Monalisa Bhonsle Farman Khan Marriage: केरल से महेश्वर पहुंचे मोनालिसा के पिता, मुख्यमंत्री से अनुरोध- बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए

Monalisa Bhonsle Farman Khan Marriage: खरगोन। चर्चित ‘कुंभ गर्ल’ मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले ने अपनी बेटी को सुरक्षित घर लौटाने की मांग करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है। जयसिंह भोंसले के अनुसार उनकी बेटी केरल में मुस्लिम युवक फरमान खान के साथ शादी करने के पीछे धोखे का शिकार हुई है और यह एक तरह का लव जिहाद है। जयसिंह भोंसले के मुताबिक उन्हें केरल से महेश्वर आने के बाद बताया गया कि उनकी बेटी को वहां से भगा दिया गया और कहा गया कि अब उसका किसी से कोई संबंध नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है, इसलिए मुख्यमंत्री से निवेदन है कि उसे सुरक्षित घर लौटाया जाए। मोनालिसा के पिता ने बताया कि वे लगातार अपनी बेटी से संपर्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं और चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करे ताकि उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट सके। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा था कि उनकी बेटी फिल्मों में आगे काम करेगी और दो फिल्मों में उन्होंने एक्टिंग कर ली थी। इस बीच हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक समीर माहुले ने कहा कि मोनालिसा एक सीधी-सादी लड़की है और समझाइश देकर उसे घर वापसी कराई जाएगी। महेश्वर के भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने इसे पूर्व नियोजित लव जिहाद करार दिया और पिता के साथ दुर्व्यवहार की बात कही। वहीं, केरल में मोनालिसा ने अपने बयान में लव जिहाद से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने मंदिर में शादी की है। उन्होंने बताया कि शादी के समय उनके पिता जयसिंह वहां थे और उन्हें इस बारे में जानकारी थी, लेकिन नाराजगी के चलते वे शामिल नहीं हुए। मोनालिसा ने शादी से पहले थंपानूर पुलिस स्टेशन जाकर पिता से खतरे की बात कही और सुरक्षा की मांग की थी। पुलिस ने उनके 18 वर्ष का होने का हवाला देते हुए उनके पिता को वहां से जाने को कहा। मोनालिसा को पहली बार फिल्मों में ब्रेक देने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने भी इसे लव जिहाद करार दिया और कहा कि उन्हें इस मामले में धमकियां मिल रही हैं। मामले ने देशभर में बहस को जन्म दिया है और अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के हस्तक्षेप की उम्मीद जताई जा रही है।
IRAN ATTACK: ईरान के भूमिगत ठिकानों पर हमले की तैयारी? ब्रिटेन के एयरबेस पर अमेरिकी B-1B लांसर तैनात

IRAN ATTACK: वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच United States ने Iran के खिलाफ अपने सैन्य अभियान की तैयारी तेज कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने पहली बार United Kingdom के एक एयरबेस से ईरान पर हमले की योजना बनाई है। इसके लिए अमेरिकी वायुसेना के तीन रणनीतिक बमवर्षक विमान Rockwell B‑1B Lancer को ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस पर तैनात किया गया है। माना जा रहा है कि यह ब्रिटिश ठिकाने से ईरान पर संभावित अमेरिकी हमलों का पहला बड़ा मिशन हो सकता है। B-1B लांसर लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाला भारी बमवर्षक विमान है, जो बड़ी मात्रा में पारंपरिक बम ले जाने में सक्षम है। बंकर-बस्टर बमों की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार एयरबेस पर ग्राउंड क्रू को बमवर्षक विमानों में GPS-गाइडेड हथियार लोड करते देखा गया है। इन हथियारों में Joint Direct Attack Munition (JDAM) किट से लैस बम शामिल हैं, जो सामान्य बमों को सटीक लक्ष्य भेदने वाले हथियार में बदल देते हैं। ये किट 500 पाउंड के Mk‑82 bomb, 1,000 पाउंड के Mk‑83 bomb और 2,000 पाउंड के Mk‑84 bomb जैसे बमों पर लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा इन्हें BLU‑109 जैसे पेनिट्रेटर बमों के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो भूमिगत सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है बंकर-बस्टर? बंकर-बस्टर बम विशेष रूप से जमीन के नीचे बने कंक्रीट बंकर, सुरंगों और सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। इनका मजबूत स्टील आवरण विस्फोट से पहले जमीन के भीतर गहराई तक प्रवेश कर जाता है। अमेरिका का शक्तिशाली बंकर-बस्टर GBU‑57 Massive Ordnance Penetrator लगभग 200 फीट (करीब 60 मीटर) गहराई तक प्रवेश करने में सक्षम माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि B-1B लांसर जैसे भारी बमवर्षक विमानों को ऐसे हथियारों से लैस किया जाए तो वे भूमिगत मिसाइल ठिकानों और सैन्य भंडारों को भी निशाना बना सकते हैं। ब्रिटेन की भूमिका पर उठे सवाल इस संभावित सैन्य अभियान में ब्रिटेन की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। शुरुआती दौर में ब्रिटिश प्रधानमंत्री Keir Starmer की सरकार ने कहा था कि ब्रिटिश ठिकानों का इस्तेमाल सीधे हमलों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि बाद में लंदन ने अमेरिकी अनुरोध को मंजूरी दे दी और कहा कि इसका उद्देश्य “रक्षा के लिए मिसाइल खतरों को स्रोत पर ही नष्ट करना” है। यह फैसला उस समय लिया गया जब Cyprus में स्थित एक ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला हुआ था। मध्य-पूर्व में बढ़ी सैन्य गतिविधि युद्ध की शुरुआत के बाद ब्रिटेन ने पूर्वी भूमध्यसागर में अतिरिक्त सैन्य संसाधन तैनात किए हैं और ईरानी मिसाइल तथा ड्रोन हमलों को रोकने के लिए सहयोगी देशों के साथ ऑपरेशन चला रहा है। हालांकि ब्रिटेन में इस युद्ध को लेकर जनमत बंटा हुआ है। सर्वे एजेंसी YouGov के एक सर्वे के मुताबिक केवल 10% लोगों ने ही ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जोरदार समर्थन किया, जबकि 37% लोगों ने इसका विरोध जताया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका वास्तव में ब्रिटिश एयरबेस से हमले करता है, तो इससे पश्चिम एशिया में तनाव और भी बढ़ सकता है।
India vehicle sales: दो-पहिया और कारों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी, बाजार में उत्साह

India vehicle sales: नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने फरवरी 2026 में मजबूत बिक्री के आंकड़े दर्ज किए हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में यात्री वाहनों की थोक बिक्री फरवरी में सालाना आधार पर 10.6 प्रतिशत बढ़कर 4,17,705 यूनिट्स हो गई है। पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 3,77,689 यूनिट्स था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वृद्धि के पीछे बाजार में सकारात्मक सेंटीमेंट और उपभोक्ता मांग में मजबूती का बड़ा हाथ है। SUV की बढ़ती लोकप्रियता ने खींचा ध्यान सियाम के आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी में सबसे अधिक वृद्धि एसयूवी सेगमेंट में हुई। बीते महीने एसयूवी की बिक्री सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत बढ़कर 2,36,957 यूनिट्स हो गई, जबकि फरवरी 2025 में यह आंकड़ा 2,08,795 यूनिट्स था। हालांकि कारों की थोक बिक्री में हल्की गिरावट रही, जो 1,06,799 यूनिट्स पर सीमित रही, पिछले साल समान अवधि में यह 1,10,966 यूनिट्स थी। वैन की बिक्री में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 11,620 यूनिट्स रही। दोपहिया वाहनों की बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि फरवरी 2026 में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 35.2 प्रतिशत का उछाल आया, जो पिछले साल समान महीने में 13,84,605 यूनिट्स से बढ़कर 18,71,406 यूनिट्स पर पहुंच गई। दोपहिया वाहन, विशेषकर स्कूटर और मोटरसाइकिल की मांग में तेजी ने बिक्री में यह बड़ा योगदान दिया। तिपहिया वाहनों की मांग में भी बढ़ोतरी इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री में भी 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। फरवरी 2026 में तिपहिया वाहनों की बिक्री 74,573 यूनिट्स रही, जो फरवरी 2025 में 57,788 यूनिट्स थी। इस प्रकार, यात्री वाहनों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जो