MP: आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 62 IPS अधिकारियों का तबादला, 19 जिलों के एसपी बदले

भोपाल। मध्य प्रदेश में शनिवार देर रात बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। गृह विभाग द्वारा जारी इस जंबो आदेश में एडीजी, डीआईजी, एसपी और डीसीपी स्तर तक व्यापक फेरबदल किया गया है। यह लंबे समय से लंबित सूची मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाणा के बीच चर्चा के बाद जारी हुई। सिंगरौली में हाल ही में हुए बैंक डकैती कांड के बाद एसपी मनीष खत्री को हटा दिया गया है। उन्हें एआईजी पीएचक्यू बनाया गया है। सिवनी जिले में सामने आए हवाला कांड के चलते एसपी सुनील मेहता को भी हटा दिया गया है। उन्हें डीसीपी इंदौर बनाया गया है। एडीजी प्रशिक्षण राजा बाबू सिंह को एडीजी रेल बनाया गया है। छह जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दोबारा कप्तानी मिली है। जिन पुलिस अधीक्षकों को बदल गया है, उन में कुछ ऐसे भी हैं जिनमें तीन वर्ष पूरे हो गए थे। साथ ही 13 पुलिस अधीक्षक डीआईजी के पद पर पदोन्नति होने के कारण उनकी जगह नई पदस्थापना की गई है। किसे कहां से कहां भेजारवि कुमार गुप्ता स्पेशल डीजी रेल से स्पेशल डीजी प्रशिक्षण ,राजा बाबू सिंह एडीजी प्रशिक्षण से एडीजी रेल , डीपी गुप्ता एडीजी शिकायत से एडीजी सामुदायिक पुलिसिंग, सोलोमन यश कुमार मिंज एडीजी पुलिस मुख्यालय से एडीजी शिकायत लेखा एवं कल्याण, अमित सिंह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर से डीआईजी बिस्वाल इंदौर, अवधेश गोस्वामी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल से डीआइजी पुलिस मुख्यालय ,अमित सांघी डीआइजी ग्वालियर रेंज से डीआइजी होमगार्ड , बीरेंद्र कुमार सिंह ,डीआईजी चयन से डीआइजी नर्मदापुरम, प्रशांत खरे डीआइजी नर्मदापुरम से-डीआइजी पुलिस मुख्यालय मनीष अग्रवाल डीआईजी होमगार्ड से डीआईजी पुलिस मुख्यालय ,मनोज कुमार राय -एसपी खंडवा से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, रियाज इकबाल एसएसपी रेडियो से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, राहुल कुमार लोढ़ा एसपी रेल भोपाल से डीआइजी पुलिस मुख्यालय, सिमाला प्रसाद एसपी रेल जबलपुर से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, असित यादव पुलिस अधीक्षक भिंड से डीआईजी ग्वालियर, विवेक सिंह पुलिस उपायुक्त भोपाल से डीआईजी शहडोल, शैलेंद्र सिंह चौहान पुलिस अधीक्षक रीवा से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल, कुमार प्रतीक पुलिस उपायुक्त इंदौर से डीआईजी नारकोटिक्स इंदौर, शिवदयाल एसपी झाबुआ से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, मयंक अवस्थी एसपी धार से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर, अरविंद तिवारी सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से सेनानी 34वीं वाहिनी विशसबल , सूरज कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक दतिया से पुलिस अधीक्षक भिंड, यांगचीन भूरिया पुलिस अधीक्षक देहात इंदौर से पुलिस अधीक्षक शिवपुरी, गुरुकरण सिंह सेनानी 24वी वाहिनी से पुलिस अधीक्षक रीवा, दीपक कुमार शुक्ला पुलिस अधीक्षक सीहोर से सेनानी 32 में वाहिनी, अमन सिंह राठौड़ पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से पुलिस उपायुक्त इंदौर, अनुराग सुजानिया सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक सागर, सचिन शर्मा संयुक्त आवासीय आयुक्त मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली से पुलिस अधीक्षक धार, वाहिनी सिंह पुलिस अधीक्षक डिंडोरी से पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर, विकास कुमार सहवाल पुलिस अधीक्षक सागर से पुलिस उपायुक्त भोपाल, धर्मराज मीणा सेनानी 32वीं वाहिनी से पुलिस अधीक्षक मुरैना, समीर सौरभ पुलिस अधीक्षक मुरैना से एसएसपी रेडियो भोपाल, रजत सकलेचा पुलिस अधीक्षक मंडला से पुलिस अधीक्षक छतरपुर, आगम जैन पुलिस अधीक्षक छतरपुर से पुलिस अधीक्षक खंडवा, मनीष खत्री पुलिस अधीक्षक सिंगरौली से सहायक पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय भोपाल, सुनील कुमार मेहता पुलिस अधीक्षक सिवनी से पुलिस उपयुक्त इंदौर, देवेंद्र कुमार पाटीदार पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर से पुलिस अधीक्षक झाबुआ, रामशरण प्रजापति पुलिस अधीक्षक देहात भोपाल से सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय, सुंदर सिंह