T20 World Cup: भारत लगातार दूसरी बार फाइनल में… इससे पहले सिर्फ 2 टीमें ही कर पाई ये कमाल

नई दिल्ली। सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) ने इंग्लैंड (England) को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup: 2026) फाइनल में अपनी जगह बना ली है। भारत का यह टी20 वर्ल्ड कप में बैक टू बैक दूसरा फाइनल है। इससे पहले रोहित शर्मा की अगुवाई में भारत ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब साउथ अफ्रीका को हराकर जीता था। टीम इंडिया बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाली तीसरी टीम बन गई है। इस लिस्ट में पाकिस्तान भी मौजूद है। बता दें, सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 254 रनों का टारगेट रखा था, इस स्कोर का पीछा करते हुए इंग्लिश टीम 246 रन बना पाई। टीम इंडिया ने 7 रनों से यह मैच जीता। फाइनल में भारत का सामना न्यूजीलैंड से है, जो साउथ अफ्रीका को हराकर पहले ही खिताबी मुकाबले में अपनी जगह बना चुका है। भारत का यह टी20 वर्ल्ड कप में बैक टू बैक दूसरा फाइनल है। टीम इंडिया से पहले पाकिस्तान और श्रीलंका यह कारनामा कर चुके हैं। पाकिस्तान ने 2007 और 2009 में बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप फाइनल खेले थे। 2007 में उन्हें भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, वहीं 2009 में पाकिस्तान ट्रॉफी उठाने में कामयाब रहा था। श्रीलंका ने 2012 और 2014 में लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल खेले थे। 2012 में उन्हें हार मिली थी, वहीं 2014 में भारत को हराकर श्रीलंका ने खिताब जीता था। भारत के पास इतिहास रचने का मौकाटीम इंडिया के पास न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में इतिहास रचने का मौका है। भारत अगर 8 मार्च को होने वाले फाइनल में न्यूजीलैंड को हराता है तो उनका नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में जुड़ जाएगा। अगर भारत जीतता है तो वह बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बनेगा। अगर भारत जीतता है तो वह घर पर टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बनेगा।
MP: दमोह में भाईदूज पर बहन के घर जा रहे नाबालिग का हथौड़े से सिर फोड़ा….फिर खून पीया और मांस खाया

दमोह। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह जिले (Damoh district) से हत्या की Damoh खौफनाक वारदात का मामला सामने आया है, यहां एक शख्स ने हथौड़े से 15-20 वार कर नाबालिग (Minor) का सिर फोड़ दिया और उसकी नृशंस हत्या कर दी। आरोप है कि सिर फोड़ने के बाद आरोपी शख्स ने ना केवल नाबालिग का खून पिया, बल्कि उसका भेजा निकालकर भी खाया। इस वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है। वारदात की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है, और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। आरोपी अपनी पत्नी की हत्या के मामले में जेल की सजा भी काट चुका है यह वारदात दमोह जिले में देहात थाना क्षेत्र में भाई दूज पर बहन के घर जा रहे एक नाबालिग के साथ हुई। इमलिया चौकी क्षेत्र के अर्थखेड़ा गांव का रहने वाला 16 वर्षीय भरत विश्वकर्मा भाईदूज पर अपनी बहन के पास समन्ना गांव आ रहा था, लेकिन बहन के घर पहुंचने से पहले ही यहां गांव में रहने वाले गुड्डा पटेल ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने भरत के सिर पर पहले रॉड से हमला किया, फिर इसके बाद करीब 15-20 बार हथौड़े से वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण भरत की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया है। कजिन बोला- उसने मेरे सामने भाई का भेजा खायाइस दौरान भरत के साथ मौजूद मृतक के चचेरे भाई विजय विश्वकर्मा ने बताया कि हम रास्ते में पहुंचे ही थे कि आरोपी ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया, मैं तो किसी तरह बच गया, लेकिन आरोपी ने मेरे सामने भरत की हत्या कर दी और उसका मांस (भेजा) खाया। वह नरभक्षी की तरह बर्ताव कर रहा था। गांव वाले उसकी क्रूरता से डर गए। भाई ने मेरे सामने दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी भागकर खेतों में छुपाप्राप्त जानकारी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुड्डा पटेल हाथ में हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भागा और जाकर खेतों में छिप गया। ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी घेराबंदी करते हुए उसे दबोचा। हालांकि आरोपी ने हाथ में हथियार लेकर पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को डराने की कोशिश की, जिसके चलते कुछ देर के लिए लोग पीछे हट गए। हालांकि बाद में जब आरोपी के हाथ से हथियार छूट गया, तब ग्रामीणों ने उस पर पथराव कर उसे काबू में कर लिया। आरोपी की पहचान गुड्डा पटेल के रूप में हुई है। आरोपी ने 20 साल पहले की थी पत्नी की हत्याग्रामीणों ने बताया कि आरोपी गांव में ही घूमता रहता था और 20 साल पहले उसने अपनी पत्नी की हत्या की थी। इस मामले में वह जेल की सजा काट चुका है और 2 साल पहले ही उसकी सजा पूरी हुई थी। आरोपी के घर में एक बेटा और दो बेटियां हैं। तीनों की शादी हो चुकी है, और उसका बेटा उससे अलग रहकर खेती करता है। मामले में सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर वारदात की वजह जानने की कोशिश की जा रही है।
Elections : 10 राज्यों से राज्यसभा की 37 रिक्त सीटों के लिए 39 उम्मीदवार मैदान में…

नई दिल्ली। देश के 10 राज्यों (10 States) से राज्यसभा (Rajya Sabha) की रिक्त 37 सीटों (37 Vacant Seats ) के लिए भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party- BJP) कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के 37 उम्मीदवारों ने गुरुवार को नामांकन दाखिल किए वहीं दो निर्दलीय उम्मीदवार ने भी अपनी नामांकन दाखिल कर अपनी दावेदारी पेश की है। दिलचस्प तथ्य यह भी है कि सीटों की संख्या के अनुरूप उम्मीदवारों के नामाकंन दाखिल होने से उनके निर्विरोध निर्वाचन तय माने जा रहे हैं। महाराष्ट्रमहाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं। भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने चार उम्मीदवारों रामदास अठावले, विनोद तावड़े, माया वाघमारे और रामराव वडकुटे को मैदान में उतारा तो वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की ओर से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और दिवंगत नेता अजित पवार के बेटे पार्थ पवार ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पार्टी प्रवक्ता ज्योति वाघमारे को अपना एकमात्र उम्मीदवार घोषित किया है। दूसरी ओर विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन ने दिग्गज नेता शरद पवार को अपना उम्मीदवार बनाया है। स्वास्थ्य कारणों से पवार विधानसभा नहीं पहुंच सके, लेकिन अधिकारियों ने उनके आवास पर जाकर नामांकन की औपचारिकताएं पूरी कीं। चूंकि राज्य में उपलब्ध सीटों और उम्मीदवारों की कुल संख्या अब बराबर है, इसलिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और यह पूरी प्रक्रिया निर्विरोध संपन्न होगी। हरियाणाहरियाणा से दो सीटों के लिए भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। कांग्रेस ने इस चुनाव के लिए कर्मवीर सिंह बौद्ध को अपना प्रत्याशी बनाया है और यह उनका पहला चुनाव होगा। इस बीच निर्दलीय उम्मीदवार रोहतक के बोहर गांव निवासी सतीश नांदल ने भी तीसरे उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है। हिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा ने नामांकन दाखिल किया है। 68 सदस्यीय हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के पास आरामदायक बहुमत होने के कारण राज्यसभा के लिए शर्मा का निर्वाचन औपचारिकता मात्र होने की उम्मीद है, जब तक कि कोई अप्रत्याशित मुकाबला सामने न आये। तमिलनाडुतमिलनाडु से राज्यसभा की छह सीटों के लिये नामांकन के अंतिम दिन सभी छह उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल कर दिए। इनमें सत्तारूढ़ दल के चार और विपक्ष के दो उम्मीदवार शामिल हैं। सत्तारूढ़ मोर्चे की ओर से एन. शिवा, प्रो. जे. कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन, क्रिस्टोफर तिलक और एल.के. सुदीश ने नामांकन दाखिल किया। वहीं विपक्षी गठबंधन की ओर से वर्तमान सांसद एम. थंबीदुरई और पीएमके नेता अम्बुमणि रामदास ने नामांकन दाखिल किया। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में संख्या बल के आधार पर द्रमुक चार और अन्नाद्रमुक दो सीटें आसानी से जीत सकती है, जिसके कारण सभी छह उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना है। पश्चिम बंगालपश्चिम बंगाल से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अभिनेता से नेता बने पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, अभिनेत्री कोयल मल्लिक, पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने अपने नामांकन दखिल किए है। भाजपा उम्मीदवार राहुल सिन्हा ने भी अपना नामांकन दाखिल किया है। ओडिशाओडिशा से राज्यसभा की चार सीटों के लिए सत्तारूढ़ भाजपा ने मनमोहन सामल और वर्तमान राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि बीजू जनता दल (बीजद) ने संत्रुप्ता मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होता को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा दिलीप रे भाजपा के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। इन सभी उम्मीदवारों ने आज नामाकंन के अंतिम दिन अपने नामांकनपत्र दाखिल किए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार असली मुकाबला डॉ दत्तेश्वर होता और दिलीप रे के बीच माना जा रहा है। रे ने नामांकन दाखिल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व का समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया तथा राज्यसभा चुनाव में जीत का विश्वास जताया असमअसम में तीन राज्यसभा सीटों के लिए विपक्ष की ओर से सर्वसम्मति से उम्मीदवार खड़ा करने में विफल रहने के कारण आगामी चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से तीनों नामांकित उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। कैबिनेट मंत्री जोगेन महान, भाजपा के पूर्व विधायक तेराश गोवाला और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के प्रमुख प्रमोद बोरो ने उच्च सदन के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। विपक्ष के किसी भी उम्मीदवार के मैदान में नहीं उतरने के कारण राजग के उम्मीदवारों के लिए चुनाव अब महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है। उनकी निर्विरोध जीत से असम से राज्यसभा में राजग की मजबूत उपस्थिति एक बार फिर सुनिश्चित हो जाएगी। बिहारबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से पांच उम्मीदवारों ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिये नामांकन पत्र दाखिल किया। एनडीए की ओर से जनता दल यूनाईटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मौजूदा राज्यसभा सदस्य रामनाथ ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने नामांकन पत्र दाखिल किया। छत्तीसगढ़वहीं, छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों के भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की मौजूदा राज्यसभा सदस्य फूलो देवी नेताम ने अपने नामांकन दाखिल किए हैं।
होली पर सड़कों पर बढ़ा खतरा: मध्य प्रदेश में 948 हादसे, सागर 67 मामलों के साथ टॉप पर, भोपाल भी टॉप-10 में

नई दिल्ली। होली के त्योहार के बीच मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ गया। 108 एंबुलेंस सेवा के आंकड़ों के मुताबिक 4 मार्च को एक ही दिन में प्रदेशभर में 948 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे ज्यादा हादसे सागर जिले में सामने आए, जहां 67 दुर्घटनाएं हुईं। वहीं राजधानी भोपाल में 39 हादसे दर्ज किए गए, जिससे शहर प्रदेश में आठवें स्थान पर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार के दौरान नशे में वाहन चलाना, तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी इन दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है। हादसों के मामले में सागर के बाद विदिशा में 55, इंदौर में 46 और जबलपुर में 45 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा रीवा और सतना में 42-42 तथा रायसेन में 41 हादसे सामने आए। अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक रही, जहां छिंदवाड़ा में 30, धार में 28, सिंगरौली में 27 और खरगोन व बालाघाट में 25-25 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। 