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पवन खेड़ा प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट पहुंची असम सरकार, राजनीतिक विवाद ने लिया बड़ा रूप..

नई दिल्ली:   कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से जुड़े एक कानूनी मामले को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। असम सरकार द्वारा उनकी अग्रिम जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस और सत्ताधारी पक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। मामले में असम सरकार का कहना है कि पवन खेड़ा ने अग्रिम जमानत के लिए हैदराबाद का रुख किया था, जबकि उनके पास ऐसा कोई स्पष्ट कारण नहीं था कि वे असम जाकर संबंधित अदालत में आवेदन नहीं कर सकते थे। इसी आधार पर राज्य सरकार ने तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें खेड़ा को राहत दी गई थी। सरकार का तर्क है कि न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया है और मामले की सुनवाई उचित क्षेत्राधिकार में होनी चाहिए। इस पूरे विवाद पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असम के मुख्यमंत्री देश के सबसे भ्रष्ट नेताओं में से एक हैं और वे कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए राज्य की सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का शासन सबसे महत्वपूर्ण है और इन मूल्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पवन खेड़ा के साथ खड़ी है और किसी भी प्रकार के दबाव या भय से पीछे हटने वाली नहीं है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और अधिक तीव्र हो गई है। वहीं असम सरकार की याचिका में यह भी कहा गया है कि अग्रिम जमानत की प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों की कानूनी जांच जरूरी है। सरकार का मानना है कि इस तरह के मामलों में सही न्यायिक क्षेत्राधिकार का पालन होना चाहिए ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। इस मामले में पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा को सीमित अवधि की ट्रांजिट अग्रिम जमानत प्रदान की थी, जिसके बाद उन्हें अस्थायी राहत मिली थी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किसी भी व्यक्ति को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सक्षम अदालत तक पहुंचने का अवसर मिलना चाहिए। इसी आधार पर अदालत ने सीमित अवधि के लिए जमानत मंजूर की थी। हालांकि अब असम सरकार ने इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देकर मामले को एक नई कानूनी दिशा दे दी है। यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बन गया है, जिसमें एक ओर संवैधानिक अधिकारों की व्याख्या हो रही है तो दूसरी ओर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

Travel Tips: गर्मी से राहत पाने के लिए परफेक्ट हैं उत्तराखंड के ये हिल स्टेशन, बना लें ट्रैवल प्लान

नई दिल्ली। उत्तराखंड में ऐसी कई जगह है जो काफी अच्छी हैं वहां पर घूमने से आपका मन काफी अच्छा हो जाता है। आपने वहां कई जगह देखी होंगी, लेकिन जन्नत जैसी जगह कैसी दिखती है, उसका जवाब आपको अभी तक नहीं मिला होगा। हम बात नैनीताल, मसूरी या ऋषिकेश की नहीं कर रहे, हम बात कर रहे हैं देघाट की, जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते होंगे। देघाट उत्तराखंड की सबसे खूबसूरत जगह है, जो दिल्ली से 390 किमी दूर पड़ती है, यहां आपको नैनीताल और मसूरी जैसी भीड़ नहीं मिलेगी। तो चलिए इसके बारे में सारी जानकारी जानते हैं। देघाट में मिलेगा सुकूनबता दें, ये अद्भुत जगह अल्मोड़ा जिले में मौजूद है। ये अल्मोड़ा मुख्य शहर से कुछ ही किमी दूर स्थित है। इसके अलावा, ये नैनीताल से करीबन 132 किमी और रानीखेत से महज 87 किमी दूर पड़ती है।देघाट बहुत ही कम लोग जानते होंगे। हिमालय की गोद में मौजूद देघाट की खूबसूरती देखने के बाद आप यही कहेंगे आप यहां पहले क्यों नहीं गए। घूमने के लिए परफेक्ट देघाटअगर आप कुछ ऐसी जगह एक्सप्लोरर करना चाहते हैं तो काफी खास हो और जहां भीड़ भी काम हो तो देघाट अच्छा ऑप्शन है।देघाट भले ही एक छोटा गांव है, लेकिन खूबसूरती के मामले में द्वाराहाट, रानीखेत जैसी जगहों को टक्कर दे देती है।बादलों से ढके ऊंचे-ऊंचे पहाड़, घास के मैदान, घने जंगल और झील-झरने देघाट की खूबसूरत में चार चांद लगा देते हैं। यहां की हरियाली भी पर्यटकों को काफी पसंद आती है। देघाट को प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। कैसे पहुंचे देघाटअल्मोड़ा से देघाट पहुंचना काफी आसान है, इसके लिए आप अल्मोड़ा चौक से टैक्सी या कैब लेकर देघाट जा सकते हैं। इसके अलावा, अल्मोड़ा चौक से स्कूटी रेंट पर लेकर भी घूम सकते हैं। आप नैनीताल से भी टैक्सी या कैब लेकर देघाट पहुंच सकते हैं।