कनेस पुलिस अधीक्षक पांढुर्णा से पुलिस अधीक्षक रेल जबलपुर, राजेश व्यास पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक नीमच, विनोद कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक आगर मालवा से सेनानी 24वी वाहिनी, पंकज कुमार पांडेय सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस से अधीक्षक देहात भोपाल, प्रकाश चंद्र परिहार पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक पांढुरना, दिलीप कुमार सोनी पुलिस अधीक्षक मऊगंज से पुलिस से अधिक आगर मालवा, राजेंद्र कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर से पुलिस अधीक्षक देहात इंदौर, विक्रांत मुराब सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस से अधीक्षक अनूपपुर, सुरेंद्र कुमार जैन पुलिस अधीक्षक पीटीएस रीवा से पुलिस से अधीक्षक मऊगंज, आशीष खरे जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा जबलपुर से पुलिस अधीक्षक डिंडोरी, अंकित जायसवाल पुलिस अधीक्षक नीमच से पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल, राजेश रघुवंशी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खंडवा से पुलिस अधीक्षक मंडला, मोतिउर रहमान पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से सेनानी 9वी वाहिनी रीवा, श्रुति कीर्ति सोमवंशी पुलिस अधीक्षक जिला दमोह से सेनानी 13वीं वाहिनी ग्वालियर, मयूर खंडेलवाल पुलिस उपायुक्त भोपाल से पुलिस अधीक्षक दतिया, सोनाक्षी सक्सेना पुलिस उपायुक्त भोपाल से पुलिस अधीक्षक सीहोर, सियाज के एम सेनानी हाकफोर्स बालाघाट से पुलिस अधीक्षक सिंगरौली, आनंद कलगी पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक दमोह, कृष्ण लालचंदानी पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक सिवनी, आयुष गुप्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर से पुलिस उपायुक्त जोन 3 भोपाल, आदर्श कांत शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर से पुलिस उपायुक्त जोन 4 भोपाल, नरेंद्र रावत, राज्यपाल के परिसहाय से पुलिस उपायुक्त जोन एक इंदौर, अभिषेक रंजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन से पुलिस उपायुक्त जोन 3 इंदौर और राहुल देशमुख सीएसपी कोतवाली उज्जैन से राज्यपाल के परिसहाय।
कुवैत ने अप्रैल माह में नहीं किया तेल का निर्यात…. 35 साल में पहली बार हुआ ऐसा

दुबई। एक रिपोर्ट में दावा (Report Claim) किया गया है कि अप्रैल माह (April) में कुवैत (Kuwait) ने तेल (Crude oil) का निर्यात नहीं (Not Export ) किया है। तीन दशकों में पहली बार ऐसा हुआ है, जब कुवैत ने किसी माह में तेल निर्यात नहीं किया। इससे पहले खाड़ी युद्ध के समय ऐसा हुआ था। टैंकर ट्रैकर वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। दुनिया के बड़े तेल प्रोड्यूसर में से एक कुवैत ने 35 बरस में पहली बार ऐसा फैसला लिया है, जिससे पूरी दुनिया हैरान हर रह गई है. इस फैसले से दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में और इजाफा देखने को मिल सकता है। TankerTrackers वेबसाइट के अनुसार, कुवैत ने अप्रैल के दौरान कच्चे तेल का निर्यात नहीं किया. यह तीन दशकों से भी ज़्यादा समय में पहली बार है जब इस खाड़ी उत्पादक देश ने शून्य मासिक कच्चे तेल के निर्यात का रिकॉर्ड बनाया है. X पर एक पोस्ट में, इस मॉनिटरिंग ग्रुप ने कहा कि ब्रेकिंग: अप्रैल 2026 के दौरान, कुवैत ने खाड़ी युद्ध I की समाप्ति के बाद पहली बार शून्य बैरल कच्चे तेल का निर्यात किया। 1991 के बाद पहली बारअगर इस बात की पुष्टि हो जाती है, तो यह 1991 के खाड़ी युद्ध की समाप्ति के बाद कुवैत का पहला ऐसा महीना होगा जिसमें उसने कच्चे तेल का निर्यात नहीं किया है. TankerTrackers ने कहा कि जहां एक ओर कुवैत तेल का उत्पादन जारी रखे हुए है, वहीं दूसरी ओर कच्चे तेल का निर्यात पूरी तरह से रुक गया है. फर्म ने आगे कहा कि यह रुकावट क्षेत्रीय शिपिंग रूट्स को प्रभावित करने वाली स्थितियों से जुड़ी हुई प्रतीत होती है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद बाधाएं भी शामिल हैं. यह देश OPEC का एक प्रमुख उत्पादक बना हुआ है, और इसका तेल निर्यात ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस देश का तेल विशेष रूप से एशिया और यूरोप में एक्सपोर्ट होता है। कतर ने ईरान से किया आग्रहइस बीच, शनिवार को कतर ने ईरान से आग्रह किया कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रावधानों का पालन करे, और पश्चिम एशिया में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के मद्देनज़र क्षेत्र के हितों को प्राथमिकता दे. साथ ही तनाव को कम करने के प्रयासों का समर्थन करने की आवश्यकता पर भी जोरर दिया. X पर एक पोस्ट में इन विवरणों को साझा करते हुए, कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल-थानी को इस्लामिक गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का फोन आया था. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि नेविगेशन की आजादी एक स्थापित और गैर-समझौता योग्य सिद्धांत है, और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना या इसे सौदेबाजी के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना संकट को और बढ़ाएगा और इस क्षेत्र के देशों के अहम हितों को खतरे में डाल देगा। कतर की ईरान को सलाहबयान में कहा गया कि उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि ग्लोबल एनर्जी और फूड सप्लाई पर, साथ ही बाजार और सप्लाई चेन की स्थिरता पर इसके क्या संभावित नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं. इसमें आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रावधानों का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया, और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने में योगदान देने के लिए, तथा तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए क्षेत्र और वहां के लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही। कच्चे तेल की कीमतशुक्रवार को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें करीब 3 फीसदी तक की गिरावट के साथ बंद हुई. आंकड़ों को देखें तो अमेरिकी क्रूड ऑयल डब्ल्यूटीआई के दाम करीब 3 फीसदी की गिरावट के साथ 101.94 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुए. जबकि खाड़ी देशों का कच्चा तेल अब भी काफी हाई बना हुआ है. आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 2 फीसदी की गिरावट के साथ 108.17 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें अमेरिका और ईरान के फैसले तय करेंगे. क्या दोनों देश शांति की ओर बढ़ना चाहते हैं या नहीं।
बीमा सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी FDI को मंजूरी… अधिसूचना जारी

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने बीमा क्षेत्र (Insurance sector) में ऑटोमेटिक रूट से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) (100% Foreign Direct Investment – FDI) को मंजूरी देने वाले नियम को शनिवार को अधिसूचित कर दिया। अधिसूचना के अनुसार विदेशी मुद्रा प्रबंधन (फेमा) नियम, 2026 के अनुसार, ऑटोमेटिक रूट (Automatic Route) से बीमा कंपनियों और उससे जुड़े मध्यस्थों, जिनमें ब्रोकर भी शामिल हैं, में अब 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति होगी। हालांकि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) (Life Insurance Corporation of India – LIC) के लिए यह सीमा 20 प्रतिशत निर्धारित की गई है। संसद ने दिसंबर, 2025 में ‘सबका बीमा सबकी रक्षा’ विधेयक, 2025 पारित किया था, जिसके जरिये बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को स्वचालित मार्ग के तहत पहले के 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की मंजूरी दी गई। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन गया। इसके बाद फरवरी, 2026 में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को अधिसूचित किया था। अब इस फैसले को अधिसूचित कर दिए जाने के बाद विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बीमा कंपनियों में पैसा लगाना आसान हो जाएगा। भारत का बीमा क्षेत्र विश्व के सबसे तेजी से बढ़ते बीमा क्षेत्रों में एक है। यह वैश्विक स्तर पर 10वें स्थान पर है और इसकी सालाना विकास दर लगभग 15-20 फीसदी है। जागरूकता में वृद्धि, डिजिटल तकनीक को अपनाने और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा पहले 74 फीसदी तक किए जाने के बाद इस क्षेत्र में तेज वृद्धि देखने को मिली थी। अब विदेशी निवेश सीमा को 100 फीसदी कर दिए जाने से इसकी वृद्धि की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है। बीमा नियामक आईआरडीएआई द्वारा शासित इस क्षेत्र में अभी 57 से अधिक कंपनियां शामिल हैं, जिनमें सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी का बड़ा हिस्सा है। हालांकि अब निजी क्षेत्र की बाजार हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है।
