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IPL 2026 Purple Cap Race: एक मैच ने बदला खेल, टॉप-5 में बड़ा उलटफेर

नई दिल्ली| Indian Premier League 2026 में हर मैच के साथ पर्पल कैप की रेस दिलचस्प होती जा रही है। पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए 40वें मुकाबले के बाद गेंदबाजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस मैच में पंजाब को सीजन की पहली हार झेलनी पड़ी, लेकिन असली चर्चा पर्पल कैप लिस्ट में हुए फेरबदल की रही। सबसे बड़ी बात यह रही कि Kagiso Rabada और Prasidh Krishna टॉप-5 से बाहर हो गए हैं। वहीं राजस्थान के तेज गेंदबाज Jofra Archer ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर छलांग लगा दी है। पर्पल कैप लिस्ट: कौन है टॉप-5 में?  Bhuvneshwar Kumar (14 विकेट)भुवनेश्वर कुमार इस समय पर्पल कैप अपने नाम किए हुए हैं। उन्होंने 8 मैचों में 14 विकेट लेकर शानदार निरंतरता दिखाई है और अब भी टॉप पर मजबूती से बने हुए हैं।  Jofra Archer (14 विकेट)आर्चर ने 9 मैचों में 14 विकेट लेकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। उनकी तेज गेंदबाजी और सटीक लाइन-लेंथ उन्हें खतरनाक बना रही है। Anshul Kamboj (14 विकेट)अंशुल कंबोज भी शानदार फॉर्म में हैं। 8 मैचों में 14 विकेट लेकर वह तीसरे स्थान पर बने हुए हैं और टॉप पर पहुंचने की पूरी क्षमता रखते हैं।   Ishan Malinga (14 विकेट)सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेल रहे ईशान मलिंगा ने भी 8 मैचों में 14 विकेट झटके हैं और चौथे स्थान पर काबिज हैं। Prince Yadav (13 विकेट)लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन भले ही खास नहीं रहा हो, लेकिन प्रिंस यादव ने 8 मैचों में 13 विकेट लेकर खुद को इस रेस में बनाए रखा है। रेस हुई और भी दिलचस्पपर्पल कैप की इस रेस में खास बात यह है कि टॉप-4 गेंदबाजों के विकेट लगभग बराबर हैं। ऐसे में आने वाले मैचों में एक अच्छा स्पेल पूरे समीकरण को बदल सकता है। IPL 2026 जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पर्पल कैप की जंग और कड़ी होती जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या Bhuvneshwar Kumar अपनी बढ़त बनाए रख पाते हैं या कोई नया गेंदबाज इस ताज को अपने नाम करता है।