इंडस्ट्री के लिए उत्साहवर्धक संकेत है। उद्योग में सकारात्मक माहौल, लेकिन चुनौतियां भी सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, “उद्योग में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। फरवरी में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज हुई है। हालांकि मार्च में देश के कई हिस्सों में त्योहार का माहौल रहेगा, लेकिन पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष आपूर्ति श्रृंखला पर चिंता का विषय बना हुआ है, जो विनिर्माण और निर्यात दोनों को प्रभावित कर सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि उद्योग को आपूर्ति श्रृंखला के जोखिमों के बावजूद, घरेलू मांग के चलते विश्वास है कि साल 2026 में बिक्री में बढ़ोतरी जारी रहेगी। निष्कर्ष: ऑटोमोबाइल सेक्टर में मजबूती फरवरी 2026 के आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि भारत का ऑटोमोबाइल बाजार मजबूत स्थिति में है। SUV और दोपहिया वाहन खपत में तेज़ी के साथ, यह सेक्टर न केवल घरेलू मांग को पूरा कर रहा है, बल्कि निर्यात संभावनाओं के लिहाज से भी आशाजनक बना हुआ है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में त्योहार और छुट्टियों के चलते बिक्री में और बढ़ोतरी संभव है। मुख्य तथ्य: यात्री वाहन: 4,17,705 यूनिट्स (+10.6%) SUV: 2,36,957 यूनिट्स (+13.5%) कार: 1,06,799 यूनिट्स (-3.8%) वैन: 11,620 यूनिट्स दोपहिया वाहन: 18,71,406 यूनिट्स (+35.2%) तिपहिया वाहन: 74,573 यूनिट्स (+29%) इस तरह फरवरी 2026 ने भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक मजबूत और उत्साहवर्धक महीना साबित किया है।
पीपल के पेड़ से उड़ा मधुमक्खियों का छत्ता, मंदसौर में दशा माता पूजा में भगदड़ और 15 घायल

मंदसौर के नई आबादी क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब सांसद सुधीर गुप्ता के निवास क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास दशा माता की पूजा के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। लगभग 50 महिलाएं पीपल के पेड़ के नीचे पूजा कर रही थीं कि अचानक पेड़ पर लगे मधुमक्खी के छत्ते से मधुमक्खियां उड़ने लगीं और महिलाओं पर हमला कर दिया। इस हमले में करीब 15 महिलाएं घायल हुईं। दो महिलाओं की स्थिति गंभीर थी जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अन्य घायल महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मधुमक्खियों के अचानक हमले से पूजा अधूरी रह गई और महिलाओं में भगदड़ मच गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले भी इस छत्ते को हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पूरी तरह से हटा नहीं पाई गई थी। इसके कारण आज फिर से मधुमक्खियों का हमला हुआ। अभी भी वहां पेड़ पर दो-तीन मधुमक्खी के छत्ते लगे हैं जिससे सतर्क रहने की जरूरत है। सांसद के निवास क्षेत्र में यह घटना सुरक्षा और पूजा स्थल पर सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने घायल महिलाओं की देखभाल में सहयोग किया और मंदिर प्रांगण की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही। मौके पर मौजूद लोग बताते हैं कि पूजा के दौरान अचानक मधुमक्खियों के छत्ते से उड़ने से भगदड़ मच गई और सभी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने भी स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक मेडिकल सहायता मुहैया कराई। घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मधुमक्खियों के छत्ते हटाने और पूजा स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
ODI matches: जनप्रियता का जादू: विराट-रोहित के साथ बढ़ते वनडे मुकाबले