MP: उज्जैन में फिर गरजा प्रशासन का बुलडोजर… महाकाल मंदिर मार्ग में बाधा बनी 5 इमारतें जमींदोज

उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) के पास स्थित बेगम बाग क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान 5 बहुमंजिला इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। ये सभी इमारतें महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर बनी थीं और इनकी लीज खत्म हो चुकी थी, साथ ही इनमें अवैध रूप से व्यवसायिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि जिस भूमि पर ये सभी इमारतें बनी हुई थीं, वो जमीन उज्जैन विकास प्राधिकरण की है, और जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था, लेकिन यहां रहने वाले लोगों ने नियम विरुद्ध जाकर इसका व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया था। जिसके चलते लीज समाप्ति के बाद उसका नवीनीकरण नहीं किया गया। वहीं जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने इस बारे में लोगों को नोटिस जारी किए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। हालांकि लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ अब यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने नहीं किया विरोधअधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का कोई विरोध देखने को नही मिला। इससे पहले जब यहां इसी प्रकार से बनी 58 इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही थी, तब जरूर लोगों ने विरोध किया था, हालांकि शनिवार को हुई कार्रवाई शांतिपूवक चलती रही। संवेदनशील इलाका होने की वजह से थी कड़ी सुरक्षाप्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है, वह महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग है और मुस्लिम बाहुल्य इलाका होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए इस रास्ते से वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह बन्द कर दिया गया और केवल श्रद्धालुओं को पैदल जाने की अनुमति दी गई। यह है पूरा मामला, UDA की है जमीनउज्जैन विकास प्राधिकरण ने सन् 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए भूखंड दिए थे। लेकिन भूखंड धारकों ने इनका उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाय पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर करना शुरू कर दिया। जो कि पूरी तरह नियम विरुद्ध था। इसके बाद वर्ष 2014-15 में 30 वर्षीय लीज भी खत्म हो गई और प्राधिकरण द्वारा उसका नवीनीकरण नहीं किया गया। आवासीय जमीन का हो रहा था व्यवसायिक उपयोगइसके बाद भूखंड के दुरुपयोग को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। फिर आगे चलकर वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज भी समाप्त कर दी। जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंच गए और जहां से उन्हें स्टे मिल गया। इसके बाद अलग-अलग न्यायालय में इन भूखंडों का मामला विचाराधीन रहा। न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई। सालभर के दौरान 58 इमारतों को गिराया जा चुकाअधिकारियों ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान यहां छह चरणों में इस तरह अवैध रूप से बनी 58 बिल्डिंगों को गिराया जा चुका है। खास बात यह है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित इन भूखंडों में से 45 भूखंड ऐसे थे, जिनमें प्रत्येक का साइज करीब 2400 स्क्वेयर फीट था, लेकिन भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 90 बिल्डिंगें बना ली थीं। और इन 90 इमारतों में से 63 बिल्डिंग्स को जमीदोंज किया जा चुका है, शेष 27 बिल्डिंगों को भी जल्द ही कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा। दो भूखंडों पर बना दी गई, छह इमारतेंप्रशासन ने बताया कि शनिवार को जिन 5 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है, वो कुल दो भूखंड थे, जिन पर छह इमारतें बना दी गई थीं और न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था। इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था, जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई है। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालयीन प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दिया। इसी वजह से यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। उधर इस बारे में जानकारी देते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे, जिसका उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका, इसलिए यह कार्रवाई की गई। जिस जगह यह कार्यवाही चल रही है यहां आगामी सिहंस्थ 2028 में ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं…. 5 रुपये तक की बढ़ोतरी के आसार