मार्च में खुदरा महंगाई 3.4 प्रतिशत पर पहुंची, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतर देखा गया

नई दिल्ली। देश में खुदरा महंगाई दर मार्च महीने में सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो पिछले महीने फरवरी के 3.21 प्रतिशत की तुलना में मामूली बढ़ोतरी को दर्शाती है। इस वृद्धि के साथ उपभोक्ता मूल्य स्तर में हल्का दबाव देखा गया है, हालांकि कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में गिरावट ने कुछ हद तक राहत भी दी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में मार्च में खुदरा महंगाई दर 3.63 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.11 प्रतिशत रही। इसी अवधि में खाद्य महंगाई दर 3.87 प्रतिशत दर्ज की गई, जो फरवरी के 3.47 प्रतिशत से अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 3.96 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 3.71 प्रतिशत रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में मिला-जुला रुझान देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार कुछ प्रमुख खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। प्याज की कीमतों में भारी कमी देखने को मिली है, जबकि आलू, लहसुन, अरहर दाल, मटर और चना जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम भी घटे हैं। इन वस्तुओं में सालाना आधार पर नकारात्मक महंगाई दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है। वहीं दूसरी ओर कुछ वस्तुओं की कीमतों में तेज वृद्धि भी देखने को मिली है। सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुओं से जुड़े आभूषणों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा टमाटर और फूलगोभी जैसी सब्जियों के दाम भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक रहे, जिससे कुछ क्षेत्रों में महंगाई का दबाव बढ़ा है। राज्यों के स्तर पर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान में खुदरा महंगाई दर राष्ट्रीय औसत से अधिक दर्ज की गई है, जिससे इन राज्यों में कीमतों का दबाव अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई देता है। सरकारी व्यवस्था के अनुसार देशभर में हजारों ग्रामीण और शहरी बाजारों से नियमित रूप से कीमतों का डेटा एकत्र किया जाता है, जिसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शामिल होते हैं। इस विस्तृत प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तैयार किया जाता है, जिससे महंगाई की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाता है।

जबलपुर में प्रदर्शन हुआ उग्र: कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बरसाया पानी

जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर में सोमवार को ट्रेड डील के विरोध को लेकर यूथ कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट घेराव के लिए रैली निकाली, लेकिन पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए बैरिकेडिंग कर दी। जैसे ही प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। घंटाघर पर भिड़ंत, वाटर कैनन से रोकने की कोशिशघंटाघर क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों से प्रदर्शनकारियों पर लगातार पानी की तेज बौछारें की गईं, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। माहौल काफी देर तक गरमाता रहा। 100 से ज्यादा कार्यकर्ता हिरासत मेंपुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए सख्ती बरती और प्रदेश अध्यक्ष सहित यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शन में विधायक लखन घनघोरिया सहित कई स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रशासन ने पहले से ही कलेक्ट्रेट और आसपास के प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात कर रखा था। यूथ कांग्रेस का सरकार पर आरोपयूथ कांग्रेस ने प्रस्तावित यूएस ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। संगठन का कहना है कि इस डील से किसानों और मजदूरों को नुकसान पहुंचेगा, इसलिए इसे जनविरोधी बताया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने महंगाई, गैस सिलेंडर की कीमतों और विदेश नीति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। तनावपूर्ण माहौल के बीच शांत कराया गया प्रदर्शनप्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती रही और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को लगातार प्रयास करने पड़े। अंततः गिरफ्तारियों और वाटर कैनन के उपयोग के बाद हालात काबू में आए।

जलियांवाला बाग शहीदों को राष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलि, बताया अमर बलिदान