ODI matches: नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम का 2026 का अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल पहले से ही काफी व्यस्त है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इसे और व्यस्त बनाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार ICC क्रिकेट विश्व कप 2027 से पहले टीम इंडिया के वनडे मैचों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। बताया जा रहा है कि कई विदेशी क्रिकेट बोर्ड ने भारत के साथ पहले से तय वनडे राउंड में अतिरिक्त मैच जोड़ने का अनुरोध किया है। इन देशों ने किया अनुरोध रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड, न्यूजीलैंड क्रिकेट, क्रिकेट आयरलैंड और श्रीलंका क्रिकेट ने बीसीसीआई से वनडे मैचों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। इन मैचों का असर है कि अतिरिक्त वनडे मैचों से उन्हें आर्थिक रूप से फायदा होगा, क्योंकि भारतीय टीम के मैचों की वैश्विक दर्शकों की संख्या काफी अधिक होती है। रोहित-विराट की वजह से ज़्यादा मांग वनडे मैचों की संख्या बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ी वजह भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली माने जा रहे हैं। दोनों खिलाड़ी अब मुख्य रूप से वनडे फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी लोकप्रियता बहुत ज़्यादा है। इसलिए जब ये खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं तो स्टेडियम में दर्शकों की संख्या और टीवी व्यूअरशिप दोनों बढ़ जाती हैं। इंग्लैंड दौरे में हो सकता है बदलाव फिलहाल भारत और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बीच होने वाली सीरीज में तीन वनडे और पांच टी20 मैच तय हैं। हालांकि रिपोर्ट्स के हिसाब से इस शेड्यूल में बदलाव हो सकता है और दो अतिरिक्त वनडे मैच जोड़े जा सकते हैं। ऐसा भी माना जा रहा है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली अपने लंबे करियर में शायद आखिरी बार इंग्लैंड का दौरा कर सकते हैं, इसलिए इस सीरीज को और बड़ा बनाया जा सकता है। श्रीलंका दौरे पर भी बातचीत अगस्त में भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी, जिसमें एक मैच सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड में डे-नाइट हो सकता है। बताया जा रहा है कि श्रीलंका क्रिकेट इस दौरे में भी अतिरिक्त व्हाइट-बॉल मैच जोड़ने के लिए बीसीसीआई से बातचीत कर रहा है। अन्य सीरीज पर भी इसके अलावा बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात में अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ संभावित सीरीज को लेकर भी बनी हुई है। इसी वजह से भारत अपने कार्यक्रम में कुछ अतिरिक्त मैच जोड़ सकता है, जबकि आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के मैचों की संख्या भी अभी तय नहीं है।
ईरानी मीडिया का दावा: खामेनेई की पत्नी मंसूरेह बघेरजादेह जिंदा, मौत की खबरें अफवाह

ईरानी मीडिया का दावा: खामेनेई की पत्नी मंसूरेह बघेरजादेह जिंदा, मौत की खबरें अफवाह दुबई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता (Ali Khamenei) की पत्नी को लेकर फैली मौत की खबरों को ईरानी मीडिया ने खारिज कर दिया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि Mansoureh Khojasteh Bagherzadeh पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके निधन की खबरें अफवाह हैं। ईरान की सरकारी मीडिया और एक समाचार एजेंसी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर जो दावे किए जा रहे थे, वे गलत हैं। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के दौरान यह खबर फैल गई थी कि अमेरिका और Israel के हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के साथ उनकी पत्नी भी मारी गईं। मोजतबा के बयान के बाद स्पष्टता हालांकि बाद में ईरानी मीडिया ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। बताया गया कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने गुरुवार को अपना पहला आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें अपनी मां के निधन का कोई जिक्र नहीं था। इसके बाद सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की कि उनकी मौत की खबरें गलत हैं। युद्ध के माहौल में फैल रही अपुष्ट खबरें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कई तरह की अपुष्ट खबरें तेजी से फैल रही हैं। ऐसे माहौल में सोशल मीडिया पर अफवाहें भी तेजी से वायरल हो रही हैं। ईरान की सरकारी एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। हमलों के बाद बढ़ा तनाव गौरतलब है कि हाल ही में United States और Israel के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद Iran ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और इजरायल से जुड़े लक्ष्यों पर हमले किए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष के दौर में जानकारी की पुष्टि करना और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो जाता है।