नई दिल्ली। आज एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है। 2022 से ही सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों की वजह से आने वाले दिनों में कीमतों में इजाफा हो सकता है। सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के रेट (Petrol Diesel Price) को 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इस पर आने वाले कुछ दिनों में फैसला हो जाएगा। 1 अप्रैल को इंडियन ऑयल ने बढ़ाया था प्रीमियम पेट्रोल का रेटइंडियन ऑयल ने 1 अप्रैल को प्रीमियम पेट्रोल का रेट 11 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिया था। जिसके बाद प्रीमियम पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, प्रीमियम डीजल का रेट 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।आपके शहर में पेट्रोल का क्या है रेट? (Petrol Price in Your City)नई दिल्ली – 94.72 रुपयेमुंबई – 104.21 रुपयेकोलकाता – 103.94 रुपयेचेन्नई – 100.75 रुपयेअहमदाबाद – 94.49 रुपयेबेंगलुरू – 102.92 रुपयेहैदराबाद – 107.46 रुपयेजयपुर – 104.72 रुपयेलखनऊ – 94.69 रुपयेपुणे – 104.04 रुपयेचंडीगढ़ – 94.30 रुपयेइंदौर – 106.48 रुपयेपटना – 105.58 रुपयेसूरत – 95 रुपयेनासिक – 95.50 रुपये डीजल का रेट (Diesel Price in Your city)नई दिल्ली – 87.62 रुपयेमुंबई – 92.15 रुपयेकोलकाता – 90.76 रुपयेचेन्नई – 92.34 रुपयेअहमदाबाद – 90.17 रुपयेबेंगलुरू – 95.70 रुपयेजयपुर – 90.21 रुपयेपुणे – 90.57 रुपयेचंडीगढ़ – 82.45 रुपयेइंदौर – 91.88 रुपयेपटना – 93.80 रुपयेसूरत – 89 रुपयेनासिक – 89.50 रुपये प्राइवेट कंपनियों ने किया है पेट्रोल और डीजल के रेट में इजाफा1 अप्रैल को ही शेल इंडिया ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया था। तब कंपनी ने 7.41 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और 25.01 रुपये प्रति लीटर डीजल का इजाफा किया था। इससे पहले मार्च के महीने में नायरा एनर्जी ने पेट्रोल का रेट 5 रुपये और डीजल का रेट 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया था। इन कंपनियों ने भी इसके बाद कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी। मौजूदा परिस्थितियों में कच्चे तेल का रेट सातवें आसमान पर है। यह लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा है। जिसकी वजह से कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
MP: जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में बचे सबसे छोटे बच्चे का परिजनों ने सादगी से मनाया पहला जन्मदिन

जबलपुर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में जबलपुर शहर (Jabalpur city) के बरगी बांध (Bargi Dam) में हुए क्रूज नाव हादसे के दो दिन बाद शनिवार शाम को दो शव मिलने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई, जबकि दो बच्चों समेत 3 पर्यटक अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। इसी बीच इस हादसे से जुड़ी एक और भावुक कहानी (Emotional Story) सामने आई है। इस घटना में मौत को मात देकर बच जाने वाला सबसे छोटा बच्चा शनिवार को एक साल का हो गया। इस दौरान हादसे की वजह से बच्चे के परिजनों ने उसका पहला जन्मदिन धूमधाम से मनाने की बजाय बेहद सादगी से प्रार्थना करते हुए मनाया। दरअसल यह बच्चा उसी क्रूज बोट में सवार था, जो कि गुरुवार शाम को बरगी डैम में चली तेज हवाओं के बाद डूब गई थी। नाव पलटने के दौरान उसके पिता एडवोकेट रोशन आनन्द वर्मा ने साहस दिखाते हुए उसे बचा लिया था। बोट के डूबते ही रोशन वर्मा तुरंत पानी में कूद पड़े और उन्होंने करीब 30 मिनट तक बच्चे को पानी के ऊपर थामे रखा। यह घटना एक चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है। हादसे के बाद सेलिब्रेशन नहीं किया, प्रार्थनाओं में गुजरा दिनपरिजनों ने मीडिया को बताया कि हादसे से पहले बच्चे के जन्मदिन को लेकर परिवार से बहुत से जश्न की योजनाएं बना रखी थीं, लेकिन हादसे के बाद पूरा माहौल बदल गया। दूसरों के दुख में शामिल होते हुए परिवार ने