रणवीर सिंह ‘प्रलय’ से बाहर नहीं, जॉम्बी थ्रिलर में निभाएंगे दमदार रोल

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह किसी फिल्म से बाहर होने की नहीं बल्कि उनके प्रोजेक्ट से जुड़े अफवाहों का खंडन है। हाल ही में खबरें सामने आई थीं कि रणवीर सिंह बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘प्रलय’ का हिस्सा नहीं रहे, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि यह दावा पूरी तरह गलत है। सूत्रों के मुताबिक, रणवीर सिंह इस बड़े बजट की जॉम्बी थ्रिलर फिल्म का हिस्सा बने हुए हैं और प्रोजेक्ट पूरी तरह से अपने तय प्लान के अनुसार आगे बढ़ रहा है। प्रोडक्शन हाउस से जुड़े एक करीबी सूत्र ने बताया कि फिल्म न केवल ट्रैक पर है, बल्कि इसकी तैयारी भी तेजी से चल रही है। यह फिल्म एक हाई-कॉन्सेप्ट जॉम्बी थ्रिलर होगी, जिसे निर्देशक जय मेहता बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म का बजट लगभग 300 करोड़ रुपये के आसपास है और इसमें विजुअल इफेक्ट्स पर खास ध्यान दिया जा रहा है। मेकर्स का दावा है कि इस स्तर का जॉम्बी अनुभव भारतीय सिनेमा में पहले कभी नहीं देखा गया होगा। फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी तरह फाइनल हो चुकी है और अब यह प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है। योजना के अनुसार, शूटिंग अगस्त 2026 में शुरू की जाएगी। रणवीर सिंह और निर्देशक के बीच लगातार क्रिएटिव चर्चाएं चल रही हैं ताकि फिल्म को एक अलग स्तर पर ले जाया जा सके। इस बीच रणवीर सिंह के करियर को लेकर कई अन्य प्रोजेक्ट्स भी चर्चा में हैं। हाल ही में उनकी पिछली फिल्मों की सफलता के बाद वे लगातार बड़े बैनर की फिल्मों से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही वे निर्देशक Aditya Dhar के साथ एक पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर को लेकर भी चर्चा में हैं। वहीं दूसरी ओर, रणवीर सिंह पहले भी Don 3 को लेकर विवादों में रहे हैं, जहां स्क्रिप्ट को लेकर मतभेद की खबरें सामने आई थीं। हालांकि अब यह साफ है कि ‘प्रलय’ को लेकर कोई बदलाव नहीं हुआ है।फरहान अख्तर के प्रोजेक्ट्स से जुड़े बदलावों और चर्चाओं के बीच यह साफ हो गया है कि रणवीर सिंह अपनी मौजूदा फिल्मों पर पूरी तरह फोकस कर रहे हैं। कुल मिलाकर, ‘प्रलय’ को लेकर फैली अफवाहों पर विराम लग गया है और दर्शकों को अब इस बड़े बजट की जॉम्बी थ्रिलर में रणवीर सिंह के नए और अलग अवतार का इंतजार है।

लोग मौके का फायदा उठाते हैं”, फिल्मों के इंटीमेट सीन पर अन्नू कपूर का बड़ा बयान

नई दिल्ली।  फिल्म इंडस्ट्री में शूटिंग के दौरान इंटीमेट सीन को लेकर अक्सर बहस और चर्चा होती रही है। इसी बीच अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता अन्नू कपूर ने इस विषय पर एक गंभीर और चौंकाने वाला अनुभव साझा किया है। एक इंटरव्यू के दौरान अन्नू कपूर ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में ऐसे कई सीन किए हैं, जहां प्रोफेशनलिज्म सबसे महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान हमेशा यह ध्यान रखा जाता है कि सह-कलाकार, विशेषकर अभिनेत्रियां, किसी भी तरह से असहज महसूस न करें। अन्नू कपूर ने एक पुरानी घटना को याद करते हुए बताया कि एक फिल्म के सेट पर इंटीमेट सीन के दौरान एक अभिनेता भावनाओं में इस कदर बह गया था कि डायरेक्टर के ‘कट’ बोलने के बाद भी वह सीन से बाहर नहीं आया। इस स्थिति ने वहां मौजूद एक्ट्रेस को बेहद असहज कर दिया था। उन्होंने आगे कहा कि वह अभिनेत्री इतनी परेशान हो गई थीं कि वह दो दिनों तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकलीं। इस अनुभव को साझा करते हुए अन्नू कपूर ने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कुछ लोग ऐसी परिस्थितियों का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, जो बिल्कुल भी सही नहीं है। उनके अनुसार, शूटिंग सेट पर अनुशासन और सम्मान सबसे जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपने करियर में उन्होंने हमेशा प्रोफेशनल तरीके से ऐसे सीन किए हैं और सह-कलाकारों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा है। अगर कोई अभिनेत्री नर्वस महसूस करती है, तो वह स्थिति को समझने की कोशिश करते हैं और अनावश्यक दबाव नहीं डालते। इसी बातचीत में उन्होंने फिल्म 7 Khoon Maaf का भी जिक्र किया और बताया कि शूटिंग के दौरान कुछ सीन को लेकर असहजता की स्थिति बनी थी, लेकिन उन्होंने प्रोफेशनल तरीके से काम पूरा किया। अन्नू कपूर के इस बयान के बाद एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में शूटिंग सेट के माहौल, सहमति और पेशेवर व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके मुताबिक, कलाकारों की सुरक्षा और सम्मान किसी भी सीन से ज्यादा महत्वपूर्ण है। कुल मिलाकर, उनका यह बयान इंडस्ट्री में काम करने के तरीकों और जिम्मेदार व्यवहार पर एक गंभीर सवाल भी खड़ा करता है।