नई दिल्ली। देशभर में आज जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके अद्वितीय बलिदान को भावपूर्ण स्मरण के साथ नमन किया गया। इस अवसर पर द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी ने शहीदों को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा को मजबूत करने वाला एक अमर अध्याय है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि जलियांवाला बाग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों का बलिदान देश के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दर्दनाक घटना ने स्वतंत्रता के प्रति देशवासियों में नई चेतना और दृढ़ संकल्प का संचार किया, जिसने पूरे राष्ट्र को एकजुट किया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र सदैव इन शहीदों का ऋणी रहेगा और उनकी देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों का साहस और त्याग भारतीयों की अदम्य भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन वीरों ने जिस दृढ़ता के साथ अत्याचार का सामना किया, वह आज भी देशवासियों को न्याय, स्वतंत्रता और गरिमा के मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उस समय की क्रूर घटनाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और देश में जागरूकता तथा संघर्ष की भावना को और मजबूत किया। उन्होंने समाज को एकजुट रहने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश भी दिया। इस अवसर पर अमित शाह ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह घटना औपनिवेशिक शासन की क्रूरता का सबसे भयावह उदाहरण थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि इस घटना ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और देश में क्रांतिकारी चेतना को बढ़ाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के बाद देश में स्वतंत्रता की लौ और तेज हुई, जिसने भगत सिंह और ऊधम सिंह जैसे अनेक महान क्रांतिकारियों को प्रेरित किया।जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है, जिसने देश कोएकजुट कर स्वतंत्रता संग्राम को नई गति दी। यह घटना आज भी साहस, बलिदान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक मानी जाती है और हर पीढ़ी को प्रेरित करती है।

KHANDWA ENCROACHMENT : खंडवा के गुड़ी वन परिक्षेत्र में अतिक्रमणकारियों का दुस्साहस और वन कर्मी पर जानलेवा हमला

  KHANDWA ENCROACHMENT : मध्यप्रदेश/खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में अतिक्रमणकारियों के बढ़ते दुस्साहस ने प्रशासनिक तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलाईखेड़ा के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा करने की नियत से पहुंचे करीब तीस से चालीस हमलावरों ने वन विभाग की टीम पर हिंसक हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब विभाग के कर्मचारी नियमित गश्त और सूचना के आधार पर जंगल की सुरक्षा के लिए मौके पर पहुंचे थे। अतिक्रमणकारियों का समूह सुनियोजित तरीके से वन भूमि को कृषि भूमि में बदलने की तैयारी कर रहा था और उनके पास जंगल की जमीन साफ करने के उपकरण भी मौजूद थे। वन विभाग के अमले ने जैसे ही उन्हें रोकने की कोशिश की तो स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। जंगल में अवैध खेत तैयार करने की जिद पर अड़े इन लोगों ने सरकारी ड्यूटी पर तैनात चौकीदार रामदास को अपना निशाना बनाया। हमलावरों ने न केवल उनके साथ गाली गलौज की बल्कि शारीरिक रूप से भी उन पर टूट पड़े। इस हिंसक झड़प में हमलावरों ने चौकीदार का गला दबाने और उन्हें नाखूनों से घायल करने जैसी क्रूर हरकतें कीं। इस दौरान वर्दी फाड़ दी गई और मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों को भी जान से मारने की धमकी दी गई। यह हमला इतना अचानक और उग्र था कि शुरुआती क्षणों में कर्मचारियों को अपनी जान बचाना भारी पड़ गया। अतिक्रमणकारियों की यह भीड़ पड़ोसी जिलों बड़वानी खरगोन और बुरहानपुर से संगठित होकर यहां पहुंची थी। जंगलों के बीच जमीन कब्जाने का यह सिलसिला नया नहीं है लेकिन जिस तरह से हमलावरों ने कानून को अपने हाथ में लिया उससे वन कर्मियों के बीच भारी आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है। घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद वन विभाग का अतिरिक्त अमला और पुलिस बल सक्रिय हुआ जिसके बाद हमलावर वहां से भाग खड़े हुए। इस संबंध में पिपलौद पुलिस थाने में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार आमाखुजरी क्षेत्र में लगभग पचास हेक्टेयर वन भूमि पर वर्तमान में अतिक्रमण का बड़ा संकट मंडरा रहा है। यहां बड़ी संख्या में लोग बुवाई की तैयारी कर रहे हैं जो पर्यावरण और वन संपदा के लिए एक अपूरणीय क्षति साबित हो सकती है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इन बाहरी तत्वों पर नकेल नहीं कसी गई तो घने जंगलों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। फिलहाल घायल कर्मचारी का उपचार कराया जा रहा है और पुलिस प्रशासन के सहयोग से पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी हिंसक वारदात को टाला जा सके और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Glowing Skin Tips : यात्रा और ऑफिस रूटीन में भी पाएं ग्लोइंग स्किन, बस अपनाएं ये आसान स्किन केयर हैक्स