इस दिन को शांत तरीके से मनाने का फैसला किया। जिसके चलते बच्चे के बर्थडे को बेहद सादगी से प्रार्थनाओं के बीच मनाया गया। इस दौरान बच्चे के परिवार ने उसे सकुशल बचाने के लिए भगवान का धन्यवाद किया। साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि भी दी। उनके लिए बच्चे के जन्मदिन का यह दिन खुशी से ज्यादा भावनाओं और यादों से भरा रहा। शनिवार को मिले दो बच्चों के शव, मृतक संख्या 11 हुईउधर बरगी डैम में हुए इस हादसे के करीब 48 घंटों बाद शनिवार शाम गोताखोरों ने 10वां एवं 11वां शव भी पानी से बाहर निकाला। ये दोनों ही शव बच्चों के हैं और इनकी पहचान कोतवाली क्षेत्र निवासी विराज सोनी (4 वर्ष) और वेस्टलेंड खमरिया निवासी श्रीतमिल पिता कामराज (उम्र- 5 वर्ष) के रूप में हुई है। हादसे में विराज की मां नीतू सोनी की भी एक दिन पहले मौत हो चुकी थी। मां-बेटे की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मौसम बिगड़ने पर रोकना पड़ा रेस्क्यू अभियानप्राप्त जानकारी के अनुसार अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए शनिवार सुबह से सेना, NDRF और SDRF की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। गोताखोर बोट के माध्यम से डैम के गहरे हिस्सों में तलाश कर रहे हैं, हालांकि दोपहर बाद अचानक मौसम खराब होने से रेस्क्यू अभियान प्रभावित हो गया। तेज आंधी और हवाओं के कारण डैम में एकबार फिर ऊंची लहरें उठने लगीं, जिससे सुरक्षा कारणों से कई बार सर्चिंग रोकना पड़ी। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौजूद हैं। एसडीओपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद लापता लोगों की तलाश पूरी गंभीरता से जारी है और सर्चिंग का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। बता दें कि गुरुवार शाम करीब 5 बजे एमपी टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में अचानक पलटकर डूब गया था। क्रूज में करीब 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ था। उस समय तेज आंधी चल रही थी और हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। हादसे के बाद से पूरे प्रदेश में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
इस साल भारत में चुनौतीपूर्ण रहेगा मानसून…. WMO की चेतावनी- औसत से कम होगी बारिश

नई दिल्ली। दक्षिण एशिया (South Asia), विशेषकर भारत (India) के लिए 2026 का मानसून (Monsoon) चुनौतीपूर्ण रहने के संकेत दे रहा है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) (World Meteorological Organization -WMO). के अनुसार जून से सितंबर के बीच मानसूनी वर्षा (Monsoon Rain) औसत से कम रह सकती है, जबकि दिन और रात दोनों समय तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भी 13 अप्रैल 2026 को जारी अपने पहले दीर्घावधि पूर्वानुमान में मानसून के सामान्य से कमजोर रहने की आशंका जताई है। ऐसे में कम बारिश और बढ़ती गर्मी का संयुक्त प्रभाव कृषि, जल संसाधनों और आम जीवन पर व्यापक दबाव डाल सकता है। मानसून की कमी का सबसे अधिक असर मध्य भारत के कृषि प्रधान क्षेत्रों में दिख सकता है, जहां वर्षा सामान्य से कम रहने की आशंका है। कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावनाहालांकि उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश संभव है, लेकिन पूरे क्षेत्र में वर्षा का वितरण असमान रहने की संभावना है। दक्षिण एशिया में कुल सालाना वर्षा का लगभग 75 से 90 प्रतिशत हिस्सा जून से सितंबर के बीच होता है। ऐसे में इस अवधि में कमी का सीधा असर खेती, जल उपलब्धता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। मानसून को लेकर अनिश्चितता ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और पाकिस्तान में बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए शुरुआती संकेत अनुकूल नहीं हैं। सूखे की आशंका के साथ बाढ़ का भी जोखिमडब्ल्यूएमओ के अनुसार 2026 में मानसून का स्वरूप असंतुलित रह सकता है, जिसमें एक ओर लंबे सूखे दौर की संभावना है तो दूसरी ओर कम समय में अत्यधिक वर्षा की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसी स्थिति बाढ़ का खतरा भी बढ़ा सकती है। डब्ल्यूएमओ के अनुसार दक्षिण एशिया में अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। इसका अर्थ है कि दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। लगातार उच्च तापमान लू की घटनाओं को बढ़ा सकता