108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार के अनुसार होली के दौरान नशे में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बार बीते साल की तुलना में शराब के नशे में हुई दुर्घटनाओं की संख्या अधिक देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में लोग तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे मामूली टक्कर भी गंभीर हादसे में बदल जाती है। राजधानी भोपाल के सरकारी अस्पतालों में भी होली के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा घायल पहुंचे। जहां आमतौर पर 20 से 25 लोग सड़क दुर्घटना में घायल होकर इलाज के लिए आते हैं, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 62 तक पहुंच गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकतर घायल बाइक सवार थे और कई मामलों में हेलमेट का उपयोग नहीं किया गया था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं। कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप गुप्ता का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट सबसे खतरनाक होती है। रिसर्च के अनुसार ट्रॉमा में लाए गए 10 गंभीर घायलों में से लगभग 3 लोगों की जान नहीं बच पाती। उनका कहना है कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग कई मामलों में जान बचा सकता है, लेकिन लोग अक्सर इन जरूरी नियमों की अनदेखी कर देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। उत्सव का माहौल लोगों को लापरवाह बना देता है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करना, नशे में ड्राइविंग से बचना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों की संख्या को कम किया जा सके।
मार्च में सूर्य के 4 गोचर, इन राशियों पर होगी खास कृपा, करियर, पैसा और तरक्की के योग

नई दिल्ली। मार्च 2026 में सूर्य ग्रह कुल चार बार गोचर करेंगे और द्रिक पंचांग के अनुसार इनकी टाइमिंग खास है। सबसे पहले 5 मार्च की देर रात 1 बजे सूर्य पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 15 मार्च को देर रात 1 बजकर 8 मिनट पर सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। फिर 18 मार्च की सुबह 9 बजकर 27 मिनट पर सूर्य उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे। अंत में 31 मार्च की शाम 8 बजकर 16 मिनट पर सूर्य रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस बार के गोचर मुख्य रूप से पांच राशियों के लिए विशेष फलदायी होंगे, जिससे करियर, आत्मविश्वास, यश और आर्थिक उन्नति में मदद मिलेगी। मिथुन राशिमिथुन राशि वालों के लिए मार्च का महीना नेटवर्किंग और करियर दोनों के लिहाज से शुभ रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में तरक्की के अवसर मिलेंगे। आपकी पर्सनालिटी और बातचीत का तरीका लोगों को आकर्षित करेगा। एक से अधिक स्रोतों से धन लाभ होने की संभावना है और कोई बड़ा अवसर हाथ लग सकता है। सिंह राशिसिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं और इस बार के मल्टीपल गोचर इस राशि वालों की लीडरशिप क्षमताओं को निखारेंगे। खासतौर पर सरकार और प्रशासन से जुड़े लोग फायदा उठा सकते हैं। कामकाज का विस्तार होगा और नई संपत्ति खरीदने के योग बन सकते हैं। तुला राशितुला राशि वालों के करियर में रफ्तार बढ़ेगी। अचानक बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। पार्टनरशिप में काम करने वालों के लिए समय शुभ रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, निवेश करने के अवसर मिल सकते हैं और संबंधों में प्रेम बढ़ेगा। अटका हुआ काम पूरा होने से राहत महसूस होगी। धनु राशिधनु राशि वालों को भाग्य का साथ मिलेगा। नई नौकरी मिल सकती है और विशेष रूप से छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा। पढ़ाई, परीक्षाओं या इंटरव्यू में सफलता मिल सकती है। कुछ लोग धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं या घर में धार्मिक आयोजन हो सकता है। मकर राशिमकर राशि वाले मेहनत का फल पाने वाले हैं। बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है और नई नौकरी या प्रमोशन के प्रयास सफल होंगे। आर्थिक मजबूती आएगी और परिवार से सहयोग मिलेगा। सूर्य के उपायसूर्य देव आत्मविश्वास, यश, सफलता, सेहत और पिता के कारक हैं। सूर्य की कृपा पाने के लिए रोजाना तांबे के पात्र में जल अर्पित करें। यदि सूर्य कमजोर होने के कारण करियर में बाधा आ रही है, तो सुबह आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करने से जल्दी लाभ मिलने की संभावना है। (Disclaimer: यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)