   Glowing Skin Tips : नई दिल्ली। आज के समय में ऑफिस जाना ट्रैवल करना और उसके साथ-साथ अपनी स्क्रीन का ध्यान रखना काफी मुश्किल हो जाता है। अगर आप ट्रैवलिंग के साथ-साथ अपने स्क्रीन का ध्यान रखना चाहती हैं तब यह खबर आपके लिए काफी जरूरी है। जब भी हम कहीं बाहर जाते हैं, तो सोचते हैं कि अपने बैग में ऐसा क्या-क्या रखें। जिससे कि हमारा चेहरा फ्रेश और सुंदर बना रहा। तो चलिए आपको इससे जुड़ी खास जानकारी देते हैं। फेस क्लींजर या फेस वॉश सबसे जरूरी होता है कि अगर आप बाहर जा रहे हैं तब चेहरे की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए जरूरी होता है स्किन को साफ रखना, ऑयल, दिनभर की धूल-मिट्टी और मेकअप को हटाने के लिए अच्छा फेस क्लींजर या फेस वॉश होना जरूरी है। इसलिए आप अपने स्किन टाइप के हिसाब से क्लींजर और फेस वॉश को रख सकती हैं। जो आपकी काफी मदद करेगा। फेस मास्क ऑफिस जाते समय या फिर आप कहीं और ट्रेवल कर रही हैं धूप और धूल की वजह से फेस पर गंदगी की परत जम जाती है। इसके लिए फेस मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। जब आप बाहर जाएं, तो बैग में फेस मास्क जरूर रख लें। यह ब्यूटी प्रोडक्ट आपके बहुत काम आएगा। पंजाब विधानसभा में बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पारित, सख्त सजा का प्रावधान लागू लिप बाम फेस के साथ-साथ होंठों की देखभाल करना जरूरी है। फटे और ड्राय होंठ बहुत दर्द होते हैं और हमारा लुक भी खराब कर देते हैं। इसलिए लिप बाम को अपने पास जरूर रखना चाहिए। ताकि ये आपके होंठों की देखभाल सही ढंग से करें। मॉइस्चराइजिंग क्रीम स्किन को कोमल और मुलायम बनाने के लिए आपके पास मॉइस्चराइजिंग क्रीम होना जरूरी है। इसलिए इसको बाहर जाते समय मॉइस्चराइजिंग क्रीम ले जाना न भूलें। के साथ ही अगर आप रात में ट्रेवल कर रही हैं तो कोई नाइट क्रीम या फिर सीरम जरूर अपने पास रखें।इससे आपका फेस अगली सुबह फ्रेश और ग्लोइंग रहेगा।

unique Indian recipes : किचन का देसी जादू; मटर के छिलकों से बनती है लाजवाब सब्जी, जानें आसान रेसिपी

   unique Indian recipes : नई दिल्ली। मटर में काफी प्रोटीन होता है इसलिए लोग उसे खाना ज्यादा पसंद करते हैं। हम मटर से काफी कुछ बनाते है जैसे सब्जी, पराठा और निमोना। आमतौर पर लोग मटर को तो इस्तेमाल कर लेते हैं, पर उसके छिलकों को फेंक देते हैं। लोगों को लगता है कि मटर के छिलके किसी काम के नहीं हैं। पर ये सच नहीं हैं। मटर के छिलके से भी आप स्वादिष्ट सब्जी बना सकते हैं तो चलिए इसकी रेसिपी जानते हैं। सेहत के लिए भी अच्छी है ये सब्जी मटर के छिलकों की सब्जी काफी अच्छी होती है। यह रेसिपी न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें फाइबर और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। तो चलिए इसके बारे में सारी जानकरी जानते हैं। बनाने के लिए सामग्री 2 कप मटर के ताजे छिलके 1 प्याज (बारीक कटा हुआ) 1 टमाटर (कटा हुआ) 2 हरी मिर्च 1/2 चम्मच जीरा 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर 1 चम्मच धनिया पाउडर 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर नमक स्वादानुसार 2 चम्मच तेल हरा धनिया (गार्निश के लिए) बनाने की विधि सबसे पहले मटर के छिलकों को अच्छी तरह धो लें और उनके किनारों के सख्त धागे निकाल दें। अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके बाद इसको थोड़ी देर के लिए पानी में उबाल लें। इसके बाद एक कढ़ाई में तेल गरम करें और उसमें जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे, तो उसमें कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद हरी मिर्च डालें। इसके बाद उसमें हल्दी पाउडर डालें और टमाटर डाल कर नरम होने तक पकाएं।इसके साथ ही आप इसमें स्वाद अनुसार नमक भी डालें। फिर धनिया पाउडर, लाल मिर्च डालकर मसाले को अच्छे से भून लें। जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब इसमें कटे हुए मटर के छिलके डाल दें।छिलकों को मसाले में अच्छी तरह मिलाएं और ढककर धीमी आंच पर 10–15 मिनट तक पकने दें। बीच-बीच में चलाते रहें ताकि सब्जी जले नहीं। अगर जरूरत लगे तो थोड़ा पानी भी डाल सकते हैं।जब छिलके नरम हो जाएं और मसाले अच्छी तरह मिल जाएं, तब गैस बंद कर दें। ऊपर से हरा धनिया डालकर गार्निश करें।