है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ेंगे। इसके साथ ही कूलिंग की मांग बढ़ने से बिजली व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। अल नीनो रहेगा प्रभावीडब्ल्यूएमओ के अनुसार 2026 के मानसून पर अल नीनो का प्रभाव पड़ सकता है। अल नीनो एक ऐसी जलवायु प्रक्रिया है जिसमें प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्से का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर हवाओं और मौसम के पैटर्न में बदलाव आता है। इसका प्रभाव भारतीय मानसून को कमजोर करने के रूप में देखा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल स्प्रिंग प्रेडिक्टेबिलिटी बैरियर का प्रभाव भी बना हुआ है। यह मार्च से मई के बीच का वह दौर होता है जब समुद्र और वायुमंडल में तेजी से बदलाव होते हैं, जिससे लंबी अवधि के मौसम पूर्वानुमान पूरी तरह सटीक नहीं रह पाते।
सुपर टैंकर सर्वशक्ति ने US नाकेबंदी के बीच पार किया होर्मुज…45 हजार टन LPG लेकर आ रहा भारत

नई दिल्ली। देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG gas cylinder) की दिक्कत के बीच एक बड़ी राहत की खबर है। कम से कम 45 हजार टन एलपीजी लेकर भारत (India) का एक सुपर टैंकर ‘सर्वशक्ति’ (Super Tanker ‘Sarvashakti’) होर्मुज को पार कर गया है जो कि जल्द ही भारत पहुंच सकता है। आपको बता दें कि अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान की सख्ती के बीच यह बड़ी सफलता है कि भारत से जुड़ा टैंकर इस रास्ते को पार करके आगे बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक कड़ी सुरक्षा के साथ यह टैंकर भारत के पोर्ट पर पहुंचेगा। इसका चालक दल भी भारतीय ही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्गो शिप भारतीय कंपनियों को गैस उपलब्ध करवाने वाला है। हालांकि इस मामले में IOC ने कोई जवाब नहीं दिया है। इससे पहले देश गरिमा नाम का टैंकर तेल लेकर मुंबई पोर्ट पर पहुंचा था। बता दें कि इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज के आसपास नाकेबंदी कर दी थी। इसके बाद सैकड़ों जहाज होर्मुज के आसपास ही रुके हुए हैं। अमेरिका ने कंपनियों को चेतायाईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने जहाजरानी कंपनियों से कहा है कि वे अगर होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को किसी तरह का शुल्क देंगी तो उन्हे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के मध्य जारी टकराव के बीच अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) द्वारा शुक्रवार को दी गई चेतावनी ने दबाव और बढ़ा दिया है। आम तौर पर शांति के समय दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ईरान ने बना दिया टोलबूथईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद जहाजों पर हमले की धमकियां देकर और हमले करते हुए जलडमरूमध्य को सामान्य आवाजाही के लिए लगभग बंद कर दिया। बाद में, उसने कुछ जहाजों को अपनी तटरेखा के करीब वैकल्पिक मार्गों से मोड़कर सुरक्षित मार्ग प्रदान करना शुरू किया, और कई बार इस सेवा के लिए शुल्क भी वसूला। अमेरिका की प्रतिबंध चेतावनी का मुख्य केंद्र संबंधित टोलबूथ जैसी व्यवस्था है। ओएएफसी के अनुसार, भुगतान की मांगों में केवल नकद ही नहीं, बल्कि ‘डिजिटल परिसंपत्तियां, समायोजन, अनौपचारिक अदला-बदली, या अन्य प्रकार के वस्तु-आधारित भुगतान’ भी शामिल हो सकते हैं, जिनमें परमार्थ दान और ईरानी दूतावासों में किए जाने वाले भुगतान भी शामिल हैं। अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरान द्वारा जलडमरूमध्य बंद किए जाने के जवाब में अपनी ओर से एक नौसैनिक नाकाबंदी लागू की, जिससे किसी भी ईरानी तेल टैंकर को बाहर जाने से रोका गया और ईरान को उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए आवश्यक तेल राजस्व से वंचित कर दिया गया। अमेरिकी मध्य कमान ने कहा कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद से 45 वाणिज्यिक जहाजों को वापस जाने को कहा गया है।
प्राकृतिक चमक के लिए हेयर केयर टिप्स: गर्मी में बालों की सही सफाई और देखभाल