भोपाल की मैपल ट्री सोसायटी में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर हंगामा, रहवासियों ने किया प्रदर्शन; समस्या हल न हुई तो सड़क जाम की चेतावनी

भोपाल। भोपाल के करोंद इलाके में स्थित मैपल ट्री सोसायटी में गुरुवार देर रात स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती समस्या को लेकर रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलोनी के लोग बड़ी संख्या में सोसायटी के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और नगर निगम व प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया गया। रहवासियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से सोसायटी और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। इससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में कई लोगों को कुत्तों ने काट लिया, जिसके बाद नगर निगम में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन के दौरान सोसायटी के लोग गेट पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि प्रशासन को कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ डॉग लवर्स उनकी शिकायतों का विरोध करते हैं और उल्टा उनके खिलाफ थाने में झूठी शिकायतें दर्ज करवा देते हैं, जिससे लोग डर और दबाव में आ जाते हैं। सोसायटी के लोगों का कहना है कि आवारा कुत्ते अब राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। कई बार बच्चे खेलते समय इनका शिकार बन चुके हैं, जबकि बुजुर्गों के लिए सुबह-शाम टहलना भी मुश्किल हो गया है। रहवासियों का आरोप है कि डॉग लवर्स के दबाव के कारण प्रशासन और नगर निगम सख्त कदम नहीं उठा पा रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचाई जाएगी। पुलिस ने रहवासियों से कुछ समय देने की अपील की है। हालांकि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही स्ट्रीट डॉग्स की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ी तो सड़क जाम भी करेंगे। उनका कहना है कि सुरक्षा और बच्चों की जान से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भोपाल के बड़ा तालाब पर चला प्रशासन का एक्शन, सीमांकन में 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित

भोपाल। भोपाल की पहचान माने जाने वाले बड़ा तालाब के किनारों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। करीब पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सीमांकन अभियान दोबारा शुरू किया। बैरागढ़ तहसील की टीम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा गांव पहुंची, जहां तालाब के 50 मीटर दायरे में जमीन की नापजोख कर वास्तविक सीमा तय की गई। सीमांकन के दौरान बेहटा क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोगों ने एफटीएल (फुल टैंक लेवल) पॉइंट को लेकर आपत्ति जताई और टीम के साथ बहस भी हुई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि यहां लाल निशान क्यों लगाए जा रहे हैं और इसकी अनुमति किसने दी है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सरकारी रिकॉर्ड और तय मानकों के अनुसार की जा रही है और टीम ने विरोध के बावजूद सर्वे जारी रखा। करीब चार घंटे चली इस कार्रवाई में 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे के भीतर 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित किए गए। बोरवन गांव के बूढ़ागांव इलाके और बेहटा की झुग्गी बस्ती में सर्वे के दौरान कई झुग्गियां तालाब के निर्धारित दायरे में पाई गईं। इन स्थानों को चिह्नित करने के लिए टीम ने मौके पर लाल निशान लगाए, ताकि आगे की कार्रवाई के दौरान इन्हें आसानी से चिन्हित किया जा सके। इससे पहले 28 फरवरी को हलालपुरा इलाके के पास भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी, जहां तालाब किनारे बने एक गार्डन की बाउंड्रीवॉल और गोदाम को तोड़ा गया था। होली के कारण कुछ दिनों तक कार्रवाई धीमी रही, लेकिन अब प्रशासन ने इसे फिर से तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सीमांकन का