में डालती हैं। इस मैच में भी उन्होंने वही पुरानी धार दिखाई। उन्होंने खास तौर पर शुभम दुबे के विकेट का जिक्र करते हुए कहा कि राशिद ने बेहतरीन लाइन और लेंथ के साथ मिडिल स्टंप को लगातार टारगेट किया। दासगुप्ता के अनुसार, राशिद की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह लगातार स्टंप्स पर हमला करते हैं, जिससे बल्लेबाज के पास गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है। घातक गेंदबाजी से RR की पारी ध्वस्तराशिद खान ने इस मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, फरेरा और शुभम दुबे को पवेलियन भेजा। खास बात यह रही कि उनके तीन विकेट क्लीन बोल्ड और एक विकेट एलबीडब्ल्यू के रूप में आया, जो उनकी सटीकता को दर्शाता है। राजस्थान रॉयल्स की टीम 230 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 152 रन पर सिमट गई, और पूरी टीम ऑलआउट हो गई। GT की शानदार जीत और टॉप-2 में एंट्रीगुजरात टाइटंस के लिए कप्तान शुभमन गिल ने 44 गेंदों में 84 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि साई सुदर्शन ने 55 रनों का योगदान दिया। टीम ने इस जीत के साथ अपना सातवां मुकाबला जीतकर अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। राशिद खान का यह प्रदर्शन न सिर्फ गुजरात टाइटंस के लिए अहम साबित हुआ, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वह एक बार फिर अपनी घातक फॉर्म में लौट आए हैं। दीप दासगुप्ता की टिप्पणी भी यही बताती है कि जब राशिद लय में होते हैं, तो उन्हें खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता।

जोश इंग्लिस ने मचाया धमाल, CSK के होम ग्राउंड पर IPL 2026 में ठोका तूफानी फिफ्टी

नई दिल्ली । चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के 53वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बल्लेबाज जोश इंग्लिस ने ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने पूरे मैच का रुख ही बदल दिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ इंग्लिस ने मात्र 17 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर इस मैदान पर सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।  इंग्लिस ने इस मुकाबले में 33 गेंदों पर 85 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 257 के आसपास रहा, जो इस मैच की सबसे बड़ी खासियत रही। LSG की धमाकेदार शुरुआत, पावरप्ले में ही दबदबजोश इंग्लिस की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स ने बेहद तेज शुरुआत की। टीम ने सिर्फ 3.4 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए, जो फ्रेंचाइजी के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे तेज अर्धशतकों में से एक रहा। पावरप्ले के दौरान इंग्लिस ने अकेले 25 गेंदों में 74 रन बनाकर गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। इंग्लिस और मिचेल मार्श के बीच पहले विकेट के लिए 31 गेंदों में 77 रनों की साझेदारी ने LSG को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि मार्श 10 रन बनाकर आउट हो गए और इसके बाद निकोलस पूरन और कप्तान ऋषभ पंत भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। पूरन सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ऋषभ पंत 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद इंग्लिस ने एक छोर संभाले रखा और लगातार रन बरसाते रहे। शतक से चूके, लेकिन छोड़ दिया बड़ा असरजोश इंग्लिस शतक के बेहद करीब पहुंचकर भी उसे पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी पारी ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया। उनकी बल्लेबाजी ने यह साफ कर दिया कि वह LSG के लिए एक मैच विनिंग बल्लेबाज बनते जा रहे हैं। टीम में वापसी और रणनीतिक बदलावइस मुकाबले के लिए LSG ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो अहम बदलाव किए थे। जोश इंग्लिस की टीम में वापसी हुई, जबकि आवेश खान को मयंक यादव की जगह शामिल किया गया। यह बदलाव पूरी तरह सफल साबित हुआ, खासकर इंग्लिस के प्रदर्शन के कारण। जोश इंग्लिस की यह पारी IPL 2026 की सबसे यादगार पारियों में से एक बन गई है। चेपॉक जैसे मुश्किल मैदान पर इतनी तेज बल्लेबाजी करना उनके आत्मविश्वास और आक्रामक शैली को दर्शाता है। भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने मैच को पूरी तरह LSG के पक्ष में मोड़ दिया।

मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

नई दिल्ली । चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के 53वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श ने भले ही छोटी पारी खेली हो, लेकिन उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मात्र 10 रन की पारी खेलते हुए मार्श ने LSG के लिए सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का कीर्तिमान स्थापित किया। इस मैच में मार्श ने 10 गेंदों में 10 रन बनाए, जिसमें एक शानदार छक्का भी शामिल था। हालांकि उनकी पारी छोटी रही, लेकिन उन्होंने जोश इंग्लिस के साथ मिलकर 5.1 ओवर में 77 रनों की तेज साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। IPL में लगातार शानदार प्रदर्शमिचेल मार्श ने IPL 2025 में पहली बार LSG का प्रतिनिधित्व किया था और तभी से वे टीम के अहम खिलाड़ी बन गए। अपने पहले सीजन में उन्होंने 13 पारियों में 48.23 की औसत से 627 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें टीम का प्रमुख सलामी बल्लेबाज बना दिया। IPL 2026 के मौजूदा सीजन में भी उनका फॉर्म जारी है। 11 मैचों में उन्होंने 34.27 की औसत से 377 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है। खास बात यह है कि पिछले ही मुकाबले में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 111 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, जिससे LSG ने डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 9 रन से जीत दर्ज की थी। इतिहास में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले खिलाड़LSG के लिए 1,000 रन सबसे कम पारियों में पूरा करने के साथ मिचेल मार्श ने कई बड़े नामों के क्लब में जगह बना ली है। हालांकि यह रिकॉर्ड IPL इतिहास में सबसे तेज नहीं है, लेकिन LSG फ्रेंचाइजी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। IPL इतिहास में सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए सिर्फ 20 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी। उनके बाद शॉन मार्श, लिंडल सिमंस, केएल राहुल और डेवोन कॉन्वे जैसे दिग्गज बल्लेबाज इस सूची में शामिल हैं, जिन्होंने 21 से 24 पारियों के बीच यह आंकड़ा छुआ था। मिचेल मार्श का यह प्रदर्शन साबित करता है कि वे LSG के लिए लगातार मैच विनिंग खिलाड़ी बनते जा रहे हैं। भले ही इस मैच में उनका योगदान छोटा रहा हो, लेकिन इतिहास रचने वाली यह उपलब्धि उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की गवाही देती है। आने वाले मैचों में उनसे और भी बड़े धमाकों की उम्मीद की जा रही है।

10 मई विशेष: बदलता मौसम, बढ़ती चुनौतियां और सामाजिक-राजनीतिक हलचल का दिन

10 मई 2026 का दिन कई स्तरों पर खास रहा। कहीं मौसम ने लोगों की चिंता बढ़ाई, तो कहीं राजनीति और सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं ने सुर्खियां बटोरीं। यह दिन एक तरफ प्राकृतिक बदलावों की चेतावनी देता दिखा, तो दूसरी ओर सामाजिक-राजनीतिक घटनाओं ने व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल भी खड़े किए। सबसे पहले बात मौसम और स्वास्थ्य की करें तो देश के कई हिस्सों में लगातार बदलते मौसम ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। गर्मी और अचानक बारिश के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। इसी समय पंचक काल और रोग पंचक जैसे ज्योतिषीय संदर्भों ने भी लोगों में सतर्कता बढ़ाई, जहां परंपरागत मान्यताओं के अनुसार यह समय स्वास्थ्य के लिए संवेदनशील माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जुड़ी खबरों ने भी 10 मई को महत्वपूर्ण बना दिया। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में हुए हमले और सुरक्षा बलों को हुए नुकसान ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया। इस घटना ने एक बार फिर सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों की गंभीरता को उजागर किया। इसी बीच वैश्विक स्तर पर तकनीक और आस्था के मेल की नई तस्वीर भी सामने आई, जहां AI और रोबोटिक्स को धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में इस्तेमाल किए जाने की चर्चा तेज हुई। इससे यह सवाल उठने लगा कि क्या आने वाले समय में तकनीक इंसानी परंपराओं का हिस्सा बनकर उन्हें और बदल देगी। भारत की राजनीति में भी 10 मई चर्चा का दिन रहा, जहां यूपी मंत्रिमंडल विस्तार, बयानबाजी और विपक्ष के तंज ने माहौल को गर्म रखा। सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया। कुल मिलाकर 10 मई एक ऐसा दिन साबित हुआ जिसमें मौसम से लेकर राजनीति, सुरक्षा से लेकर तकनीक तक हर क्षेत्र में हलचल देखने को मिली। यह दिन आने वाले समय की चुनौतियों और बदलावों की एक झलक भी देता है, जहां प्रकृति, व्यवस्था और तकनीक तीनों ही एक नए संतुलन की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

UP Cabinet Expansion: योगी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, 6 नए मंत्रियों की एंट्री, 2 मंत्रियों को प्रमोशन