सागर: बहरोल बैंक में आग, दस्तावेज खाक, कर्मचारियों और दमकल की सतर्क कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

सागर जिले के बहरोल में शुक्रवार की सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई जब सेंट्रल बैंक की शाखा में आग लग गई। सुबह करीब नौ बजे बैंक में धुआं उठते देख स्थानीय लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस और बैंक कर्मचारियों को सूचना दी। बहरोल थाना से पुलिस और बंडा नगर पंचायत की दमकल मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में करने के लिए आनन-फानन में कार्रवाई की। जैसे ही दमकल टीम बैंक की शटर खोली और अंदर पहुंची तो आग कैश काउंटर के पास लगी हुई दिखाई दी। वहां रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें आग की चपेट में आ गईं। हालांकि त्वरित पानी डालने और दमकल कर्मियों की सतर्क कार्रवाई से आग पर जल्दी काबू पा लिया गया। इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बैंक में रखे दस्तावेज जलकर खाक हो गए। आग लगने की सूचना पाते ही बैंक के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। लोग धुआं और आग को देखकर चिंतित नजर आए और तुरंत पुलिस को सूचना देने में मदद की। बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर कैश काउंटर के पास शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पूरी जांच अभी चल रही है। इस घटना के कारण शाखा में फिलहाल कामकाज बंद कर दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बैंक के दस्तावेजों के नुकसान की भरपाई और जांच का काम जल्द ही शुरू होगा। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। अधिकारी बता रहे हैं कि आग फैलने का खतरा कम था, लेकिन यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो नुकसान और अधिक हो सकता था। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि बैंक शाखाओं में सुरक्षा और आग सुरक्षा उपायों को नियमित रूप से लागू करना कितना आवश्यक है। पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी बैंक शाखा या सार्वजनिक स्थल पर असामान्य धुआं या आग का संकेत देखें तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। वहीं बैंक प्रशासन भी आग से सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रिकल सिस्टम और दस्तावेजों के रखरखाव पर नजर रखेगा। इस घटना ने बैंकिंग और वित्तीय सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है। दस्तावेजों का नुकसान भले ही अपूरणीय है, लेकिन किसी के हताहत न होने से राहत की सांस ली जा सकती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों और जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।
6 साल बाद फिर बीजिंग से प्योंगयांग के लिए पहली ट्रेन रवाना

बीजिंग। करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद चीन और उत्तर कोरिया के बीच यात्री ट्रेन सेवा एक बार फिर शुरू हो गई है। गुरुवार को बीजिंग रेलवे स्टेशन से दोनों देशों की राजधानियों को जोड़ने वाली पहली ट्रेन रवाना हुई। इससे चीन और उत्तर कोरिया के बीच लोगों के आवागमन और संपर्क बढ़ाने की दिशा में नया कदम माना जा रहा है। चीनी रेलवे प्राधिकरण के अनुसार ट्रेन K27 शुक्रवार शाम 6:07 बजे उत्तर कोरिया की राजधानी Pyongyang पहुंचेगी। यह ट्रेन लगभग 24 घंटे 41 मिनट का सफर तय करेगी और रास्ते में चीन के सीमावर्ती शहर Dandong में ठहरेगी, जो China और North Korea के बीच प्रमुख सीमा शहर है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देश “मैत्रीपूर्ण पड़ोसी” हैं और सीमा पार यात्री ट्रेन सेवा फिर से शुरू होने से लोगों के बीच संपर्क और आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चीन