गुरुवार का रहस्य: क्यों खास है पीला रंग? जानिए इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन Lord Vishnu और देवगुरु Brihaspati को समर्पित होता है। इसी कारण इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व होता है। पीला रंग न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि इसे ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। क्यों पहनते हैं गुरुवार को पीले कपड़ेज्योतिष शास्त्र के अनुसार पीला रंग गुरु ग्रह यानी Brihaspati से जुड़ा होता है। यदि आप गुरुवार को पीले वस्त्र पहनते हैं, तो इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि के योग बनते हैं। मान्यता है कि इस दिन पीले कपड़े पहनकर Lord Vishnu की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। यही कारण है कि किसी भी शुभ कार्य में पीले रंग का उपयोग अधिक किया जाता है। पूजा विधि और नियमगुरुवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करेंपीले वस्त्र धारण करेंघर में गंगाजल का छिड़काव करेंपूजा स्थल पर Lord Vishnu की मूर्ति या चित्र स्थापित करेंपीले फूल, अक्षत और चना-गुड़ अर्पित करेंविधि-विधान से पूजा करें और मंत्रों का जाप करें  क्या मिलते हैं लाभ? घर में सुख-शांति और समृद्धि आती हैपितृ दोष से मुक्ति मिलती हैज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती हैआर्थिक स्थिति मजबूत होती हैमाता लक्ष्मी और Lord Vishnu का आशीर्वाद मिलता है गुरुवार को क्या न करेंबाल और दाढ़ी न कटवाएंकपड़े धोने से बचेंतामसिक भोजन से दूर रहेंगुरुजनों का अपमान न करें  दान का विशेष महत्गुरुवार के दिन पीली चीजों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पीले वस्त्रहल्दीकेसरचने की दाल इन चीजों का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।  कुल मिलाकर, गुरुवार को पीले रंग का महत्व सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और सकारात्मकता से जुड़ा हुआ है। इसे अपनाकर आप अपने जीवन में संतुलन और समृद्धि ला सकते हैं।

पाकिस्तान को अल कायदा की सीधी धमकी, अफगानिस्तान मुद्दे पर आर्मी चीफ आसिम मुनीर निशाने पर

नई दिल्ली । आतंकवाद को लेकर लंबे समय से आलोचना झेल रहे पाकिस्तान के सामने अब एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। दुनिया के कुख्यात आतंकी संगठन अल कायदा ने पाकिस्तान की नेतृत्व व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए खुली चेतावनी दी है। संगठन ने खास तौर पर अफगानिस्तान के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के रुख की कड़ी आलोचना की है और तालिबान के समर्थन का ऐलान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अल कायदा की केंद्रीय नेतृत्व की ओर से जारी यह संदेश शाहदा न्यूज एजेंसी के माध्यम से उसके मीडिया विंग ‘अस-सहब’ द्वारा गुप्त प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब इस्लामाबाद और काबुल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अपने बयान में संगठन ने पाकिस्तान की सिविल-मिलिट्री व्यवस्था को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि वह अफगानिस्तान के हितों के खिलाफ काम कर रही है और पश्चिमी देशों के साथ गठजोड़ कर रही है। साथ ही, अल कायदा ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि वह अफगानिस्तान से दूरी बनाए रखे, वरना परिणाम गंभीर होंगे। आतंकी संगठन ने पाकिस्तानी जनता और सेना को भी भड़काने की कोशिश की। उसने लोगों से सरकार के आदेशों का पालन न करने और अपने एजेंडे के समर्थन की अपील की। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संदेशों के जरिए संगठन पाकिस्तान में अस्थिरता पैदा करना चाहता है और जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर लगातार अफगान तालिबान को चेतावनी देते रहे हैं। वहीं, तालिबान और पाकिस्तान के बीच हाल के महीनों में तनाव बढ़ा है। दरअसल, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अंदर कई बार हवाई हमले किए हैं, जबकि तालिबान ने जवाबी कार्रवाई में डूरंड लाइन के पास पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को निशाना बनाया है। अफगानिस्तान डूरंड लाइन को मान्यता नहीं देता, जबकि पाकिस्तान वहां बाड़बंदी कर घुसपैठ रोकने की कोशिश कर रहा है।