काम बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में किया जा रहा है। अगले सप्ताह से कार्रवाई टीटी नगर सर्कल में भी शुरू होगी। टीटी नगर क्षेत्र को तालाब किनारे का सबसे प्राइम इलाका माना जाता है, जहां कई होटल, रेस्टोरेंट, सरकारी कार्यालय और आलीशान कॉलोनियां मौजूद हैं। यहां कई प्रभावशाली लोगों की जमीनें भी बताई जाती हैं। प्रशासन का कहना है कि सीमांकन पूरा होने के बाद तालाब के 50 मीटर दायरे में आने वाले सभी अतिक्रमणों की सूची तैयार की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से न सिर्फ तालाब की मूल सीमा स्पष्ट होगी बल्कि भोपाल के इस ऐतिहासिक जलस्रोत को बचाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो सकता है।
क्या अमेरिका भारतीय सैन्य बेस का इस्तेमाल कर सकता है? LEMOA समझौते को लेकर उठे सवाल

नई दिल्ली। हिंद महासागर में IRIS डेना युद्धपोत के डूबने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि अमेरिका सैन्य अभियानों के लिए भारतीय बेस पर निर्भर हो सकता है। हालांकि इन दावों को खारिज कर दिया गया है। दरअसल भारत और अमेरिका के बीच वर्ष 2016 में एक अहम समझौता हुआ था, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे की कुछ सैन्य सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस समझौते के आधार पर अमेरिका भारत के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किसी हमले के लिए कर सकता है। सैन्य सुविधाओं के सीमित इस्तेमाल की अनुमतिइस समझौते के तहत भारत और अमेरिका एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं जैसे नौसैनिक बेस, एयरफील्ड और मिलिट्री बेस का सीमित उपयोग कर सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से रिफ्यूलिंग, मेंटेनेंस और जरूरी साजो-सामान की आपूर्ति जैसी लॉजिस्टिक सेवाएं शामिल हैं। हालांकि समझौते में यह स्पष्ट किया गया है कि हर मामले में संबंधित देश से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा। यानी यह पूरी तरह संबंधित सरकार के निर्णय पर निर्भर करता है कि वह किस स्थिति में अनुमति देती है और किस मामले में नहीं। क्या है LEMOA समझौता भारत और अमेरिका के बीच Logistics Exchange Memorandum of Agreement यानी LEMOA पर 29 अगस्त 2016 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में हुआ था। इसका उद्देश्य दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच लॉजिस्टिक सपोर्ट, सप्लाई और सेवाओं के आदान-प्रदान के लिए नियम और शर्तें तय करना है। माना जाता है कि यह अमेरिका के लॉजिस्टिक सपोर्ट एग्रीमेंट (LSA) का भारतीय संस्करण है, जैसा कि अमेरिका ने कई अन्य देशों के साथ भी किया हुआ है। किन गतिविधियों को कवर करता है समझौता यह समझौता मुख्य रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों को कवर करता है, जिनमें बंदरगाहों पर जहाजों का रुकना यानी पोर्ट कॉल्स, संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण गतिविधियां तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) शामिल हैं। इसके अलावा किसी अन्य जरूरत के लिए दोनों देशों के बीच अलग से आपसी सहमति जरूरी होती है। समझौते के तहत दी जाने वाली सेवाओं के बदले संबंधित देश को या तो नकद भुगतान करना होता है या फिर समान लॉजिस्टिक सेवाएं उपलब्ध करानी होती हैं। लॉजिस्टिक सपोर्ट में क्या-क्या शामिलLEMOA के तहत मिलने वाली लॉजिस्टिक सेवाओं में भोजन, पानी, रहने की व्यवस्था, परिवहन, पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट्स, कपड़े, संचार सेवाएं, चिकित्सा सुविधाएं, स्टोरेज, प्रशिक्षण सेवाएं, स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत और रखरखाव, कैलिब्रेशन सेवाएं और पोर्ट सेवाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि यह समझौता किसी भी देश को संयुक्त सैन्य गतिविधि करने के लिए बाध्य नहीं करता। साथ ही इसमें किसी भी प्रकार का सैन्य बेस स्थापित करने या स्थायी बेसिंग की व्यवस्था का कोई प्रावधान नहीं है। इसे पूरी तरह से लॉजिस्टिक सहयोग का समझौता माना जाता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह घटना IRIS डेना पोत के डूबने की घटना भारत के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिस क्षेत्र में यह घटना हुई वह भारत के समुद्री पड़ोस में आता है। हिंद महासागर में श्रीलंका के दक्षिण का इलाका वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख समुद्री मार्गों में गिना जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य टकराव समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। भारत में नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था पोतबताया जा रहा है कि IRIS डेना युद्धपोत भारत में आयोजित ‘मिलन’ नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने आया था। यह अभ्यास 18 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुआ था, जिसमें दुनिया के कई देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया। इस दौरान 80 से अधिक युद्धपोत समुद्र में एक साथ दिखाई दिए थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुद्री सहयोग और नौसैनिक कूटनीति को मजबूत करना था। नौसैनिक परेड की समीक्षा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की थी। हमले को लेकर भारत की क्या है नीतिरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डेना पोत भारत के निमंत्रण पर अभ्यास में शामिल होने जरूर आया था, लेकिन घटना के समय वह भारत की समुद्री सीमा से बाहर जा चुका था। ऐसे में इस घटना के लिए सीधे तौर पर भारत की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारत अपनी स्पष्ट नीति पर कायम है कि वह किसी भी देश को हमले के लिए अपने सैन्य बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर यह भी देखा जाएगा कि ईरान इसे किस नजर से देखता है।
ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका, कतर में मिसाइल चेतावनी रडार सिस्टम को पहुंचाया नुकसान

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष और ज्यादा गंभीर होता जा रहा है। हालात अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां दोनों पक्षों की ओर से लगातार सैन्य कार्रवाई हो रही है। एक तरफ ईरान खाड़ी क्षेत्र में हमले कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने हिंद महासागर में एक ईरानी पोत को डुबो दिया, जिसमें 80 से अधिक लोगों की मौत होने की खबर है। इसी बीच खबर सामने आई है कि ईरान के हमले में कतर में मौजूद अमेरिका की एक अहम मिसाइल चेतावनी प्रणाली को नुकसान पहुंचा है, जिसे इस क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा तंत्र की “आंख” माना जाता था। 1.1 अरब डॉलर के रडार सिस्टम को नुकसानमिली जानकारी के अनुसार लगभग 1.1 अरब डॉलर की लागत से तैयार यह रडार सिस्टम अमेरिकी सेना के मिसाइल रक्षा नेटवर्क का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा था। इस पर हुए हमले से क्षेत्र में तैनात मिसाइल रक्षा तंत्र को बड़ा झटका लगा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे संभावित मिसाइल हमलों का समय रहते पता लगाने की क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। सैटेलाइट तस्वीरों से हुई नुकसान की पुष्टिअमेरिकी सैन्य ढांचे को हुए नुकसान की पुष्टि सैटेलाइट तस्वीरों से भी हुई है। प्लैनेट लैब्स द्वारा जारी इमेज में अमेरिकी स्पेस फोर्स के AN/FPS-132 (ब्लॉक 5) बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम के आसपास क्षति और आग बुझाने की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। यह रडार सिस्टम मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना द्वारा संचालित सबसे बड़े मिसाइल चेतावनी रडारों में से एक माना जाता है। ईरान ने कैसे किया हमलाईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले को सटीक मिसाइल स्ट्राइक बताया है। हालांकि कुछ सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला कम लागत वाले हमलावर ड्रोन से भी किया गया हो सकता है, जो संभवतः शाहेद श्रेणी का था। रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइलों और ड्रोन के संयुक्त बड़े हमले के दौरान यह ड्रोन रक्षा तंत्र को भेदने में सफल रहा और रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचा गया। क्यों महत्वपूर्ण है यह रडार सिस्टमइस रडार सिस्टम को अमेरिकी रक्षा कंपनी रेथियॉन ने अपग्रेडेड अर्ली वार्निंग रडार (UEWR) कार्यक्रम के