दोनों देशों के बीच यात्रा और संवाद को आसान बनाने के लिए मजबूत सहयोग का समर्थन करता है। हालांकि ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक उत्तर कोरिया अभी भी विदेशी पर्यटकों के लिए लगभग बंद है। कुछ सीमित अपवादों में रूस के पर्यटन समूहों को विशेष व्यवस्थाओं के तहत प्रवेश दिया जा रहा है। रेलवे प्राधिकरण के नोटिस के अनुसार बीजिंग और प्योंगयांग के बीच चलने वाली यह ट्रेन सप्ताह में चार दिन—सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार दोनों दिशाओं में संचालित होगी। बीजिंग की एक ट्रैवल एजेंसी ने बताया कि गुरुवार की यात्रा के लिए टिकट पूरी तरह बिक चुके थे और फिलहाल ये केवल बिजनेस वीजा धारकों के लिए उपलब्ध थे, जबकि 18 मार्च की यात्रा के लिए टिकट अभी भी मिल रहे हैं। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी Xinhua News Agency के मुताबिक छोटा मार्ग डैंडोंग-प्योंगयांग भी दोनों दिशाओं में रोजाना संचालित होगा। इस रूट की पहली ट्रेन गुरुवार सुबह 10 बजे डैंडोंग से रवाना हुई और शाम 6:07 बजे प्योंगयांग पहुंचने का कार्यक्रम है। इससे पहले उत्तर कोरिया की सरकारी एयरलाइन Air Koryo ने 2023 में चीन के लिए अपनी उड़ानें फिर से शुरू की थीं। एयरलाइन फिलहाल Beijing और प्योंगयांग के बीच मंगलवार और शनिवार को सप्ताह में दो बार सेवाएं संचालित कर रही है। ट्रेन सेवा की बहाली को दोनों देशों के बीच परिवहन संपर्क और संबंधों में धीरे-धीरे बढ़ती सक्रियता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
क्या होते हैं ‘श्याओकांग’ गांव? LAC के पास चीन ने बसाए सैकड़ों गांव, भारत ने भी बढ़ाई सीमा पर तैयारी

बीजिंग। भारत-चीन सीमा पर बुनियादी ढांचे की होड़ तेज होती जा रही है। चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास सैकड़ों नए गांव बसाए हैं, जिनमें बड़ी संख्या Arunachal Pradesh की सीमा के सामने स्थित है। भारतीय सेना के उपप्रमुख (रणनीति) Rajiv Ghai ने जानकारी दी कि चीन ने LAC के आसपास 600 से अधिक गांव बसाए हैं, जिनमें से करीब 72% उत्तर-पूर्वी सीमा के पास हैं। इनमें लगभग 450 गांव सीधे अरुणाचल प्रदेश की सीमा के सामने बनाए गए हैं। क्या हैं ‘श्याओकांग’ गांव? चीन इन सीमावर्ती बस्तियों को ‘श्याओकांग’ गांव कहता है। चीनी भाषा में ‘श्याओकांग’ का अर्थ समृद्ध या खुशहाल गांव होता है। इन गांवों का निर्माण मुख्य रूप से Tibet Autonomous Region से लगने वाली भारतीय सीमा के पास पिछले करीब पांच वर्षों से किया जा रहा है। इन बस्तियों में आम तौर पर दो मंजिला आधुनिक मकान, चौड़ी सड़कें और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन गांवों का इस्तेमाल दोहरे उद्देश्य से किया जा सकता है—एक ओर नागरिक आबादी को बसाने के लिए और दूसरी ओर किसी सैन्य तनाव की स्थिति में सैनिकों की तैनाती, रसद और निगरानी के लिए। इसे चीन द्वारा विवादित क्षेत्रों पर अपना दावा मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। पहले खाली रहे, अब बसने लगी आबादी चीन ने 2019 के बाद इन गांवों का निर्माण तेज कर दिया था, लेकिन शुरुआत में कई गांव खाली पड़े रहे। रिपोर्टों के मुताबिक 2023 से चीनी नागरिकों ने इन बस्तियों में बसना शुरू किया है। खास तौर पर अरुणाचल प्रदेश के लोहित घाटी और Tawang सेक्टर के सामने वाले इलाकों में आबादी बढ़ने लगी है। बताया जाता है कि चीन ने इसी तरह के कुछ गांव Bhutan के क्षेत्रों के पास भी बनाए हैं। सीमा कानून से बढ़ी रणनीति चीन ने 1 जनवरी 2022 से नया थल सीमा कानून लागू किया, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना बताया गया। इस कानून के तहत सरकार लोगों को सीमा क्षेत्रों में बसने और काम करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे वहां नागरिक मौजूदगी बढ़े और निगरानी तंत्र मजबूत हो सके। भारत भी दे रहा जवाब चीन की इस रणनीति के जवाब में भारत सरकार ने 2022 में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ शुरू किया। इस योजना के तहत सीमा के पास स्थित 663 गांवों को बुनियादी सुविधाओं, सड़क, संचार और पर्यटन विकास से जोड़ा जा रहा है