lemongrass benefits : लेमन ग्रास; सेहत और स्किन के लिए वरदान, जानिए इसके सेवन के हैरान करने वाले फायदे

   lemongrass benefits : नई दिल्ली। गर्मियों के मौसम में हल्के, ताजगी देने वाले और सेहतमंद पेय की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में लेमन ग्रास (Lemongrass) एक ऐसी औषधीय जड़ी-बूटी है, जो न सिर्फ स्वाद में सुगंधित होती है बल्कि शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने में भी मदद करती है। आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक डिटॉक्स और हीलिंग हर्ब माना गया है। भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा भी इसके औषधीय गुणों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसके लाभों को अपनाएं और इसे अपने घरों में आसानी से उगाएं। क्या है लेमन ग्रास की खासियत? लेमन ग्रास एक सुगंधित घास है, जिसे आसानी से घर के गमले या बगीचे में उगाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पर्यावरण को भी शुद्ध करने में मदद करती है और साथ ही सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाती है। लेमन ग्रास के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ 1. इम्युनिटी बूस्टर लेमन ग्रास में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा कम होता है। 2. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद यह पाचन शक्ति को बेहतर बनाती है, भूख बढ़ाती है और पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस और अपच में राहत देती है। 3. त्वचा को रखे साफ और स्वस्थ इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण त्वचा को साफ रखने में मदद करते हैं। यह मुंहासे, फंगल इंफेक्शन और त्वचा की सूजन में भी उपयोगी है। 4. सर्दी-जुकाम और बुखार में राहत लेमन ग्रास की चाय पीने से सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। यह शरीर को गर्माहट और राहत प्रदान करती है। 5. तनाव कम करने में सहायक इसकी सुगंध और चाय मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है और मन को शांत रखती है। 6. शरीर का डिटॉक्स लेमन ग्रास शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे शरीर अंदर से साफ रहता है। अन्य संभावित लाभ आयुर्वेद के अनुसार लेमन ग्रास का उपयोग जोड़ों के दर्द, पीरियड्स की समस्याओं और कमजोरी में भी लाभकारी माना गया है। इसके अलावा इसके कुछ गुणों पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को लेकर भी शोध जारी है। कैसे करें सेवन? लेमन ग्रास का सबसे आम उपयोग इसकी चाय के रूप में किया जाता है। इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर चाय तैयार की जाती है, जिसे दिन में एक या दो बार पीना फायदेमंद माना जाता है। लेमन ग्रास एक प्राकृतिक, सुगंधित और औषधीय जड़ी-बूटी है, जो शरीर को डिटॉक्स करने, इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करती है। सही तरीके से इसका सेवन करने पर यह सेहत के लिए एक सरल लेकिन प्रभावी घरेलू उपाय साबित हो सकती है।

Nari Shakti Vandan : नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विकसित और समावेशी भारत की मजबूत नींव बताया गया

   Nari Shakti Vandan : नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में देशभर से आईं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत का संदेश दिया। सम्मेलन में महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जोरदार स्वागत करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताया तथा इसके लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करेगा और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही है और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से नीतियों में संवेदनशीलता और संतुलन आएगा, जिससे समाज के सभी वर्गों के हितों को बेहतर तरीके से शामिल किया जा सकेगा। वक्ताओं का मानना था कि जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आती हैं, तो निर्णय अधिक समावेशी और समाज के वास्तविक जरूरतों के अनुरूप होते हैं। प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि यह पहल लंबे समय से प्रतीक्षित थी और अब इसके लागू होने से महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सशक्त बनने का नया अवसर मिलेगा। इससे न केवल लोकतंत्र मजबूत होगा, बल्कि देश के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण को केवल एक नीति नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देकर ही विकसित भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान यह भावना स्पष्ट रूप से सामने आई कि मातृशक्ति को सशक्त बनाकर ही राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी और समाज में समानता तथा न्याय का वातावरण स्थापित होगा। नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को महिला नेतृत्व के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां देश की महिलाएं विकास की मुख्यधारा में और अधिक प्रभावी रूप से अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।