तहत विकसित किया था। यह प्रणाली लगभग 5000 किलोमीटर तक की दूरी पर बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों को ट्रैक करने में सक्षम है। साथ ही यह पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में मिसाइल लॉन्च का शुरुआती अलर्ट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कतर में इसकी लोकेशन रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है क्योंकि यहां से यह रडार ईरान, इराक, सीरिया, तुर्किये, मध्य एशिया के कुछ हिस्सों और हिंद महासागर तक की गतिविधियों पर नजर रख सकता है। रणनीतिक असर की आशंकाविशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले का असर केवल एक सैन्य ठिकाने को हुए नुकसान तक सीमित नहीं है। अमेरिका के पूर्व सैन्य अधिकारी और पेंटागन के पूर्व सलाहकार कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि इस हमले में अमेरिका की “आंखें” निशाना बनी हैं। वहीं भू-राजनीति विशेषज्ञ ब्रायन एलन के अनुसार इस घटना के दूरगामी रणनीतिक प्रभाव भी हो सकते हैं। सिस्टम को बदलना आसान नहींसैन्य विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका के पास सैटेलाइट और अन्य रडार सहित वैश्विक सेंसर नेटवर्क मौजूद है, लेकिन AN/FPS-132 जैसे बड़े और स्थायी रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचने से क्षेत्रीय निगरानी में अंतर आ सकता है। ऐसे बड़े सिस्टम को जल्दी बदलना या दोबारा स्थापित करना आसान नहीं होता। इसलिए कुछ समय के लिए मिसाइल निगरानी और ट्रैकिंग क्षमता कमजोर पड़ सकती है। यह स्थिति इसलिए भी संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि इस क्षेत्र में अमेरिका के कई अहम सैन्य ठिकाने मौजूद हैं और यहीं से दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े प्रमुख समुद्री मार्ग भी गुजरते हैं।
भोपाल में आज बीजेपी मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग, 600 कार्यकर्ताओं को AI और सोशल मीडिया में किया जाएगा प्रशिक्षित

भोपाल। बीजेपी के दीनदयाल प्रशिक्षण महा अभियान के तहत आज शुक्रवार को राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में मध्य भारत प्रांत के 600 कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये प्रशिक्षित सदस्य आगे मंडल स्तर पर प्रशिक्षण देंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि होंगे। तीन प्रांतों में व्यापक प्रशिक्षणबीजेपी का यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर तीन प्रांतों मध्यभारत, महाकौशल और मालवा में आयोजित किया जाएगा। मध्यभारत प्रांत में भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 25 जिलों के कार्यकर्ता 6 मार्च को प्रशिक्षण लेंगे। महाकौशल प्रांत में 7 मार्च को जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और शहडोल संभाग के 19 जिलों के कार्यकर्ता शामिल होंगे। मालवा प्रांत में 10 मार्च को इंदौर में 18 जिलों के कार्यकर्ता प्रशिक्षण लेंगे। तकनीकी दक्षता पर जोरइस प्रशिक्षण का लक्ष्य कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करना है। पार्टी का मानना है कि तकनीकी दक्षता व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण और फिर राष्ट्र निर्माण में मदद करती है। AI और सोशल मीडिया प्रशिक्षणमंडल स्तर पर आयोजित 24 घंटे के प्रशिक्षण में AI, सोशल मीडिया, नमो ऐप और संगठन ऐप पर विशेष सत्र होंगे। कार्यकर्ताओं को यह सिखाया जाएगा कि तकनीक का इस्तेमाल करके पार्टी और सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक कैसे प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्वमहाअभियान के संचालन के लिए राष्ट्रीय टोली बनाई गई है। मध्य प्रदेश से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और सांसद वी.डी. शर्मा को सह-संयोजक और कविता पाटीदार को सदस्य बनाया गया है। क्षेत्रीय प्रभारी के.सी. पटेल होंगे। प्रशिक्षण की संरचनाडिजिटल कनेक्टिविटी: बूथ स्तर पर व्हाट्सऐप ग्रुप और डिजिटल संवाद के जरिए ‘मन की बात’ जैसी पहल को मजबूत किया जाएगा।शुल्क और रजिस्ट्रेशन: 100 रुपए डिजिटल शुल्क, जो संगठन से जोड़ने की प्रक्रिया है।सत्र: मंडल स्तर पर 7 सत्रों में 24 घंटे का प्रशिक्षण, बूथ स्तर पर 4 घंटे में 2 सत्र।