ताकि वहां से पलायन रोका जा सके। इस कार्यक्रम के लिए कई गांवों को प्राथमिकता दी गई है, जिनमें Kibithu, Tuting, Taksing, Chayang Tajo और Zemithang शामिल हैं। सीमा पर तेज हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण चीन तवांग और सियांग घाटी के आसपास नई सड़कें, पुल और हवाई पट्टियां भी विकसित कर रहा है। इसके जवाब में भारत ने भी LAC के पास फॉरवर्ड कनेक्टिविटी मजबूत की है। नए हेलीपैड, अंतर-घाटी सड़कें और वैकल्पिक मार्ग बनाए जा रहे हैं, जिससे भारतीय सेना की तैनाती और मूवमेंट पहले से कहीं अधिक तेज हो सके। लेफ्टिनेंट जनरल घई के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से उभरती ये बस्तियां भारत के लिए रणनीतिक चुनौती जरूर हैं, लेकिन साथ ही सीमा पर मजबूत बुनियादी ढांचा और स्थानीय आबादी को वहां बनाए रखना अब भारत की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।
युद्ध की आहट से बाजार में भूचाल, एक दिन में अरबपतियों की दौलत से उड़े 35 अरब डॉलर

तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran–United States–Israel के बीच टकराव की आशंका का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखा। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे दुनिया के शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब 35 अरब डॉलर की कमी आ गई। बाजार में गिरावट के चलते Dow Jones Industrial Average 739 अंक टूट गया। वहीं S&P 500 में 1.52% और Nasdaq Composite में 1.78% की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का सीधा असर अरबपतियों की दौलत पर पड़ा। एलन मस्क को सबसे बड़ा नुकसान दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति Elon Musk को सबसे बड़ा झटका लगा। उनकी संपत्ति में 9.20 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनका नेटवर्थ घटकर करीब 660 अरब डॉलर रह गया। इसके बाद Larry Page की संपत्ति में 4.11 अरब डॉलर की कमी आई और उनका नेटवर्थ 261 अरब डॉलर रह गया। वहीं Sergey Brin की संपत्ति 3.80 अरब डॉलर घटकर करीब 243 अरब डॉलर रह गई। बेजोस और जुकरबर्ग को भी झटका Jeff Bezos को गुरुवार को 2.83 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जिससे उनकी कुल संपत्ति 234 अरब डॉलर रह गई। वहीं Mark Zuckerberg की संपत्ति में 5.74 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और उनका नेटवर्थ करीब 226 अरब डॉलर रह गया। एलिसन और अर्नाल्ट की दौलत भी घटी Larry Ellison की संपत्ति में 4.58 अरब डॉलर की कमी आई और उनका नेटवर्थ करीब 210 अरब डॉलर रह गया। फ्रांस के उद्योगपति Bernard Arnault ने भी 2.39 अरब डॉलर गंवाए और उनकी संपत्ति घटकर लगभग 162 अरब डॉलर रह गई। जिम वॉल्टन को फायदा, बफेट पीछे Jensen Huang की संपत्ति में भी 2.30 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनका नेटवर्थ 152 अरब डॉलर रह गया। हालांकि Jim Walton ऐसे इकलौते अरबपति रहे जिनकी संपत्ति में 1.58 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। उनका नेटवर्थ बढ़कर 159 अरब डॉलर हो गया और उन्होंने Warren Buffett को पीछे छोड़ते हुए अमीरों की सूची में 9वां स्थान हासिल कर लिया। वहीं बफेट को भी 579 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और उनकी कुल संपत्ति करीब 147 अरब डॉलर रह गई। भारत के अरबपतियों को फायदा वैश्विक बाजार में गिरावट के बावजूद भारत के दो बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में बढ़त दर्ज की गई। Mukesh Ambani को 64.5 मिलियन डॉलर का फायदा हुआ और उनकी संपत्ति बढ़कर 92.4 अरब डॉलर हो गई। वे दुनिया के 18वें सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। वहीं Gautam Adani की संपत्ति में 1.84 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और उनका नेटवर्थ 77.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि इस उछाल के बावजूद वे अभी टॉप-20 अरबपतियों की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के चलते आने वाले दिनों में बाजार और अरबपतियों की संपत्ति में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।