‘समुद्री डकैती और गुंडागर्दी नहीं चलेगी’, ईरान की अमेरिका को सख्‍त चेतावनी

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने अमेरिका पर ‘समुद्री डकैती और गुंडागर्दी’ का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि अगर कथित समुद्री नाकेबंदी जारी रही तो जल्द ही उसे “व्यावहारिक और अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई” का सामना करना पड़ेगा। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, एक वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र ने कहा कि देश की सशस्त्र सेनाएं अब और संयम बरतने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि धैर्य की सीमा होती है और यदि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में अपनी ‘गैरकानूनी’ गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी जहाजों की जब्ती को लेकर भी विवाद गहरा गया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने इस कार्रवाई को “कानूनी व्यापार में अवैध हस्तक्षेप” करार दिया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को लिखे पत्र में कहा कि अमेरिकी कदम ‘समुद्री डकैती’ के समान हैं। दूसरी ओर, वॉशिंगटन डीसी की जिला अटॉर्नी जीनीन पिरो ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दो जहाज ‘एमटी मजेस्टिक’ और ‘एमटी टिफनी’ को जब्त करने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इन जहाजों में मौजूद लगभग 3.8 मिलियन बैरल ईरानी तेल को कब्जे में लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में यह नाकेबंदी उस समय लागू की, जब 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान के साथ हुई वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। गौरतलब है कि 8 अप्रैल को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्धविराम लागू हुआ था, जो करीब 40 दिनों तक चले संघर्ष के बाद संभव हो पाया। यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे, जिसमें शीर्ष नेतृत्व, सैन्य अधिकारी और नागरिकों की जान गई थी। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। साथ ही, होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी रणनीतिक पकड़ को और मजबूत कर लिया, जिससे क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।

दिल्ली MCD में बीजेपी का दबदबा: प्रवेश वाही बने मेयर, डॉ. मोनिका पंत डिप्टी मेयर चुनी गईं

नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाई है। रोहिणी ईस्ट से तीन बार के पार्षद प्रवेश वाही को दिल्ली का नया मेयर चुना गया, जबकि आनंद विहार की पार्षद डॉ. मोनिका पंत डिप्टी मेयर निर्वाचित हुईं। आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रक्रिया से दूर रहने के कारण मुकाबला काफी आसान हो गया। मेयर पद के लिए हुए मतदान में प्रवेश वाही को कुल 156 वोट मिले। उन्हें इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 पार्षदों का भी समर्थन मिला। वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार हाजी ज़राफ़ को सिर्फ 9 वोट ही प्राप्त हुए। डिप्टी मेयर पद पर भी बीजेपी की जीत उतनी ही मजबूत रही। आनंद विहार से पार्षद डॉ. मोनिका पंत को 156 वोट मिले और वे निर्वाचित हुईं। चुनाव से पहले दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय में बैठक कर सांसदों और पार्षदों को वोटिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी। इसके अलावा स्थायी समिति के लिए भी चुनाव हुए, जिसमें बीजेपी के जय भगवान यादव और मनीष चड्ढा के साथ आम आदमी पार्टी की पार्षद जलज चौधरी को शामिल किया गया। प्रवेश वाही का राजनीतिक सफरप्रवेश वाही नगर निगम की राजनीति में लंबे अनुभव वाले नेता हैं। वे रोहिणी-ईस्ट वार्ड से तीसरी बार पार्षद चुने गए हैं। उनका राजनीतिक करियर 1980 के दशक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी से जुड़कर शुरू हुआ था। वे 2007 में पहली बार पार्षद बने और इसके बाद 2012 और 2022 में भी जीत हासिल की। लगभग दो दशक के अनुभव के दौरान वे उत्तर दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष और रोहिणी ज़ोन के चेयरमैन जैसे पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। 2004 से 2007 के बीच वे मंडल अध्यक्ष भी रहे। संगठन और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए ही पार्टी ने उन्हें मेयर की जिम्मेदारी सौंपी।डॉ. मोनिका पंत की प्रोफाइलडिप्टी मेयर बनीं डॉ. मोनिका पंत पेशे से मेडिकल प्रैक्टिशनर हैं और उनकी पहचान एक शिक्षित व साफ छवि वाली नेता के रूप में है। उन्होंने 2001 में इंडियन बोर्ड ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन से एमडी (A.M.) की डिग्री प्राप्त की। 48 वर्षीय पंत आनंद विहार वार्ड से पार्षद हैं और 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की थी। वे दिल्ली बीजेपी महिला मोर्चा की महामंत्री भी रह चुकी हैं। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास लगभग 13.96 करोड़ रुपये की संपत्ति है और उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उनके पति आशीष पंत चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। स्टैंडिंग कमेटी में नई टीममेयर और डिप्टी मेयर के साथ एमसीडी की अहम स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का भी चयन किया गया। बीजेपी की ओर से बेगमपुर के पार्षद जय भगवान यादव और पहाड़गंज के मनीष चड्ढा शामिल हुए, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से शालीमार बाग की पार्षद जलज चौधरी को जगह मिली। इस चुनाव में बीजेपी की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती साफ दिखाई दी। आम आदमी पार्टी के चुनाव से बाहर रहने के फैसले ने पार्टी की राह और आसान कर दी, जबकि कांग्रेस को बेहद कम समर्थन मिला। अब नए नेतृत्व के सामने दिल्ली में सफाई व्यवस्था सुधारने और निगम प्रशासन को मजबूत बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

आज नृसिंह जयंती, ऐसे करें भगवान नृसिंह की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

नई दिल्ली। आज नृसिंह जयंती पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। यह दिन भगवान विष्णु के उग्र अवतार भगवान नृसिंह को समर्पित है, जिन्होंने अपने परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए अवतार लिया था। आधा मनुष्य और आधा सिंह के रूप में प्रकट होकर उन्होंने अधर्म का अंत किया और धर्म की स्थापना की। शुभ मुहूर्त और तिथिनृसिंह चतुर्दशी की तिथि 29 अप्रैल को शाम 7:51 बजे से शुरू होकर 30 अप्रैल को रात 9:12 बजे तक रहेगी। मध्याह्न संकल्प का समय सुबह 10:59 बजे से दोपहर 1:38 बजे तक रहेगा।वहीं, सायंकाल पूजा का शुभ समय शाम 4:17 बजे से 6:56 बजे तक निर्धारित किया गया है।व्रत का पारण 1 मई को सुबह 5:41 बजे किया जाएगा। नृसिंह जयंती का महत्ववैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली यह जयंती विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इसी दिन संध्या समय खंभे से प्रकट होकर भगवान नृसिंह ने हिरण्यकश्यप का वध किया था। यह पर्व भक्तों की रक्षा, शत्रुओं के नाश और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। भगवान नृसिंह की महिमाभगवान नृसिंह को शक्ति और संरक्षण के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। उनकी आराधना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, विरोधियों से राहत मिलती है और भय व संकटों से सुरक्षा प्राप्त होती है। साथ ही मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। पूजा विधिइस दिन सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई कर स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र धारण करें। चूंकि भगवान नृसिंह का प्राकट्य गोधूली बेला में हुआ था, इसलिए सूर्यास्त के समय पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है। पूजा के दौरान भगवान की प्रतिमा या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं, लाल फूल अर्पित करें और श्रद्धा से मंत्र जाप करते हुए अपनी मनोकामना व्यक्त करें। व्रत नियमव्रत रखने वाले भक्त इस दिन फलाहार या जलाहार ग्रहण करते हैं और संयम का पालन करते हैं। अगले दिन दान-पुण्य कर व्रत का पारण किया जाता है। जो व्रत नहीं रखते, वे भी भक्ति भाव से पूजा कर पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। विशेष उपाययदि कोई व्यक्ति शत्रु या मुकदमे से परेशान है, तो भगवान नृसिंह को लाल फूल अर्पित कर लाल रेशमी धागा चढ़ाएं। इसके बाद घी का चौमुखी दीपक जलाकर “ऊं नृसिंहाय शत्रु भुजबल विधराय स्वाहा” मंत्र का 3, 5 या 11 माला जाप करें। पूजा के बाद उस धागे को दाहिने हाथ में बांधने से बाधाएं शांत होने की मान्यता है।

एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

भोपाल । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति बनी हुई है। बुधवार को राजधानी भोपाल में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रहा। खास बात यह है कि इसने पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। हालांकि, अब मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब तक सबसे गर्म रहे खजुराहो में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में लू से राहत मिलने की संभावना है। गुरुवार के लिए लू का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा। तापमान की बात करें तो बुधवार को सीधी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 43.6 डिग्री, नरसिंहपुर और खंडवा में 43 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ में 42.6 डिग्री, नौगांव और रीवा में 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, दमोह और मंडला में तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल 43.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में इस तापमान के साथ एक पुराना रिकॉर्ड भी दोहराया गया। अप्रैल महीने में 2016 से 2025 के बीच सिर्फ 30 अप्रैल 2019 को ही तापमान 43.7 डिग्री तक पहुंचा था। इससे पहले अप्रैल का सबसे अधिक तापमान 44.4 डिग्री 29 अप्रैल 1996 को दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है। फिलहाल, लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, क्योंकि इसी समय लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का असर फिलहाल जारी रहने की संभावना है।

मई 2026 में बैंक छुट्टियां: 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, RBI कैलेंडर जारी

नई दिल्ली| मई 2026 में बैंक से जुड़े काम करने वालों के लिए जरूरी खबर है। Reserve Bank of India की ओर से जारी छुट्टियों की लिस्ट (Banking Holidays List) के मुताबिक इस महीने कुल 12 दिन बैंक बंद रहेंगे। इसमें वीकेंड के अलावा कई बड़े त्योहार भी शामिल हैं, ऐसे में ग्राहकों को पहले से प्लानिंग करना जरूरी होगा। 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, वीकेंड और त्योहारों का असरमई महीने में कुल 12 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं। इसमें सभी रविवार और दूसरे व चौथे शनिवार की छुट्टियां शामिल हैं। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में स्थानीय त्योहारों और आयोजनों के चलते भी बैंक बंद रहेंगे। इसलिए यह जरूरी है कि ग्राहक अपने शहर के हिसाब से छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें, ताकि किसी जरूरी काम में परेशानी न हो। बुद्ध पूर्णिमा और ईद जैसे त्योहारों पर भी रहेगी छुट्टीइस महीने कई अहम त्योहार पड़ रहे हैं, जिनमें Buddha Purnima और Eid al-Adha जैसे मौके शामिल हैं। इन त्योहारों के कारण अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। हालांकि सभी छुट्टियां पूरे देश में लागू नहीं होतीं, कुछ छुट्टियां क्षेत्रीय होती हैं। जरूरी काम पहले निपटाएं, ऑनलाइन सेवाएं रहेंगी चालूलगातार छुट्टियों को देखते हुए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें। कैश निकालने, चेक क्लियरेंस या ब्रांच विजिट से जुड़े काम छुट्टियों से पहले कर लेना बेहतर रहेगा। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं इन दिनों में भी चालू रहेंगी, जिससे ग्राहकों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।