नई दिल्ली। गर्मियों में तेज धूप, बढ़ता तापमान और लगातार पसीना सिर की त्वचा (स्कैल्प) पर सीधा असर डालते हैं। धूल और प्रदूषण मिलकर बालों को चिपचिपा बना देते हैं। कई लोगों को इस मौसम में डैंड्रफ, खुजली और हेयर फॉल जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बाल कितनी बार धोने चाहिए ताकि वे साफ भी रहें और नुकसान भी न हो। हफ्ते में कितनी बार करें बालों की सफाई?विशेषज्ञों के अनुसार बाल धोने की कोई एक तय संख्या नहीं होती, यह पूरी तरह आपके बालों के टाइप पर निर्भर करता है। ऑयली बाल (तैलीय):ऐसे बालों में सीबम ज्यादा बनता है, इसलिए हफ्ते में लगभग 2 से 3 बार शैम्पू करना सही माना जाता है। सूखे बाल (ड्राई):इनमें नमी जल्दी खत्म हो जाती है, इसलिए हफ्ते में 1 से 2 बार बाल धोना पर्याप्त होता है। घुंघराले बाल (कर्ली हेयर):इनमें प्राकृतिक तेल पूरे बालों में फैलने में समय लगता है, इसलिए इन्हें कम धोना बेहतर होता है। हर दिन शैम्पू करना सही है या नहीं?कई लोग गर्मी में रोज बाल धोते हैं, लेकिन यह आदत हर किसी के लिए सही नहीं होती। रोज शैम्पू करने से स्कैल्प का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है, जिससे बाल रूखे, कमजोर और बेजान हो सकते हैं। इसलिए जरूरत के अनुसार ही बाल धोना बेहतर है। बाल धोने का सही तरीका क्या है?सिर्फ बाल धोना ही काफी नहीं, सही तरीका अपनाना भी जरूरी है: बहुत गर्म पानी से बाल न धोएं, यह बालों की नमी छीन लेता हैहल्का गुनगुना पानी सबसे बेहतर होता हैशैम्पू सीधे बालों पर न लगाकर पहले हाथ में झाग बनाएंस्कैल्प की धीरे-धीरे मसाज करें, जोर से रगड़ने से बचेंबालों को अच्छे से धोकर शैम्पू पूरी तरह निकालेंकंडीशनर और अतिरिक्त देखभाल क्यों जरूरी है? शैम्पू के बाद कंडीशनर लगाने से बाल मुलायम रहते हैं और टूटने से बचते हैं। यह बालों की बाहरी परत को स्मूद बनाता है, जिससे बालों में प्राकृतिक चमक आती है। इसके अलावा गर्मियों में बालों को धूप और धूल से बचाने के लिए स्कार्फ या कैप का इस्तेमाल भी फायदेमंद होता है। गर्मियों में बालों की देखभाल संतुलन पर निर्भर करती है ना बहुत ज्यादा धोना और ना बहुत कम। सही शैम्पू रूटीन और हल्की देखभाल से बाल स्वस्थ, मजबूत और प्राकृतिक रूप से चमकदार बने रह सकते हैं।
महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा! घर का गुलाब जल देगा नेचुरल ग्लो और फ्रेशनेस

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रदूषण, तनाव और गलत खानपान का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देने लगा है। चेहरे पर दाग-धब्बे, मुंहासे और डलनेस जैसी समस्याएं आम हो चुकी हैं। ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार उनसे भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता। इसी बीच एक बेहद आसान, प्राकृतिक और असरदार उपाय सामने आता है गुलाब जल। गुलाब जल को सदियों से स्किन केयर का सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय माना जाता है। यह न सिर्फ त्वचा को ठंडक देता है, बल्कि उसे गहराई से साफ करके नैचुरल ग्लो भी प्रदान करता है। सबसे खास बात यह है कि इसे घर पर बहुत ही आसानी से बनाया जा सकता है। घर पर गुलाब जल बनाने के लिए ताजे गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों को अच्छे से धोकर एक बर्तन में पानी के साथ धीमी आंच पर उबाला जाता है। जब पंखुड़ियों का रंग हल्का पड़ने लगे और पानी में गुलाब की खुशबू आ जाए, तो इसे ठंडा करके छान लिया जाता है। यही शुद्ध गुलाब जल होता है जिसे एक साफ बोतल में स्टोर किया जा सकता है। इस प्राकृतिक टोनर का रोजाना उपयोग करने से त्वचा की गहराई से सफाई होती है। यह खुले पोर्स को टाइट करने में मदद करता है और चेहरे की अतिरिक्त ऑयलिंग को नियंत्रित करता है। साथ ही, यह दाग-धब्बों को हल्का करने में भी कारगर साबित होता है। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है, उनके लिए गुलाब जल किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि यह बिना किसी साइड इफेक्ट के काम करता है। गुलाब जल को कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाया जा सकता है या फिर फेस पैक में मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे नियमित रूप से उपयोग करने पर त्वचा में एक अलग ही निखार आने लगता है, जिसे देखकर लोग अक्सर इसका राज पूछते हैं। ब्यूटी एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि नेचुरल स्किन केयर प्रोडक्ट्स में गुलाब जल सबसे भरोसेमंद विकल्प है। यह न सिर्फ त्वचा को सुंदर बनाता है, बल्कि उसे लंबे समय तक स्वस्थ भी रखता है। अगर आप भी चेहरे के दाग-धब्बों और डल स्किन से परेशान हैं, तो महंगे प्रोडक्ट्स छोड़कर इस देसी नुस्खे को अपनाकर देख सकते हैं। कुछ ही दिनों में फर्क साफ नजर आने लगेगा और चेहरा पहले से ज्यादा फ्रेश और ग्लोइंग दिखेगा।