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की Government of Uttar Pradesh में रविवार को बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के मंत्रिमंडल का दूसरी बार विस्तार किया गया, जिसमें 6 नए चेहरों को शामिल किया गया, जबकि 2 राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सबसे पहले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Chaudhary ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद समाजवादी पार्टी से बगावत कर चुके विधायक Manoj Pandey ने शपथ ली। दोनों नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन देकर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। वहीं कृष्णा पासवान, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा को राज्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। कृष्णा पासवान की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि राजनीति में आने से पहले वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रह चुकी हैं। शपथ ग्रहण के बाद नए मंत्रियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। नए मंत्रिमंडल में जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश भी दिखाई दी। इसमें एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित वर्ग के नेताओं को जगह दी गई है। अब योगी सरकार में मुख्यमंत्री समेत कुल मंत्रियों की संख्या 60 हो गई है। कैबिनेट विस्तार के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज भाजपा विधायक आशा मौर्य ने पार्टी पर मौर्य समाज की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दलबदलू नेताओं को ज्यादा महत्व दिया गया है। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि “भाजपा राज में CM का मतलब सिर्फ कूरियर मैसेंजर बनकर रह गया है।” उन्होंने कैबिनेट विस्तार को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि फैसले कहीं और से तय होते हैं। उधर, केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष Pankaj Chaudhary ने नए मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी मंत्री प्रदेश के विकास और जनता की सेवा के लिए मिलकर काम करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने यह विस्तार किया है, जिससे अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश दिखाई दे रही है।

Pakistan Army Chief Statement: ऑपरेशन सिंदूर पर बौखलाए असीम मुनीर, हार छिपाने के लिए दिए विवादित बयान

नई दिल्ली। भारत के आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने भारतीय कार्रवाई को “दो विचारधाराओं की लड़ाई” बताते हुए दावा किया कि पाकिस्तान की रणनीति भारत से बेहतर रही। हालांकि, अपने दावों के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। दरअसल, पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाया था। भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। भारतीय कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिन तक तनावपूर्ण सैन्य स्थिति बनी रही। रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान असीम मुनीर ने कहा कि 6 से 10 मई के बीच भारत ने पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया, जिसका उनकी सेना ने “करारा जवाब” दिया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने भारत के 26 ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया। पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने युद्धविराम को लेकर भी बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारत ने अमेरिका के जरिए सीजफायर की पहल की थी। हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि सैन्य तनाव कम करने का फैसला दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन बातचीत के जरिए हुआ था। भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि उसका लक्ष्य केवल सीमा पार से संचालित आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करना है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर का मकसद आतंकवाद के ढांचे को कमजोर करना और भविष्य के हमलों को रोकना था। इस बीच पाकिस्तान ने अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने की बात भी कही है। असीम मुनीर ने तकनीक आधारित युद्ध, रॉकेट फोर्स और नई पनडुब्बियों का जिक्र करते हुए सेना के आधुनिकीकरण की बात कही। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उसका रुख पहले की तरह सख्त रहेगा। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारत ने फिर दोहराया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और आतंकवाद के खिलाफ हर हमले का जवाब मजबूती से दिया जाएगा।

Pakistan US Relations: ‘पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता’, पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रुबिन का बड़ा बयान

नई दिल्ली। अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में हाल के महीनों में भले ही नरमी और नजदीकी देखने को मिली हो, लेकिन भरोसे को लेकर सवाल अब भी कायम हैं। इसी बीच पेंटागन के पूर्व अधिकारी और मिडिल ईस्ट मामलों के विशेषज्ञ Michael Rubin ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करना चाहिए और भविष्य में इस्लामाबाद से किए गए किसी भी वादे को निभाने के लिए वॉशिंगटन बाध्य नहीं होगा। माइकल रुबिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश नीति में पाकिस्तान को कभी स्थायी सहयोगी के रूप में नहीं देखा गया। उनके मुताबिक, वॉशिंगटन ने हमेशा पाकिस्तान को केवल रणनीतिक जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया और मौजूदा नेतृत्व भी उसी नीति का हिस्सा है। रुबिन ने कहा कि Donald Trump प्रशासन का कार्यकाल खत्म होने के बाद चाहे रिपब्लिकन सरकार आए या डेमोक्रेट, दोनों इस बात पर सहमत होंगे कि पाकिस्तान पूरी तरह भरोसेमंद साझेदार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पाक सेना प्रमुख Asim Munir से किए गए किसी भी वादे को निभाने के लिए खुद को मजबूर महसूस नहीं करेगा। दरअसल, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में बदलाव देखने को मिला है। ट्रंप कई मौकों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ असीम मुनीर की तारीफ कर चुके हैं। इतना ही नहीं, ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव और वार्ता में भी अमेरिका ने पाकिस्तान की भूमिका को अहम बताया है। हालांकि, पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2001 में अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। अमेरिका को शक था कि आतंकी संगठन अल-कायदा सरगना Osama bin Laden को पाकिस्तान में पनाह मिली हुई है। इसके बाद साल 2011 में अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान के एबटाबाद में ऑपरेशन चलाकर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। इस घटना के बाद दोनों देशों के रिश्ते लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहे। स्थिति यह रही कि साल 2006 के बाद से किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया। वहीं 2011 के बाद लंबे समय तक अमेरिका के बड़े अधिकारी भी इस्लामाबाद जाने से बचते रहे। हालांकि हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान वार्ता के सिलसिले में पाकिस्तान का दौरा किया, जिसे दोनों देशों के बीच नए समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है।

खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस चौकी पर बड़ा आतंकी हमला, 21 जवानों की मौत; अस्पतालों में इमरजेंसी

नई दिल्ली। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार रात बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें कम से कम 21 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हमला बन्नू जिले की एक पुलिस चौकी पर किया गया, जहां पहले विस्फोटकों से भरी कार में जोरदार धमाका किया गया और उसके बाद घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी गई। इस हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और सरकारी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने पहले सुरक्षा चौकी के पास बारूद से भरी गाड़ी को उड़ा दिया। धमाका इतना तेज था कि पुलिस पोस्ट का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। इसके बाद हथियारबंद विद्रोहियों ने चौकी पर धावा बोल दिया और भारी गोलीबारी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, धमाके के बाद जब अतिरिक्त पुलिस बल और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं, तब हमलावरों ने उन पर भी घात लगाकर हमला कर दिया। इस वजह से मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ी। कई घायल पुलिसकर्मियों को बन्नू के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां इमरजेंसी लागू कर दी गई है। इस हमले की जिम्मेदारी ‘इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान’ नाम के हथियारबंद संगठन ने ली है। बन्नू जिला अफगानिस्तान सीमा से लगा हुआ है और लंबे समय से आतंकियों तथा विद्रोही गुटों की गतिविधियों का केंद्र माना जाता रहा है। आशंका जताई जा रही है कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद सीमा पार अफगानिस्तान की ओर भाग निकले। घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में पूरी पुलिस चौकी तबाह नजर आई। इलाके में ईंटों, जली हुई गाड़ियों और मलबे के ढेर दिखाई दिए। धमाके से आसपास के रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा और कुछ आम नागरिकों के घायल होने की खबर है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पाकिस्तान में हाल के महीनों में सुरक्षा बलों पर हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील इलाकों में। इस हमले के बाद अफगान सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।

NTPC से मिला मेगा प्रोजेक्ट: इस कंपनी के स्टॉक ने 5 साल में दिया मल्टीबैगर रिटर्न

नई दिल्ली ।  सिविल कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी SPML Infra को हाल ही में एक बड़ा कॉरपोरेट ऑर्डर मिला है, जिसने बाजार में निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। कंपनी को देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी NTPC Limited से ₹1128 करोड़ का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट मिला है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी देखी गई और यह 3.91% की बढ़त के साथ ₹222 के स्तर पर बंद हुआ। यह प्रोजेक्ट 1 GWh क्षमता वाले एडवांस बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़ा है, जिसे बिहार के बारौनी थर्मल पावर स्टेशन में स्थापित किया जाएगा। यह भारत के सबसे बड़े ग्रिड-लेवल स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। इसके तहत कंपनी को न केवल सप्लाई और सिविल वर्क करना है, बल्कि इंस्टॉलेशन और लंबे समय तक ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। इस मेगा प्रोजेक्ट में आधुनिक तकनीकों जैसे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) और थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) का उपयोग किया जाएगा, जिससे ऊर्जा भंडारण और वितरण को अधिक कुशल बनाया जा सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भारत के ऊर्जा ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ग्रिड स्टेबिलिटी बेहतर होगी, पीक लोड मैनेजमेंट आसान होगा और रिन्यूएबल एनर्जी को मुख्य ग्रिड में बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा।कंपनी के लिए यह डील एक रणनीतिक मील का पत्थर मानी जा रही है, क्योंकि इससे SPML Infra की एंट्री ग्रीन एनर्जी और स्टोरेज सेक्टर में मजबूत हो गई है। कंपनी पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सक्रिय रही है, लेकिन अब यह नई दिशा उसकी ग्रोथ को और तेज कर सकती है। बाजार प्रदर्शन की बात करें तो इस स्टॉक ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। बीते 5 सालों में इसने लगभग 2122% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जबकि 3 साल में भी 500% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। यह प्रदर्शन इसे रिटेल और लॉन्ग टर्म निवेशकों के बीच आकर्षक बनाता है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यह ऑर्डर उनकी भविष्य की रणनीति को मजबूत करता है और उन्हें ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। आने वाले समय में कंपनी का फोकस ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर रहेगा। शेयरहोल्डिंग पैटर्न में भी सुधार देखा गया है, जहां प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 41% तक पहुंच गई है, जो कंपनी में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। कुल मिलाकर, NTPC से मिला यह मेगा ऑर्डर न केवल SPML Infra के लिए बल्कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में क्लीन एनर्जी और स्टोरेज टेक्नोलॉजी को नई दिशा दे सकता है।